Category: राज्य

  • नाथद्वारा पुलिस की सख्त कार्रवाई: 25 लाख की अवैध शराब बरामद, दो आरोपी दबोचे गए

    नाथद्वारा पुलिस की सख्त कार्रवाई: 25 लाख की अवैध शराब बरामद, दो आरोपी दबोचे गए

    राजसमंद

    राजसमंद जिले के नाथद्वारा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने एक ट्रक से 252 पेटियां अवैध शराब बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक तथा डीएसपी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के निर्देशन में की गई।

    थानाधिकारी कमलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 14 मार्च की रात गुंजोल में नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर RJ 25 GA 6466 को रुकवाया गया। ट्रक के ऊपर काले रंग का तिरपाल बंधा हुआ था। चालक से ट्रक में रखे सामान के बारे में पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान ट्रक में सफेद रंग का पाउडर भरा हुआ मिला, जिसके आगे काले प्लास्टिक में पैक कार्टन रखे हुए थे। जांच में 142 कार्टन ग्रीन लेबल व्हिस्की, 99 कार्टन व्हाइट लेस वोडका और 11 कार्टन ऑल सीजन व्हिस्की बरामद हुई। पुलिस ने सभी शराब को जब्त कर आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • शराब घोटाला केस में CBI को HC से राहत, फैसले को बरकरार रखा गया; आज की सुनवाई में क्या हुआ

    शराब घोटाला केस में CBI को HC से राहत, फैसले को बरकरार रखा गया; आज की सुनवाई में क्या हुआ

    नई दिल्ली

    दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से जुड़े शराब घोटाला केस में सीबीआई को आज फिर बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने जांच में खामियों के लिए सीबीआई पर की गई टिप्पणियों और सीबीआई अधिकारी की जांच कराने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर लगाई गई रोक को फिलहाल बरकरार रखा है।

    जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जो भी अंतरिम रोक लगाई गई थी वो अभी ऐसी ही जारी रहेंगी। अदालत ने कहा कि वो इस मामले में 6 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगी। बता दें कि इस मामले की पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने प्रथमदृष्टया यह पाया था कि केजरीवाल और अन्य को बरी करते समय ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां ‘गलत’ थीं। कोर्ट ने सीबीआई अधिकारी के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी थी और ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी के केस की कार्यवाही को भी टाल दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में 9 मार्च को हुई पिछली सुनवाई में सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

    सीबीआई की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने बताया कि सभी प्रतिवादियों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और नोटिस जारी होने के बाद भी उन्हें सूचित किया गया है। इस पर बेंच ने प्रतिवादियों से पूछा कि क्या किसी ने भी अपना जवाब दाखिल नहीं किया है? क्या आप और समय चाहते हैं? प्रतिवादियों ने कहा, ‘हां’ उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और मोहलत चाहिए।

    केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई एसएलपी
    अरविंद केजरीवाल की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन ने कहा कि यह 500 पन्नों का आदेश है। सिर्फ इसलिए कि यह आदेश उनके पक्ष में नहीं है, वो इसे गलत बता रहे हैं। हमें जवाब दाखिल करने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए। केजरीवाल के वकील ने कहा कि जब यह कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में एक SLP (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल की है। एसजी तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अगर केस को टालने का यही आधार है तो आपत्तियों को दूर करके केस को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाना चाहिए। इस हरिहरन ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री का इंचार्ज नहीं हूं।

    एसजी ने कहा कि यह कोई ऐसा मामला नहीं है जिसमें जवाब या जवाबी हलफनामा दाखिल करना जरूरी हो, क्योंकि हमें सिर्फ विवादित आदेश और केस के रिकॉर्ड को ही देखना है। यह एक असाधारण आदेश है। इसे रिकॉर्ड में एक पल के लिए भी और नहीं रखा जा सकता।

    सीबीआई ने आरोपियों को वक्त देने का किया विरोध
    बेंच ने कहा कि उन्हें अपना जवाब दाखिल करने दीजिए। इस पर एसजी ने कहा कि मैं कोर्ट से गुजारिश करूंगा कि उन्हें एक हफ्ते से अधिक का समय न दिया जाए। किसी को बरी करने के मामले में सिर्फ केस के रिकॉर्ड को ही देखा जाता है। यह पूरी तरह से गलत है और मैं इसका विरोध करता हूं।

    इसके बाद बेंच ने कहा कि केस को दो हफ्ते बाद लिस्ट किया जाए और प्रतिवादी दो हफ्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करें। जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल के वकील से कहा कि मैंने अपने आदेश में यह दर्ज कर लिया है कि आपने याचिका दाखिल की है और यह भी कि आपने मुझे इस बारे में सूचित किया है।

    6 अप्रैल तक अंतरिम आदेश जारी रहेंगे
    एसजी तुषार मेहता ने कहा कि अब तो यह एक चलन सा बन गया है। ये लोग आरोप लगाते हैं और फिर भाग खड़े होते हैं। ऐसे मुकदमों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। इन्होंने तो सिर्फ आरोप लगाकर ही अपना करियर बना लिया है। इस पर हरिहरन ने उनसे पूछा कि कैसे आरोप? हम तो सिर्फ जवाब दाखिल करने के लिए थोड़ा और समय मांग रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को करेगी और तब तक अंतरिम आदेश जारी रहेंगे।

    क्या है मामला
    गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।

  • धमकी से आतंकी साजिश तक: RDX के साथ गिरफ्तार हुआ अली अकबर, सामने आई चौंकाने वाली कहानी

    धमकी से आतंकी साजिश तक: RDX के साथ गिरफ्तार हुआ अली अकबर, सामने आई चौंकाने वाली कहानी

    अजमेर

    हरियाणा के अंबाला में 2 किलो आरडीएक्स और आईईडी के साथ गिरफ्तार किए गए अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का आपराधिक रिकॉर्ड पहले भी सामने आ चुका है। करीब चार साल पहले उसने अजमेर के एक गेस्ट हाउस मालिक को लॉरेंस गैंग का नाम लेकर धमकी दी थी। उस समय पीसांगन थाना पुलिस ने उसे शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद किया था।

    बुधवाड़ा निवासी गेस्ट हाउस मालिक इकबाल अहमद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में अपना गेस्ट हाउस अली अकबर के भाई को लीज पर दिया था। दो-तीन महीने का किराया बकाया रहने पर उन्होंने गेस्ट हाउस खाली करवा लिया। इसके बाद अली अकबर का फोन आया और उसने धमकाते हुए कहा, “तू मुझे जानता नहीं है, मैं लॉरेंस गैंग से जुड़ा हूं। इतने में ही समझ जाना, वरना ठीक नहीं होगा।” इसके बाद उन्होंने पीसांगन थाने में मामला दर्ज कराया था।

    दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने 13 मार्च को अंबाला से अली अकबर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर ड्रोन के जरिए अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स और अन्य सामान भेजा गया था।

    आरोपियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम धमाका करने की थी। आईईडी वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन समय पर आरडीएक्स नहीं पहुंचने के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई। इसके बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई। आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी कर वीडियो भी भेजे, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके।

    अजमेर के दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर शहर में ऑटो चलाता था। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। बड़ा भाई अली असगर एक गेस्ट हाउस में नौकरी करता है। अली अकबर की पत्नी और दो बच्चे हैं।

    अली अकबर के भाई अली असगर ने बताया कि 8 मार्च की सुबह करीब 6 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि जयपुर होते हुए दिल्ली घूमने जा रहा है। 14 मार्च को न्यूज देखने के बाद ही परिवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली।

    अली असगर ने कहा कि देश जो भी सजा देगा, उन्हें मंजूर है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच में यह भी सामने लाया जाए कि उसे आतंकी गतिविधियों से किसने जोड़ा और किस तरह लालच देकर फंसाया गया। फिलहाल अदालत ने तीनों आरोपियों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता  लगाने में जुटी हैं।

  • सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    … और पूरी हो गई स्कूली बच्चे की इच्छा

    सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे बच्चे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया, सेल्फी ले रहे बच्चे को किया सम्मानित

    सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    जालौर/लखनऊ
     राजस्थान के जालौर स्थित श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ने वाले एक बच्चे की इच्छा रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो सदैव बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देते हैं, ने उस बच्चे के मनोभाव को समझते हुए तत्काल उसके मन की मुराद पूरी कर दी। 

    दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजस्थान में रहे। वह श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित नवीन भवन के अवलोकन कार्यक्रम में पहुंचे। यहां पढ़ने वाला एक बच्चा विद्यालय के कणिया गिरि मंच के नीचे खड़ा होकर मुख्यमंत्री के फ्रेम में बार-बार सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस बच्चे को मंच पर बुला लिया। बच्चे से उसका नाम, क्लास आदि की जानकारी ली, फिर मोबाइल लेकर अपने हाथों से बच्चे के साथ सेल्फी खींची। इस पर आह्लादित बच्चे ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा। 

    मुख्यमंत्री ने यहां अपने विचार भी व्यक्त किए। अतिथियों ने मुख्यमंत्री का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। अंत में मुख्यमंत्री ने स्कूल के शिक्षकों, बच्चों, कलाकारों आदि के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी प्रदान की।

  • दत्तात्रेय होसबाले ने ईरान युद्ध पर भारत के स्टैंड को सही बताया, कहा- संघ की विचारधारा शांति की, भारतीयता और हिंदुत्व जीवनशैली हैं

    दत्तात्रेय होसबाले ने ईरान युद्ध पर भारत के स्टैंड को सही बताया, कहा- संघ की विचारधारा शांति की, भारतीयता और हिंदुत्व जीवनशैली हैं

    पानीपत
    हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन  सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है कि सरकार का स्टैंड सही है। उन्होंने कहा कि

    संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा- भारतीयता क्या है, हिंदुत्व क्या है, इसकी एक स्पष्ट अवधारणा होनी चाहिए। यह केवल एक मानसिकता नहीं बल्कि एक जीवनशैली है।

    हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

    रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी।

    RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें

    संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई।

    यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं।

    गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज

    सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है।

    3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव

    माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया।

    संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे

    बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे।

    उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती

    आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है।

    पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे

    आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ तालमेल बैठना आसान नहीं। इसलिए पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को नए सिरे से एक्टिव किया जाएगा। संघ यह मैसेज देना चाहता है कि सिखों और हिंदुओं का रिश्ता 'नख-मांस' जैसा है। पंजाब में अगले साल के शुरु में चुनाव होने हैं।

    पंजाब को लेकर आरएसएस की 4 रणनीति

        राष्ट्रीय सिख संगत का मिशन 'डोर-टू-डोर': सिखों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 'राष्ट्रीय सिख संगत' दल को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। यह दल पंजाब के गांवों में घर-घर जाकर संपर्क साधेगा और भ्रांतियों को दूर कर राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार करेगा।

        सामाजिक समरसता और ममता संगम: पंजाब के विभिन्न जिलों में मातृशक्ति के विशेष 'ममता संगम' सम्मेलन आयोजित किए हैं। इन सम्मेलनों के दौरान जो सुझाव या चुनौतियां आईं, उनके आधार पर आगे की तैयारी होगी।

        नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर मुहिम: पंजाब की सबसे बड़ी समस्या 'ड्रग्स' को लेकर संघ ने अपनी चिंता जताई है। बैठक में तय हुआ कि संघ अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से गांव-गांव में नशा मुक्ति अभियान छेड़ेगा, ताकि युवाओं को विनाश से बचाया जा सके।

        'पंच प्रभुदन' और प्रवासियों से संपर्क: पंजाब से भारी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। संघ 'पंच प्रभुदन' कार्यक्रम के तहत विदेशों में बसे पंजाबी और सिख समुदाय से संपर्क साधेगा, ताकि उन्हें अपनी मिट्टी और संस्कृति से दोबारा जोड़ा जा सके।

  • वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में की पूजा-अर्चना 

    मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की

    वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    राजस्थान की धरती पर गूंजा ‘योगी-योगी’

    चित्तौड़गढ़/लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरभूमि राजस्थान पहुंचे। उन्होंने जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने से पहले दुर्ग चित्तौड़गढ़ में ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम ने मां को चुनरी भेंटकर श्रद्धा निवेदित की और प्रदेश व देशवासियों के मंगल के लिए प्रार्थना की।

    इसके बाद सीएम ने राजस्थान की वीरभूमि को नमन किया और महारानी पद्मावती के जौहर स्थल भी गए। मुख्यमंत्री ने यहां की वीरगाथाओं को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हम आज इतिहास बनाने वाली धरती से साक्षात्कार कर रहे हैं। यह त्याग, बलिदान की परिपाटी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब जौहर श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए तो समूचा समारोह स्थल ‘योगी-योगी’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।

  • जालंधर और मोगा के स्कूलों को धमकी भरी ईमेल, परीक्षा रद्द कर बच्चों को घर भेजा गया

    जालंधर और मोगा के स्कूलों को धमकी भरी ईमेल, परीक्षा रद्द कर बच्चों को घर भेजा गया

    जालंधर 

    जालंधर में तीन प्रमुख स्कूलों, दिल्ली जाने वाली ट्रेन, विधानसभा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने का मामला सामने आया। यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच शुरू कर दी गई है। 

    बम की धमकी के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं।

    जानकारी के मुताबिक जालंधर के एपीजे स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित एक अन्य निजी स्कूल को धमकी भरी ईमेल भेजी गई है। ईमेल में चेतावनी दी गई है कि जालंधर में स्थित इन संस्थानों के साथ-साथ दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन और विधानसभा को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए।

    धमकी भरे ईमेल में एक और गंभीर चेतावनी दी गई है। मेल भेजने वाले ने जालंधर जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ईमेल में कहा गया है कि यदि तय समय तक प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं तो उन्हें बम से उड़ाने की कार्रवाई की जाएगी।

    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल भी ईमेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है। 

    मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
    मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूल गोथेयाला, सरकारी स्कूल उगोके और सरकारी स्कूल झंडियाना को एक धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। गोथेयाला सरकारी स्कूल के अध्यापक जतिन गोयल ने बताया कि आज नाैवीं क्लास के पेपर थे। पेपर शुरू होने से पहले जब स्कूल के स्टाफ ने ईमेल चेक किया तो उसमें खालिस्तान समर्थक की और से ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा गया कि 14 अप्रैल से पहले स्कूल से डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो हटा दी जाए नहीं तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। तुरंत इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दी गई। 

    उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल में छात्रों के पेपर चल रहे थे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं तुरंत रद्द कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। 

  • दिल्ली HC का फैसला, यौन उत्पीड़न में बच्चियों को बार-बार कोर्ट बुलाना मानसिक आघात, निचली अदालतों को फटकार

    दिल्ली HC का फैसला, यौन उत्पीड़न में बच्चियों को बार-बार कोर्ट बुलाना मानसिक आघात, निचली अदालतों को फटकार

    नई दिल्ली

    दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉक्सो केस में पीड़िताओं को बार-बार कोर्ट में पेशी के लिए बुलाने के लिए निचली अदालतों के रवैये पर चिंता जताई। हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने निर्देश दिया है कि नाबालिग पीड़ितों को ट्रायल या जमानत सुनवाई के दौरान बार-बार अदालत में पेशी के लिए बुलाना ठीक नहीं है। ऐसा करने से बच्चों को मानसिक पीड़ा और दोबारा ट्रॉमा का सामना करना पड़ सकता है। मामला 2022 के एक यौन उत्पीड़न केस से जुड़ा है। जिसमें ट्रायल के दौरान नाबालिग पीड़िता को 9 बार कोर्ट में पेश होना पड़ा। इतना ही नहीं पेश न होने पर जमानती वारंट तक जारी किया गया।

    बार एंड बेंच में छपि खबर के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कहा कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत अदालतों को ‘चाइल्ड-फ्रेंडली’ प्रक्रिया अपनानी चाहिए, ताकि नाबालिग पीड़ितों को बार-बार या अनावश्यक रूप से अदालत में उपस्थित न होना पड़े। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों के बयान दर्ज करने के लिए संभव हो तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग किया जाए, जिससे उन्हें अदालत में आने की आवश्यकता कम हो।

    अदालत ने अपने आदेश में आगे कहा कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान पीड़ित को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन एक बार यदि जमानत पर पीड़ित के आपत्ति या विचार दर्ज हो जाएं, तो हर सुनवाई पर उसकी शारीरिक या वर्चुअल उपस्थिति पर जोर देना उचित नहीं है।

    2022 का यौन उत्पीड़न मामला
    यह टिप्पणी हाई कोर्ट ने 2022 में दर्ज एक यौन उत्पीड़न मामले की तीन नाबालिग पीड़िताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका के अनुसार तीनों लड़कियां लापता हो गई थीं और बाद में दिल्ली में मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दो दिनों तक कई आरोपियों ने बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न किया और धमकाया। इस मामले में बलात्कार, मानव तस्करी और पॉक्सो अधिनियम के तहत भी आरोप जोड़े गए।

    बार-बार गवाही के लिए बुलाने से मानसिक तनाव
    याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि ट्रायल के दौरान उन्हें कई बार अदालत में गवाही के लिए बुलाया गया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई। एक पीड़िता को तो उसकी गवाही पूरी होने से पहले नौ बार अदालत बुलाया गया, जबकि बाकी दोनों को भी कई बार पेश होना पड़ा। यहां तक कि एक नाबालिग पीड़िता के अदालत में उपस्थित न होने पर ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने उस वारंट को रद्द कर दिया।

    ट्रायल कोर्ट को निर्देश
    हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों के हित में पहले भी कई दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसलिए ट्रायल कोर्ट और विशेष अदालतों को इन्हें एक समान और सख्ती से लागू करना चाहिए, ताकि बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक मानसिक पीड़ा न झेलनी पड़े।

  • विक्की ने कपूरथला में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 40 सेकेंड में 64 पुश-अप्स कर अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा

    विक्की ने कपूरथला में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 40 सेकेंड में 64 पुश-अप्स कर अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा

    कपूरथला 

    स्पोर्ट्स एथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के फिट इंडिया कार्निवल का दूसरा दिन बेहद खास रहा है। पंजाब के सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला) में जन्मे हरप्रीत सिंह उर्फ विक्की देओल ने वर्ल्ड बुक्स ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम बेहतर किया।

    उन्होंने 40 सेकेंड में 3 फीट हाइट पर 3 लोहे की रॉड पर हवा में रहते हुए अंगूठों के सहारे 64 पुश-अप्स कर डाले। इसी के साथ उन्होंने उस रिकॉर्ड को बेहतर किया, जो उन्होंने साल 2021 में कायम किया था। विक्की साल 2015 से इस तरह पुश-अप्स करने का अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने रिकॉर्ड के लिए पहली बार 2021 में प्रयास किया। 15 अगस्त, 2021 के दिन उन्होंने 40 बार इस तरह से पुश-अप्स करते हुए रिकॉर्ड बनाया था और अब उन्होंने रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए 64 कर दिया।

    कराटे में 3 बार के ब्लैक बेल्ड होल्डर विक्की पंजाब के फिटनेस आइकन हैं। उनके इस प्रयास को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अपूर्व मेनन, रणदीप सिंह कोहली, जसवीर सिंह शिंदा, संदीप डोगरा, गुरप्रीत सिंह और पंकज ठाकुर ने प्रमाणित किया।

    मेरा मकसद फिटनेस को घर-घर पहुंचाना है

    भास्कर से बात करते हुए विक्की ने कहा कि मैं तीसरी क्लास से खेलों के साथ जुड़ा हूं। मेरा हमेशा प्रयास यही रहा है कि मैं खुद को फिट रखूं और दूसरों को भी फिटनेस के लिए मोटिवेट करूं। मैं अपने जैसे फिटनेस लवर्स के साथ पंजाब के कई गवर्नमेंट स्कूलों में स्टूडेंट्स के साथ काम करता हूं, ताकि वे फिटनेस के प्रति बचपन से ही जागरूक हों।

  • केजरीवाल की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने से किया इनकार

    केजरीवाल की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने से किया इनकार

    नई दिल्ली
    दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जज बदलने वाली अरविंद केजरीवाल की मांग ठुकरा दी। केजरीवाल ने मामले में सुनवाई कर रहीं जज स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाकर मामले को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस ने मामले में टिप्पणी भी की।

    दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं पाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यायमूर्ति शर्मा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करना चाहें तो यह निर्णय उन्हें लेना है।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र की जानकारी दी गई थी। यह पत्र उन आठ लोगों को भेजा गया था, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिनमें केजरीवाल भी शामिल थे। चीफ जस्टिस ने मामले में कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता।

    केजरीवाल के आरोप
    दरअसल, 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में चल रही है।

    ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर जस्टिस शर्मा की रोक
    9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी किया था और ट्रायल कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताया और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश भी दिया।

    केजरीवाल ने पत्र में क्या मांग की थी
    केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में ईडी पक्षकार भी नहीं थी। आप नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह की रिविजन याचिकाओं में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ, जिससे उन्हें पूर्वाग्रह की आशंका हुई।