Category: राज्य

  • अभ्युदय योजना का असर: यूपीएससी में यूपी की तीन बेटियों ने किया राज्य का नाम रोशन

    अभ्युदय योजना का असर: यूपीएससी में यूपी की तीन बेटियों ने किया राज्य का नाम रोशन

    नारी तू नारायणी

    योगी सरकार की अभ्युदय योजना का मिला लाभ, यूपीएससी में प्रदेश की तीन बेटियों ने लहराया परचम

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से यूपी की बेटियों को लगे ‘पंख’, अब तक ढाई सौ से अधिक ने पाई सफलता

    एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अब तक कराया रजिस्ट्रेशन

    2025 में योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने हासिल की उल्लेखनीय सफलता

    महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं यूपी की बेटियां

    ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए बन रहीं हैं प्रेरणा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें साकार भी कर रहीं हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना इनके लिए ऐसे ‘पंख’ बनकर उभरी है, जिसके सहारे वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहरा रही हैं। संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। खास बात ये है कि इस योजना के जरिए अब तक ढाई सौ से अधिक बेटियां सफलता हासिल कर चुकीं हैं और अधिकारी बनकर यूपी को दिशा दिखा रहीं हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि योगी सरकार की शिक्षा केंद्रित योजनाओं की प्रभावशीलता का भी प्रमाण है। 

    महंगी कोचिंग के बिना भी बड़ी सफलता
    2021 में शुरू हुई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच दिया है। खास बात यह है कि बेटियां इस योजना के जरिए महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं हैं।
    ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं।

    मानसी : सेल्फ स्टडी से 444वीं रैंक तक का सफर
    गाजियाबाद के प्रताप विहार की रहने वाली मानसी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 444वीं रैंक हासिल की। प्राइवेट जॉब करने वाले पिता समेत परिवार में पांच सदस्य हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मानसी ने घर पर ही तैयारी की और अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन से सफलता हासिल की।

    अदिति सिंह: पढ़ाई के साथ दूसरों का भी किया मार्गदर्शन
    झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक प्राप्त की। इंजीनियर पिता और शिक्षिका मां की बेटी अदिति ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की। खास बात यह रही कि वह स्वयं भी अभ्युदय योजना के तहत अन्य छात्रों को पढ़ाकर उनकी मदद करती रहीं।

    तनीषा सिंह : घर से पढ़ाई, बड़ा मुकाम
    आगरा की तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक हासिल की। रेवेन्यू इंस्पेक्टर पिता और गृहिणी मां के परिवार से आने वाली तनीषा ने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और अभ्युदय योजना की सहायता से सफलता प्राप्त की।

    कीर्तिका सिंह : डिप्टी एसपी बन मिसाल बनीं
    लखनऊ की रहने वाली कीर्तिका सिंह 2022 में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनीं। एटा में तैनात कीर्तिका किसान परिवार से हैं। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तैयारी की और अभ्युदय योजना का लाभ उठाया।

    बदलती तस्वीर : गांव-शहर हर जगह जल रही शिक्षा की लौ
    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने न केवल शिक्षा को सुलभ बनाया है, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास भी जगाया है। अब वे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा रहीं हैं। योगी सरकार की यह पहल साबित कर रही है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर यूपी की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

    संदेश है साफ : अवसर मिला तो बेटियां उड़ान भरेंगी
    इन सफलताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर सही दिशा और संसाधन मिलें, तो प्रदेश की बेटियां देश की प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आज उन लाखों सपनों को आकार दे रही है, जो कभी संसाधनों के अभाव में अधूरे रह जाते थे।

  • तूफान की मार के बाद नई चेतावनी, दो दिन तक सतर्क रहने की अपील

    तूफान की मार के बाद नई चेतावनी, दो दिन तक सतर्क रहने की अपील

    पटना

    बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

    फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
    India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा।

    26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी
    तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है।

    सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान
    हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है।

    तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

    बीते 24 घंटे में बारिश का हाल
    पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश।

    कल कैसा रहेगा मौसम?
    रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

  • कुरुक्षेत्र में तस्करी पर चोट: लाखों का चूरापोस्त बरामद, हिमाचल के दो युवक गिरफ्तार

    कुरुक्षेत्र में तस्करी पर चोट: लाखों का चूरापोस्त बरामद, हिमाचल के दो युवक गिरफ्तार

    पिहोवा/अमृतसर.

    पुलिस के एंटी नारकोटिक सेल ने नशा तस्करी के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में चूरापोस्त भी बरामद हुआ है। आरोपितों की पहचान हिमाचल प्रदेश के चंबा निवासी सतपाल और सोलन निवासी जीतराम के रूप में हुई है।

    दोनों के खिलाफ इस्माईलाबाद थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 19 मार्च को एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी उप निरीक्षक सतविंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम एनएच-152 पर गांव टबरा के पास गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि हिमाचल प्रदेश के चंबा निवासी सतपाल और सोलन निवासी जीतराम कैंटर में भारी मात्रा में डोडा-चूरापोस्त लेकर आ रहे हैं।

    सूचना के आधार पर पुलिस ने जलबेहड़ा के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की। कुछ देर बाद संदिग्ध कैंटर आता दिखाई दिया तो उसे रोक कर जांच की। चालक ने अपना नाम सतपाल और क्लीनर ने जीतराम बताया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर कैंटर से 6 क्विंटल 92 किलो 907 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने दोनों के एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

  • बिहार दिवस पर दोहरे संदेश: परंपराओं का गौरव और आपातकाल पर भी वार

    बिहार दिवस पर दोहरे संदेश: परंपराओं का गौरव और आपातकाल पर भी वार

    पटना.

    बिहार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी गई शुभकामनाएं राजनीतिक रूप से भी कई संकेत छोड़ गई हैं। अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक गौरव को रेखांकित करते हुए इसे देश के लिए मार्गदर्शक बताया। मोदी एक्स पर बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं दीं।

    PM मोदी ने लिखा, "भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है।" मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा।

    बिहार को बताया बौद्धिक चेतना की भूमि
    गृह मंत्री ने जिस तरह बिहार को सामाजिक न्याय और बौद्धिक चेतना की भूमि बताया, उसे राज्य की राजनीति के मौजूदा विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर जब बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति लंबे समय से केंद्र में रही है, ऐसे में उनका यह बयान भाजपा के व्यापक सामाजिक विस्तार के प्रयास का संकेत माना जा रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसी ऐतिहासिक शिक्षण परंपराओं का उल्लेख कर उन्होंने बिहार के गौरवशाली अतीत को राष्ट्रीय पहचान से जोड़ा। यह भी संदेश देने की कोशिश रही कि केंद्र सरकार बिहार की बौद्धिक विरासत को सम्मान देने के साथ उसे विकास के एजेंडे में शामिल कर रही है। स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल का जिक्र करते हुए शाह ने बिहार की राजनीतिक जागरूकता और संघर्षशीलता को रेखांकित किया। इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से जोड़ते हुए उन्होंने राज्य की भूमिका को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने का प्रयास किया।

    सामाजिक संदेश देने की कोशिश
    बिहार में आगामी सत्ता परिवर्तन समीकरणों को देखते हुए इस तरह के संदेशों के जरिए भाजपा लोगों के बीच भावनात्मक और वैचारिक जुड़ाव मजबूत करना चाहती है। विकास, विरासत और सामाजिक समरसता को एक साथ रखकर पार्टी अपने एजेंडे को व्यापक बनाने में जुटी है। संदेश के अंत में गृह मंत्री ने बिहार के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इंटरनेट मीडिया पर इस पोस्ट को व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है, जो यह दर्शाता है कि बिहार दिवस जैसे अवसर अब राजनीतिक संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच बनते जा रहे हैं।

  • छूटा सम्मान अब मिलेगा: नवरात्र में बेटियों को पुरस्कृत करेगा हरियाणा, CMO जल्द बताएगा शेड्यूल

    छूटा सम्मान अब मिलेगा: नवरात्र में बेटियों को पुरस्कृत करेगा हरियाणा, CMO जल्द बताएगा शेड्यूल

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान से वंचित रही बेटियों को अब नवरात्र में पुरस्कार मिलने की उम्मीद जगी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जल्द ही समय मिल सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया जाना था। सभी चयनित महिलाओं को सात मार्च को जिला मुख्यालयों से सूचित भी कर दिया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें सम्मानित करेंगे। बेटियां परिवार के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचने की तैयारी में थी कि कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले करीब 100 बेटियों और महिलाओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।

    तब बताया गया कि चंडीगढ़ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद से ही पुरस्कार के लिए चयनित महिलाएं नए कार्यक्रम का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि अब नवरात्र का समय है, ऐसे में बेटियों को सम्मानित किया जाना एक खास मौका होगा। इस संबंध में कई अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है।

  • अनाज मंडी में मेगा इवेंट: CM मान आज करेंगे ₹508 करोड़ की योजनाओं का एलान

    अनाज मंडी में मेगा इवेंट: CM मान आज करेंगे ₹508 करोड़ की योजनाओं का एलान

    फाजिल्का/जलालाबाद.

    पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

    अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा
    डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात
    स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

  • धार्मिक बेअदबी पर कड़ा रुख: पंजाब सरकार का ऐलान, 13 अप्रैल को स्पेशल सेशन बुलाया

    धार्मिक बेअदबी पर कड़ा रुख: पंजाब सरकार का ऐलान, 13 अप्रैल को स्पेशल सेशन बुलाया

    अमृतसर.

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी।

    कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे।

    डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन
    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

    बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

  • UPTET 2026: नोटिफिकेशन जारी, पूरी डिटेल—फॉर्म कब भरें और एग्जाम कब होगा

    UPTET 2026: नोटिफिकेशन जारी, पूरी डिटेल—फॉर्म कब भरें और एग्जाम कब होगा

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

    इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

    इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है।

    परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें।

    क्या है UP-TET परीक्षा?
    यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:-
    – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक)
    – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक)

    योग्यता क्या होनी चाहिए?
    – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है।

    परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं:
    – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
    – हिंदी भाषा
    – गणित
    – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर)
    – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)

  • टेक्नोलॉजी से निगरानी: PWD की पहल से सड़क निर्माण पर QR कोड, आमजन कर सकेंगे शिकायत

    टेक्नोलॉजी से निगरानी: PWD की पहल से सड़क निर्माण पर QR कोड, आमजन कर सकेंगे शिकायत

    नई दिल्ली

    पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली की उन सभी सड़कों पर क्यूआर/बार कोड युक्त डिस्प्ले बोर्ड लगाने की शुरुआत करने जा रही है, जहां पर सड़कों को फिर से बनाने यानी सड़कों की स्ट्रेंथनिंग और री-कार्पेटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से अब नागरिकों को सिर्फ जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि सीधे अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर भी मिलेगा।

    क्यूआर कोड से मिलेंगी कैसी जानकारियां?

    नए निर्देशों के अनुसार किसी भी सड़क कार्य के पूरा होने के सात दिनों के भीतर बस क्यू शेल्टर व प्रमुख चौराहों और अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ये डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन क्यूआर/बार कोड को स्कैन करने पर नागरिकों को संबंधित परिियोजना की पूरी जानकारी मिलेगी, जिसमें सड़क का नाम और लंबाई, अंतिम स्ट्रेंथनिंग की तारीख, ठेकेदार/एजेंसी का विवरण, स्वीकृत लागत जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी।

    600 किलोमीटर सड़कें बनेंगी नई स्कीम से

    इसके साथ ही क्यूआर सिस्टम में एक इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से नागरिक सड़क कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायत, सुझाव या अनुभव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस योजना के बारे में कुछ माह पहले घोषणा की थी, जिस पर अब काम शुरू होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के पास 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों हैं, जिनमें से 600 किलोमीटर सड़कों को नई स्कीम के तहत बनाया जाना है।

    यह पहल जन-भागीदारी की दिशा में अहम कदम-प्रवेश वर्मा

    "पारदर्शिता का मतलब सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना भी है। इस पहल के माध्यम से नागरिक न केवल सड़क कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपनी प्रतिक्रिया भी सीधे दे सकेंगे। इससे व्यवस्था अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनेगी। सभी डिस्प्ले बोर्ड के लिए एक समान डिजाइन और सख्त मेंटेनेंस प्रोटोकाल तय किए हैं। सभी डिवीजनों को निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें, क्यूआर कोड हर समय कार्यरत रहें और किसी भी नए कार्य के बाद जानकारी तुरंत अपडेट की जाए।"

     

  • ‘पद छोड़ सकते हैं नीतीश कुमार’, प्रशांत किशोर का बयान; बिहार में सत्ता समीकरण बदलने के संकेत

    ‘पद छोड़ सकते हैं नीतीश कुमार’, प्रशांत किशोर का बयान; बिहार में सत्ता समीकरण बदलने के संकेत

    पटना
    जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपना पद छोड़ रहे हैं क्योंकि केंद्र में सत्ता में मौजूद भाजपा, जिसने पिछले विधानसभा चुनाव में NDA को “तैयार किया हुआ जनादेश” दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, अब बिहार में अपना हिस्सा चाहती है। ईद के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने दोहराया कि जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार राज्य का नेतृत्व करने के लिए “शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य” हैं।

    ‘मेरी भविष्यवाणी सही साबित हुई’
    प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं यह नहीं कह सकता कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से पद छोड़ रहे हैं या किसी दबाव में ऐसा कर रहे हैं। लेकिन एक तरह से मेरी बात सही साबित हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले जब मैंने कहा था कि NDA जीत भी जाए, तब भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, तब मेरी आलोचना हुई थी।”

    47 वर्षीय किशोर ने आगे कहा, “मेरी यह भविष्यवाणी कि NDA हार सकती है, भले ही गलत साबित हुई हो, लेकिन नीतीश कुमार के बारे में मेरी बात सही निकली। जो व्यक्ति स्पष्ट रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य है, वह कैसे कुछ ही महीनों में, जब गठबंधन को भारी बहुमत मिला हो, मुख्यमंत्री पद छोड़ सकता है?”

    ‘जनादेश तैयार किया गया था’
    IPAC के संस्थापक रहे किशोर, जिन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान को संभालकर बड़ी सफलता हासिल की थी, ने आरोप लगाया कि पिछले बिहार चुनाव में NDA को जो जनादेश मिला, वह “तैयार किया हुआ” था। उन्होंने कहा, “वोट 10,000 रुपये बांटकर खरीदे गए।” उनका इशारा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की ओर था, जिसके तहत करीब 1.50 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

    भाजपा और केंद्र की भूमिका पर सवाल
    हल्के-फुल्के अंदाज में किशोर ने यह भी कहा, “केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, केंद्रीय गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने NDA को बड़ा जनादेश दिलाने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई होगी। इसलिए यह स्वाभाविक है कि केंद्र की पार्टी अब बिहार में अपना हिस्सा चाहती है।” राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए नीतीश कुमार दिल्ली जा सकते हैं और उनके बाद बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है।

    कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जवाब टाला
    हालांकि जब किशोर से पूछा गया कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठ सकता है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “मेरी अपनी पार्टी को लेकर की गई भविष्यवाणी ही गलत साबित हुई थी इसलिए इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा।”

    ‘बिहार मेरा मिशन, अन्य राज्यों पर नहीं ध्यान’
    राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में पहचान बनाने वाले किशोर, जिन्होंने 2021 में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत दिलाने के बाद कंसल्टेंसी छोड़ दी थी, ने पड़ोसी राज्यों के चुनावों पर कोई भविष्यवाणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने गृह राज्य बिहार के लिए एक मजबूत विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से राजनीति में सक्रिय भूमिका अपनाई है। पिछले चुनाव में मैंने पूरी कोशिश की, और जन सुराज पार्टी की हार को स्वीकार करते हुए अब फिर से जनता के बीच जा रहा हूं। जब तक बिहार में मेरा मिशन पूरा नहीं होता, मैं दूसरे राज्यों के बारे में नहीं सोचूंगा।”

    निशांत की एंट्री पर क्या बोले?
    नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर पूछे गए सवाल पर किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को सार्वजनिक जीवन में आने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, हालांकि यह बिहार में किसी नेता द्वारा अपने परिवार को आगे बढ़ाने का एक और उदाहरण है।”