Category: उत्तर प्रदेश

  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    बलरामपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। 

    मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन 

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया।  साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

    विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप 
    मो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप
    किरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    हिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    अजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    हसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    गुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
    किशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
    उर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    संगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    ननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    गुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।

  • योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और मरीजों की सुरक्षित यात्रा के लिए योगी सरकार के निर्देशों के तहत परिवहन विभाग ने अनफिट एवं अनधिकृत एंबुलेंस के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाली 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 एंबुलेंस को बंद कराया गया।

    परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया कि अभियान के दौरान विभागीय प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।

    परिवहन आयुक्त ने कहा कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा में वाहनों का फिट होना और सभी आवश्यक दस्तावेजों का वैध होना बेहद जरूरी है। अनफिट या अनधिकृत एंबुलेंस का संचालन मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

    वैध परमिट व नियमों का पालन अनिवार्य

    उन्होंने वाहन स्वामियों और एंबुलेंस संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का संचालन करने से पहले पंजीकरण, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी अभिलेख पूरे रखें। निर्धारित मानकों का पालन करते हुए ही एंबुलेंस का संचालन करें, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

    परिवहन विभाग के अनुसार, अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं में नियमों का अनुपालन बढ़ाना और सड़क पर चलने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

  • कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के मामले, बचाव पर देना होगा ध्यान: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के मामले, बचाव पर देना होगा ध्यान: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    लखनऊ

    उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र के लोगों में भी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। युवाओं में हार्ट अटैक के मामले सामने आना चिंता का विषय है। ऐसे में बीमारियों के इलाज के साथ ही उनकी रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए खानपान की आदतों में सुधार, नियमित व्यायाम और व्यापक जनजागरूकता अभियान जरूरी हैं।

    उप मुख्यमंत्री शनिवार को द वीक मेटाबॉलिक हेल्थ समिट 2026 के उत्तर प्रदेश संस्करण में ‘बिल्डिंग ए हेल्दियर यूपी फॉर टुमॉरो: फ्रॉम विजन टू एक्शन’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोटापा, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव को बीमारियों के बढ़ते बोझ के प्रमुख कारणों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा मन और शरीर स्वस्थ नहीं होगा, तब तक हम अपने देश और प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान नहीं दे सकेंगे। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।

    चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियां अब कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं। इसे देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

    मोटापे से बचने के लिए खानपान पर नियंत्रण जरूरी

    डिप्टी सीएम ने मोटापे को बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि लोगों को इस बात के प्रति जागरूक होना चाहिए कि वे कितना भोजन कर रहे हैं और उनके शरीर को कितनी कैलोरी की जरूरत है। उन्होंने कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स के अत्यधिक सेवन से बचने तथा स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाने की सलाह दी।

    उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उसे सक्रिय रखना जरूरी है। जिस तरह किसी वाहन को नियमित इस्तेमाल और रखरखाव की जरूरत होती है, उसी तरह मानव शरीर को भी सक्रियता और देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए जिम जाना या कठिन व्यायाम करना ही जरूरी नहीं है। तेज कदमों से पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना और घर के सामान्य काम करना भी शारीरिक सक्रियता बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। हर उम्र के लोगों को अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम शामिल करना चाहिए।

    अस्पतालों में बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने की व्यवस्था हो

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में केवल बीमारियों के इलाज पर ही नहीं, बल्कि उन्हें रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए अस्पतालों में ऐसे कर्मियों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, जो लोगों को बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक करें।

    उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। इन अभियानों में लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि कौन-सी आदतें बीमारियों से बचाव में मदद करती हैं और किन आदतों से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ता है। डिप्टी सीएम ने चिकित्सा विशेषज्ञों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव सरकार के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनस्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से नीतियों में जरूरी बदलाव के सुझावों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

    संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनभागीदारी जरूरी

    उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बेहतर परिणामों को बनाए रखने के लिए जनसहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को खत्म करने की अपील की। कूलर में जमा पानी और बेकार पड़े टायरों में इकट्ठा होने वाले पानी को नियमित रूप से साफ करने पर भी जोर दिया।

    ब्रजेश पाठक ने समिट के आयोजन के लिए द वीक और आयोजक टीम को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नीति-निर्माताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच इस तरह का संवाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में मददगार साबित होगा। कार्यक्रम में केजीएमयू वीसी डॉ. सोनिया नित्यानंद, द वीक के चीफ एसोसिएट एडिटर रियाद और द वीक दिल्ली की ब्यूरो चीफ नम्रता बीजी आहूजा आदि उपस्थित थे।

  • रामपुर में आयुष्मान योजना की बड़ी उपलब्धि, एक साल में 1.79 लाख लोगों के बने कार्ड; प्रदेश में अव्वल

    रामपुर में आयुष्मान योजना की बड़ी उपलब्धि, एक साल में 1.79 लाख लोगों के बने कार्ड; प्रदेश में अव्वल

    आयुष्मान कार्ड बनाने में रामपुर प्रदेश में प्रथम, एक साल में बने 1.79 लाख कार्ड

    – सीएम योगी के नेतृत्व में पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की मुहिम को मिली रफ्तार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रामपुर को किया सम्मानित

    – लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रामपुर को मिला प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न

    – जनता दर्शन में डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कैंसर पीड़ित और दिव्यांग लाभार्थियों को सौंपे आयुष्मान कार्ड

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में रामपुर ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में रामपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पिछले एक वर्ष के दौरान सर्वाधिक 1 लाख 79 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इस उपलब्धि के लिए लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रामपुर को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

    कैंसर पीड़ित को सौंपा आयुष्मान कार्ड
    रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। रामपुर में विभिन्न विभागों के समन्वय और अभियान के प्रभावी संचालन से बड़ी संख्या में पात्र लोगों को योजना से जोड़ने में सफलता मिली है। आयुष्मान योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के क्रम में जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दिव्यांग लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इनमें टांडा तहसील के ग्राम पोयली नायक निवासी कैंसर पीड़ित केविन्दर सिंह और मिलक तहसील के राजकुमार माहेश्वरी शामिल रहे। राजकुमार माहेश्वरी के पैर की सर्जरी होनी है। इसके अलावा स्वार तहसील क्षेत्र के 100 प्रतिशत दिव्यांग हेमराज और प्रेमशंकर को भी आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए।

    रामपुर में अब तक बने 6.91 लाख से अधिक कार्ड
    जिलाधिकारी ने बताया कि रामपुर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक कुल 6,91,928 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले एक वर्ष में 1.79 लाख कार्ड बनाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करना जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। वहीं, जनता दर्शन के माध्यम से जरूरतमंद लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराने से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

  • यूपी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी, विभागीय जांच के लिए तय हुए नए नियम और 10 जरूरी बिंदु

    यूपी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी, विभागीय जांच के लिए तय हुए नए नियम और 10 जरूरी बिंदु

    भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, विभागीय जांच को योगी सरकार ने बनाया पारदर्शी और जवाबदेह

    जांच प्रक्रिया में एकरूपता के लिए लागू हुआ मानकीकृत प्रारूप और 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची

    हर आरोप का अलग परीक्षण, साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दर्ज होगा स्पष्ट एवं कारणयुक्त निष्कर्ष

    जांच की हर प्रक्रिया का होगा अभिलेखीकरण, कमियों वाली रिपोर्ट को पूर्णता के लिए लौटाया जाएगा

    जांच और दंड निर्धारण की भूमिका अलग, सक्षम प्राधिकारी ही करेगा नियमों के तहत अंतिम निर्णय

    समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव प्रवीण मिश्र ने जारी किया शासनादेश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस की नीति और पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विभागीय जांच व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है। समाज कल्याण विभाग ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत होने वाली विभागीय जांचों के लिए मानकीकृत प्रारूप और 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची लागू की है। विशेष सचिव प्रवीण मिश्र ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। 

    जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता

    योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय जांच प्रक्रिया को स्पष्ट एवं व्यवस्थित किया है। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत जांच अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का विधिवत अभिलेखीकरण करना होगा। इससे जांच आख्या की गुणवत्ता बेहतर होगी और शासन स्तर पर मामलों के परीक्षण में भी स्पष्टता आएगी।

    प्रत्येक आरोप का होगा स्वतंत्र और साक्ष्य आधारित परीक्षण

    नई व्यवस्था की खास बात यह है कि आरोप-पत्र में दर्ज प्रत्येक आरोप का अलग-अलग परीक्षण किया जाएगा। जांच अधिकारी को आरोप, संबंधित अधिकारी के उत्तर, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के साथ मौखिक सुनवाई का विवरण भी दर्ज करना होगा। इसके आधार पर प्रत्येक आरोप के संबंध में स्पष्ट और कारणयुक्त निष्कर्ष दिया जाएगा। इससे विभागीय जांच प्रक्रिया अधिक तथ्यपरक और निष्पक्ष बनेगी।

    10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची से मजबूत होगी व्यवस्था

    जांच आख्या के साथ 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची और अनुपालन प्रमाण-पत्र संलग्न करना जरूरी होगा। इसमें आरोप-पत्र की तामीली, लिखित उत्तर, अभिलेखों के निरीक्षण का अवसर, गवाहों की जिरह और मौखिक सुनवाई सहित आवश्यक प्रक्रियाओं का विवरण शामिल होगा। निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरा पालन नहीं होने पर जांच आख्या को पूर्णता के लिए वापस भेजा जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया में गुणवत्ता और जिम्मेदारी दोनों सुनिश्चित होंगी।

    जांच और दंड निर्धारण की भूमिका स्पष्ट, निष्पक्षता को मिलेगा बल

    योगी सरकार ने जांच अधिकारी की भूमिका भी स्पष्ट कर दी है। जांच अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर आरोपों के सिद्ध, आंशिक रूप से सिद्ध या असिद्ध होने का निष्कर्ष देंगे। दंड के संबंध में निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार लिया जाएगा। इससे विभागीय जांच में निष्पक्षता और संस्थागत प्रक्रिया मजबूत होगी।

  • असली नोटों के बीच नकली करेंसी खपाते थे आरोपी, बदायूं पुलिस ने गिरोह की जांच शुरू की

    असली नोटों के बीच नकली करेंसी खपाते थे आरोपी, बदायूं पुलिस ने गिरोह की जांच शुरू की

    बदायूं
    नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद हुए हैं। आरोपियों के चार साथी पहले ही कासगंज जिले की सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। अलापुर थाना पुलिस ने थानाध्यक्ष सनी चौधरी के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान भसराला गांव निवासी यावर अली पुत्र मकसूद अली और नुरुलहसन पुत्र रहीसुल हसन के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये के 315 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत एक लाख 57 हजार 500 रुपये है। इसके अलावा 500 रुपये के छह अधबने नोट और नकली नोट छापने की एक डाई बरामद हुई है। पुलिस को मौके से हरे टेप का एक बंडल, ग्लू स्टिक, एक मोबाइल फोन, दो कटर ब्लेड, एक्सटेंशन बोर्ड और सफेद कागज का एक बंडल भी मिला है।

    असली के साथ नकली नोट मिलाकर खपाते
    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे काफी समय से नकली नोट तैयार कर रहे थे और उन्हें धीरे-धीरे बाजार में चला रहे थे। इसके लिए नकली नोटों को असली नोटों के साथ आगे-पीछे लगाकर इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, यावर अली कासगंज जिले के सोरों थाने में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहा था। उसके दो साथी रूपकिशोर उर्फ राजू और गोविंद चार सितंबर को सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। नुरुलहसन भी पहले अलापुर में नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    डेढ़ लाख के नकली नोट के साथ दो गिरफ्तार
    एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले यावर अली और नुरुलहसन को गिरफ्तार किया गया है। यावर अली पर आठ और नुरुलहसन पर नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। इस गिरोह में कौन-कौन लोग काम कर रहे हैं।

  • ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

    ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है. बलरामपुर की सभा में उन्होंने अखिलेश को भी अयोध्या से नामांकन करने को कहा और माफिया, राम मंदिर और विपक्ष की भाषा पर भी बोले. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश पर सवाल उठाए। 

    अखिलेश दो दिन के दौरे पर अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने भागवत कथा में हिस्सा लिया, संतों से आशीर्वाद लिया और जनसभा में बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि राज्य न्याय और मानवता से चलता है और अयोध्या की जनता चुनाव में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। 

    इसी पर योगी ने बलरामपुर में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अखिलेश, अयोध्या हमारी पावन धाम है. हम सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए अयोध्या जाते हैं.” आगे बोले, “आइए, आपको ऑफर देता हूं. आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी. चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं.” योगी ने अयोध्या को अपनी आस्था की स्थली बताया। 

    योगी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उनका आरोप था कि पहले माफिया जिस जमीन पर पैर रखता था, उस पर कब्जा कर लेता था. सपा के गुंडे व्यापारियों को फोन कर धमकाते और संपत्ति हड़प लेते थे. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं. अब वोट तस्करी और बदमाशों की अराजकता की जगह विकास और बदलाव का आधार बन रहा है और इलाके को आकांक्षात्मक जिले से संभावनाओं वाला जिला बनाने पर काम हो रहा है। 

    योगी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र कर कहा कि इनके निर्माण में रुकावट बनने वाले आज प्रधानमंत्री मोदी का विरोध कर रहे हैं, पर विरोध की भी एक सीमा होती है. कांग्रेस और सहयोगी दलों पर उन्होंने शिष्टाचार भूलने और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक ऐसे प्रयास देश को गुमराह करने और अराजकता की ओर ले जाने वाले हैं। 

    इससे पहले मौर्य ने कहा था कि अखिलेश भागवत कथा में गए, पर राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए. उनके मुताबिक रामलला के दर्शन न करने वालों की रामभक्ति पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि देश और दुनिया से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। 

    अखिलेश ने अयोध्या में वादा किया था कि सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये मिलेंगे. उन्होंने भेदभाव न होने, दुकान और मकान न उजाड़े जाने और अयोध्या की पहचान मजबूत करने के लिए विकास कार्यों में तेजी का भरोसा भी दिया था। 

  • यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    योगी सरकार ने बाढ़ से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को मिली राहत
     
    बाढ़ सुरक्षा के अब तक 1549 प्रोजेक्ट पूरे होने से 2.21 करोड़ की आबादी को मिला लाभ

    यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण

    सभी 75 जनपदों में नहरों, जलाशयों और नलकूपों का नेटवर्क भी किया गया मजबूत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को गति दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक लगभग 1,549 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन कार्यों के माध्यम से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बचाने के साथ 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभान्वित किया गया है। बाढ़ सुरक्षा के इन इंतजामों से किसानों की जमीन, ग्रामीण आबादी और खेती-किसानी से जुड़ी आजीविका को सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिली है।

    25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सुरक्षा
    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में बाढ़ से बचाव के लिए पूरी की गई परियोजनाओं का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और आबादी व कृषि भूमि को सुरक्षित रखना है। 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि का संरक्षण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल, उपजाऊ जमीन और कृषि गतिविधियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में बाढ़ सुरक्षा के कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की सुरक्षा को मजबूती मिली है।

    2.21 करोड़ आबादी को मिला लाभ
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिहाज से भी इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभ मिलने से बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के प्रयासों को बल मिला। बाढ़ से घरों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

    सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को भी राहत
    प्रदेश में जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 1,300 सिंचाई परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं। इनके माध्यम से 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के इस विस्तार से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने और किसानों को कृषि कार्यों में सहायता देने की दिशा में काम किया गया। वहीं इसके अतिरिक्त प्रदेश के 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर नहरों की लंबाई, 71 जलाशयों और 36,342 नलकूपों के जरिए सिंचाई व्यवस्था के व्यापक नेटवर्क को मजबूत किया गया है।

  • मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

     इटावा
     मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म संख्या-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र भरने की जरूरत नहीं होगी।

    अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति ऑनलाइन या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
    एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि माता-पिता और परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित विवरण भी मांगे जाते थे।

    इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। घोषणा पत्र की अनिवार्यता और उसमें मांगी जा रही जानकारियों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने एसआइआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके राज्यों में इसे हटाने का निर्णय लिया। आयोग के इस कदम से नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अतिरिक्त जानकारी जुटाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

    अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक के माता-पिता अथवा अभिभावक से संबंधित विवरण भरने का प्राविधान था। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी जाती थी। आवेदक या संबंधित परिजन का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं, इसकी जानकारी देनी होती थी।

    यदि नाम दर्ज था तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदेय स्थल (बूथ), भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारियां उपलब्ध करानी पड़ सकती थीं। माता-पिता अथवा अन्य संबंधित परिजन का मतदाता पहचान पत्र नंबर उपलब्ध होने पर उसका विवरण भी मांगा जाता था।

    इस अतिरिक्त प्रक्रिया के चलते ऐसे युवाओं और नए आवेदकों को परेशानी हो रही थी, जिनके पास अपने माता-पिता या परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं थी।

    अब सामान्य प्रक्रिया से होगा आवेदन
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के तहत नए मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।

    आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्य से संबंधित उपलब्ध विवरण और निर्धारित पहचान एवं आयु संबंधी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्र आवेदक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है।

    आवेदन ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ की मदद से ऑफलाइन फार्म भी जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हुए बदलाव और अन्य निर्वाचन संबंधी जानकारियों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया जा रहा है।

  • अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी।
     
    सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे
    मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
     
    माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।
     
    सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
    सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।
     
    जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता।
     
    आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
     
    बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।
     
    लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।
     
    जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां
    बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।