Category: उत्तर प्रदेश

  • मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद
    नवरात्र में पूरा जनपद मां दुर्गा की आराधना में लीन है। पंडालों और मंदिरों में घंटियां गूंज रही हैं, और उसी समय सड़कों, बाजारों, चौराहों और गांव की चौपालों पर शक्ति का एक और रूप दिख रहा है- खाकी वर्दी में मुस्तैद महिला पुलिसकर्मी। इस मोर्चे का प्रतिनिधि रूप हैं मुरादाबाद की मिशन शक्ति सेल प्रभारी उप निरीक्षक समीक्षा ठाकुर, जो मानती हैं कि महिलाएं सिर्फ चहारदीवारी या सुरक्षित नौकरियों के लिए नहीं बनी हैं। वे खाकी पहनकर हर बहन-बेटी की ढाल भी बन सकती हैं। समीक्षा इसी संकल्प के साथ दिन-रात आधी आबादी को अभयदान देने में जुटी हैं।

    गांव की दहलीज से खाकी तक
    मां दुर्गा का एक रूप दृढ़ता का है, और समीक्षा की कहानी इसी से शुरू होती है। मेरठ के सरूरपुर खुर्द थाना क्षेत्र के पांची गांव की इस बेटी ने उस दौर में पढ़ाई और नौकरी का सपना देखा, जब गांवों में लड़कियों के लिए सोच बेहद सीमित थी। उन्होंने देखा कि अधिसंख्य महिलाएं लोकलाज व डर के मारे छेड़खानी व उत्पीड़न की तकलीफ दिल में दफन कर लेती थीं। यही टीस उनकी प्रेरणा बनी। 30 जून 2019 को पुलिस सेवा में शामिल होकर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया और संकल्प लिया कि पीड़ितों की आवाज बनेंगी और उनका संकोच मिटाएंगी। आज वह ग्रामीण परिवेश की हर उस बेटी के लिए मिसाल हैं, जो सपनों को पंख देना चाहती है।

    चौपाल में संवाद: टूट रहा हिचक का दायरा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 'मिशन शक्ति’ फेज-5.0 में समीक्षा के नेतृत्व में पुलिस टीम हर रविवार रोस्टर के अनुसार गांवों और कस्बों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' और चौपाल कर रही हैं। कभी थाने जाने से कतराने वाली ग्रामीण महिलाएं अब महिला पुलिसकर्मियों को अपना साथी मानती हैं। स्कूल-कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। महिला बीट अधिकारी अपने मोबाइल नंबर छात्राओं से साझा कर रही हैं, ताकि नाम गोपनीय रखते हुए भी शिकायत दर्ज कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पीआरवी की नियमित गश्त से माहौल सुरक्षित बनाया गया है।

    शोहदों पर जीरो टॉलरेंस का कहर
    समीक्षा बताती हैं कि जिले के सभी 20 थानों में एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने और छूटने के समय, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलता है। हाल में कटघर थाना क्षेत्र की चौकी दससराय में महिलाओं की शिकायत पर महिला उप निरीक्षक सोनम पुनिया की टीम ने राह चलती युवतियों पर अश्लील फब्तियां कसने वाले एक शोहदे को दबोच कर उसे जेल भेजा। महिला सुरक्षा दस्तों ने भी ऐसे शोहदों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए हैं।

    सख्ती के साथ संवेदना का चेहरा भी
    खाकी सिर्फ सख्ती का नाम नहीं है, उसमें ममता भी है। समीक्षा बताती हैं कि मूढापाण्डे थाने में मिशन शक्ति सेल की महिला उप निरीक्षक सुनीता और उनकी टीम ने जेल में निरुद्ध एक महिला के तीन मासूम बच्चों का भविष्य संवारा। टीम ने बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराया और साल भर की फीस भी जमा कराई। बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस व कॉपी-किताबें भी खरीदीं। इसी तरह सिविल लाइंस क्षेत्र से लापता हुए तीन बच्चों को महिला निरीक्षक ऊषा मलिक की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तलाशा और सकुशल परिजनों को सौंपा। कोतवाली क्षेत्र में लापता तीन वर्षीय बच्चे को उप निरीक्षक चंद्रप्रभा गौतम की टीम ने एक घंटे के भीतर खोजकर परिवार की गोद में लौटाया।

    पीड़ितों का सहारा बने मिशन शक्ति केंद्र
    मिशन शक्ति केंद्र पर पॉक्सो एक्ट के मामलों से जुड़ी पीड़ित बालिकाओं और महिलाओं की विशेषज्ञों से काउंसिलिंग कराई जा रही है। मकसद है उन्हें मानसिक आघात से उबारना, चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करना और पढ़ाई की आर्थिक अड़चनें दूर करना, जिसके लिए फीस माफी तक की व्यवस्था कराई जा रही है। समीक्षा के इस समर्पण के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

    जिम्मेदारी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
    समीक्षा कहती हैं कि पहले पुलिसिंग को केवल पुरुषों का दायित्व माना जाता था। अब हर बीट, हर चौराहे और संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। नवरात्र के अवसर पर उनका संदेश साफ है कि हर बेटी और महिला बिना किसी भय के अपने सपने पूरे करे, उनकी सुरक्षा और संबल के लिए योगी सरकार की पुलिस चौबीसों घंटे तैनात है।

  • ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    लखनऊ
    सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा  कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है।

    'अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश'
    राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब  मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं।

    '200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा'
    जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था।

    राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है।

    'अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें'
    दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

  • ग्वालियर-बरौनी छपरा मेल में सांप की सूचना से हड़कंप, मोंठ और उरई स्टेशन पर हुई तलाशी; नहीं मिला सांप

    ग्वालियर-बरौनी छपरा मेल में सांप की सूचना से हड़कंप, मोंठ और उरई स्टेशन पर हुई तलाशी; नहीं मिला सांप

    जालौन
    ग्वालियर से बरौनी जा रही छपरा मेल के एसी कोच में सांप होने की आशंका से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दी, जिसके बाद मोंठ स्टेशन पर वन विभाग की टीम और आरपीएफ ने कोच की जांच की।

    जांच के दौरान सांप के बजाय कोच के अंदर चूहा मिला, जिसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बावजूद यात्रियों में डर बना रहा। बाद में उरई स्टेशन पर भी आरपीएफ ने कोच की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। इस दौरान ट्रेन करीब 10 मिनट अतिरिक्त खड़ी रही।

    ग्वालियर से बरौनी जाने वाली ट्रेन (11123) छपरा मेल शनिवार को नंदखास स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दौरान एसी कोच में मौजूद यात्रियों को सांप होने की आशंका हुई। यात्रियों ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी।

    तलाशी में नहीं मिला कोई सांप
    ट्रेन के मोंठ स्टेशन पहुंचने पर पहले से मौजूद आरपीएफ और वन विभाग की टीम ने कोच के अंदर तलाशी ली। जांच में एक चूहा मिला, जिसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद भी यात्रियों की घबराहट दूर नहीं हुई।

    ट्रेन के दोपहर 4:03 बजे उरई स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे और संबंधित एसी कोच की दोबारा जांच की। हालांकि, तलाशी में कोई सांप या अन्य संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

    आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि कोच में कोई खतरा नहीं है और वे निश्चिंत होकर यात्रा करें। जांच के चलते ट्रेन करीब 10 मिनट अतिरिक्त स्टेशन पर खड़ी रही।

  • योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर महीने में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि से कई स्थानों पर किसानों के खेतों व निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और गिरने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को राहत देने और गिरे हुए वृक्षों का नियमानुसार तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    किसानों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निजी भूमि और खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने व उनके निस्तारण के लिए किसानों की ओर से दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त कर सकें। गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में किसानों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। परमिट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित वन नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी भूमि पर गिरे वृक्षों की लकड़ी के निस्तारण में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

    सड़कों पर गिरे पेड़ तत्काल हटाए जाएं
    सीएम योगी के निर्देशानुसार, तेज आंधी और तूफान के कारण सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाया जाए। मार्ग अवरोधों का शीघ्र समाधान किया जाए, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित किसानों को पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

    पारदर्शिता से होगा गिरे पेड़ों का निस्तारण
    मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया है। गिरे हुए वृक्षों को हटाने और उनके निस्तारण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित वन नियमों के अनुसार किए जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

  • नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो रामराज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।
     
    स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो सामने आई हकीकत
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में बेटियों के स्कूल छोड़ने की वजह पूछी। पहले विद्यालयों की दूरी को कारण बताया गया। जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था शुरू की।
     
    सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा।
     
    घर की मालकिन के नाम जाएगी आवास की धनराशि
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में धनराशि घर की महिला मुखिया के नाम जाएगी। मकान का मालिकाना अधिकार भी उसी का होगा। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिला है। तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालय निर्माण नारी गरिमा की रक्षा का भी अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
     
    अहिल्याबाई से लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी भारतीय नारी के सामर्थ्य की प्रतीक हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित अनेक मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। रानी लक्ष्मीबाई ने 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया और 26 वर्ष में बलिदान हो गईं। अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई ने भी देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान निर्माण के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला।
     
    फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण
    मुख्यमंत्री योगी ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी हो चुकी है। इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देगा। कृषि मेले से किसानों को नई तकनीक और नवाचार समझने का अवसर मिलेगा।
     
    बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट
    मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट वितरित किए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक भी मुख्यमंत्री योगी को भेंट की।
     
    बेटियों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण : कैलाश नाथ शुक्ला
    तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर कन्याओं का पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने क्षेत्र और जनपद की ओर से मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम, राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

  • ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    लखनऊ
    |लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनके योगदान और स्मृतियों को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नमन किया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना भी साधा। पाठक ने कहा कि जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव नाटक करेंगे, दीवार कूदेंगे और लोकनायक जयप्रकाश की आड़ में, उनकी स्मृतियों को नमन करने के बजाय सपा प्रमुख अपने भ्रष्टाचार और अपने परिवारवाद पर पर्दा डालने का काम करेंगे।

    ‘JPNIC बिका नहीं लीज पर दिया गया है’
    ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा प्रमुख बयान देंगे कि JPNIC को बेच दिया गया है लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि JPNIC के बेहतर संचालन के लिए उसे लीज पर दिया गया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार सभी महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, लोहिया, नरेंद्र देव, ऐसे महापुरुष हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कथनों में सिर्फ उद्धृत ही नहीं करते हैं बल्कि उनके बताए गए मार्ग पर भी चलने का काम करते हैं।

    पाठक ने कहा, “डबल इंजन की सरकार ने माननीय योगी जी के नेतृत्व में JPNIC को लीज पर देकर लोकनायक की स्मृतियों को संजोते हुए चलाने का काम किया है।” उन्होंने परिवारवाद को लेकर अखिलेश यादव की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दावा तो यह भी किया जा रहा है कि उस समय की तत्कालीन सरकार के मुखिया ने अपने परिवार को ही JPNIC को चलाने का जिम्मा दे दिया था।

    डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि JPNIC में फाइव स्टार सुविधाओं के साथ-साथ स्विमिंग पूल भी है और वो किस राजनीतिक समाजवादी नेता के उपयोग में आएगा, प्रदेश की जनता इसे अच्छी तरह समझती है।”

    डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव से किया सवाल
    ब्रजेश पाठक ने सवाल करते हुए कहा कि सपा प्रमुख को बताना चाहिए कि प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से कमाया हुआ धन क्या सुख-सुविधा के लिए खर्च किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जीवन भर लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष करते रहे और कभी भी अपने लिए उन्होंने पूंजी एकत्र नहीं की। वहीं दूसरी तरफ सपा के लोग ढिंढोरा पीटकर अपने कदाचार को जयप्रकाश नारायण के नाम पर छुपाने का काम कर रहे हैं।

  • फसलों के नुकसान की होगी भरपाई, सोमवार को गोरखपुर से किसानों के खातों में धनराशि भेजेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    फसलों के नुकसान की होगी भरपाई, सोमवार को गोरखपुर से किसानों के खातों में धनराशि भेजेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर
    किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर) को प्रतिकूल मौसम (बाढ़, अतिवृष्टि) से फसलों का नुकसान उठाने वाले प्रदेशभर के किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में 483 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत करेंगे। राज्य के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों को डीबीटी के माध्यम से मिलने वाले कृषि निवेश अनुदान को निर्गत करने का कार्यक्रम गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सोमवार पूर्वाह्न होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

    सुपर अल नीनो और अन्य पर्यावरणीय बदलावों के चलते प्रदेश में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, चक्रवात व बाढ़ का सामना करना पड़ा है। सबसे अधिक नुकसान सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात से हुआ। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जारी वित्तीय वर्ष की पहली तारीख से लेकर 9 अक्टूबर तक 9 लाख 18 हजार 91 ऐसे किसान चिन्हित किए गए हैं जिनकी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ समाप्त होने के तत्काल बाद पूरी तत्परता से योगी सरकार की तरफ से 493 करोड़ रुपये फसल क्षति के कृषि निवेश अनुदान के रूप में निर्गत किया जा रहा है।  

    राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि के कारण होने वाली फसल क्षति के सापेक्ष 169 करोड़ रुपए कृषि निवेश अनुदान हेतु अग्रिम रूप से जनपदों को निर्गत किया जा चुका है। 1 लाख 29 हजार 326 किसानों को फसल क्षति के सापेक्ष 78.75 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया जा चुका है। इसी क्रम में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है।

  • गेहूं की फसल 58.52% खराब, फिर भी नहीं मिला बीमा क्लेम; अब बैंक और कंपनी को 45 दिन में करना होगा भुगतान

    गेहूं की फसल 58.52% खराब, फिर भी नहीं मिला बीमा क्लेम; अब बैंक और कंपनी को 45 दिन में करना होगा भुगतान

     कुरुक्षेत्र
     प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गेहूं की फसल का बीमा करवाने के बावजूद क्लेम नहीं मिलने पर गांव बसंतपुर की किसान अमरजीत कौर को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से राहत मिली है। आयोग ने बीमा कंपनी और बैंक की लापरवाही को सेवा में कमी मानते हुए दोनों को संयुक्त रूप से किसान को 43,870 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

    इसके साथ ही मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपये और कानूनी खर्च के रूप में पांच हजार रुपये भी देने होंगे। मुआवजे की राशि पर शिकायत दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग ने सभी निर्धारित राशियों का भुगतान 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।

    तीन एकड़ गेहूं की फसल को हुआ था नुकसान
    बसंतपुर निवासी अमरजीत कौर ने आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके पास गांव में तीन एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने रबी सीजन 2021-22 में तीन एकड़ में गेहूं की फसल बोई थी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था।

    इसके लिए उनके बैंक खाते से 1,202.92 रुपये प्रीमियम काटा गया था। मार्च 2022 में भारी बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने खेतों का निरीक्षण किया और फसल नुकसान 58.52 प्रतिशत आंका।

    इसके बावजूद किसान को बीमा क्लेम नहीं मिला। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी राहत नहीं मिलने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

    पोर्टल पर विवरण अपलोड नहीं करने का दिया तर्क
    मामले में बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बैंक ने किसान के आवेदन के साथ जरूरी यूटीआर नंबर राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था। इस कारण आवेदन का स्टेटस फ्रेश/अनपेड रहा। कंपनी के अनुसार, 2,63,443.21 रुपये की समेकित प्रीमियम राशि 24 अगस्त 2022 को बैंक को वापस कर दी गई थी।

    वहीं, बैंक ने दलील दी कि उसने प्रीमियम बीमा कंपनी को भेज दिया था और क्लेम देने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की थी। कृषि विभाग ने भी अपने रिकार्ड में फसल नुकसान का आंकलन किए जाने की पुष्टि की।

    किसान की गलती नहीं, दोनों की जिम्मेदारी
    आयोग की अध्यक्ष नीलम कश्यप तथा सदस्य नीलम और सुनील मोहन त्रिखा की पीठ ने 18 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि किसान के खाते से प्रीमियम काटने के बाद बैंक की जिम्मेदारी थी कि वह निर्धारित समय में पूरा विवरण पोर्टल पर अपलोड करे।

    वहीं, बीमा कंपनी को भी तय अवधि में दस्तावेजों का सत्यापन कर किसी कमी की जानकारी संबंधित विभाग को देनी चाहिए थी। आयोग ने माना कि किसान का पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की प्रक्रिया में कोई नियंत्रण नहीं था।

    इसलिए बैंक और बीमा कंपनी की लापरवाही का खामियाजा किसान को नहीं भुगतना पड़ सकता। आयोग ने दोनों पक्षों को संयुक्त एवं अलग-अलग रूप से भुगतान के लिए जिम्मेदार ठहराया। आदेश का पालन नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

  • मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता/प्रतिभागी खिलड़ियों को पुरस्कार व ट्रैकशूट प्रदान किया। साथ ही उन्होंने बच्चों को पठन-पाठन सामग्री भी वितरित की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने देवी स्वरूपा बच्चियों को चुनरी पहनाकर उनका सम्मान किया। सीएम ने बच्चियों को स्टडी टेबल, चॉकलेट दी। उन्होंने कृषि मेले का शुभारंभ किया और कृषि उत्पादों पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर की छात्रा गायत्री, प्रिया व जयश्री ने मुख्यमंत्री को ग्रीटिंग कार्ड, पुष्पगुच्छ व स्वरचित कविता व पुस्तक प्रदान किया। संचालन तान्या वाजपेयी ने किया।

    मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत खिलाड़ी
    कंचन- 36वीं नार्थ जोन जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता प्रयागराज (लांग जंप) में प्रथम
    प्राची जैन- प्र. स्तरीय जूडो प्रतियोगिता लखनऊ (रजत)
    संध्या यादव- राज्य स्तरीय स्कूल गेम्स जूडो प्रतियोगिता सहारनपुर (कांस्य)  
    ममता- राज्य स्तरीय स्कूल गेम्स जूडो प्रतियोगिता सहारनपुर (कांस्य)   
    साची कश्यप- 55वीं केवीएस राष्ट्रीय खेलकूद ताइक्वांडो प्रतियोगिता बेंगलुरु (प्रतिभाग)
    साक्षी सिंह- 55वीं केवीएस राष्ट्रीय खेलकूद ताइक्वांडो प्रतियोगिता बेंगलुरु (प्रतिभाग)
    साक्षी सिद्धार्थ- 55वीं केवीएस राष्ट्रीय खेलकूद ताइक्वांडो प्रतियोगिता बेंगलुरु (प्रतिभाग)
    पलक शुक्ला- 5वीं ताइक्वांडो प्रतियोगिता टीएसएच कानपुर (कांस्य)
    44वीं जूनियर ताइक्वांडो प्रतियोगिता लखनऊ (कांस्य)
    अनाया गुप्ता- 44वीं जूनियर ताइक्वांडो प्रतियोगिता लखनऊ (कांस्य)
    5वीं ताइक्वांडो प्रतियोगिता टीएसएच कानपुर (प्रतिभाग)

    मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दिया आशीर्वाद पत्र व पठन-पाठन सामग्री
    हीरालाल- उच्च प्राथमिक विद्यालय हिंडुली कला
    अर्चना सैनी- उच्च प्राथमिक विद्यालय बढ़या पकड़ी
    काजल- कंपोजिट विद्यालय सेमरा गुलहरिया
    प्रभु जायसवाल- उच्च प्राथमिक विद्यालय बलदेव नगर
    निस्बा- उच्च प्राथमिक विद्यालय वरायल
    गणेश- उच्च प्राथमिक विद्यालय नचौरा
    चांदनी निषाद- पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय विलोहा बनकसिया
    शालू शर्मा- कंपोजिट विद्यालय पुरुषोत्तमपुर
    बेबी- उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ सेंटवा
    रुद्राणी- उच्च माध्यमिक विद्यालय सिरहिया
    सानिया- पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय धुसवा
    सुधा- कंपोजिट विद्यालय रमवापुर

    मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदान किया कृषि यंत्र
    मुख्यमंत्री ने किसान मेला में किसानों को भी सम्मानित किया। उन्हें विभिन्न कृषि यंत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने जगनारायण व मोतीलाल यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत चाबी, सर्वेश्वर मणि तिवारी, दिलीप कुमार व हरीश कुमार को पावर स्प्रेयर प्रदान किया।

  • प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही नारी शक्ति: मुख्यमंत्री

    प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही नारी शक्ति: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना को आत्मसात करके कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है, जिसका परिणाम है कि प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व नारी शक्ति कर रही है।

    उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाने के साथ ही नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है।

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहीं बेटियां
    सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी एक चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स को आज नारी शक्ति लीड कर रही है। महिला कार्यबल की भागीदारी 12 फीसदी से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होना प्रदेश में महिलाओं के बढ़ते विश्वास और विस्तृत होते अवसरों का स्पष्ट प्रमाण है।

    शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं योजनाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य तक डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नारी सशक्तीकरण को नित्य नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को संबल मिला है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। वहीं मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें उनकी शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं।

    'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रसर सरकार
    सीएम योगी ने कहा कि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना को आत्मसात करते हुए प्रदेश की डबल इंजन सरकार ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।