Category: उत्तर प्रदेश

  • मेरठ‑दिल्ली रैपिड रेल का धमाका, सिर्फ 40 मिनट में सफर, कल पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

    मेरठ‑दिल्ली रैपिड रेल का धमाका, सिर्फ 40 मिनट में सफर, कल पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

    मेरठ 
    मेरठ और एनसीआर के लिए 22 फरवरी का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को जनता को समर्पित करेंगे। इससे दिल्ली से मेरठ के बीच सफर का समय घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा। शुक्रवार को एनसीआरटीसी ने मीडिया के लिए विशेष ट्रायल रन आयोजित किया। सराय काले खां से दोपहर 12 बजे रवाना हुई नमो भारत ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए मात्र 39 मिनट में बेगमपुल स्टेशन तक का सफर तय किया। यह सफर नॉन-स्टॉप रहा।
    स्टॉपेज के साथ 55 मिनट में दिल्ली टू मेरठ

    सामान्य संचालन के दौरान ट्रेन प्रत्येक स्टेशन पर लगभग एक मिनट के ठहराव के साथ करीब 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचेगी। ट्रायल के दौरान नमो भारत ने सराय काले खां से गाजियाबाद की दूरी लगभग 15 मिनट में पार की और फिर अगले 15 मिनट में मेरठ साउथ पहुंच गई। वहां से कुछ ही मिनटों में शताब्दीनगर को पार करते हुए बेगमपुल स्टेशन पहुंच गई। इस तेज रफ्तार और समयबद्ध संचालन से रोजाना दिल्ली-गाजियाबाद आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
    ट्रायल के दौरान 120 की स्पीड से दौड़ी मेरठ मेट्रो

    बेगमपुल स्टेशन का दृश्य बेहद आकर्षक रहा। जमीन से लगभग 70 मीटर नीचे बने इस अंडरग्राउंड स्टेशन पर एक ओर नमो भारत खड़ी थी तो सामने मेरठ मेट्रो इंटरचेंज के लिए तैयार दिखाई दी। फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज थीम वाली तीन कोच की मेरठ मेट्रो 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम है। बेगमपुल से मेरठ साउथ तक का सफर मेट्रो से करीब 10 मिनट में पूरा होगा।
    बिजली बचाने का रोल मॉडल बनेगी रैपिड रेल

    मेरठ साउथ से नमो भारत के जरिए सात स्टेशनों को पार कर सीधे आनंद विहार तक पहुंचा जा सकेगा। आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन, आईएसबीटी और मेट्रो स्टेशन आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन और डिपो की छतों पर सौर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे 15 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। वर्तमान में 5.5 मेगावॉट ऊर्जा तैयार की जा रही है। भविष्य में 110 मेगावॉट का कैप्टिव सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो कुल बिजली जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा। इससे हर वर्ष करीब 1.77 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।
    पर्यावरण संतुलन की मिसाल बनेंगे स्टेशन

    साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन देश के पहले ऐसे स्टेशन हैं जिन्हें आईजीबीएस नेट जीरो एनर्जी (ऑपरेशन) रेटिंग प्राप्त हुई है। इन स्टेशनों पर जितनी बिजली खपत होती है, उतनी ही सौर ऊर्जा से उत्पादन कर ग्रिड को वापस भेज दी जाती है। साथ ही, पूरे कॉरिडोर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। नमो भारत और मेरठ मेट्रो के संचालन से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि यह परियोजना आधुनिक, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल भी बनेगी।

  • यूपी में खौफनाक अपराध: थाने के पास किशोरी को जिंदा जलाया गया, पहले नग्न अवस्था में मिली थी युवती

    यूपी में खौफनाक अपराध: थाने के पास किशोरी को जिंदा जलाया गया, पहले नग्न अवस्था में मिली थी युवती

    बाराबंकी

     एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक किशोरी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. परिजनों ने रेप कर हत्या करने की आशंका जताते हुए मामले की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है.

    बता दें कि पूरा मामला मोहम्मदपुर खाला थाना का है. थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया गया. घटना तब घटी, जब किशोरी गुरुवार को दोपहर के वक्त शौच करने के लिए घर से निकली थी. कुछ देर बाद किशोरी की बड़ी बहन को किसी ने जानकारी दी कि उसकी बहन खेत में जली पड़ी है. जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि किशोरी के शरीर में कपड़े नहीं थे.

    वहीं लड़की के जलने की जानकारी मिलते ही पुलिस और गांव के लोग मौके पर पहुंचे. परिजनों ने तत्काल पास में पड़ी रजाई को उठाकर लड़की के शरीर को ढका और इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. मौके से पुलिस को एक पेट्रोल की बॉटल मिली है. होश आने पर किशोरी ने पुलिस को एक युवक का नाम बताया है, जिसने उसे जलाया. इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई है. पुलिस ने किशोरी की लाश को पीएम के लिए भेजा है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.

  • 2027 से पहले संगठन की हलचल तेज, योगी के बाद डिप्टी CMs की भागवत से अहम बैठक

    2027 से पहले संगठन की हलचल तेज, योगी के बाद डिप्टी CMs की भागवत से अहम बैठक

    लखनऊ

    . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत की हैट्रिक के लिए खुद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैदान में उतर चुके हैं. गोरखपुर प्रवास के बाद वे लखनऊ पहुंचे।  जहां पहले वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 40 मिनट तक मुलाक़ात की. गुरुवार को मेरठ रवानगी से पहले उनकी मुलाक़ात दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पटाहक से हुई. इन मुलाकातों को राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख ने हिंदुत्व के अजेंडे को धार देने और जाति की राजनीति को ख़त्म करने को लेकर चर्चा की है. इसकी वजह यह है कि हाल के दिनों में जिस तरह से यूजीसीबिल और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा उठा उससे, हिन्दू वोट बंटने का खतरा है. इसका सीधा नुकसान बीजेपी को इसलिए भी है, क्योंकि बीजेपी 80 बनाम 20 की राजनीति करती है. यानी सपा का पीडीए और बीजेपी का दलित वोट भी सिका हिस्सा है.

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मोहन भागवत से करीब 30-40 मिनट तक बातचीत की. यह मुलाकात आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताई जा रही है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे 2027 के चुनावी रोडमैप, हिंदुत्व एजेंडा, संगठन-सरकार समन्वय और सामाजिक समीकरणों पर रणनीति बनाने के रूप में देखा जा रहा है. मुलाकात के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की भूमिका और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है.
    किस मुद्दे पर हुई होगी चर्चा?

    मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद, गुरुवार सुबह मोहन भागवत ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से भी अलग-अलग मुलाकात की. सरस्वती कुंज में हुई इन बैठकों में हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, जातिगत राजनीति, सामाजिक समरसता और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से मोहन भागवत ने जाति को भूलने और खुद को हिंदू बताने का आह्वान किया है उससे साफ़ है कि 2027 के लिए सियासी बिसात तैयार की जा रही है. इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि आरएसएस 2027 के चुनाव को लेकर प्रदेश स्तर पर मजबूत समन्वय और तैयारी में जुटा हुआ है.
    आरएसएस और बीजेपी के बीच समन्वय मजबूत होगा

    यह मुलाकातें ऐसे समय हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक-राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. आरएसएस की ओर से हिंदू समाज में एकता, सतर्कता और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जा रहा है, जबकि सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल को चुनावी सफलता की कुंजी माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें न केवल भाजपा की चुनावी तैयारियों को मजबूती देंगी, बल्कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगी.

  • जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी

    जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी

    नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी

    प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार

    बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी

    जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी

    अन्नदाता को 'आरोग्यदाता' बनाएगी योगी सरकार

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है।
    इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है।

    बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती
    योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल
    जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस 'कम लागत, ज्यादा लाभ' वाले कृषि मॉडल पर है।

    कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान
    गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

    प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण
    योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।

    स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर
    प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।

  • विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

    विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

    लखनऊ
    प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है.

    हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया.

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए.

    उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए.

    ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था

    यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

  • शादी के तुरंत बाद दुल्हन गायब, फौजी दूल्हा रह गया हैरान — प्रेमी संग फरार

    शादी के तुरंत बाद दुल्हन गायब, फौजी दूल्हा रह गया हैरान — प्रेमी संग फरार

      कौशांबी
    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. जहां मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में विवाह के तुरंत बाद दुल्हन फुर्र हो गई. आरोप है कि दुल्हन ने सुहागरात से पहले ही फौजी दूल्हे को ठुकरा दिया और घर में रखे 5 नकद और 15 लाख के जेवरात लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. घटना के बाद ससुराल पक्ष सदमे में है, वहीं पुलिस मामले में केस दर्ज कर जांच में जुटी है.

    पूरा मामला करीब एक सप्ताह पहले सराय अकिल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. युवती की शादी 8 फरवरी को मंझनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक के साथ हुई थी. युवक भारतीय थल सेना में है. बहरहाल बरात लेकर गेस्ट हाउस पहुंचे दूल्हे के साथ युवती ने दुल्हन बनकर पूरे रीति-रिवाज से सात फेरे लिए. फिर मां-बाप समेत अन्य परिजन व रिश्तेदारों ने बेटी की विदाई की. लेकिन शायद दुल्हन किसी और को ही अपना दूल्हा मान बैठी थी. आरोप है कि दुल्हन सुहागरात से पहले ही ससुराल से 5 लाख नकद और लगभग 15 लाख के गहने लेकर फरार हो गई.

    दुल्हन ने दूल्हे के सांवले रंग पर जताई थी आपत्ति

    देर रात जब ससुराल के लोगों को जानकारी हुई तो सभी के होश उड़ गए. बताया जा रहा है कि दुल्हन ने दूल्हे के सांवले रंग को लेकर आपत्ति जताई थी. हालांकि, परिजनों ने इसे नजर अंदाज कर दिया. आरोप है कि दुल्हन पहले से ही किसी अन्य युवक के संपर्क में थी और उसी के साथ जाने की योजना बना चुकी थी.

    पीड़ित पति ने एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें कहा गया है कि मेरी पत्नी जब रात में सो रही थी, तभी सराय अकिल थाना क्षेत्र का रहने वाला निकेश कुमार बहला फुसलाकर भगा ले गया.  सीओ सदर शिवांक सिंह का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नवविवाहिता की तलाश की जा रही है.

  • अंतरधार्मिक प्रेम संबंध पर परिवार में बवाल, बेटी के फैसले से सदमे में माता-पिता

    अंतरधार्मिक प्रेम संबंध पर परिवार में बवाल, बेटी के फैसले से सदमे में माता-पिता

    अजमेर
    राजस्थान के अजमेर में  जो कुछ हुआ, उसने पूरे शहर को कई घंटों तक थामे रखा. सड़कों पर भीड़, थाने के बाहर जमा लोग, पुलिस की समझाइश, आंसुओं और नारों के बीच जिद पर अड़ी एक लड़की यह सब किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग रहा था, लेकिन यह हकीकत थी. मामला एक हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से शादी की जिद से शुरू होकर पारिवारिक टकराव तक जा पहुंचा.

    बाबूगढ़ इलाके की रहने वाली तान्या यादव (परिवर्तित नाम) की मुलाकात इंस्टाग्राम पर सुजानगढ़ नया बाजार चौक निवासी समीर दमामी से हुई थी. पहले सामान्य बातचीत, फिर रोज मुलाकात, और देखते ही देखते यह बातचीत रिश्ते में बदल गई. परिजनों के अनुसार दोनों पिछले कुछ समय से संपर्क में थे. कहानी का मोड़ तब आया जब 2 फरवरी को तान्या बिना किसी को बताए घर से चली गई. परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो चिंता गहराने लगी. कुछ ही घंटों में मामला गुमशुदगी से बढ़कर संवेदनशील बन गया.

    प्रेम, धर्म और फैसला

    परिवार का दावा है कि समीर ने तान्या को अपने साथ रहने के लिए राजी किया. वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक युवक ने युवती से विवाह की इच्छा जताते हुए धर्म परिवर्तन तक की बात कही थी. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इधर तान्या का कहना है कि वह अपनी मर्जी से समीर के साथ गई है और किसी के दबाव में नहीं है. उसने स्पष्ट शब्दों में कहा मैं मर जाऊंगी, मगर समीर के साथ ही रहूंगी. 

    घर पर मिली बेटी, भड़क उठा माहौल

    परिजनों को सूचना मिली कि तान्या समीर के घर पर है. जब वे वहां पहुंचे तो दोनों साथ मिले. इसके बाद देखते ही देखते बड़ी संख्या में परिवारजन, स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के सदस्य वहां जुटने लगे. माहौल गर्म होने लगा. लड़की को समझाने की कोशिशें हुईं, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही. परिजनों का आरोप है कि उसे बहला-फुसलाकर साथ ले जाया गया. दूसरी ओर युवती का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया है. युवक समीर ने भी गंभीर आरोप लगाए कि लड़की के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की. हालांकि पुलिस ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांच जारी है.

    45 हजार का ‘लिव-इन कार्ड’?

    परिवार का कहना है कि दोनों ने करीब 45 हजार रुपए खर्च कर लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक कार्ड बनवाया है, जिसे कोर्ट प्रक्रिया से तैयार कराने का दावा किया जा रहा है. दस्तावेजों की वैधता को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. घटनाक्रम के बीच सबसे भावुक और तनावपूर्ण क्षण तब आया जब युवती के पिता ने कथित तौर पर खुद पर केरोसिन डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की. मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया. पिता का कहना था कि उनकी बेटी को गुमराह किया गया है और वे किसी भी कीमत पर उसे वापस घर लाना चाहते हैं. दूसरी ओर युवती बार-बार यही दोहराती रही कि वह बालिग है और अपने फैसले लेने का अधिकार रखती है.

    सड़कों पर हंगामा, दुकानों में तोड़फोड़
    मामला बढ़ता गया और भीड़ का गुस्सा कुछ जगहों पर फूट पड़ा. थाने के पास एक कचोरी की दुकान में तोड़फोड़ की गई. वहीं पास की एक शराब की दुकान में भी अज्ञात लोगों द्वारा नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली. पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल बुलाकर हालात संभालने की कोशिश की. कई घंटों तक अजमेर की सड़कों पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. गंज थाने के बाहर भी परिजन और कुछ संगठनों के लोग जमा रहे. युवती को समझाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रही. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बालिग है, इसलिए उसके बयान और इच्छा को कानूनी रूप से महत्व दिया जाएगा. 

    फिलहाल दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस दस्तावेजों की जांच, कथित मारपीट के आरोपों और तोड़फोड़ की घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

     

  • नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति

    नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति

    प्रौद्योगिकी से सशक्त एमएसएमई: योगी सरकार ने यूपी को बनाया डिजिटल औद्योगिक शक्ति केंद्र

    उद्यम सारथी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आसान हो रहा कारोबार

    एमएसएमई चैम्पियनशिप और तकनीकी उन्नयन से बढ़ी प्रतिस्पर्धा

    नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बहुस्तरीय पहल की गति तेज कर दी हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी उन्नयन और नीतिगत सुधारों के माध्यम से प्रदेश के 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुख बनाने का प्रयास किया गया है। योगी सरकार के इन क़दमों से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त हुई है। 

    डिजिटल अवसंरचना, नीतिगत सरलता और वित्तीय सहयोग के संयोजन ने प्रदेश को अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की आधारभूमि को तैयार करने का काम किया है। एमएसएमई  सेक्टर की योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में 3,822 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। 

    ओडीओपी को मिला डिजिटल आयाम

    वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत मार्केटिंग डेवलपमेंट, टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इसके माध्यम से एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के कारीगरों को तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारंपरिक उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने से स्थानीय वस्तुओं की पहुंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ी है।

    तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धा में बढ़त

    एमएसएमई चैम्पियनशिप इनीशिएटिव (चैंपियंस पोर्टल) के अंतर्गत चयनित इकाइयों को आधुनिक मशीनरी को अपनाने, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल टूल्स के उपयोग के लिए तकनीकी सहायता दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य उत्पादन लागत को घटाकर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और विकसित करना है। लाखों इकाइयों को डिजिटल उन्नयन और विपणन सहयोग का लाभ मिल रहा है।

    उद्यम सारथी और आरएएमपी का सहारा

    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 24  जनवरी, 2021 को लॉन्च की गई उद्यम सारथी ऐप के जरिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन, योजनाओं की जानकारी और संचालन मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध कराया गया है। इससे उद्यमियों की सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों तक त्वरित पहुंच प्राप्त हो जाती है। प्रदेश में आरएएमपी (राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफार्मेंस) योजना विश्व बैंक समर्थित एक केंद्रीय पहल है, इसके अंतर्गत वित्तीय और तकनीकी समर्थन भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को बल मिला है।

    नीतिगत सरलता और त्वरित संचालन
    वर्ष 2022 से लागू एमएसएमई नीति के माध्य
    म से प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। प्लग एंड प्ले मॉडल से 72 घंटे में संचालन शुरू करने की सुविधा दी गई है। क्रेडिट प्रवाह में वृद्धि और पांच लाख रुपये तक बीमा कवरेज जैसी व्यवस्थाओं ने उद्यमियों को जोखिम प्रबंधन में सहूलियत प्रदान करने का काम किया है। इन उपायों से निवेश वातावरण मजबूत हुआ है।

    बढ़ रहा है रोजगार और आर्थिक प्रभाव

    प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों का असर रोजगार सृजन पर भी पड़ा है। एमएसएमई क्षेत्र पहले से ही करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार रहा है और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से इसमें नए अवसर जुड़े हैं। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से जुड़ने के कारण ग्रामीण और अर्धशहरी इकाइयों को व्यापक बाजार हासिल हुआ है।

  • ISI का नेटवर्क उजागर! सबा फरहत पर स्लीपर सेल बनाने और जासूसी का गंभीर आरोप

    ISI का नेटवर्क उजागर! सबा फरहत पर स्लीपर सेल बनाने और जासूसी का गंभीर आरोप

     मेरठ 
     मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी. 

    आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

    फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा

    शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया. 

    सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है.

    जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप
    दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें.

    पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
    मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.

  • बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय

    बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय

    बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय 

    लखनऊ 

    बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह बीते साल से 19 प्रतिशत अधिक है। इससे उत्तर प्रदेश के नए उद्यमियों को काफी संबल मिलेगा। बजट में ऋण गारंटी को लेकर बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे बड़ी जमानत के बिना भी छोटे उद्यमियों को ऋण लेने में आसानी होगी।

    शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ 
    उत्तर प्रदेश के बजट में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक धनराशि है। अब ₹27,103 करोड़ तय किए गए हैं। औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब और डेटा सेंटर के जरिये सरकार लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन कर रही है।

    प्रो मेनका सिंह, अर्थशास्त्री, दिल्ली यूनिवर्सिटी  
    देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस बार के बजट में इस क्षेत्र को बढ़ाना देने के ज्यादा धन दिया गया है।

    प्रो दीप्ति तनेजा, अर्थशास्त्री, दिल्ली यूनिवर्सिटी