Category: राज्य

  • LPU के आसपास इंटरनेट बंद, सुरक्षा बढ़ी; भारी पुलिस फोर्स तैनात

    LPU के आसपास इंटरनेट बंद, सुरक्षा बढ़ी; भारी पुलिस फोर्स तैनात

    जालंधर.

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न की अफवाह के बाद मचे बवाल ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। हालांकि अभी हालात काबू में बताए जा रहे हैं लेकिन फिर भी कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।

    ऐसे में एहतियात के तौर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के आसपास इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

    फिर से बड़ी गड़बड़ी की आशंका
    डीजीपी गौरव यादव के दौरे के बाद पुलिस ने परिसर के बाहर फिर से बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी है। पुलिस अब दोबारा से पहले जैसे हालात बनने नहीं देना चाहती। बताया जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि रविवार को जिन शरारती तत्वों ने छात्रों के बीच घुसकर गुंडागर्दी, तोड़फोड, आगजनी जैसी वारदात को अंजाम दिया था वह फिर से गड़बड़ी कर सकते हैं। इसलिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस प्रशासन ने हर सिचुएशन से निबटने के लिए कमर कस ली है।

    डीजीपी यादव ने दिलाया छात्रों की सुरक्षा का भरोसा
    सीएम भगवंत मान ने डीजीपी गौरव यादव को खुद मौके पर जा स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए हैं। ऐसे में डीजीपी गौरव ने खुद एलपीयू यूनिवर्सिटी का दौरा किया और वहां छात्रों से बात की।

  • पंजाब में बारिश का दौर, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; बठिंडा सबसे गर्म

    पंजाब में बारिश का दौर, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; बठिंडा सबसे गर्म

     जालंधर 
    पंजाब के जालंधर में सोमवार को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और बरनाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, लेकिन वह रिकॉर्ड नहीं हो पाई। राज्य के सभी जिलों में तापमान गिरा है। सबसे कम तापमान रूपनगर में 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    मानसून की विदाई का दौर जारी मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है। इससे बादल बन रहे हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं हैं। पंजाब-चंडीगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है।

    मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आज से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी।

    पंजाब में बिजली की खपत कम हुई मौसम ठंडा होने से गर्मी कम हुई है। इससे बिजली की खपत भी कम हुई। पंजाब में बिजली की मांग 9,724 मेगावाट रही। ग्रिड से 4,618 मेगावाट बिजली ली गई, जबकि 4,867 मेगावाट बिजली लेने का शेड्यूल था। यानी तय शेड्यूल से 249 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली का उत्पादन 5,101 मेगावाट रहा।

     

  • राजस्थान में 212 किमी फोरलेन को मंजूरी, 20 से ज्यादा ओवरब्रिज से आसान होगा सफर

    राजस्थान में 212 किमी फोरलेन को मंजूरी, 20 से ज्यादा ओवरब्रिज से आसान होगा सफर

    नागौर
     बीकानेर से जोधपुर के बीच एनएच-62 के फोरलेन में तब्दील होने पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहनों को दौड़ने वाली सड़क मिलने में अभी लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने जोधपुर से नागौर के हिस्से के लिए डेढ़ साल पहले स्वीकृति जारी की, लेकिन वर्क ऑर्डर अभी तक नहीं हुआ है। वहीं तीन महीने पहले मंत्रालय ने नागौर से बीकानेर तक के हिस्से की भी वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी, लेकिन कुछ विशेष होता दिख नहीं रहा।

    जबकि अधिकारी इस मार्ग से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य कार्य शुरू होने की बात कह रहे हैं। कुल 212 किलोमीटर फोरलेन पर 2752 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होंगे। फोरलेन के इस हिस्से में 20 से अधिक ओवरब्रिज होने से इस पर आने वाले कस्बों और गांवों को पार करने की राह सुगम होगी और वाहन नागौर शहर में आने की बजाय बाईपास से ही निकल सकेंगे।

    पत्रिका ने उठाया मुद्दा
    नागौर-जोधपुर फोरलेन के साथ नागौर शहर के चारों तरफ रिंग रोड की जरूरत को लेकर पत्रिका ने लगातार मुद्दा उठाया। समाचारों के जरिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया कि शहर से होकर गुजरने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर दिन-रात भारी वाहनों का दबाव रहता है। इसके चलते दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसके बाद मामला केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तक पहुंचा और दोनों परियोजनाओं व नागौर में रिंग रोड को मंजूरी मिली।

    नागौर टू जोधपुर डेढ़ साल से काम अटका
    नागौर-जोधपुर रोड पर नेतड़ा तक 87 किमी और बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को मिलाने वाले 16 किमी के बाईपास की स्वीकृति सड़क परिवहन मंत्रालय ने मार्च 2025 में जारी की। इस पर कुल 1393.34 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। डेढ़ साल से प्रोजेक्ट अटका है।

    बीकानेर टू नागौर टेंडर प्रक्रिया शुरू
    वर्तमान में दो लेन एनएच-62 का 109.24 किमी नागौर से बीकानेर तक फोरलेन बनेगा। केन्द्रीय मंत्रालय ने जून 2026 में 1359.31 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की। यहां प्रतिदिन 14 हजार पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) वाहनों का आवागमन है। विभाग ने 24 सितंबर को 1100.69 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है।

    कार्य शीघ्र शुरू होगा
    नागौर-जोधपुर फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और स्वीकृति पत्र (एलओए) की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि इस कार्य को यथाशीघ्र शुरू करवाया जाए।
    -अनिल धौलिया, एक्सईएन, एनएच, नागौर खंड

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला पत्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला पत्र

    लखनऊ
     सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो किसी को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी, किसी को अपने बच्चे के भविष्य की चिंता से राहत मिली। वर्षों की मेहनत के बाद नौकरी मिलने की खुशी साझा करते हुए कुछ अभ्यर्थी भावुक हुए तो बोलते-बोलते गला भी रुंध गया। मौका था सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
     
    मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी संघर्ष यात्रा और परिवार की परिस्थितियां साझा कीं। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    ससुराल की पहली महिला जिसे मिली सरकारी नौकरी
    लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ससुराल की पहली महिला हैं, जो सरकारी सेवा में जा रही हैं। गर्भावस्था के दौरान उन्हें भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। नियुक्ति मिलने से उन्हें नई उम्मीद और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
     
    कुशीनगर के आदित्य सिंह किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन से उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही।
     
    गोरखपुर की ब्यूटी शाही ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। सरकारी नौकरी मिलने से वह जनसेवा के साथ परिवार की परिस्थितियों को भी बेहतर कर सकेंगी। अपनी बात रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
     
    इन 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रयागराज के आशुतोष त्रिपाठी, आगरा के ओम बघेल, गाजीपुर के प्रवीण कुमार, प्रतापगढ़ की सुधा, कुशीनगर के आदित्य सिंह, हमीरपुर की नेहा देवी, फतेहपुर की रूपाली गुप्ता, लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव, गोरखपुर की ब्यूटी शाही, गाजीपुर के शुभम कुमार और प्रतापगढ़ के अमित कुमार सिंह शामिल रहे।
     
    10 दिन में 6,672 युवाओं को नियुक्ति पत्र
    मिशन रोजगार के तहत पिछले 10 दिनों में यह चौथा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। 19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अभ्यर्थी शामिल थे।
     
    20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
     
    शिक्षा विभाग में 3,567 को मिली नियुक्ति
    22 सितंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल थे। प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों पर इनका चयन हुआ।
     
    सोमवार को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ 19 से 28 सितंबर के बीच हुए चार बड़े कार्यक्रमों में कुल 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

  • ग्लास ब्रिज से हेली-टूरिज्म तक, बिहार में पर्यटन का होगा डिजिटल कायाकल्प

    ग्लास ब्रिज से हेली-टूरिज्म तक, बिहार में पर्यटन का होगा डिजिटल कायाकल्प

    पटना
     मंदिरों की घंटियां, बुद्ध की धरती, गंगा के घाट, जंगलों की हरियाली और इतिहास की विरासत। बिहार अब इन पहचान से आगे पर्यटन का नया अध्याय लिखने की तैयारी में है।

    बिहार की हजारों साल पुरानी विरासत अब आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करती नजर आएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक, हेली-टूरिज्म और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं के सहारे बिहार को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

    विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सिख हेरिटेज गुरुनानक भवन में आयोजित सेमिनार के दौरान कही।

    मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में एआई और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के बिना पर्यटन क्षेत्र में आगे बढ़ना संभव नहीं है। राज्य सरकार पर्यटन को विकास, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए बड़े स्तर पर काम कर रही है।

    2025 में बिहार में छह करोड़ 62 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन इस क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,301 करोड़ रुपये तथा ‘प्रगति यात्रा 2025’ के तहत 2,710 करोड़ रुपये की 36 प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

    बदल रहा पर्यटन का परिदृश्य
    सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मां सीता के भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है।

    गयाजी में 2500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और सोनपुर में 680 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। बाबा गरीबनाथ मंदिर, अशोक धाम और अहिल्या स्थान जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर भी तेजी से काम हो रहा है।

    पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव
    बिहार में पर्यटन अनुभव को आधुनिक बनाने के लिए भी कई योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। बोधगया में 165 करोड़ रुपये की लागत से बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र, सहरसा की मत्स्यगंधा झील में ग्लास ब्रिज और वाल्मीकि नगर में लव-कुश पार्क विकसित किया जा रहा है।

    पटना, राजगीर और वैशाली में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर है। पर्यटकों के लिए हेली-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    पटना दर्शन, नालंदा और वाल्मीकि नगर जैसे स्थलों की हवाई यात्रा की सुविधा के साथ एयर एम्बुलेंस सेवा की योजना भी तैयार की गई है। पटना के अटल पथ से हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे की योजना भी पर्यटन के अनुभव को नया आयाम देने वाली है।

    गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ
    पर्यटन को स्थानीय लोगों की आय और रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे योजना के तहत 34 पर्यटन स्थलों के आसपास करीब 1,000 कमरे विकसित किए जा रहे हैं।

    इसके लिए लाभार्थियों को प्रति इकाई 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। पर्यटन नीति के तहत एक लाख लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण देने और अगले पांच वर्ष में 20 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए 25 से 30 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है।

    पर्यटन का नया डिजिटल साथी
    बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर ने कहा कि एआइ पर्यटन की पूरी तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।

    पर्यटकों की पसंद, उनकी खोज और यात्रा संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर उन्हें उनकी जरूरत के अनुरूप पर्यटन स्थल, होटल, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जा जाएगी।

    रोबोटिक्स और भाषा तकनीक के माध्यम से चीन, जापान, कोरिया जैसे देशों से आने वाले पर्यटकों को उनकी अपनी भाषा में सहायता उपलब्ध कराना भी संभव होगा।

    मौके पर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक चंदन चौहान, सुनील कुमार सिंह, रचना प्रियदर्शी, प्रो. ज्योति प्रकाश सिंह, प्रो. सम्राट मंडल, प्रभात कुमार, गिरीश सिन्हा समेत अन्य मौजूद रहे।

  • पंचकूला में सरपंच का कमाल, बदहाल डैम को बनाया खूबसूरत पर्यटन स्थल

    पंचकूला में सरपंच का कमाल, बदहाल डैम को बनाया खूबसूरत पर्यटन स्थल

    बरवाला/पंचकूला.

    चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है।

    गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है। कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए। इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है। यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।

    ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित
    डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है।

    नाव और काटेज की भी योजना
    पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है।

    गांव में ही मिले घूमने की जगह
    सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।

  • पंजाब में ई-कचरे पर बड़ा अभियान, छात्र घरों से लाएंगे पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान

    पंजाब में ई-कचरे पर बड़ा अभियान, छात्र घरों से लाएंगे पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान

    चंडीगढ़.

    घर में किसी कोने में पड़ा पुराना मोबाइल, खराब चार्जर, केबल, कैलकुलेटर या कीबोर्ड अब कबाड़ में बेचने के बजाय स्कूल पहुंचाया जा सकेगा। सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट अब ई-कचरे के सुरक्षित निपटान की मुहिम का हिस्सा बनेंगे।

    स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत स्टूडेंट अपने घरों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को अभिभावकों की सहमति से स्कूल में बने कलेक्शन प्वाइंट पर जमा करा सकेंगे। स्कूलों से एकत्र होने वाले इस ई-कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) से अधिकृत रिसाइक्लर्स के माध्यम से सुरक्षित तरीके से निपटाया जाएगा। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दो से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में जमा पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को हटाने के साथ-साथ स्टूडेंट और उनके परिवारों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक करना है। इससे घरों में बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग की व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।

    हर स्कूल में अलग कलेक्शन कार्नर
    अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में ई-वेस्ट कलेक्शन कार्नर बनाया जाएगा। यहां ई-कचरे को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा। स्टूडेंट घर में पड़े पुराने फोन, चार्जर, केबल, कैलकुलेटर, कीबोर्ड सहित अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की पहचान कर सकेंगे और अभिभावकों की सहमति से उसे स्कूल में जमा करा सकेंगे। स्कूल प्रशासन इसे अधिकृत रिसाइक्लर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।

    स्टूडेंट को बताया जाएगा ई-कचरे का खतरा
    स्कूलों में स्टूडेंट और शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें ई-कचरे से पर्यावरण को नुकसान, सुरक्षित निपटान और सर्कुलर इकोनामी के बारे में जानकारी दी जाएगी। ई-वेस्ट आर्ट इंस्टालेशन, पोस्टर मेकिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्टूडेंट को अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान के प्रचार के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

    पोर्टल पर दर्ज होगा हर किलो ई-कचरा
    स्कूल ईको क्लब कोआर्डिनेटर अभियान के दौरान शामिल स्टूडेंट की संख्या, आयोजित वर्कशाप और एकत्र किए गए ई-कचरे का वजन किलोग्राम में पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल क्लस्टरों की सीपीसीबी या एसपीसीबी से अधिकृत रिसाइक्लर्स अथवा प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी आर्गेनाइजेशंस (पीआरओ) के साथ मैपिंग कराएंगे। तय तिथियों पर अधिकृत रिसाइक्लर्स स्कूल या क्लस्टर हब से ई-कचरा उठाएंगे।

    पुराने कंप्यूटर और टीवी की भी होगी नीलामी
    स्कूलों में लंबे समय से पड़े अनुपयोगी कंप्यूटर, टीवी, डीवीडी प्लेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का सरकारी नियमों के अनुसार निपटान होगा। जहां नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं या कराए जा रहे हैं, वहां पुराने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की नीलामी की जाएगी। इससे प्राप्त राशि राज्य के खजाने में जमा करानी होगी।

    अनधिकृत कबाड़ी को बेचने पर रोक
    स्कूल प्रशासन ई-कचरे को किसी स्थानीय अनधिकृत कबाड़ी या स्क्रैप डीलर को नहीं बेच सकेगा। ई-कचरे का निपटान केवल सीपीसीबी या एसपीसीबी की आधिकारिक सूची में शामिल प्रमाणित रिसाइक्लर्स के माध्यम से ही किया जाएगा।

  • किराड़ी से नांगलोई तक विकास की नई रफ्तार, 1,062 गलियों-सड़कों का होगा कायाकल्प

    किराड़ी से नांगलोई तक विकास की नई रफ्तार, 1,062 गलियों-सड़कों का होगा कायाकल्प

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में 214.12 करोड़ रुपये की लागत से 53 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से 27 अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे करीब डेढ़ से पौने 2 लाख लोगों को फायदा मिलने का दावा किया गया है।

    सीएम ने कहा कि सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं हर शख्स का अधिकार है। सरकार का मकसद विकास का फायदा दिल्ली के हर इलाके और गली तक पहुंचाना है। 53 प्रोजेक्ट के तहत 1,062 सड़कों और गलियों को डेवलप किया जाएगा। साथ ही 89.82 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 147.69 किमी ड्रेनेज नेटवर्क बनाया जाएगा।

    किराड़ी में सबसे ज्यादा 105 करोड़ के काम
    मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा किराड़ी विधानसभा क्षेत्र का है। यहां 14 अनधिकृत कॉलोनियों में 105.51 करोड़ रुपये की लागत से 27 विकास कार्य किए जाएंगे। इसके तहत 640 सड़क और गलियों, 50.71 किलोमीटर सड़क तथा 101.42 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क बनाने की योजना है। इसी तरह बवाना में 38.83 करोड़ रुपये की लागत से 9 काम, मुंडका में 22.05 करोड़ रुपये से 5 काम, नरेला में 14.48 करोड़ रुपये से 4 काम और नांगलोई जाट में 33.25 करोड़ रुपये से 8 काम किए जाएंगे।

    5 विधानसभा क्षेत्रों के 1.75 लाख लोगों को मिलेगी इससे राहत
    इस मौके पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 214.12 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्य वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम हैं। रोड, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने से इन इलाकों में नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा। कार्यक्रम में उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, रविन्द्र इन्द्राज सिंह और विधायक राज करण, मनोज शौकीन, गजेंद्र दलाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

  • पंजाब में बढ़ा घरेलू पर्यटन का क्रेज, शहरों से ज्यादा गांवों के लोग घूमने निकले

    पंजाब में बढ़ा घरेलू पर्यटन का क्रेज, शहरों से ज्यादा गांवों के लोग घूमने निकले

    चंडीगढ़ 
    विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जारी आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के लोग सैर-सपाटे के काफी शौकीन हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को लेकर उत्साह अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ‘भारत में घरेलू पर्यटन’ रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के 76.2 प्रतिशत ग्रामीण परिवार हर माह कम से कम एक दिन की यात्रा कर रहे हैं। इस श्रेणी में पंजाब देशभर में छठे स्थान पर है। वहीं प्रदेश में कुल 65.4 प्रतिशत परिवार एक दिन की यात्रा पर जाते हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के शहरी क्षेत्रों में 52.2 प्रतिशत परिवार एक दिन की यात्रा करते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 76.2 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि गांवों के लोगों में घूमने-फिरने का रुझान शहरों की तुलना में अधिक है। खान-पान और मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध पंजाब में पर्यटन गतिविधियों के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

    अगर अन्य राज्यों की बात करें तो त्रिपुरा 89.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद केरल में 85.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 83.4 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 79 प्रतिशत और कर्नाटक में 77.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवार एक दिन की यात्रा कर रहे हैं। पंजाब इन राज्यों के बाद छठे स्थान पर है।

    मई और अक्तूबर में सबसे अधिक होती हैं यात्राएं
    देशभर में पर्यटन गतिविधियों का विश्लेषण बताता है कि मई और अक्तूबर के दौरान सबसे अधिक यात्राएं की जाती हैं। इन महीनों में धार्मिक पर्यटन का हिस्सा सबसे ज्यादा रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा के लिए 25 प्रतिशत लोग ट्रेन और 32 प्रतिशत लोग बस को प्राथमिकता देते हैं। वहीं ठहरने के लिए होटल और गेस्ट हाउस सबसे पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं। यात्राओं के दौरान लोगों का सबसे अधिक खर्च परिवहन पर होता है। 

    पंजाब में बढ़ रही घरेलू पर्यटकों की संख्या
    पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में घरेलू पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में राज्य में 2,66,40,429 घरेलू पर्यटक आए थे। यह संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 3,32,45,623 तक पहुंच गई। चार वर्षों में घरेलू पर्यटकों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार का संकेत है। 

  • राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

    राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ती तकरार को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए संभावित गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया।

    'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'
    राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव रायबरेली गए तो कांग्रेस के लोग उन्हें इटावा जाने को कह रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव को लेकर भी तंज कसा और कहा कि ‘चच्चू’ कांग्रेस वालों को जसवंतनगर बुलाकर औकात दिखाना चाह रहे हैं।

    राजभर ने आगे लिखा कि इमरान मसूद अखिलेश को आंखें दिखा रहे हैं और इकरा हसन कांग्रेस वालों को उनकी जगह दिखा रही हैं। वहीं, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को छोटा भाई बना दिया है और सपा के प्रवक्ता कांग्रेसियों को लिमिट में रहने की सीख दे रहे हैं। इसी को लेकर राजभर ने सवाल किया, 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'

    'असल में इसको ठगबंधन कहा जाता है'
    ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने लिखा कि ठगी के लिए प्लानिंग भी हो रही है और ‘लूट के माल’ की बंदरबांट को लेकर भी लड़ाई हो रही है। राजभर ने आगे तंज करते हुए लिखा कि लड़ाई इस बात की है कि ‘कौन बड़ा ठग?’

    अखिलेश से पूछा- नेताओं को परमिशन आपने दी है?
    राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए लिखा कि क्या अपने नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन उन्होंने ही दी है या फिर शिवपाल यादव और बाकी नेता इस मामले में ‘आत्मनिर्भर’ हो गए हैं।

    अमेठी जाने की दी नसीहत
    राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा कि अगर अखिलेश रथ निकाल रहे हैं तो लखनऊ के बगल में अमेठी है और उन्हें वहां एक चक्कर लगा लेना चाहिए।

    राजभर ने अमेठी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यही अमेठी है, जिसने ‘आपके मित्र राहुल बाबा को सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि भगा दिया।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा 'उसी अमेठी घूम आइये महाराज, कांग्रेसियों को जलने दीजिए।'