Category: मध्य प्रदेश

  • एमपी के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार

    एमपी के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार

     भोपाल

    प्रदेश में साढ़े चार लाख पेंशनरों की महंगाई राहत दस माह से नहीं बढ़ाई गई है। अभी भी इन्हें एक जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान में 58 और छठे वेतनमान में 257 की दर से महंगाई राहत मिल रही है।

    जबकि, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दी जा रही है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर एक जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत बढ़ाकर देने की मांग की है।

    कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव का आरोप

    पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी, प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने सामान्य प्रशासन विभाग के 26 मई 2026 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    जब अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को एक जनवरी 2026 से बढ़ी दरों पर 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो इसके लाभ से प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को वंचित क्यों रखा गया है।

    दस माह से पेंशनर महंगाई राहत में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी सीमित पेंशन पर निर्भर रहते हैं और उन्हें बढ़ती कीमतों के साथ चिकित्सा खर्च तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    शीघ्र मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी

    एसोसिएशन की भोपाल इकाई के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने महंगाई राहत में शीघ्र वृद्धि के आदेश जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हम आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को विवश होंगे।

    सूत्रों का कहना है कि सरकार दीपावली के आसपास महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसे लेकर वित्त विभाग तैयारी कर चुका है और वरिष्ठ स्तर से हरी झंडी की प्रतीक्षा है।

     

  • गोपाल किरन संस्था ने बढ़ाया बाढ़ पीड़ितों की ओर मदद का हाथ

    गोपाल किरन संस्था ने बढ़ाया बाढ़ पीड़ितों की ओर मदद का हाथ

    आपदा प्रभावित परिवारों की मदद और बच्चों की शिक्षा को जारी रखना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल : श्रीप्रकाश सिंह निमराजे

    ग्वालियर
    छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) ने आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ पीड़ितों के लिए स्टेशनरी सामग्री भी भेजी। संस्था की इस पहल का उद्देश्य आपदा से प्रभावित लोगों को कठिन परिस्थितियों में सहयोग देना तथा बच्चों की शिक्षा को बाधित होने से बचाने की दिशा में प्रयास करना है।

    गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदा के समय प्रभावित परिवारों की सहायता करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। संस्था समय-समय पर आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग करती रही है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों को आर्थिक कठिनाइयों, दैनिक आवश्यकताओं की कमी और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होना सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

     निमराजे ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ केवल घरों, संपत्तियों और आजीविका को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और उनके सामान्य जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। संस्था की ओर से भेजी गई शैक्षणिक सामग्री का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और विपरीत परिस्थितियों में उनके शैक्षणिक हितों का ध्यान रखना है।

    उन्होंने कहा कि आपदा के समय सहायता, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा को प्रोत्साहन देना गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के कार्यों की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। संस्था का मानना है कि सामाजिक सेवा का वास्तविक अर्थ केवल सामान्य परिस्थितियों में समाज के लिए कार्य करना नहीं, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग करना भी है। आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिलने से उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने में संबल मिलता है।

    गोपाल किरन समाजसेवी संस्था शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण, वंचित समुदायों के कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य करती रही है। संस्था अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा आपदा के समय सहयोगात्मक गतिविधियों को भी महत्व देती है। जगदलपुर के बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता और स्टेशनरी सामग्री भेजने की पहल इसी सामाजिक दृष्टिकोण का हिस्सा है।

    श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता करना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के सभी सक्षम व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं का साझा दायित्व है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएँ और विशेष रूप से प्रभावित बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में यथासंभव योगदान दें।

    संस्था का उद्देश्य है कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे परिवारों को सहयोग मिले और बच्चों को शिक्षा से जुड़े रहने के अवसर प्राप्त हों। गोपाल किरन समाजसेवी संस्था आगे भी अपनी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सामाजिक जरूरतों तथा आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रयासरत रहेगी।

     

  • वार्ड 74 के विकास को मिलेगी गति, राज्यमंत्री गौर ने बताई सरकार की प्राथमिकता

    वार्ड 74 के विकास को मिलेगी गति, राज्यमंत्री गौर ने बताई सरकार की प्राथमिकता

    क्षेत्र का समग्र विकास और उन्नत नागरिक सुविधाएं हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री  गौर

    वार्ड 74 में 60 लाख रुपये के विकास कार्यों किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल एवं अन्य ढांचागत संरचनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में विकास कार्य निरंतर गतिशील हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए, जिससे जन-सामान्य को इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ अविलंब मिल सके।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर मंगलवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 74 में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न बुनियादी विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं ।उन्होंने कहा कि इन जनोपयोगी निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से संपूर्ण क्षेत्रवासियों को सुदृढ़ सड़क मार्ग एवं समुचित जल-निकासी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्थायी राहत एवं सुगमता प्राप्त होगी।

    राज्यमंत्री  गौर ने साईंधाम करारिया में 17 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा कैलाश नगर सेमरा में 12 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी नाली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने महाराज रंजीत सिंह मार्ग से गणपति रॉयल तक 13 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सीसी रोड, कैलाश नगर में 11 लाख 50 हजार रुपये की लागत से आकार लेने वाली सीसी रोड व आरसीसी नाली तथा शारदा नगर में 4 लाख रुपये की लागत के सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।

    समारोह के समापन अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए। वहीं, क्षेत्र में बुनियादी विकास की इस नई सौगात के लिए स्थानीय नागरिकों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का हृदय से आभार व्यक्त किया।

     

  • इंदौर में नए होटल का उद्घाटन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- MP में बढ़ रही पर्यटन सुविधाएं

    इंदौर में नए होटल का उद्घाटन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- MP में बढ़ रही पर्यटन सुविधाएं

    मध्‍यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया एक निजी होटल का शुभारंभ
    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल एवं अन्य बड़ी परियोजनाओं में निवेश से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है और जनता के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उज्जैन के निकट होने के कारण इंदौर में पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आवाजाही में वृद्धि होगी। ऐसे में कॉर्पोरेट जगत की बैठकों, व्यापारिक आयोजनों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटल्स की महती भूमिका होती है। उन्होंने होटल के शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर अहिल्या की नगरी इंदौर को यह नई सुविधा मिलना विशेष महत्व रखता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होटल पर्यटन, व्यापार और कॉर्पोरेट गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही इंदौर की आधुनिक आतिथ्य सुविधाओं को और मजबूत करेगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला तथा विधायक मधु वर्मा, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, मयंक राज सिंह भदौरिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • MP Weather Update: उज्जैन-जबलपुर में भी रहेगा मिला-जुला मौसम, रात में ठंडक और दिन में गर्मी करेगी परेशान

    MP Weather Update: उज्जैन-जबलपुर में भी रहेगा मिला-जुला मौसम, रात में ठंडक और दिन में गर्मी करेगी परेशान

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में असर देखने को मिलेगा। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा।मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान है। भोपाल और इंदौर में रात में ठंडक बनी रहेगी, जबकि उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर खत्म हो गया, लेकिन अब नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और नए चक्रवात की वजह से प्रदेश में असर देखने को मिलेगा।

    मानसून लौट चुका, बारिश जारी
    प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।

    अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है।

    इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है।

    वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई।

    इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप को पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

    रतलाम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप की माताजी, एवं समाजसेवी स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्व. श्रीमती काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्व. श्रीमती काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

     

  • हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    भोपाल
    गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हमीदिया अस्पताल को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल्स (NABH) के नवीनतम छठवें एडिशन मानकों के अनुरूप पुनः पूर्ण मान्यता प्रदान की गई है। इसके साथ ही हमीदिया अस्पताल देश का पहला ऐसा सबसे बड़ा 1820 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल बन गया है, जिसे एनएबीएच के छठे संस्करण की यह प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है।

    तीन सदस्यीय टीम ने किया सर्विलांस असेसमेंट
    अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता संबंधी प्रक्रियाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए एनएबीएच की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम ने 10 जुलाई 2026 से 12 जुलाई 2026 तक यहां सर्विलांस असेसमेंट किया था। टीम द्वारा सभी पैमानों पर विस्तृत और गहन मूल्यांकन किए जाने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से अस्पताल को अगस्त 2028 तक के लिए यह मान्यता सौंप दी गई।

    2024 में मिला था पांचवें एडिशन का प्रमाण
    उल्लेखनीय है कि हमीदिया अस्पताल को इससे पहले वर्ष 2024 के अगस्त माह में एनएबीएच के पांचवें एडिशन के तहत पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई थी। समय के साथ अस्पताल ने अपनी चिकित्सा प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाते हुए अब नवीनतम छठवें एडिशन के कड़े मानकों को भी पूरा कर लिया है।

    अधीक्षक ने बताई बड़ी उपलब्धि
    अधीक्षक डा. सुनीत टंडन ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दिखाता है। जिससे आम मरीजों को और अधिक बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकेंगी।

  • जज के कथित अपमानजनक व्यवहार से नाराज वकील, इंदौर अभिभाषक संघ के नेतृत्व में किया प्रदर्शन

    जज के कथित अपमानजनक व्यवहार से नाराज वकील, इंदौर अभिभाषक संघ के नेतृत्व में किया प्रदर्शन

    इंदौर
     कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह से जुड़े मामले में अधिवक्ताओं में भारी रोष है। न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह के कथित अपमानजनक व्यवहार के विरोध में इंदौर अभिभाषक संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बताया गया कि प्रदर्शनकारी अधिवक्ता जज के कोर्ट रूम में भी पहुँचे और वहाँ विरोध दर्ज कराया।

    अधिवक्ताओं का आरोप है कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार वकीलों के प्रति लगातार अच्छा नहीं रहा है। उनके अनुसार वकील कोर्ट में आते हैं तो उनसे "आप मुझे दिख नहीं रहे हो" जैसी बातें कही जाती हैं। आरोप यह भी है कि बहस के दौरान वकीलों को अपनी बात पूरी करने और जिरह (क्रॉस) करने नहीं दिया जाता, और उनके मुवक्किलों के सामने ही यह तक कह दिया जाता है कि "आपको वकालत करना नहीं आती, वकालत छोड़कर कोई और काम करें।"

    प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता ने बताया कि वे चुनाव जीतकर आए हैं और जब से पदभार संभाला है, तब से इस अधिकारी की रोज शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा, "इस आचरण से वकीलों में काफी रोष था। हम दो बार लिखित में उच्च न्यायालय को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज सुबह भी हम उच्च न्यायालय में शिकायत करके आए हैं।"

    अधिवक्ताओं ने इसके बाद संबंधित वरिष्ठ न्यायाधीश से भी मुलाकात की और उन्हें अपनी बात बताई। उनका कहना है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि आचरण में सुधार न हुआ तो वे उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन बाल न्यायालय पर भी हुआ, जहाँ संबंधित अधिकारी पीठासीन अधिकारी हैं।

    सामाजिक संस्था का समर्थन: इस आंदोलन को सामाजिक संस्था पौरुष, इंदौर ने भी समर्थन दिया। संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि वकीलों के साथ हो रहे कथित अन्याय के मुद्दे पर संस्था के सदस्यों ने कोर्ट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। दशोरा का आरोप है कि अब तक कोर्ट रूम में पुरुषों के साथ जजों द्वारा बदतमीज़ी और अपमान किया जाता रहा है और अब ऐसी घटनाएँ वकीलों के साथ भी हो रही हैं, जिसका संस्था पुरज़ोर विरोध करती है। संस्था के सदस्यों ने "अगर न्याय की बात है, हम एडवोकेट्स के साथ हैं", "अधिवक्ताओं का सम्मान करो" और "गर्व करो, अभिमान नहीं" जैसे नारों की तख्तियाँ लेकर विरोध जताया। आंदोलनकारी वकीलों ने भी हाथों में हाथ लेकर ये नारे लगाए। अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने संस्था के समर्थन की सराहना की।

  • मध्य प्रदेश में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराने पर सरकार सख्त, कोसमी मामले की होगी जांच

    मध्य प्रदेश में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराने पर सरकार सख्त, कोसमी मामले की होगी जांच

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के एक गांव में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। यह कदम केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रभावित परिवारों से मिलने और वन विभाग व स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाने के एक दिन बाद उठाया गया है।

    शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और उनकी फसल नष्ट किए जाने को सरासर 'अन्याय' करार दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि यह कार्रवाई अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा की छवि खराब करने की साजिश प्रतीत होती है।

    पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि यहां जो कुछ हुआ, वह बेहद दुखद है। मैंने सालों पहले अधिकारियों से कहा था कि इन परिवारों को परेशान न किया जाए, क्योंकि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री को इनके आंसुओं, बर्बाद हुई फसलों और उजड़े भविष्य के बारे में बताऊंगा। कोसमी गांव शिवराज सिंह चौहान के विदिशा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

    मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
    इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि मैंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हमारी सरकार संवेदनशील है और जांच के बाद सारी स्थिति साफ हो जाएगी।

    सूत्रों के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इन परिवारों की परेशानी से उन्हें अवगत करा सकते हैं। वन विकास निगम के सूत्रों के मुताबिक, इन 12 परिवारों ने वन भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ था। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2021 में 186.9 हेक्टेयर जमीन पर पौधारोपण किया गया था, जिसमें से 38.84 हेक्टेयर पर कथित तौर पर अतिक्रमण कर लिया गया था।

    क्या था मामला ?
    कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई थी। वह देर रात पीड़ित आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई को लेकर कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। स्थायी व्यवस्था होने तक उनके रहने और खाने-पीने का खर्च उठाने की बात भी उन्होंने कही थी।

    अधिकारियों से चर्चा के बाद भी हुई कार्रवाई
    शिवराज सिंह चौहान ने बताया था कि कार्रवाई रोकने के लिए उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से चर्चा की थी। इसके बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और कार्रवाई में शामिल दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

    प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह
    प्रशासन के मुताबिक, सीहोर जिले के वन विकास निगम के वन कक्ष क्रमांक 426 में वर्ष 2021 में पौधरोपण किया गया था। प्रशासन का आरोप है कि सिंहपुर के 10 आदिवासी परिवारों ने इस क्षेत्र में पौधरोपण को नुकसान पहुंचाकर खेती शुरू कर दी थी और झोपड़ियां बना ली थीं। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित परिवारों के खिलाफ पहले से वन अपराध के मामले दर्ज थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी दिए गए थे। प्रशासन का कहना है कि इन्हीं प्रक्रियाओं के तहत झोपड़ियों को हटाया गया।

    OBC आरक्षण पर भी सरकार करा रही परीक्षण
    अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में जांच की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले का परीक्षण करा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आगे की कार्रवाई या निर्णय की समयसीमा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

    पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे शिवराज, कार्रवाई पर जताई नाराजगी
    यह पूरा मामला सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव का है। यहां वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़े जाने की शिकायत सामने आई थी। रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं।

    मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से की बात
    मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी शिवराज सिंह चौहान ने आपत्ति जताई। उन्होंने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी चिंता व्यक्त की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बातचीत कर प्रभावित परिवारों की स्थिति से अवगत कराया।

    शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए नए मकान बनवाने और स्थायी आवास की व्यवस्था होने तक अस्थायी रूप से रहने तथा भोजन-पानी की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही।

    घरों के साथ फसल और पानी का संकट भी
    कोसमी गांव की कार्रवाई को लेकर उठे सवाल केवल आवास तक सीमित नहीं हैं। प्रभावित परिवारों की मक्का और तुअर की फसलों को नुकसान पहुंचने तथा पानी के लिए उपयोग किए जाने वाले कुएं में मिट्टी भरने की बात भी सामने आई है। इससे ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और आजीविका को लेकर मुश्किलें खड़ी होने की चिंता जताई जा रही है।

    अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर होने वाली जांच इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में कार्रवाई की परिस्थितियों, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान जैसे पहलुओं की पड़ताल किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आदिवासी परिवारों को राहत और आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।

     

  • दमोह में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की तैयारी, राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा पाठ से होगी शुरुआत

    दमोह में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की तैयारी, राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा पाठ से होगी शुरुआत

    दमोह

    बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा तीसरे दिन दमोह जिले के हटा से रवाना हो गई। इससे पहले, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गौरी शंकर भगवान के दर्शन किए। आज यात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज धीरेन्द्र शास्त्री के साथ मौजूद हैं।

    दोपहर में रथयात्रा दमोह के पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड पहुंचेगी। यहां भोजन और 90 मिनट का कार्यक्रम रखा गया है। यहां से यात्रा सागर के लिए रवाना होगी। इससे पहले, रविवार को पन्ना में शास्त्री ने कहा- भारत में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी है। अगर सभी हिंदू एकजुट नहीं हुए, तो आने वाला समय बहुत खराब हो जाएगा।

    यात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज मौजूद हैं।

    शास्त्री बोले- चाहे प्राण चले जाएं, धर्म नहीं छोड़ना
    यात्रा के पहले दिन शास्त्री ने कहा था, ‘चाहे जितने विरोधी आएं, प्राण चले जाएं, तो भी धर्म नहीं छोड़ना है।’ उन्होंने सनातनियों की एकता से भारत मजबूत होने की बात कही। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाए।

    यात्रा में शामिल कुछ युवकों ने चुनौती देते हुए कहा, ‘अब आ जाएं बागेश्वर धाम और रोककर दिखाएं यात्रा को।’ बिहार से आए संत ऋषि ने पन्ना में मिले सहयोग और उत्साह की सराहना की। उन्होंने लोगों से अच्छे कार्यों में सहयोग देने, गुरुदेव के साथ जुड़े रहने और उनकी बातों का पालन करने की अपील की।

    500 किमी की यात्रा, पांच जिलों से गुजरेगी
    सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। पांच दिवसीय यात्रा करीब 500 किलोमीटर का सफर तय कर पांच जिलों से गुजरेगी। इसका उद्देश्य सनातन एकता, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और लव जिहाद से मुक्त बुंदेलखंड बनाना बताया गया है।

    सोमवार को पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ रवाना हुई। शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात वचनों की शपथ दिलाई।