Category: बिहार

  • गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की सेहत में गिरावट, IGIMS से PMCH कराया गया शिफ्ट

    गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की सेहत में गिरावट, IGIMS से PMCH कराया गया शिफ्ट

    पूर्णिया 

    बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद हिरासत में लिया और पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें IGIMS अस्पताल लाया गया, जहां बताया गया कि उन्हें लंबे समय तक स्ट्रेचर लेटाया गया और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया. बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया.

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने मामले से जुड़ी है. यह केस गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लेकर सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया और यह तथ्य किराए के समय छुपाया गया.

    अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. इसके बाद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दिया और कार्रवाई तेज हो गई.

    पप्पू यादव का पुलिस पर आरोप

    गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना था कि वे सीधे कोर्ट जाएंगे और पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और उन्हें लगा जैसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा हो.

    तीन दशक पुराने मामले पर पप्पू यादव हुए अरेस्ट

    फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है. करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में हुई ताजा कार्रवाई को राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.

  • बैठक में प्रमोशन, पोस्टिंग जैसे हुए अहम फैसले, राजस्व कर्मचारी काम पर लौटे

    बैठक में प्रमोशन, पोस्टिंग जैसे हुए अहम फैसले, राजस्व कर्मचारी काम पर लौटे

    पटना.

    बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और वे शुक्रवार से काम पर लौट आए. उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा के साथ बैठक के बाद बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने फैसला लिया कि सभी अधिकारी शुक्रवार से काम पर लौट जायेंगे. उन सभी की मांगों पर उपमुख्यमंत्री ने विचार का आश्वासन दिया है.

    विजय सिन्हा ने बैठक में लिया फैसला
    साथ ही विजय सिन्हा ने यह भी कहा है कि प्रतिभा का सम्मान किया जाएगा. मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया. राजस्व सेवा के अधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर दो फरवरी 2026 से सामूहिक अवकाश पर थे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की मांग पर विचार किया जाएगा.

    12 फरवरी को जारी होगी अधिसूचना
    बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अब बिहार प्रशासनिक सेवा के नहीं बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारी ही डीसीएलआर बनेंगे. बैठक के दौरान जो कुछ भी बातचीत हुई, इसे लेकर अधिसूचना 12 फरवरी को जारी की जाएगी.

    बैठक में और क्या-क्या लिए गए फैसले?

    1. राजस्व सेवा के अफसरों का सेकंड प्रमोशन डीसीएलआर के पद पर होगा.
    2. फिलहाल जो डीसीएलआर हैं, उनका इस पद पर पोस्टिंग नहीं होगी.
    3. अनुमंडल राजस्व अधिकारी के जिम्मे में सर्वे से जुड़े काम होंगे.
    4. डीसीएलआर के 11 पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारी तैनात होंगे.
  • पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा, बिहार में मौसम का यू-टर्न

    पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा, बिहार में मौसम का यू-टर्न

    पटना.

    राज्य के मौसम में बदलाव जारी है। दिन में धूप निकलने के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। जबकि, रात में ठंड सता रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भागों के आठ जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में घना कोहरे का प्रभाव बन रहेगा।

    पटना सहित आसपास इलाकों में हवा की गति 40 किमी प्रतिघंटा रहने के साथ सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। एक से दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है। 

    तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार
    तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार हैं। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सिवान (जीरादेई) एवं 14.1 डिग्री सेल्सियस राजधानी का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 10 वर्षों के दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। दो सौ मीटर के साथ वाल्मीकि नगर में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क बने होने के साथ सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना रहा।

    प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
    शहर     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C)

    पटना     24.8     14.1
    गया जी     25.6     11.6
    भागलपुर     25.5     12.8
    मुजफ्फरपुर     23.4     13.6

  • चोली-भौजी जैसे गाने होंगे बंद, बिहार में सम्राट चौधरी का आदेश, FIR दर्ज होगी

    चोली-भौजी जैसे गाने होंगे बंद, बिहार में सम्राट चौधरी का आदेश, FIR दर्ज होगी

    पटना 

    बिहार में अश्लील गाना बजाने पर अब कार्रवाई होगी. अगर कोई इसे हल्के में लिया तो ऐक्शन तय है. सार्वजनिक जगहों पर दोहरे अर्थ वाले अश्लील गाना बजाने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है. यह आदेश बिहार के डिप्टी सीएम सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने दिया है. उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. 
    आदेश का पालन नहीं किया तो जाना पड़ेगा जेल

    डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी है कि बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा या सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली या अन्य भाषाओं के गाने बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में अब साफ हो गया है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वालों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.
    समाज और बच्चों पर पड़ता है बुरा प्रभाव

    इस विषय पर सम्राट चौधरी का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर बजने वाले अश्लील गानों से समाज व बच्चों को बुरा प्रभाव पड़ता है. इन अश्लील गाने से न केवल महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में फूहड़ता को भी बढ़ावा मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों पर इन गानों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनके मानसिकता पर गलत असर पड़ रहा है. इसके अलावा महिला के सुरक्षा के लिए भी अश्लील गानों पर लोग लगाना अनिवार्य हो गया है.
    सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश

    सम्राट चौधरी ने अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ  पुलिस को सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

    बता दें कि बिहार में खास कर भोजपुरी भाषा में दो अर्थ वाले गाने सुनने को मिल जाते हैं. लिखने वाले चोली-भौजी जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर गाना लिख देते हैं और पटना में कुकुरमुत्ते की तरह खुले स्टूडियो में इसकी रिकॉर्डिंग हो जाती है. ऐसे में अगर लोग इस तरह के गानों को सुनना बंद कर दें तो इस पर रोक लग सकती है. अब देखना होगा कि नए आदेश का बिहार में कितना असर होता है.

  • मजदूरी विवाद में बढ़ा तनाव, बिहार में 200 ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज

    मजदूरी विवाद में बढ़ा तनाव, बिहार में 200 ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज

    दरभंगा 

    दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में मजदूरी भुगतान के विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है. इसी विवाद के बाद गांव के ब्राह्मण समुदाय के 200 से अधिक लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है जिसमें नामजद अभियुक्त बनाए गए हैं. मामले में अब तक 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    गांव के ही एक दलित परिवार ने आरोप लगाया कि घर के निर्माण कार्य के लिए की गई मजदूरी की लगभग ₹2.5 लाख की राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसको लेकर गांव में 30 जनवरी को पंचायत भी हुई थी लेकिन मामला नहीं सुलझा. इसी बात को लेकर 31 जनवरी दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और फिर मारपीट की घटना सामने आई.

    गौरतलब है, 30 जनवरी को ही ब्राह्मणों के तरफ से पुलिस में शिकायत भी की गई थी लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. SC ST समुदाय के लोगों ने शिकायत में जातीय गालियों और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.

    जो गांव में नहीं रहते उन पर भी FIR 

    पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत में 70 लोगों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराए, जबकि 140 से अधिक “अज्ञात” का उल्लेख किया. इस आधार पर पुलिस ने गांव के बड़े हिस्से खासकर ब्राह्मण समुदाय को FIR में शामिल कर लिया. चौंकाने वाली बात यह है कि कई ऐसे नाम भी FIR में हैं जो वर्षों से गांव में रहते ही नहीं हैं, जिसके बाद मामला और विवादित हो गया है.

    अब तक 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति न बने. पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और 'साक्ष्य के आधार पर ही आगे गिरफ्तारी होगी.'

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
    गांव के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक आर्थिक विवाद था, लेकिन इसे जातीय रंग देकर पूरे समुदाय पर मुकदमा कर दिया गया. कई लोगों ने FIR में शामिल किए गए नामों पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि “बिना जांच के सामूहिक रूप से नाम जोड़ दिए गए.” 

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “मामला गंभीर है. SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत की जांच की जा रही है. किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.”दरभंगा पुलिस लगातार दोनों पक्षों से बयान ले रही है और घटना से जुड़े वीडियो व अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है. प्रशासन स्थिति शांत बनाए रखने के लिए गांव में राउंड लगाता रहा.

     

  • बिहार में योजना आकार हुआ दोगुना, मद्य निषेध और रजिस्ट्रेशन विभाग का बजट बढ़ा

    बिहार में योजना आकार हुआ दोगुना, मद्य निषेध और रजिस्ट्रेशन विभाग का बजट बढ़ा

    पटना.

    बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. सरकार का कहना है कि वह सभी वर्गों का सम्मान करते हुए लोगों का जीवन आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है. इस बार बिहार का बजट 3 लाख 47 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी बड़ा है. सरकार के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और बिहार भी दूसरे राज्यों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है.

    1.  2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल से करीब 30,694 करोड़ ज्यादा है. बजट का मकसद बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत और हर क्षेत्र में विकसित राज्य बनाना है. केंद्र सरकार से मिले सहयोग से राज्य की कई विकास योजनाओं को गति मिली है.
    2. सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है. योजना का फोकस प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना, 1 करोड़ रोजगार देना और महिलाओं को सशक्त बनाना है.
    3.  1.56 करोड़ से ज्यादा महिलाओं वाले स्व-सहायता समूहों को पहले 10,000 रुपये मिल चुके हैं, आगे कारोबार बढ़ाने के लिए 2 लाख तक मदद मिलेगी.
    4.  अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना है. कृषि, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है.
    5. हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर जोर है. जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा, ताकि बेहतर इलाज जिले में ही मिल सके.
    6. 5 नए एक्सप्रेस-वे और बिजली ढांचे के विस्तार से बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी. शहरी गरीबों के लिए बड़ी संख्या में बहुमंजिला पक्के घर बनाए जाएंगे.
    7. बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म-मृत्यु जैसी सुविधाएं देने की योजना है.
    8. 2004-05 में 23,885 करोड़ से बढ़कर बजट अब 3.47 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता दिखाता है. कुल खर्च में 35.14% राजस्व और 64.86% पूंजीगत व्यय है, यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर. पुराने कर्ज चुकाने के लिए 22,664.83 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
    9. कुल कर राजस्व 2,85,277.12 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. राज्य अपने करों से करीब 65,800 करोड़ रुपये कमाएगा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा GST का होगा.
    10. बजट में राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये (लगभग 2.99%) है, जो तय सीमा के अंदर है.
  • बिहार के अरवल में मेडिकल कॉलेज की घोषणा, की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

    बिहार के अरवल में मेडिकल कॉलेज की घोषणा, की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

    अरवल.

    बिहार सरकार ने आम बजट पेश किया है जिसमें प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की प्रावधान लाया है। जिले में 64 पंचायत हैं, सभी पंचायत में मॉडल स्कूल के होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को निजी स्कूल के जैसा शिक्षा सरकारी स्कूल में मिलेगा।

    सरकार ने डिजिटल शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी किया है। डिजिटल शिक्षा मिलने से विद्यार्थी घर पर ही स्कूल के सिलेबस मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ सकेंगे। जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा सरकार ने की है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से जिलेवासियों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। अभी जिले भर में कहीं भी ट्रामा सेंटर या फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की घोषणा
    इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार का निर्माण का भी घोषणा इस बजट में हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। शहरी क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज की और राष्ट्रीय मानक के अनुसार ठोस कचड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने का भी बजट पास हुआ है। अरवल नगर परिषद में सीवरेज और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था हो जाएगी, जिससे शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा। प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण होने से बेरोजगार रोजगार करने के लिए कला सीखेंगे जिससे पलायन रुकेगा। बजट को लेकर आम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।

        इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल विद्यालय की स्थापना करने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर में सुधार होगा।
    -चंदन कुमार

        ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा देने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को बच्चे अच्छी तरह और जल्दी समझ लेंगे, साथ ही स्कूल का सिलेबस ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
    -अरविंद कुमार

        प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। युवा को स्किल देखकर रोजगार देने की भी बात कही गई है। इस केंद्र की स्थापना हो जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा जिससे पलायन रुकेगा।
    -यशवंत कुमार

        इस बजट के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिससे जिलेवासियों को बड़ा राहत मिलेगा।
    -सुषमा कुमारी

        स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार विकसित करने का घोषणा किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। किसान उचित दाम पर अपना उत्पाद बाजार में बेच सकेंगे।
    -गुड़िया देवी

        शहरी क्षेत्र में सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने की बात इस बजट में कही गई है। शहर में कचरा प्रबंधन और सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। यह दोनों व्यवस्था हो जाने पर शहर साफ और सुंदर दिखेगा।
    -अन्नू कुमारी

  • कानूनी शर्तों के साथ ली शपथ, जेल से एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह

    कानूनी शर्तों के साथ ली शपथ, जेल से एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह

    पटना.

    बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें बेऊर जेल से एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया। शपथ ग्रहण के दौरान विधानसभा परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरे कार्यक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी रही। किसी भी तरह की भीड़ को अनुमति नहीं दी गई।

    बिना शपथ पत्र पढ़े दिलाई गई शपथ
    अनंत सिंह ने शपथ पत्र पढ़े बिना ही विधायक पद की शपथ ली। शपथ पूरी होते ही वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके माथे पर लगे तिलक के बारे में भी पूछा। इसके बाद अनंत सिंह अपनी निर्धारित सीट पर जाकर बैठ गए। सदन में मौजूद सदस्य यह दृश्य देखते रहे।

    तबीयत खराब होने का दिया हवाला
    मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण शपथ लेने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही वे विधानसभा पहुंचे हैं। अनंत सिंह ने साफ कहा कि जेल से बाहर आना उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जज साहब चाहेंगे, तभी वे जेल से बाहर आएंगे। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।

    कोर्ट ने सिर्फ शपथ के लिए दी इजाजत
    पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ। हालांकि कोर्ट ने उन्हें केवल शपथ लेने की ही अनुमति दी है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। शपथ समारोह के अलावा किसी भी अन्य गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। शपथ के बाद उन्हें वापस बेऊर जेल भेजा जाएगा। वे दोबारा न्यायिक हिरासत में रहेंगे।

    विधानसभा परिसर छावनी में तब्दील
    अनंत सिंह को जेल से विधानसभा तक लाने और वापस ले जाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एस्कॉर्ट वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम को तैनात किया गया था। विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। समर्थकों के किसी भी तरह के जमावड़े पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की गई।

    हाईकोर्ट में जमानत पर अब भी इंतजार
    अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। सिविल कोर्ट से उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने 24 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिस पीठ में मामले की सुनवाई सूचीबद्ध हुई थी, उस कोर्ट के जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इस मामले को दूसरी पीठ में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। जमानत पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है।

    संविधान के तहत शपथ लेना था जरूरी
    संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार हर विधायक को पदभार संभालने से पहले शपथ लेना अनिवार्य है। शपथ लिए बिना कोई विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकता। शपथ तक विधायक को वेतन और भत्ते का भी अधिकार नहीं मिलता। अनुच्छेद 193 के तहत बिना शपथ सदन में शामिल होने पर जुर्माने का प्रावधान है। इसी कारण अनंत सिंह के लिए शपथ लेना जरूरी था। शपथ के साथ उनकी सदस्यता औपचारिक रूप से पूरी हो गई।

    मोकामा से बड़ी जीत के बाद शपथ
    अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। अनंत सिंह को कुल 91,416 वोट मिले थे। राजद की प्रत्याशी वीणा देवी दूसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें 63,210 वोट प्राप्त हुए थे। जीत के बाद अनंत सिंह शपथ न ले पाने के कारण सदन से बाहर थे। मंगलवार को शपथ लेने के साथ ही उनकी विधायकी औपचारिक रूप से शुरू हो गई।

  • 462 पदों के लिए आवेदन कल से शुरू, बिहार पुलिस रेडियो में एएसआई की होगी भर्ती

    462 पदों के लिए आवेदन कल से शुरू, बिहार पुलिस रेडियो में एएसआई की होगी भर्ती

    पटना.

    बिहार पुलिस में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर आया है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने बिहार पुलिस रेडियो (वितंतु) संवर्ग में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के 462 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू होगी और चार मार्च तक चलेगी। पुरुष, महिला और मंगलामुखी सभी श्रेणी के अभ्यर्थी इस भर्ती में आवेदन कर सकेंगे।

    शैक्षणिक योग्यता और पात्रता तय
    इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से भौतिकी विषय के साथ विज्ञान में स्नातक (बीएससी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा। आयोग ने साफ किया है कि शैक्षणिक योग्यता की जांच सभी चरणों में की जाएगी।

    ऊंचाई और शारीरिक मानकों का निर्धारण
    भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक मानकों को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। अनारक्षित और पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेंटीमीटर तय की गई है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह मानक 160 सेंटीमीटर रखा गया है। सभी वर्गों की महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 155 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है।

    तीन चरणों में होगी पूरी चयन प्रक्रिया
    एएसआई भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 100 अंकों का एक प्रश्न पत्र होगा। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक विषयों से 40 प्रश्न और भौतिकी से 60 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी और प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। 30 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए अयोग्य माने जाएंगे।

    मुख्य परीक्षा में दो प्रश्न पत्र
    प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य परीक्षा में पहला प्रश्न पत्र सामान्य भाषा ज्ञान का होगा, जिसमें सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी से 50-50 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। यह परीक्षा इंटरमीडिएट स्तर की होगी और डेढ़ घंटे की होगी। इसमें न्यूनतम 30 अंक लाना अनिवार्य होगा, हालांकि इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाएंगे। दूसरा प्रश्न पत्र स्नातक स्तर की भौतिकी का होगा, जिसमें 100 अंकों के 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि तीन घंटे की रहेगी।

    नेगेटिव मार्किंग और शारीरिक दक्षता परीक्षा
    प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक काटे जाएंगे। मुख्य परीक्षा के भौतिकी प्रश्न पत्र में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। इसके आधार पर रिक्तियों के अधिकतम पांच गुना अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। तीसरे चरण की यह परीक्षा अर्हक प्रकृति की होगी, जिसमें कोई अंक नहीं दिए जाएंगे, लेकिन सभी मानकों में सफल होना अनिवार्य होगा।

    युवाओं के लिए बड़ा मौका
    बीपीएसएससी की यह भर्ती बिहार पुलिस में तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। आयोग ने अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन करने और आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके।

  • मोदी सरकार से खुश हुए तेजप्रताप, 10 में 10 अंक देकर कहा- लालू यादव का दौर अब समाप्त

    मोदी सरकार से खुश हुए तेजप्रताप, 10 में 10 अंक देकर कहा- लालू यादव का दौर अब समाप्त

    पटना

    लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) चीफ तेजप्रताप यादव अक्सर चर्चा में रहते हैं। बेबाक अंदाज और बेबाक बात तेजप्रताप यादव की पहचान रही है। अब एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर बड़ी ही बेबाकी से अपनी बातें रखी हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा है कि अब लालू राज खत्म हो गया है। तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 में से दस नंबर दिए और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी खुलकर अपनी राय रखी है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तेजप्रताप यादव ने अपनी बात रखी है।

    यूट्यबूर प्रियंका शर्मा के साथ एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। जब तेजप्रताप यादव से पूछा गया कि बिहार चुनाव में राजद के 25 सीटों पर सिमट जाने की एक वजह यह भी है कि आप अलग हो गए? इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि जब कृष्ण का सम्मान नहीं होगा तो यहीं हश्र होगा। हम मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं। जब मान-सम्मान नहीं होगा तो हम अलग हो गए और हमने अपनी अलग लकीर खींच ली। हमारा रास्ता अलग हो गया।

    बिहार में चुनाव के वक्त टिकट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर पैसे मांगने के आरोप भी लगे थे। इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि हां, तो ऐसा जयचंदों ने किया होगा। तेजप्रताप यादव ने जयचंदों का नाम बताने से इनकार किया और कहा कि 5-6 जयचंद हैं। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि जयचंद कौन हैं। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि अभी भी वो (जयचंद) परिवार के अंदर है। आपका राजनीतिक सलाहकार परिपक्व होना चाहिए।
    तेजस्वी के विदेश दौरे पर क्या बोले तेजप्रताप

    बिहार चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर जाने को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमारी पार्टी हारी तो हमने तुरंत समीक्षा बैठक की थी। उनको भी उस समय समीक्षा बैठक करनी चाहिए थी। तेजप्रताप यादव ने राजद की हार पर कहा कि हार की वजह वहीं 5-6 लोग (जयचंद) हैं। आपका दुश्मन बाहर नहीं है घर में ही है। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें बड़े भाई होने का जितना कर्तव्य निभाना था उन्होंने निभा दिया।
    बहन रोहिणी और मां राबड़ी पर भी बोले तेजप्रताप

    अपनी मां राबड़ी देवी को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि वो अपनी मां का आशीर्वाद लेने उनके घर गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उस दिन उनसे घऱ वापस लौटने के लिए कहा था जिसके बाद उन्होंने कहा था कि हमने अलग लाइन बना ली है और हम आगे निकल चुके हैं। बस आपका आशीर्वाद चाहिए। रोहिणी आचार्य को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि बहन के आरोप लगाने के बाद उनकी बातचीत बहन से हुई थी। वो काफी भावुक थीं और उन्होंने कहा था कि उनके साथ ऐसी बातें हुई हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनकी बहन रोहिणी बहुत अच्छी हैं उन्होंने पिता को किडनी दी थी।
    लालू यादव का राज खत्म

    तेजप्रताप यादव ने कहा कि वो परिवार से दूर रहते हैं और परिवार को मिस करते हैं। इस इंटरव्यू में जब तेजप्रताप यादव से कहा गया है कि आप राजा के बेटे हैं लेकिन आपके शौक सब मिडिल क्लास वाले ही हैं। इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा-प्रजा कुछ नहीं है। क्या राजा, क्या प्रजा। राजा गए उनका राज चला गया। राजा-प्रजा का कोई बात नहीं है।
    पीएम मोदी को 10 में से 10 नंबर – तेजप्रताप

    तेजप्रताप यादव से जब इस साक्षात्कार में कहा गया कि नरेंद्र मोदी को जब आपको प्रधानमंत्री पद और उनके कामों के लिए 10 में से नंबर देने हों तो आप कितने नंबर देंगे? इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि 10 में से हम उनको 10 देंगे। वो पूजा-पाठ करते हैं और हम भी पूजा-पाठ करते हैं तो हम उनको दस ही ना देगे। अगर वो पूजा नहीं कर रहे होते तो हो सकता है कि हम उनका नंबर काट देते। इसी के साथ सीएम नीतीश को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है सिर्फ बुर्का वाले विवाद की वजह से एक वीडियो वायरल हुआ था।