Category: राज्य

  • आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    जनता दर्शन 

    शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री

    रायबरेली से आए बुजुर्ग की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों का समय से निस्तारण करने पर रहा सीएम का जोर 

    आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    लखनऊ
     जनसेवा को सदैव सर्वोपरि रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पीड़ितों को समाधान का भरोसा दिया। रायबरेली से आए एक बुजुर्ग अपनी पीड़ा कहते भावुक हो गए, इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, इसमें बाधा डालने वालों को कानूनी ढंग से सबक सिखाएं। कब्जे की शिकायतों पर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 

    हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने हर पीड़ित को आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध-पारदर्शी निस्तारण कराएं। 

    मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग का सुना प्रकरण, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश 
    रायबरेली से एक बुजुर्ग भी जनता दर्शन में पहुंचे। शरीर पर लगी चोट मुख्यमंत्री को दिखाते हुए उनका गला रुंध गया। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन पर अकारण हमला कर दिया है। आरोपियों को लगता है कि वह कहीं बाहर रहते हैं। ऐसे में घात लगाए बदमाशों ने उन्हें पीटा और रुपये छीन लिए। इस पर मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि सख्त से सख्त कार्रवाई कर इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करें। 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर 
    कुछ पीड़ितों ने जमीन जबरन कब्जा किए जाने की भी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।

  • मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता

    मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मिशन रोजगार के तहत 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी ने विकसित गांव का दिया मंत्र
     
    बोले- नौजवानों के हक पर डकैती डालने वाले नए रूप में आ रहे सामने, भ्रम फैलाकर यूपी को फिर अराजकता में धकेलने की करेंगे कोशिश
     
    मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता
     
    बोले- 2017 से पहले हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार, आज यूपी दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त
     
    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, बोले- सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे
     
    राजभर बोले- सपा सरकार में नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट, शाही ने कहा- अब बिना घूसखोरी मिल रही सरकारी नौकरी
     
    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, दलितों को योजनाओं से वंचित रखा और पिछड़ों का हक मारा, वही आज नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। मुख्यमंत्री योगी ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि आयोग ने निष्पक्ष और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया समय सीमा में पूरी की है।
     
    योग्यता थी, फिर भी नौकरी रहती थी दूर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलते ही आशंकाएं खड़ी हो जाती थीं। गरीब और बिना पहुंच वाले परिवार का बच्चा योग्य होने के बावजूद नौकरी से दूर रहता था। इस जकड़न और बेईमानी को समाप्त करने के लिए सरकार ने व्यवस्था बदली। आज साढ़े नौ लाख नौजवान सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।
     
    उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पांच पिछड़े राज्यों में होती थी, जबकि आज प्रदेश शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट का दायरा तीन गुना हुआ है।
     
    सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। प्रदेश के बाकी गांवों और जिलों से उसे कोई मतलब नहीं था। केंद्र सरकार गरीबों को आवास और शौचालय देना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन सरकार योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। गरीबों के आवास की बात आती थी तो सपा अपने कैडर को लाभ देना चाहती थी।
     
    हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकलते थे और पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने माफिया तंत्र और अराजकता पर प्रभावी कार्रवाई की। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
     
    अक्टूबर से फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जाने की बात कर रहे थे। सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है।
     
    उन्होंने सरदार भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान दिया। नियुक्ति पत्र पाने वाले बहुत से युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्हें अपनी ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश की समृद्धि में लगानी है।
     
    पंचायत भवन नहीं, अब ग्राम सचिवालय
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
     
    उन्होंने कहा कि जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। बीसी सखी, पंचायत सहायक, अन्नपूर्णा भवन और उत्सव भवन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
     
    अपनी आय बढ़ाने वाली पंचायत को अतिरिक्त धन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व न रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन कराया जा सकता है। ग्राम पंचायत जितनी अपनी आय अर्जित करेगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की सोच के साथ काम करने को कहा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना आत्मनिर्भर व विकसित ग्राम पंचायत से पूरा होगा। नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी इसमें महत्वपूर्ण सारथी हैं।
     
    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना पैसे सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
    कार्यक्रम में महापौर सुषमा खड़कवा
    ल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, प्रमुख सचिव पंचायती राज रविंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन सामन उपस्थित रहे।

  • JPSC पेपर लीक जांच में नए राज, अभय तिवारी के नेटवर्क से जुड़े उमेश पर गंभीर आरोप

    JPSC पेपर लीक जांच में नए राज, अभय तिवारी के नेटवर्क से जुड़े उमेश पर गंभीर आरोप

    रांची
     जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी को गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं।

    सीआइडी ने इसका उल्लेख अदालत के सामने भी किया है। सीआइडी के अनुसार, परीक्षा में सेंधमारी के लिए बनाए गए कथित नेटवर्क में मुख्य आरोपित अभय तिवारी का करीबी उमेश कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।

    उमेश नामकुम के तेतरी टोली का रहने वाला है, जबकि अभय ने भी नामकुम के जोरार में मकान बना रखा था। उमेश उसके भरोसेमंद बिजनेस पार्टनर के रूप में काम करने लगा। पूछताछ में उमेश ने बताया है कि उसका और अभय का संबंध महज सामान्य परिचय तक सीमित नहीं था।

    जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई रकम, एजेंटों के कमीशन और हिस्सेदारी के बंटवारे का वित्तीय तालमेल रांची के एक ठिकाने ‘सागर पैलेस’ से किया जाता था।

    1.10 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप
    सीआइडी के अनुसार, उमेश और रमेश ने बिचौलियों की भूमिका निभाते हुए अभ्यर्थियों से करीब 1.10 करोड़ रुपये की कथित तौर पर अवैध वसूली की थी।

    दोनों ने पूछताछ में रकम वसूलने और उसे अभय तिवारी तक पहुंचाने की बात स्वीकार की है। जांच एजेंसी को अभय तिवारी और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ आरोपितों के सीडीआर लिंकेज भी मिले हैं।

    बरामद डिजिटल साक्ष्यों को साइबर सेल के मुख्य तकनीकी अधिकारी से प्रमाणित कराने की बात भी सीआइडी ने अदालत को बताई है।

    अभय के आईकार्ड पर था उमेश का नंबर
    सीआइडी ने जेपीएससी की परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग लिमिटेड) के रांची स्थित गैर-मान्यता प्राप्त कार्यालय में छापेमारी के दौरान उमेश कुमार और अभय तिवारी के विजिटिंग कार्ड व आइ कार्ड बरामद किए थे।

    जांच एजेंसी के मुताबिक, अभय तिवारी के टीडीपीएल आइकार्ड पर उमेश कुमार का मोबाइल नंबर दर्ज था। सीआइडी ने काल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की तो उमेश, अभय और टीडीपीएल से जुड़े कर्मियों के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई।

    उमेश को उसके दो सहयोगियों बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार के साथ चार अगस्त को रांची से गिरफ्तार किया गया था।

    पूछताछ में बुद्धेश्वर और रमेश ने कथित तौर पर बताया कि अभ्यर्थियों से संपर्क के बाद उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, चेक, हस्ताक्षरित खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरयुक्त ए-4 शीट लिए जाते थे।

  • चंडीगढ़ की बेटी ने गांव में रचा विकास का मॉडल, बुंगा डैम बनेगा पर्यटन स्थल

    चंडीगढ़ की बेटी ने गांव में रचा विकास का मॉडल, बुंगा डैम बनेगा पर्यटन स्थल

    बरवाला (पंचकूला)
    चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और अपने गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है।

    गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है।

    कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए।

    इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है।

    यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।

    ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित
    डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है।

    नाव और काटेज की भी योजना
    पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है।

    गांव में ही मिले घूमने की जगह
    सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।

     

  • गंडक का जलस्तर बढ़ा, बगहा में घरों में घुसा पानी; रेलवे ट्रैक पर शरण लेने को मजबूर लोग

    गंडक का जलस्तर बढ़ा, बगहा में घरों में घुसा पानी; रेलवे ट्रैक पर शरण लेने को मजबूर लोग

    पटना
    बिहार में बाढ़ से एक बार फिर हाहाकार की स्थिति है। हालत यह है कि नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी बिहार आ रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 5 लाख 43 हजार क्यूसेक से ज्यादा डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है। वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके चलते अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर संकट मंडराने लगा है।

    नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी आने से त्रासदी की स्थिति बन सकती है। बगहा शहर के कैलाश नगर की वार्ड 1,2,4,6,7 में तेजी से गंडक का पानी फैल रहा है । अब तक 200 से अधिक घरों में गंडक का पानी फैल चुका है। ऐसे में लोग रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए हुए हैं। लोग मवेशियों के साथ अहले सुबह से ही रेलवे ट्रैक पर जमे हुए हैं अभी तक राहत के नाम पर कैलाश नगर के लोगों को कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

    अब दो दिनों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से सोमवार सुबह तक पूर्वी चंपारण के अरेराज अनुमंडल के गंडक दियारा और तटीय क्षेत्रों में व्यापक बाढ़ आने की पूरी संभावना बन गई है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। बगहा शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, गंडक के अलावा बागमती और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और चंपारण से वैशाली जिले तक तटबंधों की निगरानी का निर्देश दिया है।

    गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती गांवों में स्थिति संवेदनशील हो गई है। मुख्य रूप से सरेया, मिश्रौलिया, पुछरिया, बिंद टोली, नवादा सहित निचले इलाकों के दर्जनों गांवों पर बाढ़ और कटाव का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है और बस्तियों के जलमग्न होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों की रात की नींद उड़ गई है। लोग अपने मवेशियों, जरूरी अनाज और जान-माल की सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी में जुट गए हैं। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में है।

    अरेराज एसडीएम सुजीत कुमार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम सुजीत कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों और संवेदनशील तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि नदी के कटाव और रिसाव की हर गतिविधि पर चौबीस घंटे पैनी नजर रखी जाए।वहीं, ज़मीनी स्तर पर राहत और सुरक्षा व्यवस्था की कमान अरेराज सीओ ने संभाल रखी है।

    सीओ विनोद कुमार पाण्डेय राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर तटीय गांवों के ग्रामीणों से लगातार संपर्क साध रहे हैं और स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और निचले इलाकों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। संभावित खतरे से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

    नदी तटीय इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सरकारी और निजी नावों को रिजर्व मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, शुद्ध पेयजल और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की जा रही है। एसडीएम सुजीत कुमार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं।

    बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूबा
    गंडक नदी डुमरियाघाट, कोसी बलतारा, बागमती ढेंग, सोनाखान, कटौंझा व बेनीबाद, लालबकिया गोवाबारी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उधर, पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं। मधुबनी प्रखंड के चिऊरही के रवहिया में लोग ऊंचे स्थान पर चले गए हैं। पूर्वी चंपारण के अरेराज ब्लॉक के तटवर्ती क्षेत्र के खेतों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। पश्चिम चंपारण की कई सड़कें गंडक की बाढ़ में डूबीं हैं।

  • बिना HSRP सड़क पर निकले तो होगी कार्रवाई, लुधियाना में नियम सख्त

    बिना HSRP सड़क पर निकले तो होगी कार्रवाई, लुधियाना में नियम सख्त

    लुधियाना 

     पंजाब में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (HSRP) दौड़ रहे वाहनों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने रुख सख्त कर लिया है। जालंधर और अमृतसर में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने के आदेश के बाद अब लुधियाना में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। ऐसे वाहनों को सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है।

    जिले का रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) मनकंवल सिंह चाहल इसे लेकर की गई सख्ती और कार्रवाइयों के बारे में जानकारी साझा की। इस बातचीत के साथ उन्होंने वहीं शहर में अवैध ऑटो, स्कूल बसों के नियमों की अनदेखी और आरसी-लाइसेंस की पेंडेंसी जैसे मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है।

    लुधियाना (Ludhiana) में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (HSRP) के वाहन चलाने पर ट्रैफिक पुलिस और आरटीए (RTA) द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये और दोबारा उल्लंघन करने पर 3,000 रुपये तक का चालान काटा जा रहा है।

    पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह सख्ती बढ़ाई गई है। प्रमुख चौराहों और जांच बिंदुओं पर विशेष अभियान चलाकर बिना HSRP वाले निजी वाहनों और अन्य गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है।

  • LPU में तनाव के बाद 10 दिन की छुट्टी, इंटरनेट बंद; छात्र लौट रहे घर

    LPU में तनाव के बाद 10 दिन की छुट्टी, इंटरनेट बंद; छात्र लौट रहे घर

    फगवाड़ा/जालंधर
    सोमवार सुबह LPU के बाहर हाईवे पर आवाजाही सामान्य है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर मीडिया से बात की। एसएसपी गौरव तूरा ने पुलिस फोर्स को गाइड किया।

    पंजाब से BJP के राज्यसभा मेंबर अशोक मित्तल की फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए बवाल के बाद अगले आदेश तक यहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। किसी तरह के भड़काऊ वीडियो से माहौल फिर खराब न हो, इसके लिए ये आदेश दिए गए हैं। 

    छात्र प्रदर्शन के बीच डीजीपी गौरव यादव खुद स्थिति का जायजा लेने एलपीयू पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। डीजीपी ने बताया कि छात्रों और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच आज फिर बैठक होगी।

    उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं को मैनेजमेंट के सामने रखा जाएगा। वहीं, पुलिस के मुताबिक देर रात कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ते हुए पुलिस और मीडिया की गाड़ियों पर पथराव किया तथा तोड़फोड़ की। इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मीडिया से भी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करने की अपील की। 

    वहीं CM भगवंत मान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनके निर्देश पर DGP गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

    इसके बाद DGP ने कहा-
    पुलिस ने मिनिमम फोर्स यूज की। स्टूडेंट्स से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई। अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी गई है।

    वहीं हंगामे के बाद LPU को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स अपने घर जाना चाहते हैं, वह पेरेंट्स को बुला लें। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रुकना चाहते हैं, वे बेवजह हॉस्टल से न निकलें। केवल जरूरी काम के लिए ही हॉस्टल से बाहर आएं।

    यूनिवर्सिटी में मिड-टर्म एग्जाम रद्द कर दिए गए। इसके अलावा, रविवार सुबह करीब 6 बजे से करीब 18 घंटे तक जाम रहा दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे रविवार रात करीब 12 बजे खुल गया। इसी बीच हंगामे के दौरान मॉल से सामान लूटा गया, अज्ञात लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसने की कोशिश की।

    बता दें कि यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बवाल शुरू हुआ था, जो रविवार आधी रात को थमा। इस दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ हुई। इस माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले भी दागे। छात्रों ने भी पुलिस की गाड़ियां फूंक दीं, पथराव किया।

    अब स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है और यूनिवर्सिटी में पुलिसबल तैनात है। पुलिस ने छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की FIR दर्ज कर ली है। रेप के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसमें 5 स्टूडेंट्स हैं। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों का भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जाएगी।

    शाह की जालंधर में रैली से पहले जानबूझकर तो नहीं भड़काई गई हिंसा: बलियावाल

    पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बवाल पर सवाल उठाया है। बलियावाल ने कहा कि एलपीयू में जो कुछ भी हो रहा है, वह पंजाब में कानून और व्यवस्था की एक गंभीर विफलता है। कैंपस में हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरों ने आम आदमी पार्टी सरकार के स्थिति से निपटने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

    ऐसी प्रामाणिक रिपोर्टें आ रही हैं कि बाहरी लोग हथियारों या संचार उपकरणों के साथ परिसर में दाखिल हुए थे। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे कौन थे, उन्हें किसने भेजा था और उनका मकसद क्या था? इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस अशांति को जानबूझकर भड़काया गया था और क्या इसका 30 सितंबर को होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कार्यक्रम से कोई संबंध है? इन दावों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा के 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' कार्यक्रमों के दौरान भी पंजाब आप कार्यकर्ताओं की ऐसी ही हरकतें देख चुका है। पंजाब की जनता तथ्यों, जवाबदेही और एक पारदर्शी जांच की हकदार है! पंजाब देख रहा है। भारत देख रहा है।

    बाहर से आए लोगों ने की तोड़फोड़
    विशाल कुमार नाम के एक छात्र ने एजेंसी को बताया कि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन रात को बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और स्थिति हिंसक हो गई। कैंपस में तोड़-फोड़ हुई। वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाकर सब कुछ तोड़-फोड़ रहे थे। वे छात्र नहीं थे। रात में बहुत हिंसा हुई। फिर हमें यूनिवर्सिटी से 10 दिन की छुट्टी का मैसेज मिला। अब सब घर जा रहे हैं। सुरक्षा एक चिंता का विषय है। कल रात के मंजर बहुत डरावने थे।  

    दातर के साथ पकड़े पांच युवक
    छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि पांच युवकों को पकड़ा गया है। उनके पास से एक 'दातर' और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया है। अब उनसे पूछताछ की जाएगी।  

    डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ी
    शनिवार देर रात शुरू हुए हंगामे के बाद रविवार देर रात पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से बिगड़े। छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। कई अन्य पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ हुई और कई वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना है। तनाव को देखते हुए 5 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।  

  • भरतपुर से 8 जिलों को बड़ी सौगात, 345 परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे CM भजनलाल

    भरतपुर से 8 जिलों को बड़ी सौगात, 345 परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे CM भजनलाल

    भरतपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज भरतपुर और खैरथल-तिजारा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पूर्वी राजस्थान के 8 जिलों को कई बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 1,109 करोड़ रुपए की लागत वाले 345 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिले शामिल हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह 11.50 बजे जयपुर से हेलीकॉप्टर से बयाना पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे उपखण्ड बयाना की ग्राम पंचायत बिडयारी पहुंचकर नायरा पेट्रोल पंप के पास विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा 8 जिलों को 1,109 करोड़ की सौगात देंगे। वे 345 विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 से 2 बजे तक वे कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2.45 बजे हेलीकॉप्टर से खैरथल-तिजारा के लिए रवाना होंगे। यहां इस्माइलपुर रोड स्थित होटल ग्रीनलैंड में भाजपा के 'कार्यकर्ता-संवाद' कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान भी किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे।

    इन विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास

    • सवयार्ड ग्राम निठार, भुसावर में भूमि समतलीकरण एवं चारदीवारी तथा किसान पथ नगला गुठाकर से नयागाँव की सीमा तक कृषि उपज मण्डी समिति, वैर के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.15 करोड़ रुपए)
    • सार्वजनिक निर्माण विभाग के 125 कार्य (लागत राशि 185.20 करोड़ रुपए)
    • ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 7 कार्य (लागत राशि 1.56 करोड़ रुपए)
    • स्कूल शिक्षा विभाग के 13 कार्य (लागत राशि 27.72 करोड़ रुपए)
    • यूडब्ल्यूएसएस नदबई का विस्तार कार्य (लागत राशि 6.47 करोड़ रुपए)
    • जल संसाधन विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 44.35 करोड़ रुपए)
    • चुली एवं अनियाला में 33 केवी सब स्टेशन के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.55 करोड़ रुपए)
    • ट्रोमा सेन्टर एवं MCH अस्पताल का निर्माण कार्य (लागत राशि 160.15 करोड़ रुपए)
    • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 20 कार्य (लागत राशि 96.58 करोड़ रुपए)
    • नगरीय विकास विभाग के 3 कार्य (लागत राशि 13.43 करोड़ रुपए)
    • पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों बिचपुरी गुजरान, दरगमां एवं बालौती के भवन निर्माण कार्य
    • नवीनीकरण एवं सौंर्दीकरण सड़क, भिवाड़ी से खिजुरीवास टोल, भिवाड़ी (लागत राशि 40 करोड़ रुपए)
    • कठूमर से डेहरा मोड (वाया मसारी, भरीथल होते हुए अटारी) सड़क का चौड़ाईकरण (18 किमी.) (कठूमर, नदबई) -अलवर, भरतपुर (लागत राशि 11 करोड़ रुपए)
    • विधानसभा क्षेत्र थानागाजी में मिसिंग लिंक सड़कों के 16 कार्य (लागत राशि 9 करोड़ रुपए)
    • नयागाँव बोलका से धौलान टहला, राजगढ़ SH-25 तक 11 किमी सड़क निर्माण कार्य (थानागाजी) – अलवर (लागत राशि 5 करोड़ रुपए)
    • इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण

        ऊर्जा विभाग के 14 कार्य (लागत राशि 273.48 करोड़ रुपए)

    • जल संसाधन विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 128.20 करोड़ रुपए)
    • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 11.96 करोड़ रुपए)
    • सार्वजनिक निर्माण विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 24.84 करोड़ रुपए)
    • उच्च प्राथमिक विद्यालय, नागला केवाल के निर्माण कार्य (लागत राशि 1.10 करोड़ रुपए)
    • ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 10 कार्य (लागत राशि 1.24 करोड़ रुपए)
    • राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाडी में निर्माण कार्य (लागत राशि 7.50 करोड़ रुपए)
    • राजकीय आयुर्वेद औषधालय धौर एवं कासिमपुर के भवन निर्माण कार्य
    • वन विभाग के 5 कार्य
    • बायो परीक्षण प्रयोगशाला एवं संयुक्त निदेशक कार्यालय के भवन निर्माण कार्य (लागत राशि 2.42 करोड़ रुपए)
    • पशु चिकित्सालय उदई खुद एवं अनियाला के नवीन भवन के निर्माण कार्य
    • सीसी अटल पथ का निर्माण, ईशाक हाउस से सरकारी अस्पताल
    • ग्राम इस्माइलपुर तक (लागत राशि 2 करोड़ रुपए)
    • सीसी अटल पथ का निर्माण, SH-14 राय मोड़ से हरी टेलर से भावनी बड़सिवा, ग्राम ततरपुर (लागत राशि 2 करोड़ रुपए)
    • बी.टी. सड़क निर्माण कार्य, अलावपुर बासवा से चम्मुनी ढाणी से धनियों सैयद रोड
    • अटल प्रगति पथ का निर्माण, नाई हाउस से टाइल ग्राम गुवालड़ा (लागत राशि 2 करोड़ रुपए)
  • बिहार को जल्द मिलेगा नया DGP! UPSC पैनल का इंतजार, प्रीता वर्मा बन सकती हैं कार्यवाहक

    बिहार को जल्द मिलेगा नया DGP! UPSC पैनल का इंतजार, प्रीता वर्मा बन सकती हैं कार्यवाहक

    पटना
    पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की स्वैच्छिक सेवानिवृति के बाद बिहार के नए डीजीपी की तलाश तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सरकार को नए डीजीपी का चयन करने के लिए यूपीएससी के नये पैनल का इंतजार है। कार्यकारी व्यवस्था के तहत वर्तमान पैनल में से सबसे वरिष्ठ आईपीएस प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा सकता है। गौर हो कि विनय कुमार निजी कारणों का हवाला देते हुए 15 सितंबर से 05 अक्तूबर 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर गए थे। इस दौरान 1991 बैच की आईपीएस प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया था।

    सूत्रों की मानें तो राज्य में डीजीपी का चयन केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से होता है। डीजीपी चयन को लेकर 30 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके आईपीएस का नाम वर्तमान की सेवानिवृति के कम से कम तीन माह पूर्व भेजना होता है। मगर विनय कुमार के सितंबर में ही स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने की वजह से केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय से इस पर निर्णय लेगी।

    राज्य सरकार से मिली अनुशंसा के आधार पर यूपीएससी आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, नेतृत्व अनुभव और शेष कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए अंतिम तीन नाम का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजती है। राज्य सरकार को उनमें से ही किसी एक को डीजीपी चुनना होता है।

    बता दें कि बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने दिसंबर में होने वाली सेवानिवृत्ति से पहले ही भारतीय पुलिस सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। बिहार सरकार ने उनका वीआरएस तत्काल प्रभाव से मंजूर करते हुए उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त भी कर दिया था। राज्य गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी वियन कुमार ने 25 सितंबर को वीआरएस के लिए आवेदन किया था। सरकार ने तीन महीने के नोटिस की अनिवार्य अवधि में छूट देते हुए उनका आवेदन तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया था। उनका डीजीपी के रूप में कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होना था।

    सामान्य प्रशासन विभाग की अलग अधिसूचना के अनुसार, विनय कुमार को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। विनय कुमार सितंबर के मध्य से अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के कार्यवाहक डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इस घटनाक्रम के साथ बिहार में नए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम केंद्र को भेजे जाने और उसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के तहत नए डीजीपी के चयन की कवायद चल रही है।

  • 9.99 लाख करोड़ के UP बजट की समीक्षा, सुस्त विभागों को योगी ने दी तेजी लाने की हिदायत

    9.99 लाख करोड़ के UP बजट की समीक्षा, सुस्त विभागों को योगी ने दी तेजी लाने की हिदायत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्राविधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और व्यय की गति तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सुस्त विभागों पर सख्ती दिखाई उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त हो रही है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी हों और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री रविवार शाम को एक महत्वपूर्ण बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्राविधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने वित्त मंत्री को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए। वित्त विभाग भी इसकी नियमित निगरानी करे और प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराए।

    हर किसान को मिले क्रेडिट कार्ड का लाभ
    मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए गांवों में और किसानवार मैपिंग कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को चिन्हित कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए।

    जिम्मेदार अधिकारियों की तय करें जवाबदेही
    मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता तथा समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो।

    9,99,056.48 करोड़ है यूपी का कुल बजट
    समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 1,58,474.15 करोड़ अधिक है। इसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ का प्राविधान किया गया है। अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़, यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इनमें योजनाओं से संबंधित 2.13 लाख करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां शामिल हैं। इसके सापेक्ष प्रदेश में अब तक 2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट का आकलन वास्तविक आवश्यकता और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए, ताकि धनराशि अनावश्यक रूप से प्राविधानित न रहे और उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

    अधिकारी फील्ड में जाकर करें समीक्षा
    मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जहां कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार कराएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें। विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।