Category: मध्य प्रदेश

  • सब इंजीनियर भर्ती में बड़ा बदलाव, 13 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन; पद बढ़ने की उम्मीद

    सब इंजीनियर भर्ती में बड़ा बदलाव, 13 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन; पद बढ़ने की उम्मीद

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में सब इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य समकक्ष पदों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट में याचिका के बाद जल संसाधन और पीएचई विभाग ने पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जायेगा। 

    इसके साथ ही दूसरे विभागों से अतिरिक्त पदों की मांग भी मिली है। इन बदलावों के चलते मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के आवेदन फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।

    अब 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन में संशोधन की सुविधा 13 से 28 अक्टूबर तक रहेगी। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। संशोधित नियम पुस्तिका जल्द जारी की जाएगी।

    हाईकोर्ट में 24 संविदाकर्मियों ने लगाई थी याचिका
    जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 29 अगस्त 2026 को उपयंत्री पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान नहीं था।

    जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदाकर्मियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने 2023 की संशोधित नीति का हवाला देते हुए कहा था कि पात्र संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाना है।

    सुनवाई से पहले विभाग ने बदला भर्ती नियम
     जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही जल संसाधन और पीएचई विभाग ने संशोधन आदेश जारी कर दिया। इसमें उपयंत्री भर्ती में पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान शामिल कर दिया गया। इसके बाद MPESB ने भी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए आवेदन दोबारा लेने का निर्णय लिया है।

    पहले 1040 पदों पर निकला था विज्ञापन MPESB ने 18 अगस्त को समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया था। इसमें 1040 पदों पर भर्ती के लिए 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आवेदन लिए गए थे।

    विज्ञापन के बाद विभिन्न विभागों और शासकीय उपक्रमों से उपयंत्री के अतिरिक्त रिक्त पदों के मांगपत्र मंडल को मिले। वहीं आरक्षण संबंधी बदलाव भी हुए। इसलिए मंडल ने भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला लिया।

     

  • MP पुलिस का नया अंदाज: आधुनिक तकनीक और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था सुदृढ़

    MP पुलिस का नया अंदाज: आधुनिक तकनीक और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था सुदृढ़

    आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए "देश भक्ति – जन सेवा" के मूलमंत्र के साथ कार्य कर रही है। विगत समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पन्न हुई अत्यधिक संवेदनशील और जटिल परिस्थितियों में मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना किसी अनावश्यक बल प्रयोग या लाठीचार्ज के, केवल "पहले संवाद, फिर सुरक्षा" की सूझबूझ भरी रणनीति और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बल पर शांति स्थापित कर मिसाल कायम की है।

    ​जिलावार कानून-व्यवस्था के उत्कृष्ट उदाहरण

    ​1. धार: संवेदनशीलता, संवाद और त्रिस्तरीय सुरक्षा का प्रभावी मॉडल

    ​साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील धार जिले में पुलिस एवं प्रशासन ने कानूनी आदेशों के पालन और सौहार्द बनाए रखने में अभूतपूर्व तालमेल का प्रदर्शन किया। जिले मेंपूजन व नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। 23 जनवरी को  हजारों लोगों की वाग्देवी शोभायात्रा तथा दिनभर में श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दर्शन-हवन के दौरान 6 सेक्टरों और 7 जोन में पुलिस बल तथा  आरएएफ (RAF) प्लाटून की तैनाती कर चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    ​प्रतिबंधात्मक आदेश, सतत शांति समिति बैठकें, ड्रोन व सीसीटीवी निगरानी और आरएएफ/एसटीएफ/क्यूआरएफ के फ्लैग मार्च से माहौल पूरी तरह नियंत्रित रहा।

    ​कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत अनुमति निरस्त होने के बावजूद रैली निकालने की जिद पर अड़े असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी के साथ उल्लंघन पर व्यक्तियों की वैधानिक गिरफ्तारी कर शहर में शांति बनाए रखी।

    ​​2. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट: टकराव टालकर किसान आंदोलन में संवाद से समाधान

    ​मूंग खरीदी और खाद वितरण को लेकर नर्मदापुरम व आसपास के हजारों किसानों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और राजमार्ग पर 6 घंटे तक चक्काजाम करने की गंभीर स्थिति में भोपाल पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग से परहेज किया। पुलिस कमिश्नर व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को रोके रखा, जिससे आधी रात को मांगें पूरी होने के साथ चक्काजाम बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।

    गोविंदपुरा क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन और तनाव फैल गया, जहां कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस नेत्वरित कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कियाऔर संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर शांति व्यवस्था बहाल की।

    3. खंडवा एवं खरगोन जिले: अग्रिम समन्वय से रूट विवादों का खात्मा

    ​त्योहारों के दौरान जुलूसों के मार्गों और समय को लेकर उत्पन्न होने वाले तनाव को पुलिस ने त्‍योहारों के पूर्व "शांति समिति की बैठकें" आयोजित कर हल किया। दोनों पक्षों के धर्मगुरुओं की आपसी सहमति से रूट व समय निर्धारण करवाकर संभावित झड़पों को शून्य किया गया।

    ​4. राजगढ़ जिला (ब्यावरा एवं बोड़ा): मध्यस्थता से लिखित समझौता

    ​ग्रामीण इलाकों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर और रात्रिकालीन आयोजनों को लेकर उभरे विवाद में पुलिस ने थाना परिसरों में आपातकालीन बैठकें आयोजित कीं। कानून और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए पुलिस की मध्यस्थता में दोनों पक्षों से समय-सीमा और ध्वनि नियंत्रण का लिखित समझौता कराया गया।

    इसी प्रकार मध्यप्रदेश पुलिस ने "देशभक्ति-जनसेवा" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर अब म.प्र. पुलिस स्मार्ट, तकनीकी रूप से सक्षम और जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।

      1. डिजिटल नवाचार एवं पारदर्शी नागरिक सेवाएं

    नागरिकों को बिना किसी झंझट के पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल माध्यमों को सशक्त बनाया गया है:

    ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) के दायरे का विस्तार: नागरिकों की सुविधा के लिए चोरी या संपत्ति संबंधी नुकसान की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सीमा, जो पहले ₹1,00,000 थी, उसे घटाकर अब ₹25,000 कर दिया गया है। इससे छोटे अपराधों और संपत्ति चोरी की स्थिति में आम नागरिकों को त्वरित राहत और ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा मिल रही है।

    ई-रक्षक ऐप (e-Rakshak Mobile App):राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB, भोपाल) द्वारा विकसित यह स्मार्ट-पुलिसिंग ऐप सुरक्षा व्यवस्था संभालने और नागरिकों तक आपातकालीन सेवाएं पहुँचाने में तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।

    सिटीजन पोर्टल (Citizen Portal):चरित्र सत्यापन (Character Verification), किरायेदार/कर्मचारी सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने जैसी बहुमूल्य सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं।

    क्यूआर कोड आधारित शिकायत व्यवस्था: भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर नागरिक बिना थाने जाए गोपनीय व सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    डायल-112 व फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV): किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही न्यूनतम रिस्पांस टाइम में सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 को आधुनिक जीपीएस व एफआरवी नेटवर्क से लैस किया गया है।

    अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड: एक क्लिक पर संदिग्धों का क्रिमिनल बैकग्राउंड, हिस्ट्री शीट और पूर्व रिकॉर्ड की जांच।

    ​फेशियल रिकग्निशन व वाहन ट्रैकिंग: चेहरे की पहचान कर संदिग्धों को चिह्नित करना तथा चोरी/लावारिस वाहनों और संपत्तियों को तुरंत ट्रैक करना।

    ​डिजिटल सम्मन/वारंट: समन व वारंट की तामीली को पारदर्शी और त्वरित बनाना।

    2. महिला एवं बाल सुरक्षा: संवेदनशीलता और सख्त निगरानी

    महिला, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की सर्वोच्च ​“शी-शक्ति” (She-Shakti) अभियान: भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों द्वारा शहर भर में वाहन रैलियां निकालकर जागरूकता फैलाई जा रही है।

    ​हॉटस्पॉट व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग: प्रमुख बाजारों, पूजा स्थलों, मेलों, गरबा/डांडिया पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रत्येक थाने से हॉटस्पॉट चिह्नित कर आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक की महिला पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात की गई हैं।

    ​त्वरित कार्रवाई व उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग: छेड़छाड़, फब्तियां कसने और पीछा करने जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिएअतिरिक्त/सहायक पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं।

    ​ऊर्जा डेस्क (Urja Desk):प्रदेश के सभी प्रमुख थानों में महिला केंद्रित शिकायतों की सुनवाई और त्वरित निस्तारण के लिए समर्पित महिला डेस्क सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

    हेल्पलाइन नेटवर्क:

    महिला हेल्पलाइन (1090 / 181): संकटग्रस्त महिलाओं को विधिक, चिकित्सीय एवं पुलिस सहायता।

    चाईल्ड हेल्पलाइन (1098): बाल अपराधों की रोकथाम और गुमशुदा/मुसीबत में फंसे बच्चों के त्वरित रेस्क्यू के लिए 24×7 सक्रिय।

    आपातकालीन सेवा: डायल 112 (एकीकृत आपातकालीन पुलिस सेवा)

    ​वित्तीय साइबर फ्रॉड: राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930

    ​मादक पदार्थ रोकथाम: नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 7049100785

    ​विशेष हेल्पलाइन्स: महिला हेल्पलाइन (1090) और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098)

    3. साइबर सुरक्षा एवं नशामुक्ति के विरुद्ध निर्णायक प्रहार

    बदलते अपराध परिदृश्य में साइबर फ्रॉड और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार करने के लिए दोहरे स्तर पर रणनीति लागू की गई है:

    साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं ‘सेफ क्लिक’ अभियान : ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में गोल्डन ऑवर (Golden Hour) के भीतर राशि ब्लॉक कराने के लिए हेल्पलाइन 1930 लगातार सक्रिय है।

    नारकोटिक्स हेल्पलाइन (7049100785) एवं ‘ऑपरेशन प्रहार’: मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की गुप्त सूचना देने हेतु नारकोटिक्स शाखा का मोबाइल नंबर 7049100785 सार्वजनिक किया गया है।

    ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत दुर्गम एवं शैडो (नो-नेटवर्क) क्षेत्रों में ड्रोन सर्विलांस से अवैध फसलों और करोड़ों रुपये के ड्रग्स (स्मैक, गांजा, एमडी) पर बड़ी कानूनी कार्रवाइयां की जा रही हैं।

    4. हवाई निगरानी, आधुनिक फॉरेंसिक व तकनीक

    तकनीकी आधुनिकीकरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पुलिस देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हुई है।

    PASTEC (पुलिस एरियल सिस्टम्स एण्ड टेक्नॉलाजी सेंटर), इंदौर:

    पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (PRTS), इंदौर के परिसर में मध्यप्रदेश का प्रथम एवं देश का दूसरा ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर 'PASTEC' प्रारंभ किया गया है। देशभर के संस्थानों का अध्ययन कर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया। कर्नाटक पुलिस (बेंगलुरु) के बाद अपनी खुद की ड्रोन प्रशिक्षण संस्था स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य बना है।

    ऑपरेशन त्रिनेत्रम (CCTV सर्विलांस – देवास मॉडल): देवास पुलिस द्वारा जनसहभागिता और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से शुरू किया गया 'ऑपरेशन त्रिनेत्रम' शहर के हर कोने को हाई-डेफिनिशन कैमरों से जोड़कर अपराध नियंत्रण और खुलासे का एक आदर्श मॉडल बन चुका है।

    मोबाइल फॉरेंसिक वैन (57 MFVs) एवं ई-साक्ष्य: नए आपराधिक कानूनों के तहत घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के लिए आधुनिक फॉरेंसिक वैनों को तैनात किया गया है।

    5. फील्ड पुलिसिंग, विधि-व्यवस्था एवं सामुदायिक सहभागिता

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर विजिबल और प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर जोर दिया जा रहा है:

    माइक्रो बीट व्यवस्था: शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को बीट एवं माइक्रो बीट में विभाजित कर आरक्षक/प्रधान आरक्षक स्तर पर जनता से सीधा संवाद और लोकल इंटेलिजेंस संकलन सुनिश्चित किया गया है।

    कॉम्बिंग गश्त (Combing Patrol):रात के समय पूरे जिले में एक साथ वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सघन कॉम्बिंग गश्त कर स्थायी वारंटियों, फरार आरोपियों, असामाजिक तत्वों और निगरानी बदमाशों की चेकिंग की जाती है।

    समय-समय पर बलवा ड्रिल (Riot Drill) का अभ्यास: किसी भी अप्रत्याशित भीड़ या उपद्रव की स्थिति से निपटने के लिए थानों व पुलिस लाइनों में आधुनिक दंगारोधी उपकरणों, आंसू गैस, वाटर कैनन और बलवा ड्रिल का नियमित मॉक अभ्यास कराया जाता है।

    शांति समिति की बैठकें: संवेदनशील त्योहारों, जुलूसों व राष्ट्रीय पर्वों से पूर्व सभी समुदायों, धर्मगुरुओं, आयोजकों और गणमान्य नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण हेतु शांति समिति की बैठकों का अनिवार्य आयोजन।

    जनसंवाद एवं जनसुनवाई: प्रत्येक मंगलवार को जिला स्तर से लेकर थाना स्तर तक जनसुनवाई आयोजित कर पीड़ितों की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी निराकरण किया जाता है।

    6. विशेष सामाजिक अभियान (Community Policing)

    ​ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskaan):गुमशुदा और अपहृत बालक-बालिकाओं को खोजकर उन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाया जाता है।

    ​नशा मुक्ति एवं 'ड्रग-फ्री' अभियान: शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए नारकोटिक्स शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त सख्त कार्रवाई जारी है।

    ​साइबर जागरूकता (Cyber Awareness):डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड और यूपीआई घोटालों से जनता को सतर्क करने के लिए जन-जागरूकता सत्र संचालित किए जा रहे हैं।

    7. जीवन रक्षा (CPR), दक्षता संवर्धन एवं नवीन भर्तियां

    पुलिस बल को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ संसाधनों और जनबल को भी सुदृढ़ किया जा रहा है:

    सीपीआर (CPR) जीवन रक्षक प्रशिक्षण: आपातकालीन परिस्थितियों, सड़क दुर्घटनाओं या हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) के समय नागरिकों की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा एवं कार्डियोपल्मरी रिससिटेशन (CPR) का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    मानसिक तनाव प्रबंधन: पुलिसकर्मियों के वेलफेयर के लिए 'हार्टफुलनेस' संस्था के साथ एमओयू कर तनाव प्रबंधन और ध्यान कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

    नवीन पुलिस भर्तियां: पुलिस बल की कार्यक्षमता और ऊर्जा को बढ़ाने के लिए निरंतर नई भर्तियां की जा रही हैं।  वर्ष 2025 में लगभग 8,500 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त हुई, जिसमें लगभग 7,500 कांस्टेबल सहित सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो आदि पद शामिल हैं। कांस्टेबलों का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है तथा सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है।

    वर्ष 2026 में 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त हुई है। इस प्रकार दो वर्षों में 18 हजार से अधिक नवीन पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    8. कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान — DGCR एवं के. एफ. रुस्तमजी अवॉर्ड

    संवेदनशील कानून-व्यवस्था, असाधारण सूझबूझ और जनसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    ग्राउंड पुलिसिंग में अद्वितीय योगदान, साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, शांतिपूर्ण समाधान निकालने और जोखिम भरे अभियानों में साहसिक कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित करने वाले चयनित पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस महानिदेशक प्रशंसा डिस्क/रोल (DGCR – Director General's Commendation Roll) तथा मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक व पद्म विभूषण स्वर्गीय के. एफ. रुस्तमजी की स्मृति में स्थापित प्रतिष्ठित 'के. एफ. रुस्तमजी अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान पुलिस बल में उत्कृष्ट कार्य, संवेदनशीलता और व्यावसायिक दक्षता को प्रोत्साहित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

    मध्यप्रदेश पुलिस का यह बहुआयामी दृष्टिकोण यह सिद्ध करता है कि संवाद, सतर्कता, तकनीकी नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान के समन्वय से बड़ी से बड़ी चुनौती का शांतिपूर्ण समाधान संभव है। 

  • शाही मस्जिद क्षेत्र में हाई अलर्ट, 500 मीटर तक बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी

    शाही मस्जिद क्षेत्र में हाई अलर्ट, 500 मीटर तक बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी

    उज्जैन 

    उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव के पांचवें दिन भी उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। गुरुवार को मीनार का हिस्सा गिरने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बनाया। 

    शाही मस्जिद से करीब 500 मीटर से भी आगे तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। इस क्षेत्र के आगे लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।

    गुदरी चौराहा, कंठाल से आगे भी आवाजाही रोकी
    शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर गुदरी चौराहा, कंठाल, खारा कुआं थाना और गेबी हनुमान मंदिर क्षेत्र के आगे भी लोगों को रोका जा रहा है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। चेकिंग पॉइंट बनाकर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

    1 से 3 बजे तक इन इलाकों में नमाज
    शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोगों के अलग-अलग मस्जिदों में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने जामा मस्जिद सब्जी मंडी, केसवानी मोहल्ला, कबाड़ा बाजार, केडी मदीना मस्जिद, लोहे का पुल, कोट मोहल्ला चौराहा, महाकाल मंदिर चौराहा और लखेरवाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई है।

    इन इलाकों में नमाज के दौरान भीड़ जमा होने को देखते हुए पुलिस बल को अलग-अलग पॉइंट पर तैनात किया गया है।

    RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात
    एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF और CRPF की कुल 3 कंपनियां तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है। 8 ड्रोन और करीब 100 CCTV कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

    नमाज और भीड़ प्रबंधन पर फोकस
    प्रशासन ने शुक्रवार को नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त बल को रिजर्व रखा गया है। बैरिकेडिंग और चेकिंग पॉइंट के जरिए शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है।

    आठ एफआईआर, 34 आरोपित; 24 गिरफ्त में
    उपद्रव को लेकर पुलिस ने अब तक आठ एफआइआर दर्ज की हैं। इनमें 34 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इनमें से 24 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, इंटरनेट मीडिया और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

    शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा टूटकर छत पर गिरा
    वहीं, शाही मस्जिद के 10 फीट हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटवाने का कार्य जारी है। इस दौरान गुरुवार को मीनार का हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया। इससे छत को नुकसान पहुंचा और मलबा अंदर बिखर गया।

    शहर काजी खलीकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि मीनार का हिस्सा तकनीकी दुर्घटना के कारण टूटकर गिरा। इसको लेकर कोई भ्रामक बातें न फैलाए। मीनार को जल्द ही दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटनावश टूटकर गिरे हिस्से से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, न ही किसी को चोट आई है।

    उधर, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर महाकाल घाटी चौराहा तक मार्ग को 24 मीटर करने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने 39 होटल, मकान और दुकानों के बाधक हिस्सों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।

     

  • उज्जैन में शाही मस्जिद पोस्ट पर विवाद, मारपीट के मामले में आरोपी पर सख्त कार्रवाई

    उज्जैन में शाही मस्जिद पोस्ट पर विवाद, मारपीट के मामले में आरोपी पर सख्त कार्रवाई

    उज्जैन 
    कोटद्वार के मोहम्मद दीपक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी देने और गाली-गलौज के मामले में कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक के खिलाफ गैर जमानती समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आज मोहम्मद दीपक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह पूरा विवाद उज्जैन शादी मस्जिद को लेकर फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर दीपक भड़क गए थे।

    कोटद्वार इंस्पेक्टर प्रदीप नेगी के अनुसार, गुरुवार को गंगादत्त जोशी मार्ग में कपड़े की दुकान संचालित करने वाले संजीव टांक ने कोतवाली में मोहम्मद दीपक के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे के आसपास दीपक ने उनकी दुकान में जाकर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
    सीसीटीवी में पूरी वारदात

    सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। कोतवाल प्रदीप नेगी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद दीपक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज लिया है। शाम को दीपक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

    उज्जैन शादी मस्जिद से जुड़ा विवाद
    दरअसल, 28 सितंबर को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए दो मिनट लंबे वीडियो में, कुमार को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "उज्जैन में मुसलमानों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना चाहिए और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए"। दुकानदार संजीव के भाई अरविंद ने बताया कि इसके जवाब में उनके भाई ने भी नीचे कमेंट लिखा था। इसी बात से नाराज होकर दीपक ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

    इन धाराओं में मुकदमा
    पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया, "दीपक कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 'कुमार को फेसबुक पर उसकी एक टिप्पणी पसंद नहीं आई। इसलिए वह उसकी दुकान पर गया और उस पर हमला किया और उसे धमकी दी।"

    रातोंरात मिली सुर्खियां
    मोहम्मद दीपक का असली नाम दीपक कुमार कश्यप है और वह एक जिम ट्रेनर है। 26 जनवरी 2026 को पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आगे आने के बाद चर्चा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जब भीड़ दुकान के नाम का विरोध कर रही थी, तब दीपक कुमार ने बीच-बचाव किया खुद को भीड़ के सामने ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

  • परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मकरोनिया-मुरैना के बीच चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन

    परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मकरोनिया-मुरैना के बीच चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन

    परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मकरोनिया-मुरैना के बीच चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन

    मुरैना
     आगामी प्र
    तियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने मकरोनिया-मुरैना के बीच परीक्षा अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 01711/01712 दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगाएगी।

    गाड़ी संख्या 01711 मकरोनिया-मुरैना स्पेशल 1 से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6 बजे मकरोनिया से रवाना होगी और सागर, खुरई, बीना मलखेड़ी तथा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी होते हुए अगले दिन सुबह 4 बजे मुरैना पहुंचेगी।

    वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 01712 मुरैना-मकरोनिया स्पेशल 2 से 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 5 बजे मुरैना से चलेगी। ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, अगासोद, बीना मलखेड़ी, खुरई और सागर होते हुए दोपहर 2 बजे मकरोनिया पहुंचेगी।

    रेल प्रशासन के अनुसार ट्रेन में कुल 12 आईसीएफ कोच लगाए जाएंगे। इनमें 10 द्वितीय श्रेणी स्लीपर/अनारक्षित कोच और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं। यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले 139 या NTES के माध्यम से ट्रेन की वास्तविक स्थिति जांचने की अपील की गई है।

  • सेवा सेतु बनेगा ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान, 3-4 अक्टूबर को नागरिकों की समस्याओं का समाधान

    सेवा सेतु बनेगा ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान, 3-4 अक्टूबर को नागरिकों की समस्याओं का समाधान

    नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के लिए"सरकार आपके द्वार अभियान

    3 अक्टूबर को विकासखंड और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्र में लगेंगे शिविर
    जन-विश्वास अभियान से जुड़ा सेवा सेतु

    भोपाल

    नागरिकों को पारदर्शी, संवेदनशील, उत्तरदायी एवं समयबद्ध लोक सेवाएँ सीधे उनके गाँव व वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी ''सरकार आपके द्वार”अभियानके तहत 3 अक्टूबर शनिवार को विकासखण्ड स्तर तथा 4 अक्टूबर रविवार को नगरीय क्षेत्र में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश में चल रहे व्यापक “सेवा संकल्प अभियान” 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं केंद्रीय घटक है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टर, कमिश्नर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिका / नगर निगम / नगर पालिका परिषद को निर्देश जारी किए है।

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार की समस्त फ्लैगशिप हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ नागरिकों, विशेषत: कृषकों, ग्रामीणजनों, श्रमिकों, महिलाओं, वंचितों और कमजोर वर्गों को पहुँचाना है। अभियान को “जन-विश्वास अभियान” के साथ भी संबद्ध किया गया है, जिससे जनता के बीच सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही के विश्वास का सेतु स्थापित हो सके।

    विकासखंड और नगरीय क्षेत्र में आयोजित होंगे शिविर

    प्रत्येक जिले के समस्त विकासखण्डों में 3 अक्टूबर को शिविर आयोजित किए जाएंगे। नगरीय क्षेत्र में 4 अक्टूबर को नगर पालिका निगम में जोनवार, नगर पालिका तथा नगर परिषद में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

    शिविर स्थल का आयोजनसार्वजनिक एवं सुलभ स्थानों पर किया जाएगा।उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण, जनपद पंचायत परिसर, सामुदायिक भवन या खेल मैदानजहाँ पर्याप्त खुली जगह, पेयजल, छाया तथा आवागमन की सुगम सुविधा हो। शिविरों के लिए लोक सेवा प्रबंधन, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहयोगी विभाग होंगे।

    कलेक्टर जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेंगे जो जिला स्तर पर अभियान का समन्वय करेंगे। कैंप के प्रभारी अधिकारी की सहायता के लिये सहायक अधिकारी की नियुक्ति जिला स्तर से की जायेगी।विकासखण्ड स्तर पर कैम्प के लिए प्रभारी अधिकारी पदेन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और नगर पंचायत/परिषद तथा नगर पालिका के लिए प्रभारी अधिकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर निगम जोनल कार्यालय के लिए जोनल अधिकारी नगर निगम होंगे।

    शिविरों के प्रमुख कार्य

    शिविर में पूर्व से योजना का लाभ प्राप्त किये जाने वाले हितग्राहियों की जानकारी का संकलन, शेष पात्र हितग्राहियों को सूचीबद्ध करना तथा शेष पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा दिये गए वार्षिक लक्ष्य अनुसार कैंप में ही लाभ देना सुनिश्चित किया जाएगा।लक्षित योजनाओं में वार्षिक लक्ष्य-प्राप्ति से शेष रहे हितग्राहियों को क्रमबद्ध तरीके से लाभ प्रदाय किया जायेगा।

    अभियान अंतर्गत कैंप में आने वाले हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। पंजीयन के लिए पृथक से 3 स्टॉल लगाये जाएंगे।स्टॉल पर अधिकारी/कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी। कैंप प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी स्टॉल पर उपस्थित रहे। यदि ब्लॉक स्तर पर विभागीय अधिकारी पदस्थ नहीं है तब कलेक्टर अपने स्तर से अधिकारी को कैंप के लिए नियुक्त करेंगे।

    ऑन-स्पॉट डिलीवरी एवं स्वास्थय शिविर

    अंतर-विभागीय समन्वय एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की ऑन-स्पॉट डिलीवरी अंतर्गत शिविर में राज्य विभाग नोडल की भूमिका निभाते हुए अन्य प्रमुख विभागों के समन्वय से योजनाओं के लाभ मौके पर प्रदान कराएगा।

    स्वास्थ्य शिविर में होगी जाँच

    प्रत्येक शिविर स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। स्थल पर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जायेगा जिसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को सम्मिलित किया जायेगा। विभिन्न विभागों की सेवा के लिए न्यूनतम 25 सुसज्जित एकरूप स्टॉल स्थापना, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, कम्प्यूटर तथा इंटरनेट की व्यवस्था, सेल्फी पाइंट्स एवं अन्य व्यवस्थायें स्थानीय निकायों यथा जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद के द्वारा की जायेंगी।

    पोर्टल रिपोर्टिंग एवं सफलता की कहानियाँ

    दैनिक पोर्टल रिपोर्टिंगके अंतर्गतप्रत्येक शिविर में कुल प्राप्त आवेदन, मौके पर स्वीकृत आवेदन, लंबित आवेदन एवं वितरित हितलाभों की संख्यात्मक जानकारी अधिकृत राज्य पोर्टल पर प्रतिदिन शाम 6:00 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रविष्ट की जाएगी। सफलता की कहानियाँ अंतर्गत शिविरों के माध्यम से यदि किसी पीड़ित, किसान अथवा निर्धन नागरिक की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर समाधान हुआ हो, तो उसके फोटोग्राफ, संक्षिप्त वीडियो एवं सफलता की कहानी www.modiat25.in⁠ पर अपलोड किए जाएंगे। शिविर की सूचना के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जायेगा।

     

  • ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों में मिलेंगे योजनाओं के लाभ, सभी वर्गों को जोड़ने पर फोकस

    ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों में मिलेंगे योजनाओं के लाभ, सभी वर्गों को जोड़ने पर फोकस

    सरकार आपके द्वार शिविरों में किसान, श्रमिक, महिला और युवा सहित सभी वर्गों पर फोकस

    सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

    भोपाल

    सेवा सेतु अभियान- ''सरकार आपके द्वार'' कार्यक्रम के तहत विकासखंड और नगरीय क्षेत्रों में 3 और 4 अक्टूबर को आयोजित होने वाले शिविरों में हितग्राहियों को विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ देने के लिए निर्देश दिए हैं।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार ''सरकार आपके द्वार'' कार्यक्रम में राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना – स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026, सभी पात्र किसानों की फार्मर आई.डी. निर्माण, अविवादित नामांतरण/ बंटवारा/ सीमांकन, समाधान एक दिवसीय योजना – आय प्रमाण पत्र/ स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र/ खसरा/ नक्शा आदि, बी.पी.एल, C.M. Helpline अंतर्गत शिकायतों का मौके पर निराकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ दिया जाएगा।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), रोजगार पंजीकरण / जॉब कार्ड और रोजगार की मांग एवं प्रधानमंत्री पोषण अभियान शामिल है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) – रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए ऋण/आवेदन में सहायता एवं अन्य योजनायें भी लाभ शामिल है।

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) – राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी/ई-केवाईसी/स्थिति से संबंधित सहायता एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शामिल है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ भी शामिल है।

    कृषि और किसान कल्याण विभाग की पीएम प्रणाम (PM PRANAM), नैनो उर्वरक एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का लाभ शामिल है। मत्स्य पालन विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) शामिल है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल जीवन मिशन (मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना / नल-जल योजना) शामिल है वित्त विभाग की जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का लाभ शामिल है।

    शिविरों में श्रम विभाग की ई-श्रम-यूएएन (UAN) / ई-श्रम कार्ड पंजीकरण, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) – पेंशन पंजीकरण, संबल योजना एवं भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के हितग्राहियों का सत्यापन एवं पंजीयन शामिल है। कौशल विकास और उद्यमिता विभाग की पीएमकेवीवाई (PMKVY) / स्किल इंडिया- कौशल प्रशिक्षण के लिए स्वैच्छिक पंजीकरण एवं नेशनल करियर सर्विस (NCS) जॉब सीकर पंजीकरण / जॉब मैचिंग शामिल है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं उर्जा विभाग/उर्जा विकास निगम की पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना आवेदन में सहायता शामिल है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं सी.एम. हेल्पलाइन शामिल है। सामाजिक न्याय विभाग की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नशामुक्ति अभियान एवं अन्य योजनाऐं शामिल है। स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना (फ्री ई-स्कूटी योजना), विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाएं एवं अन्य योजनाऐं शामिल है। उच्च शिक्षा विभाग की गांव की बेटी योजना, सहकारिता विभाग की KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) शामिल है।

    आदिवासी जिलों के लिए अतिरिक्त फोकस योजनाएं अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में नामांकन, छात्रवृत्ति योजनाएं, वन अधिकार स्वामित्वः व्यक्तिगत और सामुदायिक भूमि एवं वन धन विकास केंद्र : स्व-सहायता समूहों का संगठन का लाभ शामिल है।

     

  • भावांतर योजना में दूसरे साल भी सोयाबीन खरीदी, 3 अक्टूबर से रजिस्ट्रेशन; ऐसे होगा सत्यापन

    भावांतर योजना में दूसरे साल भी सोयाबीन खरीदी, 3 अक्टूबर से रजिस्ट्रेशन; ऐसे होगा सत्यापन

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। MP Soybean Bhavantar Yojana 2026 के तहत खरीफ वर्ष 2026 यानी विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन फसल के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। किसान 17 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन की प्रक्रिया ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।

    भावांतर योजना के तहत सोयाबीन किसानों को उनकी उपज के भाव में अंतर की भरपाई के लिए भुगतान किया जाना है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराना जरूरी होगा। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पंजीयन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

    MP Soybean Bhavantar Yojana 2026 के तहत सोयाबीन किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यानी किसानों के पास पंजीयन पूरा करने के लिए करीब दो सप्ताह का समय रहेगा। प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना पंजीयन करा लें। पंजीयन के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके अलावा राज्य में बनाए गए पंजीयन केंद्रों पर जाकर भी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

    MP Soybean Registration 2026 कहां कराया जा सकता है?

    MP Soybean Registration 2026 के लिए किसानों को कई विकल्प दिए गए हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर किसान निःशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी किसानों के लिए मुफ्त रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपने नजदीकी केंद्र पर पंजीयन कराने में सुविधा मिलेगी। किसान चाहें तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल पर किसान पंजीयन और उपार्जन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं।

    निजी केंद्रों पर पंजीयन के लिए कितना शुल्क लगेगा?

    MP Soybean Bhavantar Yojana 2026 के तहत किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और निर्धारित सहकारी केंद्रों पर पंजीयन निःशुल्क कराया जा सकेगा। किसानों को पंजीयन कराने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि केंद्र पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि तो नहीं ली जा रही है।

    MP Soybean Bhavantar Yojana 2026 पंजीयन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

    MP Soybean Registration 2026 के दौरान किसानों के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। इसलिए किसान पंजीयन केंद्र पर जाने से पहले अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। भूमि रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और आधार कार्ड की जानकारी सही होना जरूरी है। नाम या अन्य जानकारी में अंतर होने पर पंजीयन प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी पहले से जांच लें, ताकि पंजीयन के दौरान गलत जानकारी दर्ज न हो।

    7.10 लाख किसानों ने कराया था पंजीयन, 1476 करोड़ का भुगतान
    वर्ष 2025-26 में भावांतर योजना के तहत 7.10 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 16.95 लाख टन सोयाबीन खरीदा गया और 1476 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस साल 7 से 10 लाख किसानों के पंजीयन और करीब 20 लाख टन सोयाबीन खरीदी का अनुमान है।

    पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र और सहकारी समितियों व विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर निशुल्क होगा। एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से अधिकतम 50 रुपए शुल्क देकर भी पंजीयन कराया जा सकेगा।

    सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों में होगा। इनका राजस्व विभाग 100% सत्यापन करेगा।

    पंजीयन से पहले बैंक खाते और दस्तावेजों की कराएं जांच
    सोयाबीन के भावांतर पंजीयन से पहले किसान बैंक खाते को आधार और एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक करा लें। मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जिला/तहसील या डाकघर के आधार केंद्र पर जाएं। पंजीयन के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और आईएफएससी कोड सही दर्ज कराएं।

    आधार वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य

    MP Soybean Bhavantar Yojana 2026 में पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का सत्यापन जरूरी होगा। आधार का वेरिफिकेशन आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीयन तभी मान्य होगा जब किसान के भू-अभिलेख और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। यदि दोनों जगह नाम में अंतर पाया जाता है तो किसान को तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन को मान्य किया जाएगा। इसलिए किसानों को पंजीयन कराने से पहले अपने आधार और भूमि रिकॉर्ड में दर्ज नाम की जांच कर लेना चाहिए।

    बैंक खाते की जानकारी भी सही रखें

    मध्य प्रदेश सोयाबीन भावांतर योजना 2026 के तहत भुगतान के लिए किसान के आधार लिंक बैंक खाते को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि आधार लिंक खाते में भुगतान करने में किसी तरह की परेशानी आती है तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकता है। पंजीयन के समय किसान को अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड देना होगा। बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और उसकी जानकारी सही दर्ज होनी चाहिए। अक्रियाशील बैंक खाते और संयुक्त बैंक खाते स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा Fino, Airtel और Paytm Bank के खाते भी पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे।
    आधार लिंक बैंक खाते का होगा सत्यापन

    पंजीयन के दौरान किसान के आधार लिंक बैंक खाते की जांच के लिए मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से 1 रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य बैंक खाते की जानकारी का सत्यापन करना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक रखें। यदि आधार में मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट नहीं है तो किसान संबंधित आधार सुविधा केंद्र पर जाकर इसे अपडेट करा सकते हैं। 
    सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था

    सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की अलग व्यवस्था की गई है। इन श्रेणी के किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर किया जाएगा। इन किसानों की जानकारी का राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसलिए संबंधित किसान पंजीयन के समय अपने आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं। 

     

  • ‘संकल्प-समर्पण-सहयोग’ से सजेगा MP BJP का नया दफ्तर, फरवरी 2027 में गृह प्रवेश

    ‘संकल्प-समर्पण-सहयोग’ से सजेगा MP BJP का नया दफ्तर, फरवरी 2027 में गृह प्रवेश

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जल्द ही अपना नया और अत्याधुनिक प्रदेश मुख्यालय मिलने वाला है। भोपाल के दीनदयाल परिसर में बन रही इस बहुमंजिला इमारत का काम अब अपने अंतिम चरण में है।

    इंटीरियर और फिनिशिंग का काम पूरा होने में करीब चार महीने का समय और लगेगा। माना जा रहा है कि पार्टी फरवरी 2027 में इस भव्य भवन में आधिकारिक रूप से गृह प्रवेश कर लेगी। इसके साथ ही, नए संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी के रहने के लिए दीपावली तक एक फ्लोर पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा।

    समर्पण दिवस पर हो सकता है गृह प्रवेश
        पुराने दफ्तर की तरह ही यह नया कार्यालय भी जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित होगा। सूत्रों की मानें तो 11 फरवरी को पंडित जी की पुण्यतिथि होती है, जिसे भाजपा 'समर्पण दिवस' के रूप में मनाती है (इस दिन कार्यकर्ता पार्टी फंड में अपना योगदान देते हैं)।

    पूरी संभावना है कि इसी दिन या इसके एक-दो दिन पहले नए दफ्तर का लोकार्पण किया जाए। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कुछ दिन पहले हुई एक समीक्षा बैठक में दीपावली तक कम से कम दो फ्लोर रहने और काम करने लायक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 

    तीन खास हिस्सों में बंटा होगा पूरा परिसर
    यह विशाल कार्यालय मुख्य रूप से तीन अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जिनके नाम 'संकल्प', 'समर्पण' और 'सहयोग' रखे गए हैं…

        संकल्प (मुख्य कार्यालय): यह 11 से 12 मंजिला मुख्य प्रशासनिक इमारत होगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष का कक्ष होगा। इसके अलावा यहां मीडिया और सोशल मीडिया का वार रूम तथा उच्च स्तरीय बैठकों के लिए कक्ष बनाए जा रहे हैं।

        समर्पण (पदाधिकारी निवास): चार मंजिला यह ब्लॉक प्रदेश और केंद्रीय नेताओं के ठहरने के लिए होगा। इसमें अतिथियों के लिए योग और अध्ययन कक्ष की भी सुविधा होगी।

        सहयोग (प्रशासनिक ब्लॉक): सात मंजिला इस हिस्से का उपयोग कर्मचारियों के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था के संचालन के लिए किया जाएगा।

    हाई-टेक सुविधाओं और ग्रीन एनर्जी से लैस होगा नया दफ्तर
        लगभग 1.5 एकड़ (65,000 वर्ग फुट) जमीन पर बन रहे इस नए प्रदेश मुख्यालय का कुल बिल्ट-अप एरिया 1.15 लाख से 1.25 लाख वर्ग फुट के बीच होगा। इसे पूरी तरह से भारतीय वास्तु शास्त्र और 'ग्रीन एनर्जी' के कॉन्सेप्ट को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

     

  • भोपाल दुग्ध संघ की 44वीं वार्षिक साधारण सभा संपन्न

    भोपाल दुग्ध संघ की 44वीं वार्षिक साधारण सभा संपन्न

    भोपाल 

    भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, भोपाल की वर्ष 2025-26 की 44वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान, साइंस हिल्स, भोपाल के ऑडिटोरियम में 30 सितंबर को हुई। वार्षिक साधारण सभा की अध्यक्षता संभागायुक्त भोपाल संभाग, भोपाल एवं प्रशासक, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, भोपाल के प्रतिनिधि श्री पी.सी. शाक्य, अपर कलेक्टर द्वारा की गई। संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, श्री प्रीतेश जोशी द्वारा वार्षिक साधारण सभा में रखे गए प्रस्तावों का अनुमोदन प्राप्त किया गया।

    दुग्ध संकलन और दूध उत्पादकों को रिकॉर्ड भुगतान

    वर्ष 2025-26 के दौरान भोपाल दुग्ध संघ से जुड़ी 2,646 सहकारी दुग्ध समितियों के माध्यम से औसतन 3.77 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध का संकलन किया गया, जो विगत वर्ष (2024-25) की 2,110 समितियों से प्राप्त 3.15 लाख किलोग्राम प्रतिदिन की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है। दुग्ध संघ ने वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को समितियों के माध्यम से ₹674.44 करोड़ का भुगतान किया, जो पिछले वर्ष के ₹485.39 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। इसके साथ ही दुग्ध संघ ने पशुपालकों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए 1 अक्टूबर 2026 से अब तक की सर्वोच्च क्रय दर ₹890/- प्रति किलोग्राम फैट लागू कर दी है।

    दुग्ध समितियों के लाभ और पशुपालन सेवाओं में बढ़ोतरी

    वर्ष 2025-26 में दुग्ध समितियों ने ₹1,100.49 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो विगत वर्ष के ₹864.15 लाख से अधिक है। पशुपालकों के लिए संघ द्वारा 29,052 मीट्रिक टन पशु आहार ‘सुदाना' और 64 मीट्रिक टन मिनरल मिक्चर ‘सुदाना' का विक्रय किया गया। इसके अलावा, 324 कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों के माध्यम से 1.21 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए। संघ के प्रशिक्षण केंद्र में पशुपालन, डेयरी संचालन और कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित प्रशिक्षण व अभिप्रेरण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

    सांची उत्पादों की बिक्री में उछाल और खाद्य सुरक्षा में A+ ग्रेड

    उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में औसतन 3.05 लाख लीटर पैकेट दूध प्रतिदिन बेचा गया (जो पिछले वर्ष 3.02 लाख लीटर था)। सांची घी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया और यह पिछले वर्ष के 860 मीट्रिक टन से बढ़कर 1,362 मीट्रिक टन पर पहुंच गई।

    गुणवत्ता के मामले में भोपाल दुग्ध संघ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) से 'A+' श्रेणी हासिल की। संघ ने निर्धारित 108 अंकों में से 106 अंक प्राप्त किए। कार्यक्रम का सफल संचालन निधि सिंह द्वारा किया गया। संघ के प्रभारी क्षेत्र संचालन श्री राजेश विजयवर्गीय ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।