Category: राज्य

  • कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।

    दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू
    CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है।

    पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया
    मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है।

    परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी।

    विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा
    इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

  • रीमा के आगे फीकी पड़ी भाजपा की पूरी फौज: CM, मंत्री और सांसदों के प्रचार के बाद भी मिली हार

    रीमा के आगे फीकी पड़ी भाजपा की पूरी फौज: CM, मंत्री और सांसदों के प्रचार के बाद भी मिली हार

    चंडीगढ़ 

    भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव और पंचायतों में परचम लहराने के बाद स्थानीय निकाय के चुनावों में भी जीत हासिल की है। पंचकूला, हिसार, अंबाला और सोनीपत समेत कुल 6 जिलों में भाजपा ने बड़ी जीत पाई। फिर भी एक नतीजे ने भाजपा को ही नहीं बल्कि सभी को चौंका दिया है। हिसार के उकलाना में भाजपा कैंडिडेट निकिता गोयल को 23 साल की लड़की रीमा सोनी ने हरा दिया। इस नतीजे की पूरे हरियाणा में चर्चा हो रही है कि आखिर रीमा सोनी ने कैसे भाजपा के विजय रथ को रोक दिया। उकलाना में वैश्य समुदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है, फिर भी भाजपा कैंडिडेट का यहां हार जाना उल्लेखनीय है।

    यही नहीं यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि उकलाना के चेयरमैन पद के लिए भाजपा से वरिष्ठ नेता श्रीनिवास गोयल की बहू निकिता गोयल को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्हें रीमा सोनी ने 2,806 वोटों से हरा दिया। सोनी को कुल 7078 वोट मिले हैं, जबकि गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस नतीजे से भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैरान हैं और तय माना जा रहा है कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। इसकी वजह यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी यहां प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस चुनाव में कुल 15,507 पंजीकरण वोटर थे, जबकि 11,744 वोटरों ने मतदान किया। इस तरह यहां कुल 75 फीसदी वोटिंग हुई।

    इस चुनाव में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली, कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और कृष्ण बेदी भी प्रचार में उतरे थे। इसके अलावा राज्यसभा के मेंबर सुभाष बराला और संजय भाटिया भी पहुंचे थे। ऐसे में इतने दिग्गज नेताओं के प्रचार के बाद भी निकिता गोयल को 4 हजार वोट मिलना पार्टी के लिए झटके की तरह है। सीएम सैनी ने खुद इलाके में 4 जनसभाओं को संबोधित किया था। वहीं रीमा सोनी के पक्ष में स्थानीय विधायक नरेश सेलवाल प्रचार में थे। रीमा सोनी निर्दलीय उतरी थीं, लेकिन सेलवाल के समर्थन के साथ ही कांग्रेस के वोटर उनके पक्ष में आ गए थे। फिर बाकी कसर इनेलो के समर्थन ने पूरी कर दी।

    बनिया बनाम गैर बनिया हुआ चुनाव और बदले समीकरण
    इसके अलावा भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव बनिया बनाम गैर बनिया हो गया था। इसका असर हुआ कि वैश्य समुदाय से इतर अन्य मतदाताओं का रुझान रीमा सोनी की ओर हो गया। इसके कारण रीमा ने कुल 16 में से 14 वार्डों में गोयल को हरा दिया। यही नहीं गोयल परिवार का घर उकलाना मंडी में है और इस वार्ड में भी निकिता को हार मिली। वोटों की गिनती कुल 4 राउंड में हुई, लेकिन निकिता गोयल ने मैदान तभी छोड़ दिया जब वह शुरुआती दो राउंड में पिछड़ती हुई दिखीं। सूत्रों का कहना है कि ग्रैजुएशन पूरी करने के बाद रीमा सोनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता महेंदर सोनी एक सुनार हैं और 2006 से पार्षद भी हैं। रीमा के प्रचार में उनका भी अहम योगदान रहा।

  • भव्या रंजन का कमाल: CBSE 12वीं में 99.8% अंक हासिल कर बनीं देश की टॉपर

    भव्या रंजन का कमाल: CBSE 12वीं में 99.8% अंक हासिल कर बनीं देश की टॉपर

    रांची
    रांची की छात्रा भव्य रंजन ने CBSE 12वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. रांची के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या अब तक सामने आए परिणामों के अनुसार नेशनल टॉपर्स की सूची में शामिल मानी जा रही हैं. ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल  की छात्रा आर्ट्स स्ट्रीम की नेशनल टॉपर के रूप में सामने आई हैं. उनकी इस सफलता से स्कूल, परिवार और शहर में खुशी की लहर है. भव्या ने इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस और पेंटिंग में 100 में 100 नंबर हासिल किए हैं। 

    भव्या की सफलता ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। 

    अपनी उपलब्धि पर क्या बोलीं भव्या? 

    अपनी उपलब्धि के बारे में बताते हुए छात्रा ने कहा कि वह पढ़ाई को घंटों में नहीं बांटती थीं बल्कि प्रोडक्टिव स्टडी पर फोकस करती थीं. उन्होंने कहा कि रोजाना पढ़ाई, सही प्लानिंग और खुद पर भरोसा उनका सफलता बनीं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों को दिया। 

    स्कूल से हमेशा मिला सहयोग
    बात करते हुए भव्या ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों ने उनका हर कदम पर साथ दिया. परीक्षा के समय किसी भी तरह की परेशानी में उनके शिक्षकों ने दूर करने में मदद की. भव्या ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि केवल पढ़ाई करना ही जरूरी नहीं है बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।   

    भविष्य की योजना 
    बता दें कि भव्या की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता बिजनेसमैन हैं. परिवार के अनुसार भव्या रोजाना 10 से 12 घंटे नियमित पढ़ाई करती थीं. भव्या का अगला लक्ष्य  UPSC परीक्षा पास कर सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं और देश की सेवा करना चाहती हैं। 

    क्या बोले स्कूल के डयरेक्टर? 
    स्कूल के अकादमिक डयरेक्टर सिम्मी मेहता ने कहा कि भव्या जैसी छात्रा देश के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं और उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है। 

  • दरवाजा बंद, अंदर चली खास चर्चा! अखिलेश-अपर्णा की मुलाकात ने बढ़ाई चर्चाएं

    दरवाजा बंद, अंदर चली खास चर्चा! अखिलेश-अपर्णा की मुलाकात ने बढ़ाई चर्चाएं

    लखनऊ

    अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन के बाद लखनऊ से लेकर सैफई तक शोक का माहौल है. गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में किया जाएगा. इससे पहले बुधवार देर शाम तक कालिदास मार्ग स्थित आवास पर नेताओं, रिश्तेदारों और करीबी लोगों का आना-जाना लगा रहा. इसी बीच कई भावुक दृश्य भी सामने आए। 

    अपर्णा यादव जब असम से लौटकर सीधे लखनऊ पहुंचीं तो घर के भीतर का माहौल बेहद गमगीन था. कुछ ही मिनटों बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर भी एंबुलेंस से आवास पहुंचा. परिवार के लोग लगातार एक-दूसरे को संभालने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान अखिलेश यादव भी घर पहुंचे. जैसे ही अखिलेश ने प्रतीक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया उसके बाद अपर्णा यादव और अखिलेश यादव के बीच कुछ देर बंद कमरे में बातचीत हुई. बाहर पूरा परिवार और करीबी लोग मौजूद रहे, लेकिन उस कमरे में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। 

    अपर्णा यादव ने खुद दी अंतिम संस्कार की जानकारी

    प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार को लेकर अपर्णा यादव ने खुद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की. उन्होंने लिखा कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि पद्म विभूषण और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के सुपुत्र एवं हम सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में संपन्न होगा. उन्होंने इस दुःख की घड़ी में लोगों से गरिमामयी उपस्थिति की अपील भी की. पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर संवेदनाओं की बाढ़ आ गई. राजनीतिक दलों के नेताओं से लेकर आम लोगों तक ने परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया। 

    पोस्टमार्टम हाउस से निकले तो भावुक दिखे अखिलेश
    इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे. वहां मीडिया से बातचीत के दौरान वह काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक थे और हमेशा फिटनेस पर ध्यान देते थे. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक बिजनेस में व्यस्त रहते थे और कई बार व्यापारिक नुकसान मानसिक दबाव भी पैदा कर देता है. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी. उस दौरान उन्होंने प्रतीक से कहा था कि वह अपने बिजनेस पर ध्यान दें. अखिलेश यादव ने कहा, वह बहुत अच्छा लड़का था. उन्होंने यह भी कहा कि पूरा परिवार इस समय एकजुट होकर खड़ा है और आगे परिवार जो फैसला करेगा, उसी के अनुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 

    अपर्णा के पहुंचने का इंतजार करता रहा परिवार
    पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यादव परिवार के कई सदस्य सीधे घर नहीं पहुंचे. परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक पहले अपर्णा यादव के लखनऊ पहुंचने का इंतजार किया गया. अपर्णा असम से फ्लाइट के जरिए सीधे लखनऊ पहुंचीं और एयरपोर्ट से कालिदास मार्ग स्थित आवास चली गईं. उनके पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर भी घर लाया गया. घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे. वहीं अंदर लगातार परिवार और करीबी लोगों का पहुंचना जारी रहा। 

    सबसे पहले पहुंचे शिवपाल यादव
    प्रतीक यादव का शव घर पहुंचने के तुरंत बाद सबसे पहले शिवपाल यादव वहां पहुंचे. कुछ ही देर में डिंपल यादव भी घर पहुंच गईं. दोनों ने अपर्णा यादव और उनकी बेटियों को ढांढस बंधाया. घर के भीतर का माहौल बेहद भावुक था. कई बार परिवार के सदस्य खुद को संभालते नजर आए. अखिलेश यादव और डिंपल यादव काफी देर तक प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के पास रहे. इस दौरान उनकी दोनों बेटियां भी वहीं मौजूद रहीं। 

    बीजेपी और सपा नेताओं का लगा तांता
    प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक सीमाएं भी टूटती नजर आईं. समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेता परिवार को सांत्वना देने पहुंचे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी घर पहुंचे. सैफई से यादव परिवार के कई सदस्य लगातार लखनऊ पहुंचते रहे. इसी दौरान मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे. शाम तक घर के बाहर नेताओं और समर्थकों की भीड़ बढ़ती चली गई

    CM योगी भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने
    शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे. मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. इससे पहले मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर भी दुख जता चुके थे. उन्होंने कहा था कि प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है और ईश्वर परिवार को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दें। 

    साक्षी महाराज और अखिलेश की मुलाकात चर्चा में
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने से ठीक पहले एक और तस्वीर चर्चा में आ गई. भाजपा सांसद साक्षी महाराज भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे. इसी दौरान बाहर आए अखिलेश यादव सीधे साक्षी महाराज के पास गए और उन्हें गले लगा लिया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. हाल के दिनों में साक्षी महाराज ने ओबीसी वोट और यूजीसी जैसे मुद्दों पर भाजपा को लेकर बयान दिए थे. ऐसे में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई. हालांकि उस समय माहौल पूरी तरह शोक का था और दोनों नेताओं ने परिवार के दुख को प्राथमिकता दी। 

    अंतिम समय में घर पर थीं दोनों बेटियां
    जानकारी के मुताबिक जिस समय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उस समय घर में उनकी दोनों बेटियां मौजूद थीं. घरेलू स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी वहीं तैनात थे. उस दौरान अपर्णा यादव असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई हुई थीं. सूत्रों के अनुसार सुबह करीब पांच बजे घरेलू नौकर ने प्रतीक यादव को कमरे में बेहोशी की हालत में देखा. बताया जा रहा है कि वह कोहनी के बल पड़े हुए थे. नौकर ने तुरंत परिवार और अस्पताल को सूचना दी. इसके बाद सिविल अस्पताल से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को घर भेजा गया। 

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
    डॉक्टर जब मौके पर पहुंचे तो शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी. हार्ट फंक्शन भी नहीं कर रहा था. इसके बाद तत्काल अस्पताल में इमरजेंसी तैयारी शुरू की गई और उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान ड्राइवर के साथ अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट भी मौजूद थे. सिविल अस्पताल के CMS डीसी पांडे के मुताबिक सुबह करीब छह बजे प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों ने बताया कि शरीर में कोई हलचल नहीं थी और आंखें भी स्थिर हो चुकी थीं. परिवार के अनुसार पिछले तीन-चार दिनों से प्रतीक यादव घर पर ही रह रहे थे. मई के पहले सप्ताह में उनके बाएं पैर की सर्जरी हुई थी. सर्जरी के बाद उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी और पैर में सूजन भी थी. जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल के आसपास उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिन तक इलाज चला. हालत में सुधार होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था. डॉक्टर रचित शर्मा की निगरानी में उनका इलाज जारी था। 

    पल्मोनरी एंबॉलिज्म से जूझ रहे थे प्रतीक
    डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जम जाते हैं, जिससे अचानक सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और हार्ट संबंधी समस्या हो सकती है. डॉ. केके सिंह के मुताबिक यह बीमारी कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसमें डीप वेन थ्रॉम्बोसिस से बना ब्लड क्लॉट फेफड़ों तक पहुंच जाता है. सूत्रों के मुताबिक प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से भी गुजर रहे थे. हालांकि इसे लेकर परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल पूरा परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है और लखनऊ में लगातार लोगों का पहुंचना जारी है। 

  • दिल्ली में दरिंदगी की हद पार! बस में महिला से गैंगरेप, 2 आरोपी गिरफ्तार

    दिल्ली में दरिंदगी की हद पार! बस में महिला से गैंगरेप, 2 आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली
     दिल्ली में फिर निर्भया जैसी गैंगरेप की घटना सामने आई है। घटना दिल्ली के रानीबाग इलाके की है। रानीबाग इलाके में चलती प्राइवेट बस में महिला के साथ गैंगरेप हुआ है। पीड़िता के मुताबिक वह सोमवार रात काम से लौट रही थी। सरस्वती विहार बस स्टैंड पर उसने बस को हाथ दिया। बस धीमी हुई, ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला को जबरन अंदर खींच लिया और फिर पूरी रात उसके साथ गैंगरेप किया। बाद में आरोपी महिला को सड़क किनारे फेंककर भाग गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज करके बस को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बस को कब्जा में ले लिया गया है। इसकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। पुलिस टीम इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि क्या इस अपराध में और भी लोग शामिल थे।

    बहरहाल, महिला ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद उसे सुनसान इलाके में फेंककर भाग गए। किसी तरह उसने पुलिस को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही रानीबाग थाना पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बस की पहचान कर ली। इसके बाद बस को जब्त करके ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

    दो आरोपी गिरफ्तार
    जांच के दौरान पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच को गति दी जा रही है।

    मेडिकल जांच और एफआईआर दर्ज
    महिला का मेडिकल जांच कराने के बाद औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को केस की जांच में शामिल किया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

    तीन बच्चों की मां है पीड़िता
    जानकारी के मुताबिक पीड़िता एक विवाहित महिला है और उसके तीन बच्चे हैं। पुलिस इस पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देख रही है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई जारी
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। अन्य संभावित सबूतों को जुटाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई और व्यक्ति या साजिश तो शामिल नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पहले भी हुई ऐसी वारदात
    ऐसा मामला इससे पहले साल 2012 में भी देखा गया था। दिल्ली में हुए निर्भया कांड (Nirbhaya case) ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद सार्वजनिक परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सख्त कानून और नीतिगत बदलाव किए गए, लेकिन समय-समय पर इस तरह की घटनाएं यह सवाल फिर से उठाती हैं कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर शिक्षा बोर्ड ने शुरू किया ‘नो व्हीकल डे’ अभियान

    प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर शिक्षा बोर्ड ने शुरू किया ‘नो व्हीकल डे’ अभियान

     भिवानी

     हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन कर्मचारी बिना किसी व्हीकल के आएंगे। इसकी शुरूआत वीरवार से होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी/कर्मचारी वीरवार को किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे।

    जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार/बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पेट्रोल/डीजल वाहनों के स्थान पर साईकिल/ईलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें।

    बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल/डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। सभी अधिकारी/कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग ना करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करें।

  • उपराज्यपाल ने किया एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन का उद्घाटन, युवाओं को नशे से बचाने का प्रयास

    उपराज्यपाल ने किया एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन का उद्घाटन, युवाओं को नशे से बचाने का प्रयास

    नई दिल्ली

     दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए
    इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है।

    ड्रग्स नष्ट कर दिए गए
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

    72 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट किए
    दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए
    इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है।

    पुलिस के अनुसार
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

    एलजी ने नष्ट किए नशीले पदार्थ….
    पदार्थ     मात्रा
    गांजा     1610 kg
    चरस     21 kg
    हेरोइन     11 kg
    कोकेन     591 ग्राम
    कैनाबिस सटाइवा     21 kg
    अल्प्राजोलम टैबलेट     30 kg

    कब-कब नष्ट किए गए नशीले पदार्थ…
    तारीख     मात्रा
    21 दिसंबर 2022     2,888kg
    26 जून 2023     5,700 kg
    20 फरवरी 2024     10,631 kg
    17 दिसंबर 2024     10,601.192 kg
    24 जनवरी 2025     1,575 kg
    03 अप्रैल 2025     1,624 kg

  • दिल्ली अदालतों में हड़ताल: हाई कोर्ट के फैसलों के विरोध में 14 मई को कामकाज ठप

    दिल्ली अदालतों में हड़ताल: हाई कोर्ट के फैसलों के विरोध में 14 मई को कामकाज ठप

    नई दिल्ली

     दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 14 मई को न्यायिक कामकाज प्रभावित रहेगा। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने गुरुवार को पूरी तरह से न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। 10 मई को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया।

    10 मई को हुई आपात बैठक में लिया गया फैसला
    समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट पर जिला अदालत प्रशासन से जुड़े अहम फैसले ‘मनमाने तरीके’ से लेने का आरोप लगाया है। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बार एसोसिएशनों को नीति निर्माण प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। कोऑर्डिनेशन कमिटी ने सभी बार सदस्यों से हड़ताल में पूरी भागीदारी की अपील की है। हड़ताल के चलते दिल्ली की जिला अदालतों में जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों सहित नियमित सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है।

    क्या है मामला
        14 मई को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल
        दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 'मनमाने तरीके' से फैसले लेने का विरोध
        नीति निर्माण में बार एसोसिएशन की अनदेखी पर नाराजगी

        10 मई को हुई आपात बैठक में काम के बहिष्कार का निर्णय
        जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा असर
        कोऑर्डिनेशन कमिटी द्वारा न्यायिक कार्य के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान
        महासचिव विजय बिश्नोई ने जारी किया आधिकारिक बयान
        बार एसोसिएशन को प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया गया

  • उकलाना में निर्दलीय रीमा सोनी की बड़ी जीत, भाजपा प्रत्याशी को 2806 वोटों से हराया

    उकलाना में निर्दलीय रीमा सोनी की बड़ी जीत, भाजपा प्रत्याशी को 2806 वोटों से हराया

     हिसार

    हरियाणा के हिसार जिले की उकलाना नगर पालिका चेयरपर्सन सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी ने शानदार जीत दर्ज की है। 23 वर्षीय रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 2806 वोटों के बड़े अंतर से हराकर चुनाव अपने नाम कर लिया। निकिता गोयल भाजपा के पूर्व चेयरमैन श्री निवास गोयल की बहू हैं।

    उकलाना का यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल लगातार रीमा सोनी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत पांच मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया था।

    चार राउंड में साफ हो गई तस्वीर
    मतगणना के दौरान शुरू से ही रीमा सोनी बढ़त बनाए रहीं। चार राउंड की गिनती में किसी भी चरण में वह पीछे नहीं हुईं। तीसरे राउंड के बाद ही उनके समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और नारे लगाकर खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि दूसरे राउंड के बाद भाजपा नेता श्री निवास गोयल अपनी बहू निकिता गोयल के साथ काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गए थे।

    रीमा को मिले 7078 वोट
    चुनाव परिणाम के अनुसार रीमा सोनी को कुल 7078 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस तरह रीमा ने 2806 वोटों के अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की। जीत के बाद रीमा सोनी ने समर्थकों के साथ रोड शो निकाला। उनके घर और चुनाव कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। पिता हरीश सोनी ने भी बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के नाम पर मतदान किया है।

    सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा
    हरियाणा निकाय चुनावों में कई नगर पालिकाओं और नगर निगमों के नतीजे सामने आने लगे हैं। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला। यहां 16 वार्डों में से 10 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 6 सीटों पर सफलता मिली। परिणाम आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

    सोनीपत में भाजपा की बड़ी जीत
    सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन मेयर चुनाव जीत गए हैं। वहीं वार्ड स्तर पर भी भाजपा को बढ़त मिलती नजर आई। वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी किरन चांदना ने 1967 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके अलावा वार्ड नंबर 13 से भाजपा के महेश लूथरा ने 1644 वोटों से जीत दर्ज की।

    थारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव परिणाम
    धारूहेड़ा नगर पालिका वार्ड पार्षद चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। वार्ड नंबर 1 से कविता, वार्ड 2 से देवेंद्र कुमार शर्मा, वार्ड 3 से त्रिलोक सिंह धारीवाल और वार्ड 4 से निहाल सिंह विजयी रहे। वार्ड 5 से गोपाल, वार्ड 6 से कृष्णा देवी, वार्ड 7 से मोनिका और वार्ड 8 से अमन राव ने जीत दर्ज की। इसी तरह वार्ड 9 से रंजन यादव, वार्ड 10 से अमित यादव, वार्ड 11 से रीना रानी और वार्ड 12 से धर्मवीर चुनाव जीते। वार्ड 13 से प्रिया कुमारी, वार्ड 14 से अनिल कुमार, वार्ड 15 से किरण और वार्ड 16 से मनीषा सैनी विजयी घोषित हुए। वहीं वार्ड 17 से मंशा सैनी और वार्ड 18 से सुमित्रा देवी ने जीत हासिल की।

  • सरकारी मितव्ययता पर जोर, अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने के निर्देश

    सरकारी मितव्ययता पर जोर, अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने के निर्देश

    जयपुर

    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. सीएम भजनलाल ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है. मुख्यमंत्री का यह फैसला पीएम मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल डीजल की बचत करने की अपील की थी.

    पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी ने की अपील
    प्रधानमंत्री मोदी ने पहले हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान इस तरह की अपील की. इसके बाद फिर 24 घंटे के बाद अंदर गुजरात के वड़ोदरा से दोबारा वही अपील की. प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ईंधन के बचत की दिशा में आवश्यक कदम उठाया है.

    खुद के काफिले में वाहन कम करने के निर्देश
    मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने काफिलों में कम से कम वाहनों का उपयोग करें.

    इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक वाहन प्रयोग नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर भी मितव्ययता अपनाई जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.