Category: हरियाणा

  • विधानसभा अध्यक्ष ने दूसरे राज्यों में समझी कार्यप्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को हरियाणा में लागू करेंगे

    विधानसभा अध्यक्ष ने दूसरे राज्यों में समझी कार्यप्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को हरियाणा में लागू करेंगे

    चंडीगढ़.

    हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का कहना है कि कई राज्यों की विधानसभाओं का दौरा किया। उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, केरल सहित 13 राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन किया। इसेक अलावा पटना तथा लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलनों में भी भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता ओम बिरला ने की।

    हर राज्य में कुछ न कुछ श्रेष्ठ है। कहीं समिति प्रणाली मजबूत है, कहीं डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन उत्कृष्ट है। हम उन श्रेष्ठ परंपराओं को हरियाणा में लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कल्याण ने कहा कि नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला। इसके बाद सीपीए सम्मेलन के तहत ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। सिडनी और मेलबर्न की संसदों में डिजिटल कार्यप्रणाली, ई-ऑफिस और मजबूत समिति तंत्र देखने को मिला। हम भी हरियाणा विधानसभा में ई-गवर्नेंस, डिजिटल आर्काइव और क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि तकनीक से कार्यवाही तेज और पारदर्शी दोनों बनती है।

    कल्याण ने कहा कि ‘युवा संसद-2025’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए हम छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ रहे हैं। जब युवा संसदीय परंपराओं को समझेंगे, तभी भविष्य का नेतृत्व तैयार होगा। लोकतंत्र केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, यह संवाद और भागीदारी की संस्कृति है।
    महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। नीतियों में संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा। यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

    कल्याण ने कहा कि सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमारा प्रयास है कि चर्चा केवल औपचारिकता न रहे। कानून बनने से पहले उसकी गुणवत्ता पर गंभीर विमर्श हो। इसके लिए विधायी ड्राफ्टिंग कार्यशालाएं करवाई जा रही हैं। विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं ताकि वे आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक मुद्दों पर तथ्यपूर्ण ढंग से बोल सकें। हम अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी क्षमता निर्माण कार्यक्रम चला रहे हैं। लोकतंत्र की मजबूती विधायिका की मजबूती से ही संभव है। कल्याण ने कहा कि नई विधानसभा भवन की योजना के लिए हम ऐसी आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम नई विधानसभा की परिकल्पना कर रहे हैं, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके। लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के अनुरूप भवन निर्माण हमारी प्राथमिकता होगी।परिसीमन राष्ट्रीय प्रक्रिया है। यदि सीटें बढ़ती हैं तो अधोसंरचना का विस्तार आवश्यक होगा। इस दिशा में प्रारंभिक विचार-विमर्श चल रहा है।

    कल्याण मानते हैं कि विधानसभा को जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह, सहभागी व आधुनिक बनाना का मेरा प्रयास है। समिति प्रणाली को मजबूत करना और शोध आधारित चर्चा को बढ़ावा देना मेरी प्राथमिकताएं हैं। मैं चाहता हूं कि हरियाणा विधानसभा देश की अग्रणी विधानसभाओं में शामिल हो तथा प्रभावी विधायिका के माध्यम से हरियाणा प्रदेश नई ऊँचाइयों को छूते हुए विकसित राष्ट्र के सफर में महत्वपूर्ण योगदान दे। कल्याण कहते हैं कि विधानसभा को देश की अग्रणी विधायिकाओं में शुमार करना उनका लक्ष्य है।

    सदन की कुर्सी सिर्फ ऊंची नहीं होती, वह जिम्मेदारियों का सबसे कठिन आसन भी होती है। करनाल जिले के घरौंडा से लगातार तीसरी बार विधायक बने हरविन्द्र कल्याण जब 2024 में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, तो यह केवल राजनीतिक पदोन्नति नहीं थी, यह संसदीय परिपक्वता की परीक्षा भी थी। छात्र राजनीति से लेकर 2004 की लंबी पदयात्रा, 2014 में पहली जीत, हैफेड के चेयरमैन, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और अब स्पीकर। हर पड़ाव ने उन्हें सत्ता और व्यवस्था के भीतर की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने का अवसर दिया। आज वे सदन को अधिक जवाबदेह, तकनीकी रूप से आधुनिक और शोध आधारित बहसों का मंच बनाने के मिशन पर हैं। 

  • CM ने दिए जींद हादसे की जांच के आदेश, फैक्ट्री में मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 5-5 लाख

    CM ने दिए जींद हादसे की जांच के आदेश, फैक्ट्री में मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 5-5 लाख

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गत दिवस जींद जिले के सफीदों में स्थित रंग-गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 महिलाओं की मृत्यु हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुख्यमंत्री सैनी ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। राज्य सरकार ने संबंधित अस्पतालों को घायलों के समुचित इलाज के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

  • हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटे डॉक्टर, हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

    हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटे डॉक्टर, हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

    हिसार/पानीपत.

    घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है।

    उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई।

    क्या कहते हैं आंकडे?
    प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण
    सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं।
    नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे।
    एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।

    जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी
    प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए।

    क्या हुआ हड़ताल का असर?
    कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा।
    भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे।
    सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण
    पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए।
    सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा।
    एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही।

    मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके
    प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

  • टटीरी गाने ने खड़ा किया नया मुद्दा, महिला आयोग की चेयरपर्सन ने उठाया बड़ा कदम

    टटीरी गाने ने खड़ा किया नया मुद्दा, महिला आयोग की चेयरपर्सन ने उठाया बड़ा कदम

    हरियाणा

    हरियाणा की राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने रैपर-सिंगर बादशाह और उनके नए गाने को लेकर हुए विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सिंगर का काम माफी के लायक नहीं है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

    माफी के लायक नहीं काम
    आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह हाल ही में गाना 'टटीरी' को लेकर विवादों में आ गए। लोगों ने इसके लिरिक्स पर आपत्ति जताई। इस पर बादशाह ने माफी मांगी है। इस बीच मीडिया से बात करते हुए भाटिया ने कहा 'बादशाह ने जो किया है वह माफ करने लायक नहीं है। हरियाणा की बेटियों का इस तरह अपमान करना और उनके खिलाफ ऐसी गंदी भाषा का इस्तेमाल करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमने उन्हें 13 मार्च को बुलाया है। उन्हें पेश होना चाहिए। अगर वह इससे बचते रहे, तो हम उन्हें काम नहीं करने देंगे।'

    बादशाह ने मांगी माफी
    शनिवार को बादशाह ने एक वीडियो में अपने काम को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था 'मैं खुद हरियाणा से हूं। जो लोग मुझे जानते हैं, वो जानते हैं कि मेरी बोली, मेरा खान-पान, मेरा रहना-सहना, मेरी पहचान हरियाणा से है। मैं एक हरियाणवी हूं। मेरा कभी ऐसा कोई इरादा नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे, किसी महिला के बारे में ऐसी बात कहूं। मुझे उम्मीद है कि आप मुझे हरियाणा का बेटा, अपना बेटा समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।'

    गिरफ्तार के लिए हो रही छापेमारी
    इस बीच, बादशाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें सिंगर-रैपर को पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। टीमें उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की।

    गाने पर आपत्ति
    इससे पहले बादशाह के गाने के कुछ बोल और वीडियो में दिखाई गई कुछ तस्वीरों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि गाने में इस्तेमाल की गई शब्दावली आपत्तिजनक है। उनका मानना है कि इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने महिला आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की।

  • हरियाणा राज्यसभा रेस: नांदल सबसे अमीर, बौद्ध करोड़पति; BJP उम्मीदवार भाटिया के पास संपत्ति नहीं

    हरियाणा राज्यसभा रेस: नांदल सबसे अमीर, बौद्ध करोड़पति; BJP उम्मीदवार भाटिया के पास संपत्ति नहीं

    हरियाणा 
    हरियाणा में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी सियासत गरमाई है। 2 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में तीन उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो रही है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) सबसे अमीर हैं। 

    सबसे अहम बात यह है कि पूर्व लोकसभा सांसद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया के नाम कुछ भी नहीं है। हां उन्होंने चुनाव में अपनी चल संपत्ति 78 लाख रुपए के करीब दर्शाई है।

    सतीश नांदल
    कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग पर भरोसा कर रहे 63 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पास 45.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जिसमें एक रिवॉल्वर और 950 ग्राम सोना शामिल है। नांदल के पास आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों सहित 28.54 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति 73.74 करोड़ रुपए की है। ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और रोहतक में स्थित हैं।

    परिवार के पास रोहतक में 5 करोड़ रुपए की एक आवासीय संपत्ति, रोहतक में ही 2.17 करोड़ रुपए की दो व्यावसायिक संपत्तियां और दिल्ली में 5 करोड़ रुपए की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति है।

    उन पर 9.70 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्हें शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में परियोजना प्रभारी के रूप में पारिश्रमिक और किराए से आय प्राप्त होती है। उन्होंने रोहतक के एक संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया है।

    करमवीर सिंह बौद्ध
    कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध की कुल संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए है, जिसमें 65 लाख रुपए की चल संपत्ति, एक कोरोला अल्टिस, एक बोलेरो, 200 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी शामिल है, जबकि उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 1.33 करोड़ रुपए है।

    वे सिविल सचिवालय से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं और उनकी पत्नी हरियाणा श्रम विभाग में उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पेंशन और मकान किराया उनकी आय के स्रोत हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।

    संजय भाटिया
    भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया के नाम पर न तो कोई संपत्ति है और न ही उनकी पत्नी के नाम पर। उनकी चल संपत्ति 84.73 लाख रुपए है, जिसमें 48 लाख रुपए के आभूषण शामिल हैं। वे दो निजी कंपनियों में निदेशक हैं और कृषि से आय तथा पेंशन भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने पानीपत के एक कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है।

    भाटिया की जीत पक्की, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
    राज्यसभा में दो सीटें हैं और सदन में 90 विधायक हैं, इसलिए किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा के संजय भाटिया आसानी से जीत जाएंगे, क्योंकि पार्टी के पास 48 सीटें हैं। दूसरी सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। बौध की जीत के लिए कांग्रेस को 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, नांदल कांग्रेस के क्रॉस वोट पर निर्भर हैं। उन्हें भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर किसी विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता।

  • 21 साल पुराने पत्रकार हत्याकांड में हाईकोर्ट का फैसला, राम रहीम दोषमुक्त घोषित

    21 साल पुराने पत्रकार हत्याकांड में हाईकोर्ट का फैसला, राम रहीम दोषमुक्त घोषित

    चंडीगढ़
    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 2019 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के फैसले को पलट दिया।

    दरअसल, रामचंद्र छत्रपति मामले में 11 जनवरी 2019 को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया था और 17 जनवरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। डेरा प्रमुख और अन्य सह आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रस्तुत साक्ष्यों की विस्तृत जांच के कुछ सप्ताह बाद आया है। हालांकि, बेंच ने मामले में दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया और उनके खिलाफ दिए गए फैसले को बरकरार रखा। इस मामले की जांच उन गोलियों को लेकर उठे विवाद के कारण शुरू हुई, जिनका कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया था। अदालत द्वारा रिकॉर्ड में दर्ज सामग्री की समीक्षा के दौरान ये गोलियां एक अहम मुद्दा बन गईं।

    हालांकि हत्या के मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम जेल में ही रहेंगे क्योंकि वे वर्तमान में बलात्कार मामले में सजा काट रहे हैं। 2019 में विशेष अदालत ने पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम और तीन अन्य को दोषी ठहराया था। फैसला सुनाए जाने से 16 साल से भी अधिक समय पहले यह हत्या घटी थी। अपराध और दोषसिद्धि के बीच लंबे अंतराल के कारण इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया था।

    राम रहीम 2017 में बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से भी सुर्खियों में रहे हैं। इस दौरान वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आया, जिस पर काफी हो हल्ला भी हुआ। अधिकांश रिहाई के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में रहा। सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा संगठन के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य क्षेत्रों सहित कई उत्तरी राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

  • 5 साल पहले हो गई थी बंद, हरियाणा में फिर रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

    5 साल पहले हो गई थी बंद, हरियाणा में फिर रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

    करनाल.

    प्रदेश में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में एक बार फिर ऑनलाइन सीट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। करीब पांच साल पहले बंद हुई यह व्यवस्था अब दोबारा लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके लागू होने के बाद यात्री घर बैठे ही अपनी मनपसंद सीट का चयन कर सकेंगे और बसों में सफर करना पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

    यह सुविधा मुख्य रूप से लंबे रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों के लिए शुरू की जाएगी। यात्री विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा की तारीख, रूट और सीट नंबर का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे बस अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी और यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी। यह सुविधा कोरोना से पहले रोडवेज बसों में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया था। अब विभाग द्वारा इसे फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अगर करनाल डिपो की बात करें तो यहां वर्तमान में करीब 139 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें से 50 के करीब बसें प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने से इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यदि किसी कारणवश बुक की बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं जा पाती है तो रोडवेज विभाग यात्रियों को करीब पांच घंटे पहले ही इसकी सूचना संबंधित वेबसाइट पर दे देगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    यहां चलाई थी डेमो के लिए बुकिंग प्रक्रिया
    हरियाणा रोडवेज की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदेशभर में चलाने के लिए चंडीगढ़ व यमुनानगर डिपो पर डेमो के लिए चलाई गई थी, जोकि यहां पर सफल रही है, अब यह प्रदेशभर में चलने की तैयारी है।

    लंबे रूट पर चलने वाली बसों का समय

    1. स्थान- पहली बार चलने का समय
    2. जम्मू के लिए 7 बजे सुबह
    3. बैजनाथ के लिए 5 बजे शाम को
    4. शिमला के लिए 5 बजकर 40 पर सुबह को
    5. चंडीगढ़ के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह, 10 बजकर 20 मिनट सुबह, 6 बजकर 40 मिनट शाम,
    6. सिरसा के लिए 5 बजकर 10 मिनट पर सुबह
    7. हरिद्वार के लिए 6 बजकर 20 मिनट पर सुबह
    8. दिल्ली के लिए 5 बजकर 20 मिनट पर सुबह।
    9. यमुनानगर के लिए 6 बजे सुबह
    10. हिसार के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह।

    ऑनलाइन प्रक्रिया नियमानुसार होगी शुरू
    रोडवेज करनाल के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि कोरोना से पहले ऑनलाइन बस बुकिंग की सुविधा थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बंद हो गई थी। अब जब भी पुन: ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी तो पूरी तैयारियां करके नियमानुसार ही शुरू होंगी।

  • हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    चंडीगढ़
     यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएसई) की तरफ से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. हरियाणा के भाजपा नेता के बेटे एकांश ढुल का देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है।जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ढुल पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं और लगातार उन्होंने तीसरी बार चयन हुआ है।

    पंचकूला के सेक्टर-12 के रहने वाले भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ने पिछली बार 2025 में यूपीएएसपी एग्जाम में 295वीं रैंक हासिल की है. वहीं, 2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

     2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

    गौर रहे कि एकांश ढुल ने चंडीगढ़ के भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 10वीं और सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की पढ़ाई की थी और फिर इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है और दिल्ली में कोचिंग भी ली थी. वह लगातार यूपीएएसी का एग्जाम दे रहे थे और थर्ड टॉपर बने हैं. उधऱ, सीएम नायब सिंह सैनी ने एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल को फोन पर बधाई दी. इस दौरान सीएम ने एकांश ढुल की मां से भी फोन पर बात की और कहा कि वह घर आकर बेटे को बधाई दें. एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल ने सीएम से कहा कि आपके भतीजे ने हरियाणा का नाम रौशन किया है. आपकी सरकार ने बिना खर्ची और पर्ची के बिना नौकरियां मिल रही हैं।

    कौन हैं एकांश के पिता कृष्ण ढुल
    गौरतलब है कि कांश के पिता कृष्ण ढुल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और माता निर्मल ढुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेक्टर-19 पंचकूला में बतौर प्रिंसिपल हैं. कृष्ण ढुल हरियाणा राज्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं और अभी भाजपा प्रवक्ता हैं. इसके अलावा, हरियाणा आर्चरी एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं।

  • हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है।

    मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

  • संजय भाटिया ने सीएम सैनी की मौजूद में भरा नामांकन, केंद्रीय मंत्री खट्टर के करीबी जाएंगे राज्यसभा

    संजय भाटिया ने सीएम सैनी की मौजूद में भरा नामांकन, केंद्रीय मंत्री खट्टर के करीबी जाएंगे राज्यसभा

    चंडीगढ़.

    बीजेपी के संजय भाटिया ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद रहे। संजय भाटिया की गिनती केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के करीबी नेताओं में होती है। पानीपत के रहने वाले संजय भाटिया 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से सांसद चुने गए थे।

    उन्होंने कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा को उस चुनाव में 6 लाख 56 हजार 142 वोटों के भारी अंतर से हराया था, जो हरियाणा के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीत थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल सीट से संजय भाटिया के स्थान पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को टिकट दिया था। मनोहर लाल तब लोकसभा का चुनाव जीते और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बने थे। तब के बाद से संजय भाटिया को कभी संगठन तो कभी सरकार में एडजेस्ट करने की कोशिश हो रही थी, जो अब जाकर पूरी हुई है।