Category: राज्य

  • हरियाणा STF ने दबोचे हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

    हरियाणा STF ने दबोचे हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

    चरखी दादरी.

    एसटीएफ ने इमलोटा गांव के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्तौल और कुल 50 कारतूस बरामद किए गए हैं।

    पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इन हथियारों का इस्तेमाल झज्जर जिले के बेरी नगर पालिका चेयरमैन बिल्लू की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर की रात एसटीएफ की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में इमलोटा बस अड्डे पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, जो विदेश में बैठकर अपनी गैंग के लिए हत्या व फिरौती जैसी वारदातें करवाता है।

    झज्जर का रहने वाला है नीरज
    उसने अपने साथियों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इमलोटा से मोरवाला जाने वाली सड़क पर रेड की। इस दौरान मौके पर तीन युवक एक प्लसर मोटरसाइकिल के साथ खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उनकी पहचान झज्जर जिले के दुबलधन निवासी रोहित उर्फ बासिया, नितिन और झज्जर जिले के ही कोट निवासी नीरज के रूप में हुई। पुलिस ने उक्त युवकों की तलाशी ली तो रोहित उर्फ बासिया के कब्जे से माल्होत्रा संस ईगल लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। इसकी मैगजीन में 10 कारतूस और अलग से एक मैगजीन में 10 कारतूस मिले। नितिन से जिगाना पीएक्स-9 लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। उसकी मैगजीन में 10 कारतूस और जेब से 12 कारतूस मिले। वहीं नीरज से क्यूगिर रोमानिया लिखा पिस्तौल बरामद हुआ, जिसकी मैगजीन में आठ कारतूस मिले। तीनों आरोपित हथियारों के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सके। पुलिस ने हथियारों सहित उन्हें काबू कर आगामी कार्रवाई शुरू की है।

    मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया
    पुलिस ने रोहित के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस मोबाइल में स्नैपचैट एप पर एक आइडी से बातचीत होना पाया गया। इस संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर हिमांशु उर्फ भाऊ के गैंग से जुड़े होने और उसके कहने पर हथियार अपने पास रखने की बात कही है। वहीं, ये भी सामने आया है कि हथियार बेरी में बिल्लू चेयरमैन की हत्या के लिए भेजे गए थे।

  • झारखंड में राजस्व लक्ष्य से पिछड़ा विभाग, सितंबर तक 1564 करोड़ कम हुआ कुल संग्रह

    झारखंड में राजस्व लक्ष्य से पिछड़ा विभाग, सितंबर तक 1564 करोड़ कम हुआ कुल संग्रह

    रांची
     वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद वाणिज्य कर विभाग के माथे पर बल पड़ने लगा है। आंकड़ों को देखें तो राजस्व में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह महीने बीतने के बाद सितंबर महीने तक कुल राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है।

    सूचना के अनुसार यह गिरावट लगभग 14 प्रतिशत की है। दूसरी ओर, गैर-जीएसटी मदों में सुधार देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह की गति काफी धीमी रही है। खासकर जीएसटी कलेक्शन में आई गिरावट चिंता का विषय है।

    पिछले वर्ष की तुलना में 1564 करोड़ कम राजस्व संग्रह
    वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट देखें तो सितंबर 2026 तक कुल संग्रह (जीएसटी एवं गैर जीएसटी) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (11,279.18 करोड़ रुपये) की तुलना में 13.86% कम है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो राजस्व संग्रह में 1564 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है।

    राज्य में कुल जीएसटी संग्रह (सेटलमेंट को मिलाते हुए) में भारी गिरावट देखी गई है। सितंबर 2026 तक यह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 7,405.22 करोड़ रुपये से 22.54% कम है। विशेष रूप से आइजीएसटी सेटलमेंट में 56.98% की भारी गिरावट आई है।

    गैर-जीएसटी में मामूली वृद्धि
    गैर-जीएसटी राजस्व में 2.71% की मामूली वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 3,873.96 करोड़ से बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से वैट संग्रह (13.30% की वृद्धि) के कारण हुई है।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। छह महीने बीतने के बाद सितंबर तक कुल लक्ष्य का केवल 40.48% ही प्राप्त हो पाया है। जीएसटी लक्ष्य (14,563.74 करोड़) का 39.39% और गैर-जीएसटी लक्ष्य (9,436.26 करोड़) का 42.17% हासिल हुआ है।

  • राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग का भावुक बयान, कहा- ‘अब थोड़ा आराम चाहिए’

    राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग का भावुक बयान, कहा- ‘अब थोड़ा आराम चाहिए’

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से हुई मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    मुलाकात के बाद बाहर निकले वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राहुल ने उनसे पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली।वड़िंग के मुताबिक उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों से किस तरह लड़ना है और पार्टी की ताकत कहां है, इस पर राहुल के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

    मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया
    वड़िंग ने यह भी साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे।

    कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता
    वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। गौरतलब है कि वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उधर अब उम्मीद जताई जा रहे के शुक्रवार शाम तक पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की घोषणा कर दी जाएगी माना जा रहा है इस रेस में संगरूर से पूर्व सांसद रहे विजय इंद्र सिंगला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। लेकिन कई दूसरे उम्मीदवार भी इस रेस में हैं।

  • लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना
     लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए।

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था।

    दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा।

    महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं।

    महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है।

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी।

    सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी।

    मदद के बहाने घर आने-जाने लगा

    क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए।

    विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी

    महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है।

    28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की।

    1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को

    मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई की शुरू
    महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

     

  • पेट्रोल पंप बने नकली नोट खपाने का आसान जरिया, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में लगातार सामने आ रहे मामले

    पेट्रोल पंप बने नकली नोट खपाने का आसान जरिया, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में लगातार सामने आ रहे मामले

    बांसवाड़ा
     गुजरात और मध्यप्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर के कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होने के साथ ही अपराध की डगर को भी आसान बना रही है। शराब और पशुओं के अवैध परिवहन के बाद अब वागड़ के इन दोनों जिलों के तार नकली करेंसी से भी सीधे जुड़ रहे हैं। गत वर्षों में सामने आए जाली नोटों के मामलों को जोड़कर देखें तो बांसवाड़ा-डूंगरपुर में नकली करेंसी का खेल यहां रच-बस गया है। हर साल वागड़ के किसी न किसी कस्बे में युवा नकली करेंसी को खपाने की जुगत में पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस के हत्थे अब तक मास्टरमाइंड नहीं आ पाए हैं।

    पेट्रोल पंप : आसान निशाना
    नकली नोट खपाने के लिए पेट्रोल-डीजल पंप बदमाशों के लिए आसान जरिया बन रहे हैं। भीड़भाड़ और लगातार होने वाले नकदी लेनदेन के बीच हर नोट की बारीकी से जांच नहीं हो पाती। यही नकली नोट आगे बाजार और बैंक के कैश काउंटर तक पहुंच जाते हैं।

    2026 : डूंगरपुर में 4.95 लाख के नकली नोट
    सितंबर 2026 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र में दो आरोपियों से 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के 991 नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने प्रिंटर, कागज, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल, कार और स्कूटी भी जब्त की। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए नोट बनाना सीखने की बात सामने आई।

    2025 : आनंदपुरी में अंतरराज्यीय गिरोह
    आनंदपुरी पुलिस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात तक जुड़े जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित 17 से अधिक आरोपियों को पकड़ा। 500, 200 और 100 रुपए के नोट बनाने के उपकरण मिले। दाहोद से लाकर बाजार में खपाने की बात सामने आई।

    2024 : कुशलगढ़ में दो करोड़ के बदले नकली नोट
    मार्च 2024 में लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों से करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए।

    2023 : सागवाड़ा के युवकों का अजमेर कनेक्शन
    अक्टूबर 2023 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अजमेर में चल रहे नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसमें सागवाड़ा के दो युवकों का कनेक्शन सामने आया। दोनों करीब छह लाख रुपए की नकली करेंसी लेकर दिल्ली पहुंचे थे।

    2022 : सरकारी क्वार्टर में छप रहे थे नोट
    अगस्त 2022 में बांसवाड़ा शहर की विद्युत निगम कॉलोनी में पुलिस ने कार्रवाई कर सरकारी विभाग के लेखाकार सहित तीन लोगों को पकड़ा। मौके से 79 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए।

    दो राज्यों से सीधा जुड़ाव, निगरानी बड़ी चुनौती
    गुजरात बॉर्डर : डूंगरपुर से महज 35 और बांसवाड़ा से 142 किमी

    एमपी बॉर्डर : बांसवाड़ा से 128 और डूंगरपुर से 228 किमी

    ये 3 प्रमुख कारण

    1. गुजरात-एमपी का जुड़ाव :

    राष्ट्रीय राजमार्ग और लगातार परिवहन की सुविधा के चलते बाहरी क्षेत्रों से यहां पहुंचना आसान है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नोट की कागज की मोटाई, छपाई और सुरक्षा चिह्नों पर ध्यान नहीं देते। इसका फायदा उठाकर नकली नोट आसानी से चल जाते हैं।

    गिरोह युवाओं को लालच देकर पेडलर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये युवक सार्वजनिक परिवहन के जरिए बड़े शहरों से नकली नोट लाकर स्थानीय बाजार में खपा देते हैं।

    पुलिस लेती है एक्शन
    वागड़ गुजरात और एमपी बॉर्डर के नजदीक है। ऐसे में पुलिस को विशेष ध्यान देना पड़ता है और पुलिस आरोपियों की समय-समय पर धरपकड़ भी कर रही है। पुलिस ने अंदरूनी रास्तों पर भी सघन निरीक्षण दल बनाए हैं। वहीं, इन राज्यों की पुलिस से मिलने वाले इनपुट पर भी एक्शन लेते हैं।

    -सुधीर जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

  • बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंडक के उफान से हजारों लोग बेघर; राहत-बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात

    बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंडक के उफान से हजारों लोग बेघर; राहत-बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात

    पटना
    गंगा और कोसी की बाढ़ से अभी बिहार उबरा भी नहीं था कि गंडक नदी का कहर बरपा है। गंडक की बाढ़ से पूर्वी व पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले के बड़ी संख्या में गांव घिर गए हैं। चार दिनों के भीतर 14 जगहों पर गंडक के तटबंध या बांध टूटने से हालात भयावह है। पटना जिले के दियारा इलाके में भी परेशानी बढ़ गई है। भयावह होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 27 टीमें की प्रतिनियुक्ति की गई है।

    सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में संचालित राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की। बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी, एसएसपी एवं एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने संबंधित डीएम को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया।

    गंडक का पानी इस बार तेज गति से और भारी मात्रा में प्रवाहित हो रहा है। गंडक, कोसी, बागमती, गंगा की बाढ़ से करीब 1200 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों के हजारों लोग घर छोड़़ ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजन, दवाइयां और पशुओं के लिए चारे का है। सारण और गोपालगंज की स्थिति यह है कि प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर बांध पर पहुंचे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ उन्हें खुले आसमान या प्लास्टिक के टेंट में समय गुजारना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने के बाद घरों में रहना मुश्किल हो गया।

    राहत सामग्री के वितरण में कोई कोताही न बरतें :सम्राट
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर का निरीक्षण किया। पैकेजिंग किये जा रहे खाद्य पदार्थों एवं उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्रियों के वितरण में कोताही न बरती जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर खाद्य पदार्थों के साथ ही सभी जरूरत के सामान मुहैया कराए जाएं। पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाला, ओआरएस, माचिस, मोमबत्ती सहित जरूरत की अन्य सामग्रियों को रखा गया है। एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जाएगा।

    बाढ़ की स्थिति गंभीर, तटबंधों पर भी दबाव : विजय चौधरी
    उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक सहित अन्य नदियों के तटबंधों पर दवाब की स्थिति है। चार-पांच जगह बगहा, लालगंज में नया उच्चतर बाढ़ स्तर बना हुआ है। अब तक के इतिहास में यह सबसे अधिक ऊंचा पानी पहुंचा है। इस कारण तटबंधों पर दबाव है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति के साथ बाढ़ की प्रचंडता बढ़ गई है। तीन-चार दिनों में यूपी और उत्तराखंड में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना के गांधी घाट में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

  • मोगा की SHO सुनीता बावा बर्खास्त, ₹50 हजार रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस का सख्त कदम

    मोगा की SHO सुनीता बावा बर्खास्त, ₹50 हजार रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस का सख्त कदम

    मोगा
     रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता बावा नंबर 33/एफआर को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले की ओर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। इंस्पेक्टर सुनीता बावा को 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

    जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना कोट ईसे खां प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

    विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की। आदेश के अनुसार उन्हें पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है।

    50 हजार रुपये की रिश्वत का है मामला
    बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो के पास रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए सुनीता बावा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

    गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी के खिलाफ रिश्वत के मामले में हुई इस कार्रवाई को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। बर्खास्तगी के आदेश जारी होने के बाद अब मामले की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

     

  • विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग

    विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग

    सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात

    योगी सरकार ने बाग से विदेशी बाजार तक मजबूत की निर्यात श्रृंखला, पांच पैक हाउस बने अहम कड़ी

    विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के आम की मिठास अब देश की सीमाओं से आगे दुनिया के बाजारों तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों की उपज को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में पैक हाउस और निर्यात सुविधाएं विकसित करने के साथ निर्यातकों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि बीते पांच वित्तीय वर्षों में उत्तर प्रदेश से 90,844 क्विंटल से अधिक आम का निर्यात हुआ। यूएई, सऊदी अरब, कतर समेत अन्य खाड़ी देश और नेपाल इसके प्रमुख विदेशी बाजार हैं।

    बाग से विदेशी बाजार तक तैयार हुई निर्यात की मजबूत कड़ी

    योगी सरकार द्वारा विकसित निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर में लखनऊ, सहारनपुर, अमरोहा, गोरखपुर और वाराणसी के पैक हाउस अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां आम की छंटाई, ग्रेडिंग, ट्रीटमेंट और पैकेजिंग के बाद उसे निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। मंडी परिषद के पैक हाउस में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च तापमान पर हॉट वाटर ट्रीटमेंट और वेपर हीट ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है।

    एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के समन्वित प्रयासों से पैक हाउस का समय से प्रमाणीकरण भी कराया गया है। इससे प्रदेश में ही किसानों की उपज को विदेशी बाजारों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

    विदेशी बाजार में चौसा की सबसे ज्यादा मांग

    उत्तर प्रदेश से निर्यात होने वाले आम में चौसा की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत है। बेहतर टिकाऊपन और अपेक्षाकृत लंबी शेल्फ लाइफ इसे लंबी दूरी के विदेशी बाजारों के लिए अनुकूल बनाती है। वहीं दशहरी की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत और रटौल की करीब 15 प्रतिशत है।

    उत्तर प्रदेश स्टेट हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड के सदस्य सतीश कुमार सिंह के अनुसार, मलीहाबाद का दशहरी अपनी मिठास और खुशबू, बागपत का रटौल अपने विशिष्ट स्वाद-सुगंध और बनारसी लंगड़ा अपने खास स्वाद के लिए पहचान रखता है। आम्रपाली और पूर्वांचल के गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    650 फार्म हॉर्टीनेट से जुड़े, यूरोपीय बाजार की राह होगी आसान

    एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के प्रयासों से इस वर्ष करीब 650 आम उत्पादक फार्मों का हॉर्टीनेट पर पंजीकरण कराया गया है। हॉर्टीनेट एपीडा की ट्रेसबिलिटी प्रणाली है, जिसके माध्यम से निर्यात होने वाले आम को उत्पादक फार्म से पैक हाउस और निर्यात तक ट्रैक किया जा सकता है। इससे गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात मानकों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी तथा विशेष रूप से यूरोप जैसे कड़े मानकों वाले बाजारों में यूपी के आम की पहुंच बढ़ाने की राह आसान होगी।

    15 लाख मैंगो कवर से गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा

    उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने इस वर्ष पहली बार फल उत्पादकों को 15 लाख मैंगो कवर उपलब्ध कराए हैं। इन विशेष कवर से आम को कीटों, दाग-धब्बों और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव से बचाने में मदद मिलती है। इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाला फल तैयार करने में सहूलियत मिल रही है और निर्यात योग्य उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

    हवाई भाड़े से मार्केटिंग तक निर्यातकों को प्रोत्साहन

    उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत हवाई, समुद्री और सड़क मार्ग से निर्यात पर कुल भाड़े का 25 प्रतिशत निर्यातक को दिए जाने का प्रावधान है। एक निर्यातक को सालाना अधिकतम 20 लाख रुपये तक लाभ मिल सकता है। ट्रेड फेयर, बायर-सेलर मीट, डिजिटल मार्केटिंग और निर्यात सर्टिफिकेशन जैसी अनुमन्य गतिविधियों पर 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है।

    निर्यात के नए मार्ग भी तलाशे जा रहे हैं। जुलाई में अमरोहा से 12.5 मीट्रिक टन दशहरी और लंगड़ा आम की व्यावसायिक खेप रीफर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से दुबई भेजी गई।

    पांच साल में 90,844 क्विंटल आम का निर्यात

    डीजीसीआईएस के आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 से 2025-26 के बीच उत्तर प्रदेश से कुल 9,084.41 मीट्रिक टन यानी 90,844 क्विंटल आम का निर्यात हुआ। इसमें 2021-22 में 4,122.79 मीट्रिक टन, 2022-23 में 527.59 मीट्रिक टन, 2023-24 में 567.62 मीट्रिक टन, 2024-25 में 396.64 मीट्रिक टन और 2025-26 में 3,469.77 मीट्रिक टन आम विदेश भेजा गया।

    मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को बेहतर और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए पैक हाउस एवं निर्यात सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चौसा, दशहरी, रटौल और लंगड़ा के साथ आम्रपाली और गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर है, ताकि वैश्विक बाजार में यूपी के आम की पहचान और मजबूत हो तथा किसानों के लिए बाजार का दायरा लगातार विस्तृत हो।

  • शिक्षक भर्ती विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 32 हजार अभ्यर्थियों की उम्मीद टूटी

    शिक्षक भर्ती विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 32 हजार अभ्यर्थियों की उम्मीद टूटी

     प्रयागराज
     उत्तर प्रदेश की परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में चले आ रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमेशा के लिए बंद कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ ने उन सैकड़ों अवमानना याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जो वर्ष 2014-15 के अंतरिम आदेशों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वर्ष 2024 से 2026 के बीच दायर की गई थीं। इसी के साथ इस भर्ती में रिक्त 6170 पदों पर नियुक्ति की लड़ाई लड़ रहे 32 हजार से अधिक बेरोजगारों की उम्मीदें भी समाप्त हो गई हैं।

    शीर्ष कोर्ट में सिविल अपील संख्या 4347 से 4375 तक साल 2014 में दायर हुई थीं। तब अंतरिम आदेशों के जरिए राज्य सरकार को प्रशिक्षु शिक्षकों के पद भरने के निर्देश दिए गए थे। बाद में इनमें संशोधन भी हुआ। जिन अभ्यर्थियों के नाम टीईटी में गड़बड़ी से जुड़े नहीं थे और जिन्होंने तय प्रतिशत अंक हासिल किए थे, उन्हें नियुक्ति दी गई। जुलाई 2017 में जब अंतिम फैसला आया तो अदालत ने साफ कर दिया कि अंतरिम आदेशों के तहत हुई 66,655 नियुक्तियों में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

    खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अंतिम आदेश के बाद अंतरिम आदेशों की अवमानना का सवाल ही नहीं उठता। ये याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं, इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। साथ ही सभी लंबित अंतरिम अर्जियां भी निपटा दी गईं। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में एक बार फिर अदालत ने रेखा खींच दी। जो आदेश पूरे हो चुके थे, उनके नाम पर नई लड़ाई की कोशिश अब रुक गई है।

    ओएमआर शीट गलत भरने वालों को राहत नहीं
    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओएमआर शीट भरने में परीक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने वाली अभ्यर्थी को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ओएमआर शीट भरने के संबंध में जारी निर्देश अनिवार्य और बाध्यकारी हैं। निर्धारित तरीके से जानकारी नहीं भरने पर बाद में हाथ से ओएमआर शीट का मूल्यांकन कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि अभ्यर्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे परीक्षा के निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

  • बठिंडा में सड़क निर्माण को रफ्तार, F&CC बैठक में 14 विकास प्रस्तावों पर लगी मुहर

    बठिंडा में सड़क निर्माण को रफ्तार, F&CC बैठक में 14 विकास प्रस्तावों पर लगी मुहर

    बठिंडा

    बठिंडा नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की बैठक मेयर पदमजीत सिंह मेहता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। इसमें शहर के विकास, सड़क निर्माण, पार्कों के रखरखाव और निगम के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कुल 14 एजेंडों पर चर्चा करने के बाद मंजूरी दी गई। 

    शहर के विभिन्न वार्डों में पत्थर की मेटल, प्रीमिक्स कारपेट (पीसी), बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) और सड़क निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर प्रमुखता से चर्चा हुई। इस काम के लिए करीब 32.52 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया, जोकि रॉयल दीप कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 8.89 प्रतिशत कम दर पर करीब 29.62 करोड़ रुपए में हासिल किया।

    बैठक में सड़क निर्माण का काम जल्द आवंटित करने पर जोर दिया गया, ताकि सर्दी का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले प्रीमिक्स से जुड़े काम पूरे किए जा सकें।

    जॉगर पार्क के पास बनेगा मेयर कार्यालय जॉगर पार्क के पास करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से नए मेयर कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए प्राप्त तीन टेंडरों में श्री दुर्गा बिल्डर्स ने 7.86 प्रतिशत कम दर पर करीब 1.49 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। बैठक में शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में पार्कों की मरम्मत और सिविल वर्क्स से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए। जोन-1 में पुराने थाने के पीछे स्थित पार्क में 8 लाख रुपए के काम के लिए पनाव कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 13.13 प्रतिशत कम दर यानी करीब 6.94 लाख रुपए में काम करने की पेशकश की।

    पार्कों के रखरखाव पर भी प्रस्ताव जोन-2 के वार्ड 19 स्थित पार्क नंबर 15 में 21.62 लाख रुपए के काम के लिए बीएस इंफ्रा सॉल्यूशंस ने बातचीत के बाद 13.10 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति दी। शक्ति नगर वार्ड-47 के पार्कों की मरम्मत के लिए 12.60 लाख रुपए और मॉडल टाउन फेस-3, वार्ड-9 के पार्कों के रखरखाव से जुड़े टेंडर भी बैठक में रखे गए।

    फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए नई बस्ती में पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 16.87 लाख रुपए के काम पर जीडी गैलेक्सी इंफ्रा ने 16.30 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति जताई। जोन-3, 4 और 5 में विभिन्न सिविल रिपेयरिंग कार्यों के प्रस्ताव भी कम दर वाली फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए।

    सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन नगर निगम के आंतरिक ऑडिट, वार्षिक बैलेंस शीट, टीडीएस, जीएसटी रिटर्न और सिटी फाइनेंस मॉड्यूल से जुड़े कार्यों के लिए सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके लिए मोहन एंड मोहन की टेक्निकल बिड प्राप्त होने की जानकारी दी गई। कमेटी की मंजूरी के बाद संबंधित विकास कार्यों के लिए टेंडर आवंटन और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।