Category: हरियाणा

  • 5 साल पहले हो गई थी बंद, हरियाणा में फिर रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

    5 साल पहले हो गई थी बंद, हरियाणा में फिर रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

    करनाल.

    प्रदेश में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में एक बार फिर ऑनलाइन सीट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। करीब पांच साल पहले बंद हुई यह व्यवस्था अब दोबारा लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके लागू होने के बाद यात्री घर बैठे ही अपनी मनपसंद सीट का चयन कर सकेंगे और बसों में सफर करना पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

    यह सुविधा मुख्य रूप से लंबे रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों के लिए शुरू की जाएगी। यात्री विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा की तारीख, रूट और सीट नंबर का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे बस अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी और यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी। यह सुविधा कोरोना से पहले रोडवेज बसों में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया था। अब विभाग द्वारा इसे फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अगर करनाल डिपो की बात करें तो यहां वर्तमान में करीब 139 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें से 50 के करीब बसें प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने से इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यदि किसी कारणवश बुक की बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं जा पाती है तो रोडवेज विभाग यात्रियों को करीब पांच घंटे पहले ही इसकी सूचना संबंधित वेबसाइट पर दे देगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    यहां चलाई थी डेमो के लिए बुकिंग प्रक्रिया
    हरियाणा रोडवेज की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदेशभर में चलाने के लिए चंडीगढ़ व यमुनानगर डिपो पर डेमो के लिए चलाई गई थी, जोकि यहां पर सफल रही है, अब यह प्रदेशभर में चलने की तैयारी है।

    लंबे रूट पर चलने वाली बसों का समय

    1. स्थान- पहली बार चलने का समय
    2. जम्मू के लिए 7 बजे सुबह
    3. बैजनाथ के लिए 5 बजे शाम को
    4. शिमला के लिए 5 बजकर 40 पर सुबह को
    5. चंडीगढ़ के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह, 10 बजकर 20 मिनट सुबह, 6 बजकर 40 मिनट शाम,
    6. सिरसा के लिए 5 बजकर 10 मिनट पर सुबह
    7. हरिद्वार के लिए 6 बजकर 20 मिनट पर सुबह
    8. दिल्ली के लिए 5 बजकर 20 मिनट पर सुबह।
    9. यमुनानगर के लिए 6 बजे सुबह
    10. हिसार के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह।

    ऑनलाइन प्रक्रिया नियमानुसार होगी शुरू
    रोडवेज करनाल के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि कोरोना से पहले ऑनलाइन बस बुकिंग की सुविधा थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बंद हो गई थी। अब जब भी पुन: ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी तो पूरी तैयारियां करके नियमानुसार ही शुरू होंगी।

  • हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    चंडीगढ़
     यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएसई) की तरफ से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. हरियाणा के भाजपा नेता के बेटे एकांश ढुल का देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है।जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ढुल पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं और लगातार उन्होंने तीसरी बार चयन हुआ है।

    पंचकूला के सेक्टर-12 के रहने वाले भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ने पिछली बार 2025 में यूपीएएसपी एग्जाम में 295वीं रैंक हासिल की है. वहीं, 2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

     2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

    गौर रहे कि एकांश ढुल ने चंडीगढ़ के भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 10वीं और सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की पढ़ाई की थी और फिर इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है और दिल्ली में कोचिंग भी ली थी. वह लगातार यूपीएएसी का एग्जाम दे रहे थे और थर्ड टॉपर बने हैं. उधऱ, सीएम नायब सिंह सैनी ने एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल को फोन पर बधाई दी. इस दौरान सीएम ने एकांश ढुल की मां से भी फोन पर बात की और कहा कि वह घर आकर बेटे को बधाई दें. एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल ने सीएम से कहा कि आपके भतीजे ने हरियाणा का नाम रौशन किया है. आपकी सरकार ने बिना खर्ची और पर्ची के बिना नौकरियां मिल रही हैं।

    कौन हैं एकांश के पिता कृष्ण ढुल
    गौरतलब है कि कांश के पिता कृष्ण ढुल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और माता निर्मल ढुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेक्टर-19 पंचकूला में बतौर प्रिंसिपल हैं. कृष्ण ढुल हरियाणा राज्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं और अभी भाजपा प्रवक्ता हैं. इसके अलावा, हरियाणा आर्चरी एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं।

  • हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है।

    मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

  • संजय भाटिया ने सीएम सैनी की मौजूद में भरा नामांकन, केंद्रीय मंत्री खट्टर के करीबी जाएंगे राज्यसभा

    संजय भाटिया ने सीएम सैनी की मौजूद में भरा नामांकन, केंद्रीय मंत्री खट्टर के करीबी जाएंगे राज्यसभा

    चंडीगढ़.

    बीजेपी के संजय भाटिया ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद रहे। संजय भाटिया की गिनती केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के करीबी नेताओं में होती है। पानीपत के रहने वाले संजय भाटिया 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से सांसद चुने गए थे।

    उन्होंने कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा को उस चुनाव में 6 लाख 56 हजार 142 वोटों के भारी अंतर से हराया था, जो हरियाणा के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीत थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल सीट से संजय भाटिया के स्थान पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को टिकट दिया था। मनोहर लाल तब लोकसभा का चुनाव जीते और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बने थे। तब के बाद से संजय भाटिया को कभी संगठन तो कभी सरकार में एडजेस्ट करने की कोशिश हो रही थी, जो अब जाकर पूरी हुई है।

  • 111 गांवों की बदलेगी तस्वीर, स्मार्ट गलियों पर 1.19 करोड़ खर्च करेगी हरियाणा सरकार

    111 गांवों की बदलेगी तस्वीर, स्मार्ट गलियों पर 1.19 करोड़ खर्च करेगी हरियाणा सरकार

    चंडीगढ़
    हरियाणा के 111 गांवों में स्मार्ट गलियों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 1 करोड़ 19 लाख 39 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स द्वारा उठाए गए मुद्दे के जवाब में दी। पंवार ने बताया कि जिन गांवों में मतदाताओं की संख्या 10 हजार है, वहां एक गली को स्मार्ट गली के रूप में विकसित किया जाएगा। बादली विधानसभा क्षेत्र के बादली गांव को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दृष्टिकोण है कि जिस प्रकार शहरों में साफ-सुथरी और व्यवस्थित गलियां होती हैं, उसी तर्ज पर गांवों में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट गलियां विकसित की जाएं। शून्यकाल के दौरान विधायक कपूर वाल्मीकि द्वारा मिट्टी उठाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत प्रस्ताव भेजती है तो खनन विभाग के अधिकारियों को परमिट जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे।

    पंचायत भूमि पर मालिकाना हक के लिए विशेष कैंप
    कालांवाली से कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाल ने पंचायत भूमि पर बने मकानों को वैध करने का मुद्दा उठाया। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जहां पंचायत की फिरनी, पौंड या तालाब हैं, वहां बने मकानों को मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता। मुख्यमंत्री द्वारा पिछले सत्र में पेश किए गए विधेयक के तहत ग्राम पंचायत की कृषि भूमि या फिरनी पर मकान नहीं होने चाहिए। हालांकि, यदि मकान ग्राम पंचायत की भूमि पर है तो 500 गज तक के क्षेत्रफल पर मालिकाना हक दिया जा रहा है।

  • फरवरी में ही तपने लगा हरियाणा, 30 डिग्री तापमान से फसल उत्पादन पर संकट गहराया

    फरवरी में ही तपने लगा हरियाणा, 30 डिग्री तापमान से फसल उत्पादन पर संकट गहराया

    चंडीगढ़
    हरियाणा में मौसम का मिजाज इस बार गड़बड़ाया हुआ है जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। 2012 से लेकर अब तक वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 को छोड़कर मानसून प्रभावी नहीं रहा है। हालांकि 2022 में मानसून में औसत 426 मिलीमीटर की तुलना में 464 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई जबकि 2023 में मानसून में 512.7 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।

    इस बार मौसम में आए एकाएक बदलाव के बाद फरवरी में ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया है। 5 मार्च तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इकोनॉमिक एंड स्टैटिकल अफेयर्स हरियाणा की वार्षिक रिपोर्ट-2025 के अनुसार 2019 में फरवरी में औसतन अधिकतम तापमान 20.8, 2020 में 22.2, 2021 में 24.7, 2022 में 22.1, 2023 में 25.7 और 2024 में 23.2 रहा जबकि इस बार यह 30 डिग्री तक पहुंच गया है। इस बार सर्दी के मौसम में अभी तक औसत से 57 फीसदी कम बरसात हुई है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस साल 1 जनवरी से 26 फरवरी तक सिरसा में 6.7 मिलीमीटर, फतेहाबाद में 27.6, हिसार में 17.1, जींद में 24.8, कैथल में 26.6, करनाल में 29.4, पानीपत में 37.5, सोनीपत में 13.9, भिवानी में 23.2, चरखी दादरी में 15.5, झज्जर में 18.5, महेंद्रगढ़ में 12, रेवाड़ी में 15.2, गुरुग्राम में 21.7, नूंह में 12.4, पलवल में 16, फरीदाबाद में 3.2, कुरुक्षेत्र में 56.2, अंबाला में 60.4, यमुनानगर में 43.2 एवं पंचकूला में 48.4 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है। वैसे मौसम विभाग का मानना है कि इस बार प्रदेश में 1 जून से 30 सितम्बर तक अच्छी बरसात हो सकती है।

    मानसून में जुलाई और अगस्त में होती है सबसे अधिक बरसात
    हरियाणा में 1 जून से 30 सितम्बर तक औसतन 426 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जाती है। जुलाई और अगस्त के महीनों में सबसे अधिक बरसात होती है। जून में औसतन 54, जुलाई में 149, अगस्त में 146 और सितम्बर में 76 मिलीमीटर बरसात आमतौर पर होती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में सर्द मौसम में 32.4, प्री-मानसून सीजन में 33.6, मानसून सीजन में 426 मिलीमीटर एवं पोस्ट मानसून सीजन में 28.9 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए। हर साल हरियाणा में 554.7 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए, पर 2012 के बाद 2022, 2023 और 2025 को छोड़कर यह आंकड़ा 460 मिलीमीटर को भी पार नहीं कर पा रहा है। 2012 में हरियाणा में महज 307 मिलीमीटर बरसात हुई यानी औसत बरसात से 45 फीसदी कम।

    इसी तरह से 2013 में 452 मिलीमीटर बरसात हुई। 2013 में देश में अंडमान-निकोबार में सबसे अधिक 3757 मिलीमीटर बरसात हुई थी जबकि सबसे कम बरसात का चिंताजनक रिकॉर्ड हरियाणा के नाम रहा था। 2014 में तो पूरे साल 301.3 मिलीमीटर बरसात ही हुई। 2014 में मानसून में 197.3 मिलीमीटर बरसात हुई जबकि होनी चाहिए थी 42 मिलीमीटर। 2015 में पूरे देश में हरियाणा में सबसे कम 437.8 मिलीमीटर बरसात हुई यानी औसत से करीब 23 फीसदी कम। 2016 में सर्द ऋतु में महज 1.2 मिलीमीटर जबकि पूरे साल में कुल 392.9 मिलीमीटर ही बरसात हुई। 2017 में मानसून सीजन में 418.8, 2018 में 416.3, 2019 में 418, 2020 में 419.9, 2021 में 423, 2022 में 417.3, 2023 में 512.7, 2024 में 409 मिलीमीटर बरसात हुई थी। 2025 में तो प्रदेश में मानसून में 568 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। इस बार भी मानसून काफी अच्छा बताया जा रहा है।

    गेहूं के उत्पादन पर पड़ सकता है असर
    उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब व राजस्थान के बाद हरियाणा देश का प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य है। इस रबी सीजन में प्रदेश में करीब 26 लाख हैक्टेयर में गेहूं की फसल है। इस बार दिसम्बर, जनवरी एवं फरवरी माह में औसत से कम सर्दी पड़ी है। तापमान भी अधिक रहा है और कोहरा भी नहीं पड़ा। ऐसे में गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि औसत से करीब 5 से 6 डिग्री अधिक तापमान के चलते गेहूं के अलावा सरसों की फसल पर भी असर पड़ सकता है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमैंटेशन की ओर से जारी एन्वायरनमैंट स्टैटिक 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में कुल भौगोलिक क्षेत्र 44212 वर्ग किलोमीटर में से महज 1559 वर्ग किलोमीटर ही वनाच्छादित क्षेत्र है। यह औसत से बहुत कम है। ऐसे में यहां मौसम का मिजाज बिगड़ा-बिगड़ा रहता है। यही वजह है कि पिछले 2 दशक में उत्तरी भारत के राज्यों में गर्मी का पीरियड बढ़ता जा रहा है और सर्दी का पीरियड सिकुड़ रहा है।

    1988 में हुई थी 1108 मिलीमीटर बरसात
    भारतीय मौसम विभाग चंडीगढ़ के आंकड़े भी हैरान करने वाले हैं। हरियाणा में मानसून 30 जून को दस्तक देता है। 2008 में मानसून समय से पहले 13 जून को आया जबकि 1987 में मानसून 27 जुलाई को आया था। मानसून के दौरान पिछले साल 1 जून से लेकर 30 सितम्बर तक हरियाणा में 568 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। आमतौर पर मानसून में 426 मिलीमीटर बरसात होती है।

    आंकड़ों की बात करें तो साल 1988 में सबसे अधिक 1108 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इसी तरह से 1995 में 939 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। 2011 में 374 मिलीमीटर, 2018 में 415 मिलीमीटर व 2020 में 376 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। वैसे हरियाणा में 1995 में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी। 16 जिलों में 20 लाख 35 हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई थी। 2840 गांवों और हरियाणा के अनेक शहरों के 28 लाख 87 हजार आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा था। 

  • हरियाणा में जल विभाग की सख्ती, पानी की बर्बादी पर 6079 रुपये फाइन और कनेक्शन कट

    हरियाणा में जल विभाग की सख्ती, पानी की बर्बादी पर 6079 रुपये फाइन और कनेक्शन कट

    पंचकूला.

    सेक्टर-26, सेक्टर-28 तथा आशियाना फ्लैट्स, पाकेट-ए और पाकेट-बी के प्लाट धारकों के लिए सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है। संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मकानों की पानी की टंकियां लीकेज हैं या किसी कारणवश पानी ओवरफ्लो होकर छत और सड़कों पर बह रहा है, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार यदि किसी भी प्लॉट से पानी की बर्बादी या लीकेज पाया जाता है तो संबंधित मालिक का चालान काटा जाएगा। विभाग ने बताया कि चालान राशि 6,078 रुपये के साथ 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना पानी के बिल में जोड़ दिया जाएगा।

    सड़कों पर जलभराव से भी दिक्कत
    निर्धारित समय में जुर्माना जमा न कराने की स्थिति में संबंधित मकान का पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। पानी की बर्बादी से न केवल जल संकट गहराता है, बल्कि सड़कों पर जलभराव और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

    दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य
    कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (मंडल-2), पंचकूला की ओर से जारी इस नोटिस में सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी पानी की टंकियों, पाइपलाइन और वाल्व की समय-समय पर जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार की लीकेज तुरंत ठीक करवाएं, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी पूर्व सूचना के चालान और अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • तस्करों पर एक्शन की तैयारी में विभाग, पंचकूला के जंगल में काट डाले हजारों पेड़

    तस्करों पर एक्शन की तैयारी में विभाग, पंचकूला के जंगल में काट डाले हजारों पेड़

    बरवाला.

    आसरेवाली क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में आज दोपहर 1 बजे चार सदस्यों की टीम मौके पर पहुंची। टीम शाम 4 बजे तक कई घंटों तक जंगल के भीतर सघन छानबीन की और कटे हुए पेड़ों के ठूंठ व अन्य साक्ष्यों को खंगाला। अब पूरी कार्यवाही टीम की इसी जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

    बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह खैर की कटाई कुछ दिनों में नहीं हुई बल्कि लंबे समय से चल रही थी। ऐसे में सवाल उन अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी उठ रहा है जिनकी जिम्मेदारी इस वाइल्डलाइफ सेंचुरी की रखवाली करने की थी। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र पहले वन विभाग के अधीन था, लेकिन वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी का दायरा बढ़ने के बाद इसे वाइल्डलाइफ विभाग के अधीन कर दिया गया था।

    जब यह क्षेत्र वन विभाग के पास था, तब गांव आसरेवाली के बाहर एक नाका लगाया गया था, जहां नियमित चेकिंग होती थी। बताया जा रहा है कि क्षेत्र वाइल्डलाइफ के अधीन आते ही नाका हटा दिया गया, जिसके बाद खैर की तस्करी तेजी से बढ़ने लगी। यह खेल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा है और इसमें हजारों पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह भी है कि क्षेत्र में कथित रूप से खनन गतिविधियां भी जारी रहती हैं, जबकि एरिया में प्रवेश से पहले कोई स्थायी नाका या चेकिंग व्यवस्था नहीं है। संबंधित इलाके में तीन से चार खोल बने हुए बताए जा रहे हैं, जहां सबसे अधिक खैर के पेड़ काटे गए हैं।

    अक्टूबर 2025 में भी वायरल हुई थी फोटो, पर नहीं हुई कार्रवाई
    अक्टूबर 2025 में भी इंटरनेट मीडिया पर आसरेवाली में खैर के कटे हुए पेड़ों की करीब 30 फोटो वायरल हुई थी, लेकिन तब इन चीजों की जांच नहीं की गई। इसके बाद से लगातार खैर चोरी के मामले बढ़ते गए। अब जाकर जब मामला मंत्री के संज्ञान में पहुंचा है, तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आज टीम की घंटों चली इस छानबीन के बाद अब रिपोर्ट का इंतजार है कि विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।

    कल 10 टीमों के पहुंचने की संभावना
    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब बड़े स्तर पर एक्शन की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कल सुबह क्षेत्र में 10 अलग-अलग टीमों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे प्रभावित इलाके का कोना-कोना खंगालेंगी।

  • पानीपत पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच, फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

    पानीपत पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच, फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

    पानीपत.

    सेक्टर-29 पार्ट-2 स्थित एक टेक्सटाइल मशीनरी फैक्ट्री मालिक के बेटे का अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। बदमाशों ने न केवल उसकी गाड़ी का पीछा किया, बल्कि फैक्ट्री के गेट पर दंगा करते हुए गार्ड के साथ बदतमीजी की और जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सेक्टर-18 निवासी आकांशु ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे जब वह अपनी फैक्ट्री से काम के सिलसिले में अपनी गाड़ी लेकर निकले।
    गेट के बाहर पहले से ही कृष्ण व उसका बेटा और 10-15 अन्य अज्ञात लोग 5-6 गाड़ियों के साथ खड़े थे। उन्हें देखते ही कृष्ण ने चिल्लाकर कहा, यह मुकेश का लड़का है, इसका पीछा करो।

    इसके बाद 2-3 गाड़ियों ने अपहरण की नीयत से आकांशु की गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर निकलने में कामयाब रहे। इसी दौरान फैक्ट्री के अकाउंटेंट विशाल ने फोन पर सूचना दी कि कई लोग फैक्ट्री के गेट पर दंगा कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड निशांत मलिक के साथ बदतमीजी की और धमकी दी कि मुकेश और उसके बेटे ने बहुत पैसे कमा लिए हैं।

  • बजट की खोलेंगे नायाब पोटली, CM सैनी आज पेश करेंगे हरियाणा का बजट

    बजट की खोलेंगे नायाब पोटली, CM सैनी आज पेश करेंगे हरियाणा का बजट

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सीएम नायब सैनी बतौर वित्त मंत्री आज दूसरी बार बजट पेश करेंगे। यह बजट 2.15 लाख करोड़ रुपए तक का हो सकता है। इस बार बजट में उद्योग, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, महिलाओं, युवाओं, एआई, प्राकृतिक खेती पर फोकस और लाडो लक्ष्मी योजना का आकार बढ़ाने वाला बजट हो सकता है।  

    इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) उद्योग सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की भी संभावना है। वहीं किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर भी छूट मिल सकती है। इसके अलावा राज्य में खाली पड़े ग्रुप-D के पदों को भरने को लेकर भी ऐलान हो सकता है।

    10.51 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ
    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 27 फरवरी को सदन में बताया था कि पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना एप पर 10 लाख 51 हजार 29 महिलाओं ने आवेदन किए। 10 फरवरी को इसकी चौथी किश्त जारी की। 9 लाख से अधिक बहनों के खातों में 193 करोड़ रुपए भेज दिए गए हैं। अब तक 637 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। अब 1 लाख 80 हजार वाली माताएं जिनके तीन बच्चे नहीं हैं, उन्हें भी दिया जा रहा है। फरवरी 2026 से 1100 रुपए की राशि बैंक खातों में और एक हजार रुपए की राशि एफडी की जाएगी। योजना का विशेष पहलू यह है कि परिवार की सभी पात्र महिलाएं लाभ ले सकती हैं।