Category: राज्य

  • दिल्ली क्राइम ब्रांच का ऑपरेशन,फायरिंग के बाद 6 आरोपी गिरफ्तार

    दिल्ली क्राइम ब्रांच का ऑपरेशन,फायरिंग के बाद 6 आरोपी गिरफ्तार

    दिल्ली

    साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी।

    पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी।

    6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा
    बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया।

    बड़ी संभावित वारदात को टली
    तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।

     

  • नए परिसीमन से शहरी इलाकों का बढ़ेगा दबदबा, ग्रामीण राजनीति पर असर की आशंका

    नए परिसीमन से शहरी इलाकों का बढ़ेगा दबदबा, ग्रामीण राजनीति पर असर की आशंका

    चंडीगढ़

    केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है।

    परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।

     
    अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें
    सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है।

    हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा
    विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं।

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई।

    फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी
    नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे।

    यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।

     

  • उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर 2.5 लाख का जुर्माना लगाया

    उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर 2.5 लाख का जुर्माना लगाया

      जैसलमेर

    खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक कंपनी को कड़ा सबक सिखाया है. माजा (Maaza) कोल्ड ड्रिंक की सीलबंद बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कंपनी और विक्रेताओं पर कुल 2.50 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. साथ ही आयोग ने परिवादी को क्षतिपूर्ति रकम के तौर पर 40 हजार रुपये और परिवाद लड़ने में हुए खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है.

    माजा की बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा
    दरअसल, 16 जुलाई 2025 को जैसलमेर के डिब्बा पाड़ा निवासी तुषार पुरोहित ने स्थानीय विक्रेता 'शिवम् मार्केटिंग' से माजा कोल्ड ड्रिंक की एक पूरी केरेट खरीदी थी. जब उन्होंने बोतलों की जांच की तो वह यह देखकर दंग रह गए कि माजा कोल्ड ड्रिंक की बोतल पूरी तरह सीलबंद थी, लेकिन उसके अंदर प्लास्टिक या पॉलीथिन जैसी कोई चीज नजर आई.

    इस पर ताषर ने स्वास्थ्य के साथ इसे खिलवाड़ लापरवाही मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने वह सीलबंद बोतल साक्ष्य के तौर पर आयोग के सामने पेश की. आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गोड की पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी होने के बावजूद गुणवत्ता में कमी गंभीर लापरवाही है. निरीक्षण में कोल्ड ड्रिंक की बोतल के अंदर बाहरी पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई.

    परिवादी को 40 हजार रुपये देने का आदेश
    साक्ष्यों और बहस के आधार पर आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को कंपनी को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया. आयोग ने कंपनी को परिवादी को 40,000 रुपए क्षतिपूर्ति राशि और 10,000 रुपए परिवाद व्यय देने के निर्देश दिए. साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता में गंभीर कमी को देखते हुए 2 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश भी दिया गया. परिवादी के अधिवक्ता प्रथमेश आचार्य ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

  • बिहार भर्ती परीक्षा में संगठित गिरोह सक्रिय, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

    बिहार भर्ती परीक्षा में संगठित गिरोह सक्रिय, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

    मुंगेर

    मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच चल रही परीक्षा में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

     दो पालियों में हुई परीक्षा, कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश
    यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच ही कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया।

     बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी, केंद्राधीक्षक निलंबित
    इसी बीच उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी स्थित परीक्षा केंद्र पर बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बायोमेट्रिक सत्यापन में लगी एजेंसी के प्रतिनिधि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया। उन पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में असफल रहने और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है।

     अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार
    पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भगत चौकी के सुजल कुमार, पटना के समीर कुमार, कहलगांव के प्रशांत कुमार और लड़ैयाटाड़ बंगलवा के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से मोबाइल और टैब भी बरामद किए गए।

     संगठित गिरोह और पेपर लीक की साजिश का खुलासा
    पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह स्थानीय युवकों को हायर कर परीक्षा में बैठाने की साजिश रच रहा था। साथ ही प्रश्नपत्र लीक कराने की भी कोशिश की जा रही थी।

     128 अभ्यर्थियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
    जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान की एक नोडल एजेंसी ने 128 अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था, ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फर्जी तरीके से सफलता हासिल कर सकें। बायोमेट्रिक क्लियर कराने के लिए सुजल कुमार को एजेंट बनाया गया था, जिसने असली अभ्यर्थियों की जगह मुन्ना भाई बैठा दिए।

     मास्टरमाइंड की तलाश जारी, और खुलासों की आशंका
    इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अंबे चौक स्थित एक कोचिंग संचालक ए.के. राठौर को माना जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।

     

  • सम्राट चौधरी बने बिहार के मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण के साथ बीजेपी ने पहली बार बनाई अपनी सरकार

    सम्राट चौधरी बने बिहार के मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण के साथ बीजेपी ने पहली बार बनाई अपनी सरकार

    पटना 

    नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में आज से सम्राट चौधरी का युग शुरू हो गया है. पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है. सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं ने भाग लिया। 

    पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के राजनीतिक इतिहास में ये पहली है, जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है. सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. आज केवल इन तीन नेताओं का ही शपथ ग्रहण हुआ, जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं. इस भव्य शपथग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी विशेष रूप से मौजूद रहे। 

    सम्राट चौधरी की नई सरकार में बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ली शपथ
    बिहार की नवनिर्वाचित सरकार में जेडीयू के कद्दावर और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में बिजेंद्र यादव का शामिल होना सरकार के प्रशासनिक अनुभव को मजबूती प्रदान करेगा। वे दशकों से बिहार की राजनीति और सरकार का अहम हिस्सा रहे हैं, और उनके पास ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का लंबा अनुभव है।

    बिहार में भाजपा के लिए ऐतिहासिक पल, पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री
    बिहार की राजनीति में आज एक नया युग शुरू हो रहा है, जहां पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहा। सम्राट चौधरी लोकभवन में शपथ लेकर ये ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करेंगे। हालांकि यह समारोह संक्षिप्त होगा, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व काफी बड़ा है। सरकार के नए स्वरूप में जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बिहार के इतिहास में ये पहली बार होगा जब जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री सरकार का हिस्सा बनेंगे।

    डिप्टी सीएम के नाम पर संजय सरावगी ने लगाई मुहर
    बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल के बाद आज नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मिल रहे हैं। विकास की जो रेखा नीतीश कुमार ने खींची थी उसी रेखा को आगे बढ़ाने का काम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होगा।

    BJP का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम
    इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और NDA गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है। 

    डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव का सफरनामा

    सुपौल से 1990 से लगातार विधायक, 'कोसी का विश्वकर्मा' के नाम से मशहूर
    1991 में लालू सरकार में पहली बार बने मंत्री, 2005 में नीतीश के CM बनने के समय JDU के प्रदेश अध्यक्ष
    नीतीश कैबिनेट में कई बार बिजली मंत्री रहे
    वित्त, वाणिज्य कर जैसे विभाग भी संभाला, 2025 में लगातार नौवीं बार जीत दर्ज की
    2025 में कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी को हराया

        JDU के सबसे सीनियर नेताओं में एक, नीतीश के करीबी और थिंक टैंक में शामिल
        1982 से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य, दलसिंहसराय सीट से पहली बार चुनाव जीते
        सरायरंजन सीट से पहली बार 2010 में जीत दर्ज की, 2025 में सरायरंजन सीट से चुनाव जीते
        वित्त, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विभाग संभाले
        2015 से 2020 तक विधानसभा के स्पीकर 
        साफ-सुथरी इमेज और कुशल प्रशासक की छवि

    बिहार के नए 'सम्राट' का सफरनामा

        RJD के साथ सियासी करियर की शुरुआत
        1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने
        2000 में पहली बार परबत्ता से बने विधायक
        2013 में RJD से बगावत, JDU में एंट्री
        2 जून 2014 में मांझी सरकार में मंत्री बने
        मांझी को हटाने पर बगावत, JDU से सस्पेंड
        2017 में BJP में शामिल 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष
        2021 में नीतीश कैबिनेट में बने मंत्री
        2024 में नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा
        तारापुर से जीता 2025 विधानसभा का चुनाव
        2025 में दूसरी बार डिप्टी सीएम बने
        15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ

    967 में कर्पूरी बने थे मुख्‍यमंत्री 
    करीब 59 वर्षों बाद वे इस उपलब्धि को दोहराएंगे-इससे पहले 1967 में उप मुख्यमंत्री बने जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभाला था।

    भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह के अनुसार, बिहार की राजनीति में उप मुख्यमंत्री का पद हमेशा से सत्ता संतुलन का प्रतीक रहा है।

    1957 में श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में पहली बार यह पद बनाया गया था, जब अनुग्रह नारायण सिन्हा को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था।

    तब से अब तक लगभग 10 नेता इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन कर्पूरी ठाकुर ही ऐसे नेता थे, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री बने। अब सम्राट चौधरी इस सूची में दूसरा नाम जोड़ने जा रहे हैं।

    नीतीश युग में उप मुख्यमंत्रियों की भरमार
    नीतीश कुमार के दो दशक लंबे राजनीतिक दौर में बिहार में सबसे अधिक उप मुख्यमंत्री बनाए गए। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, तेजस्वी यादव, विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी जैसे नाम शामिल हैं।
    इनमें सुशील कुमार मोदी का कार्यकाल (2005–2013) सबसे लंबा रहा, लेकिन वे भी मुख्यमंत्री पद तक नहीं पहुंच सके।

     

     

  • महावीर चौक पर एसीबी की कार्रवाई, साइबर क्राइम के नाम पर ठगी का खुलासा

    महावीर चौक पर एसीबी की कार्रवाई, साइबर क्राइम के नाम पर ठगी का खुलासा

    सतनाली

    साइबर क्राइम के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले पैसे मांगने वाले दो आरोपियों को मंगलवार देर शाम एंटी करप्शन ब्यूरो ने महावीर चौक से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है।

    सतनाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी नीरज ने बताया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया था। इसी दौरान उसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित साइबर क्राइम शाखा से कॉल आई जिसमें खाता अनफ्रीज कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। नीरज ने इसकी शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया।

    योजना के तहत नीरज ने आरोपियों को पैसे देने के लिए महावीर चौक बुलाया। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए टीम ने मौके पर पहुंचकर गौरव नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट बरामद किए गए।

    पूछताछ के दौरान गौरव की निशानदेही पर एसीबी ने जितेंद्र नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र, सुल्तानपुर साइबर ब्रांच के आईओ सत्येंद्र का भाई है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

     

  • अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन का आज से हुआ आगाज, J&K और PNB बैंकों में लगी लंबी लाइनें

    अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन का आज से हुआ आगाज, J&K और PNB बैंकों में लगी लंबी लाइनें

    जालंधर 
      शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं।

    इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र
    पहलगाम मार्ग: इस रास्ते की चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है।
    बालटाल मार्ग: यह रास्ता छोटा है , करीब 14 किमी है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है।

    रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया
    श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं:

    ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
    ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं।
    शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है।

    अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम
    यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:

        यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।
        केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।
        6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
        रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।

    जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण
    श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में।

    यहां भी होगा पंजीकरण

        कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा
        किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड
        पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक
        रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक
        राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक
        रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक
        सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक
        श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक
        उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा
        डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई
        अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक
        पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक

  • राजस्थान मौसम अपडेट: अगले 4–5 दिन और बढ़ेगी गर्मी, मानसून पर भी अल नीनो का असर

    राजस्थान मौसम अपडेट: अगले 4–5 दिन और बढ़ेगी गर्मी, मानसून पर भी अल नीनो का असर

      जैसलमेर

    राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात और भी मुश्किल कर दिए. सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.  

    आने वाले समय में और बढ़ेगा तापमान
    शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए प्याऊ और मटकी का ठंडा पानी राहगीरों के लिए राहत का जरिया बन रहा है. लोग रुककर पानी पीते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है.

    उदयपुर के तापमान में अचानक उछाल
    उदयपुर में पिछले तीन दिनों में तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला हैं. सोमवार को तापमान 39.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा. यहीं नहीं, मौसम विभाग ने इस सप्ताह आसमान साफ रहने और तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई हैं. वहीं मंगलवार दोपहर को अचानक गर्म हवाएं चलने लगी और हीटवेव का अहसास दिलाने लगी.

       इस बार सामान्य रहेगी बारिश  
    इस साल मानसून को लेकर तस्वीर थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही है.  मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि देश में इस बार सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी लगभग 8 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है.  यह प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने की स्थिति होती है जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है.  इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है जिससे मानसून की शुरुआत और उसकी रफ्तार दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

  • AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED का छापा, राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बनने का खुलासा

    AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED का छापा, राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बनने का खुलासा

     नई दिल्ली
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल के गुरुग्राम, जालंधर और पंजाब स्थित 8 से 9 ठिकानों पर छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी के फंड से संबंधित संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की जा रही है. आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। 

    जानकारी के अनुसार, ईडी ने बुधवार सुबह जांच एजेंसी ने सांसद के बेटे के भी कई ठिकानों पर छापेमारी की है, क्योंकि वो भी कई व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हैं. जहां एजेंसी की टीम महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूतों को खंगला रही है। 

    बताया जा रहा है कि ED की ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी में फंड संबंधी कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फंड के दुरुपयोग की शिकायतों पर ED जांच कर रही है. ईडी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी निवेश या दान में विदेशी मुद्रा कानूनों का उल्लंघन हुआ है। 

    ईडी की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टा का कहना है कि अशोक मित्तल को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपना नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली थी. 'AAP' ने छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. हालांकि, ईडी सूत्रों का कहना है कि ये कार्रवाई पुख्ता इनपुट और वित्तीय अनियमितताओं के सबूतों के आधार पर की गई है। 

  • श्री आनंदपुर साहिब से लौट रही श्रद्धालुओं की बस पलटी, 6 लोगों की मौत, कई घायल

    श्री आनंदपुर साहिब से लौट रही श्रद्धालुओं की बस पलटी, 6 लोगों की मौत, कई घायल

    श्री आनंदपुर साहिब
     बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब के दर्शन करके लौट रही संगत की बस फतेहगढ़ साहिब में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया।

    दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत
    उक्त हादसा बस्सी पठाना में देर रात हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, चुन्नी-मोरिंडा रोड पर गांव मैन माजरी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के समय बस में 35 से 40 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पलटने से हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं को बस से बाहर निकाला।

    बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई बस, करंट से झुलसे
    ये हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड पर हिम्मतपुरा गांव के पास हुआ। बस में सवार श्रद्धालु मेन माजरी के रहने वाले थे। वह बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई। बस पलटने के बाद बस के पलटने के बाद उसमें अचानक करंट आ गया।

    मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसा रात 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ।

    शुरुआती जांच में बस के किसी हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे लगे खंभे से जा सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों को मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

    मंजिल के करीब ही हुआ हादसा
    बैसाखी के दिन बस्सी पठाना इलाके से श्रद्धालुओं का एक जत्था आनंदपुर साहिब दर्शन करने गया था। मैन माजरा में जहां श्रद्धालुओं ने उतरना था वो सिर्फ 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था। इस से पहले ही भीषण हादसा हो गया। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और कई लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

    घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल
    इसके बाद लोगों ने निजी वाहनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायलों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब, बसी पठाना और मोरिंडा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की।

    फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वजह पता लगाने की कोशिश जारी है।

    वैसाखी जैसे खुशी के पर्व पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।