Category: देश

  • बडगाम में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, लश्कर कमांडर मूसा ढेर; कई हमलों से जुड़े थे तार

    बडगाम में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, लश्कर कमांडर मूसा ढेर; कई हमलों से जुड़े थे तार

    नई दिल्ली
    बडगाम मुठभेड़ में बीते दिनों पाकिस्तान लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा मारा गया था. जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप(SSG) का रिटार्ड कमांडो था. अधिकारियों के मुताबिक, वह पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम में भी तैनात रह चुका था.

    बता दें, बीते दिनों सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था. मुठभेड़ में लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया था.

    यह मुठभेड़ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में हुई थी. सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है. उस समय घाटी में भाड़े के आतंकियों की संख्या 300 से 400 के बीच या उससे ज्यादा आंकी जाती थी.

    लंबे समय से चल रही थी मूसा की तलाश
    मूसा की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त रणनीति बनाई. आखिरकार बडगाम के खानसाहिब इलाके के गुरवतकलान में ऑपरेशन के दौरान मूसा मारा गया.

    मूसा के मारे जाने के साथ ही 2022 के बाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के चार बड़े कमांडरों का समूह खत्म हो गया. सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस ग्रुप के जुनैद भट, सुलेमान और यासिर पहले ही अलग-अलग अभियानों में मारे जा चुके थे. जुनैद भट 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया था. सुलेमान को 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में ढेर किया गया, जबकि यासिर 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया. इसके बाद 30 सितंबर को मूसा का खात्मा हुआ.

    बड़े हमलों से जुड़े थे चारों कमांडर
    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इन चारों कमांडरों का नाम जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों के कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया था. इनमें अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2023 का कंडी हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला, अक्टूबर 2024 का गगनगीर हमला, अक्टूबर 2024 का बूटापथरी हमला और अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं.

  • महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, ओडिशा सरकार देगी खिलाड़ियों को ₹11 लाख और सपोर्ट स्टाफ को ₹5.5 लाख

    महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, ओडिशा सरकार देगी खिलाड़ियों को ₹11 लाख और सपोर्ट स्टाफ को ₹5.5 लाख

     भुवनेश्वर
     जापान के आईची नागोया में चल रहे एशियन गेम्‍स 2026 में भारत की महिला हॉकी टीम ने गोल्ड जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश में खुशी और आम जनता से लेकर नेताओं तक ने खिलाड़ियों का होसला बढ़ाया।

    इस बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारतीय महिला हॉकी टीम के हर खिलाड़ी के लिए ₹11 लाख और सपोर्टिंग स्टाफ के लिए ₹5.5 लाख के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

    ओडिशा सरकार हॉकी टीम को सपोर्ट करती रही है। अब इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री ने टीम को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी और कहा कि इससे देश को बहुत गर्व हुआ है।

    उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार भारतीय हॉकी के साथ मजबूती से खड़ी है और खेल उत्कृष्टता का समर्थन और पोषण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    44 साल बाद मिला गोल्ड
    वर्ल्ड रैंकिंग में 8वें नंबर पर मौजूद भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर पर मौजूद मौजूदा एशियाई चैंपियन चीन की टीम को 1-0 से हराकर 44 साल बाद सोना जीता।

    भारतीय महिला टीम ने इस गोल्ड के साथ लंबे वक्त का सूखा दूर कर दिया है। एशियाई खेलों में भारत ने इकलौता गोल्‍ड 1982 में दिल्ली में जीता था।

    तब महिला हॉकी को पहली बार इन गेम्‍स में शामिल किया गया था। उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा, लेकिन 1998 में दक्षिण कोरिया और 2018 में जापान से हार मिली।

    रेत कलाकार मानस कुमार साहू ने कला से दी बधाई
    ओडिश के फेमस सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने रेत से पेंटिंग बनाकर महिला टीम को बधाई दी है। उनकी कलाकृति पूरे सोशल मीडिया में वायरल है।
        
    इसमें महिला खिलाड़ियों का चित्र उकेरा गया है। इसके साथ ही बधाई देते हुए उन्होंने लिखा है- भारतीय हॉकी की रानियों को सलाम

     

  • श्री सिटी में फार्मा कंपनी में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 5 की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी

    श्री सिटी में फार्मा कंपनी में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 5 की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी

    तिरुपति 
    आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में एक प्राइवेट फ़ार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया है। तिरुपति ज़िले के सत्यवेदु मंडल इलाके में श्री सिटी स्थित एक प्राइवेट फार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से 5 कर्मचारियों की मौत हो गई और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। श्री सिटी स्थित TIL हेल्थकेयर फ़ार्मास्युटिकल कंपनी में हुए इस धमाके से अफ़रा-तफ़री मच गई, जिसके बाद बचाव और इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए ले जाया गया।

    अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की पहचान उजागर नहीं की है और न ही हादसे के बारे में कोई विस्तृत जानकारी दी है। बचाव कार्य और घायलों की चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद ही हताहतों की अंतिम संख्या की पुष्टि होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, सुरक्षा प्रणालियों की विफलता, कामकाज में किसी चूक या किसी अन्य कारण से हुआ है। 

    मंत्री ने जताया शोक
    आंध्र प्रदेश के शिक्षा और IT मंत्री नारा लोकेश ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। लोकेश ने अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि घायल कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव मदद देगी। 

    तिरुपति के सांसद ने हादसे की जांच की मांग की
    तिरुपति के सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने भी इस धमाके पर दुख जताया। उन्होंने मारे गए कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी लाने को कहा। गुरुमूर्ति ने हादसे की वजह की गहन जांच की भी मांग की। सांसद ने कहा कि घायलों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चला है कि इस हादसे में कई मज़दूरों की मौत हुई है, जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा है।

    सांसद डॉ. मड्डिला गुरुमूर्ति ने सुझाव दिया कि हादसे के कारणों की अच्छी तरह से जांच की जाए और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं कि इंडस्ट्री में मज़दूरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत ज़रूरी मदद दी जाए। इससे पहले इसी साल अप्रैल में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 20 मजदूरों की मौत हो गई थी।

    अधिकारी ने मृतकों की पहचान जारी नहीं की
    एक अधिकारी के मुताबिक, बॉयलर फटने की सही वजह अभी पता नहीं चली है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा व्यवस्था में चूक, संचालन संबंधी लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ।

    अधिकारियों ने अभी सभी मृतकों की पहचान और हादसे की पूरी जानकारी जारी नहीं की है। बचाव अभियान और घायलों की मेडिकल जांच पूरी होने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि होने की उम्मीद है।

    राज्य में यह पिछले एक साल में हुआ एक और बड़ा औद्योगिक हादसा है। इसी साल जून में विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में पिघला हुआ स्टील ले जा रहा लैडल टूट गया था। इसके बाद आग में 8 कर्मचारियों की मौत हुई थी।

    बॉयलर फटने के संभावित कारण
    बॉयलर हादसे के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। सिर्फ पुराने बॉयलर या प्रेशर गेज को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

        अत्यधिक दबाव: प्रेशर गेज या सेफ्टी वाल्व खराब होने पर दबाव बढ़ सकता है और बॉयलर फट सकता है।
        पानी का स्तर कम होना: इससे बॉयलर ज्यादा गर्म होकर उसकी धातु कमजोर हो सकती है।
        पुराना या खराब रखरखाव: जंग, दरार और स्केल जमने से बॉयलर की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
        मानवीय गलती: गलत वाल्व संचालन, खराब प्रशिक्षण या सुरक्षा नियमों का पालन न करना भी हादसे की वजह बन सकता है।

  • PM Kisan योजना में 4 बड़े बदलाव, 24वीं किस्त से पहले किसान जरूर जान लें ये नियम

    PM Kisan योजना में 4 बड़े बदलाव, 24वीं किस्त से पहले किसान जरूर जान लें ये नियम

    नई दिल्ली

     प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त की डेट अभी तय नहीं है। यह 30 नवंबर से पहले कभी मिल सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर करोड़ों किसानों के लिए है। पीएम किसान पोर्टल पर 4 नए बदलाव हुए हैं।

    क्या-क्या बदलाव हुए हैं, यह जानने से पहले बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता 2000-2000 रुपये के 3 किस्तों में देती है। अब तक 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार (DBT) के माध्यम से पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

    ये हैं पीएम किसान पोर्टल पर 4 जरूरी बदलाव

        कुछ छूट गया हो तो यहां ठीक करें
    पीएम किसान पोर्टल पर दाएं तरफ ढेर सारे चौकोर खाने बने हुए हैं। इनमें पहली लाइन में चौथे नंबर पर लिखा होगा Update Missing Information, यह सुविधा उन किसानों के लिए है, जिन्होंने पोर्टल पर अपनी जानकारी अधूरी छोड़ी है। इसके लिए इस चौकोर खाने को टैप करें।

    एक नया पेज खुलेगा। इसमें दो खाने दिए होंगे। पहले में आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। दूसरे में कैप्चा कोड भरें और सर्च पर टैप करें। आपको मिसिंग इन्फार्मेशन पता चल जाएगा और इसे आप यहीं से अपडेट करके सबमिट कर दें।

    2. पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट करें मोबाइल नंबर
    अगर आपने हाल फिलहाल अपना मोबाइल नंबर बदला है या फिर आधार में नया नंबर जुड़वाया है तो इस बदलाव के बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है। आप दूसरी लाइन में दूसरे चौकोर खाने पर टैप करें। यहां भी आप रजिस्ट्रेशन या आधार नंबर भरें। कैप्चा डालें और सर्च पर टैप करें। इसके बाद अपना आधार से लिंक्ड नंबर को डालकर अपडेट करें।

    3. अगर अपात्र हैं तो ऑन लाइन रिफंड करें
    अगर आप अपात्र होते हुए भी पीएम किसान की किस्त उठा रहे हैं तो आप ऑनलाइन रिफंड वाले खाने पर क्लिक करें । यहां भी रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें। कैप्चा कोड डालकर Get OTP पर क्लिक करें। इसके बाद दिए गए निर्देशों को पूरा करें और अब तक गलत तरीके से मिले पीएम किसान के पैसे को रिफंड कर दें।

    4. अपनी समस्यों के समाधान के लिए अधिकारियों का नंबर यहां पाएं
    आप पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाएं और दाएं साइड बने बॉक्स में से Search your Point of Contact (POC) पर क्लिक करें। यहां एक पेज खुलेगा, जिसमें लिखा होगा State Nodal Contact Detail, अगर स्टेट नोडल का का नाम पता और नंबर चाहिए तो सर्च स्टेट नोडल पर क्लिक करें और जिले के अधिकारियों से संपर्क करना हो तो Search district Nodal पर।

    इस टैब में आप अपना स्टेट सलेक्ट करें और इसके बाद डिस्ट्रिक्ट। सबमिट करें और आपके सामने नोडल अधिकारियों का नंबर और मेल आईडी होगी। उनसे संपर्क कर आप हेल्प ले सकते हैं।

  • 21 हजार नए गरीब परिवार जुड़े, हिमाचल में कुल संख्या 2.87 लाख; सरकार बनाएगी नई योजना

    21 हजार नए गरीब परिवार जुड़े, हिमाचल में कुल संख्या 2.87 लाख; सरकार बनाएगी नई योजना

    शिमला
     हिमाचल में गरीब परिवारों की संख्या घटने के बजाय बढ़ गई है। प्रदेश में अब नए सर्वे के आधार पर नौ चरण में करीब 2.87 लाख परिवार गरीब परिवारों की सूची में शामिल हुए हैं। पहले यह संख्या 2.66 लाख थी, यानी गरीब परिवारों की संख्या में करीब 21 हजार का इजाफा हुआ है।

    नौवें चरण में गरीब परिवारों के चयन की प्रक्रिया के तहत अभी प्रकिया को पूरा किया गया और 1.09 लाख परिवारों का चयन किया है। प्रदेश में 2.87 लाख गरीब परिवारों में करीब 1.50 लाख ऐसे गरीब परिवारों का चयन हुआ है, जो इससे पहले कभी भी गरीब परिवारों की सूची में शामिल नहीं रहे। सरकार अब इन चयनित परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं तैयार कर और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

    इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को केवल सूची में दर्ज करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, आवास, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी सहायता का लाभ दिलाना होगा। प्रदेश में पहले से बीपीएल सूची में दर्ज 2.66 लाख परिवारों में से 1.16 लाख ऐसे परिवार हैं जो पहले वाली सूची में शामिल थे।

    नौवें चरण में बड़ी संख्या में परिवारों का सर्वे और सत्यापन किया गया। चयन के बाद सामने आए आंकड़ों ने पुराने रिकार्ड में दर्ज गरीब परिवारों की संख्या को पीछे छोड़ दिया है। इसमें शामिल पात्र महिलाओं को 1500 रुपये, 300 यूनिट निश्शुल्क बिजली, चरणबद्ध तरीके से आवास की सुविधा सहित स्वरोजगार व रोजगार के लिए उचित व्यवस्था की जाती है।

     

  • EPFO का नया सिस्टम, नौकरी बदलने पर पुराने PF खाते का पैसा खुद नए खाते में होगा ट्रांसफर

    EPFO का नया सिस्टम, नौकरी बदलने पर पुराने PF खाते का पैसा खुद नए खाते में होगा ट्रांसफर

    नई दिल्ली

    नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी के प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने के लिए अब आपको अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वाले पात्र सदस्यों के लिए पीएफ बैलेंस अपने आप ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू की है. यानी नई कंपनी में नौकरी शुरू होने और जरूरी जानकारी दर्ज होने के बाद पुराने पीएफ खाते का पैसा अपने आप नए खाते में ट्रांसफर हो सकेगा। 

    इस बदलाव का सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो समय-समय पर नौकरी बदलते रहते हैं. पहले पीएफ ट्रांसफर कराने के लिए अलग से रिक्वेस्ट डालनी पड़ती थी और कई बार प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था. अब EPFO का मकसद इस काम को आसान बनाना और कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को एक जगह बनाए रखना है. आइए, समझते हैं कि नया नियम कैसे काम करेगा और आपको क्या करना होगा। 

    पहले नौकरी बदलने पर क्या होता था?

    पुरानी व्यवस्था में नौकरी बदलने के बाद कर्मचारी को अपनी नई कंपनी में UAN की जानकारी देनी पड़ती थी. इसके बाद नए पीएफ खाते को पुराने खाते से जोड़ने और पैसा ट्रांसफर कराने के लिए अलग से रिक्वेस्ट डालनी पड़ती थी. यह ट्रांसफर रिक्वेस्ट EPFO के पोर्टल के जरिए ऑनलाइन की जा सकती थी. कुछ मामलों में ऑफलाइन प्रोसेस का विकल्प भी उपलब्ध था। 

    इसके बाद नियोक्ता (Employer) और EPFO की ओर से जरूरी जांच पूरी की जाती थी. प्रक्रिया पूरी होने पर पुराने खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर होता था. इस दौरान जानकारी में गड़बड़ी या दूसरी वजहों से देरी भी हो सकती थी. बार-बार नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पीएफ खातों का रिकॉर्ड संभालना भी मुश्किल हो जाता था। 

    नए सिस्टम में कैसे होगा PF ट्रांसफर?
    EPFO ने अपने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म के जरिए पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाया है. इसके तहत आधार से जुड़े UAN वाले पात्र सदस्यों का पीएफ बैलेंस अपने आप ट्रांसफर किया जा सकेगा. इसे तीन चरणों में समझिए…

    स्टेप 1: नई कंपनी में जॉइनिंग के समय अपना मौजूदा UAN दें. नौकरी बदलने पर नया UAN बनवाने के बजाय उसी UAN का इस्तेमाल करना जरूरी है.

    स्टेप 2: नई कंपनी की ओर से आपकी जॉइनिंग और पीएफ से जुड़ी जरूरी जानकारी EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी.

    स्टेप 3: पात्रता की शर्तें पूरी होने पर पुराने पीएफ खाते का बैलेंस नए खाते में अपने आप ट्रांसफर हो सकेगा. इसके लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालने की जरूरत नहीं होगी.

    ध्यान रखें कि यह सुविधा आधार से जुड़े UAN और संबंधित पात्रता शर्तों पर लागू होती है. इसलिए यह सुनिश्चित कर लें कि आपका UAN आधार से जुड़ा है और आपकी जानकारी सही है.

    एक UAN रखने से क्या फायदा होगा?
    नौकरी बदलने पर कर्मचारी का UAN वही रहेगा, जबकि नई कंपनी के साथ नया पीएफ खाता जुड़ सकता है. ऑटोमैटिक ट्रांसफर की सुविधा से पुराने खाते में जमा रकम को नए खाते में लाना आसान होगा. इससे कर्मचारियों को कई फायदे मिल सकते हैं.

    कम कागजी कार्रवाई: पीएफ ट्रांसफर के लिए बार-बार अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

    बचत का बेहतर हिसाब: पुरानी नौकरी में जमा पीएफ की रकम नए खाते में आने से कुल बचत को समझना आसान होगा.

    सर्विस रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद: अलग-अलग नौकरियों का रोजगार रिकॉर्ड एक ही UAN के तहत देखा जा सकेगा.

    समय की बचत: ट्रांसफर के लिए अलग से अनुरोध करने और उसकी स्थिति का इंतजार करने की जरूरत कम होगी.

    हालांकि, पीएफ ट्रांसफर और अंतिम निकासी यानी फाइनल सेटलमेंट अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. ऑटोमैटिक ट्रांसफर की सुविधा का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का क्लेम भी अपने आप मंजूर हो जाएगा.

    अपना PF और सर्विस रिकॉर्ड कैसे चेक करें?
    अगर आपने हाल में नौकरी बदली है, तो यह देखना जरूरी है कि आपकी नई नौकरी और पीएफ खाते की जानकारी EPFO के रिकॉर्ड में सही दर्ज है या नहीं. इसके लिए इन चरणों का पालन करें…

        EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाएं.
        अपने UAN और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें.
        जरूरत पड़ने पर OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें.
        पोर्टल पर उपलब्ध सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में जाएं.
        यहां अपनी पिछली और मौजूदा नौकरी से जुड़ा रिकॉर्ड जांचें.

    अगर नई कंपनी की जानकारी दिखाई नहीं दे रही है या रिकॉर्ड में कोई गलती है, तो पहले अपनी कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट (HRD) से संपर्क करें. UAN, आधार और दूसरी जरूरी जानकारी में अंतर होने पर उसे ठीक करवाएं.

    EPFO के डिजिटल सिस्टम में कई बदलाव
    EPFO अपने मेंबर सर्विस प्लेटफॉर्म को आसान बनाने के लिए कई बदलाव कर रहा है. इनमें पीएफ क्लेम की प्रक्रिया को तेज करना, भुगतान व्यवस्था में सुधार और अलग-अलग कार्यालयों पर निर्भरता कम करने जैसे प्रयास शामिल हैं. ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर भी इसी दिशा में एक कदम है. अगर आप नई कंपनी में शामिल हुए हैं, तो सबसे पहले अपना पुराना UAN इस्तेमाल करें और आधार लिंक होने के साथ अपनी जानकारी भी जांच लें. इससे पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान बनाने वाली इस सुविधा का लाभ लेने में मदद मिलेगी। 

  • 8वें वेतन आयोग से पहले NPS में बड़ा अपडेट, OPS की मांग के बीच आई ‘तत्काल’ स्कीम

    8वें वेतन आयोग से पहले NPS में बड़ा अपडेट, OPS की मांग के बीच आई ‘तत्काल’ स्कीम

    नई दिल्ली

    एक ओर जहां कई कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने OPS को बहाल करने की डिमांड की है तो दूसरी ओर पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस में 2-3 करोड़ नए सब्सक्राइबर जुड़ने की उम्मीद लगा रखी है।PFRDA की चेयरपर्सन एस रमन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले दो साल में NPS से करीब 2-3 करोड़ नए सब्सक्राइबर जुड़ेंगे। रमन ने एनपीएस दिवस के मौके पर PTI से बातचीत में कहा कि इस बढ़ोतरी की वजह हाल ही में शुरू की गई ‘NPS तत्काल’ सुविधा हो सकती है। इसका मकसद NPS अकाउंट खोलने के प्रोसेस को तेज और आसान बनाना है।

    बता दें सरकार ने 1 जनवरी 2004 को ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह NPS शुरू किया था। इस नई स्कीम के तहत लोग अपने कामकाजी सालों में पैसा जमा करते हैं और यह रकम बाजार से जुड़े फंडो में लगाई जाती है।

    8वें वेतन आयोग से गारंटीड पेंशन की मांग
    सर्वे ऑफ इंडिया की MSA ने 8वें वेतन आयोग से OPS बहाल करने की मांग की है। संगठन ने अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर गारंटीड पेंशन की मांग भी रखी है। वहीं फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल आर्गेनाइजेशन ने NPS और UPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को भी पेंशन व्यवस्था में लाने की मांग की है।

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS जरूरी
    रिटायरमेंट के समय जमा हुई रकम से पेंशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें एन्युइटी आधारित आय भी शामिल है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS जरूरी है, जबकि प्राइवेट सेक्टर के लोग इसमें स्वेच्छा से जुड़ सकते हैं।

    NPS तत्काल से छोटे शहरों में बढ़ेगा पेंशन कवरेज
    NPS तत्काल सुविधा से टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले लोगों में भी पेंशन कवरेज बढ़ने की उम्मीद है। रमन ने कहा कि यह सुविधा इन्फॉर्मल सेक्टर के और लोगों को भी पेंशन सिस्टम से जोड़ सकती है। इससे NPS का दायरा सिर्फ सैलरीड और फॉर्मल सेक्टर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा।

    NPS तत्काल स्कीम क्या है?
    अब तक ग्राहक BHIM ऐप या अपने बैंक के UPI ऐप से सीधे NPS में एनरोल या नया NPS अकाउंट नहीं खोल सकते थे। हालांकि, इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आगे पैसा जमा करने के लिए किया जा सकता था।

    NPS में औपचारिक रूप से जुड़ने के लिए पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ता था, जिससे परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) मिलता था।

    ‘NPS तत्काल’ स्कीम के जरिए PFRDA, UPI से नए NPS सब्सक्राइबर जोड़ेगा। इसकी शुरुआत NPCI के BHIM UPI ऐप से होगी। इसके लिए KYC-वेरिफाइड बैंक अकाउंट चाहिए और ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन से पैसा जमा किया जा सकता है।

    BHIM ऐप पर NPS अकाउंट कैसे खोलें?
    NPS तत्काल स्कीम से लोग BHIM ऐप डाउनलोड करने के बाद महज कुछ आसान स्टेप्स में पेंशन अकाउंट खोल सकते हैं। स्टेप्स ये हैं…

    1. BHIM ऐप खोलें, होमस्क्रीन पर रिचार्ज और बिल पेमेंट सेक्शन में ‘view all’ पर क्लिक करें, फिर NPS टैब पर जाएं।

    2. अपना डेट ऑफ बर्थ जैसी बेसिक जानकारी दें।

    3. प्रोसेस के दौरान दिख रहे अपने बैंक अकाउंट को चुनें।

    4. UPI से कम से कम ₹250 का पहला कंट्रीब्यूशन ऑथराइज करें। इससे आपका PRAN बनेगा और अकाउंट एक्टिव हो जाएगा।
    किन बैंकों के ग्राहक आवेदन कर सकते हैं?

    रमन ने यह भी दोहराया कि फिलहाल स्टेट बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक के ग्राहक BHIM ऐप से NPS अकाउंट खोलने की इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए कागजी काम की जरूरत नहीं है, पूरा प्रोसेस डिजिटल है और KYC तुरंत पूरी हो जाती है। तत्काल रूट का मकसद NPS अकाउंट खोलने के प्रोसेस को आसान और तेज बनाना है।

  • एनएमडीसी ने महात्मा गांधी को उनकी 157वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी

    एनएमडीसी ने महात्मा गांधी को उनकी 157वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी

    हैदराबाद

     भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने आज अपने
    मुख्‍यालय, हैदराबाद और देश भर की सभी परियोजनाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी
    157वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
    मुख्‍यालय , हैदराआद में गांधी जयंती समारोह का शुभारंभ श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी), श्री
    कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक), श्री विवेक निशांत नाथ, निदेशक (वाणिज्य) और  सी नीलकंठ
    रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलन और महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ वरिष्ठ
    अधिकारियों और कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।
    इस भव्‍य अवसर पर उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने स्वच्छता की शपथ ली । साथ
    ही, स्वच्छता, साफ-सफाई , स्वस्थ कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को बनाए रखने की अपनी
    प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
    इस अवसर पर, विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी) ने सभी कर्मचारियों से स्वच्छता के लिए कुछ घंटे
    समर्पित करने का आह्वान किया और उनसे आग्रह किया कि वे स्वच्छता बनाए रखने के लिए पहले स्वयं में
    परिवर्तन लाते हुए दूसरों को अपना समय तथा प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करें। उन्होंने
    ईमानदारी, सत्य और विश्वास पर गांधीजी के विचारों को आत्मसात करके कर्मचारियों से एक शिक्षित,
    विकसित और समृद्ध भारत का लक्ष्य रखने का आग्रह किया।
    कार्यक्रम का समापन, एनएमडीसी मुख्‍यालय परिसर में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ अधिकारियों
    और कर्मचारियों की भागीदारी के साथ संपन्‍न हुआ।

  • UCC पर गुजरात में बड़ा बदलाव, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ नया कानून

    UCC पर गुजरात में बड़ा बदलाव, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ नया कानून

    अहमदाबाद 

    गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. गुजरात सरकार के UCC विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद राज्य सरकार ने कानून से जुड़ी राजपत्र अधिसूचना भी जारी कर दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ गुजरात में UCC को लागू करने की दिशा में अहम कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब इसके प्रावधानों को जमीन पर लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया तेज होगी. सरकार की ओर से लाए गए इस कानून में विवाह से लेकर तलाक और उत्तराधिकार तक कई अहम नियम शामिल हैं. यानी आने वाले समय में परिवार और निजी कानून से जुड़े कई मामलों में लोगों को नए नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

    UCC में महिलाओं और पुरुषों को संपत्ति तथा उत्तराधिकार के मामले में समान अधिकार देने का प्रावधान है. बेटा और बेटी दोनों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा. वहीं अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के प्रावधानों से बाहर रखा गया है. विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करने के साथ लिव-इन संबंधों को लेकर भी नियम बनाए गए हैं. बिना वसीयत मृत्यु होने की स्थिति में संपत्ति के बंटवारे के लिए भी नए प्रावधान हैं. ऐसे में गुजरात में UCC लागू होने के बाद विवाह और परिवार से जुड़े मामलों में क्या बदलाव आएंगे इसे समझना जरूरी है। 

    राज्य के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC-2026) बिल को देश की राष्ट्रपति की तरफ से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद गुजरात सरकार ने इसे 'गुजरात एक्ट नंबर 15 ऑफ 2026' के रूप में अधिसूचित करते हुए 1 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक गुजरात गजट (Gazette) में प्रकाशित कर दिया है।

    यह कानून राज्य सरकार द्वारा जारी की जाने वाली आगामी अधिसूचना की तिथि से पूरे गुजरात में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के बाद गुजरात देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता लागू होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    1. विवाह का पंजीकरण होगा जरूरी

    UCC के तहत विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. कानून लागू होने के बाद सभी विवाहों का निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराना होगा. दी गई जानकारी के मुताबिक यह अवधि 60 दिन है. तय समय में पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान है. विवाह के समय पुरुष की उम्र कम से कम 21 वर्ष और महिला की उम्र 18 वर्ष होना जरूरी होगा. खास बात यह है कि UCC पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों को खत्म नहीं करता. अलग-अलग धर्मों में विवाह की जो परंपराएं हैं वे जारी रह सकती हैं. हालांकि विवाह का कानूनी पंजीकरण जरूरी होगा। 

    गुजरात के UCC में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं.
    2. एक से ज्यादा विवाह पर रोक

    UCC में एकविवाह का नियम रखा गया है. यानी पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह नहीं किया जा सकता. इसका मतलब है कि वैवाहिक स्थिति में रहते हुए दोबारा विवाह करने पर कानूनी दिक्कत हो सकती है. तलाक और विवाह से जुड़े मामलों के लिए भी कानून में प्रक्रिया तय की गई है. इसके अलावा विवाह का पंजीकरण नहीं होने पर सरकारी दस्तावेजों या रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड में वैवाहिक स्थिति बदलने पर भी असर पड़ेगा. ऐसे मामलों में पहले विवाह का पंजीकरण जरूरी होगा। 

    3. लिव-इन रिलेशनशिप पर भी नए नियम
    गुजरात के UCC में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं. लिव-इन में रहने वाले या ऐसा संबंध शुरू करने वाले जोड़ों को रजिस्ट्रार के सामने संयुक्त बयान देकर पंजीकरण कराना होगा. यानी ऐसे संबंधों को लेकर सरकार के पास आधिकारिक रिकॉर्ड रहेगा. लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने पर भी रजिस्ट्रार को इसकी जानकारी देनी होगी. यह सूचना संयुक्त रूप से या किसी एक पक्ष की ओर से दी जा सकती है. इस तरह लिव-इन संबंधों को भी कानून के दायरे में लाने की कोशिश की गई है। 

    4. बेटा-बेटी को संपत्ति में बराबर अधिकार
    UCC में उत्तराधिकार को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. बिना वसीयत बनाए किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी बच्चों और माता-पिता को संपत्ति में कानूनी अधिकार मिलेगा. बेटे और बेटी के बीच उत्तराधिकार में भेद नहीं किया जाएगा. इसके अलावा विवाह के बाहर जन्मे बच्चों और सरोगेसी या गोद लेने के जरिए परिवार में आए बच्चों को भी जैविक बच्चों के समान कानूनी और उत्तराधिकार संबंधी अधिकार दिए गए हैं. महिलाओं को भी संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में पुरुषों के बराबर अधिकार देने का प्रावधान है। 

    5. आदिवासी समुदाय को कानून से छूट
    गुजरात UCC का एक अहम प्रावधान अनुसूचित जनजातियों से जुड़ा है. संविधान के अनुच्छेद 366(25) और 342 के तहत आने वाली अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के प्रावधानों से छूट दी गई है. संविधान के भाग 21 के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले कुछ समूह भी इसके दायरे से बाहर रहेंगे. इसके अलावा विवाह या तलाक से जुड़े विवादों में अदालत जाने से पहले मध्यस्थता का विकल्प रखा गया है. यानी विवाद को अदालत तक ले जाने से पहले आपसी समाधान की कोशिश की जा सकती है. राष्ट्रपति की मंजूरी और राजपत्र अधिसूचना के बाद अब UCC के प्रावधानों को लागू करने से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

    शादी का रजिस्ट्रेशन 60 दिनों में अनिवार्य; भारी जुर्माने का प्रावधान
    गुजरात UCC-2026 के लागू होने के बाद विवाह (Marriage) और तलाक (Divorce) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव आएगा:

    60 दिनों की सीमा: विवाह संपन्न होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए मेमोरेंडम जमा करना अनिवार्य होगा।

    लापरवाही पर जुर्माना: निर्धारित समय में शादी का पंजीकरण न कराने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    नोटिस के बाद भी अनदेखी: यदि नोटिस जारी किए जाने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो जुर्माने की राशि बढ़कर ₹25,000 तक हो सकती है।

    लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़े और स्पष्ट नियम
    UCC के तहत लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) को भी कानूनी दायरे में लाते हुए इसके रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाया गया है:

    कानूनी दर्जा व भरण-पोषण: लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चे को वैध/कानूनी संतान का पूर्ण दर्जा प्राप्त होगा। इसके अलावा, यदि पुरुष साथी महिला को छोड़ता है, तो महिला को भरण-पोषण मांगने का कानूनी अधिकार होगा।

    गलत जानकारी देने पर सजा: लिव-इन रजिस्ट्रेशन के दौरान झूठी या गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक की जेल या ₹25,000 तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।

    नाबालिगों के लिए रोक: किसी भी नाबालिग के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने को लेकर अत्यंत सख्त और दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    अनुसूची जनजातियों (ST) को छूट और पुराने कानूनों पर प्रभाव
    अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को छूट: संविधान के Part XXI के तहत संरक्षित परंपरागत अधिकारों वाले समूहों और अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस UCC कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

    पुराना कानून रद्द: इस नए कानून के लागू होते ही 'Gujarat Registration of Marriages Act, 2006' को निरस्त (Repeal) कर दिया जाएगा। साथ ही, शादी व तलाक से जुड़े पुराने व्यक्तिगत कानूनों की असंगत धाराएं UCC के प्रभाव से बेअसर हो जाएंगी।

    मार्च 2026 में विधानसभा में पास हुआ था बिल
    गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने मार्च 2026 में UCC बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर पास कराया था। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। राष्ट्रपति की मोहर लगते ही अब गुजरात में UCC-2026 लागू होने का ऐतिहासिक रास्ता साफ हो गया है।

  • PM मोदी ने जाना कैप्टन स्मित मछार का अनुभव, बातचीत में सामने आई हौसले की कहानी

    PM मोदी ने जाना कैप्टन स्मित मछार का अनुभव, बातचीत में सामने आई हौसले की कहानी

     नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से अभी फोन पर बात की. कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना के दौरान अपने अनुभव और उन्हें हिम्मत देने वाली बातों के बारे में बताया. पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 

    कैप्टन स्मित मछार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट उड़ा रहे थे. उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी. इस दौरान विमान अपनी क्रूजिंग ऊंचाई से अचानक हजारों फीट नीचे आ गया और कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। 

    खून से थे लथपथ, फिर भी नहीं हारी हिम्मत
    इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का तरीका खोजा, जिसके बाद आगे बैठे यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर पायलट को काबू किया। 

    फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को संभाला. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट किया गया और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। 

    कैप्टन स्मित ने 9/11 जैसी त्रासदी रोकी- PM मोदी
    घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने तारीफ की। 

    पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई और संभावित 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में अहम भूमिका निभाई. गुजरात सरकार ने भी उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से सम्मानित करने का ऐलान किया है। 

    अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन मच्छर
    कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान उन्हें हिम्मत किस बात से मिली।

    प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद कैप्टन मच्छर की हालत स्थिर है। वह संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं।

    संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में घायल पायलट और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मच्छर का हौसला मजबूत है और वह “मुस्कुरा भी रहे थे और हंस भी रहे थे।”

    PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।” प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।

    राजदूत ने अस्पताल के दौरे के बाद प्रसार भारती से बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।

    उन्होंने कहा, “मैं उनसे और उनके परिवार से अस्पताल में मिला। वह अच्छा कर रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। उन्हें देखकर मुझे काफी राहत मिली।”

    मित्तल ने कहा, “वह बात कर रहे थे और बातचीत कर रहे थे। उन्हें थोड़ी परेशानी है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में उन्हें अच्छा इलाज मिल रहा है।”

    राजदूत ने कैप्टन मच्छर को “भारत का बहादुर बेटा” बताया। उन्होंने कहा कि मिड-एयर इमरजेंसी के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी तबाही टली।

    पीएम मोदी ने घरवालों से भी की थी बात
    पीएम मोदी ने गुरुवार को पायलट की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी।

    दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया।

    सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।

    खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया।

    गंभीर चोटों के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला
    इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया।

    दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।

    सऊदी अरब में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग
    इत्तेफाक से उसी फ्लाइट में बतौर यात्री सफर कर रहे फ्लाईदुबई के ही दो अन्य पायलट फौरन सक्रिय हुए। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर अनियंत्रित हो रहे विमान का स्टीयरिंग थामा और उसे स्थिर किया।

    हवा में उपजे इस भारी तनाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए उड़ान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़ा गया, जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ विमान को सकुशल उतार लिया गया।