Category: राज्य

  • खाड़ी तनाव का असर, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े; सरकार EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर दे रही जोर

    खाड़ी तनाव का असर, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े; सरकार EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर दे रही जोर

    जयपुर

    देशभर में शनिवार (23 मई) सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. राजधानी जयपुर में पेट्रोल 93 पैसे प्रति लीटर और डीजल 92 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. पेट्रोल 109.87 रुपये और डीजल 95.09 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इससे पहले भी मंगलवार (19 मई) को जयपुर में पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. वहीं, पिछले शुक्रवार 15 मई को 3.25 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और 3.02 रुपए प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़े थे.

    10 दिन के भीतर तीसरी बार बढ़े दाम
    खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है. इसी बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में 10 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे.

    सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी नहीं
    देश के कई शहरों में सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. 8 दिन में सीएनजी के दाम में भी कुल 4 रुपया प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन जयपुर में सीएनजी के भाव स्थिर बने हुए हैं. राजस्थान राजधानी में कीमत 94.41 रुपये है.  

    ईवी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर
    वहीं, लगातार पेट्रोल और डीजल को लेकर चल रही चिंता के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर दिया गया. सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को लोगों से मितव्ययिता से पेट्रोल डीजल का उपयोग करने की अपील करने के निर्देश दिए गए.

    इसके साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ोतरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. प्रदेश में 262 स्थान पर 591 नई इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है.

  • दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट का आदेश, पहचान परेड न होने पर जांच पर सवाल

    दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट का आदेश, पहचान परेड न होने पर जांच पर सवाल

    नई दिल्ली

     दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में स्थित एक विशेष अदालत ने 2007 के जामिया नगर दंगा मामले में 12 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने आरोपों पर सुनाएगए अपने फैसले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर संदेह पैदा होता है।

    स्पेशल जज विशाल गोगने ने 95 पन्नों के आदेश में कहा कि मामले में पहचान परेड (TIP) नहीं कराई गई, जबकि ऐसे मामलों में यह एक बेहद अहम प्रक्रिया होती है। अदालत के अनुसार, इसके बिना केवल पुलिस गवाहों के आधार पर आरोपियों की पहचान को पूरी तरह विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।

    जांच पर अदालत की टिप्पणी
    अदालत ने कहा कि जिन 12 आरोपियों को बरी किया गया, उनकी गिरफ्तारी घटना के अगले दिन अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों से दिखाई गई थी। जज ने कहा कि रिकॉर्ड से यह जाहिर होता है कि गिरफ्तारी और पहचान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने इस पर भी गौर किया कि जांच में किसी स्वतंत्र सार्वजनिक गवाह को शामिल नहीं किया गया।

    फैसले में कहा गया कि सार्वजनिक गवाहों की गैर-मौजूदगी और पहचान परेड न होने से अभियोजन का मामला कमजोर पड़ता है। हालांकि, अदालत ने 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार, ये आरोपी कथित रूप से भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे और उन पर दंगा, आगजनी, डकैती और हत्या की कोशिश जैसे आरोप हैं।

    जामिया नगर पुलिस चौकी पर हुआ था हमला
    लंबी चली कानूनी प्रक्रिया मामला 22 सितंबर, 2007 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब 1,500 लोगों की भीड़ ने जामिया नगर पुलिस चौकी पर हमला किया था। आरोप था कि स्थानीय बाजार को हटाने की कार्रवाई के विरोध में हिंसा हुई, जिसमे आगजनी, पुलिसकर्मियों पर हमला और सरकारी सपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। करीब 20 साल पुराने इस मामले में पाच आरोपियों की मौत हो चुकी है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई है। वहीं एक आरोपी अब भी फरार घोषित है।

     

  • हरियाणा में विलुप्त होती कलाओं को मिलेगा सहारा, स्कॉलरशिप योजना का ऐलान

    हरियाणा में विलुप्त होती कलाओं को मिलेगा सहारा, स्कॉलरशिप योजना का ऐलान

    फरीदाबाद.

    गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु, संगतकार और शिष्यों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ पाने के लिए लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं और शिष्यों की जानकारी कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को भेजी जाए। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा प्रदेश में लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    क्या होगी छात्रवृत्ति की राशि?
    गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु को प्रति माह 7500 रुपये, प्रति संगतकार को प्रति माह 3750 रुपये और प्रत्येक शिष्य को प्रति माह 1500 रुपये की राशि छात्रवृत्ति के तौर पर प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए गुरुओं तथा शिष्यों के नामों की सूची कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा को भेजी जाए, ताकि भारत सरकार की इस नीति के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। इस योजना के बारे में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सेक्टर-सात, एससीओ नंबर-29, दूसरा तल स्थित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

  • लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतें, दोपहिया और चारपहिया चालकों की बढ़ी चिंता

    लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतें, दोपहिया और चारपहिया चालकों की बढ़ी चिंता

    लखनऊ

    पश्चिम एशिया संकट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल, डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। मंगलवार के बाद अब एक बार फिर आज पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

    एक सप्ताह में कीमतों में लगातार दूसरी वृद्धि के बाद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.70 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 87 पैसे और 91 पैसे प्रति लीटर का ही इजाफा किया गया था। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि तेल कंपनियों को रोज 750 करोड़ रुपये नुकसान हो रहा है।

    यूपी के शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट
    एचपीसीएल (HPCL) की साइट पर दिख रहे दामों के मुताबिक, लखनऊ में शनिवार को पेट्रोल 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर है। वाराणसी में पेट्रोल 99.62 और डीजल 93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो आगरा में पेट्रोल 99.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.40 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, मेरठ में पेट्रोल 99.15 रुपये और डीजल 92.53 रुपये प्रति लीटर है।

    कानपुर में सोमवार को पेट्रोल 99.33 रुपये और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, गोरखपुर में पेट्रोल प्रति लीटर 99.49 रुपये और डीजल प्रति लीटर 92.86 रुपये है। इनके अलावा बरेली में पेट्रोल 98.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है। प्रयागराज में पेट्रोल 99.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.62 रुपये प्रति लीटर है।

    दोपहिया वाहन चालकों पर सालाना बोझ
    तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने एक सप्ताह में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसका आम आदमी की जेब पर तगड़ा असर पड़ेगा। हाल ही में आज से पहले भी दो बार बढ़ी दरों को जोड़ें तो कुल पांच रुपये के करीब कीमत बढ़ गई है। ऐसे में सालाना अतिरिक्त खर्च का बोझ दो पहिया सवार पर बढ़ेगा। ऑटो एक्सपर्ट बता रहे हैं औसत रूप से एक बाइक या स्कूटर में एक माह के दौरान 30 लीटर पेट्रोल की खपत रहती है। इसी तरह चार पहिया वाहनों में एक माह में 80 से 100 लीटर तक की खपत होती है। चार पहिया वाहन चालकों की जेब पर तीन बार हुई बढ़ोतरी से सालाना बोझ बढ़ जाएगा।

  • अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमुना नगर में सैकड़ों वाहनों पर शिकंजा

    अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमुना नगर में सैकड़ों वाहनों पर शिकंजा

    यमुना नगर.

    यमुनानगर में लगातार उजागर हो रहे अवैध खनन के नेटवर्क पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। दैनिक जागरण द्वारा लगातार प्रकाशित खबरों के बाद करनाल स्पेशल टास्क फोर्स और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने इंद्री और लाडवा क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री से भरे 100 से अधिक वाहनों को पकड़कर खनन माफिया पर बड़ा शिकंजा कसा है।

    जांच में अब तक 25 से अधिक वाहनों के पास ई-रवन्ना, रॉयल्टी और परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई चालक हाईवे और ढाबों पर वाहन छोड़कर फरार हो गए। बेलगढ़ क्षेत्र, यमुना नदी और आसपास के इलाकों में अवैध खनन नेटवर्क चल रहे है। खबरों में बार-बार सामने लाया गया कि किस प्रकार यमुनानगर से प्रतिदिन भारी संख्या में खनन सामग्री से भरे वाहन प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक दावे केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे थे। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जिले में 20 से अधिक माइनिंग नाके होने के बावजूद अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन यमुनानगर से निकलकर करनाल तक कैसे पहुंच गए। यदि सीमाओं पर निगरानी और जांच व्यवस्था सक्रिय थी तो इतने बड़े स्तर पर वाहन पकड़े जाने से पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए अधिकांश वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। कई वाहनों के नंबर, रजिस्ट्रेशन और परिवहन रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अवैध खनन का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वैध खनन कारोबारियों का कहना है कि एक ओर वे करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार से खनन ब्लॉक लेते हैं और नियमित राजस्व जमा करते हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध खनन माफिया सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार अवैध खनन के कारण वैध एजेंसियों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार जिले में 30 के करीब माइनिंग ब्लॉक समय पर भुगतान न होने और अन्य कारण से पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य ब्लॉक भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो वैध खनन उद्योग गंभीर संकट में आ सकता है। जिले में केवल दो ही साइट चल रही है। यमुना सेवा समिति के प्रधान किरण पाल राणा का कहना है कि करनाल में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यमुनानगर से संचालित अवैध खनन का नेटवर्क केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा दूसरे जिलों तक फैला हुआ है। मामले की जांच होनी चाहिए। जिन नाको से वाहन निकले उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

  • कोटा से जैसलमेर तक लू का अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

    कोटा से जैसलमेर तक लू का अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

    जयपुर

    राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.  

    कई हिस्सों में हो सकती है बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है.

    3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
    हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है.

    कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट!
    चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

  • मिथेनॉल वाली जहरीली शराब से मौतों पर गिरी गाज, कई अधिकारी सस्पेंड

    मिथेनॉल वाली जहरीली शराब से मौतों पर गिरी गाज, कई अधिकारी सस्पेंड

    चंपारण

    बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में अप्रैल में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू मद्य निषेध कानून लागू रहेगा। जो भी लोग, जनता या अधिकारी शराबबंदी कानून का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार करेगी।

    निलंबित होने वाले मद्यनिषेध पदाधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज, सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार के साथ मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक (मद्यनिषेध) अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि शामिल हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है।

    तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में दो एएसआई निलंबित
    पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में पिछले माह जहरीली शराब से हुई 10 मौत के मामले में दो एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में घटनास्थल से जब्त अवैध स्प्रिट में मेथेनॉल की भारी मात्रा पाई गई, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग ने मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रंजीत कुमार व रौशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल में रधुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना, गदरिया व बालगंगा गांव में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर कराया गया।

    मद्य निषेध विभाग ने इस घटना के बाद मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रौशनी कुमारी व रंजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा को मामले की जांच सौंपी थी। दरभंगा उपायुक्त ने घटनास्थल की जांच करते हुए अवैध स्प्रिट के नमूने जब्त किये थे।

    जांच में मद्यनिषेध थाने की लापरवाही साबित
    जांच में पता चला कि पिछले कई माह से मोतिहारी मद्यनिषेध थाना शराब और स्प्रिट के धंधे की जांच ही नहीं कर रहा था। इस मामले में थाने को न कोई गुप्त सूचना मिल पायी और न ही उसने कोई एहतियाती या निरोधात्मक कदम उठाये। इतना ही नहीं घटनास्थल से जब्त स्प्रिट में मेथेनॉल की अधिक मिलावट पाई गई, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मामले में दोनों एएसआई के स्प्ष्टीकरण को विभाग ने अमान्य करार दिया है। अंतत: मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को दोनों एएसआई को निलंबित कर दिया।

  • स्मार्ट मीटर विवाद गहराया, जांच रिपोर्ट और लैब की मान्यता पर घमासान

    स्मार्ट मीटर विवाद गहराया, जांच रिपोर्ट और लैब की मान्यता पर घमासान

    लखनऊ

     स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है।

    स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती।

    स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष
    बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

    पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर
    वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

  • ED एक्शन के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे AAP नेता, गुरुग्राम जेल में अरोड़ा से मिलेंगे मान-केजरीवाल

    ED एक्शन के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे AAP नेता, गुरुग्राम जेल में अरोड़ा से मिलेंगे मान-केजरीवाल

    चंडीगढ़
    मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

    ED ने किया था गिरफ्तार
    पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन नि
    देशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है।

    गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन
    संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है।

    अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है।

    पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा
    संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी।

    पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।

    जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना।

    रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं।

    अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था।

    अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं।

    इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

    अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

  • 48 घंटे की राहत के बाद फिर बढ़ेगी तपिश, यूपी में गर्म पछुआ का अलर्ट

    48 घंटे की राहत के बाद फिर बढ़ेगी तपिश, यूपी में गर्म पछुआ का अलर्ट

    लखनऊ

    यूपी में प्रचंड धूप, गर्म हवाओं ने शुक्रवार को भी 25 शहरों को झुलसाया। बांदा 46.4 और प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए रेड, 18 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है।

    क्या है वजह
    मध्य भारत में प्रति चक्रवात, शुष्क पछुआ से समूचा प्रदेश तप रहा है।

    कहां असर
    चार जिलों के लिए लू का रेड, 18 में ऑरेन्ज अलर्ट।

    तापमान
    अधिकतम 42.4 डिग्री, न्यूनतम सामान्य से 3.3 डिग्री 28.8 डिग्री

    यहां रेड अलर्ट
    बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रयागराज।
    आगे क्या: दो दिन बाद पछुआ और बढ़ाएगी तपिश

    मौसम विभाग के अनुसार हवा के ऊपरी क्षोभमंडल में पुरवा ने जोर पकड़ लिया है। इससे हवा में नमी बढ़ गई, जिसके कारण ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आई है। मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत 48 घंटे की है, इसके बाद फिर गर्म पछुआ जोर पकड़ेगी और तपिश चढ़ेगी।

    आसमान से बरसती आग को कम नहीं कर सका एक डिग्री गिरा पारा
    भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को पश्चिम यूपी में दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी राहत नहीं दे सकी। दिनभर चिलचिलाती धूप और लू के बीच वेस्ट यूपी में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहा। अब तक दिन में जारी भीषण गर्मी का असर अब रात को भी होने लगा है। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम मापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन का सर्वाधिक है। गुरुवार की रात मेरठ में सीजन की सबसे गर्म रही। आने वाले 24-48 घंटे में दिन-रात के तामपान में और बढ़ोतरी के आसार हैं। रात में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है।

    मेरठ में अभी नियंत्रण में वेट 24 मई को राहत की आस
    निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार 24 मई के आसपास दिल्ली और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी एवं हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।

    वेट बल्ब तापमान सामान्य
    भीषण गर्मी के बीच मेरठ में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यहां अभी वेट बल्ब तापमान सामान्य सीमा में है। वेट बल्ब तापमान हवा के तापमान और उसकी आर्द्रता यानी नमी का संयुक्त माप है जो बताता है कि पसीना आने पर शरीर स्वयं को कितना ठंडा रख सकता है। थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। जब गर्म हवा में नमी अधिक होती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें सामान्य से कहीं अधिक भीषण गर्मी का अहसास होता है।

    वैज्ञानिक स्थिति में 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान मानव शरीर के लिए अधिकतम सीमा है। वेट बल्ब तापमान ऊपर चला जाता है तो पसीना वाष्पीकृत होना पूरी तरह बंद हो जाता है और मौत तक हो सकती है। शुक्रवार को मेरठ में वेट बल्ब तापमान 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो अभी सहनीय श्रेणी में है। 25-30 डिग्री का वेट बल्ब तापमान असहज की स्थिति पैदा करता है 30-31 डिग्री सेल्सियस उच्च जोखिम स्तर लाता है। 31-35 डिग्री सेल्सियस अत्यधिक जोखिम श्रेणी है।