Category: राज्य

  • गुरुग्राम में बड़ा शिक्षा घोटाला, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई जारी

    गुरुग्राम में बड़ा शिक्षा घोटाला, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई जारी

    गुरुग्राम

    गुरुग्राम में एक निजी स्कूल द्वारा छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और छात्रों को परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल को गिरफ्तार (Gurugram Principal Arrest) कर लिया है। इससे पहले स्कूल के चेयरमैन को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला तब सामने आया जब 10वीं कक्षा की एक छात्रा के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताया था, लेकिन बाद में यह दावा झूठा निकला। छात्रा को बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड भी नहीं दिया गया, जिसके कारण वह परीक्षा नहीं दे सकी।

    स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज
    पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम के सेक्टर 9बी में स्थित एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत में स्कूल की प्रिंसिपल, निदेशकों और अन्य लोगों को जिम्मेदार बताया गया है। जांच के दौरान पता चला कि प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गुजरात भाग गई थीं। बाद में पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 17 फरवरी को सामने आई थी, जब 10वीं के 11 छात्र एडमिट कार्ड नहीं मिलने के कारण सीबीएसई की गणित की परीक्षा नहीं दे सके। इसके बाद 18 फरवरी को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद
    छात्रा के पिता ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से स्कूल की फीस भरी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी को परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिला। स्कूल ने दाखिले के समय जो प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाया था, वह भी फर्जी निकला। इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद हो गया और उसका भविष्य भी खतरे में पड़ गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

     

  • बढ़ते डॉग अटैक मामलों से हड़कंप, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    बढ़ते डॉग अटैक मामलों से हड़कंप, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    डीग

    राजस्थान के डीग जिले में आवारा कुत्तों ने कोहराम मचा रखा है. 8 मई को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अप्रैल माह के भीतर जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तरफ से जारी ये आंकड़े यह बताते हैं कि जिले में हालात कितने भयावह हैं. हर दिन औसतन 100 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.

    बूंदी में कुत्तों ने ली मासूम की जान
    डीग के ये आंकड़े तब और डरावने हो जाते हैं जब हम 4 मई की उस घटना को याद करते हैं, जिसने राजस्थान को शर्मसार कर दिया था. बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को कुत्तों के झुंड ने उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला था, जब वह खुले में शौच के लिए गई थी. उस घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 1 लाख के मुआवजे का ऐलान तो किया, लेकिन डीग के आंकड़े बताते हैं कि जमीन पर सुरक्षा के इंतजाम अब भी सिफर हैं.

    शहरों में ज्यादा 'खूंखार' हुए कुत्ते
    हालिया RTI आंकड़ों ने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. साल 2024 के मुकाबले 2025 में राजस्थान में कुत्तों के हमले के मामले करीब दोगुने हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर राजधानी जयपुर समेत कोटा और डीग जैसे इलाकों में दिख रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्ते ज्यादा हिंसक और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिसका सबसे आसान शिकार छोटे बच्चे बन रहे हैं.

    'हमें मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए'
    डीग में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व पार्षद कैलाश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि नसबंदी और शेल्टर होम के नाम पर हो रही खानापूर्ति बंद हो और सड़कों पर घूम रहे हिंसक कुत्तों को तुरंत हटाया जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है.

    डॉक्टर बोले- ये गलती पड़ेगी भारी
    बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि कुत्ता काटने पर 15 मिनट की लापरवाही जान ले सकती है. डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं और किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय न गंवाते हुए सीधे सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाएं.

    आवारा कुत्तों की शिकायत करें
    यदि आपके इलाके में भी कुत्ते हिंसक हो रहे हैं, तो आप राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जागरूक रहें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी जान बचा सकती है.

  • पाक जासूसी मामले में जेल में यूट्यूबर ज्योति, सुप्रीम कोर्ट में होगी बेल की सुनवाई

    पाक जासूसी मामले में जेल में यूट्यूबर ज्योति, सुप्रीम कोर्ट में होगी बेल की सुनवाई

    हिसार
     भारत की पाकिस्तान पर हुई 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक के बाद देश के खिलाफ जासूसी के आरोपों में घिरी ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा ने अब सलाखों से बाहर आने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। पिछले एक साल से हिसार की जेल में बंद ज्योति की जमानत याचिका निचली अदालतों से दो बार खारिज हो चुकी है। अब उसके कानूनी सलाहकार पंजाब और हरियाणा के उन दो मामलों का हवाला देकर बेल मांगने की जुगत में हैं, जिनमें सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपियों को राहत मिल चुकी है।

    पाकिस्तानी एंबेसी से लेकर चीन यात्रा तक का संदिग्ध सफर
    सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ज्योति तब आई थी, जब साल 2024 में उसकी यात्राओं का एक अजीब पैटर्न सामने आया। ज्योति 17 अप्रैल से 15 मई तक पाकिस्तान में रही और वहां से लौटने के महज 25 दिन बाद ही चीन के दौरे पर निकल गई। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसने करतारपुर कॉरिडोर पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का इंटरव्यू किया था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, ज्योति केवल एक ब्लॉगर नहीं थी, बल्कि उसने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में जाकर सैन्य शिविरों और कश्मीर के महत्वपूर्ण बांधों के संवेदनशील वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए थे।

    ISI गुर्गों और उच्चायोग अधिकारियों से 'सीधी सेटिंग'
    पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास मौजूद सबूतों के अनुसार, ज्योति के तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली से जुड़े थे। मोबाइल डेटा की जांच में ISI के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ उसकी नियमित बातचीत और बैठकों का खुलासा हुआ है। चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि ज्योति को पाकिस्तान जाने से पहले दी गई ट्रैवल एडवाइजरी का उसने जानबूझकर उल्लंघन किया और संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले संपर्क बनाए रखे।

    युवाओं को हनीट्रैप और पैसों का लालच
    ज्योति मल्होत्रा का मामला उन सात चर्चित गिरफ्तारियों में से एक है, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हरियाणा और पंजाब से की गई थीं। जांच एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तान 20 से 35 साल के मध्यमवर्गीय युवाओं को हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। ज्योति के मामले में वकील रविंद्र सिंह ढुल का तर्क है कि जब समान धाराओं (सीक्रेट एक्ट) वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल सकती है, तो ज्योति को क्यों नहीं? अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह इन दलीलों को स्वीकार कर ज्योति को राहत देगा या फिर सुरक्षा एजेंसियों के ठोस सबूत उस पर भारी पड़ेंगे।

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद पकड़े गए थे जासूस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े गए थे। सबसे पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से गिरफ्तारियां कीं।

    इन सभी की गिरफ्तारियों के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। इसमें जासूसी के 6 आरोपियों के वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की।

    खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। इसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।

    सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए
    बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पूछताछ के बाद उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने ज्योति से अलग-अलग पूछताछ की थी। ज्योति से पाकिस्तान के लिए जासूसी और पहलगाम मामले में टेरर कनेक्शन की भी जांच की गई।

    इसके बाद पुलिस ने 90 दिन की जांच रिपोर्ट की बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। चार्जशीट से जानकारी समाने आई थी कि ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी।

    पाकिस्तानी एजेंटों से की मीटिंग
    पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की। पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है।

    पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
    ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी।

    15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।

  • बिहार में मौसम ने बढ़ाई चिंता, कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

    बिहार में मौसम ने बढ़ाई चिंता, कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

    पटना

     बिहार में अप्रैल-मई महीने में आंधी, बारिश और ठनका का कहर देखा जा रहा है। वज्रपात की चपेट में आने और आंधी में पेड़ गिरने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई। बारिश के कारण गर्मी की तपिश से राहत मिली है। पर मौसम का मिजाज लोगों को डरा रहा है। आज राज्य के 15 जिलों में ठनका और आंधी के साथ वर्षा का ऑरेंज अलर्ट मौम विभाग की ओर से जारी किया गया है। छह जिलों में लोगों को यथा संभव घरों में रहने की सलाह दी गई है। पूरे प्रदेश के किसानों को मौसम पर नजर रखते हुए खेती-बारी का कार्य करने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि राज्य के पूर्णिया, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, मधुबनी, और समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश और ठनका गिरने की संभावना बनी हुई है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है

    आज और कल गर्मी संग उमस तो 10 को बारिश
    बीएयू, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार एवं शनिवार को जहां आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूप-छांव के बीच लोगों को गर्मी व उमस का एहसास होगा। वहीं 10 एवं 11 मई को धूल भरी आंधी के बीच जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    दिन में गर्मी-उमस ने किया परेशान
    भागलपुर में गुरुवार को आई आंधी-बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया था। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली तो बिजली की गड़गड़ाहट के बीच हल्की बारिश हुई। इस बारिश को भारतीय मौसम विभाग के पैमाने पर 8.5 मिमी मापा गया। वहीं दिन में धूप-छांव से उपजे गर्मी व उमस से लोग परेशान रहे। बारिश के कारण जहां न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वहीं पूर्वाह्न 11:30 बजे तक चमकी धूप व इसके बाद छाए बादल के कारण गर्मी का तेवर चढ़ गया और दिन का पारा ढाई डिग्री सेल्सियस तक उछल गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.2 व न्यूनतम 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य तापमान से क्रमश: पांच व 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।

  • ISI के लक्ष्य पर दिल्ली का ऐतिहासिक मंदिर और सोनीपत का ढाबा, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    ISI के लक्ष्य पर दिल्ली का ऐतिहासिक मंदिर और सोनीपत का ढाबा, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली

     दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कथित शहजाद भट्टी मॉड्यूल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई सनसनीखेज जानकारियां दी हैं, जिनसे पता चला है कि दिल्ली का एक ऐतिहासिक मंदिर भी आतंकवादियों के निशाने पर था. सूत्रों के मुताबिक इस मॉड्यूल से जुड़े एक आरोपी ने मंदिर की बाकायदा रेकी की थी. उसने मंदिर परिसर, वहां तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीरें और वीडियो तैयार किए थे. जांच एजेंसियों को शक है कि ये फोटो और वीडियो पाकिस्तान में बैठे सोशल मीडिया हैंडलर्स और कथित आईएसआई संपर्कों को भेजे गए थे। 

    जांच में सामने आया है कि साजिश सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं थी. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मंदिर परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की योजना थी. इसके जरिए बड़े स्तर पर दहशत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश रची जा रही थी। 

    दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार इस मॉड्यूल का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था. जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबा भी आतंकियों के निशाने पर था. इस ढाबे पर हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है. आरोपियों ने खुलासा किया कि वहां हैंड ग्रेनेड हमला कर भारी तबाही मचाने की योजना बनाई गई थी. एजेंसियों को आशंका है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों को टारगेट कर ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की तैयारी थी। 

    हिसार में मौजूद एक सैन्य कैंप की भी रेकी
    इसके अलावा हरियाणा के हिसार में मौजूद एक सैन्य कैंप की भी रेकी किए जाने का खुलासा हुआ है. पूछताछ में सामने आया कि कैंप के वीडियो और आसपास की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी गई थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी और कौन-कौन सी सूचनाएं साझा की गई थीं। 

    सूत्रों के मुताबिक मॉड्यूल का टारगेट सिर्फ दिल्ली और हरियाणा तक सीमित नहीं था. उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस स्टेशनों पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की योजना थी. माना जा रहा है कि पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले कर आतंकवादियों का मकसद सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना और भय का माहौल बनाना था। 

    बता दें कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने बीते दिन दिल्ली समेत कई राज्यों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. उनके पास से हथियार, गोला-बारूद और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए थे. गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कई राज्यों की पुलिस भी इस मामले में इनपुट साझा कर रही है। 

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मॉड्यूल को फंडिंग कहां से मिल रही थी, सोशल मीडिया के जरिए किस तरह संपर्क बनाए जा रहे थे और भारत में इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील धार्मिक स्थलों, सैन्य प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। 

    मंदिर और मुरथल को लेकर क्या थी साजिश
    मॉडयूल की प्लानिंग थी कि मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और पैरामिलिट्री के जवानों को निशाना बनाया जाएगा। सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी करके पैनिक फैलाने और व्यवधान पैदा करने की कोशिश थी। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों को दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर मौजूद एक मशहूर ढाबे पर हमले का काम भी दिया गया था। यहां हर दिन हजारों लोग आते हैं। दहशतगर्दों की साजिश थी कि भीड़भाड़ के बीच अचानक गोलीबारी की जाए, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हों।

    मिलिट्री कैंप पर भी करने वाले थे हमला
    दहशतगर्त हरियाणा के हिसार में मौजूद एक मिलिट्री कैंप पर भी हमले की योजना तैयार कर रहे थे। उन्होंने कैंप की रेकी की थी और वीडियो बनाए थे। इन्हें सीमा पार भेजा गया था। उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थानों पर भी आतंकी हमले की साजिश की बात सामने आई है।

  • फीस और यूनिफॉर्म के नाम पर वसूली पर रोक की तैयारी, निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन

    फीस और यूनिफॉर्म के नाम पर वसूली पर रोक की तैयारी, निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन

     मुजफ्फरपुर

    तिरहुत प्रमंडल के तीन सौ से अधिक निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

    फीस वृद्धि, किताब और पोशाक के नाम पर मनमानी वसूली की शिकायतों के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सक्रिय हो गए हैं और चिह्नित स्कूलों के प्रबंधन व प्राचार्यों से जवाब-तलब की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    बताया गया कि प्रमंडल के विभिन्न जिलों में संचालित निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।

    300 स्कूल चिह्नित
    विभाग ने ऐसे करीब 300 स्कूलों को चिह्नित किया है, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं। संबंधित स्कूलों से जवाब मांगा जा रहा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    आयुक्त ने बिहार निजी विद्यालय शुल्क (विनियमन अधिनियम) 2019 का हवाला देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।

    अधिनियम के अनुसार निजी विद्यालय हर वर्ष अधिकतम सात प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकते हैं। बावजूद इसके कई स्कूलों द्वारा बिना उचित आधार के शुल्क बढ़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

    जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश
    आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में निजी विद्यालयों की नियमित निगरानी और निरीक्षण करें

    साथ ही फीस, पुस्तक और पोशाक से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

    शिक्षा विभाग की इस सख्ती से निजी स्कूल संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है। अभिभावकों को उम्मीद है कि विभाग की कार्रवाई से मनमानी फीस वसूली पर रोक लगेगी और उन्हें राहत मिलेगी।

  • तीसरे दिन शुकराना यात्रा: सीएम ने BJP पर बोला हमला, बंगाल में सत्ता पर आने के बाद हालात पर जताई चिंता

    तीसरे दिन शुकराना यात्रा: सीएम ने BJP पर बोला हमला, बंगाल में सत्ता पर आने के बाद हालात पर जताई चिंता

    चंडीगढ़

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आज तीसरा दिन है। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट अमेंडमेंट 2026 के लागू होने के बाद सीएम पूरे पंजाब में यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दाैरान बठिंडा में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। शहर के अमरीक सिंह रोड पर लोगों को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां पर बुरा हाल हो चुका है। मान ने कहा कि पंजाब में कुछ पार्टियां आपसी भाईचारक सांझ को तोड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग बहुत समझदार हैं। फिर भी राज्य के लोग ऐसी पार्टियों से सचेत रहें। मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें हिम्मत दी, जिस कारण वे बेअदबी का इंसाफ देने के लिए कानून बनाने में कामयाब हुए।  

    अपनी चार दिवसीय शुक्राना यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले, मान ने जालंधर के ओल्ड बारादरी स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से कहा: “पंजाब की कठिन परिश्रम से अर्जित शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को कोई भंग नहीं कर सकता। पंजाब एक उपजाऊ भूमि है जहाँ कोई भी फसल उगाई जा सकती है, लेकिन नफरत के बीज यहाँ नहीं बोए जा सकते। हालिया विस्फोट पंजाब में भाजपा के प्रवेश के संकेत हैं।”

    मान ने इन घटनाओं को पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावोत्तर भाषणों से जोड़ा और उनके नारे "बंगाल सरकार हमारी है, अब पंजाब की बारी है" का हवाला दिया। उन्होंने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल दोनों को सांप्रदायिक संगठन बताया और कहा कि पंजाब, जिसने AK-47 के दौर को पार कर लिया है, अपनी "मजबूत भाईचारे" के बल पर आज भी दृढ़ है।

    जांच बनाम आरोप
    मुख्यमंत्री के दावे पुलिस के मौजूदा रुख के विपरीत हैं। जहां मान ने बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर और खासा सेना छावनी के पास हुए विस्फोटों के लिए भाजपा की "कार्यशैली" को जिम्मेदार ठहराया, वहीं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ये विस्फोट पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा प्रायोजित आईईडी विस्फोट थे।

    इन टिप्पणियों पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया हुई। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मान को कानूनी नोटिस भेजकर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। भाजपा ने इन आरोपों को राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलताओं से ध्यान भटकाने का "दुर्भावनापूर्ण प्रयास" बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि जब एक संवेदनशील आतंकी जांच चल रही हो, तब किसी राजनीतिक दल पर आरोप लगाना "खतरनाक" है।

    चुघ ने कहा कि मान ने बिना किसी सबूत के भाजपा पर संलिप्तता का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए चुघ ने कहा, "इसीलिए उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि, झूठी सूचना फैलाने और जन अशांति भड़काने के प्रयास के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।"

    “सवाल सीधा सा है: क्या मुख्यमंत्री पंजाब की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, या वे राष्ट्रविरोधी ताकतों को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं? जिस दिन पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर हमारे सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य का जश्न मना रहा है, उस दिन भाजपा जैसी लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी पार्टी को विस्फोटों से जोड़ने का मान का प्रयास न केवल एक राजनीतिक झूठ है, बल्कि लाखों भारतीयों के जनादेश और विश्वास का अपमान है,” चुघ ने कहा।

    उन्होंने कहा कि अगर मान सात दिनों के भीतर अपना बयान वापस नहीं लेते और सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी दोनों तरह की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी।

    जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब (संशोधन) अधिनियम के पारित होने के उपलक्ष्य में शुरू की गई मान की शुक्राना यात्रा 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होने वाली है।

  • पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग अफवाहों का पर्दाफाश, केंद्र ने साझा किए आंकड़े और ट्रेनें

    पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग अफवाहों का पर्दाफाश, केंद्र ने साझा किए आंकड़े और ट्रेनें

    चंडीगढ़ 

    केंद्र सरकार ने पंजाब की मंडियों में भारी भीड़ और गेहूं की लिफ्टिंग न होने को झूठा करार दिया है। अब गेहूं लिफ्टिंग को लेकर केंद्र और सूबे की आप सरकार में तनातनी का माहौल हो गया है। 

    इसके बावजूद मंडियों से गेहूं का उठाव पिछले साल से बेहतर है। इस साल अब तक 78.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 75.63 लाख मीट्रिक टन था। सरकार का कहना है कि आवक कम होने और उठान अधिक होने से यह स्पष्ट है कि इस बार मंडियों में पिछले साल की तुलना में भीड़ कम है और लिफ्टिंग की व्यवस्था ठीक है।

    डायरेक्ट डिलवरी योजना से लिफ्टिंग तेज हुई
    मंडियों में भीड़ कम करने के लिए इस बार सीधी डिलीवरी योजना चलाई गई। अप्रैल में सीधी डिलीवरी के जरिए 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं निकाला गया। मई के लिए 6.6 लाख मीट्रिक टन और जून के लिए 8 लाख मीट्रिक टन की योजना बनाई गई है। केंद्र ने बताया कि आप सरकार के अनुरोध पर गेहूं सीजन में कुल 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मंडियों में गेहूं रखने की जगह कम न पड़े।

    413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी
    केंद्र सरकार ने बताया कि रेल मंत्रालय और एफसीआई पंजाब से गेहूं की निकासी के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं। अप्रैल में देशभर में चलीं 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी गईं। इसी तरह मई में भी उपलब्ध 354 ट्रेनों में से 201 ट्रेनें पंजाब के हिस्से में आई हैं, जो कुल राष्ट्रीय आवागमन का लगभग 60 प्रतिशत है।

    100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित
    स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश व दक्षिण के राज्यों के लिए मई में 100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित की गई हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जमीनी हालात पर नजर रखे हुए हैं और गेहूं की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जा रही है।

     

  • पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का खतरा, अगले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका

    पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का खतरा, अगले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका

    जयपुर

    राजस्थान में मई की शुरुआत के साथ ही मौसम ने उथल-पुथल मचा रखी है. एक तरफ जहां तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बारिश ने मौसम को अस्थिर बना दिया है. गुरुवार (7 मई) को कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे गर्म इलाके जैसलमेर में पारा 45.1 डिग्री तक पहुंच गया. पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में भी तपिश बरकरार है. बाड़मेर में 44.2, फलोदी में 43.6 और बीकानेर में 43 सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. शुक्रवार (8 मई) के लिए कई जिलों में आंधी-बारिश का भी अलर्ट है.  

    कोटा-जयपुर में पारा 40 डिग्री के पार
    चित्तौड़गढ़, कोटा और जयपुर में भी पारा 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया. इन शहरों में दिनभर तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है. बारां, धौलपुर, डीग, भरतपुर और अलवर जिलों में येलो अलर्ट है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की-मध्यम वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी 2 से 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है.

     
    जोधपुर संभाग में धूलभरी हवाओं से बढ़ेगी मुश्किल
    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में जोधपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं. गर्मी के साथ-साथ तेज हवाओं का असर भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है. इसके साथ ही कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम का मिजाज और अधिक अस्थिर रह सकता है. वहीं, 9 मई से पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर हीटवेव का नया दौर शुरू होने की आशंका जताई गई है. खासतौर पर जोधपुर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है.

  • योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती नीति के तहत उप निरीक्षक परीक्षा के नतीजे

    योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती नीति के तहत उप निरीक्षक परीक्षा के नतीजे

    योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती, उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी

    15 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म, 12,333 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए सफल घोषित

    डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया मई के तीसरे सप्ताह में होगी आयोजित 

    14 और 15 मार्च 2026 को चार पालियों में आयोजित हुई थी परीक्षा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। गुरुवार को उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। 4543 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परिणाम जारी होने के साथ ही लाखों युवाओं का इंतजार खत्म हो गया है।

    12,333 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए सफल घोषित

    उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने नियमावली और निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा परिणाम घोषित किया है। परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को चार पालियों में आयोजित की गई थी। पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 35 प्रतिशत और कुल 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में से मेरिट और आरक्षण के आधार पर 12,333 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण (डीवी/पीएसटी) के लिए सफल घोषित किया गया है।

    निष्पक्ष और समयबद्ध भर्ती से युवाओं में बढ़ा भरोसा

    योगी सरकार में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, तकनीकी रूप से मजबूत और समयबद्ध बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि युवाओं का सरकारी भर्तियों के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है। भर्ती बोर्ड के मुताबिक, डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया मई के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इसकी पूरी जानकारी जल्द ही बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।