Category: खेल

  • घुटने की चोट के बावजूद पिंकी का कमाल, कुराश में ब्रॉन्ज जीतकर रचा इतिहास

    घुटने की चोट के बावजूद पिंकी का कमाल, कुराश में ब्रॉन्ज जीतकर रचा इतिहास

     नई दिल्ली
    एशियन गेम्स-2026 में भारत के लिए सोमवार को पिंकी बलहारा ने कुराश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस मेडल के साथ ही पिंकी ने इतिहास रच दिया। पिंकी को महिलाओं की 78 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल मैच में साउथ कोरिया की सुमिन मो के हाथों 0-5 से हार झेलनी पड़ी और इस तरह उनके हिस्से ब्रॉन्ज मेडल आया।

    ये पिंकी का एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने जकार्ता में साल 2018 में हुए एशियन गेम्स में 52 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल अपने नाम किया था। इस बार मेडल जीतते हुए पिंकी ने इतिहास रच दिया। वह कुराश में एशियन गेम्स में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

    ऐसा रहा सफर
    प्री क्वार्टर फाइनल में पिंकी को बाय मिली थी और इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गारम लिन को 3-0 से मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया था। सेमीफाइनल में अगर वह जीत जातीं तो गोल्ड की दावेदार होतीं। इस जीत के बाद पिंकी ने कहा कि वह घुटने के दर्द से परेशान थीं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में पिंकी के हवाले से लिखा है, "क्वार्टर फाइनल मैच में मैं चोटिल हो गई थी। मुझे घुटने में चोट लगी थी। क्वार्टर फाइनल में भी मेरे सामने कोरियाई खिलाड़ी थी। इसलिए सेमीफाइनल में मेरी विरोधी जानती थी कि मुझे दाएं घुटने में चोट लगी है।"

    दिल्ली के नेब सराय की रहने वाली पिंकी ने कहा, "मैं अटैक कर रही थी, लेकिन वह मेरे घुटने पर बार-बार मार रही थीं। इसलिए मैं पेनल्टी पर हार गई। 78 किलोग्राम में मेरा दूसरा टूर्नामेंट है। इससे पहले मैं मई में उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में इस कैटेगरी में खेली थी।"

    नौ साल की उम्र में शुरू किया था सफर
    पिंकी मुनिरका में बाबा गंगा नाथ जूडो और कुराश अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं जिसके उनके मामा और जाने-माने कोच समुंदर टोकस चलाते हैं। नौ साल की उम्र में पिंकी ने कुराश खेलना शुरू किया था।

    क्या है कुराश खेल?
    कुराश मार्शल आर्ट की एक पुरानी विधा है जो सेंट्रल एशिया खासकर उज्बेकिस्तान में होती है। इसे दो खिलाड़ी खेलते हैं जिनमें से एक हरी जैकेट पहनता है तो दूसरा नीली। इसमें टारगेट दूसरे खिलाड़ी को जमीन पर गिराना होता है। अगर पीठ के बल गिरा दिया जाता है तो गिराने वाले को जीत दे दी जाती है। अगर साइड से गिराया जाता है तो अंक मिलते हैं। अगर पेट के बल या साइड से गिराया जाता है तो कम अंक मिलते हैं। जिसके ज्यादा अंक होते हैं वही खिलाड़ी जीतता है।

     

  • 38-38 के स्कोर पर हुआ फैसला, शूटऑफ में ईशा सिंह ने जीता सिल्वर

    38-38 के स्कोर पर हुआ फैसला, शूटऑफ में ईशा सिंह ने जीता सिल्वर

    नागोया
    एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह ने सिल्वर मेडल जीत लिया है। महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल इवेंट में उन्होंने 38 का स्कोर हासिल किया। गोल्ड मेडल जीतने वाली चीनी खिलाड़ी का भी स्कोर 38 ही था, लेकिन शूटऑफ में बेहतर प्रदर्शन करने पर उन्हें गोल्ड मेडल दिया गया। इस इवेंट में ईशा के अलावा मनु भाकर और राही भी थीं, लेकिन दोनों क्वालिफाइंग राउंड में ही बाहर हो गईं। ऐसे में भारत की पूरी उम्मीदें ईशा पर ही थीं और उन्होंने साबित किया कि वह अकेले ही देश की उम्मीदों का बोझ उठा सकती हैं। वह एशियन गेम्स में पहले भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

    चौथे नंबर पर खिसकने के बाद की वापसी
    फाइनल राउंड में ईशा ने शानदार शुरुआत की, लेकिन तीसरे सेट में चीनी शूटर से पीछे हो गईं। इसके बाद उनकी लय बिगड़ी और वह चौथे स्थान पर खिसक गईं। यहां से उन्होंने दमदार वापसी की और 9 सीरीज के बाद उनका स्कोर कोरिया की खिलाड़ी के बराबर था। दोनों ने 34 अंक हासिल किए थे। ऐसे में शूटऑफ के जरिए ब्रान्ज मेडल के विजेता का फैसला हुआ। यहां ईशा ने जीत हासिल की और कोरियाई खिलाड़ी को कांस्य पदक दिया गया।

    गोल्ड के लिए कांटे की टक्कर
    ईशा ने अपनी आखिरी सीरीज में 5 में से 4 निशाने सही लगाए। वहीं, चीनी खिलाड़ी 3 शॉट ही लगा सकी। दोनों का स्कोर 38-38 पर बराबर हो गया। इसके बाद शूटऑफ में ईशा को हार का सामना करना पड़ा और चीनी खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल जीता। हालांकि, ईशा ने जिस तरह का प्रदर्शन किया। उसके बाद इस सिल्वर मेडल से उन्हें गोल्ड जीतने से कम खुशी नहीं हो रही होगी।

    मुश्किल से फाइनल राउंड में पहुंची थीं
    इस इवेंट के क्वालिफाइंग राउंड में ही मनु भाकर और राही बाहर हो गई थीं। इस इवेंट में कुल 44 शूटर्स ने हिस्सा लिया था। केवल टॉप आठ शूटर्स को ही फाइनल के लिए क्वालिफाई करना था। ईशा ने आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। यहां भी उनका स्कोर चीनी ताइपे की येन-चिंग चेंग के साथ 580 प्वाइंट्स पर बराबर था, लेकिन ज्यादा 'बुल्सआई' हिट करने के कारण वह फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं। ईशा ने 22x हिट किए थे, जबकि चेंग ने 20x स्कोर किया था।

  • शूटिंग में भारत को झटका, मनु भाकर क्वालिफिकेशन से बाहर; ईशा सिंह फाइनल में

    शूटिंग में भारत को झटका, मनु भाकर क्वालिफिकेशन से बाहर; ईशा सिंह फाइनल में

    नई दिल्ली
     एशियाई खेल 2026 के 10वें दिन भारत के लिए निशानेबाजी के मैदान से मिली-जुली खबरें आई हैं। महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्तौल स्पर्धा में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर क्वालिफिकेशन राउंड से ही बाहर हो गई हैं। वहीं, भारत की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 8 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर पदक की उम्मीदों को जीवित रखा है।

    मनु भाकर का निराशाजनक अभियान
    टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीद के रूप में उतरीं मनु भाकर क्वालिफिकेशन में केवल 579 अंक ही जुटा सकीं, जो उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। वे 11वें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह एशियन गेम्स मनु के लिए बेहद निराशाजनक रहा, इससे पहले वे महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्तौल इवेंट में भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं और 5वें स्थान पर रही थीं। इस तरह मनु इस बार बिना किसी पदक के स्वदेश लौटेंगी।

    ईशा सिंह फाइनल में, राही सरनोबत की चूक से टूटा टीम मेडल का सपना
    ईशा सिंह ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाते हुए कुल 580 अंक हासिल किए और आठ खिलाड़ियों के फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। भारत महिलाओं की टीम स्पर्धा में पदक जीतने की मजबूत स्थिति में था, लेकिन राही सरनोबत का निशाना अहम मौके पर चूक गया। सरनोबत ने चौथी सीरीज में महज 39 अंक का बेहद खराब स्कोर किया, जिसके बाद भारत की पोडियम पर जगह बनाने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।

  • IND vs AFG: बारिश बनी विलेन, बिना खेले सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

    IND vs AFG: बारिश बनी विलेन, बिना खेले सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

     निशिन

    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में सोमवार (28 सितंबर) को भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान से होना था. लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड ने पूरा खेल बिगाड़ दिया. निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने वाले इस मुकाबले को बिना टॉस कराए ही रद्द करना पड़ा। 

    इसी के साथ ही भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई. भारतीय टीम बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंची है. बता दें कि भारत आईसीसी की टी20 रैंकिंग में पहले और अफगानिस्तान 10वें नंबर पर है. भारतीय टीम 1 अक्टूबर को इसी मैदान पर सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगी। 

    भारत का किससे होगा सेमीफाइनल?
    सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले तीसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा. इससे पहले पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग का भी क्वार्टर फाइनल मैच धुल गया था, जिसके चलते पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई थी. पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश या मलेशिया से खेलेगी। 

    बता दें कि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. वहीं नेपाल, जापान, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, मलेशिया और ओमान को ग्रुप मुकाबले खेलने पड़े थे. ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था. वहीं ग्रुप-बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने अंतिम-8 में जगह बनाई थी। 

    एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट मैचों के शेड्यूल
    28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हॉन्ग कॉन्ग, बेनतीजा
    28 सितंबर- भारत बनाम अफगानिस्तान,
    29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे
    29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10.00 बजे
    1 अक्टूबर- पहला सेमीफाइनल (पाकिस्तान vs TBC), सुबह 5.30 बजे
    1 अक्टूबर- दूसरा सेमीफाइनल (भारत vs TBC), सुबह 10.00 बजे
    3 अक्टूबर- ब्रॉन्ज मेडल मैच, सुबह 5.30 बजे
    3 अक्टूबर- फाइनल (गोल्ड मेडल मैच), सुबह 10.00 बजे

    अफगानिस्तान का स्क्वॉड: मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, करीम जनत, फैसल शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), दरविश रसूली (कप्तान), नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्ला अहमदजई, फरीदून दाऊदजई, अरब गुल, इस्मत आलम, फरमानुल्लाह सफी, खालिद तानिवाल और इमरान मीर.

    भारत का स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, जसप्रित बुमरा, वॉशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर, वैभव सूर्यवंशी और विप्रज निगम.

  • तिरुवनंतपुरम ODI में कोहली का जलवा, शतक के साथ बने 10 बड़े रिकॉर्ड

    तिरुवनंतपुरम ODI में कोहली का जलवा, शतक के साथ बने 10 बड़े रिकॉर्ड

     तिरुवनतंपुरम

    भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाए थे, लेकिन विराट कोहली और शुभमन गिल के शतकों ने भारत के लिए लक्ष्य आसान कर दिया। कोहली ने नाबाद 139 और गिल ने 113 रन की पारी खेली।

    8 विकेट से जीता भारत
    भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार जीत दर्ज की। तिरुवनंतपुरम में खेले गए मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। विराट कोहली 139 और गायकवाड़ 13 रन बनाकर नाबाद रहे। विराट कोहली ने 42वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो छक्के जड़कर भारत को जीत दिला दी। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद बाकी रहते 296 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।

    वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स ने 101 और जॉन कैंपबेल ने 62 रन बनाए। भारत के लिए कुलदीप यादव ने चार विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 42 ओवर में दो विकेट पर 296 रन बनाकर मैच जीत लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 113 रन की शानदार पारी खेली। वहीं विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए। कोहली ने अपनी पारी में 10 चौके और नौ छक्के लगाए। रोहित शर्मा ने भी 32 रन बनाए।

    विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम ओडीआई में तूफानी शतकीय पारी खेल रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. आइए उन रिकॉर्ड्स और कीर्तिमानों पर एक नजर डालें…

    1. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज चुके हैं. कोहली ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को पछाड़ दिया. कोहली ने 303 पारियों और 15950 गेंदों में ये उपलब्धि हासिल की. वहीं सचिन ने 15 हजार ओडीआई रन पूरा करने के लिए 377 पारियां और 17528 गेंदें ली थी। 

    15 हजार ODI रनों का सफर: सचिन vs कोहली
    उम्र: 34 साल 66 दिन vs 37 साल 326 दिन
    पारी: 377 vs 303
    गेंदें: 17528 vs 15950
    डेब्यू से कुल दिन: 6402 बनाम 6614

    2. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज हैं. सचिन तेंदुलकर और कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छू नहीं सका. सचिन ने 463 ओडीआई मैच खेलकर 18426 रन बनाए. वहीं कोहली के नाम पर 315 ओडीआई मैचों में 15080 रन दर्ज हैं। 

    3. श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज ऐसी दूसरी टीम है, जिसके खिलाफ विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में 10 शतक जड़े हैं. कोहली ने इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में 10वां शतक लगाया था. कोहली किसी एक टीम के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। 

    किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक
    10 विराट कोहली बनाम श्रीलंका 
    10 विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज
    9 सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया
    9 रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया 
    8 विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया
    8 सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका

    4. विराट कोहली ने इस मैच में 74 गेंदों पर शतक लगाया, जो वनडे इंटरनेशनल में गेंदों के आधार पर उनका तीसरा सबसे तेज शतक रहा. कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52 और 61 गेंदों पर ओडीआई शतक लगा चुके हैं। 

    विराट कोहली के सबसे तेज ODI शतक (गेंदों के आधार पर)
    52 बनाम ऑस्ट्रेलिया जयपुर 2013
    61 बनाम ऑस्ट्रेलिया, नागपुर 2013
    74 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026 
    76 बनाम श्रीलंका, होबार्ट 2012
    76 बनाम श्रीलंका, कोलंबो 2017
    80 बनाम श्रीलंका, गुवाहाटी 2023

    5. विराट कोहली अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी लिस्ट-ए क्रिकेट में 60 शतक ठोके थे. सचिन और कोहली के बाद इंग्लैंड के ग्राहम गूच (44 शतक) का नंबर आता है। 

    लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक
    60 सचिन तेंदुलकर (538 पारी) / विराट कोहली (338 पारी)
    44 ग्राहम गूच (601
    40 ग्रीम हिक (630)
    39 कुमार संगकारा (501)

    6. भारत में इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली का ये 42वां शतक (260 पारी में) रहा. कोहली अब घर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक शतक जड़ने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी 313 इनिंग्स खेलकर 42 शतक लगाए थे। 

    7. विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में एक खास मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को पछाड़ दिया. पोंटिंग ऑस्ट्रेलिया की उन 111 जीतों का हिस्सा रहे, जिसमें टीम ने टारगेट का पीछा किया. वहीं कोहली अब भारत के लिए ओडीआई रनचेज में 112 जीतों के साथ तीसरे स्थान पर आ गए हैं। 

    रन चेज करते हुए सबसे ज्यादा जीत में शामिल (ODI)
    127 सचिन तेंदुलकर
    116 महेंद्र सिंह धोनी
    112 विराट कोहली
    111 रिकी पोंटिंग
    110 जैक्स कैलिस/ रोहित शर्मा

    8. विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ के गेंदों की जमकर धुनाई की. कोहली ने जोसेफ के खिलाफ इस मैच में कुल 53 रन बटोरे. किसी ओडीआई मैच में कोहली द्वारा एक गेंदबाज के विरुद्ध बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे। 

    ODI मैच में एक बॉलर के खिलाफ कोहली के सर्वाधिक रन
    54 बनाम ट्रेंट बोल्ट, मोहाली 2016
    53 बनाम अल्जारी जोसेफ, तिरुवनंतपुरम 2026
    45 बनाम विश्व फर्नांडो, कोलंबो (RPS) 2017
    45 बनाम लाहिरू कुमारा, तिरुवनंतपुरम 2023
    45 बनाम प्रेनालेन सुब्रायेन, रांची 2025

    9. विराट कोहली ने पहली बार किसी ओडीआई मैच में 9 छक्के लगाए हैं. इससे पहले उन्होंने साल 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ ओडीआई मैच में 8 छक्के लगाए थे। 

    ODI पारी में कोहली के सबसे ज्यादा छक्के
    9 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026 
    8 बनाम श्रीलंका, तिरुवनंतपुरम 2023
    7 बनाम ऑस्ट्रेलिया, जयपुर 2013
    7 बनाम साउथ अफ्रीका, रांची 2025

    10. विराट कोहली घरेलू वनडे ओडीआई में 7000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं. कोहली के नाम अब घरेलू ओडीआई मैचों 7006 रन हो गए हैं. घर पर ओडीआई मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कोहली के बाद सचिन तेंदुलकर का नंबर आता है. सचिन ने अपने 23 साल के करियर के दौरान भारत में 164 ओडीआई मैच खेलकर 6976 रन बनाए थे। 

     

    विराट कोहली ने जड़ा 55वां वनडे शतक
    भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 74 गेंदों में शतक जड़ा है। यह उनके वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट में 86वां शतक है। कोहली ने 38वें ओवर में छक्का लगाकर सैकड़ा पूरा किया।

    भारत को दूसरा झटका
    भारत को दूसरा झटका रोस्टन चेज ने दिया। उन्होंने शुभमन गिल को अपना शिकार बनाया। वह 108 गेंदों में 110 रन बनाकर आउट हो गए। अब विराट कोहली का साथ देने ऋतुराज गायकवाड़ आए हैं।

     गिल का शतक
    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 96 गेंदों पर शतक पूरा किया। गिल ने शानदार बल्लेबाजी की और कोहली के साथ साझेदारी जारी रखी। कोहली और गिल के बीच 100+ रनों की साझेदारी हो गई है। 

     कोहली के वनडे में 15000 रन पूरे
    भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे में 15000 रन पूरे कर लिए हैं। कोहली ऐसा करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। कोहली ने सबसे तेजी से वनडे में यह उपलब्धि हासिल की है। कोहली ने 303 पारियों में वनडे में 15000 रन पूरे किए हैं। सचिन ने 377 वनडे पारी में 15000 रन पूरे किए थे। यानी कोहली सचिन की तुलना में 74 पारी पहले इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं।  

  • 2023 वर्ल्ड कप की हार का दर्द अब भी याद, विराट बोले- 2027 में भारत को चैंपियन बनाना है

    2023 वर्ल्ड कप की हार का दर्द अब भी याद, विराट बोले- 2027 में भारत को चैंपियन बनाना है

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का सपना वनडे विश्व कप 2027 जीतना है। वह 2027 विश्व कप के फाइनल में लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच विजयी पारी खेलना और भारत को चैंपियन बनाना चाहते हैं। जियोस्टार से बातचीत के दौरान कोहली ने कहा, 'मैं हमेशा से ऐसा व्यक्ति रहा हूं, जो हर गेम में वह खिलाड़ी बनना चाहता है जो गेम जिताए। मैं ऐसा ही बना हूं। यह मुझसे कभी दूर नहीं जाएगा। इसलिए, मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा गेम जीतना है। मेरा सपना है कि फाइनल में स्कोर चेज करते हुए मैच जिताने वाली पारी खेलूं। अगर ऐसा होता है, तो बहुत अच्छा होगा। विश्व कप का खिताब जीतना सबसे ज्यादा जरूरी है।'

    कोहली ने जोर देकर कहा कि ट्रॉफी जीतने के लिए मैदान में उतरना सबसे संतोषजनक बात होगी, लेकिन बड़ा लक्ष्य हमेशा बड़ा ही रहता है। अगर मुझे ऐसा करने का मौका मिलता है, तो एक व्यक्ति के तौर पर बीच में रहकर, एक बल्लेबाज के तौर पर इससे ज्यादा संतोषजनक कुछ नहीं होता। आप खुद को टीम को मुश्किल से निकालते हुए देखते हैं। यही आपको इस लेवल पर कॉम्पिटिशन करने के लिए प्रेरित करता है। मैं उस प्रतियोगी सोच को जाने नहीं देना चाहता।

    2023 की हार का दुख अभी भी कायम
    वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में मिली हार को याद करते हुए कोहली ने कहा, 'उस हार का दुख है। कई दिनों तक समझना बहुत मुश्किल था। 2025 में आईपीएल जीतने से पहले, मुझे 2016 के फाइनल की यादें आती थीं। वर्ल्ड कप फाइनल के बारे में भी मुझे ऐसा ही लगता है। मैं 54 रन पर खेल रहा था और मैंने खुद को एक बड़ी सेंचुरी के लिए तैयार किया था। अगर मैं 140-150 रन बना लेता, तो हम वह गेम जीतने की स्थिति में होते।'

    2023 में माहौल बढ़िया था
    कोहली ने कहा, 'पूरा वर्ल्ड कप बहुत बढ़िया था। माहौल जबरदस्त था। टीम के अंदर, आप भाईचारा देख सकते थे। हर कोई एक-दूसरे के लिए खेलकर खुश था। हार्दिक जैसे खिलाड़ी को जल्दी खोने के बाद भी, हमने कभी इस बारे में बात नहीं की कि आगे क्या होगा, हालांकि वह जो लाता है, उसके हिसाब से यह एक बड़ा नुकसान था। लेकिन शमी आया, और आप जानते हैं कि वह क्या कर सकता है। इसलिए, सभी को लग रहा था कि यह हमारा वर्ल्ड कप है। पूरी तरह से एक अलग ऊर्जा थी, लेकिन जब खेल इस तरह बदल जाता है, तो इसे समझना बहुत मुश्किल होता है।'

    मैं सबसे बेहतर बल्लेबाज नहीं- कोहली
    क्रिकेट का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज माने जाने के सवाल पर कोहली ने कहा, 'मैं खुद को अब तक का सबसे अच्छा बल्लेबाज नहीं मानता। खेल के अलग-अलग समय पर अलग-अलग खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कुछ कमाल की चीजें की हैं, लेकिन हो सकता है कि उन्होंने उस तरह के नंबर जमा न किए हों, और कुछ के नंबर मुझसे कहीं बेहतर हैं। मुझे लगता है कि हर किसी का मुख्य लक्ष्य असर डालना होता है। मैं इतने लंबे समय तक खेलने के लिए खुशकिस्मत रहा हूं। जब आप अच्छा करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं, तो अक्सर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। मैं देश के लिए खेलने के लिए उत्साहित हूं, जो एक बड़ा सम्मान है।'

  • अनाहत सिंह ने जीता सिल्वर, मलेशिया की शिवसंगरी से फाइनल में 0-3 से मिली हार

    अनाहत सिंह ने जीता सिल्वर, मलेशिया की शिवसंगरी से फाइनल में 0-3 से मिली हार

    नागोया
     भारत की 18 वर्षीय स्कॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।

    इस हार के साथ अनाहत ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का पहला मौका भी चूक गईं, क्योंकि सिंगल्स इवेंट के विजेता को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए कोटा मिलना तय था, जहां स्कॉश पहली बार शामिल हो रहा है।

    मलेशिया की खिलाड़ी से हारीं अनाहत
    नागोया किंजो फुतो एरिना में प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ी का मुकाबला मलेशिया की कहीं ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी से था। अनाहत को अपनी प्रतिद्वंद्वी के शानदार खेल का मुकाबला करने में मुश्किल हुई और उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवा दिया। इसके बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने मजबूत अटैक और डिफेंस से अगले दो गेम पर भी अपना दबदबा बनाए रखा। अनाहत को कोई खास मौका नहीं मिला और वह दूसरा गेम भी 4-11 के अंतर से हार गईं, जबकि मौजूदा चैंपियन ने शानदार खेल दिखाते हुए तीसरा गेम 11-7 से जीता।

    सेमीफाइनल में किया था कमाल
    अनाहत ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद हराया था, जिसके साथ वह एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स स्कॉश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इससे पहले, भारत के अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने शानदार खेल दिखाते हुए मेंस सिंगल्स स्कॉश फाइनल में भारतीय खिलाड़ी को 11-9, 11-5, 11-5 से मात दी।

    अभय ने जीता सिल्वर मेडल
    रविवार को यह स्कॉश में भारत का दूसरा पदक रहा। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। हालांकि, फाइनल में हारने की वजह से अभय एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए।

  • वनडे में जारी रहेगा रोहित का सफर? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर हिटमैन ने खोले पत्ते

    वनडे में जारी रहेगा रोहित का सफर? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर हिटमैन ने खोले पत्ते

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा संकेत दिया है. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके रोहित फिलहाल वनडे क्रिकेट में भारत के लिए खेलते हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले रोहित ने साफ किया कि उनके लिए क्रिकेट में अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है.

    जियोस्टार से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनके दिमाग में यह विचार कभी नहीं आया कि उनका काम पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा, 'यह विचार मेरे दिमाग में कभी नहीं आएगा कि जो काम मुझे करना था, वह खत्म हो गया है.'

    रोहित ने आगे कहा कि जब तक वह क्रिकेट खेल रहे हैं, तब तक उनके सामने कुछ न कुछ हासिल करने के लिए जरूर रहेगा. उन्होंने 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, 'जब तक आप खेल रहे हैं, आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है. मैं वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि मेरे लिए आगे क्या है.'

    रोहित ने यह भी बताया कि ICC टूर्नामेंट सामान्य सीरीज से अलग चुनौती पेश करते हैं. अलग-अलग विरोधी टीमों और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयारी और सोच में बदलाव करना पड़ता है.

    2023 में ट्रॉफी से चूक गए थे रोहित
    रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद टीम का खिताब जीतने का सपना टूट गया था. रोहित अब 2027 वर्ल्ड कप में इस अधूरे लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश करते नजर आ सकते हैं.

    2027 वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है. रोहित ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी बना ली है, लेकिन वनडे में उनका सफर अभी जारी है.

    विराट कोहली भी 2027 वर्ल्ड कप को अपना आखिरी विश्व कप बता चुके हैं. ऐसे में रोहित और कोहली की जोड़ी एक बार फिर भारत के लिए वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर धमाल मचाते नजर आ सकती है.

  • 2027 वर्ल्ड कप को लेकर विराट का बड़ा बयान, बोले- भारत के लिए होगा आखिरी विश्व कप

    2027 वर्ल्ड कप को लेकर विराट का बड़ा बयान, बोले- भारत के लिए होगा आखिरी विश्व कप

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली ने फैन्स को एक दिल तोड़ने वाली बात कही है. विराट कोहली अपने भविष्य और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

    वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि साउथ अफ्रीका में होने वाला 2027 का आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वनडे वर्ल्ड कप होगा.

    जियोस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह भारत की तरफ से खेलने का आखिरी वर्ल्ड कप होने जा रहा है. और यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है… यानी मैदान पर अपनी तरफ से सबकुछ झोंक देना, अपना शत-प्रतिशत निचोड़ लेना.

    कोहली ने 50-ओवर के फॉर्मेट की इंटेंसिटी पर बात करते हुए समझाया कि एक बड़े टूर्नामेंट में लगातार 10 मैचों तक उस शारीरिक और मानसिक स्तर को बनाए रखना बेहद थका देने वाला होता है, खासकर जब आप विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हों.

    दमदार रहा है कोहली का रिकॉर्ड
    विराट कोहली का वर्ल्ड कप इतिहास शानदार गवाह रहा है. उन्होंने वर्ल्ड कप के 37 मुकाबलों में लगभग 59.83 की शानदार औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, उनके कुल वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक दर्ज हैं.

    दूसरी ओर पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी अपने भविष्य और वर्ल्ड कप को लेकर बात की. रोहित ने कहा कि उनके दिमाग में कभी यह विचार नहीं आता कि उनका क्रिकेटिंग बिजनेस खत्म हो गया है. जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आपके सामने हमेशा कोई न कोई नई चुनौती होती है.

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की इस रोमांचक वनडे सीरीज के साथ ही साल 2027 के उस ऐतिहासिक विश्व कप का सफर भी शुरू हो रहा है, जिसके लिए अब इन दोनों दिग्गजों का जोश सातवें आसमान पर है.

  • हरमनप्रीत-अभिषेक ने दिलाई जीत, जापान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

    हरमनप्रीत-अभिषेक ने दिलाई जीत, जापान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

     नई दिल्ली
    भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम इंडिया एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत ने जापान को 2-0 से तो हराया, लेकिन प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा।

    अभिषेक और हरमनप्रीत सिंह के गोलों की बदौलत भारत ने जीत तो हासिल कर ली, लेकिन सच कहें तो उनका प्रदर्शन देखने लायक नहीं था। उन्होंने कई मौके गंवा दिए। कुछ पेनल्टी कॉर्नर के मौकों पर तो वे बुनियादी चीजें भी ठीक से नहीं कर पाए। यकीन करना मुश्किल है। खैर, अब यह तथ्य है कि इस जीत के साथ भारत एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंच गया है, हालांकि, उसे आगे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

    विश्व कप के बाद भारत की दमदार वापसी
    बता दें कि भारत के लिए इस साल की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम 8वें स्थान पर रही थी। इस अभियान के बाद टीम इंडिया ने सही समय पर अपनी लय वापस पा ली है। एशियन गेम्स में उन्होंने अब तक चार मैचों में चार जीत दर्ज की हैं और वर्तमान में 12 अंकों के साथ पूल ए तालिका में जापान से आगे शीर्ष पर हैं। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया (13-1), श्रीलंका (16-1) और दक्षिण कोरिया (8-2) पर शानदार जीत के साथ की। यह प्रदर्शन एशियन गेम्स में भारतीय टीम के दबदबे को दिखाता है।

    आज के मैच का ऐसा रहा हाल
    पूल ए में आज खेले गए मुकाबले की बात करें तो भारत के लिए पहले क्वार्टर में के आखिरी मिनटों में अभिषेक ने गोल करके एक शून्य से टीम इंडिया को बढ़त दिला दी। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में किसी भी टीम ने कोई गोल नहीं किया। हाफ टाइम तक भारत 1-0 से आगे रहा। लेकिन इसके बाद तीसरे क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मैच के 40वें मिनट में गोल कर दिया। भारत 2-0 से आगे हो गया। हालांकि, इसके बाद चौथे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका। भारत के पास गोल करने के बहुत से मौके आए, लेकिन टीम इंडिया के खिलाड़ी चूक गए। भारत के लिए यह प्रदर्शन जीत में जरूर तब्दील हुआ लेकिन आगे आने वाले बड़े मुकाबलों में जिनमें फाइनल और सेमीफाइनल हैं, यह प्रदर्शन आईडियल बिल्कुल नहीं है।

    भारत बनाम जापान फुल टाइम स्कोर
    भारत -2

    जापान- 0

    भारत ने जापान को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।