Category: बिहार

  • जमुई कांड पर सरकार का एक्शन, SIT जांच के बीच BJP बोली- पीड़िता को मिलेगा न्याय

    जमुई कांड पर सरकार का एक्शन, SIT जांच के बीच BJP बोली- पीड़िता को मिलेगा न्याय

    पटना
    जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के सरकार पर हमले के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

    उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में सरकार की नीति स्पष्ट है, न ढिलाई होगी और न समझौता। जमुई मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है और तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है।

    ‘अपराधी कोई भी हो, कानून से ऊपर नहीं’
    सरावगी ने कहा कि जमुई की घटना दुखद और पीड़ादायक है। उनके अनुसार, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की।

    उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है और अपराधी कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निष्पक्ष जांच और कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    पीड़िता को न्याय, दोषियों पर कार्रवाई की बात
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना और उसके परिवार के साथ खड़ा होना सरकार की प्राथमिकता है।

    उन्होंने घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत कड़ी सजा की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

    मंत्री बोले- पुलिस अपना काम कर रही
    बिहार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने भी जमुई घटना पर सरकार की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

    उनके अनुसार, किन धाराओं में कार्रवाई होगी और किसके खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाया जाएगा, यह पुलिस का काम है और पुलिस अपना काम कर रही है।

    ‘सरकार को जानकारी मिलते ही एक्शन’
    मंत्री ने कहा कि जैसे ही सरकार को घटना की जानकारी मिली, कार्रवाई शुरू कर दी गई और पुलिस ने भी कदम उठाया। उन्होंने पुराने पटना के शिल्पी-गौतम मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन करना पड़ा था, जबकि अब सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई। यह बयान सरकार की ओर से जमुई मामले में त्वरित कार्रवाई को रेखांकित करने के रूप में आया है।

    कांग्रेस के प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक दबाव
    उधर, जमुई मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। पार्टी ने 22 सितंबर को राज्य के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। कांग्रेस ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय की मांग उठाई है।

    पुलिस कार्रवाई के साथ बयानबाजी भी तेज
    जमुई मामले में पुलिस कार्रवाई के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा जहां सरकार की त्वरित कार्रवाई और महिला सुरक्षा को लेकर अपना पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष घटना को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।

     

  • जमुई बदसलूकी केस में बड़ा एक्शन, कुंदर बराज में घेराबंदी के दौरान पुलिस फायरिंग; दो आरोपी गिरफ्तार

    जमुई बदसलूकी केस में बड़ा एक्शन, कुंदर बराज में घेराबंदी के दौरान पुलिस फायरिंग; दो आरोपी गिरफ्तार

      जमुई
    जमुई में 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की. वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने कई सुराग जुटाए. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और इसके बाद आरोपियों की तलाश तेज हुई.

    पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई. वीडियो और दूसरी जानकारी के आधार पर कई लोगों की पहचान की गई. नंदन यादव को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया और वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था.

    पुलिस को कुंदर बराज में छिपे होने की सूचना मिली
    नंदन की तलाश में पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी. इसी दौरान मंगलवार तड़के एसआईटी को सूचना मिली कि नंदन यादव कुंदर बराज इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने कुंदर बराज के आसपास पहुंचकर घेराबंदी शुरू की.

    घेराबंदी के बाद क्या हुआ?
    पुलिस के मुताबिक, टीम ने इलाके को घेरा तो नंदन ने वहां से निकलने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की.

    इसी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लगी. उसके साथ मौजूद हरेराम यादव भी घायल हुआ और उसका पैर टूट गया. दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में दोनों का इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है.

    नंदन तक पहुंचने में वीडियो बना बड़ा सुराग
    इस पूरे मामले में वायरल वीडियो जांच की शुरुआत का सबसे अहम सुराग बना. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पहले पीड़ितों को ट्रेस किया, फिर वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान शुरू हुई. इसके बाद नंदन समेत फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी चलती रही.

    नंदन के कुंदर बराज में होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां ऑपरेशन चलाया. पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन किस व्यक्ति या किस तकनीकी माध्यम से मिली. इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    अब जांच में आगे क्या होगा?
    मुठभेड़ के बाद पुलिस अब मामले में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी. पुलिस ने वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है. इसलिए आगे की जांच में इन सभी कड़ियों को जोड़ा जाएगा.

     

  • Air India Express ने दिल्ली-पटना की उड़ानें कीं रद्द, यात्रा से पहले जरूर चेक करें स्टेटस

    Air India Express ने दिल्ली-पटना की उड़ानें कीं रद्द, यात्रा से पहले जरूर चेक करें स्टेटस

     पटना
     दिल्ली और पटना के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी दिल्ली-पटना-दिल्ली उड़ान संख्या IX1346 और IX1348 को 24 से 30 सितंबर 2026 तक रद कर दिया है।

    एयरलाइन की ओर से इसे परिचालन संबंधी कारणों से रद किए जाने की जानकारी दी गई है। इन उड़ानों के रद रहने से इस अवधि में दिल्ली से पटना और पटना से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा।

    उड़ान की स्‍थ‍ित‍ि की जानकारी लेकर ही निकलें
    अचानक उड़ान रद होने से यात्रियों को टिकट बदलने या दूसरी उड़ान में यात्रा की व्यवस्था करने में परेशानी हो सकती है।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से यात्रियों को उड़ान की स्थिति की जानकारी लेकर ही एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है।

    जिन यात्रियों ने 24 से 30 सितंबर के बीच इन उड़ानों में टिकट बुक कराया है, उन्हें एयरलाइन से संपर्क कर आगे की यात्रा के विकल्प की जानकारी लेनी होगी।

     

  • मध्य प्रदेश-हैदराबाद से खातों में आई संदिग्ध रकम, पुलिस जांच में मनी म्यूल एंगल

    मध्य प्रदेश-हैदराबाद से खातों में आई संदिग्ध रकम, पुलिस जांच में मनी म्यूल एंगल

    पटना
     बाढ़ में सामने आए साइबर फ्रॉड के इस मामले में ‘मनी म्यूल अकाउंट’ के इस्तेमाल की आशंका ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 में एक महिला ने अनाज देने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए और बाद में उन खातों से जुड़ा सिम, पासबुक और एटीएम अपने पास रख लिया।

    साइबर अपराध की भाषा में ‘मनी म्यूल’ ऐसे बैंक खाते या खाताधारक को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति की संदिग्ध या अवैध रकम प्राप्त करने, निकालने अथवा आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

    कई मामलों में खाताधारक को यह जानकारी नहीं होती कि उसका खाता साइबर अपराध की रकम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन बैंक रिकॉर्ड में खाता उसके नाम पर होने के कारण जांच की शुरुआती कड़ी उसी तक पहुंचती है।

    25 किलो अनाज मिलने का लालच
    कोंदी पंचायत के सरपंच रूपेश कुमार के अनुसार, वर्ष 2024 में सीता देवी नाम की एक महिला ग्रामीणों के संपर्क में आई थी। आरोप है कि उसने हर महीने 25 किलो अनाज मिलने का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खुलवाए। बताया गया कि करीब 65 लोगों के आधार कार्ड के माध्यम से नए सिम लिए गए और उन्हीं नंबरों से सेंट्रल बैंक तथा केनरा बैंक में सीएसपी के जरिए खाते खुलवाए गए।

    ग्रामीणों का आरोप है कि खाते खुलने के बाद नए सिम, पासबुक और एटीएम भी महिला ने अपने पास रख लिए। शुरुआत में कुछ लोगों को अनाज दिया गया, जिससे ग्रामीणों का विश्वास कायम हुआ। बाद में अनाज मिलना बंद हो गया और खाताधारकों को अपने खातों में होने वाले लेन-देन की जानकारी भी नहीं रही।

    मध्य प्रदेश और हैदराबाद से संदिग्ध पैसे आए
    मामले में हड़कंप तब मचा, जब कुछ खातों में मध्य प्रदेश और हैदराबाद से संदिग्ध रकम आने की जानकारी सामने आई और पुलिस संबंधित खाताधारकों के घर पहुंची। खाताधारकों का कहना है कि उन्हें इन पैसों के स्रोत की जानकारी नहीं थी। इसके बाद बड़ी संख्या में महिला और पुरुष खाताधारक बैंक पहुंच गए और अपने खाते बंद कराने की मांग करने लगे।

    इस पूरे मामले में मनी म्यूल का एंगल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि साइबर अपराध में सीधे अपराधी के खाते के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल रकम प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। इसके बाद रकम को नकद निकालने या दूसरे खातों में भेजने की प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि खाताधारक को इस गतिविधि की जानकारी नहीं है, तब भी जांच में उसके बैंक खाते का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण कड़ी बन जाता है।

    पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
    बैंक प्रबंधन का कहना है कि कोई भी ग्राहक निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक में खाता खुलवा सकता है, लेकिन खाता खुलने के बाद उसे किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए सौंपना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। बैंक का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर फ्रॉड की रकम खाते में आने पर पुलिस सबसे पहले खाताधारक से ही पूछताछ कर सकती है।

    इस मामले में फिलहाल पुलिस के पास आवेदन दिए जाने की जानकारी नहीं है। फिलहाल, जांच का सबसे अहम बिंदु यही होगा कि 65 खातों में रकम भेजने वाले कौन थे, रकम किसने निकाली और इन खातों के पीछे वास्तविक ऑपरेटर कौन था। यदि इन कड़ियों के बीच आपराधिक नेटवर्क स्थापित होता है, तो मनी म्यूल के जरिए बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना की भी जांच की जा सकती है।

  • रांची में पूजा पंडालों पर रहेगी खास नजर, 24 घंटे सक्रिय रहेगा निगम कनेक्ट सेंटर

    रांची में पूजा पंडालों पर रहेगी खास नजर, 24 घंटे सक्रिय रहेगा निगम कनेक्ट सेंटर

    रांची
     दुर्गा पूजा को लेकर रांची नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल, सड़क, शौचालय और विसर्जन समेत श्रद्धालुओं से जुड़ी नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए निगम ने कार्ययोजना तैयार की है।

    सोमवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में निगम सभागार में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें शहर की 176 पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर पूजा से पहले व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्णय लिया गया।

    नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा के दौरान स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। शहर में तीन पालियों में सफाई कराई जाएगी। रात में अतिरिक्त सफाई दल लगाए जाएंगे, ताकि पूजा पंडालों और प्रमुख मार्गों पर भीड़ खत्म होने के बाद तत्काल सफाई हो सके।

    खराब स्ट्रीट लाइट सात दिन में होंगी दुरुस्त
    पूजा के दौरान शहर को रोशन रखने के लिए विद्युत शाखा को खराब पथ बत्तियों की पहचान कर अभियान चलाकर उन्हें दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। अपर बाजार, बड़ा तालाब के आसपास, मेन रोड समेत प्रमुख भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रहेगी।

    ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है। हॉर्टिकल्चर शाखा को सभी प्रमुख पूजा पंडालों और संपर्क मार्गों का निरीक्षण कर सात दिनों के भीतर पेड़ों की डालियों की छंटाई पूरी करने को कहा गया है।

    पंडालों के आसपास गड्ढे भरने और जलजमाव रोकने पर जोर
    अभियंत्रण शाखा को पूजा पंडालों और संपर्क पथों के निरीक्षण के साथ गड्ढों को भरने, सड़क समतलीकरण और आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। जरूरत के अनुसार स्टोन डस्ट और जेएसबी उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। खुले नालों पर स्लैब लगाने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, फागिंग और डाग कैचिंग अभियान चलाने की मांग पूजा समितियों ने बैठक में रखी।

    पानी, चलंत शौचालय और पार्किंग की होगी व्यवस्था
    पूजा समितियों ने पंडालों और प्रमुख मार्गों पर पानी के टैंकर, चलंत शौचालय, पार्किंग, अस्थायी विश्राम गृह और निःशुल्क नगर बस सेवा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विसर्जन स्थलों की विशेष सफाई और खतरनाक स्थानों पर बांस-बल्लियों से घेराबंदी की मांग भी रखी गई।

    निगम की ओर से चिन्हित विसर्जन स्थलों और तालाबों में जरूरत के अनुसार विसर्जन कुंड तैयार कराने तथा सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग करने की तैयारी है।

    व्हाट्सएप से मिलेगी सूचना, 24 घंटे सक्रिय रहेगा कनेक्ट सेंटर
    पूजा समितियों से समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेने के लिए निगम फीडबैक तंत्र तैयार करेगा। समितियां वाट्सऐप नंबर 9431104429 पर अपनी समस्या भेज सकेंगी। पंडालवार समन्वय के लिए वाट्सऐप समूह भी बनाया जाएगा, ताकि संबंधित शाखा को शिकायत भेजकर त्वरित कार्रवाई कराई जा सके।

    वहीं, रांची नगर निगम कनेक्ट सेंटर का नंबर 1800 570 1235 पूजा के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेगा। सफाई, जलजमाव, स्ट्रीट लाइट समेत अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें यहां दर्ज कराई जा सकेंगी।

    बैठक में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक समेत निगम के अधिकारी और विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • वायरल वीडियो से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, जमुई कांड में 3 गिरफ्तार; जहानाबाद केस की याद ताजा

    वायरल वीडियो से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, जमुई कांड में 3 गिरफ्तार; जहानाबाद केस की याद ताजा

    जहानाबाद
    बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्रों के साथ सड़क पर हुई हैवानियत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दोनों 10वीं कक्षा के छात्र हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। कोचिंग के बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। इसके बाद दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। वीडियो में जिस तरह लड़की को घेरकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है, उसने आठ साल पुराने जहानाबाद कांड की यादें भी ताजा कर दी हैं। अप्रैल 2018 में जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के एक समूह ने घेर लिया था। उस घटना को भी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

    2018 के जहानाबाद कांड में क्या हुआ था?
    जमुई की घटना ने अप्रैल 2018 में बिहार के जहानाबाद में हुए एक मामले की याद इसलिए ताजा कर दी क्योंकि वहां भी एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के समूह ने घेर लिया था और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया था।

    30 अप्रैल 2018 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, जहानाबाद जिले में 14 साल की एक लड़की के साथ दिनदहाड़े सड़क पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उसे जबरन निर्वस्त्र करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इसे संभावित दुष्कर्म के प्रयास के तौर पर भी देखा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।

    उस मामले में सात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में तीन 18 साल के युवक थे और एक नाबालिग था। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दो युवक लड़की के साथ दिखाई दे रहे थे, जबकि दो अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

    पुलिस ने उस मामले में एक SIT भी बनाई थी। जहानाबाद के SP और पटना के ASP स्तर के अधिकारियों को जांच में शामिल किया गया था और पटना, गया तथा जहानाबाद में छापेमारी की गई थी। घटना में इस्तेमाल बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया था।

    जहानाबाद में भी वीडियो से खुला था पूरा मामला
    जहानाबाद केस में भी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई वायरल वीडियो के सामने आने के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और बाइक के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।

    उस समय पटना जोन के IG नैयर हसनैन खान ने बताया था कि पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल युवकों ने अपराध को रिकॉर्ड भी किया था। जिस मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया था, उसे भी पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने तब भी वीडियो के गलत इस्तेमाल और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की थी।

    19 सितंबर की शाम जमुई में क्या हुआ?
    ताजा मामला जमुई का है। शहर के रहने वाले 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की ने 19 सितंबर की शाम कोचिंग की कक्षा खत्म की। इसके बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ स्कूटर से गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। पुलिस के अनुसार दोनों एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं और दोस्त हैं।

    घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में शाम करीब 6:30 बजे हुई बताई गई है। सामने आए वीडियो में कई लोग दोनों को घेरते दिखाई देते हैं। पुलिस के मुताबिक लड़की से उसका नाम-पता पूछा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो के कुछ हिस्सों में लड़की को खींचे जाने की बात भी सामने आई है। लड़के को भी समूह ने घेरा और उसके साथ बदसलूकी की। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि घटनाक्रम के दौरान वीडियो भी बनाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को कथित तौर पर यह धमकी भी दी गई कि वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा। बाद में इसी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए।

    पुलिस को दो दिन तक नहीं मिली शिकायत
    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि घटना 19 सितंबर को हुई, लेकिन शुरुआत में पुलिस के पास पीड़ितों की ओर से कोई शिकायत नहीं पहुंची। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, रविवार तक लड़के या लड़की ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके बाद जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ितों तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए और FIR की प्रक्रिया शुरू हुई। यानी इस मामले में पुलिस को घटना की जानकारी किसी मौके पर मौजूद व्यक्ति की शिकायत से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से मिली। इसके बाद पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित SIT कर रही है।

    वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान, तीन गिरफ्तार
    पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने FIR में आरोपियों के नाम नहीं बताए थे। इसके बावजूद वायरल वीडियो की मदद से करीब सात लोगों की पहचान की गई। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे व्यक्ति की भी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यही वजह है कि मामले में POCSO की धाराएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

  • बिहार में सोलर पैनल लगाना हुआ आसान, केंद्र-राज्य से मिलेंगे 98 हजार रुपये तक

    बिहार में सोलर पैनल लगाना हुआ आसान, केंद्र-राज्य से मिलेंगे 98 हजार रुपये तक

     पटना
    अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाले बिहार के 25 हजार परिवारों के लिए मंगलवार का दिन खास है।

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले इन लाभार्थियों को मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना’ का शुभारंभ भी करेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा के फायदे और इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नौ सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ‘सेवा सेतु कैंप’ का निरीक्षण करेंगे और वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद भी करेंगे।

    केंद्र की सहायता के साथ बिहार सरकार भी दे रही अतिरिक्त सहायता
    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

    इसके अतिरिक्त बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। बिहार सरकार 1.1 किलोवाट क्षमता पर 10 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट तक की क्षमता पर अधिकतम 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

    इस प्रकार तीन किलोवाट का रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने वाले पात्र उपभोक्ता को केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर अधिकतम 98 हजार रुपये तक का अनुदान प्राप्त हो सकेगा। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल के बोझ को कम करना है।

  • रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    जमशेदपुर
     स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल हब के रूप में जगह दी गयी है.

    जमशेदपुर की पहचान मुख्य रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और कोर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में दर्ज की गयी है. शहर की औद्योगिक ताकत के बावजूद इसकी वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उछाल नहीं आया. रिपोर्ट में इसके पीछे शहर की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भर होना बताया गया है. आधुनिक आईटी, सर्विस सेक्टर और कॉरपोरेट बेस का विस्तार सीमित रहने का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है.

    स्टील और ऑटो सेक्टर जमशेदपुर की सबसे बड़ी ताकत
    जमशेदपुर लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है. ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में भी इसकी पहचान स्टील, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर हुई है.

    हालांकि, वैश्विक शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है. आईटी, आधुनिक सर्विस सेक्टर, कॉरपोरेट गतिविधियां, मानव पूंजी और दूसरी नयी अर्थव्यवस्थाएं भी शहरों की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. रिपोर्ट में जमशेदपुर की रैंकिंग के संदर्भ में इन्हीं क्षेत्रों के सीमित विस्तार को एक वजह के तौर पर बताया गया है.

    रांची ने 74 पायदान की छलांग लगायी
    इसी रिपोर्ट में झारखंड की राजधानी रांची ने जमशेदपुर की तुलना में रैंकिंग में तेज सुधार दर्ज किया है. रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंची है. रिपोर्ट के अनुसार रांची में रिंग रोड और फोर-लेन हाइवे कनेक्टिविटी, बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, फिनटेक और सरकारी सेवाओं के विस्तार का असर दिखाई दिया है.

    आईआईएम, बीआईटी मेसरा, रिम्स और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी के कारण रांची में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का आधार भी मजबूत हुआ है. इसके अलावा रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में निवेश तथा बड़े महानगरों की तुलना में जमीन, ऑफिस स्पेस और जीवनयापन की कम लागत को भी शहर की प्रगति से जोड़ा गया है.

    रैंकिंग में सुधार के मामले में प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आये हैं. रांची ने इन शहरों से अधिक 74 पायदान की बढ़त दर्ज की है.

    देश के दूसरे शहरों की क्या स्थिति
    बिहार का पटना 783वें स्थान पर है, जबकि गयाजी को 897वीं रैंक मिली है. पटना को मजबूत जनसंख्या और कंजम्पशन ड्रिवन सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है. वहीं, गयाजी को पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण वैश्विक सूची में जगह मिली है.

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता 496वें स्थान पर है. वहीं, आसनसोल 852वें स्थान पर है. आसनसोल कोयला, इस्पात और भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में सूची में शामिल है.

    टॉप-100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर
    रिपोर्ट में भारत के शहरों की वैश्विक मौजूदगी भी मजबूत दिखी है. दुनिया के शीर्ष 100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर शामिल हैं. अमरावती को वैश्विक विकास रैंकिंग में सातवां, सूरत को 11वां और तिरुचिरापल्ली को 13वां स्थान मिला है.

    बेंगलुरु को 'सिटीज टू वॉच' सूची में रखा गया है. 2026 से 2030 के बीच यहां 9.2% सालाना जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया गया है. समग्र इंडेक्स में बेंगलुरु 20 पायदान ऊपर चढ़कर 311वें स्थान पर पहुंचा है.

    मुंबई कॉरपोरेट मुख्यालय के मामले में वैश्विक स्तर पर 23वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली मानव पूंजी के मामले में दुनिया में 13वें स्थान पर है.

  • जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    पटना
     जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी की घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।

    अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, घटना से जुड़े दो दर्जन से अधिक वीडियो फेसबुक और एक्स से टेकडाउन कराए गए हैं।

    नाबालिग की पहचान उजागर करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

    बिहार पुल‍िस ने आमजन से की अपील
    पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों, अकाउंट, पेज और वेबसाइट की पहचान कर रही है, जिन्होंने नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित की है।

    बिहार पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को साझा या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी सूचना संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।

    ऐसे में सवाल है कि यदि किसी नाबालिग से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

    वीडियो वायरल हो तो सबसे पहले क्या करें?
    किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने पर उसे आगे शेयर, रीपोस्ट या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करना चाहिए। इससे वीडियो का प्रसार और बढ़ सकता है।

    यदि किसी अकाउंट से ऐसी सामग्री पोस्ट की गई है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट विकल्प से उसकी शिकायत की जा सकती है। जरूरत होने पर पुलिस या साइबर सेल को भी सूचना दें।

    पीड़िता की पहचान उजागर न करें
    नाबालिग का नाम, चेहरा, पता, स्कूल, परिवार, मोहल्ला या ऐसी कोई अन्य जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।

    POCSO की धारा 23 के तहत मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने पर रोक है। इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या पहचान सामने लाने वाली अन्य जानकारी शामिल है।

    आपात स्थिति में 112 पर करें कॉल
    यदि किसी महिला या बच्चे को तत्काल खतरा है या घटना उसी समय हो रही है तो 112 पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

    जरूरी हेल्पलाइन:
    112 — आपातकालीन पुलिस सहायता
    181 — महिला हेल्पलाइन
    1098 — चाइल्ड प्रोटेक्शन हेल्पलाइन
    1930 — साइबर क्राइम हेल्पलाइन

    यदि किसी नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है तो इसकी शिकायत साइबर अपराध तंत्र को की जा सकती है।

    बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।

    शिकायत करते समय वीडियो को दोबारा सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने के बजाय संबंधित अकाउंट या पोस्ट की जानकारी पुलिस को देना उचित है।

    घटना होने पर तुरंत क्या करें?

    • यदि छेड़खानी या किसी अन्य तरह की बदसलूकी की घटना हो रही है तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें। आसपास मौजूद भरोसेमंद लोगों से मदद लें और आवश्यकता होने पर पुलिस को सूचना दें।
    • किसी तरह की बदसलूकी होने पर घटना को छिपाने के बजाय माता-पिता, अभिभावक या किसी भरोसेमंद वयस्क को तुरंत जानकारी दें। बच्चे को अकेले स्थिति संभालने के लिए मजबूर न करें।
    • घटना की सूचना जल्द देने से पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित डिजिटल सामग्री की जांच करने में मदद मिल सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जानकारी भी पुलिस को दी जा सकती है।
    • किसी संज्ञेय अपराध की स्थिति में क्षेत्राधिकार को लेकर तत्काल सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़िता या उसके अभिभावक पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर पुलिस से जीरो एफआईआर की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
    • अपने स्मार्टफोन में सुरक्षा ऐप्स (जैसे 112 India App) इंस्टॉल रखें, जिसमें पैनिक बटन (Panic Button) की सुविधा होती है।
    • देर शाम या रात के समय अपरिचित या कम रोशनी वाले रास्तों (जैसे पहाड़ियों के पास, सुनसान हाईवे या खाली मैदानों) पर अकेले जाने से बचें।
    • चलते समय हमेशा सतर्क और आत्मविश्वासी दिखें। आस-पास के माहौल पर नज़र रखें ।
    • अपने बैग में सुरक्षा के लिहाज से पेपर स्प्रे (Pepper Spray) या चाबी का गुच्छा जैसी चीजें रखें, जिनका उपयोग आत्मरक्षा में किया जा सके।

    सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वालों पर कार्रवाई
    पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता का चेहरा दिखाने अथवा उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर कानूनी मामला है। पुलिस ऐसे अकाउंट संचालकों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

     

  • पटना में तेजी से बढ़े टाइफाइड के मरीज, PMCH-IGIMS समेत अस्पतालों में बढ़ी भीड़

    पटना में तेजी से बढ़े टाइफाइड के मरीज, PMCH-IGIMS समेत अस्पतालों में बढ़ी भीड़

    पटना
     बारिश और बदलते मौसम के बीच राजधानी में बुखार और संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के साथ टायफाइड और वायरल संक्रमण का प्रकोप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक मरीज टायफाइड जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।

    मरीजों में तेज बुखार, खांसी, कमजोरी और चक्कर के साथ गले में दर्द, सूखी खांसी और जोड़ों में दर्द की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आ रही है।

    पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीज
    पीएमसीएच, आईजीआईएमएस , एनएमसीएच, एम्स पटना और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। इनमें पीएमसीएच में 98, आईजीआईएमएस में 92, एनएमसीएच में 45, एम्स में 58 और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में सात मरीज शामिल हैं।

    अस्पतालों के अनुसार, कुछ समय पहले तक यह संख्या 100 से भी कम थी। कंकड़बाग, बुद्धा कालोनी, राजीव नगर, बोरिंग रोड, गर्दनीबाग, दानापुर, महेंद्रू और नेपाली नगर समेत कई इलाकों में जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हो रहा है। टूटी नालियां, जमा पानी, तालाबों के आसपास उगी घास और गंदगी मच्छरों के पनपने का कारण बन रही है।

    वायरल व डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच
    पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह और आईजीआईएमएस के प्रवक्ता प्रो. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि टायफाइड और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों के लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच कराई जा रही है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने का निर्देश दिया गया है। वायरल बुखार और डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच कराई जा रही है।

    सैंपल पटना सिटी के अगमकुआं स्थित आरएमआरआई सेंटर भेजे जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को प्री-जांच और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बारिश और जलजमाव के कारण बैक्टीरिया तथा मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में लगातार बुखार, खांसी या शरीर में दर्द रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है

    टाइफाइड से बचाव के लिए रखें सावधानी

    • साफ और उबला हुआ या सुरक्षित पानी ही पिएं।
    • खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
    • खाना खाने और शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
    • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
    • बुखार रहने पर खुद से एंटीबायोटिक दवा न लें।
    • चिकित्सक की सलाह पर जांच और उपचार कराएं।
    • घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन नहीं हो सके।