Category: राज्य

  • सेवा संकल्प अभियान’ में दिखेगा PM मोदी की 25 साल की जनसेवा का सफर, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे आयोजन

    सेवा संकल्प अभियान’ में दिखेगा PM मोदी की 25 साल की जनसेवा का सफर, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे आयोजन

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा को जन-जन तक पहुंचाने की व्यापक तैयारी
      
    प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाएगा अभियान: मुख्यमंत्री योगी  

    प्रभारी मंत्री जनपदों और विधानसभाओं में जाकर तैयारियों की करें समीक्षा: मुख्यमंत्री  

    4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचेगा अभियान, 25 लाख लाभार्थियों की वास्तविक कहानियां रील के माध्यम से आएंगी सामने
      
    लखनऊ, 

     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल पूरा होने के अवसर को प्रदेश सरकार और प्रदेश संगठन मिलकर समारोहपूर्वक मनाएंगे। उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों, नीतिगत सुधारों और देश-प्रदेश में आए बदलावों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा।  

    गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल जी की उपस्थिति में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान व्यापक जनभागीदारी से हो और सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण तथा विकास की उपलब्धियों को वास्तविक लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से सामने लाया जाए। युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को विकसित भारत के संकल्प का सहभागी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को जनपदों और अपनी-अपनी विधानसभाओं में जाकर तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।  

    बैठक में बताया गया कि शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों का डेटा-बैंक तैयार किया गया है। अभियान से 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा, जिनमें 3.51 करोड़ ग्रामीण और 0.68 करोड़ शहरी परिवार शामिल हैं।  

    सेवा दिवस से शुरुआत: 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस : आशीर्वाद का दीया’ के तहत सेवा गतिविधियों के साथ शाम सात बजे दीप प्रज्ज्वलन होगा। लाभार्थी परिवारों और प्रमुख विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। कार्यक्रम के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति होंगे। इसी दिन विश्वकर्मा जयंती पर सभी विधानसभाओं में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरित किए जाएंगे।  

    मेरे सपनों का भारत : चित्र सेवा: 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में चित्रकला और भाषण तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में भाषण एवं डिबेट प्रतियोगिताएं होंगी। उत्कृष्ट प्रतिभाओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह को अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

    नमो सेवा : अनकही कहानियां: सांस्कृतिक नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी गांव-गांव तथा शहरों तक पहुंचाई जाएगी। संस्कृति विभाग प्रत्येक जनपद में कलाकारों की टोलियां गठित करेगा। प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।  

    आंगन मिलन सेवा: 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान, हेल्दी बेबी प्रतियोगिता तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां होंगी। प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य को माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।  

    सेवा की कहानी: डिजिटल और रील अभियान के तहत 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की 60 सेकंड की वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएंगी। आवास, स्कूल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं के साथ मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां भी शामिल होंगी। प्रभारी मंत्री गिरीशचंद यादव को वास्तविक और प्रभावी कहानियों के चयन के निर्देश दिए गए।

    इन्फ्लुएंसर्स कनेक्ट: 150 डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्टर्स और व्लॉगर्स को प्रदेश की परिवर्तनकारी परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाएगा। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर सहित प्रमुख स्थलों के माध्यम से विकास का ‘पहले और बाद’ का बदलाव सामने आएगा। प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह को उपयुक्त स्थलों के चयन के निर्देश दिए गए। 

    सेवा ज्योति कलश यात्रा : विकसित भारत का संकल्प: 7 अक्टूबर को जनपदों में सेवा ज्योति, पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां तथा ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प होगा। प्रधानमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा। प्रभारी मंत्री जसवंत सिंह सैनी को स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए। 

    वडनगर से वाराणसी यात्रा : जल, जन और सेवा संकल्प: वाराणसी से 250 बाइक और 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। 20 टोलियां अलग-अलग मार्गों से यात्रा करेंगी और दोनों स्थानों के पवित्र जल से काशी विश्वनाथ तथा वडनगर के हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक होगा। यात्रा के दौरान जनसंवाद और योजनाओं का प्रचार होगा। प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर को व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।  

    सेवा मेरा योगदान: नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा सहयोग, जल संरक्षण, नशामुक्ति, पोषण, साइबर सुरक्षा, दिव्यांगजन सहयोग और सरकारी योजनाओं की जागरूकता सहित 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर ‘माई भारत पोर्टल’ पर फोटो या वीडियो अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा।   

    सेवा सेतु अभियान: प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ केंद्र और राज्य की योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया एक स्थान पर पूरी की जाएगी।   

    सेवा के रंग, राष्ट्र के संग: प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मानव समूह रंगोली के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ को प्रदर्शित किया जाएगा। 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी।   

    सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल और इनोवेटर्स नए समाधान प्रस्तुत करेंगे। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में ओरिएंटेशन, प्रदर्शनी, लाइव डेमो, युवा संवाद और पुरस्कार कार्यक्रम होंगे। प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल को अधिकतम प्रतिभाशाली युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।  
      
    सुशासन सेवा संवाद: 17 अक्टूबर को अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान से सांसद तक के जनप्रतिनिधि एकत्र होकर प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा कार्यकाल का सम्मान करेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेंगे। महिला, युवा सहित सभी वर्गों की भागीदारी रहेगी।   
      
    इनके अतिरिक्त प्रमुख स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ थीम पर लेजर शो, तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में राष्ट्र कल्याण एवं विकसित भारत के संकल्प के लिए महायज्ञ, 25 सितंबर को पुस्तकालयों का लोकार्पण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया जाएगा।  
      
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा काल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाने का अवसर है। सेवा गतिविधियों, विकास कार्यों, लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, युवाओं की प्रतिभा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को जोड़कर अभियान को ‘सेवा से संकल्प’ की व्यापक यात्रा के रूप में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

  • IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट, लालू यादव समेत 9 के खिलाफ आरोप तय

    IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट, लालू यादव समेत 9 के खिलाफ आरोप तय

    नई दिल्ली/पटना

     IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. जबकि 7 आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को होगी. लेकिन आखिर यह मामला है क्या? इसकी शुरुआत कब हुई? रेलवे के होटलों से लेकर पटना की जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग तक पूरा मामला कैसे पहुंचा? और अब लालू परिवार के सामने आगे क्या कानूनी चुनौती है? आइए हर सवाल का जवाब समझते हैं। 

    क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग घटना, कैसे बढ़ेगी लालू परिवार की मुश्किलें जानें

    क्या है IRCTC होटल मामला?
    यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी के BNR होटलों के संचालन के ठेके से जुड़ा है. CBI का आरोप है कि इन दोनों होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं. एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले पटना में जमीन का लेन-देन हुआ। 

    जमीन का क्या कनेक्शन है?
    जांच एजेंसियों के मुताबिक होटल टेंडर और पटना की जमीन के बीच कथित लेन-देन इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. CBI ने आरोप लगाया कि पटना की बेशकीमती जमीन पहले एक कंपनी के जरिए खरीदी गई. बाद में उसका प्रभावी नियंत्रण लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा. एजेंसी ने जमीन की कीमत और जिस कीमत पर सौदा हुआ. उसमें बड़े अंतर का भी आरोप लगाया है. यही कथित लेन-देन बाद में ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना। 

    मामला कब शुरू हुआ?
    इस मामले की जड़ें 2004-05 के दौर में हैं. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। मार्च 2004 में रेलवे के दो होटलों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया IRCTC को सौंपी गई थी. मई 2004 में लालू रेल मंत्री बने। इसके बाद होटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी. CBI के मुताबिक 2005-06 में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया। 

    CBI ने केस कब दर्ज किया?
    कई वर्षों बाद यह मामला 2017 में फिर सामने आया. जुलाई 2017 में CBI ने FIR दर्ज की. एजेंसी ने लालू यादव और अन्य पर पद के कथित दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और होटल टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए. इसके बाद CBI ने जांच आगे बढ़ाई और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. इसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। 

    ED की एंट्री कब हुई?
    CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. अगस्त 2018 में ED ने PMLA के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से यह मामला सिर्फ कथित भ्रष्टाचार या टेंडर विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग केस के रूप में भी अदालत पहुंच गया। 

    आज कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    10 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं 7 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया लालू यादव द्वारा रेल मंत्री के पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को मुकदमा आगे बढ़ाने लायक माना. आरोप तय किए गए आरोपियों में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, पीसी गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं। 

    क्या लालू यादव और तेजस्वी दोषी साबित हो गए?
    नहीं…यह सबसे जरूरी कानूनी बात है. कोर्ट द्वारा आरोप तय करना दोषी करार देना नहीं होता. इसका मतलब है कि अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप सबूतों के जरिए साबित करने होंगे. बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा. इसलिए फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी या अन्य आरोपियों को दोषी कहना सही नहीं होगा। 

    अब लालू परिवार की मुश्किलें कैसे बढ़ सकती हैं?
    आरोप तय होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा. अभियोजन पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा.इसके बाद बचाव पक्ष उन सबूतों को चुनौती देगा. लालू परिवार के लिए चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में कथित होटल टेंडर, जमीन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को अदालत में साबित करने की कोशिश होगी. हालांकि इसका अंतिम परिणाम ट्रायल के बाद ही सामने आएगा। 

    क्या यह Land-for-Jobs केस ही है?
    नहीं…दोनों मामले अलग हैं. IRCTC मामला रांची और पुरी के रेलवे होटलों के कथित टेंडर में अनियमितता और उससे जुड़े जमीन के लेन-देन पर केंद्रित है. वहीं Land-for-Jobs केस में रेलवे में नौकरी देने के बदले कथित तौर पर जमीन लेने के आरोप हैं. दोनों मामलों में लालू परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण अक्सर इन्हें एक साथ देखा जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर दोनों अलग मामले हैं। 

    अब अगली सुनवाई कब होगी?
    राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. अब अदालत में मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

     

  • बंगाली संस्कृति में माछ-भात और मटन खास, दुर्गा पूजा में नॉन-वेज पर दिल्ली समितियों का दो टूक जवाब

    बंगाली संस्कृति में माछ-भात और मटन खास, दुर्गा पूजा में नॉन-वेज पर दिल्ली समितियों का दो टूक जवाब

     नई दिल्ली
    'दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ खाना बंगाल का कल्चर है और बिन बंगाली कल्चर समझे इस पर टिप्पणी भी गलत है।' दिल्ली की दुर्गा पूजा समितियों का यही मानना है। दिल्ली में 350 से ज्यादा दुर्गा पूजा समितियां नवरात्र में पूजा का पंडाल सजाती हैं। इन समितियों का कहना है कि वो बिन सोचे-समझे की गई किसी टिप्पणी पर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज खाना बंद नहीं करेंगे।

    • दरअसल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उस टिप्पणी ने बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार से बचने और पूजा पंडालों के आसपास नॉन-वेज की बिक्री ना करने की अपील की।
    • दिल्ली के 'मिनी बंगाल' और दुर्गा पूजा के हब चितरंजन पार्क की मेला ग्राउंड दुर्गा पूजा समिति के असिस्टेंट ट्रेजरर अधिक मित्रा ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारे लिए वो पल है जब हम मां दुर्गा का उनके मायके में वापस आने पर स्वागत करते हैं।
    • पांच दिन वो हमारे घर में रहती हैं और हम उनकी देखभाल एक प्यारी बेटी की तरह करते हैं।
    • मां को भोग में खिचड़ी, लूची, पायेश,… चढ़ाया जाता है, जो सात्विक और शाकाहारी होता है।
    • बाकी परिवार के लिए माछ-भात और मटन पकता है, वह खास बंगाली अस्मिता है।

    खुद भी आएं, दूसरों को भी लाएं
    दिल्ली की अरामबाग दुर्गा पूजा समिति के प्रेजिडेंट अभिजीत बोस ने कहा कि यह पूर-नस्ल वेज़ और नॉन-वेज़ के नाम पर माहौल खराब करने का है। धीरेंद्र शास्त्री का बयान बिल्कुल गलत है। उन्हें बंगालियों की दुर्गा पूजा के बारे में पता ही नहीं है। वह हमारी पूजा की तुलना नॉर्थ की नवरात्र की पूजा से कर रहे हैं, जबकि हमारी पूजा का नेचर ही अलग है। बंगाल में पूजा में बलि दी जाती है। दिल्ली में यह नहीं होता तो यहां हम मां को फल, सब्ज़ी यह सब बलि के रूप में देते हैं। ऊपर से भोग में प्याज़-लहसुन तक नहीं होता। पंडाल के बाहर ग्राउंड में हम नॉन-वेज़ स्टॉल लगाते हैं क्योंकि बंगाली नॉन-वेज खाते हैं।

    मंडप के बाहर होती व्यवस्था
    मिलनी कल्चरल एंड वेलफेयर समिति की दुर्गा पूजा के प्रेजिडेंट मृणाल बिश्वास ने कहा कि हमारी पूजा मंडप के अंदर वेज़ तक खाने की इजाज़त नहीं होती। मंडप के बाहर वेज़, नॉन वेज़ दोनों खाने की व्यवस्था होती है। मैं खुद वेज़ हूं मगर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ ना मिले, यह तो थोपने वाली बात है। बंगाल में तो काली पूजा में मछली का भोग लगता है क्योंकि बंगाल की ज्योग्राफी में नदी है, तो मछली उनका खाना है। नई दिल्ली काली बाड़ी के प्रेजिडेंट डॉ सुब्रतो गांगुली ने कहा कि नॉन-वेज़ की बहस में दिल्ली की कोई भी पूजा समिति नहीं फंसेगी। बयान ही नासमझी का है। नॉर्थ-इंडिया के ट्रेडिशन को पूरे भारत में कैसे लागू किया जा सकता है?

  • पॉलीटेक्निक चौराहे पर अब नहीं लगेगा लंबा चक्कर, ट्रैफिक पुलिस ने बदला रूट

    पॉलीटेक्निक चौराहे पर अब नहीं लगेगा लंबा चक्कर, ट्रैफिक पुलिस ने बदला रूट

    लखनऊ
    यूपी की राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर से पिकप भवन, विभूति खंड, लोहिया हास्पिटल जाने के लिए पॉलीटेक्निक चौराहा तक वाहन चालकों को अब लंबा चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। चौराहे पर ट्रैªफिक दबाव कम करने और उल्टी दिशा से गुजरने वाले वाहनों चालकों पर लगाम कसने के लिए यातायात पुलिस ने बुधवार को नया प्रयोग लागू किया है। वेब मॉल के सामने मुख्य मार्ग पर डिवाइडर पर कट बनाकर दो यू-टर्न बनाए गए हैं। अभी तक जल्दबाजी में वाहन चालक पिकप भवन से पॉलिटेक्निक चौराहे पहुंचने के लिए उल्टी दिशा से गुजरते थे। जिसकी वजह से दुर्घटना की संभावना और चौराहे से आने वाला ट्रैफिक प्रभावित होता था।

    वहीं गोमतीनगर से पिकप भवन की ओर जाने के लिए वाहन चालकों को पॉलीटेक्निक चौराहा या मुहाने पर बने यू-टर्न से मुड़ना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों लंबा चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा पॉलीटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। टीआई कृष्णपाल सिंह ने बताया कि प्रयोग के तौर पर नई व्यवस्था लागू की गई है। सफलता मिलने पर इसे स्थाई कर दिया जाएगा। हालांकि बुधवार को पहले दिन वाहन चालक थोड़ा कंफ्यूज दिखे। ट्रैªफिक कर्मियों ने लाउड हेलर के जरिए वाहन चालकों को यू-टर्न से गुजरने के लिए जागरूक करते नजर आए।

    बंद होगा चौराहे से सटा यू टर्न
    पॉलीटेक्निक चौराहे से ठीक पहले पूर्व में बनाया गया यू टर्न बंद कर दिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि इस यू टर्न में दोनों ओर से वाहन आ जा रहे थे। दूसरा, जिनको पेट्रोल पम्प वाली सर्विस लेन में जाना होता था वो मार्ग अवरुद्ध कर दे रहे थे। ऐसे में मुंशीपुलिया और निशातगंज की ओर से आ रहे कुछ ही वाहन सिग्नल ग्रीन रहते निकल पाते थे। इसके अलावा यू टर्न पर आए दिन हादसे हो रहे थे।

    ऐसे गुजरेंगे वाहन
    डीसीपी ट्रैफिक रवीनी त्यागी ने बताया कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल, पिकप भवन से पॉलिटेक्निक चौराहे जाने वाले वाहन वेब सिनेमा के सामने बने कट से मुख्य मार्ग पर पहुंचेंगे। फिर मुख्य मार्ग पर बनाए गए यू-टर्न से होकर पॉलिटेक्निक चौराहा जा सकेंगे।

    गोमतीनगर से पिकप भवन, राम मनोहर लोहिया अस्पताल की ओर जाने वाले वाहन मुख्य मार्ग पर बने यू-टर्न लेकर पॉलिटेक्निक की ओर से आ रहे मार्ग पर पहुंचेगे। फिर वेब सिनेमा के सामने डिवाइडर से कट से सर्विस लेन पर पहुंचेगें।

  • राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश के आसार, कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी

    राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश के आसार, कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी

    जयपुर
     मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर आने वाला है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 11 से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है तो कहीं झमाझम बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का अंतिम दौर प्रदेशवासियों लिए राहत देने वाला हो सकता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से जलभराव की समस्या भी बन सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में राजस्थान के अधिकांश भागों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश तथा दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश का एक नया दौर शुरू होगा

    साथ ही 12 से 15 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग व आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर को छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    जानें: 11-12 और 13 सितंबर को कहां कहां बारिश की चेतावनी
    11 सितंबर: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार नया कम दबाव का क्षेत्र बनने 11 सितंबर को बारां, भरतपुर, धौलपुर और करौली में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी ​किया है।

    12 सितंबर: मौसम विभाग ने अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    13 सितंबर: अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालोर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

  • मार्च 2027 तक पूरा होना था बिहटा एयरपोर्ट, निर्माण रुकने से बढ़ी चिंता

    मार्च 2027 तक पूरा होना था बिहटा एयरपोर्ट, निर्माण रुकने से बढ़ी चिंता

    पटना
     बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा एयरपोर्ट से नागरिक विमानों की उड़ान की महत्वाकांक्षी परियोजना अधर में लटक गई है। दरअसल, बिहटा में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के निर्माण कार्यों को पूरा करने का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, उसने पूरी तरह से काम बंद कर दिया है। लगभग 460 करोड़ की लागत से टर्मिनल भवन के निर्माण का जिम्मा पिछले वर्ष अप्रैल में रूस की कंपनी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी इंडस्ट्रियल एसोशिएशन बोजरोजदिनी को मिला था। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अब तक टर्मिनल भवन का मात्र दो प्रतिशत काम ही हो सका है। मई से कंपनी ने मजदूरों और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था।

    पिछले एक माह से टर्मिनल भवन का काम पूरी तरह से ठप है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिया के केंद्रीय कार्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। स्थानीय पदाधिकारी अब निर्माण परियोजना के संबंध में केंद्रीय निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम लेने वाले रूस की कंपनी ने तय लागत से 31 प्रतिशत कम की राशि पर निर्माण का जिम्मा दिया था। पूर्व से ही लेटलतीफ चल रही इस परियोजना को पूरा करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश एएआई ने दिया था। आरंभ से ही कंपनी ने निर्माण कार्यों को लेकर धीमी गति रही। एक साल बीतने के बाद संबंधित एजेंसी ने टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस परियोजना को 14 मार्च 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

    आईआईटी, एनआईटी सहित कई संस्थान हैं
    एयरपोर्ट के निर्माण की प्रतीक्षा स्थानीय लोगों के लिए दूसरे राज्यों के लोग भी कर रहे हैं। यहां आईआईटी, एनआईटी, एफडीडीआई, नाइलिट जैसे कई केंद्रीय शिक्षण संस्थान हैं जहां दूसरे राज्यों के छात्र पढ़ते हैं। पटना से बिहटा की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए दानापुर स्टेशन से बिहटा तक एलिवेटेड रास्ता भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निर्माण बंद होने से परियोजना पूरा होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। मामले में फिलहाल केंद्रीय मुख्यालय के निर्देशों की प्रतीक्षा है।

    1413 करोड़ से अधिक की है परियोजना
    परियोजना पर 1400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जानी है। दो मंजिला टर्मिनल भवन को 50 लाख सालाना यात्रियों की क्षमता का बनाया जाना तय हुआ है। दस विमानों के लिए पार्किंग, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, मल्टीलेबल कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। हालांकि परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है। इसे 50 करोड़ से 15 महीने में पूरा करना था।

  • गांवों की बेटियों को सूखा नशा बना रहा शिकार, हरियाणा की खाप ने जताई चिंता; बोली- घर उजड़ेंगे

    गांवों की बेटियों को सूखा नशा बना रहा शिकार, हरियाणा की खाप ने जताई चिंता; बोली- घर उजड़ेंगे

    जींद.

    नशा रोकने की मांग को लेकर दो सितंबर को नौगामा खाप ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद बुधवार को माजरा खाप ने भी एसपी कुलदीप सिंह से मुलाकात की। खाप पदाधिकारियों ने नशे पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा।

    इस दौरान 15 सितंबर को गांव अशरफगढ़ में नशा मुक्ति को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए एसपी को निमंत्रण दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि यदि खाप इस मामले में आगे आती हैं तो पुलिस के लिए नशा रोकना बड़ा काम नहीं है।

    नशा बिकता दिखे तो तुंरत करें शिकायत
    उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई नशा बेचता है तो उसकी तुरंत पुलिस को शिकायत दें। पुलिस अपने स्तर पर नशा रोकने का काम कर रही है। इसमें पंचायतों का भी सहयोग मिल जाए तो नशे पर जल्द काबू पाया जा सकता है माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिंधु ने कहा कि खाप के कई गांवों में नशा काफी बिक रहा है। नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है। लड़कियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें सूखा नशा न बिकता हो। समय रहते बच्चों को नहीं संभाला गया तो घर बर्बाद हो जाएंगे। प्रदेश में नशे के कारण काफी युवाओं की मौत हो चुकी है और नशे के कारण युवा वर्ग अपराध की तरफ बढ़ रहा है। पुलिस का हर तरह से खाप सहयोग करने को तैयार है।

    15 सितंबर को होगा कार्यक्रम
    सिंधु ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और गांवों को नशे से दूर रखने के लिए 15 सितंबर को अशरफगढ़ में कार्यक्रम होगा। इसमें एसपी कुलदीप सिंह को मुख्यातिथि बनाया गया है। एसपी से मिलने वालों में महेंद्र सिंह सहारण, जयसिंह सैनी, रामफल गोयत, नवाब सिंह, रघुबीर नंबरदार, अमन पिलानियां, जगदीश और सरपंच फूल सिंह शामिल रहे।

    कल हैबतपुर सचिवालय में होगी बैठक
    माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है और लड़कियां भी इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 11 सितंबर को हैबतपुर गांव के सचिवालय में माजरा खाप की पंचायत होगी। इसमें 14 गांवों के मुख्य लोगों के साथ सभी गांवों के सरपंचों को भी बुलाया गया है। पंचायत में नशे के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।

  • आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, जमीन सौदे में 2 करोड़ से ज्यादा के राजस्व नुकसान का आरोप

    आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, जमीन सौदे में 2 करोड़ से ज्यादा के राजस्व नुकसान का आरोप

      रामपुर
    रामपुर जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां को फिर से झटका लगा है। सपा नेता आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ लखनऊ के थाने में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कराई है। लखनऊ हज कमेटी की करीब 60 हजार वर्ग फीट जमीन को बेचने के मामले में आजम खान के साथ ही हज कमेटी के तत्कालीन सचिव लईक अहमद, डॉक्टर एमएए खान, अमीश डेवलपर्स के मालिक मोहम्मद अय्यूब और मुस्तकीम अहमद पर भी एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि हज समिति के नियमों का उल्लंघन कर प्राइवेट बिल्डर को जमीन बेची गई है। जिसके चलते सरकार को दो करोड़ आठ लाख रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है।

    लखनऊ विजिलेंस के निरीक्षक ध्रुव चंद्र मौर्य ने आठ सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 12, 13(1) (बी) और 13(2) लगाई गई हैं। इसमें आजम समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। उस समय आजम राज्य हज समिति के अध्यक्ष थे। दूसरा आरोपी लईक अहमद को बनाया है जो हज समिति के तत्कालीन सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि नियम और शर्तों को दरकिनार करते हुए लखनऊ हज कमेटी की जमीन अमीश डेवलपर्स को बेच दी गई। इस पूरे सौदे में सरकार को दो करोड़ आठ लाख रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आई है।

    आजम पर केस में कोर्ट नहीं पहुंचा विवेचक, वारंट जारी
    वहीं दूसरी ओर धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के खिलाफ एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रहे गवाह को धमकाने के केस में बुधवार को विवेचक गजेंद्र त्यागी फिर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। जिस पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

    जौहर विवि के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर सुनवाई आज
    मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई 10 सितंबर को होनी है। मालूम हो कि डीएम एवं आरडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई के आदेश में जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध मानते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था। जौहर यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की ओर से इस आदेश को मंडलायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है। फिलहाल याचिका के अंगीकरण पर ही सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई की तिथि 25 अगस्त थी, जिसमें सुनवाई नहीं हो सकी थी। इस बीच मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को कार्यमुक्त कर दिया गया था।

  • गया-नवादा समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    गया-नवादा समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

     पटना
    राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक पटना सहित दक्षिण-मध्य बिहार के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पटना में बारिश दर्ज नहीं की गई है और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। मौसम विभाग के अनुसार आज 10 सितंबर को गया, नवादा, रोहतास और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    कल कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर को बिहार के उत्तर-पूर्वी भागों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है।

    हालांकि, हवा में नमी अधिक बनी हुई है, जहां सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 89 प्रतिशत तक दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पटना का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

    आने वाले दो-तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने के आसार हैं, जिससे तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग ने की अपील
    मौसम विभाग ने सतर्क करते हुए अलर्ट जारी किया है कि बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मेघ गर्जन के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका है।

    खराब मौसम को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

  • सफाई को लेकर बठिंडा में बड़ा कदम, हर हफ्ते 100 KM क्षेत्र की होगी मशीनों से सफाई

    सफाई को लेकर बठिंडा में बड़ा कदम, हर हफ्ते 100 KM क्षेत्र की होगी मशीनों से सफाई

    बठिंडा.

    शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से शुरू किए गए मैकेनिकल स्वीपिंग (डीप क्लीनिंग) प्रोजेक्ट का स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी ने जायजा लिया।

    उन्होंने शहर में चल रही मैकेनिकल स्वीपिंग की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर लवजीत कलसी सहित निगम और विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की ओर से वर्तमान में प्रति सप्ताह करीब 100 किलोमीटर सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान सचिव घनश्याम थोरी ने प्रोजेक्ट के तहत की जा रही सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनरी के इस्तेमाल से शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है। इससे शहर के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

    अंदरूनी सड़कों की सफाई पर जोर
    सचिव ने अधिकारियों को शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी मैकेनिकल स्वीपिंग और डीप क्लीनिंग का काम तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंदरूनी सड़कों की करीब 630 किलोमीटर साप्ताहिक मैकेनिकल स्वीपिंग का काम जल्द शुरू किया जाए। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सफाई व्यवस्था केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शहर की अंदरूनी सड़कों और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

    164 किमी मुख्य सड़कों के टेंडर जल्द निपटाने के निर्देश
    मुख्य सड़कों की सफाई से संबंधित करीब 164 किलोमीटर के लंबित टेंडर कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर काम को जमीन पर शुरू करवाया जाए। घनश्याम थोरी ने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और मैकेनिकल स्वीपिंग के काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई दे।

    लोगों की भागीदारी भी जरूरी
    सचिव ने शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लोगों की भागीदारी को भी जरूरी बताया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को सफाई के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अपने आसपास गंदगी न फैलाएं तथा शहर को साफ रखने में नगर निगम का सहयोग करें।