Category: मध्य प्रदेश

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री  मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।

    संदेश में प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।

     

  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भागीदारी के लिए दिया आमंत्रण

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भागीदारी के लिए दिया आमंत्रण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री  मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री  मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री  मोदी को अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री  मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।

     

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया सीपीआर प्रशिक्षण

    सेवा संकल्प अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया सीपीआर प्रशिक्षण

    अनूपपुर 

    भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा अनूपपुर द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, अनूपपुर में नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति एवं सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. आर.पी. सोनी ने विद्यार्थियों को सीपीआर के महत्व एवं आपात स्थिति में इसकी व्यवहारिक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया।

    भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. देवेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। सही तरीके से दिया गया सीपीआर जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि सीपीआर का प्राथमिक ज्ञान आम नागरिकों को भी होना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक जरूरतमंद व्यक्ति को प्राथमिक सहायता दी जा सके।

    कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, जिला प्रतिनिधि कमलाकर गौतम, कार्यकारिणी सदस्य राकेश गौतम, हरिशंकर वर्मा एवं कविता सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य रेनू सिंह ने प्रशिक्षण के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत बाइक रैली का चंदनघाट में आत्मीय स्वागत

    सेवा संकल्प अभियान के तहत बाइक रैली का चंदनघाट में आत्मीय स्वागत

    अनूपपुर 

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा के तहत बाइक रैली के अनूपपुर जिले में प्रवेश पर चंदनघाट, ग्राम पंचायत लालपुर, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ में आत्मीय स्वागत किया गया। बाइक रैली में शामिल सेवा यात्रियों के पहुंचने पर स्थानीय महिलाओं ने कलश के साथ तथा नागरिकों ने गुदुम बाजा बजाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान पुष्पवर्षा कर सेवा यात्रियों का अभिनंदन किया गया।

    बाइक रैली के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। गुदुम बाजा की धुन, कलश और पुष्पवर्षा के साथ किए गए स्वागत से वातावरण उत्साहपूर्ण रहा। नागरिकों ने रैली में शामिल सेवा यात्रियों के साथ सहभागिता करते हुए सेवा एवं सामाजिक सहभागिता के संदेश के प्रति अपना जुड़ाव व्यक्त किया।

    वडनगर से प्रारंभ हुई सेवा संकल्प यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए वाराणसी की ओर अग्रसर है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सामाजिक सहभागिता के भाव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर नागरिकों से संवाद एवं सामाजिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियां भी की जा रही हैं।

    इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, कलेक्टर श्री रत्नाकर झा, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष श्री हीरा सिंह श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा आम नागरिकों ने बाइक रैली में शामिल सेवा यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।

    संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।

     

  • MSP खरीदी के लिए 1 लाख से अधिक किसान पंजीकृत, 10 अक्टूबर तक करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

    MSP खरीदी के लिए 1 लाख से अधिक किसान पंजीकृत, 10 अक्टूबर तक करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

    समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये एक लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

    10 अक्टूबर तक होगा पंजीयन

    भोपाल

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अभी तक एक लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं।

    जबलपुर संभाग में 5 लाख 40 हजार 79, नर्मदापुरम में 9 हजार 436, भोपाल में 4 हजार 244, रीवा में 26 हजार 730, शहडोल में 9 हजार 710 और सागर संभाग में 4 हजार 766 किसानों ने पंजीयन कराया है।

    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा।

    सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

    उपार्जित फसल के भुगतान के लिये बैंक खाता

    किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

    सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके।  इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही एक रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।

    आधार नंबर का वेरिफिकेशन

    पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।

    किसानों को करें एसएमएस

    विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

     

  • Global Investors Summit-2027 की तैयारी तेज, CM डॉ. यादव ने PM मोदी को दिया निमंत्रण

    Global Investors Summit-2027 की तैयारी तेज, CM डॉ. यादव ने PM मोदी को दिया निमंत्रण

    प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।

     

  • भोपाल में आदर्श गौशाला को लेकर CM डॉ. यादव सख्त, जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश

    भोपाल में आदर्श गौशाला को लेकर CM डॉ. यादव सख्त, जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश

    भोपाल में आदर्श गौ शाला स्थापित करने के कार्य को शीघ्र पूर्ण करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    विभागों की योजनाओं पर हुई चर्चा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं पर चर्चा की। इन विभागों में नगरीय विकास एवं आवास, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को हुई बैठक में विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और कार्यों की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरों के साथ ही राजधानी भोपाल के विकास में नए आयाम जोड़े जाएं। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में बड़ी आदर्श गौशालाओं के संचालन में सफलता मिली है। इसी तरह भोपाल में इस मॉडल पर आदर्श गौ-शाला स्थापित करने के कार्य को गति प्रदान करते हुए अच्छे परिणाम प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से भी चर्चा की जाए। नई टाउनशिप विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। खनिज विभाग के अधिकारियों ने सिंगरौली जिले में माइनिंग सेक्टर की नई संभावनाओं और भविष्य में जिले के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि सिंगरौली में अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं। सिंगरौली विकास प्राधिकरण की गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।

    निजी क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित करें

    सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि निजी क्षेत्र में भी आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित किया जाए। जबलपुर के उद्यमी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कार्य के इच्छुक हैं। इस नाते उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अलावा टेक्नीकल यूनिवर्सिटी को एक महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र की पहचान देने के प्रयास किए जाएं।

    बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के कार्यों में अग्रणी है। प्रदेश के 83 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल मिल रहा है। गत दो वर्ष में इस कार्य में अच्छी सफलता मिली है। प्रदेश की 38 हजार 403 जल प्रदाय संरचनाओं को जियो टैग किया गया है।

     

  • MP में मानसून का आखिरी दौर, 2-3 दिन में विदाई; अब नहीं होगी तेज बारिश

    MP में मानसून का आखिरी दौर, 2-3 दिन में विदाई; अब नहीं होगी तेज बारिश

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की दहलीज पर है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश से लौट सकता है। विदाई से पहले नमी के असर से कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और गरज-चमक देखने को मिलेगी, हालांकि फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इस बीच प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले ऐसे हैं, जहां अब तक सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया है। वहीं आज प्रदेश के 8 जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं।

    प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश
    1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4% कम बारिश हुई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका, जबकि भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा कमी आलीराजपुर में रही, जहां सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से अधिक बारिश दर्ज की गई।

    55 में से 30 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा
    1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4% कम बारिश हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया। वहीं भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य से ज्यादा या सामान्य बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा कमी आलीराजपुर में रही, जहां सामान्य की आधी बारिश भी पूरी नहीं हो सकी। इसके उलट निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।

    प्रदेश में औसत 35.8 इंच बारिश ही रिकॉर्ड IMD के मुताबिक- प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी, यानी 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। ओवर-ऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कमी
    मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिमी हिस्से से बेहतर रहा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 4% ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई। 

    पूर्वी MP में बारिश बेहतर, पश्चिमी हिस्से में कमी
    मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पश्चिमी हिस्से की तुलना में बारिश की स्थिति बेहतर रही। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 4% अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई।
    वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    जून की कमी आखिर तक नहीं भर पाई
    इस बार मानसून के आंकड़े कम रहने की बड़ी वजह जून में हुई कम बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आया। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा सामान्य या उससे ऊपर रहा, लेकिन जून में हुई कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से मानसून सीजन खत्म होने के बाद भी प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य से करीब 4% नीचे है। प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।

    आज इन 8 जिलों में बूंदाबांदी
    मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है।

    4 दिन का मौसम
    1 अक्टूबर: पूर्वी हिस्से में कुछ जगह बूंदाबांदी, बाकी जगह धूप।
    2 अक्टूबर: नमी के असर से कुछ जिलों में हल्की बारिश संभव।
    3 अक्टूबर: बारिश की गतिविधियां और सीमित होने के आसार।
    इसके बाद: मानसून की विदाई के साथ बारिश का दौर लगभग थमने लगेगा। 

    जून की कमी आखिर तक पूरी नहीं हो सकी
    इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहने की बड़ी वजह जून में हुई कम बारिश रही। मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम बारिश हुई थी।
    जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रही, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद भी प्रदेश की कुल बारिश सामान्य से करीब 4% कम रही। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।

    अगले तीन दिन बूंदाबांदी के आसार
    मानसून की विदाई से पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हलचल बनी रह सकती है। गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत कई इलाकों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहा।

    2 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां होंगी कम
    मौसम के अगले चार दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अक्टूबर को पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बाकी इलाकों में धूप रहने की संभावना है। 2 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आएगी और 3 अक्टूबर के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश लगभग थमने लगेगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई का दौर शुरू होने की संभावना है।

     

  • भोपाल में भवन नियमों की अनदेखी! सील दुकानें दोबारा खुलीं, नगर निगम पर उठे सवाल

    भोपाल में भवन नियमों की अनदेखी! सील दुकानें दोबारा खुलीं, नगर निगम पर उठे सवाल

     भोपाल
     रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भवन नियमों के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद नगर निगम की कार्रवाई अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मौजूदा मास्टर प्लान और भवन नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। आदेश को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन निगम ने अब तक कोई बड़ा अभियान शुरू नहीं किया है।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर
    सबसे गंभीर स्थिति उन प्रतिष्ठानों की है, जिन्हें निगम ने स्वेच्छा से बंद कराने के बाद पंचनामा तैयार किया था। इनमें से भी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान अब दोबारा खुलने लगे हैं। यानी जिन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने का निगम ने बाकायदा दस्तावेज तैयार किया, वे ही फिर से संचालित हो रहे हैं।

    सीलिंग पर कोर्ट में पहुंची शिकायतें
    22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान भोपाल के रहवासियों की शिकायतों का हवाला दिया गया था। इनमें बताया गया कि कुछ प्रतिष्ठानों को दिन में सील किया गया, लेकिन शाम को वे फिर खोल दिए जाते हैं। कुछ मामलों में सीलिंग के कुछ घंटे या दिन बाद बिना किसी नए घटनाक्रम, शो-कॉज के जवाब या सक्षम प्राधिकरण के निर्णय के परिसर दोबारा खोले जाने की बात भी सामने आई।

    कोर्ट ने इन शिकायतों को रिकार्ड पर लेते हुए स्पष्ट किया कि सीलिंग के निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने और ‘पिक एंड चूज’ से बचने के निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक ऐसा अभियान नजर नहीं आया, जिससे लगे कि इन निर्देशों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    मास्टर प्लान-2047 जारी, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट भी जारी कर चुकी है। हालांकि, निगम प्रशासन को कार्रवाई मौजूदा नियमों के अनुसार ही कार्रवाई करनी है। इसके बावजूद रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच, चिन्हांकन और कार्रवाई को लेकर निगम की सुस्ती सवाल खड़े कर रही है।

        नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है।- भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम।