Category: राज्य

  • अल्पसंख्यक समाज के विकास को लेकर मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली से मिले आयोग अध्यक्ष

    अल्पसंख्यक समाज के विकास को लेकर मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली से मिले आयोग अध्यक्ष

    उत्तर प्रदेश

    उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष (चेयरमैन) का पदभार ग्रहण करने के उपरांत आज ऐशबाग स्थित ऐतिहासिक ईदगाह पहुंचकर प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मगुरु एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना ख़ालिद राशिद फरंगी महली साहब से शिष्टाचार भेंट की। 

    मुलाकात के दौरान मौलाना साहब का बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास, बेहतर शिक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।

    हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के संकल्प के साथ अल्पसंख्यक समाज के उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

     

  • सरयू का बढ़ता पानी बना मुसीबत, पशुपालक चारा जुटाने को मजबूर

    सरयू का बढ़ता पानी बना मुसीबत, पशुपालक चारा जुटाने को मजबूर

    रघुनाथपुर (सिवान)
    सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे प्रखंड का दियारा क्षेत्र बेहाल हो गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही आवागमन और दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं।

    बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की झोपड़ियों को भी चारों ओर से घेर लिया है।प्रखंड के गभीरार पंचायत के बिन टोला गांव स्थित नया प्राथमिक विद्यालय भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है।

    बाढ़ से सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों को
    विद्यालय परिसर के आसपास पानी जमा होने से बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीण प्रीतम महतो ने बताया कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    कौसड़ निवासी अनिल यादव ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों को हो रही है। पशुओं के लिए समय पर चारा नहीं मिल पा रहा है। चारे के अभाव में पशुओं की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    पशुपालकों को जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच से चारा काटकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने और प्रभावित गांवों में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।

  • रायबरेली की जनता और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण राजनीति कर रहे राहुल गांधी : मंत्री

    रायबरेली की जनता और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण राजनीति कर रहे राहुल गांधी : मंत्री

    ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी पवित्र योजना पर राहुल गांधी का सवाल उठाना मातृशक्ति का अपमान : दिनेश प्रताप सिंह 

    रायबरेली में कांग्रेस नेता के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ने किया करारा पलटवार

    रायबरेली की जनता और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण राजनीति कर रहे राहुल गांधी : मंत्री

    योगी सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास है, विपक्ष को निभानी चाहिए रचनात्मक भूमिका

    लखनऊ
    प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने के बजाय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं में खामियां तलाश कर राजनीति करने पर अधिक रहा। मंत्री ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी के रवैये से निराशा हुई।

    ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर सवाल उठाने का आरोप

    राज्यमंत्री ने कहा कि दिशा बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या होता है। यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को ही योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसका अनुश्रवण और समन्वय कैसे होगा। इसके बाद राहुल गांधी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च को जानने पर अधिक जोर दिया। इससे ऐसा लगा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के बजाय उसमें खामी तलाशना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

     ‘डरो मत’ कहने वाले राहुल गांधी जनता और मीडिया से क्यों बच रहे?
     
    दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से कराए गए कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास अपने निजी आवास के भीतर से किया, जबकि बाहर के गेट पर ताला लगा रहा। मीडिया प्रतिनिधि सुबह से इंतजार करते रहे, लेकिन राहुल गांधी कैमरे के सामने आकर रायबरेली की जनता को शुभकामनाएं तक नहीं दे सके। 

    राहुल को तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे
    राज्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि रायबरेली की दिशा बैठक में भी राहुल गांधी सांसद और समिति अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आए। उनके साथ दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी राहुल गांधी दूसरे दलों के सहयोग पर निर्भर दिखाई देते हैं।

    योगी सरकार में सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि
    राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जनता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना देश के साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा भी की गई है। 

    अखिलेश के बुलंदशहर दौरे पर बोले- सरकार ने किसी को नहीं रोका
    अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे में हेलीपैड की अनुमति से जुड़े सवाल पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलना किसी राजनीतिक भय का विषय नहीं है। योगी सरकार ने अखिलेश यादव को कभी कहीं जाने से नहीं रोका और न इसकी आवश्यकता है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की राष्ट्रीय लोकदल नेतृत्व से जुड़ी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

  • दिल्ली में BRICS समिट की सुरक्षा चाक-चौबंद, 25 हजार जवानों की तैनाती; हर खतरे पर पैनी नजर

    दिल्ली में BRICS समिट की सुरक्षा चाक-चौबंद, 25 हजार जवानों की तैनाती; हर खतरे पर पैनी नजर

    नई दिल्ली
    ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली और मेहमानों की सुरक्षा में एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें लगाई गई हैं. अगले तीन से चार दिनों तक नई दिल्ली में ऊंची ऊंची बिल्डिगों पर अगर बंदूकधारी कमांडो दिख जाएं तो चौकिए नहीं. यही नहीं आपको एंटी ड्रोन सिस्टम, एंटी एयरक्राफ्ट गन भी दिख सकता है। 

    दिल्ली में 11 से लेकर 13 दिसंबर तक 35 रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे. भारत मंडपम और प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लगाया गया है। 

    ब्रिक्स समिट का मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम में होगा. डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा बताया कि दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सिक्योरिटी में लगाए गए हैं. 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं। 

    दिल्ली में एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें एक्टिवेट कर दी गई हैं। करीब 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें DCP स्तर के अधिकारी शामिल हैं, सुरक्षा की निगरानी करेंगे। 

    1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो भी तैनात किए गए हैं. शनिवार से कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, 22 रूट पर पुलिस की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। 

    एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी
    विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा. भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट की जांच, निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है। 

    दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। 

    ड्रोन उड़ाने पर रोक
    समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी. पुलिस ऐसे इलाकों में आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी। 

    कंट्रोल रूम से होगी निगरानी 
    वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी. कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी. किसी जगह इमरजेंसी, एंबुलेंस की जरूरत या अचानक ट्रैफिक समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। 

    पुलिस ने साफ किया है कि सभी रास्ते लगातार बंद नहीं रहेंगे. प्रतिबंध वीवीआईपी मूवमेंट के समय और जरूरत के मुताबिक ही लगाए जाएंगे. आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रभावित रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। 

    VVIP काफिलों की आवाजाही के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है। 

    भारत मंडपम के 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रहेगी. 
    * दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती
    * NSG कमांडो और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
    * IB, SPG, NSG और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात
    * करीब 7 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

    BRICS सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होगी VVIP काफिलों की आवाजाही और आम ट्रैफिक के बीच तालमेल. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख सड़कों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक रोकने और डायवर्जन का प्लान तैयार किया है। 

    इन रास्तों पर दिखेगा ट्रैफिक का असर

    सरदार पटेल मार्ग
    मदर टेरेसा क्रिसेंट
    तीन मूर्ति मार्ग
    अकबर रोड
    तेज जनवरी मार्ग
    राजेश पायलट मार्ग
    सुब्रमण्यम भारती मार्ग
    मथुरा रोड
    मोतीलाल नेहरू मार्ग
    डॉ. जाकिर हुसैन रोड
    जनपथ
    अशोका रोड
    बाराखंभा रोड
    टॉल्स्टॉय मार्ग
    नीति मार्ग
    एपीजे अब्दुल कलाम रोड
    प्रेस एन्क्लेव रोड
    लाल बहादुर शास्त्री मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें. 

    VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा. इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटेल चौक, RML अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। 

    मथुरा रोड और भारत मंडपम की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग की तरफ VVIP मूवमेंट के दौरान रिंग रोड, वंदे मातरम मार्ग और NH-48 जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेग। 

    BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 5000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन नहीं संभालेंगे. बल्कि VVIP काफिलों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए इन चीजों की तैनाती की गई है। 

    * GPS आधारित ट्रैकिंग
    * CCTV सर्विलांस
    * टेक्निकल मॉनिटरिंग
    * रियल टाइम कम्युनिकेशन
    * क्विक रिस्पॉन्स टीम
    * मेडिकल और फायर रिस्पॉन्स

    VVIP काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा अलर्ट की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी. इसके साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। 

    मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर रोक नहीं
    दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. प्रभावित न होने वाले रास्तों पर सामान्य ट्रैफिक चलता रहेगा. मेट्रो सेवा पर भी सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, हालांकि यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। 

  • गोशालाओं को अब संरक्षण के साथ बनाया जाएगा आत्मनिर्भरता का मॉडल

    गोशालाओं को अब संरक्षण के साथ बनाया जाएगा आत्मनिर्भरता का मॉडल

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में गोशालाओं को प्राकृतिक कृषि, जैविक उर्वरक, बायोगैस, पंचगव्य आधारित उत्पादों और ग्रामीण रोजगार से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (UPCAR) के संयुक्त सहयोग से कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में 25 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    पिकअप भवन में आयोजित बैठक में गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गोवंश संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में वर्तमान में एक से चार गोवंश सुपुर्द किए जाने की सीमा बढ़ाकर अधिकतम 10 गोवंश किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में इच्छुक कृषक और पशुपालक गोवंश संरक्षण से जुड़ सकेंगे तथा योजना की पहुंच और प्रभाव बढ़ेगा।

    आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने विभिन्न मंडलों और जनपदों में गोवंशों की देखभाल और गोशाला प्रबंधन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपेक्षा की।

    आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य कारणों से घायल गोवंशों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 समर्पित एंबुलेंस सेवा शुरू करने का सुझाव दिया। इसके जरिए घायल गोवंशों को तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या उपयुक्त चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया जा सकेगा। सदस्य दीपक गोयल ने गोशालाओं में मृत होने वाले गोवंशों के सम्मानजनक और व्यवस्थित निस्तारण के लिए स्थानीय परिस्थितियों व निर्धारित मानकों के अनुरूप समर्पित स्थल विकसित करने का सुझाव दिया। सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने गोशालाओं  के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की अपेक्षा की।

    कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता गोशालाओं को अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाना है। 

    किसानों के यहां वीबीजी-रामजी योजना के तहत पक्के कैटल शेड, यूरिन टैंक और नाद के निर्माण, बड़े गो संरक्षण केंद्रों और अस्थायी गो आश्रय स्थलों में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना तथा गोबर-गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत, बीजामृत और अन्य कृषि उपयोगी उत्पाद तैयार कर उनके विपणन की व्यवस्था पर विचार हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने संबंधित विभागों को आयोग द्वारा प्रस्तुत विषयों पर आवश्यक समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के डीजी डॉ. संजय सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

  • यूपी की ‘दीदियों’ को मिलेगा खास क्रेडिट कार्ड, छोटे कारोबार के लिए ₹1 लाख तक की मदद

    यूपी की ‘दीदियों’ को मिलेगा खास क्रेडिट कार्ड, छोटे कारोबार के लिए ₹1 लाख तक की मदद

     लखनऊ
     विधान सभा चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं एक करोड़ दीदियों को एक लाख रुपये तक का क्रेडिट (ऋण) लाभ दिया जाएगा। हालांकि योजना के पहले चरण में 20,000 रुपये की पहली किश्त मिलेगी।

    इसके समय से भुगतान पर दो चरणों में 80 हजार रुपये का और क्रेडिट दिया जाएगा। सरकार, योजना को विधान सभा चुनाव से पहले जोर-शोर से लांच करने की तैयारी कर रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    पिछले माह राजनीतिक गलियारों में योगी सरकार द्वारा महिलाओं को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की चर्चाएं चली थीं। अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि भाजपा ने मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में विधान सभा चुनावों से पहले ऐसा ही दांव चला था।

    अब यूपी में भी ऐसे ही दांव की तैयारी है। उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यमी क्रेडिट योजना को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    महिलाओं को दिया जाएगा विशेष क्रेडिट कार्ड
    प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। बुधवार को योजना भवन में हुई ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री ने इस उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की तैयारी की समीक्षा की। योजना के तहत महिला को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए महिलाओं को विशेष क्रेडिट कार्ड बनाकर दिया जाएगा।

    इस धनराशि का उपयोग महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय को शुरू करने या पहले से संचालित उद्यम को विस्तार देने में कर सकेंगी। पहले चरण में दिए जाने वाले 20 हजार रुपये का समय से भुगतान करने पर महिलाओं को दूसरे चरण में 30 हजार रुपये ऋण के रूप में दिए जाएंगे। यदि महिलाएं दूसरी किस्त भी चुका देती हैं तो उनको तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का क्रेडिट लाभ दिया जाएगा। इसके लिए बैंकों ने एक प्रारूप तैयार किया है, जिसके विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समूह की दीदियों को पहचान व सुविधाओं से जोड़ने के लिए आइकार्ड उपलब्ध कराया जाए। ये कार्ड क्यूआर कोड जैसी डिजिटल सुविधाओं से युक्त हों

    दीदियों को डिजिटल भुगतान, डिजिटल मार्केटिंग, आनलाइन बिक्री, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक उद्यम प्रबंधन से जोड़ा जाए। उन्होंने ई-रिक्शा योजना के तहत दो लाख रुपये तक के वाहनों की ही खरीद पर विचार करने, 100 महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में एचसीएल फाउंडेशन के साथ ‘समुदाय साझेदारी’ को वर्ष 2031 तक बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस दाैरान ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय, मिशन निदेशक अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।

     

  • ‘सैफई से आती थी नौकरी की सूची’, भूपेंद्र चौधरी ने सपा पर बोला हमला, बोले- परिवार और जाति से आगे नहीं बढ़ रहा एजेंडा

    ‘सैफई से आती थी नौकरी की सूची’, भूपेंद्र चौधरी ने सपा पर बोला हमला, बोले- परिवार और जाति से आगे नहीं बढ़ रहा एजेंडा

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा नेताओं ने सपा और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी को युवा विरोधी पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान नौकरियों में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताएं आम थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में निकलने वाली सरकारी नौकरियों की सूची सैफई से आती थी और एक परिवार व एक बिरादरी तक सीमित रहती थी।

    ‘सैफई से आती थी नौकरी की सूची’

    भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओं के विरोध में रही है। उनके मुताबिक सपा सरकार में जमकर पेपर लीक होते थे और परीक्षाएं ठेके पर कराई जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी नौकरी निकलती थी, वह केवल एक परिवार और एक बिरादरी के लिए होती थी और उसकी सूची सैफई से आती थी।

    ‘हारते हैं तो ईवीएम को दोष देते हैं’

    भूपेंद्र चौधरी ने ईवीएम के मुद्दे पर भी सपा को घेरा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जब चुनाव जीतती है तो ईवीएम पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन चुनाव हारने के बाद उसी ईवीएम को दोष देने लगती है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।

    ‘परिवार और जाति से आगे नहीं बढ़ता सपा का एजेंडा’

    अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा जाति की राजनीति की है। सर्व समाज को साथ लेकर चलने की बात उसके एजेंडे में कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि जब सपा विपक्ष में होती है तो सर्व समाज की बात करती है, लेकिन सत्ता में आते ही उसका एजेंडा परिवार और जाति तक सिमट जाता है। भूपेंद्र चौधरी ने AI वीडियो को लेकर भी सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के वीडियो जारी करना प्रदेश की 25 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है और AI के जरिए उसकी तस्वीर बदलकर पेश करना जनता के जनादेश का अपमान है।

    ‘अखिलेश को सोते हुए सरकार बनती नजर आ रही’

    भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी और उसके नेता को सोते हुए सरकार बनती नजर आ रही है। अखिलेश यादव के ‘जेन जी’ वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनके ‘जेन जी’ का मतलब जनता ने देखा है।

    दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक-एक माफिया पैदा करने का काम किया और उन्हीं के संरक्षण में सरकार चलती थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार के दौरान जितनी वैकेंसी निकलीं, उनमें से एक भी नियुक्ति वह नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में युवाओं के हाथ में कट्टा देने और वसूली करने का काम किया गया।

    उन्होंने कहा कि ‘जेन जी’ पहले भी भाजपा के साथ था, आज भी भाजपा के साथ है और आगे भी भाजपा के साथ ही रहेगा।

    PDA मतलब- 'पराया धन अपना’

    दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सत्ता से बाहर होते ही उनकी ‘पर्ची और खर्ची’ बंद हो गई। इसी वजह से आज सपा PDA की राजनीति कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव के पुराने बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने चौरसिया, शाक्य और वर्मा समाज के लोगों को बोलने से रोकने की बात कही थी। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने पहले भी इन समाजों का अपमान किया और आज भी कर रहे हैं। PDA को लेकर उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव के लिए PDA का मतलब ‘पराया धन अपना’ है।

    दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, समाजवादी पार्टी के लोगों का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा की पूरी राजनीति X, प्रेस और अब पोस्टर तक सीमित होकर रह गई है।

    ‘अखिलेश और सपा फ्रस्टेशन में’

    उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के लोग फ्रस्टेशन में हैं, क्योंकि पूरा प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम से सहमत है।

    मोहसिन रजा ने कहा कि मोदी और योगी सरकारों ने कानून-व्यवस्था पर काम कर लोगों को सुरक्षा देने का काम किया है और यही वजह है कि विपक्ष परेशान है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह अंतिम चुनाव है और 2027 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।

    ‘अखिलेश खुद कार्यक्रम जारी करते हैं और खुद कैंसिल करते हैं’

    कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने अखिलेश यादव के रद्द हुए दौरों को लेकर सपा के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले अखिलेश यादव का सहारनपुर दौरा रद्द हुआ और फिर बुलंदशहर का दौरा भी रद्द हो गया। इसके बाद सरकार पर परमिशन नहीं देने का आरोप लगाया गया।

    अनिल कुमार ने कहा कि ये बातें निराधार हैं। उनके मुताबिक अखिलेश यादव खुद कार्यक्रम जारी करते हैं और खुद ही उसे कैंसल कर देते हैं। अनिल कुमार ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में देश में बड़ा बदलाव हुआ है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर काम को नकारने की आदत बना चुका है।

  • कम बारिश के बावजूद 26 जिलों में 100% से ज्यादा धान की रोपनी, सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद

    कम बारिश के बावजूद 26 जिलों में 100% से ज्यादा धान की रोपनी, सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद

     पटना
     मानसून की विदाई का समय करीब आ गया है, लेकिन बिहार में अबकी बार बारिश का वितरण बेहद असमान रहा है। स्थिति यह है कि मानसून सीजन समाप्त होने में कुछ ही सप्ताह शेष हैं, इसके बावजूद राज्य के किसी भी जिले में सामान्य के मुकाबले 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश दर्ज नहीं हो सकी है।

    कई इलाकों में कम बारिश के कारण खेती प्रभावित हुई, वहीं दूसरी ओर नदियों में नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आए पानी के कारण 14 जिलों में बाढ़ की विकट स्थिति बनी हुई है। यानी बारिश की कमी और बाढ़, दोनों तस्वीरें एक साथ देखने को मिल रही है।

    ऐसे तमाम झंझावात के बीच किसानों ने कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 99 प्रतिशत धान की रोपनी कर दी। महत्वपूर्ण यह है कि 26 जिलों में सौ प्रतिशत या उससे अधिक रोपनी हुई है।

    पांच जिलों में किसानों ने सौ प्रतिशत से अधिक धान लगाया है। ऐसे जिलों में जहानाबाद, गोपालगंज, मूंगेर, शेखपुरा एवं किशनगंज जिले हैं।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून में बिहार में बारिश का वितरण लगातार उतार-चढ़ाव वाला रहा। कई दौर में अच्छी बारिश हुई, लेकिन उसका क्षेत्रवार फैलाव समान नहीं रहा। कुछ जिलों में एक-दो दिनों में भारी बारिश हुई, जबकि लंबे अंतराल तक बारिश नहीं होने से कुल मौसमी आंकड़ा सामान्य से नीचे बना रहा।

    किसानों के लिए बारिश का असमान वितरण चिंता
    मौसम की इस असमानता का सीधा असर खरीफ (शारदीय) फसलों पर पड़ा है। जिन क्षेत्रों में समय पर पर्याप्त बारिश नहीं हुई, वहां धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ा।
    वहीं, बाद में बाढ़ ने कई इलाकों में खेतों में पानी जमा कर दिया। इससे फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।

    सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद
    मानसून की विदाई से पहले सितंबर की बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मौसम विभाग ने बिहार समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश जताई है।

    ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश राज्य के मौसमी आंकड़े को कुछ सुधार सकती है, लेकिन मानसून के अंतिम चरण तक भी यदि व्यापक बारिश नहीं हुई तो इस साल का मानसून बिहार के लिए कम बारिश, असमान वितरण और बाढ़ की दोहरी मार के रूप में दर्ज हो सकता है।

  • एनएफएसए में अब हर लाभार्थी की ई-केवाईसी अनिवार्य, निलंबन से स्थायी हटाने तक की नई प्रक्रिया

    एनएफएसए में अब हर लाभार्थी की ई-केवाईसी अनिवार्य, निलंबन से स्थायी हटाने तक की नई प्रक्रिया

    सुनेल
    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थियों को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब एनएफएसए सूची में किसी लाभार्थी का नाम जुड़ने के बाद 90 दिन के भीतर ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में ई-केवाईसी नहीं कराने पर 91वें दिन लाभार्थी का नाम एनएफएसए सूची से स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित हो जाएगा। इसके बाद भी निर्धारित अवधि में ई-केवाईसी नहीं कराने पर नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा। विभाग ने यह व्यवस्था लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने और अपात्र नामों को सूची से हटाने के उद्देश्य से लागू की है।

    180 दिन में ई-केवाईसी नहीं तो स्थायी रूप से बाहर
    नई व्यवस्था के तहत नाम जुड़ने के बाद पहले 90 दिन ई-केवाईसी के लिए निर्धारित हैं। इस अवधि में केवाईसी नहीं कराने पर नाम अस्थायी रूप से निलंबित होगा। इसके बाद अगले 90 दिन में भी ई-केवाईसी नहीं कराने पर लाभार्थी का नाम एनएफएसए सूची से स्वतः स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया परिवार के बजाय प्रत्येक लाभार्थी के स्तर पर लागू होगी।

    अपात्र परिवारों पर भी पहले निलंबन, फिर स्थायी कार्रवाई
    एनएफएसए सूची में शामिल कोई परिवार अपात्र पाया जाता है तो संबंधित जिला रसद अधिकारी उसे विभागीय पोर्टल पर अस्थायी रूप से निलंबित कर सकेंगे। निलंबन के बाद 90 दिन की अवधि में जांच के दौरान परिवार पात्र पाया जाता है तो उसे दोबारा सक्रिय किया जा सकेगा। वहीं 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद अपात्र परिवार का नाम स्वतः स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा और उसे दोबारा शामिल नहीं किया जा सकेगा।

    निलंबित नाम सूची में दिखेगा, लेकिन राशन नहीं मिलेगा
    अस्थायी रूप से निलंबित लाभार्थी का नाम राशन डीलर की एनएफएसए सूची में दिखाई देता रहेगा, लेकिन उसे खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी निलंबन और स्थायी रूप से नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया स्वचालित होगी और इसमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद सागर के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

    छह माह से राशन नहीं उठाया तो भी होगी कार्रवाई
    भारत सरकार की 22 जुलाई 2025 की अधिसूचना की पालना में छह माह से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभार्थी परिवार भी इस व्यवस्था के दायरे में रहेंगे। छह माह की अवधि पूरी होने के बाद ऐसे परिवारों का नाम स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित होगा और संदेश के जरिए सूचना दी जाएगी। इसके बाद 90 दिनों में जिला रसद अधिकारी जांच कर सकते हैं। परिवार स्वयं भी सूची में फिर से सक्रिय होने के लिए आवेदन कर सकता है। लेकिन 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद नाम स्वतः स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।

    ई-केवाईसी कराई तो 24 घंटे में फिर सक्रिय होगा नाम
    प्रवर्तन अधिकारी गोविन्द देथा ने बताया कि विभाग के आदेश के अनुसार 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित लाभार्थी के पास ई-केवाईसी करवाने का एक और अवसर रहेगा। यदि वह आगामी 90 दिनों के भीतर राशन डीलर के पास जाकर ई-केवाईसी पूरी करवा लेता है तो 24 घंटे के भीतर उसका नाम एनएफएसए सूची में स्वतः फिर सक्रिय हो जाएगा। नाम अस्थायी रूप से निलोंबत होने और दोबारा सक्रिय होने की सूचना दी जाएगी।

     

  • गुजरात जा रही थी 50 लाख की शराब, पुलिस ने नाकाबंदी कर चालक को किया गिरफ्तार

    गुजरात जा रही थी 50 लाख की शराब, पुलिस ने नाकाबंदी कर चालक को किया गिरफ्तार

    डूंगरपुर
    राजस्थान-गुजरात सीमा पर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्कर शराब को वाशिंग मशीनों की आड़ में कंटेनर के जरिए गुजरात ले जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी के दौरान कंटेनर को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया। कंटेनर से अंग्रेजी शराब के कुल 395 कार्टन बरामद किए गए हैं।

    यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन स्वच्छता के तहत की। नगर निकाय चुनावों को देखते हुए जिले में पुलिस की ओर से संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी दौरान पुलिस को रतनपुर बॉर्डर के रास्ते अवैध शराब की खेप गुजरने की सूचना मिली थी।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    बिछीवाड़ा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह देवल के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान उदयपुर की तरफ से गुजरात की ओर जा रहे एक बंद बॉडी कंटेनर ट्रक को पुलिस ने रुकवाकर उसकी जांच की। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान भीलवाड़ा निवासी त्रिलोक सिंह के रूप में बताई।

    वाशिंग मशीनों के पीछे रखी थी शराब
    चालक ने पुलिस को बताया कि कंटेनर में वाशिंग मशीनें भरी हुई हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा सामान से संबंधित बिल और बिल्टी मांगे जाने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस को संदेह हुआ और कंटेनर की गहन तलाशी ली गई।

    395 कार्टन शराब पकड़ी गई
    तलाशी के दौरान कंटेनर में वाशिंग मशीनों के पीछे और उनकी आड़ में शराब के कार्टन छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस ने कंटेनर से सभी कार्टन बाहर निकलवाकर उनकी गिनती कराई। जांच में कुल 395 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।

    पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने शराब की खेप और कंटेनर को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे गुजरात में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस मामले में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े कनेक्शन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।