Category: राज्य

  • दिल्ली में 15 दिन में 800 बच्चे गायब, आसमान या जमीन ने उन्हें निगला? वसीम और ऋतिक के घर मातम

    दिल्ली में 15 दिन में 800 बच्चे गायब, आसमान या जमीन ने उन्हें निगला? वसीम और ऋतिक के घर मातम

    नई दिल्ली

    आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि उन बिलखती मांओं की चीख है जिनकी आंखें दरवाजे पर पथरा गई हैं. पुलिस की फाइलें लेटर लिखने में हफ्ता गुजार देती हैं और इधर मेट्रो की फुटेज से लेकर मासूमों के सुराग तक सब कुछ हमेशा के लिए मिट जाता है. क्या दिल्ली अब अपने ही बच्चों के लिए एक डरावना भूलभुलैया बन चुकी है?

    देश की राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया है. आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है.  दिल्ली के बुराड़ी पहुंची, तो वहां दो परिवारों का दर्द सामने आया, जिनके बेटे दिसंबर महीने से लापता हैं.

    केस स्टडी 1: वसीम रजा का संगीत का सपना और अधूरी तलाश
    बिहार के किशनगंज से आकर बुराड़ी के मौर्य एनक्लेव में रहने वाले तेमुल हक और रूबी का 19 वर्षीय बेटा वसीम रजा 28 दिसंबर की सुबह से गायब है.
    • विवाद की जड़: वसीम को सिंगिंग का जुनून था लेकिन परिवार चाहता था कि वह AC रिपेयरिंग का काम सीखे.
    • गायब होने का घटनाक्रम: 27 दिसंबर की रात वसीम घर पर ही सोया था. सुबह 9 बजे वह घर में नहीं था और अपना हारमोनियम साथ ले गया था.
    • पुलिस पर सवाल: वसीम के पिता का कहना है कि पुलिस ने गली या उसके बाहर की CCTV फुटेज तक नहीं निकाली.
    • मां का दर्द: “जिसका बच्चा जाता है, उसके दिल पर क्या गुजरती है. वोट मांगने आते हैं तो सब छान मार देते हैं, लेकिन बच्चे के वक्त सुनवाई नहीं होती.”

    केस स्टडी 2: ऋतिक झा और सिस्टम की लेटलतीफी
    बुराड़ी के संत नगर का 16 वर्षीय ऋतिक झा JEE मेंस की तैयारी कर रहा था. 17 दिसंबर को मां की डांट के बाद वह घर से निकला और फिर कभी नहीं लौटा.

    • खोया हुआ मौका: ऋतिक की आखिरी लोकेशन नेताजी सुभाष पैलेस (NSP) मेट्रो स्टेशन पर मिली थी.
    • फुटेज का संकट: पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में 7 दिन लग गए. तब तक मेट्रो की पुरानी फुटेज डिलीट हो चुकी थी.
    • मां का डर: ऋतिक की मां बेबी झा को डर है कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है.

    आंकड़ों का आईना: दिल्ली में गायब होती सुरक्षा
    वसीम के पिता तेमुल हक का सवाल जायज है कि अगर 15 दिनों में 800 लोग गायब होंगे, तो दिल्ली खाली हो जाएगी.
    लापता व्यक्ति    उम्र       क्षेत्र                           लापता होने की तिथि
    वसीम रजा       19 साल    मौर्य एनक्लेव, बुराड़ी    28 दिसंबर
    ऋतिक झा       16 साल    संत नगर, बुराड़ी          17 दिसंबर

    सिस्टम की सुस्ती और परिवारों का इंतजार
    इन दोनों ही मामलों में परिवारों का सीधा आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है. कहीं CCTV फुटेज नहीं खंगाली गई तो कहीं लेटर लिखने की कागजी कार्रवाई में अहम सबूत (मेट्रो फुटेज) मिट गए. दिल्ली जैसे महानगर में जहां चप्पे-चप्पे पर कैमरे होने का दावा किया जाता है, वहां बच्चों का इस तरह गायब हो जाना और हफ्तों तक कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है.

    सवाल-जवाब
    दिल्ली में हाल के दिनों में लापता होने वाले लोगों के आंकड़े क्या कहते हैं?
    न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिसने आम नागरिकों को हैरत में डाल दिया है.

    बुराड़ी से लापता वसीम रजा के मामले में पुलिस पर क्या आरोप हैं?
    वसीम के पिता तेमुल हक का आरोप है कि पुलिस उनके इलाके में घूमती तो है, लेकिन वसीम के लापता होने के बाद न तो उनकी गली की और न ही बाहर की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई.

    ऋतिक झा के मामले में सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं मिल पाई?
    ऋतिक की मां बेबी झा के अनुसार, पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में ही 7 दिन लग गए. इस लेटलतीफी के कारण मेट्रो का पुराना फुटेज डेटा डिलीट हो गया और ऋतिक का आगे का सुराग नहीं मिल सका.

    लापता बच्चों के माता-पिता की मुख्य चिंता और डर क्या है?
    वसीम की मां को डर है कि इतने दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. वहीं, ऋतिक की मां को अंदेशा है कि उनके बेटे का किडनैप (अपहरण) कर लिया गया है.

    बुराड़ी के जनप्रतिनिधियों से इन परिवारों को क्या आश्वासन मिला है?
    वसीम के पिता ने बताया कि वे बुराड़ी विधायक के दफ्तर में ‘जनता दरबार’ गए थे. वहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक-दो दिन में इस बारे में एसडीएम (SDM) या पुलिस कमिश्नर से बात की जाएगी.

  • विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया

    विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया

    विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया

    जयपुर में शैलेष लोढ़ा सम्मानित
    जयपुर

    विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया। उन्हें यह उपाधि हिंदी साहित्य, परफॉर्मिंग आर्ट्स और कल्चरल टॉक में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान की गई। गौरतलब है कि अपनी कविता, थिएटर और पॉपुलर मीडिया में मौजूदगी के जरिए उन्होंने साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

  • 25 वार्ड सदस्य चुनेंगे जिला परिषद प्रमुख, खैरथल-तिजारा में 180 बनेंगे सरंपच

    25 वार्ड सदस्य चुनेंगे जिला परिषद प्रमुख, खैरथल-तिजारा में 180 बनेंगे सरंपच

    खैरथल.

    नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में जिला परिषद के वार्डों का गठन पूर्ण हो जाने के साथ ही जिले के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक ढांचे को स्पष्ट आकार मिल गया है। अलवर जिले से पृथक होकर बने इस नए जिले में पहली बार अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा, जो जिले के विकास की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

    जिला कलक्टर खैरथल-तिजारा की ओर से वार्ड निर्धारण के बाद प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करते हुए जिला परिषद वार्डों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसके तहत खैरथल-तिजारा जिले में कुल 25 जिला परिषद वार्ड गठित किए गए हैं। इन वार्डों से निर्वाचित जिला परिषद सदस्य आपसी मतदान के जरिए जिले के पहले जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे। अलग जिला परिषद के गठन से अब ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और विकास आवश्यकताओं पर स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे।
    प्रशासनिक विकेंद्रीकरण के चलते सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद है।

    पहली बार चुना जाएगा जिला प्रमुख
    खैरथल-तिजारा जिले के गठन के बाद यह ऐतिहासिक अवसर होगा, जब जिले का अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा। इससे न केवल प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी से विकास योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जिले के औद्योगिक क्षेत्रों टपूकड़ा, भिवाड़ी बेल्ट से जुड़े क्षेत्रों को भी जिला परिषद के सशक्त होने से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

    पांच उपखंडों पर आधारित प्रशासनिक ढांचा
    नवगठित जिले में प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पांच उपखंड बनाए गए हैं, जिनमें किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर और कोटकासिम शामिल हैं।

    जिले में 7 तहसील
    खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर, हरसौली और कोटकासिम कार्यरत होंगी। यह ढांचा प्रशासनिक पहुंच को गांव-गांव तक सुदृढ़ करेगा।

    फैक्ट फाइल:-
    5 उपखंड
    7 तहसीलें
    6 पंचायत समितियां
    180 ग्राम पंचायतें
    25 जिला परिषद वार्ड

  • किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी, हरियाणा में 24 घंटे छाया रहेगा घना कोहरा

    किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी, हरियाणा में 24 घंटे छाया रहेगा घना कोहरा

    हिसार.

    प्रदेश के अधिकांश जिलों में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। पानीपत, भिवानी, करनाल, हिसार, चरखी दादरी और कैथल सहित कई जिलों में दृश्यता शून्य से बेहद कम रही, जिससे हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।
    कई स्थानों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि राज्य में वर्षा की कोई संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। 10 फरवरी के बाद भी धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक ठंड बनी रहेगी, लेकिन 10 फरवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।

    अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। बुधवार को हरियाणा का औसत तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। किसानों के लिए सलाह-हल्की सिंचाई करें चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने कोहरे और ठंड को देखते हुए सरसों में सफेद रतुआ व अल्टरनेरिया रोग पर निगरानी की सलाह दी है। गेहूं व जौ की फसलों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें और पाले से बचाव के उपाय अपनाएं।

  • सिर्फ 30 मीटर हुई विजिविलिटी, पंजाब में कोहरा बना छात्रों की मुश्किल

    सिर्फ 30 मीटर हुई विजिविलिटी, पंजाब में कोहरा बना छात्रों की मुश्किल

    जालंधर.

    महानगर के बाहरी क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिविलिटी महज 30 मीटर तक थी। इस स्थिति ने वाहन चालकों, विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और उनके बस चालकों के लिए कठिनाइयां उत्पन्न कीं। वाहन चालक लाइटें जलाकर और एक-दूसरे के पीछे सावधानी से चलते नजर आए।

    हालांकि, सुबह और शाम के समय सर्दी बनी रही, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अनुभव होने लगा। अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने वीरवार को भी इसी प्रकार के मौसम की संभावना जताई है, जिसमें सुबह हल्की धुंध और दिन में तेज धूप की उम्मीद है। दूसरी तरफ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) की बात करें तो मंगलवार रात 10 बजे के बाद से यह 100 से बढ़कर बुधवार सुबह एक बजे तक 219 तक पहुंच गया। वहीं शाम के समय एक्यूआइ तीन रिकार्ड किया गया।

  • अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी, क्या है मामला?

    अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी, क्या है मामला?

    फरीदकोट 

    दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया. इस संबंध में एक अधिकारी की ओर से जानकारी दी गई है. अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर जांच एजेंसी ईडी ने नवंबर 2025 में छापा मारा था. लाल किला विस्फोट मामले के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई थी.

    धोखाधड़ी के मामले में हुई गिरफ्तारी

    दिल्ली में विस्फोट के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शिकायत पर दर्ज दो प्राथमिकी के आधार पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कार्यवाही शुरू करने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है. लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद क्राइम ब्रांच ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कामकाज से संबंधित कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी के संबंध में मामले दर्ज किए थे.

    दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. इसके बाद यहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

    ED भी कर चुकी है जांच

    इससे पहले ED भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की जांच कर चुकी है. ED को शक है कि शैक्षणिक अनियमितताओं के जरिए आर्थिक लेन-देन में भी गड़बड़ी हुई है. इसी कड़ी में दस्तावेजों की जांच और पूछताछ पहले ही हो चुकी थी.
    4 दिन की पुलिस कस्टडी

    दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की है. पुलिस इस दौरान आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और फर्जीवाड़े की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी.

    पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं. अल-फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों और अभिभावकों से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके.

  • UP IPS Transfer: यूपी में 24 IPS अफसरों का तबादला, गोरखपुर समेत 11 जिलों में SSP-SP हुए बदल

    UP IPS Transfer: यूपी में 24 IPS अफसरों का तबादला, गोरखपुर समेत 11 जिलों में SSP-SP हुए बदल

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिसके तहत प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DG, ADG, IG, DIG समेत 11 जिलों के SP/SSP का ट्रांसफ़र किया गया है. संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को गौतमबुद्ध नगर का अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया है.  

    यूपी के जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर, मेरठ के एसएसपी बदले गए वहीं अमेठी, पीलीभीत, रायबरेली, मिर्जापुर, बस्ती, खीरी के एसपी बदले गए. साल 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय डीजी फायर बनाये गए. तो वहीं 2001 बैच के आईपीएस प्रवीण कुमार एडीजी जोन लखनऊ बनाये गए हैं. सोमेन वर्मा को अयोध्या की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें डीआईजी रेंज बनाया गया है. 
    जानें- किसे कहां मिली तैनाती

    पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है. जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन बनाकर भेजा गया है. के एस इमानुएल को पुलिस महानिरीक्षक ईओडब्ल्यू से डीजीपी के जीएसओ की जिम्मेदारी दी गई है. आईपीएस विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है. 

    आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है, राजकरण नैय्यर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद बनाया गया है. सोमेन बर्मा को पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से डीआईजी अयोध्या रेंज भेजा गया है. संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. 

    आईपीएस विपिन टाडा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. अभिषेक यादव डीआईजी एटीएस लखनऊ बनाए गए हैं, आशीष तिवारी को वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर से डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज लखनऊ में तबादला किया गया है. प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है. कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है. 

    डॉक्टर ख्याति गर्ग को सेनानायक, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद से एसपी लखीमपुर खीरी भेजा गया है. यशवीर सिंह एसपी बस्ती बनाए गए हैं. चारू निगम एसपी सुल्तानपुर बन गई हैं. अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है. डॉक्टर कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है. 

    अविनाश पांडे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बनाया गया है. अपर्णा रजत कौशिक एसपी मिर्जापुर बन गई हैं. रवि कुमार को एसपी रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है. सुकीर्ति माधव को क्षेत्रीय अभिसूचना आगरा से एसपी पीलीभीत भेजा गया है. आईपीएस सर्वानन टी को एसपी अमेठी की जिम्मेदारी दी गई है और अनुकृति शर्मा को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है.

  • किया जुलूस, जानें आरोप  पुलिस ने स्कूटी से छह किमी पीछा कर सपा नेता को पकड़ा, इलाके में जुलूस, क्या हैं आरोप?

    किया जुलूस, जानें आरोप पुलिस ने स्कूटी से छह किमी पीछा कर सपा नेता को पकड़ा, इलाके में जुलूस, क्या हैं आरोप?

     कानपुर

    कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र में कई आरोपों में घिसे सपा नेता आमिर जैदी को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर फरार होने लगा, लेकिन इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से करीब छह किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ने के बाद सपा नेता का जुलूस भी निकाला। पुलिस के अनुसार एक युवती ने आमिर पर दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में पिता के निधन के बाद आमिर जैदी ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद वह लगातार उसके साथ गलत कार्य करता रहा।

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष सितंबर में जब परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाने लगा। पीड़िता के अनुसार, मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजने शुरू कर दिए। अक्टूबर में युवती की सगाई होने के बाद आरोपी ने उसके मंगेतर, ननद सहित अन्य परिजनों को भी धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंगेतर को कानपुर की गल्लामंडी बुलाकर जान से मारने की धमकी भी दी।

    युवती की शिकायत पर पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आमिर रात में बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर उसे जहांगीराबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
    सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सराहना

    पुलिस के मुताबिक, आमिर जैदी पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने, मारपीट, जुआ सहित अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। विधायक सरोज कुरील ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी अपराधमुक्त समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • चोली-भौजी जैसे गाने होंगे बंद, बिहार में सम्राट चौधरी का आदेश, FIR दर्ज होगी

    चोली-भौजी जैसे गाने होंगे बंद, बिहार में सम्राट चौधरी का आदेश, FIR दर्ज होगी

    पटना 

    बिहार में अश्लील गाना बजाने पर अब कार्रवाई होगी. अगर कोई इसे हल्के में लिया तो ऐक्शन तय है. सार्वजनिक जगहों पर दोहरे अर्थ वाले अश्लील गाना बजाने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है. यह आदेश बिहार के डिप्टी सीएम सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने दिया है. उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. 
    आदेश का पालन नहीं किया तो जाना पड़ेगा जेल

    डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी है कि बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा या सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली या अन्य भाषाओं के गाने बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में अब साफ हो गया है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वालों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.
    समाज और बच्चों पर पड़ता है बुरा प्रभाव

    इस विषय पर सम्राट चौधरी का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर बजने वाले अश्लील गानों से समाज व बच्चों को बुरा प्रभाव पड़ता है. इन अश्लील गाने से न केवल महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में फूहड़ता को भी बढ़ावा मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों पर इन गानों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनके मानसिकता पर गलत असर पड़ रहा है. इसके अलावा महिला के सुरक्षा के लिए भी अश्लील गानों पर लोग लगाना अनिवार्य हो गया है.
    सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश

    सम्राट चौधरी ने अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ  पुलिस को सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

    बता दें कि बिहार में खास कर भोजपुरी भाषा में दो अर्थ वाले गाने सुनने को मिल जाते हैं. लिखने वाले चोली-भौजी जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर गाना लिख देते हैं और पटना में कुकुरमुत्ते की तरह खुले स्टूडियो में इसकी रिकॉर्डिंग हो जाती है. ऐसे में अगर लोग इस तरह के गानों को सुनना बंद कर दें तो इस पर रोक लग सकती है. अब देखना होगा कि नए आदेश का बिहार में कितना असर होता है.

  • मजदूरी विवाद में बढ़ा तनाव, बिहार में 200 ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज

    मजदूरी विवाद में बढ़ा तनाव, बिहार में 200 ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज

    दरभंगा 

    दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में मजदूरी भुगतान के विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है. इसी विवाद के बाद गांव के ब्राह्मण समुदाय के 200 से अधिक लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है जिसमें नामजद अभियुक्त बनाए गए हैं. मामले में अब तक 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    गांव के ही एक दलित परिवार ने आरोप लगाया कि घर के निर्माण कार्य के लिए की गई मजदूरी की लगभग ₹2.5 लाख की राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसको लेकर गांव में 30 जनवरी को पंचायत भी हुई थी लेकिन मामला नहीं सुलझा. इसी बात को लेकर 31 जनवरी दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और फिर मारपीट की घटना सामने आई.

    गौरतलब है, 30 जनवरी को ही ब्राह्मणों के तरफ से पुलिस में शिकायत भी की गई थी लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. SC ST समुदाय के लोगों ने शिकायत में जातीय गालियों और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.

    जो गांव में नहीं रहते उन पर भी FIR 

    पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत में 70 लोगों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराए, जबकि 140 से अधिक “अज्ञात” का उल्लेख किया. इस आधार पर पुलिस ने गांव के बड़े हिस्से खासकर ब्राह्मण समुदाय को FIR में शामिल कर लिया. चौंकाने वाली बात यह है कि कई ऐसे नाम भी FIR में हैं जो वर्षों से गांव में रहते ही नहीं हैं, जिसके बाद मामला और विवादित हो गया है.

    अब तक 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति न बने. पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और 'साक्ष्य के आधार पर ही आगे गिरफ्तारी होगी.'

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
    गांव के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक आर्थिक विवाद था, लेकिन इसे जातीय रंग देकर पूरे समुदाय पर मुकदमा कर दिया गया. कई लोगों ने FIR में शामिल किए गए नामों पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि “बिना जांच के सामूहिक रूप से नाम जोड़ दिए गए.” 

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “मामला गंभीर है. SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत की जांच की जा रही है. किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.”दरभंगा पुलिस लगातार दोनों पक्षों से बयान ले रही है और घटना से जुड़े वीडियो व अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है. प्रशासन स्थिति शांत बनाए रखने के लिए गांव में राउंड लगाता रहा.