Category: राज्य

  • समग्र शिक्षा की राशि पर कसा शिकंजा, बड़ी निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति ज

    समग्र शिक्षा की राशि पर कसा शिकंजा, बड़ी निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति ज

     रांची
     समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में राशि की निकासी को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत अब 25 लाख रुपये से अधिक की राशि की निकासी उपायुक्त की स्वीकृति के बाद ही की जा सकेगी। वहीं, 25 लाख रुपये से कम की राशि की निकासी जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक के स्तर से की जा सकेगी

    समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में राशि की निकासी को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश में वित्तीय प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। 25 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति अनिवार्य किए जाने से बड़ी राशि की निकासी उच्च स्तर की मंजूरी के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं, इससे कम राशि की निकासी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। दिशा-निर्देश में प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नामित करने का प्रावधान भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य केंद्र समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रमों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। राशि की निकासी के लिए निर्धारित इस व्यवस्था से अभियान के तहत होने वाली वित्तीय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया है।

  • यूपी टेक्स-2026 का हुआ शानदार समापन, वस्त्र उद्योग के विस्तार और निवेश पर योगी सरकार का जोर

    यूपी टेक्स-2026 का हुआ शानदार समापन, वस्त्र उद्योग के विस्तार और निवेश पर योगी सरकार का जोर

    यूपी टेक्स-2026 का भव्य समापन, योगी सरकार का वस्त्र उद्योग को नई रफ्तार देने पर जोर

    उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए अपार संभावनाएं : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

    तकनीकी एवं रक्षा वस्त्रों के लिए उत्तर प्रदेश बन रहा प्रमुख गंतव्यः राकेश सचान

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वस्त्र एवं परिधान विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों को यूपी टेक्स-2026 के जरिए नई मजबूती मिली है। लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय आयोजन का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे, जबकि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान लेटर ऑफ कम्फर्ट, वित्तीय प्रोत्साहन राशि के चेक और औद्योगिक इकाइयों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। दूसरे दिन स्पोर्ट्स टेक्सटाइल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रोटेक्टिव एवं डिफेंस टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प निर्यात और टेक्सटाइल पॉलिसी-2027 पर महत्वपूर्ण सत्र हुए। 

    यूपी अपार संभावनाओं वाला प्रदेशः उपमुख्यमंत्री पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है और योगी सरकार के नेतृत्व में क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को बाजार, संसाधन, सब्सिडी, प्रोत्साहन और सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए नई ताकत दी है।
     
    तकनीकी और रक्षा वस्त्र उद्योग में यूपी बनेगा अग्रणी गंतव्यः मंत्री राकेश सचान
    हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राज्य तकनीकी वस्त्र और रक्षा वस्त्र उद्योग के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने पूंजीगत अनुदान, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, प्रशिक्षण सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास सहयोग जैसी योजनाओं की जानकारी दी।

    स्पोर्ट्स टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स गुड्स के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की क्षमता पर मंथन

    ‘गेम प्लान यूपी : भारत के स्पोर्ट्स टेक्सटाइल एवं स्पोर्ट्स गुड्स पावरहाउस का निर्माण’ विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुआ। वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भास्कर कालरा ने तकनीकी वस्त्रों को तेजी से बढ़ता और उच्च मूल्य-वर्धित क्षेत्र बताया। विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स, प्रोटेक्टिव और डिफेंस टेक्सटाइल्स का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए समर्पित क्लस्टर, उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं, आरएंडडी केंद्र और पूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई।

  • योगी सरकार की बाढ़ पर पैनी नजर, 21,333 लोगों को सुरक्षित निकाला; अब तक जनहानि शून्य

    योगी सरकार की बाढ़ पर पैनी नजर, 21,333 लोगों को सुरक्षित निकाला; अब तक जनहानि शून्य

    योगी सरकार का बाढ़ राहत अभियान जारी, 21,333 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, अब तक जनहानि शून्य

    बाढ़ प्रभावितों को 8.58 लाख लंच पैकेट वितरित किए गए, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 1,139 मेडिकल टीमें तैनात

    2,304 नाव-मोटरबोट से जारी चलाया गया बचाव अभियान, राहत शरणालयों में मिला प्रभावितों को ठिकाना

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं अब तक पशुहानि और जनहानि शून्य दर्ज की गई है।

    वर्तमान में 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान के तहत बुधवार को ही 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब तक कुल 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत दी गई है। जलभराव और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए 2,304 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है।

    8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित
    बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान जारी है। अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बुधवार को भी 83,545 लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। इसके साथ ही अब तक 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित किए गए हैं।

    राहत शरणालयों में 7,581 लोग ले रहे आश्रय
    प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,343 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,581 लोग रह रहे हैं।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,139 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट व 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद मिल रही है।

    प्रभावित जिले
    अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

  • बरेली टंकी हादसे की बड़ी वजह नदी का कटान, जांच में निर्माण कार्य में खामी नहीं मिली

    बरेली टंकी हादसे की बड़ी वजह नदी का कटान, जांच में निर्माण कार्य में खामी नहीं मिली

    बरेली में टंकी गिरने का प्रमुख कारण नदी का तेज कटान, निर्माण में नहीं हुई कोई लापरवाही

    ओवरहेड टैंक गिरने पर सामने आई जल निगम ग्रामीण की रिपोर्ट

    निर्माण के वक्त 150 मीटर दूर थी किच्छा नदी, बाद में बदली धारा से पहुंचा नुकसान

    तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास बह गई थी मिट्टी, तेज कटान से गिरी निर्माणाधीन टंकी

    जल निगम की रिपोर्ट में खुलासा, गुणवत्ता नहीं प्राकृतिक परिस्थितियां बनीं टंकी गिरने की वजह

    लखनऊ/बरेली
    शेरगढ़ विकासखंड के ग्राम बैरमनगर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने की घटना के पीछे जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट में निर्माण गुणवत्ता की कमी नहीं, बल्कि अत्यधिक जलप्रवाह और किच्छा नदी के तेज कटान को प्रमुख कारण बताया गया है। विभाग की गहन रिपोर्ट के मुताबिक निर्माण के समय टैंक स्थल नदी से करीब 150 मीटर दूर था। साथ ही यह फ्लड जोन में भी शामिल नहीं था। मिट्टी का परीक्षण कराकर स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा था।

    रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह अत्यधिक बारिश और संभवतः गौला बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ा। इसके चलते नदी की धारा बदली और महज 3-4 दिनों में तेजी से कटान करते हुए पानी टैंक परिसर के किनारे तक पहुंच गया। जल निगम ने सुरक्षा के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की, लेकिन पानी का बहाव अधिक और गहरा होने के कारण कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था तत्काल संभव नहीं हो सकी।

    नींव के आस-पास की मिट्टी बही
    तेज कटान से टैंक की करीब तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास की मिट्टी बह गई, जिससे नींव का धरातलीय सहारा कमजोर हुआ और एक तरफ झुक गया। इसी वजह से 8 सितंबर को आंशिक रूप से निर्मित टैंक अस्थिर होकर नदी में गिर गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण सामग्री व गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी। निर्माण के बाद नदी की धारा और तटरेखा में आया असामान्य बदलाव व प्राकृतिक परिस्थितियों से उत्पन्न तेज कटान इस घटना की प्रमुख वजह रही।

  • ‘शराबबंदी महिलाओं के सम्मान से जुड़ा फैसला’, फरक्का बराज से नुकसान पर केंद्र से मांगा पानी का अधिकार

    ‘शराबबंदी महिलाओं के सम्मान से जुड़ा फैसला’, फरक्का बराज से नुकसान पर केंद्र से मांगा पानी का अधिकार

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी। इससे कोई समझौता नहीं होगा। भले ही इससे बिहार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में राज्य में शराबबंदी, बाढ़, रोजगार, पलायन से लेकर कई राजनीतिक मु्द्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर राज्य में शराबबंदी लागू की थी। इसका सकारात्मक असर हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक आदि के जरिए बाढ़ आती है। हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बनी है। अभी जो बाढ़ की स्थिति बनी है, उसके लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सामुदायिक रसोई चलाकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2030 के पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। 2030 तक पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की बेहतर व्यवस्था हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ 30 सालों से काम कर रहा हूं। वह मेरे पितातुल्य हैं। एक सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का नेता कौन होगा, यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। यह पार्टी का आंतरिक मामला है।

    फरक्का बराज से बिहार को नुकसान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को नुकसान है। इससे गंगा नदी में गाद जमा हो गयी है। इस कारण बक्सर के पास गंगा की चौड़ाई चार किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का जल संधि पर बिहार की ओर से यह आग्रह है कि हमें पीने, खेती करने और उद्योग के लिए किसी भी समय पानी लेने का अधिकार हो। इसके लिए हमने केंद्र सरकार से बात की है।

  • CM योगी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को किया नमन, राष्ट्र निर्माण में योगदान को बताया अविस्मरणीय

    CM योगी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को किया नमन, राष्ट्र निर्माण में योगदान को बताया अविस्मरणीय

    राष्ट्र निर्माण में पं. गोविंद बल्लभ पंत का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि
     
    काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों की पैरवी करने वालों में प्रमुख थे पं. पंत
     
    स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकभवन प्रांगण में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पं. पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रख्यात अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए समर्पित किया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन में पं. पंत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्ष 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया तो उनकी पैरवी करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल थे। उन्होंने अधिवक्ता के रूप में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1937 में पं. पंत को संयुक्त प्रांत का प्रीमियर चुना गया। देश की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 में वह उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
     
    उन्होंने कहा कि बाद में पं. गोविंद बल्लभ पंत ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1954 में वह देश के गृह मंत्री बने और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के भीतर विभाजन की नींव डालने के प्रयासों का समाधान निकालने और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उनकी जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

  • उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को मिली नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- बुनकरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे

    उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को मिली नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- बुनकरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे

    बहुत तेजी से तरक्की कर रहा उत्तर प्रदेश का वस्त्र उद्योग: ब्रजेश पाठक 

    डिप्टी सीएम ने यूपी टेक्स-2026 के समापन समारोह को किया संबोधित 

    लखनऊ
    आज का उत्तर प्रदेश बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। वस्त्र उद्योग भी पीछे नहीं है। एक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान होता है। आज वस्त्र उद्योग ने भी बहुत तरक्की की है। नई तकनीक के आधार पर वस्त्रो का उत्पादन हो रहा है। 
    यह कहना है प्रदेश की डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय “यूपी टेक्स-2026” के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    हमारी सरकार ने दिया वस्त्र उद्योग को मार्केट
    डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में वस्त्र पहले से स्थापित है लेकिन उसे मार्केट नहीं मिल पाता था। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने वस्त्र को मार्केट दिया और आज उत्तर प्रदेश का वस्त्र देश और दुनिया में जा रहा है। उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग को लेकर काफी निवेश भी आ रहा है। 
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

    समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत 
    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ लाखों कारीगरों, बुनकरों एवं उद्यमियों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। यह आयोजन प्रदेश की पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य है।हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाते हुए उनके हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाए, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को और मजबूती मिले।
    इस अवसर पर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार राकेश सचान, प्रमुख सचिव, हथकरघा अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा के. विजेंद्र पांडियन, विशेष सचिव, हथकरघा शेषमणि पांडेय, महासचिव, सी०आई०टी०आई चंद्रिमा चटर्जी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • शिक्षा में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान, बोले- शिक्षक जरूरी, तकनीक बनेगी बदलाव का माध्यम

    शिक्षा में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान, बोले- शिक्षक जरूरी, तकनीक बनेगी बदलाव का माध्यम

    एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, शिक्षा को नई दिशा देने का माध्यम : ब्रजेश पाठक

    इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स के शिक्षण संवाद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने रखे विचार 

    कहा- शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा उत्तर प्रदेश

    लखनऊ
    इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स की ओर से लखनऊ में आयोजित ‘शिक्षक संवाद’ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर रोजगार समाप्त होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन तकनीक के विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। एआई को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में स्वीकार करने की जरूरत है।
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय हमारी गौरवशाली शैक्षिक विरासत के प्रतीक हैं। आज बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा व्यवस्था को भी समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। एआई और आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

    शिक्षक भावी पीढ़ी के निर्माण और संस्कारों के संवाहक
    उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के निर्माण और संस्कारों के संवाहक हैं। बदलते शिक्षा परिवेश में शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शिक्षा से जुड़े अभियानों के माध्यम से प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालयों से जुड़ रहे हैं।

    83 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से कर रहे काम
    डिप्टी सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में 83 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में करीब 40 मेडिकल कॉलेज थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

    ओडीओपी से पूरी दुनिया में मिली पहचान
    उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है। स्थानीय हुनर और उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    शिक्षकों के सवालों का दिया जवाब
    कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीकी बदलाव, एआई, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से संवाद किया। शिक्षकों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल और सुझाव रखे, जिनका उपमुख्यमंत्री ने जवाब दिया। कार्यक्रम में इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स की प्रेरणा त्रिपाठी सहित लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के सम्मानित एवं प्रतिष्ठित शिक्षण समुदाय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

  • New Hathras City: आगरा-अलीगढ़ के बीच 10 हजार एकड़ में नया शहर बसाने की तैयारी, जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी बनेगी प्लस पॉइंट

    New Hathras City: आगरा-अलीगढ़ के बीच 10 हजार एकड़ में नया शहर बसाने की तैयारी, जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी बनेगी प्लस पॉइंट

    हाथरस

    यूपी में हाथरस जिले में 10 हजार एकड़ में नया शहर बसाने की तैयारी है.यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) मास्टर प्लान 2041 (फेज 2) के तहत ये नया शहर बसा जा रहा है. करीब 4000 हेक्टेयर में ये इंडस्ट्रियल और आवासीय शहर हाथरस अर्बन सेंटर या न्यू हाथरस नाम से बसाया जा रहा है. यीडा ने इसके लिए तीन-चार जगहें चिन्हित की हैं और कंसल्टेंट कंपनी ने यमुना अथॉरिटी को रिपोर्ट सौंप दी है. अगले 15 सालों के भीतर ये नया शहर एनसीआर के पास सबसे बड़ी आवासीय परियोजना हो सकती है। 

        10,000 एकड़ का एरिया न्यू हाथरस का
        हाथरस, सासनी तहसील के 50 गांव
        यमुना अथॉरिटी के 358 गांव अधिसूचित

    हाथरस के ये गांव फायदे में रहेंगे
    हाथरस जिले के 358 गांव यमुना अथॉरिटी
    के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल हैं. ये इलाका यमुना एक्सप्रेसवे से करीब 45 किलोमीटर में फैला है.इसका प्रारंभिक सर्वे कराया गया है.अथॉरिटी से जगह फाइनल होने के बाद एजेंसी व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी. न्यू हाथरस का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे से बिल्कुल सटे हाथरस की सादाबाद तहसील के 127 गांव इसमें आते हैं.  हाथरस (सदर) तहसील के 180 से 215 गांव इसके दायरे में होंगे, जो हाथरस शहर के करीब अलीगढ़-आगरा हाईवे (NH-93) के समीप हैं। 

    सासनी-सादाबाद तहसील के पास
    सासनी तहसील में 42 से 79 गांव में ब्लॉक और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इसमें होंगे. सासनी एवं सादाबाद क्षेत्र में सासनी देहात, टुकसान, केवलगढ़ी, बीछिया, ताजपुर, धातरा खुर्द, धातरा कलां, खेड़ा बरामई, गढ़ी जैनी, रोहई, रामगढ़, जटोई, बंका, फरसौटी गांव इसमें आ सकते हैं. सदर एवं चंदपा में चंदपा, कोटा, अहवरनपुर, चंद्रगढ़ी, फुसकरा, नगला शीशम, खरगू, कोरना चमरुआ, बुधु नगला हेमराज गांव आ सकते हैं। 

    हाथरस अर्बन सेंटर (न्यू हाथरस) से शहरों की दूरी
    मथुरा : 40–45 किमी: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट 
    वृंदावन: 45–50 किमी: बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर
    आगरा: 50–60 किमी: ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी 
    अलीगढ़:30–35 किमी: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और देश का प्रमुख ताला-हार्डवेयर हब
    राया हेरिटेज सिटी (यीडा): 25–30 किमी: यमुना एक्सप्रेसवे किनारे धार्मिक पर्यटन टाउनशिप 
    गोवर्धन और बरसाना: 65–70 किमी: गोवर्धन परिक्रमा, राधा रानी मंदिर बरसाना
    ग्रेटर नोएडा : 100–125 किमी: यमुना एक्सप्रेसवे से 1- 1.5 घंटे का सफर

    हाथरस अर्बन सेंटर 4 हिस्सों में 
    हाथरस अर्बन सेंटर को चार हिस्सों में बांटा गया है. इसमें इंडस्ट्रियल जोन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, एमएसएमई और एक्सपोर्ट इकाइयां लगाई जाएंगी. आवासीय परियोजना में औद्योगिक कर्मचारियों और आम जनता के लिए हाउसिंग सेक्टर, ऊंची इमारतें और किफायती आवास बनेंगे.लॉजिस्टिक्स हब में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, मॉल-रेस्तरां और वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा. ग्रीन एरिया के लिए पर्यावरण संतुलन के लिए कुल क्षेत्रफल का 15% से अधिक हिस्सा पार्क, ग्रीनरी और ओपन स्पेस के लिए रखा गया है। 

    हाथरस के हींग उद्योग को फायदा
    हाथरस के ODOP उत्पाद हींग और गुलाल उद्योग को पैकेजिंग, लैब टेस्टिंग और सीधी एक्सपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. फूड प्रोसेसिंग और डेयरी उद्योग को भी दिल्ली एनसीआर के बाहर भी बड़ा बाजार मिलेगा. यहां कांच के मोती और पीतल के आभूषण, मशीन टूल और इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जे के उद्योगों को फायदा मिलेगा.मेडिकल और पावर ग्रिड मशीनरी यूनिट का यहां की इकाइयां भी फायदा उठाएंगी। 

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नजदीक
    हाथरस अर्बन सेंटर जेवर एयरपोर्ट से लिंक है. यह जेवर एयरपोर्ट के डायरेक्ट कैचमेंट एरिया में आता है.यीडा अलग से एक्सप्रेस रोड नेटवर्क बना रहा है. यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे, NH-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे और हाथरस रेलवे जंक्शन से सीधे जुड़ा है. ये आगरा का सैटेलाइट टाउन बन सकता है. आगरा पर बढ़ रहे औद्योगिक कारखानों और आबादी के दबाव घटाने में यह मददगार होगा। 

    यमुना एक्सप्रेसवे किनारे तीन शहरी केंद्र बनेंगे
    यमुना एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी का मास्टर प्लान-2041 तैयार हो चुका है. यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी फेज-2 के तहत तीन शहरी केंद्रों का प्लान है.यीडा मास्टर प्लान 2041 के फेज-2 में ये तीन अर्बन नोड्स बनने हैं। 

     टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर
    अलीगढ़ में 11,104 हेक्टेयर में ये नया शहर बसाया जाएगा. यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब के साथ टाउनशिप बनेगी. जेवर एयरपोर्ट के बेहद नजदीक यहां मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, ट्रांसपोर्ट हब और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाया जा रहा है। 

    राया अर्बन सेंटर 
    मथुरा में राया अर्बन सेंटर नाम से हेरिटेज सिटी बन रही है. धार्मिक पर्यटन एवं हेरिटेज टाउनशिप 11653 हेक्टेयर में है. मथुरा-वृंदावन के धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को संजोते हुए 753 एकड़ में ये शानदार हेरिटेज सिटी, यमुना रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं। 

    आगरा अर्बन सेंटर या न्यू आगरा
    ताजनगरी में आगरा अर्बन सेंटर या न्यू आगरा बसाया जा रहा है. 14 हजार हेक्टेयर के इस शहर में आईटी, पर्यटन एवं प्रदूषण मुक्त उद्योगों के साथ आगरा में यह सबसे बड़ा नोड होगा. इसमें आईटी पार्क, हॉस्पिटैलिटी, एक्सपो सेंटर और ग्रीन इंडस्ट्री भी होगा। 

  • अल्पसंख्यक आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष  मोहसिन रज़ा ने मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट।

    अल्पसंख्यक आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष मोहसिन रज़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट।

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष (चेयरमैन) का पदभार ग्रहण करने के उपरांत  मोहसिन रज़ा जी ने आज मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी महाराज से उनके शासकीय आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर  मोहसिन रज़ा जी ने आयोग के अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया और उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
    भेंट के दौरान प्रदेश में अल्पसंख्यक समाज के कल्याण, सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहनता से चर्चा हुई। 

     मोहसिन रज़ा जी ने मुख्यमंत्री जी को आश्वस्त किया कि आयोग पूरी निष्ठा के साथ समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करेगा