Category: राज्य

  • फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

    फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

     नई दिल्ली

    दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की 'फॉरेनर सेल' ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है. इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है, जो फर्जी मेडिकल वीजा के सहारे भारत में रह रहे थे और यहां से यूरोप जाने की योजना बना रहे थे।

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक अपने भारतीय वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से इलाके में छिपे हुए हैं. सूचना के आधार पर 6 मार्च, 2026 को फॉरेनर सेल की टीम ने पीरागढ़ी चौक के पास स्थित डीडीए पार्क की घेराबंदी की।

    पुलिस की मौजूदगी भांपते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान इनमें से कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र या भारत में रहने के जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

    बुल्गारिया जाने का था इरादा
    पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक भारत का इस्तेमाल एक 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में कर रहे थे. इनका असल मकसद भारत में रहते हुए बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा हासिल करना था. जांच में पता चला कि इनके पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुके थे, जिसके बाद से ये दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे।

    गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान
    पकड़े गए लोगों में फारुक (39), मोहम्मद सोजिब फकीर (29), शोहाग मिया (26), शहाबुद्दीन (36), मोहम्मद शराजुल इस्लाम शाहिदुल (37), गुलाम रब्बानी (29), सजीब मिया (26), मोहम्मद जहिरुल (33), मोहम्मद आलमगीर होसिन (30) और मोहम्मद अब्दुल कुद्दुस (38) शामिल हैं।

    देश निकाला की प्रक्रिया शुरू
    पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी 10 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ FRRO के समन्वय से निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. बाहरी जिला पुलिस का कहना है कि उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान के लिए इस तरह के वेरिफिकेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • LPG की किल्लत के बीच हापुड़ में छापा, मकान से 55 भरे गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप

    LPG की किल्लत के बीच हापुड़ में छापा, मकान से 55 भरे गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप

    हापुड़

    एक तरफ आम लोग रसोई गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, दूसरी तरफ उसी गैस को बड़ी मात्रा में छिपाकर रखने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. हापुड़ में प्रशासन की छापेमारी में एक नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई है जब इलाके में गैस की किल्लत की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

    प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब आम नागरिक गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, उसी दौरान कुछ लोग इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल खेल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से प्रशासन को इलाके में एलपीजी गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. कई लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे और कुछ स्थानों पर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. इसी सिलसिले में प्रशासन ने जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी. इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि एक नेता अब्दुल रेहान के घर पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की।

    छापेमारी में मिला सिलेंडरों का बड़ा जखीरा

    छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर और स्टोर जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए मिले. जांच करने पर पता चला कि वहां कुल 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे. अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर वहां कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन सिलेंडरों का इस्तेमाल कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था या फिर किसी अन्य उद्देश्य से जमा किया गया था. छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है. पूरे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

    लोगों में नाराजगी, उठे सवाल
    इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि गैस एजेंसी पर कई बार जाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. ऐसे में जब किसी व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडर बरामद हुए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर यह सिलेंडर वहां पहुंचे कैसे. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो आम जनता को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

    प्रशासन कर रहा नेटवर्क की जांच
    प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जमाखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. अधिकारियों के अनुसार, गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि जिन सिलेंडरों को बरामद किया गया है, वे किस एजेंसी से जारी किए गए थे और किन-किन नामों पर बुकिंग हुई थी. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन का मानना है कि अगर कहीं और भी इस तरह की जमाखोरी हो रही होगी, तो उसे भी जल्द सामने लाया जाएगा।

    योगी सरकार के सख्त निर्देशों का असर

    राज्य सरकार पहले ही कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कह चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाए. सरकार का कहना है कि आम जनता को किसी भी जरूरी वस्तु की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसी कड़ी में प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

    आगे क्या होगी कार्रवाई
    फिलहाल प्रशासन ने बरामद किए गए सभी 55 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में गैस एजेंसियों या अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है. अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हापुड देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज ने बताया है कि रेहान के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. 7 साल से कम की सजा होने के कारण थाने से जमानत दे दी गई है , जल्द चार्जशीट न्यायालय भेजी जाएगी।

  • Rajasthan Assembly में बड़ा बदलाव: 49 साल बाद बढ़ेगी MLA सीटों की संख्या

    Rajasthan Assembly में बड़ा बदलाव: 49 साल बाद बढ़ेगी MLA सीटों की संख्या

    जयपुर.

    राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले 49 सालों से स्थिर रही विधानसभा सीटों की संख्या में अब भारी इजाफा होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अनुसार, आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद प्रदेश में विधायकों की संख्या 200 से बढ़कर 270 हो सकती है।

    जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पीकर देवनानी ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विधानसभा में 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला हॉल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सदन में केवल 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है।

    70 नई सीटें जुड़ने की संभावना
    जल्द ही देश में जनगणना होने वाली है, जिसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्थान में लगभग 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना है। हमने भविष्य को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, ताकि सदन छोटा न पड़े।
    -वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष

    राजस्थान में सीटों का गणित: 1952 से अब तक
    राजस्थान में आखिरी बार सीटों का विस्तार 1977 में हुआ था। तब से लेकर अब तक जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन सीटों की संख्या 200 पर ही टिकी रही।

    वर्ष    विधानसभा चुनाव    कुल सीटें    क्या हुआ बदलाव?
    1952    पहला चुनाव    160    पहली बार सीटों का निर्धारण
    1957    दूसरा चुनाव    176    16 सीटों की बढ़ोतरी
    1967    विधानसभा चुनाव    184    8 सीटें और बढ़ाई गईं
    1977    विधानसभा चुनाव    200    आखिरी बार संख्या में वृद्धि

    संसद की तर्ज पर बनेगा 'सेंट्रल हॉल'
    विधानसभा परिसर को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है।
    सेंट्रल हॉल: दिल्ली की संसद की तरह यहां भी एक भव्य सेंट्रल हॉल बनेगा।
    सुविधाएं: यहां सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर अनौपचारिक चर्चा कर सकेंगे। साथ ही चाय, नाश्ते और भोजन की विशेष व्यवस्था होगी।

    विधान परिषद हॉल का उपयोग
    विधानसभा परिसर में पहले से ही विधान परिषद के लिए एक ढांचा (स्ट्रक्चर) मौजूद है। सीटों की संख्या बढ़ने पर इस हॉल को मुख्य सदन की तरह विकसित कर उपयोग में लाया जाएगा।

    परिसीमन से कैसे बदलेगा सियासी नक्शा?
    सीटों की संख्या बढ़ने का सीधा असर राजस्थान की राजनीति और भूगोल पर पड़ेगा। 70 नई सीटें बनने से प्रदेश के कई युवा और नए नेताओं के लिए विधानसभा पहुंचने की राह आसान होगी। परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर कई सामान्य सीटें SC/ST के लिए आरक्षित हो सकती हैं, जबकि कुछ वर्तमान आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं। कई बड़े विधानसभा क्षेत्रों को काटकर दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक पकड़ में बदलाव आएगा।

    अगला कदम क्या है?
    परिसीमन की प्रक्रिया परिसीमन आयोग के गठन और जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही शुरू होगी। माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

  • भरतपुर में दुकानों पर रेड मार्किंग से हड़कंप, संभावित कार्रवाई को लेकर व्यापारी परेशान

    भरतपुर में दुकानों पर रेड मार्किंग से हड़कंप, संभावित कार्रवाई को लेकर व्यापारी परेशान

    भरतपुर.

    भरतपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई स्थानों पर फ्लाइओवर तो कहीं सड़क को 6 लेन करने के लिए करोड़ों रुपए मंजूर किए हैं। इससे आने वाले समय में शहर की सूरत तो बदल जाएगी, लेकिन वर्तमान में सरकार के इन प्रोजेक्ट्स से व्यापारियों की नींद उड़ चुकी है।

    सड़क चौड़ाईकरण के नाम पर होने वाले भूमि अधिग्रहण से इनके व्यापार चौपट होते नजर आ रहे हैं। भरतपुर शहर के रेडक्रास सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 120 किया जा रहा है। इसकी लम्बाई करीब 1100 मीटर है। इस दायरे में करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठान टूटेंगे। इसके लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 5.50 करोड़ रुपए की निविदा का वर्क ऑर्डर जारी करते हुए कार्य पूरा होने की अवधि एक वर्ष निर्धारित की है। वहीं अतिक्रमण में आने वाले प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे का निर्धारण नहीं किया है। ऐसे में कई व्यापारियों के तो पूरे प्रतिष्ठान टूट रहे हैं। इससे व्यापारियों की नींद पूरी तरह उड़ने से कोई मानसिक तनाव का शिकार होकर आत्महत्या की दहलीज पर खड़ा है।

    दो घंटे का इंतजार, आयुक्त ने नहीं की मुलाकात
    क्षेत्र का व्यापारी वर्ग बुधवार को जब अपनी समस्याएं सुनाने के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण पहुंचा। प्राधिकरण में करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी आयुक्त ने उनकी समस्याएं सुनना तो दूर मुलाकात करना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में सभी व्यापारी आयुक्त के निजी सहायक को अपना ज्ञापन देकर मायूस ही प्राधिकरण से लौटे। हालांकि शाम को व्यापारियों को आयुक्त की ओर से वापस बुलाया गया। जहां इस मुद्दे को लेकर बात की गई।

    ऐसा होगा सड़क का स्वरूप
    सड़क की चौड़ाई को 80 फीट से 120 फीट किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी। सड़क के बीच में करीब एक मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इस पर सौन्दर्यीकरण की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण होगा।

    दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं
    18.5 फीट की दुकान है और 30 फीट तक निशान लगाए हैं। इस किराना की दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं है। मेरे बच्चों का भी यही रोजगार है। दुकान टूटने से पीढ़ियों तक का रोजगार चौपट होगा।
    – ओमप्रकाश, किराना व्यापारी

    …पूरी दुकान ही टूट जाएगी
    पुश्तों से हलवाई का काम करते आ रहे हैं। दुकान की गहराई 22 फीट है, लेकिन निशान 24 फीट तक लगे हैं। ऐसे में पूरी दुकान ही टूट जाएगी। व्यापारियों के आगे रोजी का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
    – मुकेश, हलवाई

    मुआवजा की कोई चर्चा नहीं
    कई वर्षों से सीमेंट-बजरी का व्यापार कर रहे हैं। अब सड़क चौड़ी होने से 26 फीट दुकान टूटेगी। प्राधिकरण ने निशान लगा दिए हैं, लेकिन मुआवजा की कोई चर्चा नहीं है। अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं करते।
    – धर्मेंद्र, सीमेंट व्यापारी

    आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं
    30 फीट की मेडिकल की दुकान है। इसमें से 29 फीट तक तोड़ने का निशान लगा है। अब दुकान केवल एक फीट की रह जाएगी। ऐसे में क्या व्यापार होगा। आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आता।
    -चन्द्र किशोर सिंगल, मेडिकल व्यापारी

    व्यापारियों ने बनाएंगे सामंजस्य
    यह सड़क विभिन्न मापों में है इसलिए कहीं से कम और कहीं से अधिक हिस्सा अतिक्रमण में शामिल है। व्यापारियों के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता और पटवारी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
    पैमाइश के बाद ही मुआवजा निर्धारित होगा। वहीं आपसी सामंजस्य बनाने के लिए व्यापारियों के साथ बातचीत की जा रही है। हमारा उद्देश्य कम से कम परेशानी के काम पूरा करना है।
    – बहादुर सिंह, एक्सईएन, भरतपुर विकास प्राधिकरण

  • “सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला मंदिर में मत्था टेका, विकास कार्यों की समीक्षा की”

    “सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला मंदिर में मत्था टेका, विकास कार्यों की समीक्षा की”

     अयोध्या
    गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम
    मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

    इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

  • किसानों-उद्यमियों से 15 मार्च तक मांगे आवेदन, टिश्यू कल्चर लैब पर सरकार देगी 50% अनुदान

    किसानों-उद्यमियों से 15 मार्च तक मांगे आवेदन, टिश्यू कल्चर लैब पर सरकार देगी 50% अनुदान

    पटना.

    राज्य में बागवानी फसलों को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत तथा रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार नई पहल कर रही है। कृषि विभाग ने टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के लिए इच्छुक उद्यमियों और किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित लाभार्थियों को लैब स्थापना की लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से पौध उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

    15 मार्च तक करना होगा ऑनलाइन आवेदन
    टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के इच्छुक आवेदक 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अनुसार इस तकनीक से कम समय में बड़ी संख्या में उन्नत और रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे मिलने के साथ-साथ उनकी खेती की लागत भी कम होगी।

    लैब स्थापना के लिए भूमि की शर्तें तय
    लैब स्थापित करने के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि होना अनिवार्य है। यह भूमि ऊंची और जलजमाव से मुक्त होनी चाहिए। भूमि आवेदक के नाम पर या न्यूनतम 25 वर्षों की लीज पर होनी चाहिए। इसके साथ ही भूमि का मुख्य सड़क से जुड़ा होना भी जरूरी है ताकि बड़े वाहन आसानी से आ-जा सकें और तैयार उत्पाद को अन्य स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

    लैब निर्माण पर करोड़ों रुपये की सब्सिडी
    निजी क्षेत्र में टिश्यू कल्चर लैब की प्रति इकाई अधिकतम लागत 4 करोड़ 85 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 2 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये तक अनुदान देगी। आवेदन के साथ मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और बैंक ऋण से संबंधित सहमति पत्र देना अनिवार्य होगा। इससे राज्य में आधुनिक कृषि और बागवानी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    जानें क्या है टिश्यू कल्चर तकनीक
    टिश्यू कल्चर एक आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें पौधों के छोटे ऊतक या कोशिकाओं को प्रयोगशाला में विशेष पोषक माध्यम पर विकसित किया जाता है। इस प्रक्रिया से कम समय में बड़ी संख्या में एक जैसे और रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा सकते हैं। पारंपरिक बीज या कलम की तुलना में इस तकनीक से तैयार पौधों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन भी अधिक मिलता है।

    केले की खेती में मिल चुकी है बड़ी सफलता
    राज्य में टिश्यू कल्चर तकनीक का उपयोग पहले ही कई फसलों में सफल साबित हो चुका है। खासकर केले की खेती में जी-9, मालभोग और चीनिया किस्मों के रोगमुक्त पौधों ने उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि विभाग का मानना है कि नई लैब बनने से राज्य में बागवानी क्षेत्र में और तेजी से विकास होगा।

  • नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

    नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

    नोएडा 

    नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया।
    फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम

    अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।
    जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती

    आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
    शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग

    वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

  • Clean City मिशन को बढ़ावा: हरियाणा के शहरों में सफाई के लिए ₹90 करोड़ का टेंडर पास

    Clean City मिशन को बढ़ावा: हरियाणा के शहरों में सफाई के लिए ₹90 करोड़ का टेंडर पास

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफाई व्यवस्था अब बेहतर होगी। विशेषकर ठोस कचरा प्रबंधन और डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई।

    कुल 90 करोड़ 66 लाख रुपये के टेंडर देने की प्रक्रिया के दौरान मोलभाव कर चार करोड़ रुपये बचाए गए। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हुई बैठक में गोहाना में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन, पलवल में ठोस कचरे के प्रोसेसिंग कार्य, करनाल में पुराने (लीगेसी) कचरे के बायो-रिमेडिएशन, हिसार के सेक्टरों में सड़कों की सफाई से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पलवल में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें निर्धारित मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार तय नियमों के अनुसार कार्य करें, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और कार्यों के आधार पर ठेकेदारों की ग्रेडिंग भी तैयार की जाएगी। जो एजेंसियां बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, हिसार के मेयर परवीन पोपली उपस्थित रहे।

  • हरियाणा में गैस की कमी की अफवाहों पर CM सैनी बोले— स्टॉक पर्याप्त, जनता न घबराए

    हरियाणा में गैस की कमी की अफवाहों पर CM सैनी बोले— स्टॉक पर्याप्त, जनता न घबराए

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में वर्तमान में मिडिल ईस्ट में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति बाधित होने संबंधी फैल रही अफवाहों की स्थिति पर चर्चा की गई।

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर कुंडरू, महानिदेशक अंशज सिंह तथा ऑयल कम्पनियों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक दौरान ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्तमान में पैट्रोल, डीजल एवं घरेलू एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा ऑयल कम्पनियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त गैस की आपूर्ति निरंतर प्राप्त हो रही है। हालांकि कमर्शियल गैस सिलैंडरों की आपूर्ति में अस्थाई रूप से बाधा आ रही है। कमर्शियल सिलैंडर प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को दिए जा रहे हैं।

    सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित आपूर्ति किया गया है कि घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की चोरी या कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति तथा पूर्ती नियंत्रकों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने आमजन से अपील की कि एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट एवं भंडारण से बचें क्योंकि राज्य में आवश्यक पैट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है व आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।

  • पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, ठंडी हवाओं के बीच 14 मार्च को जालंधर से पठानकोट तक बारिश का अनुमान

    पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, ठंडी हवाओं के बीच 14 मार्च को जालंधर से पठानकोट तक बारिश का अनुमान

    लुधियाना.

    आज सुबह से पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं बता दें कि आज सुबह-सुबह अमृतसर में अचानक मौसम बदल गया। इस दौरान अमृतसर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई जिस कारण मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

    बता दें कि आज पंजाब के कई इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं।  मौसम विभाग ने 14 मार्च तक के मौसम को लेकर जानकारी सांझा की है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश के आसार हैं। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास होगा। वहीं आज से कई इलाकों में हल्के बादल छाए रहेंगे और कभी भी बारिश हो सकती है। 

    बारिश की संभावना 
    मौसम विभाग के मुताबिक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 14 के बाद एक्टिव हो सकता है। इसके चलते होशियारपुर, रूपनगर और पठानकोट में गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं 15 मार्च को मौसम और बदलेगा जिस कारण जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर, कपूरथला, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, गुरदासपुर और पठानकोट में मध्यम बारिश की संभावना है।