Category: हरियाणा

  • ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

    ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

     चंडीगढ़
     हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले युवा अब सरकारी विभागों में ठेकेदार बन सकेंगे। कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के तहत इस साल आठ हजार युवाओं को सरकार के स्तर पर तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
    ट्रेनिंग और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं काे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

    पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके दिए जाएंगे। एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बैंक ऋण मिलेगा। विशेष बात यह कि तीन महीने की ट्रेनिंग में सिर्फ कक्षा में पढ़ाई नहीं होगी।

    युवाओं को सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया और ठेकेदारी से जुड़े तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं के साथ मौके पर काम का अनुभव भी दिया जाएगा। श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तृतीय पक्ष मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

    निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए फर्म और जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे।

    51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान
    पैन, टैन, जीएसटी और टिन सहित संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। ठेकेदार सक्षम युवा योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

    ठेकेदार सक्षम युवा योजना की नींव फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था।

    मकसद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था।

    इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर योजना को औपचारिक रूप से लांच किया। जनवरी 2025 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन की शर्तें तय कीं। अब 2026-27 में योजना के तहत युवाओं से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

    यह होंगे पात्र
    हरियाणा निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई-बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा योजना में आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। सीईटी की मेरिट सूची में नाम होना चाहिए।

     

  • मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    हिसार
    औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है।

    यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है

    दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं।

    इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान
    सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

    28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं।

    दस साल बाद ऐसा मानसून
    दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

     

  • 12 घंटे की पैरोल में शादी, 3 बच्चों संग कंबोडिया से पहुंची मैनपाल की दुल्हन

    12 घंटे की पैरोल में शादी, 3 बच्चों संग कंबोडिया से पहुंची मैनपाल की दुल्हन

    झज्जर.

    करीब आठ साल पहले पैरोल के दौरान जेल से फरार होकर कंबोडिया पहुंचने और वहां से प्रत्यर्पित किए गए आजीवन कारावास के दोषी मैनपाल ढिल्ला बुधवार, 24 सितंबर को अपनी कंबोडियाई पत्नी मेटा चान के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंधेंगे।

    हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी की अदालत से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है।

    कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेंगे बाहर
    जेल अधीक्षक सेवा सिंह के अनुसार मैनपाल को सामान्य पैरोल की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि वह पूरे समय पुलिस और जेल कर्मियों की कड़ी कस्टडी व सुरक्षा घेरे में रहेगा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत उसे सुबह आठ बजे जेल से बाहर लाया जाएगा और रात आठ बजे तक वापस जेल पहुंचाना होगा।

  • जालंधर में नया नियम लागू, छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर पेट्रोल-डीजल बंद

    जालंधर में नया नियम लागू, छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर पेट्रोल-डीजल बंद

    जालंधर.

    वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नहीं है या नंबर प्लेट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है तो अब जालंधर में ऐसे वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा।

    कमिश्नरेट पुलिस ने बिना नंबर प्लेट, जरूरी एचएसआरपी के बिना चल रहे वाहनों के साथ-साथ टूटी, मुड़ी, क्षतिग्रस्त, बदली या जानबूझकर संशोधित नंबर प्लेट वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगा दी है। पुलिस का यह आदेश 21 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है और 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इस व्यवस्था की निगरानी डीसीपी जसरूप कौर बाठ करेंगी। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट वाहन की पहचान का प्रमुख माध्यम है। इसे छिपाकर या बदलकर वाहन चलाने से यातायात नियमों के उल्लंघन के साथ अपराध की जांच में भी परेशानी होती है। ऐसे में ईंधन बिक्री को वैध नंबर प्लेट से जोड़ने का उद्देश्य वाहन की पहचान सुनिश्चित करना है।

    नंबर प्लेट नहीं तो पंप पर ही रुक जाएगी गाड़ी
    नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप, डीजल डिस्पेंसिंग स्टेशन और सीएनजी स्टेशन पर वाहन में ईंधन भरने से पहले नंबर प्लेट की स्थिति देखी जाएगी। यदि वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या जिस वाहन पर एचएसआरपी लगना जरूरी है, उस पर एचएसआरपी नहीं लगी है तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसी तरह प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, क्षतिग्रस्त या ऐसी स्थिति में है जिससे वाहन का पंजीकरण नंबर स्पष्ट नहीं हो रहा, तो भी ईंधन देने पर रोक रहेगी। यदि नंबर प्लेट में बदलाव या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं तो पंप संचालक को पुलिस को इसकी सूचना देनी होगी।

    छेड़छाड़ वाली प्लेट पर खास नजर
    पुलिस के आदेश में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ को विशेष रूप से शामिल किया गया है। कई बार वाहन की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को मोड़ दिया जाता है, उस पर कोई सामग्री लगा दी जाती है या प्लेट को इस तरह बदला जाता है कि नंबर स्पष्ट दिखाई न दे। ऐसे वाहनों को भी ईंधन नहीं मिलेगा। पंप कर्मचारी संदिग्ध वाहन के मेक, माडल, रंग और आने-जाने की दिशा जैसी जानकारी संभव होने पर नोट कर सकते हैं। पुलिस को सूचना मिलने पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से वाहन की गतिविधि की जांच की जा सकेगी।

    पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी अनिवार्य
    आदेश के तहत सभी ईंधन स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे चालू रखना जरूरी होगा। प्रवेश और निकास स्थान, ईंधन भरने का क्षेत्र, आने-जाने वाले वाहनों, भुगतान क्षेत्र और जहां संभव हो वहां वाहन की नंबर प्लेट की रिकार्डिंग होनी चाहिए। कानूनी और तकनीकी रूप से संभव होने पर पंप के सामने और उससे जुड़ी सड़क की भी निगरानी करनी होगी। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखना होगा। इससे पुलिस को घटना के बाद संदिग्ध वाहन की तलाश करने में मदद मिल सकती है।

    वारदात के बाद भागने वाले वाहन की पहचान में मदद
    पुलिस की इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू अपराध की जांच से जुड़ा है। यदि किसी वारदात में इस्तेमाल वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है, तो उसके पेट्रोल पंप तक पहुंचने पर पुलिस को सूचना मिल सकती है। पंप की सीसीटीवी फुटेज से वाहन का रंग, माडल और आवाजाही का समय सामने आ सकता है। जांच के दौरान पुलिस इन फुटेज को शहर के अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग से जोड़कर वाहन के संभावित रूट का पता लगा सकती है। इस तरह पेट्रोल पंप की फुटेज किसी आपराधिक मामले में एक अतिरिक्त जांच कड़ी बन सकती है।

    नए और आपातकालीन वाहनों को छूट
    इस आदेश में कुछ वाहनों को छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, फायर सर्विस और आपातकालीन सेवा वाले वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। नए खरीदे गए ऐसे वाहन, जिनके लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से वैध पंजीकरण नंबर जारी किया गया है, उन्हें भी ईंधन दिया जा सकेगा। वैध अस्थायी पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को भी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण प्रस्तुत करने पर ईंधन दिया जाएगा।

    पंप संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ी
    पेट्रोल पंप संचालकों को पंजाबी और अंग्रेजी में प्रमुख स्थान पर नोटिस लगाकर ग्राहकों को इस नियम की जानकारी देनी होगी। संदिग्ध नंबर प्लेट वाला वाहन मिलने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देनी होगी। पुलिस के आदेश का पालन नहीं करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

    फायदा क्या होगा?
    इस व्यवस्था से वाहन मालिकों पर वैध नंबर प्लेट लगाने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही बिना नंबर या छेड़छाड़ वाली प्लेट वाले वाहनों की पहचान आसान हो सकती है। अपराध की जांच में पेट्रोल पंपों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को अतिरिक्त सुराग दे सकती है। ध्यान रखने वाली बात: वाहन मालिक पेट्रोल पंप पर परेशानी से बचने के लिए अपने वाहन की नंबर प्लेट सही स्थिति में रखें और जहां लागू हो वहां एचएसआरपी लगवाएं। पंप संचालकों के लिए कैमरों की गुणवत्ता और दो महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना भी अहम जिम्मेदारी होगी।

  • 13 साल बाद जमीन मालिकों के हक में फैसला, पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा विकसित प्लॉट

    13 साल बाद जमीन मालिकों के हक में फैसला, पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा विकसित प्लॉट

     चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की वर्ष 2012 की लैंड पूलिंग योजना के तहत जमीन मालिकों के अधिकार को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित जमीन के मालिकों को राज्य के आश्वासन के बाद योजना का लाभ देने से इन्कार नहीं किया जा सकता।

    कोर्ट ने झज्जर के सेक्टर-6 पार्ट के लिए अनिवार्य रूप से अधिग्रहित जमीन के मालिकों को योजना के तहत पात्र मानते हुए निर्देश दिया कि सेक्टर के पहली बार विकसित होने पर उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएं या योजना के प्रविधानों के अनुसार राशि दी जाए।

    जस्टिस विकास बहल और जस्टिस दिव्या शर्मा की खंडपीठ ने आठ याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि भूमि पूलिंग योजना का उद्देश्य अधिग्रहण के कारण अपनी जमीन खोने वाले भू-स्वामियों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना था।

    मामले में कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने पात्र जमीन मालिकों को विकसित जमीन देने का स्पष्ट आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाला मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ नहीं लिए। कुछ याचिकाकर्ताओं को 23 अगस्त 2013 के अवार्ड के बाद योजना के तहत 42 लाख रुपये प्रत्येक अग्रिम राशि के रूप में भी दिए गए थे।

    कोर्ट ने कहा कि जब जमीन मालिकों ने राज्य के स्पष्ट आश्वासन पर अपनी स्थिति बदल ली और दूसरे लाभ नहीं लिए तो बाद में सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हट सकती। अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि कुछ याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं किया था। हाई कोर्ट ने मूल रिकार्ड देखने के बाद इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

    पांच याचिकाओं के मामले में रिकार्ड से स्पष्ट हुआ कि आवेदन निर्धारित 60 दिन की अवधि के भीतर जमा किए गए थे और अधिकारियों ने उन्हें सत्यापित कर स्वीकार भी किया था।

    इसलिए आवेदन में देरी के आधार पर योजना का लाभ न देना गलत बताया गया।अन्य याचिकाओं में भी कोर्ट ने पाया कि जमीन मालिकों ने राज्य के आश्वासन पर अपनी स्थिति बदली थी। उन्होंने न तो अनिवार्य अधिग्रहण का मुआवजा लिया और न 33 वर्ष की वार्षिकी अथवा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के लाभ प्राप्त किए। ऐसे में राज्य उन्हें भूमि पूलिंग योजना से बाहर नहीं कर सकता।

    पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा लाभ
    हाई कोर्ट ने याचिकाएं स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को 10 सितंबर 2012 की भूमि पूलिंग योजना के अनुसार विकसित सेक्टर में पहली बार फ्लोटेशन के समय उनकी पात्रता के अनुरूप प्लॉट आवंटित किए जाएं अथवा योजना के प्रावधानों के अनुसार राशि का भुगतान किया जाए।

    जिन याचिकाकर्ताओं ने पहले मिली अग्रिम राशि लौटानी है, वे 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि लौटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। सक्षम अधिकारी को ऐसा आवेदन मिलने के चार सप्ताह के भीतर उसका निपटारा करना होगा। राशि लौटाने के बाद भी उनके विकसित प्लॉट पाने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    13 साल बाद जल्द फ्लोटेशन के निर्देश
    खंडपीठ ने कहा कि अवार्ड की घोषणा को 13 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसलिए अधिकारियों को सेक्टर की फ्लोटेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का प्रयास करना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अग्रिम राशि लौटाने से जमीन मालिकों का पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर विकसित प्लॉट पाने का अधिकार किसी तरह प्रभावित नहीं होगा।

     

  • बारिश में 23% की कमी, हरियाणा में कमजोर मानसून का फसलों पर असर!

    बारिश में 23% की कमी, हरियाणा में कमजोर मानसून का फसलों पर असर!

    हिसार.

    औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है। यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा।

    इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान
    सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं।

    दस साल बाद ऐसा मानसून
    दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

  • RTI के दोहराव पर आयोग का बड़ा निर्देश, हर शिकायत-अपील के साथ शपथपत्र अनिवार्य

    RTI के दोहराव पर आयोग का बड़ा निर्देश, हर शिकायत-अपील के साथ शपथपत्र अनिवार्य

     चंडीगढ
    सूचना का अधिकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन एक ही आरटीआइ आवेदन और विषय को लेकर बार-बार शिकायत या अपील दायर करने को वैधानिक अधिकार की आड़ में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की।

    आयोग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सूचना मांगने का अधिकार किसी व्यक्ति को एक ही कारण और विषय पर बार-बार कार्यवाही शुरू करने का असीमित अधिकार नहीं देता।

    आयोग ने कहा कि आरटीआइ कानून को इस तरह लागू किया जाना चाहिए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े तथा सरकारी विभागों और आयोग के सीमित संसाधनों का अनावश्यक दोहन न हो।

    मामला पलवल निवासी श्रवण कुमार की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी एवं राज्य लोक सूचना अधिकारी पलवल के खिलाफ दायर शिकायत से जुड़ा है। संबंधित आरटीआइ आवेदन 24 अगस्त 2025 को दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से आयोग को बताया गया कि इसी आरटीआइ आवेदन के आधार पर पहले भी दो अलग मामलों में शिकायतें दायर की जा चुकी हैं।

    इतना ही नहीं, वर्तमान शिकायत में शामिल आरटीआइ आवेदन पहले दाखिल किए गए आवेदन के बिल्कुल समान था। आयोग को यह भी बताया गया कि श्रवण कुमार से संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ करीब 36 मामले आयोग के समक्ष लंबित हैं।

    इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक के कार्यालयों में करीब 130 से 150 आरटीआइ आवेदन भी दाखिल किए गए हैं।

    राज्य सूचना आयुक्त डा. अजय सूरा ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि आयोग के समक्ष पहले से दाखिल प्रत्येक आरटीआइ मामले तथा भविष्य में दायर की जाने वाली शिकायत या अपील के साथ श्रवण कुमार को शपथपत्र देना होगा।

    इसमें उन्हें स्पष्ट करना होगा कि संबंधित आरटीआइ आवेदन और विषय को लेकर उन्होंने पहले कोई अन्य शिकायत या अपील दाखिल नहीं की है।

    आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक के समक्ष लंबित आरटीआई आवेदनों के लिए भी इसी तरह का शपथपत्र देने का निर्देश दिया है। भविष्य में इन अधिकारियों के समक्ष दाखिल होने वाले प्रत्येक आरटीआइ आवेदन के साथ भी ऐसा शपथपत्र लगाना अनिवार्य होगा।

    संसाधनों के दोहराव पर आयोग की चिंता
    आयोग ने कहा कि एक ही आरटीआइ आवेदन से बार-बार शिकायतें दायर होने पर कार्यवाही दोहराई जाती है। इससे आयोग और संबंधित लोक प्राधिकरण के समय और संसाधनों की अनावश्यक खपत होती है।

    सुनवाई के दौरान जब शिकायतकर्ता से बार-बार शिकायत दाखिल करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि यदि एक शिकायत का फैसला हो चुका है तो अन्य शिकायतों का भी उसी आधार पर निपटारा किया जा सकता है।

    आयोग ने पूर्व न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि आरटीआइ के कानूनी अधिकार का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। लोक प्राधिकरणों पर इतनी अधिक शिकायतों और आवेदनों का बोझ भी नहीं डाला जा सकता कि सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में उनका अधिकांश समय और संसाधन ही खर्च होने लगे।

  • निवेश बढ़ाने के लिए हरियाणा का बड़ा कदम, औद्योगिक प्लॉट बांटने से लेकर लाइसेंस तक नियम सरल

    निवेश बढ़ाने के लिए हरियाणा का बड़ा कदम, औद्योगिक प्लॉट बांटने से लेकर लाइसेंस तक नियम सरल

    चंडीगढ़
     हरियाणा में कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा अनुपालन का बोझ कम करने का सिलसिला जारी है। आठ प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं, जबकि 14 अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को अगले माह तक लागू कर दिया जाएगा।

    इन सुधारों का उद्देश्य अनावश्यक प्रक्रियाओं, दोहराव वाले अनुमोदनों और अतिरिक्त अनुपालनों को समाप्त कर नागरिकों, उद्यमियों तथा निवेशकों के लिए सेवाओं को अधिक सरल और त्वरित बनाना है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में अनुपालन न्यूनीकरण एवं डीरेगुलेशन अभियान की प्रगति की समीक्षा के बाद हरियाणा की स्थिति की जानकारी दी। राज्य के सुधार एजेंडा में भूमि विनियमन, निर्माण, उपयोगिताओं, औद्योगिक विकास, बिजली, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ईज आफ डूइंग बिजनेस से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चिकित्सा व्यवसायियों के पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) संबंधी आवश्यकताओं को सरल करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित लाइसेंस के लिए एकल नोडल व्यवस्था विकसित की जा रही है। स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से संबंधित सेवाओं को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल के साथ एकीकृत करने का भी प्रस्ताव है। इससे विभिन्न विभागों के स्तर पर होने वाली प्रक्रियाओं को एक सुव्यवस्थित तौर पर संचालित करने में सहायता मिलेगी।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग ने बताया कि व्यवसायों के लिए दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने के हरियाणा के प्रस्ताव को डीरेगुलेशन सेल ने स्वीकृति दे दी है।

    ओवरलैपिंग लाइसेंस, अनुमोदन, एनओसी और परमिट को समाप्त करने से व्यवसायों पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम होगा।

    एकमुश्त पंजीकरण शुरू किया जा चुका है।
    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए स्व-घोषणा, स्थापना-पूर्व अनुमोदन तथा निरीक्षण से संरक्षण की व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य चल रहा है। औद्योगिक क्लस्टरों में अनुमोदन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए एचएसआइआइडीसी तथा हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है।

    तीन हिस्सों में बांटे जा सकेंगे औद्योगिक प्लॉट
    एचएसआइआइडीसी के निदेशक मंडल ने औद्योगिक प्लाटों को अधिकतम तीन प्लाटों में विभाजित करने की अनुमति दी है। हालांकि प्रत्येक परिणामी प्लाट का क्षेत्रफल 450 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए।

    आइएमटी मानेसर के सेक्टर-8 में 4.6 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक श्रमिक आवास का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार इंडस्ट्रियल एस्टेट कुंडली में छह एकड़ क्षेत्र में ऐसी ही सुविधा विकसित की जा रही है।

    पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित ‘सक्षम’ फंड के माध्यम से बुनियादी ढांचे के उन्नयन की योजना है। एचएसआइआइडीसी ने साझा अग्निशमन बुनियादी ढांचे के लिए भी नई नीति जारी की है।

     

  • स्मृति ईरानी को हरियाणा की कमान, BJP ने जारी की प्रभारियों की नई सूची

    स्मृति ईरानी को हरियाणा की कमान, BJP ने जारी की प्रभारियों की नई सूची

    पंचकूला.

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूती देने के उद्देश्य से देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अपने नए प्रभारी और सह-प्रभारी की लिस्ट जारी कर दी है।

    इस नई जिम्मेदारी में पार्टी की फायरब्रांड नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा का नया बीजेपी प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ डॉ. भोला सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मॉडलिंग और टीवी इंडस्ट्री से राजनीति का सफर
    स्मृति ईरानी दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय मल्होत्रा परिवार में जन्मीं। ईरानी ने अपनी पहचान बनाने के लिए एक लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने एक सफल मॉडल और मशहूर टीवी एक्ट्रेस के रूप में अपार लोकप्रियता हासिल की। दूरदर्शन और स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिकों से घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति बाद में भारतीय राजनीति का एक सशक्त चेहरा बनकर उभरीं।

    'सास भी कभी बहू' से मिली पहचान
    स्मृति ईरानी ने 2000 से 2008 के बीच स्मृति ईरानी ने धारावाहिक शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी विरानी की भूमिका अदा की। ईरानी ने एक बार बताया भी था कि उन्हें इस शो में फिट न होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने सपोर्ट रोल अदा किया। इस रोल से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।

  • हिसार के होटलों में रेड से हड़कंप, 22 युवतियों के साथ 19 युवक पकड़े गए

    हिसार के होटलों में रेड से हड़कंप, 22 युवतियों के साथ 19 युवक पकड़े गए

    हिसार.

    जिला पुलिस की तरफ से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में महिला डीएसपी महिला प्रिया शर्मा के नेतृत्व में अर्बन एस्टेट पुलिस थाना की टीम ने माडल टाउन एक्टेंशन वाले क्षेत्र की एक गली में होटल राज और होटल 999 पर छापेमार कार्रवाई की गई।

    इस दौरान पुलिस टीम को होटल राज से नौ युवतियां, आठ युवक और होटल 999 से 13 युवतियां और 11 युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस टीम की तरफ से सभी को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर आवश्यक पूछताछ एवं नियमानुसार कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने देह व्यापार के मामले में होटल 999 के मैनेजर कौथकलां निवासी कुलदीप और होटल राज के मैनेजर कैथल निवासी अंकुश को गिरफ्तार किया।