Category: राज्य

  • यूपी में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव, 23 PCS अफसरों का ट्रांसफर; कई जिलों में नए अधिकारी

    यूपी में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव, 23 PCS अफसरों का ट्रांसफर; कई जिलों में नए अधिकारी

    लखनऊ 
    उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने 23 PCS अधिकारियों के तबादले करते हुए उन्हें अलग-अलग जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। तबादला सूची में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, अपर नगर आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर तैनात अधिकारी शामिल। 

    यूपी में 23 PCS अफसरों का तबादला

    देवरिया और संतकबीरनगर में बदले अधिकारी
    चंद्र कुमार को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), संतकबीरनगर के पद से स्थानांतरित कर मुख्य राजस्व अधिकारी, देवरिया बनाया गया है। वहीं जितेंद्र विक्रम को उपजिलाधिकारी, ललितपुर से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), संतकबीरनगर की जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा लवी त्रिपाठी को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम मेरठ से हटाकर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सहारनपुर बनाया गया है।

    मेरठ और रामपुर में भी नई तैनाती
    राजेश कुमार को उपजिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम मेरठ बनाया गया है। वहीं पुष्पेंद्र पटेल को उपजिलाधिकारी, अमेठी से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), रामपुर की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतीक्षारत चल रहे अर्पित गुप्ता को कुलसचिव, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय नियुक्त किया गया है।

    विश्वविद्यालय और दुग्ध विभाग में भी बदलाव
    विजय शंकर को उपजिलाधिकारी, बिजनौर से स्थानांतरित कर कुलसचिव, महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर बनाया गया है।वहीं अभिनव कन्नौजिया को उपजिलाधिकारी, अमेठी से हटाकर संयुक्त दुग्ध आयुक्त, दुग्ध आयुक्त कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।

    मेरठ विकास प्राधिकरण में बदली कमान
    बृजेश कुमार सिंह को अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ से स्थानांतरित कर सचिव, मेरठ विकास प्राधिकरण बनाया गया है।शिवानी सिंह को संबद्ध राजस्व परिषद, लखनऊ से हटाकर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), जालौन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रेम चंद्र मौर्य को जालौन से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), प्रतापगढ़ बनाया गया है।

    लखनऊ से मुरादाबाद तक अधिकारियों का फेरबदल
    रामजी मिश्रा को उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से हटाकर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), लखनऊ बनाया गया है। राजेंद्र कुमार को उपजिलाधिकारी, गाजियाबाद से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), हरदोई भेजा गया है। वहीं प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), हरदोई से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मुरादाबाद बनाया गया है।

    लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर में भी बदलाव
    बृजेश कुमार त्रिपाठी को संयुक्त निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय, लखनऊ से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), लखीमपुर खीरी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अनिरुद्ध प्रताप सिंह को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मुजफ्फरनगर से हटाकर उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद बनाया गया है।

    कुछ अधिकारी हुए प्रतीक्षारत
    तबादला सूची में किशुक श्रीवास्तव को अपर जिलाधिकारी (नगर), अयोध्या के पद से हटाकर प्रतीक्षारत किया गया है।संगीता देवी को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मुरादाबाद से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (नगर), अलीगढ़ बनाया गया है।वहीं गंभीर सिंह को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), आजमगढ़ से इसी पद पर मुजफ्फरनगर भेजा गया है।

    आजमगढ़, मेरठ और वाराणसी में भी नई जिम्मेदारी
    नरेंद्र सिंह को उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), आजमगढ़ बनाया गया है।आदित्य कुमार प्रजापति को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), प्रतापगढ़ से अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह अमित कुमार को अपर नगर आयुक्त, वाराणसी से हटाकर उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद बनाया गया है। वहीं मयंक कुंड को उपजिलाधिकारी, हरदोई से स्थानांतरित कर उपजिलाधिकारी, मुरादाबाद बनाया गया है।उत्तर प्रदेश सरकार के इस फेरबदल से कई जिलों और विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां बदली हैं। नई तैनाती के साथ संबंधित अधिकारियों को अपने नए पदों पर कार्यभार संभालना होगा।

  • पुनपुन नदी में पिंडदान की प्राचीन परंपरा, पूर्वजों की शांति के लिए सिरिस घाट पर उमड़े श्रद्धालु

    पुनपुन नदी में पिंडदान की प्राचीन परंपरा, पूर्वजों की शांति के लिए सिरिस घाट पर उमड़े श्रद्धालु

    औरंगाबाद
     बारुण थाना क्षेत्र में सिरिस गांव के पास जीटी रोड किनारे पुनपुन नदी श घाट पर शनिवार को पिंडदानियों की भीड़ रही।

    गयाजी में पिंडदान की परंपरा के बीच पुनपुन नदी में पहला पिंडदान करने की श प्राचीन परंपरा है। इसी मान्यता के कारण हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी जिले के सिरिस और जम्होर के पुनपुन घाट पर पहुंचकर अपने पूर्वजों का प्रथम पिंडदान और तर्पण करते हैं। इसके बाद गयाजी के लिए रवाना होते हैं।

    मान्यता है कि वाराणसी की ओर से जीटी रोड के रास्ते गयाजी जाने वाले पिंडदानी सबसे पहले पुनपुन नदी में पिंडदान करते हैं।

    शनिवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से पहुंचे विक्रम लोधी और लवडू लोधी, संत कबीर नगर के रामप्रकाश तिवारी, जौनपुर के देवरिया निवासी सच्चिदानंद पांडेय, गोरखपुर के प्रदीप अग्रवाल तथा मध्य प्रदेश के भोपाल से पहुंचे आयकर अधिकारी सत्यप्रकाश कुमार समेत कई पिंडदानियों ने यहां अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण किया।

    पिंडदानियों ने बताया कि सनातन परंपरा में पुनपुन नदी में प्रथम पिंडदान का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष और उनकी आत्मा को शांति मिलती है।

    पिंडदानियों ने कहा कि सिरिस घाट का धार्मिक महत्व काफी अधिक है, लेकिन यहां सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। घाट को लंबा और सुरक्षित बनाने के साथ श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े धर्मशाला का निर्माण कराने की जरूरत है।

    अपने माता-पिता का तर्पण करने पहुंचे रोहतास के डीआइजी डॉ. सत्यप्रकाश ने भी पुनपुन में तर्पण किया और महत्व को बताया।

    उन्होंने कहा कि पुनपुन में प्रथम बेदी है और यहां पिंडदान करने के बाद ही श्रद्धालु गयाजी जाते हैं। शनिवार को गृह विभाग समेत अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के स्वजन भी सिरिस घाट पर पिंडदान करने पहुंचे थे। सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

    पिंडदान कराने वाले दयालपुर गांव निवासी पंडा प्रिंस तिवारी ने बताया कि गयाजी में पिंडदान करने वाले पिंडदानी पहला पिंडदान पुनपुन में ही करते हैं।

  • रालोद का दावा-सपा के सामने गठबंधन बचाने और अंदरूनी असंतोष से निपटने की चुनौती

    रालोद का दावा-सपा के सामने गठबंधन बचाने और अंदरूनी असंतोष से निपटने की चुनौती

    इमरान मसूद की नियुक्ति पर रालोद का तंज, कहा-कांग्रेस-सपा गठबंधन में तनाव चरम पर

    ‘150 से कम सीटों पर नहीं मानेगी कांग्रेस’, रोहित अग्रवाल ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर किया दावा

    रालोद का दावा-सपा के सामने गठबंधन बचाने और अंदरूनी असंतोष से निपटने की चुनौती

    कांग्रेस-सपा की गठबंधन वाली रस्सी में तनाव! रोहित अग्रवाल ने पूछा -अब टूटने की बारी किसकी?

    इमरान मसूद के बयानों पर रालोद का सवाल-किसके इशारे पर बोल रहे थे?

    ‘एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई’, रोहित अग्रवाल ने सपा की सियासी स्थिति पर कसा तंज 

    इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर रालोद का तंज, बोले-कांग्रेस-सपा गठबंधन में तनाव चरम पर

    लखनऊ, 
    उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के द्वारा इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान का दावा करते हुए कहा कि दोनों दलों के गठबंधन में तनाव चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने आत्मसम्मान से समझौता करने को तैयार नहीं है और 150 से कम सीटों पर मानने को तैयार नहीं है।

    सपा कार्यकर्ताओं में सीट शेयरिंग को लेकर असंतोष
    रोहित अग्रवाल ने इमरान मसूद के बयान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देखना होगा कि वह किसके इशारे पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में लंबे समय से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे कार्यकर्ता भी कांग्रेस के साथ गठबंधन की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, सपा के कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कोई खास राजनीतिक अस्तित्व नहीं है और उसके साथ सीटों का समझौता करने की जरूरत नहीं है।

    सपा के सामने एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई
    रालोद प्रवक्ता ने कांग्रेस और सपा के बीच मौजूदा स्थिति को गठबंधन की रस्सी में बढ़ते तनाव जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि पहले समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता है या दोनों दलों के गठबंधन में दरार आती है। उन्होंने सपा के सामने इसे एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई जैसी स्थिति बताया।

    सपा-कांग्रेस में सत्ता को लेकर खींचतान
    रोहित अग्रवाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि दोनों दलों के बीच आपसी तनाव और असमंजस को देखते हुए जनता उनके राजनीतिक इरादों को समझ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के बीच सत्ता को लेकर खींचतान है और जनता की सेवा उनके एजेंडे में प्राथमिकता पर नहीं है।

  • साइबर अपराध के खिलाफ यूपी की बड़ी कार्रवाई, 84 हजार जागरूकता अभियान से मजबूत हुआ डिजिटल डिफेंस

    साइबर अपराध के खिलाफ यूपी की बड़ी कार्रवाई, 84 हजार जागरूकता अभियान से मजबूत हुआ डिजिटल डिफेंस

    साइबर ठगों पर खाकी का ‘डिजिटल वज्रपात’

    ठगी के बाद धनराशि को रोकने में राष्ट्रीय औसत से आगे निकला यूपी

    यूपी में धनराशि फ्रीज दर सितम्बर में बढ़कर 34% हो गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 31%

    सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी का साइबर डिफेंस हुआ मजबूत, 84 हजार साइबर अवेयरनेस ड्राइव से तोड़ी गई डिजिटल जालसाजों की रीढ़

    साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर बना डिजिटल ढाल, टेक्नोलॉजी से ठगों का नेटवर्क ध्वस्त कर रही योगी सरकार

    लखनऊ,
     साइबर ठगी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्रवाई को तकनीक के जरिए मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में साइबर अपराध की रोकथाम के साथ ही ठगी के बाद धनराशि को रोकने और वापस कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सितंबर में साइबर फ्रॉड की रकम फ्रीज कराने की प्रदेश की दर 34 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 31 प्रतिशत से अधिक है। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर के माध्यम से रियल टाइम रूटिंग के जरिये डाइवर्ट की गई रकम को फ्रीज और रिकवर कराने की कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में तय समय सीमा के भीतर 100 प्रतिशत तक रिकवरी दर्ज की गई है।

    प्रदेश में साइबर अपराध से बचाव के लिए 84 हजार साइबर अवेयरनेस ड्राइव भी चलाए गए हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी, फर्जी अप्रूवल और साइबर ठगी के दूसरे तरीकों के प्रति जागरूक किया गया। सिनेमा हॉल से लेकर रेलवे स्टेशन तक विभिन्न स्थानों पर लोगों को डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने और किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता जांचने की जानकारी दी गई।

    रियल टाइम ट्रैकिंग से रकम रोकने की कोशिश

    साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर साइबर ठगी की रकम रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम को रोकने की कार्रवाई शुरू की जाती है। रियल टाइम रूटिंग और डेटा शेयरिंग के जरिये डाइवर्ट किए गए फंड को फ्रीज कराने और उसे वापस कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। इससे ठगी के बाद रकम के तेजी से दूसरे खातों में जाने की चुनौती से निपटने में मदद मिलती है।

    डीजी साइबर क्राइम ने जवानों को अत्याधुनिक तकनीक से किया लैस

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डीजी साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह ने प्रदेश के पुलिस कर्मियों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया है। इसके अलावा जवानों को साइबर अपराध से मुकाबले के लिए नई तकनीक की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। एआई-डीपफेक, म्यूल अकाउंट और साइबर अपराध के बदलते तरीकों को देखते हुए पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    गोल्डन आवर में शिकायत जरूरी

    एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने बताया कि साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने पर रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी और फर्जी अप्रूवल समेत कई तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच करना और सतर्क रहना जरूरी है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में मजबूत व्यवस्था की गई है। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क है। वहीं लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है।

    सिर्फ पुलिस नहीं, समाज की भागीदारी भी जरूरी

    साइबर अपराध की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। इसलिए इससे मुकाबले के लिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायत, स्वयं सहायता समूह, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लब और स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है। जागरूकता और त्वरित शिकायत के जरिये साइबर ठगी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

  • छात्रों की पढ़ाई को मिला आर्थिक संबल, CM योगी ने एक क्लिक में 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी राशि

    छात्रों की पढ़ाई को मिला आर्थिक संबल, CM योगी ने एक क्लिक में 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी राशि

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई को दिया ₹148 करोड़ का संबल
     
    एक क्लिक पर छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में पहुंची छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि
     
    मुख्यमंत्री ने लोक भवन में 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से प्रदान किए प्रमाणपत्र
     
    अन्य पिछड़ा वर्ग के 2.23 लाख और अनुसूचित जाति के 1.59 लाख विद्यार्थियों को मिला लाभ
     
    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को शनिवार को आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एक क्लिक कर डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी। उन्होंने मंच पर 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रमाणपत्र पाने वालों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
     
    सरकार की इस पहल का सबसे अधिक लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिला है। अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में ₹60.01 करोड़ भेजे गए। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिली। इसी तरह सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खातों में ₹12.06 करोड़ पहुंचाए गए।
     
    आर्थिक अभाव के कारण नहीं छूटेगी पढ़ाई
    योजना में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम यानी कक्षा नौ और दस के साथ दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य आर्थिक अभाव को किसी विद्यार्थी की शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देना है।
     
    आधार आधारित भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता
    छात्रवृत्ति आवेदन से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली से धनराशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित पैकेट सिस्टम भी लागू किया गया है। इससे छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और विद्यार्थियों को बिना किसी दौड़भाग के योजना का लाभ मिल रहा है।
     
    प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी है। सरकार की कोशिश प्रक्रिया को और सरल बनाकर प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाने की है।

  • स्कॉलरशिप में बड़ा बदलाव, एडमिशन के बाद छात्रों को सीधे खाते में पैसा; योगी बोले- कोई बच्चा वंचित न रहे

    स्कॉलरशिप में बड़ा बदलाव, एडमिशन के बाद छात्रों को सीधे खाते में पैसा; योगी बोले- कोई बच्चा वंचित न रहे

    लखनऊ
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के 4.60 लाख छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में एक क्लिक से स्कॉलरशिप भेज दी। लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले स्कॉलरशिप न तो समय पर मिलती थी और न ही पूरी। भ्रष्टाचारी लोग छात्रों की स्कॉलरशिप डकार जाते थे। बाबू जब स्कॉलरशिप छात्र को देता था तो उसमें से अपना कमीशन काट लेता था।

    उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सिर्फ 2900 करोड़ रुपए की धनराशि स्कॉलरशिप में जाती थी। आज हम लोग 6200 रुपए स्कॉलरशिप में मुहैया करा रहे हैं। यानी दोगुने से भी ज्यादा। सीएम योगी ने कहा कि आज एडमिशन लेने के बाद ही स्कॉलरशिप छात्रों को भेज दी जाती है। 2 अक्टूबर को बैंक बंद होने के नाते आज 3 अक्टूबर को स्कॉलरशिप ट्रांसफर की गई है। सीएम योगी ने संबंधित विभागों से कहा कि कोई भी बच्चा स्कॉलरशिप से वंचित न रहने पाए। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साल संस्था की गलती, छात्र द्वारा देरी से आवेदन या किसी अन्य त्रुटि की वजह से यदि स्कॉलरशिप नहीं मिल पाई तो हम उसे भी स्कॉलरशिप मुहैया करा रहे हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई पैसे के अभाव में बाधित नहीं हो। स्कॉलरशिप हर छात्र का संबंल बनेगी। उन्होंने बताया कि सरकार सभी वर्गों के छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया करा रही है। यह केवल स्कॉलरशिप तक सीमित नहीं है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आप यूपी के अंदर ऐसे समय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जब आपके सामने पहचान का संकट नहीं है। 2017 के पहले यूपी के युवाओं को यूपी के बाहर जाने पर लोग यूपी वाला कहकर किनारे कर देते थे।

    उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अक्सर दंगे-कर्फ्यू लगते थे। बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे। सरकार कहती थी की उनकी रुचि ही नहीं। हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि ज्यादातर बच्चियां स्कूल छोड़ती हैं क्योंकि स्कूल में पीने का पानी और टायलेट भी नहीं है। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग टायलेट की व्यवस्था कराई। पीने के पानी और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया। आज के दिन में बेसिक शिक्षा के 1.60 करोड़ बच्चों को हम कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे आदि का भी इंतजाम कर हैं। अटल विद्यालयों में अनाथ बच्चों का पालन पोषण करने के साथ ही सरकार उनकी अच्छी पढ़ाई-लिखाई भी करा रही है। कस्तूरबा विद्यालयों में इंटर तक की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख+ छात्र-छात्राओं को 4793 करोड़+ की छात्रवृति/ शुल्क प्रतिपूर्ति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए से ट्रांसफर की गई है।

    किस वर्ग के कितने बच्चों को मिली स्कॉलरशिप
    अन्य पिछड़ा वर्ग 2,23,615 60.01 करोड़ रुपए

    अनूसूचित वर्ग 1,59,959 64.54 करोड़ रुपए

    सामान्य वर्ग 38, 084 11.43 करोड़ रुपए

  • जमशेदपुर को बड़ा फायदा, Tata-Bosch मिलकर बनाएंगे इलेक्ट्रिक वाहनों के हाईटेक कलपुर्जे

    जमशेदपुर को बड़ा फायदा, Tata-Bosch मिलकर बनाएंगे इलेक्ट्रिक वाहनों के हाईटेक कलपुर्जे

     जमशेदपुर
    यूरोपीय आयोग ने टाटा संस के नियंत्रण वाली कंपनी टाटा ऑटो कॉम्प सिस्टम्स और जर्मनी की दिग्गज रोबर्ट बॉश के बीच भारत में प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम को औपचारिक मंजूरी दे दी है। दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए उन्नत इलेक्ट्रिक एक्सल और इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर का निर्माण करेंगी।
    ईवी क्रांति को गति देगा नया उपक्रम

    यूरोपीय आयोग ने विलय नियमों के तहत जांच के बाद पाया कि इस साझेदारी से यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में बाजार प्रतिस्पर्धा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, इसलिए इसे सरलीकृत समीक्षा प्रक्रिया के तहत मंजूरी प्रदान की गई। इस नए उपक्रम में दोनों कंपनियों की पचास-पचास प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इसका मुख्यालय पुणे में स्थापित किया जा रहा है।

    रोबर्ट बॉश की वैश्विक इलेक्ट्रिक पावरट्रेन तकनीक और टाटा ऑटो कॉम्प के व्यापक घरेलू आपूर्ति नेटवर्क का यह संगम भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों की स्थानीय उपलब्धता को तेजी से बढ़ाएगा।

    जमशेदपुर प्लांट को मिलेगा सीधा फायदा
    लौहनगरी जमशेदपुर के लिए यह वैश्विक साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स का प्लांट देश में भारी व मध्यम वाणिज्यिक वाहनों के निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र है। कंपनी यहां से इलेक्ट्रिक ट्रकों और अत्याधुनिक बसों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर विस्तार दे रही है।

    अब तक इलेक्ट्रिक एक्सल और आधुनिक ड्राइवट्रेन जैसे जटिल कलपुर्जों के लिए काफी हद तक वैश्विक आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। देश के भीतर ही इन प्रमुख कलपुर्जों के निर्माण से कलपुर्जों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आयात पर निर्भरता खत्म होगी।

    घरेलू स्तर पर घटेंगी लागत
    जमशेदपुर में तैयार होने वाले टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल वाहनों को अब विश्व स्तरीय तकनीक बेहद किफायती दरों पर मिल सकेगी। इससे वाहनों की कुल उत्पादन लागत घटेगी और बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, इस बड़े तकनीकी बदलाव से जमशेदपुर और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सहायक ऑटो इकाइयों के लिए भी आपूर्ति के नए अवसर खुलेंगे।

     

  • युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए अहम पहल, लखनऊ में आयोजित हुआ छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम

    युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए अहम पहल, लखनऊ में आयोजित हुआ छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री  दानिश आजाद अंसारी जी ने आज लखनऊ में मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम को प्रदेश के युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    इस अवसर पर अल्प-आय वर्ग के पूर्वदशम एवं दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

    श्री दानिश आजाद अंसारी जी ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के युवाओं, नौजवानों और विशेष रूप से जेन-जी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने हमेशा युवाओं के सपनों को उड़ान देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया है।

    उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित न हो।

    कार्यक्रम में मा. कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर जी, मा. पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप जी, मा. समाज कल्याण मंत्री श्री असीम अरुण जी, मा. मंत्री श्री संजीव कुमार गोंड जी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत जी, मा. विधायक श्रीमती जय देवी जी, मा. श्री अमरेश कुमार जी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • पुणे में होगा UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032, पंकज सिंह के नेतृत्व में भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    पुणे में होगा UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032, पंकज सिंह के नेतृत्व में भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    नोएडा
    नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह (Pankaj Singh) का परिचय केवल नोएडा की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं कि नोएडा के विधायक पंकज सिंह भारत की एक बहुत बड़ी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। भारत की बड़ी राष्ट्रीय संस्था के अध्यक्ष के तौर पर नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह ने कमाल की उपलब्धि हासिल की है। पंकज सिंह की मेहनत के कारण भारत को दुनिया के बड़े इंवेट का आयोजक बनने का अवसर मिला है।

    नोएडा के विधायक पंकज सिंह की इस उपलब्धि को जानिए
    यह बात तो सबको पता है कि नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह (Pankaj Singh) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हैं किन्तु उनके विषय में ऐसी ढेर सारी जानकारियां हैं जिसे नोएडा तथा उत्तर प्रदेश के लोग नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह भारत की प्रसिद्ध संस्था भारतीय साइक्लिंग महासंघ Cycling Federation of India (CFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। नोएडा के विधायक पंकज सिंह अप्रैल 2023 में भारतीय साइक्लिंग महासंघ CFI के अध्यक्ष चुने गए थे। इससे पहले नोएडा के विधायक पंकज सिंह भारतीय तलवारबाजी संघ (fencing association of india) के अध्यक्ष थे। 

    इतना ही नहीं नोएडा के विधायक पंकज सिंह की बदौलत हाल ही में भारत के हिस्से में एक बड़ी उपलब्धि आई है। पंकज सिंह की मेहनत से यह संभव हो पाया है कि भारत के इतिहास में पहली बार भारत के पुणे शहर में रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप (UCI) का आयोजन होगा। यह आयोजन वर्ष-2032 में होना है। इस आयोजन के लिए CFI की पूरी टीम लगी हुई है। शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 को CFI की टीम ने नोएडा के विधायक पंकज सिंह को यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप का पत्र विधिवत प्रदान किया। 

    पंकज सिंह को मेजबानी का स्मृति चिन्ह भेंट किया
      इस अवसर पर CFI के अधिकारियों मनिंदर पाल सिंह एवं ओंकार सिंह ने 2032 UCI Road World Championships की मेजबानी से संबंधित स्मृति चिह्न/अलॉटमेंट सॉवेनियर पंकज सिंह को भेंट किया। पंकज सिंह ने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में से एक की मेजबानी मिलना देश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग जगत में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और भारतीय साइक्लिंग की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 100 वर्षों से अधिक के इतिहास में यह पहली बार होगा जब UCI Road World Championships का आयोजन भारत में किया जाएगा। इसके साथ ही भारत इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला एशिया का चौथा देश बनेगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वस्तरीय आयोजन से भारत में साइक्लिंग के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही देश के युवाओं को साइक्लिंग को एक गंभीर खेल करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। पंकज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।

     2032 UCI Road World Championships की मेजबानी इसी बदलते भारत और वैश्विक खेल मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। उन्होंने Cycling Federation of India के सभी पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भारत इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। 

  • दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘AI और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय जाइए’

    दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘AI और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय जाइए’

    ‘एआई और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए’, दानिश आजाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘सपा ने यूपी को तमाशे के अलावा कुछ नहीं दिया’, मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अखिलेश यादव को घेरा

    ‘सपा सरकार में नौकरियों की नीलामी होती थी, रेट तय होते थे’, अखिलेश के आरोपों पर बीजेपी ने किया तीखा पलटवार

    'अपने शासन में यूपी को बीमारू राज्य बनाने वाले आज निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं', दिनेश प्रताप सिंह का अखिलेश पर तीखा हमला

    अखिलेश जब नकल की बात आप करते हैं तो यूपी की जनता को हंसी आती है : दिनेश प्रताप सिंह

    ‘बिना खर्ची-पर्ची के योगी सरकार ने साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी’, दिनेश प्रताप सिंह ने सपा पर साधा निशाना

    लखनऊ
     सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर यूपी सरकार के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी और बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा पलटवार किया है। दानिश आजाद ने एआई और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से लेकर सपा के 2012-17 के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों तक पर सवाल खड़े किए और कहा कि सपा के दौर में सरकारी भर्तियों में नौकरी की नीलामी होती थी। वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने निवेश और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरते हुए कहा कि जिस यूपी में पहले निवेशक आने से डरते थे, आज वही प्रदेश बेहतर कनेक्टिविटी और कानून के राज के कारण निवेश का केंद्र बन रहा है।

    ‘एआई का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए’
    दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा समाज को भ्रमित करने की नीयत से काम करती है। उन्होंने कहा कि आज यूपी और देश डिजिटल मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं। एआई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थियों और युवाओं के करियर ग्रोथ के लिए होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर रील देखकर टाइम पास करने के लिए।

    मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में तकनीक का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “एआई का दुरुपयोग अगर देखना है, टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग अगर देखना है, तो आप समाजवादी पार्टी के कार्यालय चले जाओ।” उन्होंने कहा कि तमाशा बनाने के अलावा सपा ने यूपी को कुछ नहीं दिया।

    ‘सपा शासनकाल में नौकरियों की नीलामी होती थी’
    दानिश आजाद ने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार में सरकारी भर्तियों के दौरान अलग-अलग नौकरियों के रेट तय होते थे और एजेंट लगाए जाते थे। उन्होंने कहा कि किसी नौकरी के लिए 10 लाख, किसी के लिए 20 लाख और किसी के लिए 30 लाख रुपये तक की बोलियां लगती थी।

    उन्होंने सपा सरकार में छात्रवृत्ति, शिक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सपा को पहले अपने कार्यकाल का इतिहास देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि जनता ने उसे सत्ता से बाहर क्यों किया।

    ‘वसूली के डर से निवेशक यूपी नहीं आते थे’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने शासनकाल में जिन्होंने यूपी को बीमारु राज्य बना दिया आज वो प्रदेश में निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले निवेशक यहां निवेश करने से डरते थे, क्योंकि निवेश का पता चलते ही सपा नेता वसूली अभियान शुरू कर देते थे।

    उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में निवेशकों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जा रहा है और अब यूपी में खर्ची-पर्ची की बात कोई सोच भी नहीं सकता। दिनेश ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है और बेहतर रोड, एयर व वॉटरवेज कनेक्टिविटी के कारण निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    ‘सपा सरकार में नौकरियों का हाल खराब था’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश के नकल और रोजगार के मुद्दे उठाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी और जाति के आधार पर नियुक्तियां होती थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में करीब साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं।

    उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर युवाओं को नौकरी मिल रही है, इसलिए उन्हें दिक्कत हो रही है। सिंह ने कहा कि सपा की दुकान 2017 में ही बंद नहीं हुई, बल्कि 2047 तक बंद रहने वाली है।