Category: राज्य

  • बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    पटना
    बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को लेकर आ रहीं कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को इससे जुड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।

    बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमानों के सुचारू परिचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत किया।

    100 मीटर में निर्माण गत‍िव‍िध‍ियों की होगी समीक्षा
    इनमें बिहटा हवाई अड्डा के रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान, एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण एवं अवरोध का निराकरण आदि के मुद्दे शामिल रहे।

    इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन, बिहटा से सटी भूमि के आवंटन तथा रक्षा भूमि के म्यूटेशन में प्रशासनिक सहयोग और नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    समन्‍वय स्‍थाप‍ित कर पूरा करें काम
    प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम तथा विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि‍ करीब 1400 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्‍ट का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करना है। इसके तहत दो मंज‍िला टर्मिनल, 10 विमानों के लि‍ए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है।

     

  • 17 सितंबर से शुरू सेवा संकल्प अभियान, काशी में बटुकों और स्वच्छता प्रहरियों का हुआ सम्मान

    17 सितंबर से शुरू सेवा संकल्प अभियान, काशी में बटुकों और स्वच्छता प्रहरियों का हुआ सम्मान

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में जुटे भाजपा और एनडीए के दिग्गज, बाबा विश्वनाथ से मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद
     
    मुख्यमंत्री योगी, राजनाथ सिंह, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और पंकज चौधरी ने की विशेष पूजा-अर्चना
     
    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान, काशी में पूजन और सम्मान कार्यक्रम
     
    मुख्यमंत्री योगी बोले- आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन, प्रधानमंत्री मोदी काशी के सांसद भी
     
    बटुकों, तीर्थ पुरोहितों और स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान, अंगवस्त्रम, दक्षिणा और प्रसाद किया भेंट
     
    बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से मुख्यमंत्री योगी ने किया संवाद, प्रसाद का भी हुआ वितरण
     
    वाराणसी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को काशी में भाजपा और एनडीए के दिग्गज जुटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के अर्चक श्रीकांत शर्मा ने षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न कराया। सभी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। यह आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन है। भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बाबा विश्वनाथ धाम में पूजन कर उनके स्वस्थ रहने की कामना की गई। यहां के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया गया। बड़नगर से काशी तक बाइक रैली में शामिल बाइकर्स से संवाद कर प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले सफाई कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया।
     
    17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी अभियान के तहत काशी में विशेष पूजन-अर्चन, बटुकों और तीर्थ पुरोहितों के सम्मान, स्वच्छता प्रहरियों के नागरिक अभिनंदन और बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
     
    बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान
    विशेष पूजन के बाद मंदिर परिसर में मंगलाचरण करने वाले बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्रम और दक्षिणा प्रदान की गई। विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले स्वच्छता प्रहरियों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया। उन्हें प्रसाद, अंगवस्त्रम और दक्षिणा भेंट की गई। सम्मान और प्रसाद की सामग्री पर्यावरण अनुकूल जूट के झोलों में वितरित की गई।
     
    प्रधानमंत्री आजीवन स्वस्थ रहें : राजनाथ
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आजीवन स्वस्थ रहने की कामना की, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
     
    देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व : नायडू
    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाना खुशी और गर्व की बात है। देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है और उन्होंने देश को बहुत गौरव दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
     
    कार्यक्रम में सेवा संकल्प यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक बीडी शर्मा और बनारस यात्रा के संयोजक जेपीएस राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का एक्शन तेज, 46 इमारतों पर तोड़फोड़ और 11 संपत्तियां सील

    सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का एक्शन तेज, 46 इमारतों पर तोड़फोड़ और 11 संपत्तियां सील

    नई दिल्ली
    सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह घटना लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है। कोर्ट ने स्टूडेंट्स के सुरक्षित आवास की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई।

    कोर्ट ने कहा कि छोटे शहरों से अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच ने कहा कि राजधानी में छात्रों के आवास की समस्या पिछले 20 से 25 सालों से बनी हुई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि घटना के बाद की गई कार्रवाई से इस मूल समस्या का समाधान नहीं होगा
        सत्य निकेतन में इमारत को तोड़ने का काम जारी
        12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर पास
        आज भी कार्रवाई जारी रहने के हैं आसार

    सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट में सुनवाई
    यह टिप्पणी दानवीर राठी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के आसपास चल रहे PG आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच, स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे व पुनर्वास की मांग की गई है। कोर्ट ने इससे पहले 7 सितंबर को MCD को घटना की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था।

    25 सितंबर को होगी इस मामले में सुनवाई
    यह मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में बहुमंजिला लड़कों के PG बिल्डिंग के गिरने से जुड़ा है। हादसा मरम्मत कार्य के दौरान हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मृतकों में स्टूडेंट्स और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर शामिल थे। हाई कोर्ट ने लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ते हुए 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लगा दिया है।

    अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD का एक्शन जारी
    MCD का खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ एक्शन बुधवार को भी जारी रहा। निगम ने सभी 12 जोनों में 46 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 11 संपत्तियों को सील किया। वहीं, बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन कर बनाई जा रही 12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर भी पास किए गए। MCD ने मंगलवार को भी 40 इमारतों में तोड़फोड़ की थी और 16 को सील किया था। MCD से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में खतरनाक इमारत को तोड़ने का काम मैनुअल ऐक्शन की वजह से काम तेजी से नहीं हो पा रहा है।

    अवैध निर्माण पर MCD सख्त
    अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शाहदरा नॉर्थ जोन के कर्दमपुरी, शाहदरा के प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर और न्यू उस्मानपुर में इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया। वहीं, शाहदरा साउथ जोन के शास्त्री पार्क, सेंट्रल नॉर्थ जोन में स्वरूप नगर और रानी बाग सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। MCD ने दोहराया कि अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

  • बीजेपी का यूपी चुनावी प्लान तैयार, बूथ प्रबंधन से जातीय समीकरण तक होगी संगठन की समीक्षा

    बीजेपी का यूपी चुनावी प्लान तैयार, बूथ प्रबंधन से जातीय समीकरण तक होगी संगठन की समीक्षा

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के चुनावी कुरुक्षेत्र में राजनीतिक सेनाएं मोर्चा संभालने लगी हैं। समाजवादी पार्टी जहां पीडीए एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रभावी नैरेटिव गढ़कर चुनावी अस्त्र को धार देने में जुटी है।

    वहीं भाजपा एक साथ तीन मोर्चों (अभियान, संगठनात्मक समीक्षा एवं छह क्षेत्रों में संघ के साथ समन्वय बैठकों) के सहारे चुनावी रथ हांक रही है।

    वहीं, पार्टी पर सहयोगी दलों को अपने पाले में रखने का दबाव है। दो बार लखनऊ और एक बार कानपुर में मैराथन मंथन करने के बाद अब प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरक्ष क्षेत्र में डेरा डालेंगे, वहीं 21 से 23 सितंबर तक प्रयागराज मथेंगे।

    भाजपा की रणनीति के मुताबिक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और विनोद तावड़े एक माह की कसरत में सभी प्रशासनिक मंडलों एवं पार्टी की दृष्टि से गठित क्लस्टरों की समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दे देंगे। इन बैठकों में बूथों का राजनीतिक प्रबंधन भी परखा जाएगा।

    बूथों पर जुटाए गए राजनीतिक समीकरणों एवं प्रभावी जातियों की समीक्षा होगी। गोरखपुर एवं प्रयागराज क्षेत्र में होने वाली बैठकों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां पर वर्ष 2022 एवं 2024 के चुनाव में भाजपा कई सीटों पर हारी या संघर्ष करती नजर आई।

    यूपी में भी बिहार का फॉर्मूला दोहराएंगे विनोद तावड़े? 2027 में हैट्रिक लगाने को सरकार का मास्टरप्लान – will vinod tawde replicate the bihar formula in up too the governments …

    पिछले चुनाव में बीजेपी को लगा था झटका
    यहां का राजनीतिक गणित पहले सपा और बसपा के साथ रहा है, लेकिन 2014 से यह भाजपा के पाले में झुकता नजर आया। पिछले विधान सभा में भाजपा को झटका लगा। पार्टी नहीं संभली तो 2024 लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    गोरक्ष एवं प्रयाग के आसपास की सीटों पर कुर्मी, निषाद, राजभर, मौर्य, केवट, मल्लाह, प्रजापति समेत आधा दर्जन ओबीसी जातियों की बड़ी संख्या है। कई सीटों पर सवर्णों में आपसी द्वंद भाजपा के लिए चिंता का सबब बन रहा है।

    यूपी की राजनीति, बिहार से अलग
    भले ही तावड़े बिहार का चुनावी तानाबाना समझकर प्रभाव छोड़ने में सफल रहे, लेकिन यूपी की राजनीतिक चाल कई मायनों में बिहार से अलग है। अगर वह बड़ी संख्या में टिकट बदलने के संकल्प के साथ यूपी आए हैं तो पहले यहां का वातावरण समझना होगा। संगठन एवं कार्यकर्ताओं में नया भरोसा जगाना होगा।

     

  • बिना काम कराए निकाली रकम, अंबेडकरनगर की 136 ग्राम पंचायतों में 13.37 करोड़ की अनियमितता

    बिना काम कराए निकाली रकम, अंबेडकरनगर की 136 ग्राम पंचायतों में 13.37 करोड़ की अनियमितता

    अंबेडकरनगर
    यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी
    यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है।

    सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी
    इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।

     

  • वंदे भारत से बुलेट ट्रेन तक का VR सफर, पानीपत स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगा खास अनुभव

    वंदे भारत से बुलेट ट्रेन तक का VR सफर, पानीपत स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगा खास अनुभव

    पानीपत
     ट्रेन का इंतजार अब सिर्फ प्लेटफार्म पर बैठकर घड़ी देखने तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को रेल सफर के बदलते दौर को अपनी आंखों के सामने महसूस करने का मौका मिलेगा।

    यात्री वर्चुअल रियलिटी (वीआर) कक्ष में चश्मा लगाते ही खुद को ट्रेन के सफर के बीच पाएंगे। स्क्रीन पर केवल कोई दृश्य नहीं चलेगा, बल्कि तकनीक के जरिए उन्हें ऐसा अनुभव कराया जाएगा, मानो वे स्वयं ट्रेन में सफर कर रहे हों।

    इस आभासी सफर में देश की आधुनिक रेल व्यवस्था, वंदे भारत से लेकर बुलेट ट्रेन तक की तकनीक और ट्रेन संचालन की झलक भी देखने को मिलेगी।

    फ्री होगी सुविधा
    सीनियर टेक्नीशियन दीपक ने बताया कि जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एसी कक्ष लगभग तैयार हो चुका है। इसे इसी माह यात्रियों के लिए शुरू करने की तैयारी है। इसके संचालन की जिम्मेदारी व्योम कंपनी को दी गई है। सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। ट्रेन के विलंब से आने की स्थिति में यात्री कक्ष में बैठकर इस नई तकनीक का अनुभव ले सकेंगे।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वीआर कक्ष में यात्रियों को रेलवे के बदलते स्वरूप से रूबरू होने को मिलेगा। आभासी अनुभव के माध्यम से वे देख सकेंगे कि आधुनिक ट्रेनें किस तरह तेज रफ्तार से चलती हैं, उनका संचालन कैसे होता है, हाई स्पीड रेल तकनीक किस तरह काम करती है।

    चश्मा पहनते ही बदलेगा सफर का अनुभव
    वीआर चश्मा पहनने के बाद यात्री आभासी दुनिया में प्रवेश करेंगे। देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों और गंतव्यों का भ्रमण कराया जाएगा। ट्रेन के भीतर सफर का अनुभव, रास्तों के दृश्य और रेल यात्रा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा।

    ट्रेन का इंतजार कर रहे बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी यह अनुभव खास होगा। उन्हें रेलवे और सुरक्षित यात्रा से जुड़ी जानकारी रोचक तरीके से समझ में आएगी।

     रेलवे जंक्शन पर वीआर कक्ष का संचालन करने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें यात्री बैठकर ट्रेन के सफर की आधुनिकता को देख सकेंगे। -मुकेश, वाणिज्य निरीक्षक, रेलवे जंक्शन

     

  • सेठी कॉम्प्लेक्स में आग से मचा हड़कंप, फायर सेफ्टी सिस्टम बंद मिलने पर उठे सवाल

    सेठी कॉम्प्लेक्स में आग से मचा हड़कंप, फायर सेफ्टी सिस्टम बंद मिलने पर उठे सवाल

      जयपुर
    जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित मणिहारों का कटला के तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने धीरे-धीरे 25 दुकानों को चपेट में ले लिया। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक सामान, कॉस्मेटिक और चूड़ियों की दुकानें थीं।

    बता दें कि सुबह 8 बजे दमकल पहुंची। 30 फायर ब्रिगेड और करीब 50 कर्मचारियों ने दोपहर 2:30 बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली बंद कर दी गई और आसपास की दुकानें बंद रहीं। बिल्डिंग में रखे पांच कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों को फायरमैन ने तुरंत बाहर निकाला। बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी हैं। आग के दौरान फायर सेफ्टी उपकरण बंद मिले। धुएं के कारण सुभाष चौक से चांदपोल तक लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हुई।

    चूड़ी के गोदाम से शुरू हुई आग
    माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आई है। यहां ज्यादातर कपड़े और मणिहारी सामान की दुकानें हैं। बरामदों में रखा सामान भी आग की चपेट में आया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दुकान मालिक के पास फायर एनओसी थी या नहीं।

    प्रत्यक्षदर्शी गार्ड विक्रम सिंह ने बताया कि छोटू भाई के चूड़ियों और मणिहारी सामान के गोदाम में आग लगी थी। उस समय वह तीन सफाईकर्मियों के साथ वहां मौजूद था। आग बढ़ने पर सभी ने बाहर निकलकर जान बचाई। विक्रम के मुताबिक, गोदाम का ताला तोड़कर शटर ऊंचा करके बाहर निकलना पड़ा। शटर गर्म होने के कारण उसका हाथ भी जल गया। गार्ड ने बताया कि गोदाम के बाहर बरामदे में भी बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। आग फैलने के बाद यह सामान भी चपेट में आ गया और आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

    चांदपोल तक फैला धुएं का गुबार
    आग लगने के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स से उठने वाला धुआं आसपास के बड़े इलाके में फैल गया। धुएं का गुबार सुभाष चौक से चांदपोल तक दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हुई। कई लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत की। एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। आग के कारण पुरोहित जी कटला में भी दुकानें नहीं खुलने दी गईं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेट पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

    फायर सेफ्टी सिस्टम बंद होने का आरोप
    आग के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के लिए लगाए गए उपकरण बंद पड़े हैं। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने मौके पर पहुंचकर कहा कि परकोटे में फायर एनओसी की दोबारा जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की देखरेख में अवैध कब्जे हो रहे हैं और इससे जयपुर के हेरिटेज स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। कागजी ने कहा कि प्रशासन ने करीब पौने तीन साल में एक बार भी फायर सिस्टम की जांच नहीं की।

    उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यशैली चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, परकोटे में कई जगह फायर एनओसी दिए जाने को लेकर सवाल हैं और सरकार को इनकी दोबारा जांच करानी चाहिए।

    जयपुर सांसद ने लिया घटनास्थल का जायजा
    जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने भी बड़ी चौपड़ स्थित पुरोहित जी के कटला में कई दुकानों में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों से घटना की जानकारी ली एवं राहत संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    अवैध रेस्टोरेंट-होटल बनाने का आरोप
    स्थानीय व्यापारी अनीस चंदवानी ने सेठी कॉम्प्लेक्स के मालिक आनंद सेठी पर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में कथित तौर पर अवैध रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सुबह के समय वेल्डिंग का काम भी किया जाता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पहले भी इसका विरोध किया है।

    व्यापारी ने आशंका जताई कि वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से नीचे दुकानों में रखे सामान में आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। वेल्डिंग से आग लगने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    विधायक बालमुकुंद ने पिछली सरकार पर उठाए सवाल
    हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि यहां अवैध रूप से होटल का निर्माण किया जा रहा है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने बिना उचित जांच के फायर एनओसी जारी की, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।

    फायर सिस्टम फेल होने के बावजूद एनओसी दिए जाने के सवाल पर आचार्य ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए थे। उस समय कांग्रेस की सरकार और कांग्रेस का नगर निगम था। उन्होंने उस दौरान अधिकारियों की ओर से राशि के इस्तेमाल की जांच की मांग की।

    18 दुकानों की आग पर काबू
    सिविल डिफेंस टीम के कर्मचारी राकेश सेन ने बताया कि सभी दुकानों के शटर तोड़ दिए गए हैं। बरामदों में रखा सामान भी हटाया गया है, ताकि आग बुझाने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि चूड़ी, कार्टन और अन्य ज्वलनशील सामान अधिक मात्रा में होने के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाने में समय लग रहा है।

    फिलहाल दमकल की करीब 22 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं। करीब 18 दुकानों की आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि दो दुकानों में आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद नुकसान और आग के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

     

  • ₹20 हजार से ₹1 लाख तक बकाया बिल वाले सावधान, जालंधर में कटेंगे 25 हजार से ज्यादा कनेक्शन

    ₹20 हजार से ₹1 लाख तक बकाया बिल वाले सावधान, जालंधर में कटेंगे 25 हजार से ज्यादा कनेक्शन

     जालंधर
     पावरकाम अब 20 हजार से एक लाख तक बिजली बिल बकाया वाले 25,257 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटेगा। एक साल से उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं करवाया है।

    तीन दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। पहले अस्थायी तौर पर कनेक्शन काटे जाएंगे। अगर उपभोक्ता दो सप्ताह में बिल जमा नहीं करवाता है तो स्थायी तौर पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। 20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले 18,281 उपभोक्ता हैं, जिनसे 58.28 करोड़ व 50 हजार से एक लाख रुपये तक बकाया वाले 6,976 उपभोक्ता हैं, जिनसे 47.69 करोड़ रुपये पावरकाम ने वसूलने हैं।

    पिछले दो सप्ताह में पावरकाम ने एक से ढाई लाख रुपये तक बकाया वाले 5,085 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे थे। इनसे 12.51 करोड़ रुपये बिल की रिकवरी की गई। पावरकाम के डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन चुटानी ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी।

        20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले हैं 18,281 उपभोक्ता
        50 हजार से एक लाख 50 रुपये का बकाय वाले हैं 6,976 उपभोक्ता
        25 हजार से ज्यादा लोगों कनेक्शन काटेगा पावरकाम।
        25 करोड़ का बिजली बिल बकाया घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का

    ईस्ट कैंट मॉडल टाउन वेस्ट फगवाड़ा

        डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लिस्ट तैयार हो चुकी है। घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का 25 करोड़ का बिल बकाया है। गुलशन चुटानी, डिप्टी चीफ इंजीनियर

     

  • AI से बनवा रहे 80s की तस्वीर तो सावधान, फर्जी APK के जरिए बैंक खाते हो सकते हैं खाली

    AI से बनवा रहे 80s की तस्वीर तो सावधान, फर्जी APK के जरिए बैंक खाते हो सकते हैं खाली

    जयपुर
    आजकल हर किसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर 80s की फोटो ट्रेंड कर रही है। लोग अपनी और अपने परिवार की तस्वीरों को पुराने जमाने के लुक में बदलवाकर शेयर कर रहे हैं। लेकिन सावधान! यह साइबर ठगी हो सकती है। राजस्थान सहित देशभर में अभी तक करोड़ों लोगों ने ये फोटो बनवा ली है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 1980s रेट्रो फोटो ट्रेंड ने अब ‘Nostalgia Scam’ (नॉस्टेल्जिया स्कैम) का रूप ले लिया है। और ठग इसी नॉस्टेल्जिया का फायदा उठा रहे हैं। साइबर ठग पुरानी यादों के नाम पर फर्जी लिंक और मैलिशियस APK फाइलें भेजकर लोगों के फोन हैक कर रहे हैं। OTP, बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी चुराकर बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस ने इस खतरे को लेकर आधिकारिक चेतावनी जारी की है।

    झारखंड में बोकारो साइबर पुलिस की चेतावनी
    बोकारो साइबर थाना प्रभारी पवन कुमार ने लोगों को AI ट्रेंड के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि फोटो अपलोड करने से पहले ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी जरूर चेक करें। अनजान प्लेटफॉर्म पर साफ चेहरे वाली तस्वीर अपलोड करने से फेस डेटा चोरी, डीपफेक और फर्जी प्रोफाइल बनने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर पुलिस ने छह महत्वपूर्ण सावधानियां बताई हैं – सिर्फ विश्वसनीय ऐप इस्तेमाल करें, निजी दस्तावेजों की फोटो न दें और जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें।

    हिमाचल प्रदेश में स्टेट CID साइबर क्राइम ब्यूरो का अलर्ट
    हिमाचल पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी के नेतृत्व में स्टेट CID साइबर क्राइम ब्यूरो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 80 के दशक की रेट्रो तस्वीरें अनजान AI ऐप पर अपलोड न करें। इससे डीपफेक वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और ब्लैकमेलिंग का खतरा पैदा हो सकता है। डीजीपी ने कहा – “सोचें, समझें, फिर अपलोड करें।” बच्चों और महिलाओं की निजी तस्वीरें साझा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

    उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद पुलिस का अलर्ट
    मुरादाबाद में एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह और साइबर एक्सपर्ट्स ने बताया कि ठग “1980 स्टाइल फोटो बनाएं” जैसे मैसेज के साथ APK फाइल भेज रहे हैं। लिंक क्लिक करते ही फोन हैक हो जाता है। साइबर थाने के प्रशांत सिंह ने कहा कि अनजान ऐप को गैलरी, कैमरा और कॉन्टैक्ट की परमिशन देने से निजी डेटा चोरी हो सकता है। पुलिस ने सलाह दी है कि फर्जी लिंक डाउनलोड न करें और सिर्फ प्रमाणित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।

    तेलंगाना और कर्नाटक पुलिस की भी चेतावनी
    इन तीन राज्यों के अलावा तेलंगाना (TGCSB) और कर्नाटक पुलिस ने भी इसी Nostalgia Scam को लेकर आधिकारिक एडवायजरी जारी की है।

    मुख्य खतरा: चेहरे का बायोमेट्रिक डेटा लीक हो सकता है
    लोग अपनी असली हाई-क्वालिटी फोटो ChatGPT या अन्य AI टूल्स पर अपलोड कर रहे हैं। इससे चेहरे का बायोमेट्रिक डेटा लीक हो सकता है। डीपफेक बनाने, पहचान चुराने या फर्जी KYC/आधार लिंक्ड स्कैम के लिए ये फोटो इस्तेमाल हो सकती हैं।

    ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें
    साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुरानी यादें अच्छी हैं, लेकिन डिजिटल सुरक्षा उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।‘Nostalgia Scam’ क्या है?नॉस्टेल्जिया स्कैम एक नया साइबर ठगी का तरीका है, जिसमें ठग लोग 80 के दशक (1980s) की यादों या रेट्रो ट्रेंड का फायदा उठाते हैं। यह पुरानी यादों के नाम पर किया जाने वाला साइबर फ्रॉड है।

    कैसे काम करता है यह स्कैम?
        सोशल मीडिया और WhatsApp पर लोगों को मैसेज या लिंक भेजा जाता है।- मैसेज में लिखा होता है – “अपनी फोटो या वीडियो को 80 के दशक का रेट्रो लुक दें”, “AI से पुरानी यादें वापस लाएं” या “फ्री में 1980s स्टाइल पोर्ट्रेट बनाएं”।
        लिंक पर क्लिक करते ही यूजर को एक फर्जी ऐप (APK फाइल) डाउनलोड करने को कहा जाता है।
        ऐप इंस्टॉल होते ही वह फोन की अनुमतियां ले लेता है और OTP, SMS, कॉन्टैक्ट्स, बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेता है।
        इसके बाद ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं या आइडेंटिटी थेफ्ट करते हैं।
        यह स्कैम इसलिए सफल होता है क्योंकि लोग पुरानी यादों (nostalgia) में खोकर बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं।

  • शिवराज चौहान ने लिया बिहार बाढ़ का जायजा, केंद्र को भेजी जाएगी नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट

    शिवराज चौहान ने लिया बिहार बाढ़ का जायजा, केंद्र को भेजी जाएगी नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट

    पटना
    बिहार ने बाढ़ से दस हजार करोड़ नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया है। पानी उतरने के बाद फसल, सड़क और अन्य संरचना में हुई क्षति का सही आकलन होगा। इसलिए 15 अक्तूबर के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। ऐसे में इस राशि के और बढ़ने की संभावना है। उसके बाद ही केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन रखा जाएगा। बुधवार को बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने क्षति की प्रारंभिक रिपोर्ट बताई। जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन आदि विभागों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए केंद्रीय मंत्री के समक्ष बिहार में हुए नुकसान को विस्तार से बताया।

    शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य आदि विभागों की ओर से क्षति की रिपोर्ट पानी उतरने के बाद तैयार होगी। अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने पानी कम होने पर अंतर मंत्रालयी टीम बिहार भेजने की बात कही। इससे पहले बिहार सरकार की ओर से केंद्र को एक ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमें बिहार में हुए नुकसान की पूरी विवरणी भेजी जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में टीम भेजी जाएगी जो स्थानीय स्तर पर हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेगी। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव, मंत्री विजय सिन्हा, रत्नेश सादा, सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार आदि थे।

    प्रधानमंत्री के निर्देश पर मैं बिहार आया : शिवराज
    केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए सम्राट चौधरी की सरकार को केंद्र से पूरा सहयोग मिलेगा। संकट से निकालने में राज्य सरकार के साथ केंद्र खड़ा है। शिवराज ने वैशाली के राघोपुर के समीप पत्रकारों से कहा कि संकट से निकालने में राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार खड़ी है। बाढ़ से महाविनाश को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देश पर मैं आया हूं। कृषि मंत्री ने मुंगेर में नौवागढ़ी के उच्च विद्यालय सीताकुंड और भागलपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में संचालित बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों और बच्चों से संवाद भी किया।

    जल संसाधन विभाग की ओर से बताया गया कि भागलपुर के राघोपुर में मार्जिनल बांध का नए सिरे से निर्माण होगा। गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज के समीप बिहार प्रक्षेत्र में बांध कमजोर है। इसके टूटने का खतरा है। इसकी मरम्मत की आवश्यकता है। इस बार पुनपुन नदी में अधिक पानी आने के कारण कई स्थानों पर छोटे-छोटे बांध टूट गए तो कई स्थानों पर बांध के ऊपर से पानी बहने लगा। विभाग ने तय किया है कि अगले साल मानसून के पहले पुनपुन बांध सहित राज्य के जिस किसी स्थान पर बांध के ऊपर से पानी प्रवाहित हुआ है, वहां उसकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। आबादी के समीप से गुजरने वाले अन्य बांधों की भी विशेष मरम्मत की जाएगी।

    डेढ़ लाख हेक्टेयर में फसल नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट
    कृषि विभाग ने लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में फसल नुकसान की रिपोर्ट दी है। सबसे अधिक धान-मक्का के साथ ही सब्जी व केले की खेती को नुकसान पहुंचा है। पानी उतरने पर आकलन के बाद इनपुट अनुदान आवेदन मांगा जाएगा। इसके आधार पर असिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान पर 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर तो सिंचित क्षेत्र में 17 हजार इनपुट अनुदान मिलता है। बहुवर्षीय फसल गन्ना के लिए 22500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए सहायता दी जाती है। इधर विभाग की तैयारी है कि प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक फसल के रूप में मटर, सरसों सहित अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

    दुर्गापूजा के पूर्व नुकसान की रिपोर्ट केंद्र को भेजेंगे: सम्राट
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रथमदृष्टया केंद्रीय मंत्री एवं उनकी टीम ने जो स्थिति देखी, उससे प्रधानमंत्री जी को भी अवगत करायेंगे। दुर्गा पूजा से पहले नुकसान का पूरा आकलन कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र की ओर से बिहार को हमेशा सहयोग मिलता रहा है और इस बार भी अधिकतम सहायता की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का विस्तृत एवं सटीक आकलन पूरा होने के बाद किसानों एवं अन्य प्रभावितों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य टीमें भी बिहार आकर नुकसान की पूरी समीक्षा करेगी। बाढ़ से बिहार हर साल प्रभावित रहता है, इसके स्थायी समाधान के लिये काम करना है।