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  • YouTuber मधुमिता के घर बड़ी चोरी, सोशल मीडिया पर दिखाती थीं दौलत; पुलिस खंगाल रही रील्स और CCTV

    YouTuber मधुमिता के घर बड़ी चोरी, सोशल मीडिया पर दिखाती थीं दौलत; पुलिस खंगाल रही रील्स और CCTV

     कन्याकुमारी
    तमिलनाडु के कन्याकुमारी की एक फेमस यूट्यूबर मधुमिता, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी धन दौलत को खूब दिखाया, उसके घर चोरी की घटना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक मधुमिता के घर से चोरों ने तकरीबन 900 ग्राम सोने के गहने चुरा लिए। चोरी के गहनों की कीमत 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    यूट्यूबर मधुमिता, जो खुद हर महीने सोना खरीदने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने वाले वीडियो पोस्ट करती थीं, उनके घर चोरी की वारदात चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियोज के जरिए अपनी सम्पत्ति को दिखाना उनके लिए भारी पड़ गया। इससे पहले एक और महिला इन्फ्लुएंसर के घर चोरी की अजीबोगरीब वारदात सामने आई थी। रचना गुर्जर को सोने चांदी के जेवरात और पैसे दिखाना भारी पड़ गया था। रील डालने के बाद रात में आए चोरों ने सोना-चांदी और कैश पर हाथ साफ कर दिया था।

    कब और कैसी हुई चोरी घटना
    कन्याकुमारी में रहने वाली इन्फ्लुएंसर मधुमिता ने अपनी सोने की ज्वेलरी दिखाते हुए और अपने बच्चे पर कैश नोट लुटाते हुए रील्स पोस्ट की थीं। उन्होंने परिवार की शॉपिंग ट्रिप और बाहर घूमने-फिरने के बारे में भी अपडेट पोस्ट किए थे। शायद इन रील्स का मकसद अपने शानदार लाइफस्टाइल से सोशल मीडिया दोस्तों और फॉलोअर्स को प्रभावित करना था, लेकिन इसके चक्कर में परिवार को ₹1 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। चोरों को इससे जानकारी मिली और उन्होंने इसका फायदा उठाया। गुरुवार देर शाम जब परिवार शॉपिंग ट्रिप से घर लौटा, तो उन्हें 120 सॉवरेन सोने की ज्वेलरी, डायमंड ज्वेलरी और 50,000 रुपये का कैश गायब मिला।

    कन्याकुमारी पुलिस जांच में जुटी
    टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार यूट्यूब और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर मधुमिता कन्याकुमारी जिले के हेडक्वार्टर नागरकोइल के पास थमाथुकोनम में रहती हैं। उनके पति विनोद कुमार, एक बिजनेसमैन हैं। शाम को कपड़े खरीदने बाहर गया परिवार जब लौटा तो उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने देखा कि बेडरूम की अलमारी जबरदस्ती खोली गई थी और कीमती सामान गायब था। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और पाया कि चोर घर के पिछले दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुसे थे। इंस्पेक्टर जयलक्ष्मी ने कहा कि एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया और संदिग्धों का पता लगाने के लिए पांच स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।

    रील्स में उड़ाती थीं कैश के बंडल
    पुलिस अब जांच के हिस्से के तौर पर मधुमिता की सोशल मीडिया एक्टिविटी की भी जांच कर रही है। उनकी रील्स और पोस्ट में उन्हें घर पर अपनी ज्वेलरी दिखाते हुए, गद्दे पर फैले कैश के बंडल दिखाते हुए और अपने बच्चे पर पैसे लुटाते हुए देखा जा सकता था। एक जांच अधिकारी ने कहा कि उन्होंने ऐसे वीडियो भी अपलोड किए थे जिनमें दावा किया गया था कि परिवार हर महीने सोना खरीदता है। अन्य रील्स में अक्सर यह पता चलता था कि परिवार कहां घूमने जा रहा है और उनके बाहर जाने का मकसद क्या है। पुलिस के अनुसार, चोरों ने मधुमिता की रील्स पर नजर रखी और घर खाली होने पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    शॉपिंग करने गई थीं मधुमिता, चोरों ने घर में कर दी सेंधमारी
    मधुमिता अपने पति विनोदकुमार और बच्चे के साथ कन्याकुमारी जिले के नागरकोइल के पास थम्माथु कोनम इलाके में VIP गार्डन में रहती हैं। घटना वाले दिन वह शॉपिंग के लिए बाहर गई थीं। जब देर रात को घर लौटीं तो उनके घर का पिछला दरवाजा टूटा हुआ था। घर के अंदर बने सीक्रेट लॉकर की जांच करने पर पता चला कि वहां रखे लगभग 118 तोला सोने के गहने और नकदी चोरी हो गए थे। मधुमिता ने तुरंत राजक्कमंगलम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

    सोशल मीडिया पर दिखावा बना मुसीबत
    बता दें कि चोरी की यह घटना मधुमिता द्वारा अपने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर अपने घर के पूजा कक्ष में रखे भारी सोने के गहनों और पैसों की गड्डियों का वीडियो शेयर करने के कुछ ही दिनों बाद हुई।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
    जिला पुलिस अधीक्षक अनसुर नागर के आदेश पर चोरों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। चोरी की जगह से फिंगरप्रिंट इकट्ठा करने के लिए फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है और जांच तेज कर दी गई है। चोरी हुए गहनों और कैश की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इलाके से CCTV फुटेज इकट्ठा करने और मोबाइल टावर डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके।

  • UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, पेटल गहलोत ने आतंकवाद पर उठाए सवाल

    UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, पेटल गहलोत ने आतंकवाद पर उठाए सवाल

     नई दिल्ली
    संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने जवाब दिया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा।

    पेटल गहलोत ने कहा, 'आज दोपहर महासभा ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब टिप्पणियां सुनीं. यह ऐसे समय में हुआ है, जब न्यूयॉर्क शहर और दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। 

    उन्होंने कहा कि इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था. उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इसी संस्था के सामने गहरी श्रद्धा दिखाई. पेटल गहलोत ने कहा कि यह सब उस बात से ही उम्मीद की जा सकती है, जिसे खुद पाकिस्तानी लोग 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं। 

    सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन
    पेटल गहलोत ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर एक ऐसे शासन की ओर से पाखंडी उपदेश सुने, जिसकी राजधानी इस समय अपने ही लोगों के खिलाफ मजबूत की जा रही है. और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन है. उनके कठपुतली आते-जाते रह सकते हैं, लेकिन हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि फैसले कौन करता है। 

    उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की वास्तविकता उसके 27वें संशोधन और उसके वास्तविक शासक को दी गई आजीवन प्रतिरक्षा में व्यक्त होती है.' उन्होंने आगे कहा, 'हमने जो विचार सुने, वे उन लोगों की ओर से आए हैं, जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा रिकॉर्ड रहा है. वे दिन में सुरक्षा बनाए रखने का दावा करते हैं, जबकि रात में वास्तव में आतंकवाद को अंजाम देते हैं। 

    ईशनिंदा कानून पर घेरा
    गहलोत ने कहा, 'इस महासभा में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर उन लोगों की ओर से टिप्पणियां की गईं, जिनका मुख्य आधार ईशनिंदा कानून हैं. दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है. कोई भी पवित्र उपदेश दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता। 

    जम्मू-कश्मीर पर भी भारत का जवाब
    पेटल गहलोत ने कहा, 'भारतीय संघ के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र किया गया. यह मेरे देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा.' उन्होंने कहा, 'लेकिन अगर हमें कश्मीर की बात करनी ही है, तो आइए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की ओर ध्यान दें. रावलकोट के लोगों से वहां लंबे समय से झेली जा रही मनमानी हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछिए…

    क्या है  फॉर्म 47 सरकार का मतलब
    'फॉर्म 47 सरकार' पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाला एक राजनीतिक शब्द है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) जैसी विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए करती हैं. फॉर्म 47 पाकिस्तान चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है. इसका इस्तेमाल किसी निर्वाचन क्षेत्र के अनकंफर्म नतीजों को दर्ज करने के लिए किया जाता है. यह प्रक्रिया अंतिम वेरिफिकेशन से पहले की जाती है। 

    फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद PTI और अन्य आलोचकों ने आरोप लगाया कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों की संख्या, मतदान केंद्रों के स्तर पर दर्ज फॉर्म 45 के आंकड़ों से मेल नहीं खाती थी. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि फॉर्म 47 तैयार करने के दौरान चुनाव नतीजों में हेरफेर की गई, जिससे PTI समर्थित उम्मीदवारों की जीत छीन ली गई. इसी आरोप के आधार पर विपक्षी दल मौजूदा प्रशासन को 'अवैध फॉर्म 47 सरकार' कहकर संबोधित करते हैं। 

    कौन हैं पेटल गहलोत
    पेटल गहलोत भारत की संयुक्त राष्ट्र में सलाहकारों में से एक हैं. उन्हें जुलाई 2023 में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया था. She The People के अनुसार, इससे पहले उन्होंने 2020 से 2023 तक तीन साल तक विदेश मंत्रालय की यूरोपियन वेस्ट डिविजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में काम किया. अंडर सेक्रेटरी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वह भारतीय मिशन/कांसुलेट, पेरिस और सैन फ्रांसिस्को में भी तैनात रही हैं। 

    पेशेवर उपलब्धियों के अलावा, पेटल गहलोत म्यूजिक में भी रुचि रखती हैं और नियमित रूप से इंस्टाग्राम और ट्विटर पर गिटार बजाते हुए वीडियो शेयर करती रहती हैं. इनमें उनका 'बेला चाओ' (Bella Ciao) और एलपी (LP) का 'Lost On You' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खासा लोकप्रिय हुआ है। 

    गहलोत ने बैचलर की पढ़ाई सेंट जेवियर कॉलेज, मुंबई से आर्ट्स में की, जिसमें उन्होंने राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमेन से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की. इसके अलावा, उन्होंने मिडलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, मोंटेरे से भाषा व्याख्या (language interpretation) और अनुवाद में मास्टर डिग्री भी हासिल की है। 

     

  • बंगाल में किसानों को बड़ी राहत, बिजली सब्सिडी समेत 3 घोषणाएं

    बंगाल में किसानों को बड़ी राहत, बिजली सब्सिडी समेत 3 घोषणाएं

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसानों को तीन हड़ी सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लगभग चार लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी देगी। इस सब्सिडी का मकसद किसानों को बिजली की बढ़ती लागत से राहत देना है। इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि में भी इजाफा करने जा रही है।

    पूर्व बर्दवान जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत अब 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये की सहायता मिलेगी। तीसरे लाभ की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वह सारा धान खरीदेगी जो किसान बेचना चाहते हैं, और इसके लिए उन्होंने 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की घोषणा की।

    भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी
    लगे हाथ उन्होंने राज्य की पिछली सरकार यानी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और कहा, "बिचौलियों या एजेंटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। विधायक किसानों के अभिभावक के रूप में कार्य करेंगे।" अधिकारी ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, "भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी।"

    अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला
    एक दिन पहले गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन में गरीबों के लिए 2,000 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला रखते हुए अडानी समूह से राज्य में और निवेश करने का आग्रह किया था और कहा कि यह समूह बंगाल के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के दौरान कहा, "अडानी आरोग्य मंदिर का निर्माण 51.75 एकड़ जमीन पर किया जायेगा और यह आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को मुफ़्त में 1,000 बेड उपलब्ध करायेगा।" उन्होंने इस परियोजना को राज्य के लिए एक मील का पत्थर करार दिया और कहा कि यह अस्पताल न्यू टाउन में स्वास्थ्य देखभाल शहर का केंद्र बनेगा।

    अधिकारी ने कहा, "यह बंगाल के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश में कहीं भी गरीबों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद करण अडानी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि वह न्यू टाउन में एक आधुनिक अस्पताल बनाना चाहते हैं। मैंने सहमति दे दी। गौतम अडानी की हरी झंडी मिलने के साथ ही कुछ ही महीनों के भीतर आधारशिला रखी गयी है।"

  • 27 सितंबर को बैंकिंग को लेकर पेच, खुलेंगी शाखाएं या रहेगी छुट्टी?

    27 सितंबर को बैंकिंग को लेकर पेच, खुलेंगी शाखाएं या रहेगी छुट्टी?

     नई दिल्‍ली

    बैंक कर्मचारियों ने 28 सितंबर से देशभर में हड़ताल करने का ऐलान किया है, जो तीन दिन यानी 30 सितंबर तक जारी रहेगा. यह हड़ताल वीकेंड के बाद शुरू हो रहा है, जिस कारण RBI और सरकार की ओर से रविवार को बैंक शाखाएं खोलने के लिए कहा गया है। 

    केंद्र सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार को खुले रहेंगे, लेकिन बैंक अधिकारियों के एक संघ ने अपने सदस्‍यों से रविवार को काम पर न आने का अनुरोध किया है. ऐसे में कस्‍टमर्स कंफ्यूज हो गए हैं कि क्‍या सच में रविवार को बैंक खुलेंगे या फिर बंद रहेंगें? 

    दरअसल, बैंक यूनियनों के यूनियन फोरम (UFBU) और सात अन्य यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है, जो 11 सितंबर को हुई एक दिवसीय हड़ताल के बाद दूसरी ऐसी कार्रवाई है। 

    किसने लिया रविवार को बैंक खोलने का फैसला? 
    ऐसे में केंद्र सरकार का 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने का निर्णय वित्त मंत्री और पब्लिक सेक्‍टर के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, भारतीय बैंक संघ (IBA) और नाबार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच 21 सितंबर को हुई बैठक के बाद लिया गया। 

    यह कदम बैंकिंग सेवाओं में लंबे समय तक व्यवधान को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल की तारीखें 26 और 27 सितंबर को सप्‍ताह की छुट्टियों के बाद आ रही हैं. अगर रविवार को भी छुट्टी रहती है, तो ग्राहकों को नियमित बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच के बिना पांच दिनों तक की अवधि का सामना करना पड़ सकता है। 

    रविवार को लेकर बना हुआ है कंफ्यूजन
    RBI ने 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट खोलने को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) ने अपने सदस्यों को रविवार को काम पर न आने की सलाह दी है, यह कहते हुए कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत 27 सितंबर एक हॉलिडे है। 

    3 दिन की हड़ताल जारी रहेगी 
    वहीं यूएफबीयू ने दोहराया है कि 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल जारी रहेगी. यह हड़ताल मुख्य रूप से पांच दिन बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बुलाई गई है. अन्य मांगों में पेंशन संबंधी संशोधन और कुछ कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशन योजनाओं में बदलाव शामिल हैं। 

    ग्राहकों के लिए, रविवार को शाखा सेवाएं इस बात पर निर्भर कर सकती हैं कि कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित होते हैं या नहीं. डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है. जिन ग्राहकों को शाखा में काम करना है, वे इसे पहले से ही पूरा कर सकते हैं. खासकर सप्ताहांत के तुरंत बाद प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए। 

  • मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 62% काम पूरा

    मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 62% काम पूरा

    अहमदाबाद
    मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक 62.16% पूरा हुआ था. सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने यह जानकारी दी। 

    परियोजना के पूरा होने की संभावित तारीख या वर्ष पूछे जाने पर NHSRCL ने कहा, 'सभी ठेके दिए जाने और ट्रेनसेट की आपूर्ति के बाद ही परियोजना के पूरा होने की संभावित समयसीमा का आकलन किया जा सकेगा. 21 सितंबर 2026 का यह जवाब 17 अगस्त 2026 को दाखिल आरटीआई आवेदन पर दिया गया। 

    NHSRCL के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 1,389.49 हेक्टेयर ज़मीन अधिग्रहित की जा चुकी है. इसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली की 959.04 हेक्टेयर तथा महाराष्ट्र की 430.45 हेक्टेयर ज़मीन शामिल है। 

    निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा?
    आरटीआई जवाब के अनुसार, 366 किलोमीटर वायाडक्ट पर गर्डर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 380 किलोमीटर के लिए गर्डर ढाले जा चुके हैं. 459.90 किलोमीटर में नींव का काम पूरा हो चुका है और 455.10 किलोमीटर में पियर तैयार किए जा चुके हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का काम पूरा हो चुका है. वहां फिनिशिंग का काम चल रहा है. महाराष्ट्र में स्टेशनों का निर्माण जारी है। 

    सुरंग, डिपो और ट्रैक की स्थिति
    परियोजना में 21 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है, जिसका सात किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. NHSRCL के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन से सुरंग बनाने का काम चल रहा है. न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही सुरंग का 4.88 किलोमीटर हिस्सा पूरा हो चुका है. आठ पहाड़ी सुरंगों में से चार की खुदाई आर-पार पूरी हो गई है. आरटीआई जवाब के अनुसार, साबरमती डिपो का 32.28% और ठाणे डिपो का 17.23% काम पूरा हुआ था. 27 अगस्त 2026 तक CAM इंजेक्शन सहित 97 रूट किलोमीटर में ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके थे। 

    पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू
    चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने कॉरिडोर के लिए दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का ऑर्डर BEML को दिया है. NHSRCL के मुताबिक, पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू हो गया है. NHSRCL ने यह भी कहा कि मुंबई–अहमदाबाद लाइन फिलहाल उसकी एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिस पर निर्माण कार्य चल रहा है। 

     

  • अक्टूबर में बड़े बदलाव, LPG से बस यात्रा तक बदलेगा सिस्टम

    अक्टूबर में बड़े बदलाव, LPG से बस यात्रा तक बदलेगा सिस्टम

    नई दिल्ली

    अक्टूबर 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर की सब्सिडी से लेकर दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, कारोबारियों के UPI भुगतान और प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया तक नियम बदलने जा रहे हैं। कुछ बदलाव सीधे जेब पर असर डाल सकते हैं, जबकि कुछ में कागजी कार्रवाई कम होगी।

    जेब पर सबसे बड़ा असर कहां?
    अक्टूबर के बदलावों में सबसे सीधा आर्थिक असर LPG सब्सिडी से जुड़ा है। आधार आधारित e-KYC पूरा नहीं करने वाले पात्र ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। UPI के मामले में फिलहाल ग्राहक से सीधे अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है। वहीं NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को टैक्स प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि दिल्ली में बिना स्मार्ट कार्ड के महिलाओं को बस किराया देना पड़ सकता है।

    गैस सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए आधार जरूरी
    1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों में करीब 89.9 फीसदी पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन लोगों ने BAA करा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं होगी।

    जिन ग्राहकों ने अभी तक आधार ऑथंटिकेशन नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले दाम पर सिलेंडर बुक कराने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार के मुताबिक सितंबर में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी थी। यानी ऑथंटिकेशन नहीं कराने पर पात्र उपभोक्ता को इस लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। BAA डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के कार्यालय में या इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP Gas के लिए HP PAY ऐप से किया जा सकता है।

    UPI पर 15 अक्टूबर से नया चार्ज, लेकिन ग्राहक से नहीं
    UPI को लेकर भी अक्टूबर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M यानी ग्राहक से कारोबारी भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। हालांकि आम ग्राहक से यह शुल्क लेने की अनुमति नहीं है।

    P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान इस MDR से बाहर रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए भी छूट का प्रावधान है। सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी P2M लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।

    इसका सीधा असर फिलहाल ग्राहक की जेब पर नहीं होना चाहिए, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि इससे उनकी लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे पर कुछ राज्यों में व्यापारिक संगठनों ने 'No UPI Day' जैसे विरोध का ऐलान किया है।

    NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं
    1 अक्टूबर से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या HUF के लिए TDS प्रक्रिया कुछ आसान होगी। नए आयकर कानून के तहत PAN आधारित प्रक्रिया और Form 141 का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अलग से TAN लेने की जरूरत वाले अनुपालन को सरल बनाया गया है।

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS खत्म हो गया है। टैक्स काटने की जिम्मेदारी बनी रहेगी, केवल उसे जमा करने और रिपोर्ट करने की प्रक्रिया बदलेगी। इसलिए बड़ी प्रॉपर्टी खरीद में खरीदार को टैक्स विशेषज्ञ से सही दर और प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के 24 जिलों में ESIC का दायरा बढ़ेगा
    1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में ESIC का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अधिसूचना के तहत आने वाले पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों पर ESIC योगदान लागू होगा और संबंधित कर्मचारियों को ESIC के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा बढ़ेगा।

    यह बदलाव कर्मचारियों के लिए तत्काल नकद बचत के बजाय सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर से जुड़ा है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार योगदान होगा।
    दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड

    दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त DTC और क्लस्टर बस यात्रा को लेकर भी बड़ा बदलाव है। 30 सितंबर तक पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन 1 अक्टूबर से Saheli Pink Smart Card से टैप करने पर ही मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यानी जिनके पास स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य टिकट लेकर किराया देना पड़ सकता है। कार्ड का पहला निर्गमन मुफ्त है, जबकि खोने या खराब होने पर रिप्लेसमेंट के लिए 59 रुपये देने होंगे।

    परेशानी बढ़ा सकती है बैंक हड़ताल
    त्योहारों के महीना अक्टूबर उल्लास के बीच परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। बैंक यूनियन पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इनमें पेंशन में सुधार, सभी पेंशनर्स के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें शामिल हैं। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

  • EPFO का बड़ा कैंप 28 सितंबर को, PF अकाउंट की समस्याएं होंगी दूर

    EPFO का बड़ा कैंप 28 सितंबर को, PF अकाउंट की समस्याएं होंगी दूर

       नई दिल्ली

    कई कर्मचारियों के लिए EPFO अकाउंट सिर्फ हर महीने सैलरी से कटने वाली PF की रकम तक सीमित रहता है. उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि अपने PF अकाउंट से जुड़ी कौन-सी जानकारी ऑनलाइन बदली जा सकती है, किसी गलती को कैसे ठीक कराया जा सकता है या EPFO की अलग-अलग ऑनलाइन सेवाओं और योजनाओं का फायदा कैसे लिया जाए. खासकर जो लोग तकनीक और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के साथ सहज नहीं हैं, उनके लिए छोटी-सी प्रक्रिया भी परेशानी बन जाती है। 

    ऐसे कर्मचारियों और PF सदस्यों के लिए EPFO की 'निधि आपके निकट 2.0' पहल उपयोगी साबित हो सकती है. कर्मचारी अब 28 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप में EPFO की योजनाओं, सुविधाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी सीधे अधिकारियों से ले सकेंगे. इतना ही नहीं, अगर PF अकाउंट या EPFO की किसी सेवा से जुड़ी शिकायत या सवाल है, तो उसे मौके पर अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा। 

    EPFO 28 सितंबर को लगाएगा कैंप

    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप की जानकारी दी है. EPFO ने सदस्यों से 28 सितंबर को कैंप में पहुंचने की अपील करते हुए बताया कि यहां संगठन की योजनाओं और फायदों के बारे में जानकारी लेने के साथ सेवाओं और उनकी प्रक्रिया को भी समझा जा सकता है. इस पहल का मकसद EPFO की सेवाओं को सब्सक्राइबर के करीब पहुंचाना है, ताकि छोटी-बड़ी दिक्कतों के लिए उन्हें सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर न रहना पड़े। 

    अफसरों से सीधे पूछ सकेंगे सवाल
    कैंप में EPFO के अधिकारी सदस्यों से सीधे बातचीत करेंगे. अगर आपको यह समझ नहीं आ रहा कि किसी EPFO सेवा के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी है, कौन-से दस्तावेज चाहिए या ऑनलाइन उपलब्ध सुविधा का इस्तेमाल कैसे करना है, तो कैंप में इसके बारे में जानकारी ली जा सकेगी. यह खास तौर पर उन PF सदस्यों के लिए मददगार हो सकता है, जो ऑनलाइन प्रक्रिया या डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल में सहज नहीं हैं। 

    शिकायतों का मौके पर होगा समाधान
    'निधि आपके निकट 2.0' कैंप का एक अहम पहलू खाताधारकों की शिकायतों का मौके पर निपटारा है. कैंप में मौजूद अधिकारी ईपीएफ सदस्यों की शिकायत और समस्याएं सीधे सुनेंगे. यानी अगर EPFO से जुड़ी कोई शिकायत लंबे समय से अटकी हुई है या किसी सेवा को लेकर परेशानी है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा. हालांकि, हर मामले का समाधान उसी समय हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा. मामले की प्रकृति और जरूरी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई भी हो सकती है। 

    EPFO लोकेटर से देखें नजदीकी कैंप
    EPFO ने अलग-अलग जगहों पर आयोजित होने वाले कैंप की जानकारी देखने के लिए एक कैंप लोकेटर लिंक भी शेयर किया है. सदस्य इस फोल्डर में जाकर अपने आसपास आयोजित होने वाले कैंप की लोकेशन देख सकते हैं। 

    'निधि आपके निकट 2.0' क्यों है खास?

    EPFO की सेवाएं लगातार डिजिटल हो रही हैं. PF बैलेंस देखने से लेकर कई दूसरी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. लेकिन हर कर्मचारी डिजिटल प्रक्रिया में समान रूप से सहज नहीं होता. कई बार जानकारी की कमी या ऑनलाइन प्रक्रिया समझ नहीं आने की वजह से कर्मचारी ऐसी सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसे घर बैठे पूरा किया जा सकता है। 

    ऐसे में 'निधि आपके निकट 2.0' का कैंप कर्मचारियों को सीधे अधिकारियों से बात करने और अपनी समस्या समझाने का मौका देता है. खासकर PF अकाउंट, EPFO की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़े नियमों को लेकर सवाल रखने वाले सदस्यों के लिए यह एक उपयोगी मौका हो सकता। 

    28 सितंबर कैंप में क्या साथ लेकर जाएं?
    अगर आप EPFO सब्सक्राइबर हैं और अपने PF अकाउंट से जुड़ी किसी समस्या या शिकायत का सामना कर रहे हैं, तो कैंप में जाने से पहले अपनी समस्या से जुड़े जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध जानकारी साथ रखना उपयोगी रहेगा. इससे अधिकारी को मामला समझाने में आसानी हो सकती है। 

  • सलाल जलविद्युत परियोजना पहुंचा पत्रकार दल, 690 मेगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट का लिया जायजा

    सलाल जलविद्युत परियोजना पहुंचा पत्रकार दल, 690 मेगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट का लिया जायजा

    जम्मू 

    प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के  नेतृत्व में जम्मू पहुंचे भोपाल के पत्रकारों के दल ने आज रियासी में  दुनिया के सबसे ऊंचे चेनाब रेलवे आर्च ब्रिज और अंजी रेल पुल का दौरा किया।  रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा  पत्रकार दल  को इन अधोसंरचना परियोजनाओं की इंजीनियरिंग खूबियों, सुरक्षा प्रणालियों और तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई।चिनाब रेल ब्रिज के दौरे के दौरान, सीनियर इंजीनियर श्री सुपरीत सिंह राणा ने मीडियाकर्मियों को पुल की बनावट और इंजीनियरिंग से जुड़ी खासियतों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो नदी के तल से लेकर फॉर्मेशन लेवल तक 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है। इस पुल की कुल लंबाई 1,315 मीटर है और इसकी अनुमानित उम्र (कोडल लाइफ) 120 साल है।

    इससे पहले, प्रतिनिधिमंडल ने अंजी रेल ब्रिज का दौरा किया, जहाँ सीनियर इंजीनियर सुपरीत सिंह राणा ने मीडिया टीम को इसके डिज़ाइन और तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। अंजी ब्रिज भारतीय रेलवे का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज है। इस  की कुल लंबाई 725 मीटर है और यह पानी के स्तर से लगभग 331 मीटर की ऊँचाई पर बना है।

    दोनों रेलवे पुलों के दौरे के दौरान नॉर्दर्न रेलवे की सीनियर पीआरओ सुश्री निधि पांडे भी मौजूद थीं। वे पूरे दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ रहीं और मीडियाकर्मियों को इन दोनो अधोसंरचना परियोजनाओं से से जुड़ी विभिन्न तकनीकी, ऑपरेशनल और प्रशासनिक पहलुओं के बारे में जानकारी दी।

    मीडिया का दल सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन भी पहुँचा। सलाल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर संजय कुमार जैन ने मीडियाकर्मियों को बांध के तकनीकी और कामकाज से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सलाल बांध, जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले में चिनाब नदी पर बना एक 'रन-ऑफ-द-रिवर' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है। नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) द्वारा संचालित इस पावर स्टेशन की कुल क्षमता 690 मेगावाट  है। श्री जैन ने इस प्रोजेक्ट के ऐतिहासिक महत्व पर ज़ोर देते हुए बताया कि इसका पहला चरण 1987 में और दूसरा चरण 1993 से 1995 के बीच अलग-अलग चरणों में शुरू किया गया था। यह पावर स्टेशन स्वच्छ ऊर्जा का एक अहम स्रोत है और नॉर्दर्न ग्रिड के लिए हर साल 3082 मिलियन kWh बिजली पैदा करने का लक्ष्य पूरा करता है।

  • पेंशनर्स की बड़ी मांग, 8वें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन बहाली पर जोर

    पेंशनर्स की बड़ी मांग, 8वें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन बहाली पर जोर

    नई दिल्‍ली
    8वें वेतन आयोग के तहत तेजी से काम चल रहा है. आए दिन किसी ना किसी शहर में आयोग बैठकें कर रहा है और सैलरी-पेंशन को लेकर कर्मचारियों से बातचीत कर रहा है. इस बीच, कर्मचारियों में फिटमेंट फैक्‍टर, भत्तों और पेंशन को लेकर चर्चा तेज है। 

    आयोग की बैठकों में बड़े मुद्दे फिटमेंट फैक्टर, सैलरी रिवीजन और भत्तों के अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) है. साल 2004 के बाद सेवा में आए केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन अब 'गारंटीड पेंशन' की मांग पर अड़े हुए हैं. आइए जानते हैं रिटायर्ड कर्मचारियों की क्‍या-क्‍या मांगे हैं… 

    पुरानी पेंशन योजना की मांग 
    साल 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए शुरू की गई नई पेंशन योजना से देशभर के कर्मचारी संतुष्‍ठ नजर नहीं आ रहे हैं. 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए नोट में कर्मचारी यूनियनों ने साफ तौर पर कहा है कि मौजूदा बाजार बेस्‍ड रिटर्न वाली योजनाएं उनके और उनके फैमिली के फ्यूचर को आर्थिक सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकाम है. कर्मचारियों की मांग है कि उन्‍हें फिर से पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाए. सर्वे ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी तरह बहाली की मांग की है। 

    45,000 रुपये न्‍यूनतम पेंशन 
    भारत पेंशनर्स समाज (BPS) के तहत पेंशनर्स ने न्‍यूनतम पेंशन की मांग उठाई है. BPS ने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने, अंतिम वेतन का 67% पेंशन देने और फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50% करने की सिफारिश की है।  

    कब लागू हो सकती है सिफारिशें? 
    वेतन आयोग देशभर के अलग-अलग जोनों में जाकर सभी प्रतिनिधियों की बातें सुन रहा है. इन बैठकों में फिटमेंट फैक्‍टर बढ़ाने, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने और पेंशन बराबरी जैसे गंभीर मुद्दे पर ज्ञापन पेश किया गया है. आयोग अपनी रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को दे सकता है। 

    रिपोर्ट पेश करने के बाद सरकार द्वारा सिफारिशें मंजूर होने पर इसे लागू किया जाएगा. इसके बाद यह तय होगा कि क्‍या सरकार पेंशन में तीन गुना बढ़ोतरी करेगी और ओपीएस की मांग मानेगी. 2027 में आने वाली फाइनल रिपोर्ट यह तय करेगी कि 2004 के बाद भर्ती हुए लाखों कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलेगा या नहीं। 

    क्यों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना 'OPS vs NPS'?
    वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए शुरू की गई अंशदायी पेंशन व्यवस्था से देश भर के कर्मचारी संगठन असंतुष्ट हैं। 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों में कर्मचारी यूनियनों ने साफ कहा है कि मौजूदा बाजार-आधारित रिटर्न वाली योजनाएं उनके और उनके परिवार के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं।

    कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें अनिश्चितता के माहौल से निकालकर पुरानी 'परिभाषित लाभ' वाली व्यवस्था के तहत लाया जाए।

    प्रमुख कर्मचारी संगठनों की क्या हैं 4 बड़ी मांगें?
    अलग-अलग केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष अपनी विस्तृत मांगें रखी हैं:

    A. मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (सर्वे ऑफ इंडिया): सर्वे ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी तरह बहाली की मांग की है। उनकी मांग है कि सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी के अंतिम प्राप्त मूल वेतन का कम से कम 50% हिस्सा गारंटीड पेंशन के रूप में तय किया जाए।

    B. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO): डाक विभाग के इस प्रमुख संगठन ने तर्क दिया है कि NPS और हाल ही में घोषित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) जैसी योजनाएं कर्मचारियों की आशंकाओं को दूर नहीं कर पा रही हैं। इसलिए NPS और UPS के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों को वापस पुरानी परिभाषित-लाभ पेंशन व्यवस्था (OPS) में शामिल किया जाए।

    C. रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS): रेलवे पेंशनभोगियों के इस संगठन ने पूर्व कर्मचारियों के वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। संघ ने सरकार से एक गारंटीड न्यूनतम पेंशन का प्रावधान करने और पेंशन सुरक्षा को और मजबूत करने का आग्रह किया है।

    D. भारत पेंशनर्स समाज (BPS): पेंशनभोगियों के इस सबसे बड़े मंच ने आयोग के सामने आंकड़ों के साथ बड़ी मांग रखी है। BPS ने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने, अंतिम वेतन का 67% पेंशन देने और फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50% करने की सिफारिश की है।

    आगे क्या होगा? जानिए कब लागू हो सकती हैं सिफारिशें
    वेतन आयोग देश भर के अलग-अलग जोनों में जाकर सभी हितधारकों की बातें सुन रहा है। इन बैठकों में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने और पेंशन बराबरी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी ज्ञापन प्राप्त हुए हैं।

    आयोग अपनी रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सरकार द्वारा सिफारिशें मंजूर होने पर इसे लागू किया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या केंद्र सरकार मौजूदा NPS/UPS जैसे अंशदायी ढांचे को ही मजबूत करेगी या फिर कर्मचारी संगठनों के भारी दबाव में पेंशन संरचना में कोई क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी।

    8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन सुधारों को लेकर जिस तरह से केंद्रीय कर्मचारी एकजुट होकर 'गारंटीड पेंशन' और अंतिम वेतन के 50% के फिक्स फॉर्मूले की मांग कर रहे हैं, उससे सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ गया है। 2027 में आने वाली फाइनल रिपोर्ट यह तय करेगी कि 2004 के बाद भर्ती हुए लाखों कर्मचारियों का रिटायरमेंट सुरक्षित हो पाएगा या नहीं।

  • पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव को मिला ‘सहकारिता विभूषण’ राष्ट्रीय पुरस्कार, नई दिल्ली में सम्मान

    पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव को मिला ‘सहकारिता विभूषण’ राष्ट्रीय पुरस्कार, नई दिल्ली में सम्मान

    नई दिल्ली
     सहकारिता के क्षेत्र में दशकों से सक्रिय रहकर योगदान देने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं सहकारिता के दिग्गज नेता भगवान सिंह यादव को कृभको " कृषक भारती कोआपरेटिव " संस्था द्वारा शुक्रवार को सहकारिता विभूषण राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया. इस सम्मान को लेकर पूर्व मंत्री ने इस सम्मान जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया. इस दौरान गुजरात विधानसभा स्पीकर  शंकरभाई एल चौधरी को भी सहकारिता में योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
    नई दिल्ली के होटल अशोका में आयोजित समारोह में इस अवसर बोलते हुए पूर्व मंत्री भगवान सिंह ने कहा की सहकारिता को मजबूत किये बिना देश का विकास संभव नहीं है, जिसका कारण सहकारिता के माध्यम से ही देश के गरीब, मजदूर, किसान का विकास संभव है, इस अवसर पर उन्होंने कृभको के संचालक मण्डल के साथ अध्यक्ष  बी सुधाकर चौधरी, उपाध्यक्ष  चंद्रपाल सिंह, प्रबंध संचालक  सुन्दर सिंह यादव, संचालक  भंवर सिंह शेखावत और राज्य प्रबंधक राजा बाबू सिंह का हृदय से धन्यवाद किया. वही इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह के अलावा उत्तराखंड के पत्रकार प्रदीप सिंह यादव को आभार व्यक्त किया. पूर्व मंत्री यादव के सम्मान के समय अरुण सिंह तोमर,  उनकी नातिन राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित एड.कुं. पवित्रा सिंह, मनोज वास्तव, रामलखन आदि मौजूद रहे.