Category: राज्य

  • चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ 
    चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

    धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…

        पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।
        पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
        चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
        आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा।

    वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।

      अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान
    धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया।

    अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।
     
    वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी
    साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। बराड़ ने वेंडर्स से रोजाना काम के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि वेंडिंग जोन में उन्हें काम करने के दौरान किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही है और उपलब्ध सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।

    वेंडर्स ने मौके पर अपनी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी ने अधिकारियों के साथ वेंडिंग जोन को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और वेंडर्स को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली गई। धनास में एक ही दौरे के दौरान पुलिस थाना, अस्पताल और वेंडिंग जोन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा से प्रशासन का फोकस इलाके की बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर आया। फिलहाल पुलिस थाना और 80 बेड के अस्पताल के लिए जमीन तय करना अगला अहम चरण है। जमीन चिह्नित होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं का प्लान तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।

     

  • पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    चंडीगढ़

    कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे।

    इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा।

    परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है।

    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की।

    मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

     पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

    परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता
    मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

    इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए।

    वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश
    परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।

     

  • ई-शिक्षाकोष से तय होगा ‘Yes’ या ‘No’, बिहार में 75% हाजिरी पर ही मिलेंगे योजना के पैसे

    ई-शिक्षाकोष से तय होगा ‘Yes’ या ‘No’, बिहार में 75% हाजिरी पर ही मिलेंगे योजना के पैसे

    पटना
    राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर लाभुक योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने एक अप्रैल से 30 सितंबर तक की उपस्थिति के आधार पर विद्यार्थियों की पहचान करने और उसकी रिपोर्ट देने का निर्देश सभी जिलों को दिया है।

    निर्देश में कहा गया है कि 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने ‘यस’ और इससे कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने ‘नो’ दर्ज किया जाएगा।

    उपस्थिति के आधार पर यस या नो
    विभागीय निर्देश के मुताबिक यह प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पूरी की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को अपने लागिन से नामांकित विद्यार्थियों के सामने उनकी उपस्थिति के आधार पर यस या नो अंकित करना होगा। इसके आधार पर ही लाभुक योजनाओं की राशि के भुगतान की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

    विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक होने के आधार पर भी पोर्टल पर यस या नो दर्ज करना होगा। विद्यालयों को सभी नामांकित विद्यार्थियों का डाटा को भी ई-शिक्षाकोष पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
    योजनाओं की राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से

    डाटा प्रविष्टि पूरी होने के बाद प्रधानाध्यापक पोर्टल पर सबमिट करेंगे। इसके बाद संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के लागिन में आंकड़े सत्यापन के लिये जाएंगे। प्रखंड स्तर से सत्यापन के बाद डाटा को अप्रूव अथवा रिजेक्ट किया जाएगा। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसे सुधार के लिए विद्यालय के लॉगिन पर वापस भेजा जाएगा।

    सत्यापन के बाद आंकड़े जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) के लॉगिन में अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। जिला स्तर पर अनुमोदन के बाद संबंधित विद्यार्थियों की लाभुक योजनाओं की राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।

  • पेपर लीक से परीक्षा तक पूरी साजिश का खुलासा, JSSC CGL प्रश्नपत्र की छपाई-पैकेजिंग में शामिल था राहुल

    पेपर लीक से परीक्षा तक पूरी साजिश का खुलासा, JSSC CGL प्रश्नपत्र की छपाई-पैकेजिंग में शामिल था राहुल

    रांची
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआइडी को पूछताछ में एक आरोपित राहुल कुमार ने कई अहम जानकारियां दी है।

    राहुल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स आईसीएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कर्मी है। उसकी गिरफ्तारी उसके एक अन्य साथी सोमांश प्रकाश के साथ दिल्ली से हुई थी। दोनों से सीआईडी रिमांड पर लंबी पूछताछ कर चुकी है।

    सीआईडी की छानबीन व आरोपितों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपित राहुल कुमार हरियाणा के मानेसर स्थित प्रिंटिंग फैसिलिटी में प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर प्रिंटिंग, निगरानी, पैकेजिंग तक में शामिल था और एक अभ्यर्थी के रूप में उस परीक्षा में भी शामिल था। सीआइडी ने कोर्ट में इसकी पूरी जानकारी दी है। सीआईडी ने मानेसर प्रिंटिंग प्रेस के रजिस्टर में उसकी एंट्री, मोबाइल के सीडीआर व लोकेशन विश्लेषण में भी मिले इसके सबूत से कोर्ट में सौंपा है।

    सीआईडी के अनुसार, इस केस के अन्य आरोपितों सोमांश प्रकाश, मिथिलेश सिंह, समीर व नवीन किशोर से राहुल का संपर्क था। परीक्षा से पहले राहुल के वाट्सएप पर प्रश्न पत्र पहुंच गए थे। राहुल को सिर्फ गोपनीय प्रश्न व उत्तर मिले थे, जिसे उसने वाट्सएप पर उसे आगे सिंडिकेट के अन्य साथियों तक बढ़ाया था।

    जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में लालपुर के कैरियर फाउंडेशन कोचिंग के शिक्षक राजेश प्रसाद ने रातू थाने में लिखित आवेदन दिया था। उनकी शिकायत थी कि 21 और 22 सितंबर 2024 को राज्य भर में तीन पालियों में हुई परीक्षा में धांधली हुई है।

    26 सितंबर 2024 को जेएसएससी कार्यालय में हुए हंगामे में यह सामने आया कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल के होटलों और नियामतपुर के मैरिज हाल में रखकर उत्तर रटवाए गए थे। इसके तार मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक जुड़े।

    मामला सामने आने के बाद रातू थाना में कांड संख्या 405/2024 दर्ज हुआ। इसी केस के आधार पर सीआइडी ने एक जनवरी 2025 को सीआइडी थाने में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की थी।
    दुर्गापुर के सीतुलपुर के क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर

    सीआईडी को छानबीन में पता चला है कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सीतुलपुर के एक क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। गिरफ्तार एजेंट दिलीप कुमार पासवान ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह स्वयं वहां मौजूद था।

    इसके अलावा नेपाल के बीरगंज स्थित सेंटर की तरह ही सीतुलपुर, बोकारो के दुग्धा, आसनसोल के नियामतपुर व बिहार के पटना में भी अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। दिलीप पासवान ने अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा के साथ-साथ अपनी पत्नी अस्मिता करुणा व बहन विजेता को भी सिंडिकेट के साथियों से मिलवाया था।

    दिलीप पासवान व उसकी पत्नी अस्मिता करुणा का वाट्सएप चैट भी सीआईडी को मिला है, जिसमें प्रश्न पत्र, उत्तर सामग्री व उसे रटने को लेकर बातचीत है। सितंबर-अक्टूबर 2024 में अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा की मां शांति देवी के बैंक खाते से दिलीप पासवान के खाते में करीब छह लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे।

    रिजल्ट आने के बाद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के दोस्त देवनारायण गुर्जर के खाते से करीब 3.50 लाख रुपये और खुद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के खाते से 1.50 लाख रुपये दिलीप के खाते में भेजे गए थे। इसी तरह हरि सिंह गुर्जर के खाते से भी करीब 3 लाख रुपये दिलीप के खाते में आए थे। सीआईडी को इससे संबंधित साक्ष्य मिल चुके हैं।

  • राजस्थान में नल कनेक्शन की नई व्यवस्था रद्द, हाईकोर्ट बोला- सर्कुलर से नहीं बदले जा सकते नियम

    राजस्थान में नल कनेक्शन की नई व्यवस्था रद्द, हाईकोर्ट बोला- सर्कुलर से नहीं बदले जा सकते नियम

    जयपुर
    राजस्थान हाईकोर्ट ने ठेकेदार के माध्यम से 8,100 रुपए में नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने जलदाय विभाग की ओर से 12 फरवरी 2025 को परिपत्र के जरिए राजस्थान वाटर सप्लायर नियम, 1967 में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी करना जरूरी है। इसे केवल कार्यालय आदेश या परिपत्र के जरिए बदला नहीं जा सकता। वहीं, विभाग ने अभी यह तय नहीं किया है कि आगे नई व्यवस्था क्या होगी या कोर्ट के आदेश को चुनौती दी जाएगी। पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए कनेक्शन देने के संबंध में भी अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

    अधिसूचना से ही हो सकता है नियमों में बदलाव
    न्यायाधीश शुभा मेहता ने पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर कल्याण समिति की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिसूचना के जरिए नियम जारी करना एक विधिक प्रक्रिया है। ऐसे नियमों में प्रशासनिक आदेश या परिपत्र के माध्यम से बदलाव नहीं किया जा सकता।

    कोर्ट के अनुसार, 12 फरवरी 2025 के परिपत्र के जरिए किए गए संशोधन से नल कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसमें प्लंबिंग, जल मीटर, रोड कट और नल कनेक्शन सहित विभिन्न कार्यों की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया को सरल बनाने और लोगों को सुविधा देने के नाम पर नियमों में प्रशासनिक आदेश के जरिए बदलाव नहीं किया जा सकता।

    याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता बाबूलाल गुप्ता और अंकुल गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 12 फरवरी 2025 को नियमों में संशोधन कर नल कनेक्शन से जुड़े कार्य के लिए 8100 रुपए शुल्क तय किया था। इसके तहत ठेकेदार लाइसेंसी प्लंबरों के माध्यम से यह कार्य करवाते। याचिकाकर्ता पक्ष ने तर्क दिया कि इस व्यवस्था से सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने परिपत्र के जरिए किए गए नियम संशोधन को रद्द कर दिया।

    अब विभाग के अगले कदम पर नजर
    हाईकोर्ट के आदेश के बाद 8100 रुपए में ठेकेदार के माध्यम से नल कनेक्शन देने की व्यवस्था फिलहाल समाप्त हो गई है। हालांकि, जलदाय विभाग ने अभी नई व्यवस्था लागू करने अथवा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को लेकर भी विभाग की ओर से अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

  • बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    चंडीगढ़.

    पूर्व पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा।

    केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। पीठ में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। नटराज ने कहा कि केंद्र को राजोआना की मांग पर आपत्ति है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजोआना की सजा को कम करने के संबंध में कोई निर्णय लेना अनुकूल नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने की मांग का विरोध कर दिया है तो अदालत मामले की मेरिट पर सुनवाई करेगी। केंद्र की ओर से मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।

  • बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी रेड, सिंचाई विभाग के इंजीनियर के 5 ठिकानों पर छापा

    बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी रेड, सिंचाई विभाग के इंजीनियर के 5 ठिकानों पर छापा

    पटना
     पटना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। गुरुवार को एक साथ पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में तलाशी अभियान चलाया गया।

    प्राथमिक जांच में इंजीनियर के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 64 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान उनके आवास और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। EOU की टीम संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

    पटना के तिलकामांझी स्थित आवास पर भी छापेमारी
    आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम ने पटना से जुड़े ठिकाने पर भी तलाशी ली। वहीं मुंगेर में तैनात इंजीनियर के तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ आवास पर भी कार्रवाई की गई।

    अधिकारियों की टीम घर में मौजूद दस्तावेज और अन्य सामान की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े कागजातों की पड़ताल की जा रही है।

    अधिकारियों का फोकस आय और संपत्ति के बीच के अंतर का पता लगाने पर है। फिलहाल तलाशी की कार्रवाई जारी है।

    चार जिलों में एक साथ पहुंची EOU की टीमें
    बताया जा रहा है कि आर्थिक अपराध इकाई ने इंजीनियर से जुड़े कुल पांच ठिकानों को कार्रवाई के दायरे में लिया है। इनमें पटना के अलावा मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के ठिकाने शामिल हैं।

    एक साथ कई स्थानों पर तलाशी से संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेज और अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल EOU की जांच टीम अलग-अलग ठिकानों पर रिकॉर्ड खंगाल रही है।

     

  • राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 16 जिला परिषद-104 पंचायत समितियों के लिए आज से नामांकन

    राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 16 जिला परिषद-104 पंचायत समितियों के लिए आज से नामांकन

    जयपुर
     राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण सरकार के सियासी हलचल बढ़ जाएगी। गुरुवार यानी आज से जहां 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समिति व 3314 ग्राम पंचायतों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहीं 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी।

    राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे।

    मतदान दलों को नहीं लाने पडेंगे गद़्दे-तकिया, पांच दिन रुकेंगे मतदानकर्मी
    राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा।

    मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा।

    प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च
    राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे।

    शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
    राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।

  • SIR पर तेज हुई कार्रवाई, दिल्ली में नोटिस पाने वाले 33 लाख में 13.62 लाख वोटर्स का वेरिफिकेशन पूरा

    SIR पर तेज हुई कार्रवाई, दिल्ली में नोटिस पाने वाले 33 लाख में 13.62 लाख वोटर्स का वेरिफिकेशन पूरा

    नई दिल्ली
     दिल्ली में SIR के दौरान करीब 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों का डॉक्यूमेंट के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। बुधवार तक 13,62,162 मामलों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सीईओ ऑफिस के मुताबिक, बीएलओ नोटिस वाले वोटर्स के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अलग से ऑफिस में सुनवाई के लिए आने की जरूरत नहीं।

    सीईओ दिल्ली ने बुधवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ के साथ नोटिस और क्लेम-ऑब्जेक्शन के निपटारे की प्रोग्रेस की समीक्षा की। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी एलिजिबल वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट न जाए। एसआईआर के तहत सभी नोटिस, क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। नई दिल्ली जैसी विधानसभा में नोटिस के निस्तारण का काम लगभग पूरा हो चुका है। मटियाला, विकासपुरी, बुराड़ी, करावल नगर, किराड़ी, बदरपुर जैसी विधानसभाओं में अधिक वोटर्स हैं और यहां थोड़ा अधिक समय लग रहा है।

    9 और 11 अक्टूबर को पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप, भर सकेंगे फॉर्म-6
    वहीं, वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट गए एलिजिबल लोगों के लिए 9 और 11 अक्टूबर को दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। इनमें लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेंगे। इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर को अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में भी स्पेशल कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंप में बीएलओ स्टूडेंट्स को फॉर्म भरने में मदद करने के साथ एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं। हाल ही में जिन कॉलोनियों के डिमोलिशन के बाद लोग दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं, उनके लिए भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। ऐसे लोग अपने नए पते वाले इलाके में कैंप में जाकर नाम जुड़वा सकेंगे।

    • 33 लाख वोटर्स (करीब) को दिल्ली में जारी किए गए हैं SIR के नोटिस
    • बीएलओ नोटिस पाने वाले के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं

    SIR के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का मार्च, CEO को सौंपा ज्ञापन
    SIR को लेकर इंडिया ब्लॉक के दिल्ली के घटक दलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी गेट से विरोध मार्च निकाला और दिल्ली के CEO अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसप्रदर्शन में कांग्रेस, RJD, CPI, CPM, CPI (ML), RSP, AIFB और TMC समेत INDIA ब्लॉक के घटक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से अनिल भारद्वाज और हारून युसूफ, CPM के अनुराग सक्सेना और सुबीर बनर्जी, समेत कई नेता मौजूद रहे।

     

  • मोहाली कोर्ट का बड़ा आदेश, बब्बर खालसा से जुड़े 3 आरोपी समेत 4 भगोड़े घोषित; पेश होने के निर्देश

    मोहाली कोर्ट का बड़ा आदेश, बब्बर खालसा से जुड़े 3 आरोपी समेत 4 भगोड़े घोषित; पेश होने के निर्देश

    चंडीगढ़
     प्रतिबंधित आतंकी सं
    गठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) से जुड़े तीन आरोपितों समेत चार लोगों को मोहाली की विशेष एनआइए अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है।गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी आरोपितों के नहीं मिलने पर अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा जारी की है। इनमें जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा, करण सिंह उर्फ अभी, मलविंदर सिंह उर्फ सुख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां शामिल हैं। अदालत ने सभी को 16 नवंबर 2026 को पेश होने के लिए कहा है।

    यूएपीए सहित कई मामलों में केस दर्ज
    एनआइए की ओर से दर्ज मामले में आतंकी साजिश, हथियार और विस्फोटक से जुड़े आरोप हैं। एनआइए ने यह केस 22 मई 2025 को दर्ज किया था। इसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सामने आए दस्तावेजों के अनुसार जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा को बीकेआइ का सक्रिय गुर्गा बताया गया है। उसके खिलाफ आतंकी साजिश रचने, लोगों में डर पैदा करने और देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। जांच में उसके नेटवर्क के हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

    पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क की जांच जारी
    करण सिंह उर्फ अभी और मलविंदर सिंह उर्फ सुख के नाम भी इसी नेटवर्क से जुड़े मामले में सामने आए हैं। दोनों पर जसविंदर और उसके साथियों के साथ मिलकर आपराधिक और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियां पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संपर्क की भी जांच कर रही हैं।

    इसी मामले से जुड़े न्यायिक रिकॉर्ड में फाजिल्का के गैंगस्टर से नेता बने जसविंदर सिंह रॉकी की हत्या का संदर्भ भी सामने आता है। रॉकी की वर्ष 2016 में हिमाचल प्रदेश के परवाणू में हत्या कर दी गई थी। न्यायिक रिकॉर्ड में इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ द्वारा लिए जाने की सूचना का उल्लेख है।

    मोहाली अदालत ने गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां को भी भगोड़ा घोषित किया है। वह शहीद भगत सिंह नगर जिले के गांव बिरोवाल का रहने वाला बताया गया है। अदालत के अनुसार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी वह नहीं मिला। अब चारों को 16 नवंबर को अदालत में पेश होना होगा। निर्धारित समय में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।