Category: राज्य

  • किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    चंडीगढ़
     केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

    एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है।

    सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

    इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है।

    जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

    कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

     

  • पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को एकजुट करने के साथ ही केंद्र के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

    मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों के प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस की भी मजबूत भागीदारी दिखाई दी। पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और गुरजीत सिंह औजला समेत अन्य नेता दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंचे।

    इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

  • केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

    केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

     रांची
     कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि कम खर्च पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को आयोजिक बैठक में कृषि सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे
    खराब प्रदर्शन करने वाले बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, धनबाद तथा लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

    निदेशक ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना के पुराने लंबित बिलों का अविलंब भुगतान करने और काम में लापरवाही बरतने वाली चयनित एजेंसियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल पांच माह शेष हैं। इसलिए सभी योजनाओं का तेजी क्रियान्वयन किया जाए।

    केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता
    बैठक में अधिकारियों को को बताया गया कि आठ अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रांची दौरा है। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री के साथ केंद्रीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और कोषागार से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया।

    किसान आईडी नहीं बनने पर रुकेगा मानदेय
    डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान जिलावार व्यय पर असंतोष जताया गया। कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित बीटीएम, एटीएम और उप परियोजना निदेशकों के माध्यम से न्यूनतम 14,000 की संख्या में यूनिक किसान आईडी तैयार कराई जाए।

    जब तक संबंधित कर्मी इस कार्य को पूरा करने का प्रमाण नहीं देंगे, तब तक माह अक्टूबर के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस पर सख्ती बरतने के निर्देश हैं।

  • पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पटना
    भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि दोनों पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव के संपर्क में थे और सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे।

    असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण के अभिषेक कुमार सिंह (31), बेगूसराय के रीतेश सिंह (39) को पकड़ा है। दोनों गुवाहाटी के सतगांव थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित एक किराये पर रह रहे थे। पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। स्थानीय स्तर पर परिवार और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जारी बयान में कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाक को मुहैया कराने के आरोप में सेना के जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई।

    दोनों आईएसआई को भेज रहे थे जानकारी
    पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई सेना की खुफिया इकाई (मिलिट्री इंटेलिजेंस) से मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर की गई। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार सिंह कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है और उसके संबंध एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से हैं। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।

  • हरियाणा के विकास को मिलेगा सिंगापुर का साथ, गुरुग्राम से पानीपत तक निवेश से बनेगा नया इनोवेशन हब

    हरियाणा के विकास को मिलेगा सिंगापुर का साथ, गुरुग्राम से पानीपत तक निवेश से बनेगा नया इनोवेशन हब

    चंडीगढ़.

    सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे।

    चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं
    इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है। उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग।

    हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की
    हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए।

    हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा
    हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ। गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

  • प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी का नया वीडियो चर्चा में, छत पर जाते हुए दिखे

    प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी का नया वीडियो चर्चा में, छत पर जाते हुए दिखे

    मथुरा
    संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक नया सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रसिक दुलारी सीढ़ियों पर चढ़ता नजर आ रहा है। इससे मामले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधु रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार वह गुरु कृपा कुंज की छत से गिरा था। जांच के दौरान मौत से पहले उसके साथ हुई घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए।

    सभी साक्ष्य संरक्षित
    पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्णय लिया। इनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्री शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब एक के बाद एक तीन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने इन साक्ष्यों को संरक्षित कर लिया है तो वीडियो किसके द्वारा और किस उद्देश्य से वायरल किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इन वीडियो को वायरल करने का उद्देश्य संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत को आत्महत्या के रूप में स्थापित करना हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    एसआईटी जांच की मांग उठी
    दूसरी तरफ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत की एसआईटी जांच की मांग को लेकर पत्र याचिका भेजी गई है। अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर मामले की जांच के लिए न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि यह देश के हजारों लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। पत्र याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया है कि सच को सामने लाने के लिए हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में विशेष जांच टीम का गठन किया जाए या फिर मजिस्ट्रियल जांच हो। याचिका में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग गई है।

    चौथी मंजिल से कूद गए थे दीपक लोधी
    गौरतलब है कि वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज में 25 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक पटेल की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी यह साधु चौथी मंजिल से कूद गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। मथुरा पुलिस प्रेमानंद महाराज के सभी आश्रमों में घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है व शिष्यों से पूछताछ कर रही है। उधर, रसिक दुलारी के परिजन आश्रम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहे हैं।

  • पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार परगट सिंह 11 अक्टूबर के आसपास चंडीगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाल सकते हैं।

    इससे पहले दिल्ली में उनकी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और सांसदों के साथ मुलाकातों का दौर जारी है। इन बैठकों के जरिए पंजाब कांग्रेस की आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया जा रहा है।

    दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का दौर
    प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने से पहले परगट सिंह दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर पंजाब के राजनीतिक हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक बदलाव और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

    चंडीगढ़ में होगी परगट सिंह की ताजपोशी
    परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी का कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित किए जाने की तैयारी है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी अगले चार-पांच दिनों में चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में परगट सिंह को विधिवत रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपे जाने की संभावना है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है।

    परगट सिंह के सामने क्या है सबसे पड़ी चुनौती?
    परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों को पीछे छोड़कर नेताओं व कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की होगी। पार्टी में लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह को ऐसे चेहरे के रूप में चुना है, जो विभिन्न धड़ों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके। वहीं, पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ आंदोलन भी जारी है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी की सक्रियता और संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी है। कांग्रेस का लक्ष्य 2027 के चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।

  • वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई, पोकलेन-बुलडोजर से 10 जर्जर भवन ध्वस्त

    वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई, पोकलेन-बुलडोजर से 10 जर्जर भवन ध्वस्त

     वाराणसी

    वाराणसी में सोमवार को कचहरी चौराहे के पास बड़े लेवल पर बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. कचहरी चौहारे के पास मुस्लिम बहुल इलाके में एक साथ छह बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन की मदद से 10 बिल्डिंग्स को डिस्मेंटल करने की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान कुछ भवनों पर लोगों ने खुद ही हथौड़े चलाकर निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया. वहीं, कई लोग अपने घरों और दुकानों से सामान निकालते नजर आए। 

    दरअसल, संदहा से कचहरी चौराहे तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसका अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन पुलिस लाइन से कचहरी चौराहे के बीच करीब 300 मीटर का हिस्सा बाकी था. इस हिस्से में स्थित 10 भवनों को वाराणसी नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किया गया था. अब इन्हीं भवनों को हटाकर सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ किया जा रहा है। 

    पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि संदहा से कचहरी चौराहे तक प्रस्तावित 10 किलोमीटर की सड़क में अब केवल 300 मीटर का हिस्सा शेष है. सड़क चौड़ीकरण में बाधा बने 10 मकान जर्जर हालत में थे, जिन्हें डिस्मेंटल किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि डिस्मेंटलिंग का काम आज ही पूरा कर लिया जाएगा। 

    केके सिंह के मुताबिक, पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना करीब 250 करोड़ रुपये की है. इसमें अब तक 80 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में वितरित किए जा चुके हैं. पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक सड़क निर्माण का काम पूरा करने का है। 

    हालांकि कार्रवाई के दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित होने से कचहरी जाने वाले वकीलों ने नाराजगी जताई. वकीलों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे मनमानी बताया। 

  • रजरप्पा मंदिर में होंगे बड़े विकास कार्य, झारखंड सरकार ने ₹102 करोड़ की योजना का दिया ब्योरा

    रजरप्पा मंदिर में होंगे बड़े विकास कार्य, झारखंड सरकार ने ₹102 करोड़ की योजना का दिया ब्योरा

     रांची
    हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई।

    सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत के आदेश के आलोक में पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त और अदालत में उपस्थित हुए।

    पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।

    शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश
    पर्यटन सचिव के जवाब पर अदालत ने शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

    इस परियोजना के लिए राशि किस मद से उपलब्ध कराई जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

    इस संबंध में संजीव कुमार सिंह की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा।

    सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार डीपीआर पर स्वीकृति के लिए फाइल विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है, क्योंकि राशि अधिक है। अदालत ने अगली सुनवाई में शपथ पत्र के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    2023 का आदेश
    अदालत ने रामगढ़ डीसी और पर्यटन विभाग के सचिव की सशरीर उपस्थिति से फिलहाल छूट देते हुए अगली सुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट को सहयोग करने का निर्देश दिया है।

    मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को विस्तृत आदेश पारित किया था।

    अदालत ने राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर और आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।

  • LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, KYC नहीं कराया तो बंद हो सकती है गैस बुकिंग

    LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, KYC नहीं कराया तो बंद हो सकती है गैस बुकिंग

    लखनऊ
    अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन पर रोक लगा दी है। इस बीच ईकेवाईसी नहीं कराने वाले हजारों उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया है। इससे यह उपभोक्ता अब बुकिंग नहीं करा सकेंगे। ईकेवाईसी कराने के बाद ही उनकी बुकिंग होगी। इधर घरेलू उपभोक्ताओं की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर होने से गैस उपभोक्ताओं को कई माह से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गैस कनेक्शन से वंचित और ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को जुगाढ़ से 1800 रुपए में घरेलू सिलेंडर मिल पा रहा है। दुर्गापूजा-दशहरा में घरेलू गैस सिलेंडर की खपत बढ़ने से बैंकलाग बढ़ने से एक बार फिर एंजेंसियों पर भीड़ बढ़ सकती है।

    यूपी के सुल्तानपुर में ईधन की सुविधा के लिए विभिन्न कंपनियों की 48 गैस एजेंसियां संचालित है। इन एजेंसियों के माध्यम से पांच लाख 59 हजार 521 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है। इसमें आईओसीएल,एचपीसीएल, बीपीसीएल गैस कंपनी के कनेक्शन शामिल है। युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने ईकेवाईसी को अनिवार्य कर दिया। बुकिंग के समय ओटीपी अनिवार्य करने से ईकेवाईसी करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लगने लगी।

    सितंबर महीने तक थी डेडलान
    नए कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है। इससे 50 हजार से अधिक परिवार गैस कनेक्शन से वंचित रह गए है। ईकेवाई कराने के लिए सितम्बर माह तक समय दिया गया था। कंपनी की ओर से निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद दो अक्तूबर को ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया। इससे 50 हजार ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग पर रोक लग गई है।

    कंपनी ईकेवाईसी कराने के बाद बुकिंग पर लगाई गई रोक हटाएगी। सोमवार को सुबह 10 बजे सुलतानपुर गैस एजेन्सी की पड़ताल की गई। एजेन्सी पर सात से आठ उपभोक्ता दिखाई दिए। इसमें ईकेवाईसी के उपभोक्ता भी शामिल थे। गैस एजेन्सी के संचालक जियाउल हसनैन ने बताया कि ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के बुकिंग पर रोक लगा दी गई है, लेकिन ईकेवाईसी कराने वाले लोगों की संख्या रोजाना चार से पांच रहती है।

    ईकेवाईसी न कराने वालों में विदेश और अन्य शहर में रहने वाले ज्यादातर उपभोक्ताओं का नाम शामिल है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गैस कंपनियों की ओर से ईकेवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं का स्पष्ट आंकड़ा नहीं भेजा गया है।

    25 दिन का अंतराल, तीन से चार दिन में डिलेवरी
    खाड़ी युद्ध के बाद गैंस बुकिंग के समय में भी परिवर्तन कर दिया गया है। इस समय शहर और ग्रामीण क्षेत्र में गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर हो रही है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीसरे दिन और ग्रामीण क्षेत्र में बुकिंग के चौथे या पांचवें दिन सिलेंडर मिलता है।

    केवाईसी न कराने वालों को कामर्शियल सिलेंडर का भरोसा
    जिले में नया घरेलू कनेक्शन पर रोक लगी है। 40 हजार से अधिक परिवारों के पास कनेक्शन नहीं है। खाड़ी युद्ध के बाद उनके सामने समस्या हो गई है। ईकेवाईसी नही करा पाने वाले 50 हजार परिवारों की बुकिंग भी बंद हो गई। जिससे इन परिवारों को पांच किलोग्राम के सिलेंडर की गैस 806 रुपए में खरीदना होगा। इसके अलावा एचपी कंपनी की ओर से नया कनेक्शन के तहत 10 किलोग्राम गैस का प्लास्टिक बाडी का सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है।