Category: राज्य

  • अमृतसर में धमकी भरा मेल मिलने से मचा हड़कंप, खालिस्तानी नारों के साथ बम धमाकों की चेतावनी

    अमृतसर में धमकी भरा मेल मिलने से मचा हड़कंप, खालिस्तानी नारों के साथ बम धमाकों की चेतावनी

    अमृतसर

    ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले अमृतसर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत, रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों को निशाना बनाने संबंधी एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल में तीन से पांच जून के दौरान नगर निगम कार्यालयों, मेयर कार्यालयों और जिला अदालतों में विस्फोट की धमकी दी गई है, जबकि छह जून को रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बम एवं हथगोला हमला करने की चेतावनी दी गई है। संदेश में लोगों को रेल यात्रा न करने की भी चेतावनी दी गई है। 

    संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
    धमकी मिलने के बाद अमृतसर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय परिसर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    नगर निगम मुख्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पीछे का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। बेसमेंट पार्किंग से मेयर कार्यालय की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी आवाजाही रोक दी गई है। निगम परिसर में आने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। धमकी बारे में ईमेल में खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं। मेल में लिखा गया है। "ना पंजाब होगा, ना दिल्ली होगी ना हरियाणा होगा, केवल खालिस्तान होगा।"

  • पटना में तनाव के बीच खान सर के कोचिंग सेंटर पर ताला, हमले के बाद बंद हुई क्लासेस

    पटना में तनाव के बीच खान सर के कोचिंग सेंटर पर ताला, हमले के बाद बंद हुई क्लासेस

    पटना 

    खान सर ने हमले की घटना के बाद अपने कोचिंग सेंटर को बंद कर द‍िया है. मंगलवार 2 जून 2026 की देर शाम को ब‍िहार की राजधानी पटना के मुसल्‍लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था. तीन से चार राउंड तक गोली चलने की बात कही जा रही है. खान सर का दावा है कि कोचिंग सेंटर में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी गई. गार्ड को इतना पीटा गया कि वह लहूलुहान हो गया. घायल अवस्‍था में उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पटना के एसएसपी, एसपी समेत पुलिस प्रशासन का पूरा अमला दलबल के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्‍होंने आश्‍वास‍न दिया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। 

    पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद खान ग्लोबल स्टडीज को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. घटना के बाद से अब तक कोचिंग में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. इस बीच बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग परिसर के बाहर पहुंच रहे हैं, लेकिन संस्थान की ओर से उन्हें पढ़ाई शुरू होने या कोचिंग खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. जानकारी के अभाव में कोचिंग के बाहर छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. छात्र अपनी कक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. गौरतलब है कि हाल ही में कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संस्थान के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल कोचिंग प्रबंधन ने अगली सूचना तक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है। 

    सड़कों पर उतरे छात्र
    खान सर के कोचिंग संस्थान पर देर शाम हुई कथित तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कोचिंग पढ़ने पहुंचे छात्रों ने संस्थान के बाहर नारेबाजी करते हुए खान सर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. छात्रों का कहना था कि उनके प्रिय शिक्षक पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और प्रशासन को तत्काल उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए. सुबह से ही खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हजारों छात्र एकत्र हो गए, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। 

    खान सर की छात्रों से अपील
    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खान सर स्वयं कोचिंग सेंटर की बालकनी में पहुंचे और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने बार-बार छात्रों से सड़क खाली कर अपने-अपने घर लौटने का अनुरोध किया. हालांकि, खान सर की अपील के बावजूद छात्र मौके से हटने को तैयार नहीं दिखे और लगातार नारेबाजी करते रहे. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी सुरक्षा संबंधी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर के बाहर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी था. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे तथा भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे। 

    छात्रों में आक्रोश
    गौरतलब है कि मंगलवार देर रात खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था. इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में छात्र खान सर के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ खान सर को सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। 

  • दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    नई दिल्ली

    दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है।

    प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है।

    कम हो रहा उत्पादन
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है।

    पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

    पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा
    मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा

    कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा
    हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।

  • सम्राट चौधरी बोले- ‘एक परिवार को अलग-अलग सरकारी आवास नहीं’, लालू परिवार पर साधा निशाना

    सम्राट चौधरी बोले- ‘एक परिवार को अलग-अलग सरकारी आवास नहीं’, लालू परिवार पर साधा निशाना

    मुजफ्फरपुर.

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार संविधान से चल रहा है। कुछ इसे राजतंत्र के अनुसार चलाना चाहते हैं, मगर ऐसा नहीं होगा। बिहार में लोकतंत्र है। यहां कानून का राज है। आवास तो ख़ाली करना ही पड़ेगा। इसे कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। उनका निशाना लालू परिवार पर था।

    पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने को लेकर कहा, पिता के लिए अलग, बेटा के लिए अलग, पत्नी के लिए अलग आवास चाहिए। सभी को अलग अलग सुरक्षा चाहिए। उन्हें नीति सिद्धांत से मतलब नहीं। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो आवास भी समय से खाली कर दिया। कुछ लोग यहाँ राजतंत्र चलाना चाहते, मगर ऐसा नहीं होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मोतीपुर की परसौनी नाथ पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे आवास को लेकर बयान दे रहे हैं। उन्हें यह बता दूं कि उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहने पर भी वह पिता के घर में रहे। वह भी पिताजी ने घर का एक हिस्सा दिया।

    पीएम मोदी, नीतीश कुमार, एनडीए के नेता और जनता ने मुख्यमंत्री बनाया तो सीएम आवास में आया हूं। यहां जनता जिसे चाहेगी मुख्यमंत्री बनाएगी। सहयोग शिविर को लेकर उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के मार्ग पर चल कर बिहार को समृद्ध बनाना है। लोगों की समस्या का समाधान देना है। इसलिए ही यह क़ानून बनाया गया है। आपकी समस्या का निदान कर्मचारियों और पदाधिकारियों को करना ही होगा। अगर 10 दिन में नहीं किया तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से एक नोटिस जाएगा। फिर 20 दिन में नहीं किया तो 21वें दूसरा नोटिस जाएगा।

    तीसरा मौक़ा भी दिया जाएगा। लेकिन 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। तीस दिनों में समाधान नहीं हुआ तो नोटिस नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से नोटिस नहीं कर्मचारी और पदाधिकारी के निलंबन का आदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित किया। मैं भी आपको एक बात के लिए आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी अपराधी या गुंडा अगर पुलिस को चैलेंज करता है तो उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, हरा गमछा के मेरे बयान पर कुछ लोगों ने टिप्पणी की। मैं कहता हूं हरा रंग हरियाली का प्रतीक है। अगर कोई गुंडागर्दी करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

  • बिहार में बेटियां बन रहीं आत्मनिर्भर, NFHS-6 रिपोर्ट में शिक्षा को लेकर सकारात्मक संकेत

    बिहार में बेटियां बन रहीं आत्मनिर्भर, NFHS-6 रिपोर्ट में शिक्षा को लेकर सकारात्मक संकेत

    पटना.

    नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS)-6 की रिपोर्ट ने बिहार के सामाजिक और शैक्षणिक विकास की सकारात्मक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में छह वर्ष और उससे अधिक आयु की स्कूल जाने वाली लड़कियों की संख्या 61.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.1 प्रतिशत हो गई है। यानी छात्राओं की स्कूलिंग में करीब पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    इसके मुकाबले पुरुषों में 10 या उससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या 42.8 प्रतिशत से बढ़कर 45.9 प्रतिशत हुई है, जो करीब तीन प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, साइकिल योजना और सामाजिक जागरूकता अभियानों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। राजधानी पटना समेत राज्य के शहरी क्षेत्रों में लड़कियों का विद्यालयों और कालेजों में नामांकन लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार में महिलाओं की शैक्षणिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 33.1 प्रतिशत महिलाओं ने 10 या उससे अधिक वर्षों की स्कूली शिक्षा पूरी की है, जबकि एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 28.8 प्रतिशत था। यानी लगभग 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    बैंकिंग और डिजिटल पहुंच में भी सुधार
    एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 98.5 प्रतिशत परिवारों के कम से कम एक सदस्य के पास बैंक या डाकघर खाता है, जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 95.5 प्रतिशत था। वहीं इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 20.6 से बढ़कर 58.4 हो गया है। पुरुषों में यह आंकड़ा 35.4 प्रतिशत से बढ़कर 78.1 प्रतिशत पहुंच गया है। 

    बाल विवाह और प्रजनन दर में कमी
    रिपोर्ट के अनुसार 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की उन महिलाओं का प्रतिशत, जिनकी शादी 18 वर्ष से पहले हुई थी, 40.8 प्रतिशत से घटकर 34.6 प्रतिशत हो गया है। वहीं कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 3.0 से घटकर 2.7 पर पहुंच गई है। इसे जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार
    बिहार में बिजली सुविधा वाले घरों की संख्या 96.3 प्रतिशत से बढ़कर 98.5 प्रतिशत हो गई है। बेहतर पेयजल सुविधा प्राप्त करने वाली आबादी का प्रतिशत 99.2 से बढ़कर 99.8 हो गया है। स्वास्थ्य बीमा या वित्तीय सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों का प्रतिशत भी 17.4 से बढ़कर 21.1 दर्ज किया गया है।

    पटना में दिख रहा बदलाव
    शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पटना में छात्राओं की स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और बेटियों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार एनएफएचएस-6 के आंकड़े संकेत देते हैं कि बिहार में सामाजिक विकास की रफ्तार तेज हुई है और इसमें महिलाओं की भागीदारी निर्णायक भूमिका निभा रही है।

    बदलाव की गवाही देते आंकड़े
    स्कूल जाने वाली लड़कियां : 61.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.1 प्रतिशत
    10 वर्ष या अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाएं : 28.8 प्रतिशत से बढ़कर 33.1 प्रतिशत
    10 वर्ष या अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त पुरुष : 42.8 प्रतिशत से बढ़कर 45.9 प्रतिशत
    इंटरनेट उपयोग करने वाली महिलाएं : 20.6 प्रतिशत से बढ़कर 58.4 प्रतिशत
    बैंक खाता वाले परिवार : 95.5 प्रतिशत से बढ़कर 98.5 प्रतिशत
    बाल विवाह (18 वर्ष से पहले) : 40.8 प्रतिशत से घटकर 34.6 प्रतिशत
    कुल प्रजनन दर : 3.0 से घटकर 2.7

  • पंचकूला में चल रहा था इंटरनेशनल फ्रॉड रैकेट, फर्जी कॉल सेंटर से 21 गिरफ्तार

    पंचकूला में चल रहा था इंटरनेशनल फ्रॉड रैकेट, फर्जी कॉल सेंटर से 21 गिरफ्तार

    पंचकूला.

    पंचकूला साइबर थाना पुलिस ने सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक कार्यालय में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान 21 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-2 मार्केट में स्थित एक कार्यालय से विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही है। सूचना के आधार पर सोमवार देर रात साइबर थाना टीम ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया। मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 11.30 लाख रुपये नकद, 3 वॉकी-टॉकी, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 3 पीओएस मशीनें और सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं।

    प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को विभिन्न बहानों में उलझाकर उनके क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि कॉल सेंटर का संचालन अमेरिकी समय के अनुसार किया जाता था। कार्यालय शाम करीब 7 बजे खुलता था और रात 3 बजे तक गतिविधियां चलती थीं।

    पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया और धोखाधड़ी की कुल रकम कितनी है। मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • सोनीपत: फैक्ट्रियों को लगाना होगा मॉनिटरिंग सिस्टम, पानी के ट्रीटमेंट पर रहेगी 24×7 नजर

    सोनीपत: फैक्ट्रियों को लगाना होगा मॉनिटरिंग सिस्टम, पानी के ट्रीटमेंट पर रहेगी 24×7 नजर

    सोनीपत.

    ड्रेन के जरिए यमुना नदी में जा रहे दूषित पानी को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने उन फैक्ट्रियों की पहचान की हैं, जो अपने शोधित न किए गए (अनट्रीटेड) दूषित पानी को सीधे ड्रेन में बहा रही हैं। इस क्रम में जिले की ऐसी 422 फैक्ट्रियों को चिह्नित है, जिनमें अब चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए निगरानी यंत्र (माॅनिटरिंग डिवाइस) अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    प्रदूषित पानी ड्रेन में न गिरे
    यमुना में लगातार गिर रहे दूषित पानी के कारण नदी का जल स्तर और उसकी शुद्धता प्रभावित हो रही है। यमुना में जा रहे दूषित पानी को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कमर कस ली है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी बिना शोधित (ट्रीट) किए ड्रेन में नहीं गिरना चाहिए। इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने संयंत्रों पर ऑनलाइन रियल टाइम माॅनिटरिंग सिस्टम लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    निगरानी यंत्र लगाएंगी फैक्ट्रियां
    बोर्ड की इस कार्रवाई से उन उद्योगपतियों में हड़कंप है जो अब तक नियमों को ताक पर रखकर दूषित पानी को बिना शोधित किए पास कर रहे थे। यह दूषित पानी ड्रेन छह के माध्यम से ड्रेन आठ में मिलकर सीधे यमुना में गिर रहा था। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये फैक्ट्रियां समय सीमा के भीतर यंत्र लगाती हैं या नहीं। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि जो फैक्ट्रियां निगरानी यंत्र नहीं लगाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    क्या होगा माॅनिटरिंग सिस्टम का काम?
    इन निगरानी यंत्रों के जरिए फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के मानकों की जानकारी सीधे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर उपलब्ध रहेंगी। यदि कोई फैक्ट्री मानक से अधिक प्रदूषित पानी छोड़ती हैं तो इसका तत्काल पता चल जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

    गठित की जाएंगी विशेष निगरानी टीम
    सिर्फ मशीनों के भरोसे न रहकर, बोर्ड अब धरातल पर भी अपनी पकड़ मजबूत करेगा। इसके लिए अलग से विशेष टीमों का गठन किया जा रहा है। ये टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और यह जांचेंगी कि क्या फैक्ट्री संचालक वास्तव में मानकों का पालन कर रहे हैं या फिर मानिटरिंग सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन नहीं बनाया गया, तो इसके परिणाम घातक होंगे।

    दूषित पानी बर्दाश्त नहीं
    "दूषित पानी को बिना शोधित किए बाईपास करना अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में 422 फैक्ट्रियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें निगरानी यंत्र लगवाने के निर्देश दिए हैं। जो फैक्ट्री संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
    – अजय मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत।

  • चंडीगढ़ की ऐतिहासिक पहचान खतरे में! अमेरिकी नीलामी पर विदेश मंत्री S. Jaishankar से दखल की मांग

    चंडीगढ़ की ऐतिहासिक पहचान खतरे में! अमेरिकी नीलामी पर विदेश मंत्री S. Jaishankar से दखल की मांग

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है।

    अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है।

    सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर
    जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं।

    दूतावासों को सतर्क करने की मांग
    अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी।

    जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

  • शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की पहल, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज से आगाज

    शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की पहल, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज से आगाज

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर अधिगम परिणामों के लिए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण आज  से

    प्रदेश सरकार के राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (SIEMAT) तथा लोक 

    शिक्षण संचालनालय के असेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में AICUF (ऑल इंडिया कैथोलिक यूनिवर्सिटी फेडरेशन) में होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

    प्रदेश के सभी जिलों से चयनित शिक्षकों को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में दिया जाएगा प्रशिक्षण

    भोपाल

    प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में पढ़ाई कर रहे व‍िद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने एवं बेहतर अधिगम परिणामों के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण 2 जून से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से चयनित शिक्षकों को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (SIEMAT) तथा लोक शिक्षण संचालनालय के असेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के सभी जिलों से चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 2 जून 2026 से AICUF (ऑल इंडिया कैथोलिक यूनिवर्सिटी फेडरेशन) में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

    प्रदेश के 1,872 शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में होंगे शामिल

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 1,872 शिक्षक शामिल होंगे। 12 विषयों में प्रत्येक जिले से चयनित 3-3 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत ये शिक्षक अपने-अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हुए मूल्यांकन एवं अधिगम सुधार की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में मूल्यांकन प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों, उच्च गुणवत्ता वाले (Diagnostic Assessment), प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा परिणामों के विश्लेषण तथा Values, Aptitude and Behaviour Test के निर्माण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    सटीक आकलन होगा संभव

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं कॉमर्स सहित कुल 12 विषयों के लिए प्रत्येक जिले से चयनित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    इस पहल से विद्यालयों में आयोजित मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धियों का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।

    प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के आधार पर शैक्षणिक नियोजन एवं अधिगम सुधार रणनीतियों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की विषयगत समझ, अधिगम स्तर और परीक्षा प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार होने की संभवनाएं रहेंगी।

    यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरुप विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर राज्य में मूल्यांकन सुधार की मजबूत शैक्षणिक टीम के रूप में कार्य करेंगे तथा विद्यार्थियों को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

     

  • GST वसूली में पंजाब ने मारी बाजी, मई में रिकॉर्ड 14.59% ग्रोथ से बढ़ी सरकार की कमाई

    GST वसूली में पंजाब ने मारी बाजी, मई में रिकॉर्ड 14.59% ग्रोथ से बढ़ी सरकार की कमाई

    चंडीगढ.

    पंजाब ने जीएसटी संग्रह के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए मई 2026 में 14.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को बताया कि राज्य का सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर 2,400.52 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 2,094.81 करोड़ रुपये था।

    इस प्रकार, एक वर्ष में जीएसटी संग्रह में 305.71 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चीमा ने कहा कि राज्य की यह उपलब्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कर अनुपालन में सुधार और कराधान विभाग की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जहां देशभर में सकल जीएसटी राजस्व वृद्धि करीब 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब ने 14.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य की नकद संग्रह वृद्धि 6.57 प्रतिशत रही, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में कहीं अधिक बढ़ोतरी हुई है, जो मजबूत राजस्व आधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत है।

    वित्त मंत्री ने बताया कि कर चोरी रोकने के लिए गठित स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने मई महीने में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 182.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 178.76 करोड़ रुपये की वसूली की। यह सफलता डेटा एनालिटिक्स, खुफिया सूचनाओं, सत्यापन अभियानों और फील्ड स्तर पर चलाए गए विशेष ऑपरेशनों के कारण मिली है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फर्जी बिलिंग और संगठित कर चोरी के नेटवर्क के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी।

    85 करोड़ के फर्जी बिलिंग रैकेट पकड़ा
    चीमा ने बताया कि कर चोरी के खिलाफ अभियान के दौरान विभाग ने 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना स्थित एक फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी लेन-देन के जरिए 15.56 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया था। जांच में सामने आया कि कर चोरी के लिए कागजों पर मौजूद फर्जी फर्मों, नकली बिलों, फर्जी डेबिट नोट और मनगढ़ंत परिवहन रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस धोखाधड़ी से जुड़े लाभार्थियों से करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।