Category: राज्य

  • ‘दशकों तक पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा’, CM मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर साधा निशाना

    ‘दशकों तक पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा’, CM मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर साधा निशाना

    मानसा.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिअद और कांग्रेस ने अपने दशकों के शासन के दौरान जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। इन पार्टियों को लोगों की तरक्की की नहीं, बल्कि अपने बेटा-बेटी व रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी।

    सरदूलगढ़ के गांव साहनेवाली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) का नींवपत्थर रखने के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान हर वर्ष 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगा। मान ने कहा कि भाजपा दलबदलुओं पर निर्भर है।

    अकाली दल और कांग्रेस पुराने इंजन
    वह अन्य पार्टियों के नेताओं की मदद से पंजाब में चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन यह सपना ही रह जाएगा। सीएम ने कहा, आप सरकार पंजाब के विकास के लिए अरविंद केजरीवाल के नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।

  • संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम

    संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम

    सिंगापुर के साथ यूपी की बड़ी रणनीतिक साझेदारी, इन्वेस्ट यूपी व एससीई के बीच एमओयू

    सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार

    संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम

    सिंगापुर/लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी और सिंगापुर सरकार के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता उत्तर प्रदेश में संस्थागत क्षमता व नीतिगत ढांचे को सुदृढ़ बनाने और इकोसिस्टम के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।

    सतत विकास और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा पर फोकस
    एमओयू के तहत दोनों पक्ष विषयगत ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और परामर्श सेवाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में सतत आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आधुनिक अवसंरचना के विकास को गति देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

    इन क्षेत्रों में होगा सहयोग
    समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष न सिर्फ स्टडी विजिट्स व लीडरशिप डेलिगेशन का आयोजन करेंगे, बल्कि ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों का खाका तैयार कर उसे लागू भी कराएंगे। इससे लोगों की कार्यक्षमता व कौशल, दोनों को बेहतर किया जा सकेगा। इसके अलावा सलाह व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, साथ मिलकर तकनीकी सहयोग की परियोजनाएं तैयार करना और उन्हें लागू करना, सरकारी व निजी क्षेत्र से जुड़े संबंधित लोगों व संस्थाओं का सहयोग हासिल करना भी एमओयू के प्रावधानों में शामिल है। आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट परियोजनाओं के लिए अलग से लिखित समझौते किए जाएंगे, जिनमें कार्यक्षेत्र, समयसीमा और वित्तीय प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे। दो माह के भीतर विस्तृत परियोजना समझौतों पर बातचीत शुरू की जाएगी और छह माह के भीतर उन्हें अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा। 

    वैश्विक अनुभव का मिलेगा लाभ
    इस साझेदारी से उत्तर प्रदेश को सिंगापुर के प्रशासनिक अनुभव, शहरी नियोजन, औद्योगिक क्लस्टर विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुभव का लाभ मिलेगा। इस समझौते को उत्तर प्रदेश की वैश्विक सहभागिता और लॉन्ग टर्म विजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

  • एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

    एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

    सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन 

    जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स

    सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी

    एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

    जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो कैंपस बनेगा और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना होगी, जिससे नॉर्थ इंडिया के सभी एयरपोर्ट्स पर की जाएगी फूड सप्लाई

    सिंगापुर/लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और दूसरा विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर एआई सैट्स 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी। 

    जेवर एयरपोर्ट बनेगा नॉर्थ इंडिया का कार्गो हब
    एमओयू के अनुसार, एआई सैट्स जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कैंपस अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा।

    स्थापित की जाएगी अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन
    एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व
    मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

  • बुलडोजर देख व्यापारियों ने खौफ में खुद चलाए हथौड़े, भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बड़ी स्ट्राइक

    बुलडोजर देख व्यापारियों ने खौफ में खुद चलाए हथौड़े, भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बड़ी स्ट्राइक

    भीलवाड़ा.

    भीलवाड़ा शहर के सबसे पुराने और तंग रास्तों वाले सर्राफा बाजार में सोमवार को नगर निगम का 'पीला पंजा' खौफ की तरह गरजा। करीब सौ साल के इतिहास में यह पहला मौका था, जब इस व्यस्ततम बाजार में बुलडोजर की गर्जना सुनाई दी। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, सालों से अतिक्रमण की मार झेल रहे आमजन ने राहत की सांस ली।

    वहीं, नगर निगम ने बाजार क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र में सालों से दबी नालियों को भी अतिक्रमण एवं पक्के कब्जों से मुक्ति दिलाई। निगम की कार्रवाई से दहशत में आए सर्राफा व अन्य कारोबारी स्वयं दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने में जुट गए। लोग व व्यापारी भी कटर, हथौड़ा, गेती व फावड़ा, संबल लेकर खुद के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही प्रशासन के हटाने गिरे मलबे को समटने में जुट गए। बड़ा मंदिर से लेकर सांगानेरी गेट क्षेत्र के लोग तो अतिक्रमण का दस्ता पहुंचने से पहले ही स्वयं कब्जे हटाने में जुट गए।

    विरोध के बावजूद नहीं थमा 'पीला पंजा'
    क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि सर्राफा बाजार में पहली बार अतिक्रमण हटाने की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई। उन्होंने खुशी भी जाहिर की कि इस कार्रवाई से पुराना भीलवाड़ा के इस सर्राफा बाजार में आवागमन सहज हो सकेगा। दूसरी ओर कई व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन पीला पंजा नहीं रुका। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही।

    पांसल चौराहा क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण
    शहर में पुर रोड के पांसल चौराहा क्षेत्र में नगर निगम के दस्ते ने सड़कें के दोनों तरफ दुकानों के बाहर से होर्डिग्स व बैनर हटाए, दुकानों के टीन शेड भी खोल ले गए। केबिन व फर्नीचरों की भी जब्ती की गई।

    शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा एक्शन
    नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि सर्राफा बाजार की अतिक्रमण़ से सिकुड़ती राह को लेकर कई शिकायतें आमजन की तरफ से आ चुकी थीं। अतिक्रमण हटाने को लेकर क्षेत्र के लोगों को पूर्व में कई बार सूचित किया जा चुका। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर शहर में प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने के अभियान के तहत सोमवार को भी सर्राफा बाजार में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भीमगंज थाना से लेकर सर्राफा बाजार होते हुए पुराना भीलवाड़ा के शहीद चौक क्षेत्र से होते हुए सांगानेरी गेट चौराहा तक क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

    प्रशासन का सराहनीय कदम
    सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी महेश सोनी ने बताया कि सर्राफा बाजार में सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई स्वागत योग्य है। बाजार की सड़कों को कब्जे से मुक्त करने एवं सड़कों को चौड़ा किए जाने की जरूरत भी थी। शहर में नेहरू रोड को चौड़ा किए जाने के दौरान भी सर्राफा बाजार की सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्ययोजना बनी थी।

  • भजनलाल सरकार ने दी आईजी की ज़िम्मेदारी, राजस्थान में ‘लेडी सिंघम’ IPS डॉ. प्रीति चंद्रा रिटर्न्स!

    भजनलाल सरकार ने दी आईजी की ज़िम्मेदारी, राजस्थान में ‘लेडी सिंघम’ IPS डॉ. प्रीति चंद्रा रिटर्न्स!

    जयपुर.

    राजस्थान कैडर की सबसे तेज-तर्रार महिला पुलिस अधिकारियों में शुमार डॉ. प्रीति चंद्रा एक बार फिर एक्शन मोड में लौटने को तैयार हैं। दरअसल, सोमवार देर रात को जारी 21 आईपीएस अफसरों की तबादला सूची में डॉ चंद्रा का नाम भी शामिल है। भजनलाल सरकार ने उन्हें डीआईजी (आर्म्ड बटालियन) से पदोन्नत कर आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) नियुक्त किया है। यह पद पुलिस महकमे में रीढ़ की हड्डी माना जाता है, क्योंकि पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिम्मा सीधे तौर पर इसी पद के इर्द-गिर्द घूमता है।

    क्यों कहा जाता है 'लेडी सिंघम'?

    1. प्रीति चंद्रा का नाम सुनते ही चंबल के बीहड़ों के डकैतों से लेकर मानव तस्करी करने वाले गिरोहों तक के पसीने छूट जाते हैं। उन्हें यह खिताब उनके काम और उनकी दबंग छवि के कारण मिला है।
    2. बीहड़ों में दबिश: करौली में एसपी रहते हुए उन्होंने चंबल के दुर्गम बीहड़ों में घुसकर डकैतों का पीछा किया। उनके डर से हरिया गुर्जर जैसे 10 हजार के इनामी डकैत और कई अन्य खूंखार अपराधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था।
    3. देह व्यापार पर प्रहार: बूंदी में तैनाती के दौरान उन्होंने देह व्यापार के नरक में फंसी दर्जनों नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया और गिरोह के सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजा।

    कौन हैं डॉ. प्रीति चंद्रा? (पारिवारिक पृष्ठभूमि)
    प्रीति चंद्रा राजस्थान के सीकर जिले के कुंदन गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1979 में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी मां कभी स्कूल नहीं गईं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को 'सिंघम' बनाने के लिए समाज के हर दबाव का सामना किया।

    सफर: पत्रकारिता से पुलिस सेवा तक की 10 बड़ी बातें

    1. शिक्षिका से शुरुआत: IPS बनने से पहले प्रीति चंद्रा एक स्कूल शिक्षिका थीं। उन्होंने बीएड और एमफिल की डिग्री हासिल की है।
    2. पत्रकार बनने का सपना: जयपुर में एक लोकल केबल टीवी चैनल में न्यूज़ रीडर भी रहीं। उनका शुरुआती सपना एक पत्रकार बनने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
    3. बिना कोचिंग पहली बार में सफलता: उन्होंने 2008 में बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के, अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा क्रैक की और 255वीं रैंक हासिल की।
    4. बीकानेर की पहली महिला एसपी: प्रीति चंद्रा के नाम बीकानेर की पहली महिला पुलिस अधीक्षक (SP) होने का गौरव दर्ज है।
    5. चंबल के डकैतों का काल: करौली एसपी के रूप में उन्होंने वह कर दिखाया जो कई पुरुष अधिकारी नहीं कर पाए— बीहड़ों के डकैत गिरोहों का सफाया।
    6. मानव तस्करी के खिलाफ जंग: बूंदी और अलवर में उनकी तैनाती के दौरान मानव तस्करी गिरोहों पर की गई कार्रवाई आज भी मिसाल दी जाती है।
    7. भ्रष्टाचार पर लगाम: उन्होंने एसीबी (ACB) कोटा में भी अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्होंने कई भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा।
    8. अधिकारियों की जासूसी का मामला: बीकानेर में तैनाती के दौरान जब एक दरोगा ने उनकी जासूसी करने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे तुरंत पकड़वाकर जेल भिजवाया, जिससे विभाग में उनकी धाक जम गई।
    9. सादगी और सख्त अनुशासन: वे फील्ड में जितनी सख्त हैं, व्यक्तिगत जीवन में उतनी ही सरल और अनुशासित मानी जाती हैं।
    10. मुख्यधारा में वापसी: पिछले कुछ समय से वे तुलनात्मक रूप से शांत पदों (जैसे आर्म्ड बटालियन) पर थीं, लेकिन अब IG लॉ एंड ऑर्डर के रूप में उनकी 'पावरफुल' वापसी हुई है।
  • एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी, खराब मौसम में क्यों उड़ा विमान?

    एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी, खराब मौसम में क्यों उड़ा विमान?

    चतरा.

    झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश होने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर इरफान अंसारी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी पहलुओं की जांच होगी और दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री एयर एंबुलेंस क्रैश में मारे गए लोगों को स्वजनों से मिलने के लिए मंगलवार की सुबह चतरा आए हुए थे।

    स्थानीय सदर अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले मंत्री मृतकों के शवों को देखा और पोस्टमार्टम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर ही उपायुक्त कीर्तिश्री जी एवं पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एयर एंबुलेंस क्रैश की झारखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी घटना है।

    दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई 
    उन्होंने कहा कि मृतकों के स्वजनों के साथ सरकार की पूरी संवेदना है। आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। घटना की सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जो कोई भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद किस परिस्थिति में उड़ान भर गया, यह भी जांच का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि झारखंड में चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर नहीं है। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर विकास विरोधी का आरोप लगाया।

    इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में भारत का उच्च तकनीक वाले अस्पताल बनाने की योजना है, लेकिन विपक्ष कहीं न कहीं से अवरूद्ध पहुंचाते रहता है। मौके पर स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, अपार समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी और भारी संख्या में सहवासी उपस्थित थे।

  • दिल्ली में स्पाइसजेट विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन फेल होने के बावजूद सभी यात्री सुरक्षित

    दिल्ली में स्पाइसजेट विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन फेल होने के बावजूद सभी यात्री सुरक्षित

    नई दिल्ली 
     राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेह जा रही स्पाइसजेट SG 121 की एक उड़ान मंगलवार सुबह टेकऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी आने के कारण वापस दिल्ली लौट आई. विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. इसके बाद उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

    जानकारी के मुताबिक स्पाइसजेट फ्लाइट ने तय समय पर दिल्ली एयरपोर्ट से लेह के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पायलट को विमान के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला. इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया. एहतियातन विमान को वापस दिल्ली लाने का निर्णय लिया. एयरपोर्ट पर तुरंत अलर्ट जारी कर आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया. विमान को सावधानीपूर्वक दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया. एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हुई. ऐसे में किसी तरह की अफरातफरी नहीं मची.

    स्पाइसजेट एयरलाइन के प्रवक्ता ने इस संबंध में कहा कि 24 फरवरी को दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान में तकनीकी समस्या आ गई. इसके बाद उसे वापस दिल्ली लाया गया. विमान ने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से उतार दिया गया. कॉकपिट में आग लगने से संबंधित किसी प्रकार की चेतावनी नहीं मिली थी.

    विमान में 150 यात्री थे सवार
    विमान में करीब 150 यात्री सवार थे. घटना के बाद एयरलाइन ने यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है. कुछ यात्रियों को दूसरी उड़ानों में समायोजित किया गया, जबकि अन्य को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. उड़ानों के दौरान तकनीकी चेतावनी मिलना असामान्य नहीं होता है. ऐसी स्थिति में विमान को एहतियातन वापस लाना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है.

    देश में हवाई यात्रा की बढ़ती संख्या के बीच एयरलाइंस सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. इसी क्रम में इस तकनीकी खराबी की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके.

  • इंडिया साेथबिज की रिपोर्ट ने बढ़ाई रैंकिंग, Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा

    इंडिया साेथबिज की रिपोर्ट ने बढ़ाई रैंकिंग, Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा

    गुड़गांव.

    कभी उपेक्षित शहर रहा गुड़गांव अब भारत के लग्जरी हाउसिंग बूम का केंद्र बन गया है। साल 2025 में इसने लगातार दूसरे वर्ष मुंबई को पछाड़ते हुए 24,120 करोड़ रुपए के अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री दर्ज की है। यह इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि नई संपत्ति और बुनियादी ढांचा किस प्रकार देश के रियल एस्टेट मानचित्र को नया रूप दे रहा है।

    इंडिया साेथबिज इंटरनेशनल रियलिटी और सीआरई मैट्रिक्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुड़गांव के लजरी हाउसिंग सेगमेंट-10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले घरों ने साल 2025 में 24,120 करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं, जो मुंबई के 21,902 करोड़ रुपए के लेनदेन से कई अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा है, जिसने लगभग चार दशक के लग्जरी सेगमेंट पर अपना दबदबा बनाए रखा था।

    गुड़गांव में 1494 आलीशान घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण यह उछाल आया है। कुल लेनदेन मूल्य 2023 में 4004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24119 करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है। बिक्री हुए घरों का औसत आकार लगभग 5 हजार वर्ग फुट रहा जिसमें 4 से 6 हजार वर्ग फुट के घरों का मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि 8 हजार  वर्ग फुट के बड़े घरों का कुल मूल्य में 33 प्रतिशत हिस्सा था।

    इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार ने कहा कि खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने इलाकों तक ही सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए सूक्ष्म बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे ने सबसे अधिक उछाल दर्ज किया है, जहां बड़े पैमाने पर लग्जरी परियोजनाओं के लॉन्च और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लेनदेन मूल्य में 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8347 करोड़ रुपए तक 2079 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड ने लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की वृद्धि और उल्लेखनीय मूल्य वृद्धि के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। औसत कीमत 24,885 से बढ़कर 37,899 प्रति वर्ग फुट की वृद्धि के साथ कीमतों में तेजी आई। इसके विपरीत, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक प्रीमियत कॉरिडोर में सीमित नई आपूर्ति के कारण गतिविधि में कमी देखी गई।

    सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक करण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लग्जरी सेगमेंट में लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के निरंत विश्वास, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्तियों के बढ़ते आधार को दर्शाता है। यह एक परिवक्व मांग प्रोफाइल को भी दर्शाता है। एक ऐसी मांग जो मजबूत बनी हुई है, लेकिन तेजी से विवेकपूर्ण होती जा रही है, जिसमें खरीदार प्रमुख स्थानों, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और ब्रांडेड, सुविधाओं से भरपूर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    तलवार ने कहा कि व्यापक पूंजी निर्माण से इस गति को और बल मिल रहा है। जिसमें 103 भारतीय निगमों ने 2025 में मुख्य बोर्ड आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 19.54 बिलियन डॉलर जुटा, जिससे लग्जरी आवास क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संस्थापकों और उद्यमियों का एक नया समूह तैयार हुआ- भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, खरीदारों का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है, हालांकि उनकी अपेक्षाएं अधिक संतुलित हैं।
    रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव का दबदबा भारत के संपत्ति बाजार में एक व्यापक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है।

    पारंपरिक महानगरों से उभरते शहरी केंद्रों की ओर। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के सेगमेंट में मजबूत मांग इस बात को दर्शाती है कि लोग केवल स्वामित्व से हटकर एक बेहतर जीवन अनुभव की तलाश में है। यह बेहतर जीवन अनुभव गेटेड परियोजनाओं में बने बड़े, सुनियोजित घरों से परिभाषित होता है, जो गोपनीयता, सुरक्षा, जीवन शैली की सुविधाएं, स्वास्थ्य और सुनियोजित सामुदायिक स्थान प्रदान करते हैं। साथ ही मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी युक्त है। यह गति प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और वित्तीय सेवाओं में निरंतर धन सृजन के साथ-साथ उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों के बढ़ते आधार से प्रेरित है।

    ओहरी ने कहा कि लग्जरी खरीदारों का प्रोफाइल युवा हो रहा है और 30 वर्ष की आयु के आसपास के समझदार खरीदार अब सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार एनआरआई मांग भी इन परियोजनाओं के आकर्षण को दर्शाती है, क्योंकि ये वैश्विक जीवनशैली का मानक प्रदान करती है जो विदेशों में उनकी आदतों के अनुरूप है।

  • आबकारी विभाग से सरकार जुटाएगी ₹1780 करोड़ एक्स्ट्रा, पंजाब में न्यू एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी

    आबकारी विभाग से सरकार जुटाएगी ₹1780 करोड़ एक्स्ट्रा, पंजाब में न्यू एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के अनुसार, भारत में बनी विदेशी शराब (आइएसएफएल) और इंपोर्टेड विदेशी शराब (आईएफएल) प्रति बोतल 20 से 30 रुपये महंगी हो जाएगी।

    देसी शराब की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कोटा बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह 8.53 करोड़ प्रूफ लीटर था। बीयर की दुकान की फीस में भी 5000 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है।

    ₹11,020 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
    आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चालू वित्तमंत्री वर्ष में सरकार ने 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जोकि पूरा हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह राजस्व में 1780 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इससे मार्च महीने में सरकारी खजाने में ज़्यादा पैसे आएंगे। अनुमान है कि इस बार एक्साइज से 11,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वित्तमंत्री ने बताया कि नई पालिसी के तहत सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अगले वित्तीय वर्ष में सिंगल माल्ट (एक ही अनाज जौ से बनी शराब) व्हिस्की बनाने की भी इजाजत देगी। सिंगल माल्ट एक प्रीमियम शराब है। सरकार ने बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस फ़ीस बढ़ा दी है। पिछले साल इसे दो लाख रुपये प्रति दुकान से घटाकर 25,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया था। अब इसे 30,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया है।

    शाम 5 बजे तक की इजाजत
    हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ग्रुप की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार भी ग्रुपों की संख्या 207 ही रहेगी। सरकार डिस्टिलरी की डिस्पैच और ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सहमत हो गई है। इसे शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। कुछ दूसरे राज्य रात 10 बजे तक इसकी इजाजत देते हैं।

  • CM सैनी बोले- विपक्ष फैला रहा भ्रम, हरियाणा सदन में एक लाख लोगों की पेंशन कटने पर हंगामा

    CM सैनी बोले- विपक्ष फैला रहा भ्रम, हरियाणा सदन में एक लाख लोगों की पेंशन कटने पर हंगामा

    पंचकूला.

    हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान पिछले डेढ़ साल में काटी गई बुढ़ापा पेंशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री कृष्ण बेदी ने पेंशन से जुड़ी जानकारी सदन को दी। पेंशन के आंकड़ों को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पेंशन कटने की गलत अफवाह फैलाना पाप है। उन्होंने कांग्रेस शासन काल की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बुजुर्गों को 6-6 महीने तक पेंशन के लिए भटकना पड़ता था। लेकिन आज हमारी सरकार में बुजुर्गों को घर बैठे सम्मानपूर्वक पेंशन मिल रही है और मोबाइल पर सीधा मैसेज आता है।

    बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि
    सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बुजुर्गों को पिता समान मानती है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के मुफ्त इलाज की सुविधा को ऐतिहासिक कदम बताया।

    विनेश फोगाट की प्रतिक्रिया
    विनेश फौगाट ने रामराय गांव में नेशनल ओर इंटरनेशनल प्लेयर्स की सुविधा के लिए स्विमिंग पूल नहीं होने का मुद्दा उठाया तो खेल मंत्री से हुई बहस। कांग्रेस विधायक विनेश ने कहा कि प्लेयर्स की समस्याओं को लेकर मंत्री जी को बार-बार कॉल करती हूं लेकिन यह फोन ही नहीं उठाते। खेल मंत्री ने कहा की पॉलिसी के अनुसार वहां स्विमिंग पुल बनाना व्याहारिक नहीं है।