Category: राज्य

  • यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

    यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से गैंग के अहम सदस्य मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को पकड़ा है. यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और लंबे समय से संगठित तरीके से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचा रहा था। 

    एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य लोग शामिल हैं, इनके साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था। 

    इन फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध कराया जाता और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी। 

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को कमीशन और लालच देकर उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज हासिल करता था. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के जरिए लेनदेन दिखाया जाता था. बाद में रकम को नकद या दूसरे माध्यमों से वापस कर दिया जाता था। 

    एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में एक्टिव था. अलीगढ़ में दर्ज एक केस की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। 

    फिलहाल एसटीएफ आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है. साथ ही गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। 

  • निवेश को बढ़ावा: हरियाणा सरकार देगी लीज पर प्लॉट, उद्योग लगाने वालों को राहत

    निवेश को बढ़ावा: हरियाणा सरकार देगी लीज पर प्लॉट, उद्योग लगाने वालों को राहत

    चंडीगढ़.

    नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नव उद्यमियों को लीज पर प्लाट देने का बड़ा निर्णय लिया है। हरियाणा के 23 जिलों में करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पड़ते हैं। यहां जमीन के रेट बहुत अधिक हैं, जिस कारण उद्यमियों के लिए नये उद्यम लगाना आसान नहीं है।

    प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की इस समस्या को समझते हुए नये वित्तीय वर्ष में लैंड आन लीज नीति लागू करने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार की लैंड आन लीज नीति के तहत उद्यमियों को लंबी अवधि के लिए लीज पर प्लाट किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन प्लाटों को फ्री-होल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा उद्यमियों को मिलेगी।
    हरियाणा औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) की और से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में लैंड आन लीज नीति तैयार की जा रही है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की है। बजट पूर्व परामर्श बैठकों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उद्यमियों ने महंगी जमीन होने की समस्या से अवगत कराया था, जिसके बाद सरकार ने लैंड आन लीज नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर के प्रस्ताव के अंतर्गत नये उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एचएसआइआइडीसी द्वारा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ औद्योगिक फैक्ट्रियां व शेड भी विकसित होंगे। निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

    बता दें, कोविड के बाद उपजी कठिनाइयों का अभी तक भी सामना कर रहे एचएसआइआइडीसी के 500 से अधिक प्लाटधारकों पर रिजंपशन की तलवार लटकी हुई है। उन्हें राहत देते हुए हरियाणा सरकार ने निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। हरियाणा में औद्योगिक निवेश की अपार संभावना है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण राज्य के शहर काफी उत्पादक श्रेणी में आते हैं।

    निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने से बचाने को सरकार ने फरीदावाद, गुरुग्राम, मानेसर व रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के संयुक्त औद्योगिक सचिवालय वनाने का फैसला किया है। कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने की योजना है।

  • रोजगार के अवसर: झारखंड सरकार करेगी प्लानिंग फेलो की कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड भर्ती

    रोजगार के अवसर: झारखंड सरकार करेगी प्लानिंग फेलो की कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड भर्ती

    रांची.

    झारखंड के सभी 24 जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन, अनुश्रवण और मूल्यांकन को लेकर राज्य सरकार संविदा के आधार पर प्लानिंग फेलो तैनात करने जा रही है। इनका मुख्य दायित्व होगा जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग करना। आंकड़ों के आधार पर योजनाओं को मूर्त रूप देने में ये अधिकारी जिलों के प्रशासनिक अफसरों को सहयोग प्रदान करेंगे।

    योजना कार्यालयों में होगी नियुक्ति
    राज्य में सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सभी विभागों में पीएमयू बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान कर दी गई है। इसके पूर्व सभी जिला योजना कार्यालयों में एक-एक प्लानिंग फेलो की नियुक्ति होगी।
    इसके माध्यम से जिलास्तर पर योजनाओं के सतत अनुश्रवण और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप परिणाम के लिए कार्यालयों में एक-एक फेलो की सेवा संविदा के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

    योजनाओं की कठिनाइयों को दूर करने में होंगे सहायक
    विभागीय तैयारियों के अनुसार, ये पदाधिकारी जिला योजना कायालयों में योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होंगे। इनके द्वारा जिला स्तर पर अधिकृत डाटा बैंक तैयार होगा जिसके आधार पर जिलाें में अंतर विभागीय समन्वय कर जिलों का डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल तैयार करेंगे। इन कर्मियों की सेवा शर्त आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के आधार पर तैयार की जाएगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि इन कर्मियों की की सेवा बाह्य स्रोत (आउट सोर्सिंग) से ली जाएगी।

    शीघ्र ही इनकी नियुक्ति को लेकर विभाग के स्तर से दिशानिर्देश तय करते हुए पूरी प्रक्रिया परिभाषित की जाएगी। राज्य सरकार ने इनकी नियुक्ति के लिए 50 लाख रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया है, जो योजना विभाग को दिया जा चुका है।

  • समृद्धि यात्रा समाप्त, नया सियासी कदम: नीतीश कुमार जल्द लेंगे राज्यसभा की शपथ

    समृद्धि यात्रा समाप्त, नया सियासी कदम: नीतीश कुमार जल्द लेंगे राज्यसभा की शपथ

    पटना.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने गुरुवार को अपनी 'समृद्धि यात्रा' को विराम दे दिया। अब वह अगले सोमवार से अपनी दिल्ली की तैयारी को आगे बढ़ाएंगे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अगले माह की 10 तारीख तक उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी है।

    वहीं, अगले पांच दिनों के अंदर नीतीश विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे यह भी तय है। यह कानूनी बाध्यता है। त्यागपत्र देने के बाद अगली व्यवस्था तक वह मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा गुरुवार को नालंदा तथा पटना में हुई। मुख्यमंत्री के आगे के कार्यक्रमों की रूप रेखा लगभग तय है। शुक्रवार को वह रामनवमी के आयोजन में शामिल होंगे। शनिवार से मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जदयू की कई बैठकों का सिलसिला आरंभ होगा।

    नई सरकार पर होगी चर्चा
    सबसे पहले मुख्यमंत्री जदयू की प्रदेश इकाई की बैठक में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे। बैठक मुख्यमंत्री आवास या फिर जदयू प्रदेश कार्यालय में होगी। इसके बाद जदयू के कोर कमेटी की बैठक नई सरकार के गठन पर होगी। सरकार के स्वरूप पर भी चर्चा होगी। इस बार यह चर्चा है कि जदयू की दावेदारी विधानसभा अध्यक्ष पद पर भी है, इसलिए जदयू की कोर कमेटी की बैठक में इस विषय पर भी सहमति बननी है।

    क्या निशांत बनेगे उपमुख्यमंत्री?
    निशांत कुमार को उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं यह भी चार से पांच दिनाें के अंदर तय हो जाएगा। इसके बाद एनडीए की बैठक होगी। एनडीए की बैठक में तय होना है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

    14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया सीएम
    इस बात की संभावना पर भी राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि नई सरकार 14 अप्रैल के पहले अस्तित्व में नहीं आएगी। यह कहा जा रहा कि खरमास के बाद ही मुख्यमंत्री पद पर बिहार में कोई नया व्यक्ति शपथ ग्रहण करेगा। नई व्यवस्था होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का कामकाज देखते रहेंगे।

  • युवाओं के लिए खुशखबरी: CM सैनी ने लॉन्च किया डिजिटल जॉब पोर्टल, ITI पास को सीधा फायदा

    युवाओं के लिए खुशखबरी: CM सैनी ने लॉन्च किया डिजिटल जॉब पोर्टल, ITI पास को सीधा फायदा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। आईटीआई से पास होने वाले युवाओं का पूरा डाटा डिजिटल पोर्टल लांच होगा। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि हर जिले में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे और इसके लिए विभाग कैलेंडर भी जारी करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई पास युवाओं और इंटर्नशिप करने वाले छात्रों की ट्रैकिंग की जाए, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें रोजगार मिला या नहीं। बैठक में विभाग के मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे।
    बैठक के दौरान आईटीआई संस्थानों के उन्नयन, भवन मरम्मत, नई लैब, प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग और उद्योगों के साथ समझौते जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में पढ़ाई के साथ-साथ हुनर होना जरूरी है, ताकि वे रोजगार के योग्य बन सकें।

    स्किल पर जोर, ट्रेनिंग लेने वालों को मिलेगा प्राथमिकता से काम : सीएम सैनी ने कहा कि आने वाले समय में स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ेगी, इसलिए आईटीआई में नई तकनीक और एआई से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएं। पुरानी मशीनरी को बदलने और इंस्ट्रक्टरों को नई तकनीक की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सक्षम योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर काम और कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।

  • पंजाब में नशे पर वार: मोगा के कई गांवों में पुलिस का सर्च ऑपरेशन शुरू

    पंजाब में नशे पर वार: मोगा के कई गांवों में पुलिस का सर्च ऑपरेशन शुरू

    मोगा.

    मोगा जिले के निहाल सिंह वाला क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया। यह अभियान पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार वीरवार को चलाया गया, जिसमें क्षेत्र के कई गांवों में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया।

    थाना निहाल सिंह वाला पुलिस की अगुआई उप पुलिस अधीक्षक अनवर अली द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार तथा मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशों के तहत पूरे इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाकर विभिन्न गांवों और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी ली गई। उप पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या नशे से संबंधित वस्तु बरामद होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    कई थानों की पुलिस ने किया जॉइंट सर्च
    इस विशेष अभियान में थाना निहाल सिंह वाला के अलावा मोगा, बधनी कलां और अजीतवाल थानों की पुलिस टीमों ने भी भाग लिया। सभी टीमों ने मिलकर समन्वय के साथ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की, जिससे अभियान को प्रभावी बनाया जा सके। अधिकारियों ने नशा तस्करों और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे तुरंत ऐसे कार्य बंद कर दें। यदि कोई व्यक्ति इन गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

    आने वाले समय में जारी रहेंगे सर्च ऑपरेशन
    इस मौके पर थाना निहाल सिंह वाला के प्रभारी निरीक्षक राज सिंह, बधनी कलां के प्रभारी निरीक्षक गुरमेल सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नशे के नेटवर्क पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

  • शिक्षा जगत में बड़ी उपलब्धि: QS Ranking में पंजाब यूनिवर्सिटी 901–950 में शामिल

    शिक्षा जगत में बड़ी उपलब्धि: QS Ranking में पंजाब यूनिवर्सिटी 901–950 में शामिल

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने कई विषयों में बेहतर रैंक हासिल करते हुए कुल छह विषयों में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है।

    फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी विषय में पीयू ने बड़ी छलांग लगाते हुए 501–550 रैंक बैंड से सुधार कर 451–500 बैंड में जगह बनाई है। वहीं हॉस्पिटैलिटी एंड लीजर मैनेजमेंट विषय को 151–175 रैंक बैंड में स्थान मिला है, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    इसके अलावा फार्मेसी एंड फार्माकोलॉजी 201–250 रेंज में बरकरार है। बायोलॉजिकल साइंसेज 651–700 और केमिस्ट्री 601–700 बैंड में स्थिर बनी हुई हैं। आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. सोनल सिंघल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के निरंतर शोध कार्य और अकादमिक गुणवत्ता में सुधार का परिणाम है।

    वहीं, कुलपति प्रो. रेनू विग ने बताया कि ओवरऑल रैंकिंग में भी पीयू ने प्रगति करते हुए 2025 के 1001–1200 बैंड से 2026 में 901–950 बैंड में स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब शोध और शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूत करने पर फोकस कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर पहचान और सशक्त होगी।

  • शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    नव निर्माण के 9 वर्ष: गुड गवर्नेंस से बदली यूपी की तस्वीर, ‘ईज ऑफ लिविंग’ में हुआ बड़ा सुधार

    योगी सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति

    पेंशन, आवास, मुफ्त राशन, मेडिकल कॉलेज, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल सुविधाओं के आंकड़े बता रहे बदलाव की पूरी कहानी

    हर व्यक्ति तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल सेवाओं से समय व श्रम में हुई भारी कमी

    शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन (गुड गवर्नेंस) को केंद्र में रखकर ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम हुआ है। योजनाओं की प्रगति और उपलब्ध आंकड़े इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार के द्वारा किए गए इन सभी प्रयासों का समेकित प्रभाव यह है कि उत्तर प्रदेश में अब स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाने की आवश्यकता कम हुई है। योजनाओं की ठोस प्रगति और पारदर्शी क्रियान्वयन ने प्रदेश को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के मामले में एक नए स्तर पर पहुंचाया है, जिससे उत्तर प्रदेश एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्ष 2017 के बाद बड़ा विस्तार देखने को मिला है। जहां पहले सीमित संसाधन और अव्यवस्थित ढांचा था, वहीं अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.64 करोड़ लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

    शिक्षा के क्षेत्र में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत 1.32 लाख से अधिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। डीबीटी के माध्यम से 1.30 करोड़ से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग आदि के लिए धनराशि सीधे खातों में भेजी गई है। साथ ही डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

    कौशल विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत करीब 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से कारीगरों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

    सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन को स्थिरता दी है। वर्तमान में 67.50 लाख वृद्धजन, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन पेंशन का लाभ ले रहे हैं। पेंशन राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया गया है और अप्रैल 2026 से इसे 1500 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। पिछले नौ वर्षों में 62 लाख से अधिक आवास गरीबों को उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 1.86 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। डीबीटी के माध्यम से 31 विभागों की 191 योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। 

    महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी ठोस परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए गए हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन से 1.06 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 18.55 लाख महिलाएं ‘लखपति’ श्रेणी में पहुंच चुकीं हैं।

    डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। ई-साथी ऐप पर 24 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 2066 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी दी गई है, जबकि प्रोजेक्ट गंगा के तहत 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का कार्य जारी है। इससे करीब 10 हजार रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं।

  • रामनवमी पर दो दिन का अवकाश, योगी सरकार का अहम फैसला

    रामनवमी पर दो दिन का अवकाश, योगी सरकार का अहम फैसला

    योगी सरकार का बड़ा फैसला, रामनवमी पर दो दिन का अवकाश

    26 के साथ अब 27 मार्च को भी रहेगी छुट्टी

    प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला

    लखनऊ
    रामनवमी के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अवकाश को एक दिन और बढ़ा दिया है। अब 26 मार्च के साथ-साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और दर्शन में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यवस्थाओं को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।
    प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रामनवमी के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी अयोध्या समेत प्रदेशभर में मंदिरों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

    अतिरिक्त अवकाश से यातायात को सुव्यवस्थित करने में मिलेगी मदद
    प्रदेश सरकार के इस कदम को आस्था के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। अतिरिक्त अवकाश से यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।
    प्रदेश सरकार पहले ही 26 मार्च को अवकाश घोषित कर चुकी थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 मार्च तक कर दिया गया है।

  • 26 मार्च को बनेगा इतिहास: अक्षरधाम में दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पैर’ पर खड़ी प्रतिमा का अनावरण

    26 मार्च को बनेगा इतिहास: अक्षरधाम में दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पैर’ पर खड़ी प्रतिमा का अनावरण

    दिल्ली

    दिल्ली का स्वामि‍नारायण अक्षरधाम 26 मार्च को एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनेगा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था BAPS के वर्तमान प्रमुख महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में भगवान स्वामिनारायण (तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

    विश्व की पहली 'एक चरण' पर टिकी 108 फीट की प्रतिमा

    पंचधातु (मुख्य रूप से कांस्य) से निर्मित यह प्रतिमा कला और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रतिमा 'एक पैर' पर खड़ी है, जो भगवान नीलकंठवर्णी की कठिन तपस्या का प्रतीक है।

     ऊंचाई: 108 फीट (8 फीट ऊंचे बेस पर स्थापित)।

    निर्माण: अक्षरधाम के शिल्पी संतों और करीब 50 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष के कड़े पुरुषार्थ से इसे तैयार किया है।
    महत्व: यह प्रतिमा मुक्तिनाथ (नेपाल) में भगवान द्वारा की गई चार महीने की उस कठोर तपस्या को जीवंत करती है, जो उन्होंने लोक-कल्याण के लिए की थी।

    महंतस्वामी महाराज का दिल्ली आगमन और उत्सव की धूम

    ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज 19 मार्च को दिल्ली पधारे, जिसके बाद से ही अक्षरधाम में उत्सव का माहौल है।

    21 मार्च: भव्य स्वागत सभा का आयोजन किया गया।
    22 मार्च: पंचकुला और कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित मंदिरों की मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ संतों-भक्तों ने 'फूलों की होली' का आनंद लिया।
    23 मार्च: आगामी सितंबर में पेरिस (फ्रांस) में स्थापित होने वाली प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया।

    नीलकंठवर्णी: 11 वर्ष की आयु में 12,000 KM की पदयात्रा

    भगवान स्वामिनारायण ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृह त्याग कर 'नीलकंठवर्णी' के रूप में संपूर्ण भारत की यात्रा की थी। हिमालय से रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी से द्वारका तक, उन्होंने 7 वर्षों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर तप, त्याग और करुणा का संदेश फैलाया। यह तपोमूर्ति उन्हीं वैश्विक मूल्यों (मैत्री, सुहृद्भाव और मानव सेवा) को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

    विश्व शांति महायज्ञ और लोकार्पण का समय

    महोत्सव का शुभारंभ 25 मार्च की सुबह ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुआ। इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए अमेरिका, यूके, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 300 से अधिक संत दिल्ली पहुंचे हैं। महंतस्वामी महाराज ने आकाश में श्वेत कबूतर उड़ाकर विश्व शांति और युद्धों की समाप्ति की प्रार्थना की।