Category: मध्य प्रदेश

  • दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    भोपाल 
    भोपाल आए अमित शाह को लेकर शनिवार को हलचल थी। अमित शाह सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन गौपालकों के सम्मेलन में ही हिस्सा लेकर दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले, ताज होटल में ठहरे अमित शाह सुबह नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में महालक्ष्मी के दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे सीधे भेल दशहरा मैदान स्थित गोपालकों के सम्मेलन में पहुंच गए थे। यहां प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

    ताज होटल से निकलकर सीधे अमित शाह भेल दशहरा मैदान पहुंचे, जहां गौपालकों के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले अमित शाह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अमित शाह के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद हैं।

    दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे
    शाह ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए। 31 दिसंबर 2029 से पहले मुक्त हो जाए, इसकी बारीक प्लानिंग करने वाले हैं। 31 2029 दिसंबर के बाद आपके बेटे बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी। उनका भविष्य उज्वल होने वाला है।

    कांग्रेसियों ने नहीं बनने दिया था सहकारिता मंत्रालय
    कांग्रेसियों ने 75 साल तक सहकारिता मंत्रालय बनने नहीं दिया। नरेंद्र मोदी सरकार में आए तो सहकारिता मंत्रालय बनाया। इसका सबसे अधिक फायदा गौपालकों को होने वाला है। यदि खुले बाजार में गौपालक दूध बेचता है तो शोषण होता है। मलाई बिचौलियां खा जाते हैं। अब 35 की बजाय 55 रुपए मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दूध लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है। आज उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से हर रोज तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने के संयंत्र का भूमिपूजन हो रहा है। शाह ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश सरकार से 50 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें गायों की नस्लों का सुधार भी होगा। आधुनिक व्यवस्था से बछड़ा नहीं, बछड़ी ही पैदा होगी, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी। यह कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध करते हैं, मैं उन्हें हिसाब देने आया हूं।

    मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
    मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष किसान कल्याण के अंतर्गत “बलराम कृषि महोत्सव” के माध्यम से सभी 55 जिलों में उन्नत खेती, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से उन्हें प्रोत्साहित किया है। आज मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन 12 लाख लीटर पर पहुंचा है। खेती और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हमारी सरकार कर रही है। यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गाय और भैंस के रूप में 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। राज्य में 2 लाख गोपालक दीदीयों ने डेयरी सहकारिता व पशुपालन के आधार पर अपनी व परिवारजनों की ज़िंदगी बदली है। प्रदेश में 3,214 गोशालाओं में 5 लाख गोवंश का संरक्षण कर रहे हैं। राज्य में 313 ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

    हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
    कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का ₹8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है- दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। अगले कुछ वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

  • अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    भोपाल
    राजधानी भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तीन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम को दिल्ली रवाना होने वाले हैं।भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना होने वाले हैं। गए। इससे पहले अमित शाह शुक्रवार देर रात को दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को भोपाल में उनके पांच कार्यक्रम थे। सुबह ताज होटल में ठहरने के बाद वे संगठन और सरकार के मंत्रियों से मिले। इसके बाद भेल दशहरा मैदान पर आयोजित गौपालकों के सम्मेलन में गए। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एमपी के गृहमंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों के साथ बैठक की। थोड़ी देर में 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, लेकिन अमित शाह अचानक दिल्ली रवाना हो गए।

    इससे पहले शनिवार को सुबह अमित शाह ताज होटल में सीएम सहित एमपी के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद नेहरू नगर स्थित करुणा धाम आश्रम में महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे मंदिर नहीं जाते हुए सीधे भेल दशहरा मैदान चले गए। जहां गौपालकों को संबोधित किया। इसके बाद ही वे ताज होटल वापस आए और एमपी के बड़े अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। इसी में वे मध्यप्रदेश को 2029 तक नारकोटिक्स मुक्त बनाने को लेकर बात कर रहे थे। इसके बाद वे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, जिसे अचानक कैंसिल कर दिया गया।

    दोपहर बाद के सभी कार्यक्रम रद्द
    भेल दशहरा मैदान में गौपालकों के कार्यक्रम के बाद वे सीधे ताज होटल पहुंचने का कार्यक्रम था। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक का समय लंच के लिए आरक्षित था। लंच पर भी संगठन और सरकार से चर्चा का समय तय किया गया था। इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मध्य लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद शाम 4:15 से 5:15 बजे तक नारकोटिक्स पर प्रेस कांफ्रेंस के लिए समय आरक्षित किया गया था। लंच के बाद अमित शाह के दिल्ली रवाना होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद के सभी कार्यक्रम अमित शाह ने निरस्त कर दिए गए। अमित शाह का दिल्ली जाने का समय 7.50 बजे था, लेकिन वे दोपहर में ही रवाना हो गए।

  • मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    नौरादेही 

    मध्यप्रदेश में चीतों का कुनबा अब बुंदेलखंड तक बढ़ने जा रहा है। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआत 7 अक्टूबर को 2 चीतों से होगी। कूनो नेशनल पार्क से नर थोलो और मादा CCB-3 को नौरादेही लाया जाएगा। CCB-3 गांधी सागर में छोड़ी गई राधा की बहन है। सीएम डॉ. मोहन यादव दोनों को रिलीज करेंगे। इसी दिन नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 साल पूरे हो रहे हैं। नौरादेही के साथ प्रदेश में चीतों के 3 ठिकाने-कूनो, गांधी सागर और नौरादेही हो जाएंगे।

    पहले गुजरात में बसाने की तैयारी थी, अब नौरादेही पर राजी Q. नौरादेही ही क्यों चुना, कितना बड़ा इलाका है? – वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 2,340 वर्ग किमी में फैला मप्र का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यहां खुले जंगल और लंबे घास के मैदान हैं। यह नर्मदा, बेतवा और केन नदी प्रणालियों का कैचमेंट भी है। Q. चीते कहां रहेंगे, सुरक्षा की क्या तैयारी है? – पहले 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट रिलीज बोमा में रखेंगे। यह भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क जितना बड़ा है। 5 हिस्सों वाले बोमा में पावर फेंसिंग और 24 घंटे ट्रैकिंग की व्यवस्था है। Q. पहले गुजरात के बन्नी भेजने का प्लान था? – गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीते बसाने की तैयारी चल रही है, लेकिन वहां रिलीज की तारीख तय नहीं है। 7 अक्टूबर को नौरादेही में पहला जोड़ा पहुंच जाएगा।

    गुजरात के बन्नी से पहले नौरादेही चुना
    गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। हालांकि बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को रिलीज करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस बीच मध्यप्रदेश के नौरादेही में 7 अक्तूबर को यहां पहला जोड़ा पहुंच जाएगा। पहले चार चीतों की मंजूरी में से शुरुआती दो चीतों के आने के बाद नौरादेही चीतों का नया प्राकृतिक घर बन जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी मैदानी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    वन्यजीव संरक्षण को नई गति
    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही में चीतों की पुनर्स्थापना से वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिलेगी। विशाल घास के मैदानों और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र से युक्त यह क्षेत्र चीतों के अनुकूल पाया गया है। चीता स्टीयरिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद अब 7 अक्तूबर का दिन प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़े जाने के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी।

    नौरादेही और गुजरात भी बनेगा नया ठिकाना
    गांधीसागर के अलावा चीतों को गुजरात के बन्नी सेंचुरी ओर रानी दुर्गावर्ती टाइगर रिजर्व नौरादेही भी भेजे जाने की तैयारी है. इन दोनों ही स्थानों पर चीतों को रखे जाने की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बन्नी सेंचुरी में सवाना जैसी परिस्थितियों वाला सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर तैयार किया गया है. यहां के घास के मैदान चीतों को खासे पसंद आ सकते हैं. कच्छ जिले में मौजूद बन्नी ग्रासलैंड एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक घास का मैदान है. यहां 600 हेक्टेयर में बाड़ा तैयार किया गया है और चीतल, सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ाई गई है. उधर, नौरादेही में 35 किलोमीटर चैनलिंग फैसिंग का काम भी अंतिम चरण में है। 

  • MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मानसून का दौर खत्म होते ही मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। बीती रात अमरकंटक में पारा 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री दर्ज हुआ। दूसरी ओर, दिन में बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। यानी प्रदेश में सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का असर दिखाई देने लगा है।

    अगले तीन दिन तेज धूप, बारिश के आसार नहीं
    मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। इन दिनों अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी। 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बूंदाबांदी का अनुमान है।

    मानसून की विदाई भी शुरू होगी
    30 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय पूरा हो चुका है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, फिलहाल मानसून वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। पहले उज्जैन और ग्वालियर-चंबल, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा हो सकता है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। 

    अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकते हैं दिन
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट आती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहती है। इसे मौसम के बदलाव का दौर माना जाता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

    मानसून ने छोड़ी 4 फीसदी बारिश की कमी
    इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4 फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। जून में 14 फीसदी कम बारिश इसका बड़ा कारण रही। जुलाई में अच्छी बारिश के बाद भी मानसून के दो ब्रेक आए। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी बनी हुई है। 

  • MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    भोपाल 

    प्रदेश के सरकारी और निजी सेक्टर में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों को एक अक्टूबर से 6 रुपए प्रतिदिन के मान से बढ़ा हुआ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता दिया जाएगा।श्रम विभाग ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन दरों में बदलाव कर दिया है। 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाली इन नई दरों में बदलाव में सरकारी क्षेत्रों के 10 लाख और निजी सेक्टर खासतौर पर उद्योगों में काम कने वाले करीब 40 लाख श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत यह लाभ मिलेगा, इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है।

    श्रमायुक्त ने यह बदलाव महंगाई सूचकांक के आधार पर किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले द्वारा जारी आदेश में नई न्यूनतम वेतन दरें प्रतिदिन श्रम के आधार पर तय की गई हैं, जिसमें 67 सामान्य नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों को 26 दिन के आधार पर न्यूनतम वेतन इस तरह दिया जाएगा।

    इन 67 कैटेगरी में काम करने वालों को इसी आधार पर आने वाले समय में वेतन मिलेगा। अकुशल श्रमिक को महीने में 12575, अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571, कुशल श्रमिक को 15294 और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा जो 26 दिन के मान से दिया जाएगा।

    मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) और कृषि सेक्टर में काम करने वालों का वेतन
    लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक को ₹484, श्रेणी 1 को ₹588, श्रेणी 2 को ₹522 रुपए 26 दिन के मान से मासिक वेतन मिलेगा। उच्च कुशल श्रमिक को ₹651 मिलेंगे और इसमें भी श्रेणी एक को 648 रुपए, श्रेणी दो के श्रमिक को 634 और श्रेणी तीन के श्रमिक को 588 रुपए मिलेंगे। अर्द्धकुशल कैटेगरी में श्रेणी एक के श्रमिक को 588 और श्रेणी दो के श्रमिक को 522 रुपए प्रति दिन मिलेंगे।

    अगरबत्ती श्रमिकों के लिए नई दरें:

    अगरबत्ती रोलिंग (1000 अगरबत्ती रोल करने पर)- कुल ₹74.75

    सुगंधित (सेंटेड) स्टिक- कुल ₹75

    छह माह पहले बढ़ाए थे 9 रुपए प्रतिदिन
    श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की थीं। इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन ₹9 प्रतिदिन यानी करीब ₹234 मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। इसका फायदा सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी सेक्टर व उद्योगों के लगभग 40 लाख श्रमिकों को हुआ था।

  • भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल
    देश में अर्ध-तेज गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार में भोपाल की भूमिका अब और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। भारतीय रेल नेटवर्क पर दौड़ने वाली आधुनिक ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BHEL-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड (Titagarh Wagons Ltd) समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम ऑर्डर मिला है। इस मेगा प्रोजेक्ट में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ अगले 35 साल तक उनके रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी भी शामिल है।

    भोपाल यूनिट तैयार करेगी ट्रेनों का मोटर और विद्युत तंत्र
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना में BHEL की भोपाल इकाई मुख्य रूप से ट्रेनों के मोटर तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी की भोपाल, बेंगलुरु और झांसी इकाइयां मिलकर इन आधुनिक ट्रेनों के लिए जरूरी प्रणोदन और विद्युत तंत्र का निर्माण करेंगी। ये सभी प्रणालियां ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यही तंत्र ट्रेन में बिजली की आपूर्ति और उसे तेज गति प्रदान करने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें तकनीकी रूप से ट्रेन का 'इलेक्ट्रिक हार्ट' भी कहा जा सकता है।

    बड़ा प्रोजेक्ट और लंबी जिम्मेदारी
    BHEL-टीटागढ़ वैगन्स समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। इस अनुबंध में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ 35 साल तक का लंबा रखरखाव भी शामिल है।

    176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होंगी ट्रेनें
    नई पीढ़ी की इन वंदे भारत ट्रेनों को अधिकतम 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि इनका नियमित परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ट्रेन डिब्बों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके एकीकरण, परीक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव का जिम्मा भी संयुक्त रूप से उठाया जाएगा।

    तीन इकाइयों की विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल
    इस परियोजना के जरिए BHEL अपनी अलग-अलग निर्माण इकाइयों की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल करेगा। भोपाल के साथ-साथ बेंगलुरु और झांसी की यूनिट्स भी मिलकर काम करेंगी। ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार होने के बाद उनके परीक्षण और मेंटेनेंस का काम दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी, जिससे रेलवे सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।

  • महंगी घड़ियां और सोने की चेन चोरी, पूर्व IAS का फोन आगरा में बरामद; वरुण की तलाश जारी

    महंगी घड़ियां और सोने की चेन चोरी, पूर्व IAS का फोन आगरा में बरामद; वरुण की तलाश जारी

    भोपाल
    पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले में मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार अभी लापता है। रतीबड़ पुलिस, क्राइम ब्रांच और जोन-1 की टीमों के लगभग 50 लोग वरुण की तलाश में चार राज्यों में दबिश दे रही है। बुधवार को वह घटना के तुरंत बाद लापता हो गया था।

    आगरा में मिला फोन का लोकेशन
    घटना के बाद पुलिस को एक अहम सुराग मिला है। उनके घर से मोबाइल फोन, नकदी और गहनों की चोरी हुई थी। चोरी गए फोन का लोकेशन आगरा में मिला है। इसके बाद भोपाल पुलिस की टीम ने उस व्यक्ति से पूछताछ की है जो इसका इस्तेमाल कर रहा था। जांचकर्ताओं को उसने बताया कि यह फोन उसे एक खास जगह पर पड़ा मिला था।

    बेच दिया होगा फोन
    वहीं, भोपाल पुलिस को शक है कि आरोपी ने भागते समय आगरा में किसी को बहुत कम कीमत पर फोन बेच दिया होगा। कई हाथों से गुजरते हुए वह एक मौजूदा यूजर तक पहुंचा। ऐसे में पुलिस यह पता लगा रही है कि फोन आगरा कैसे पहुंचा। हत्या के बाद किन लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है।

    सोने की चेन, अंगूठियां और महंगी घड़ियां हैं गायब
    पुलिस ने घटनास्थल से चोरी हुए सामान की जानकारी दी और बताया कि सोने की चेन, अंगूठियां और चार महंगी घड़ियां गायब थीं। सर्च टीमों ने मध्य प्रदेश, दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर तलाशी ली। ग्वालियर, आगरा और पंजाब के कुछ हिस्सों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है। लेकिन वरुण का कोई सुराग नहीं मिला है।

    हत्या और डकैती का केस दर्ज
    रतीबड़ पुलिस ने फरार केयरटेकर के खिलाफ हत्या और डकैती का मामला दर्ज किया है, जबकि जांचकर्ताओं का कहना है कि उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। साथ ही पुलिस अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पूर्व आईएएस अग्रवाल के कई लोगों के साथ वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनमें से कोई हत्या से जुड़ा हो सकता है।

    सबूत मिटाने की कोशिश
    पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार होगा, जब उनका बेटा अमेरिका से आएगा। आरोपी ने घटना के बाद जानबूझकर सबूत मिटाने की कोशिश की होगी। उसने एलपीजी सिलेंडर के पाइप हटा दिए थे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक आयरन चालू छोड़ दिया था। जांच करने वालों ने पाया है कि पूर्व नौकरशाह की हत्या के बाद एक बड़ा धमाका करने और आग लगाने की योजना थी।

    आरोपी के पिता ने कर ली है दूसरी शादी
    पुलिस की जांच टीम ग्वालियर भी पहुंची, यहां आरोपी वरुण के पिता रहते हैं। जांचकर्ताओं को पता चला है कि वरुण की मां के निधन के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली है। इसके बाद वरुण का पिता से संपर्क टूट गया था। जबकि पंजाब में रहने वाली उसकी बहन ने भी पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाया है।

    बीमार पड़ने के बाद केयरटेकर रखा
    रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की पत्नी निशी ने पुलिस को बताया कि अस्पताल में दो सप्ताह बिताने के बाद वह घर लौटे तो परिवार को उनकी देखभाल के लिए केयरटेकर की जरूरत थी। बेटे को रिसर्च वर्क के लिए वापस अमेरिका जाना था।

    पहले वाला चला गया गांव
    परिवार ने शुरू में एक हेल्थकेयर एजेंसी के जरिए विनोद नाम के केयरटेर को काम पर रखा था, लेकिन उसने यह कहकर नौकरी छोड़ दी कि उसे कागजात लाने के लिए गांव जाना है। इसके बाद उसने शादी कर ली। इसके बाद एजेंसी ने 26 सितंबर को वरुण को भेजा था। वरुण रिटायर्ड अधिकारी राकेश अग्रवाल के कमरे के बाहर हॉल में सोता था।

  • भारत की 4 ऐतिहासिक धरोहरों की अनोखी कहानी, पत्थरों में छिपे रहस्य जानकर चौंक जाएंगे

    भारत की 4 ऐतिहासिक धरोहरों की अनोखी कहानी, पत्थरों में छिपे रहस्य जानकर चौंक जाएंगे

    भोपाल
     मध्यप्रदेश की सदियों पुरानी विरासत अब दुनिया के सामने अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। UNESCO की आधिकारिक Tentative List में प्रदेश के चार नए ऐतिहासिक स्थल शामिल किए गए हैं। इनमें बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिरों का समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं।

    इन चारों स्थलों को UNESCO की सूची में 8 जुलाई 2026 को जोड़ा गया। यह अंतिम विश्व धरोहर सूची नहीं है, बल्कि आगे World Heritage Site के संभावित नामांकन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है।

    क्यों खास हैं ये चार विरासत स्थल?
    गिन्नौरगढ़ किला सीहोर जिले की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं बाघ गुफाएं अपनी प्राचीन बौद्ध गुफाओं और भित्तिचित्रों के लिए जानी जाती हैं। UNESCO के अनुसार बाघ की गुफाओं में संरक्षित चित्र प्राचीन बौद्ध म्यूरल परंपरा के महत्वपूर्ण उदाहरणों में शामिल हैं।

    चंबल घाटी के मंदिर समूह में बेटेश्वर, पदावली और ककनमठ जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। वहीं विदिशा की उदयगिरि गुफाएं भी मध्यप्रदेश की प्राचीन धार्मिक और स्थापत्य विरासत को सामने रखती हैं। UNESCO की सूची में इन सभी को अलग-अलग प्रस्तावों के रूप में दर्ज किया गया है।

    पर्यटन और स्थानीय रोजगार की उम्मीद
    UNESCO की Tentative List में शामिल होना इन स्थलों की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इससे भविष्य में इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प, होम-स्टे, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना बन सकती है। हालांकि वास्तविक प्रभाव संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं और आगे की UNESCO प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

    विरासत संरक्षण पर भी बढ़ेगा फोकस
    चारों स्थलों को वैश्विक विरासत की संभावित सूची में जगह मिलने के बाद इनके संरक्षण और प्रस्तुतीकरण पर भी ध्यान बढ़ने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश में पहले से कई ऐतिहासिक स्थल UNESCO की Tentative List में हैं और नए चार नाम जुड़ने से प्रदेश की विरासत सूची और विस्तृत हुई है। अब मध्यप्रदेश की इन चार धरोहरों की कहानी सिर्फ प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन्हें विश्व धरोहर की दौड़ में आगे बढ़ाने का अगला चरण शुरू होगा।

  • बालाघाट में 400 करोड़ के कामों का प्रस्ताव, स्वास्थ्य के साथ सड़क और पानी पर भी सरकार का फोकस

    बालाघाट में 400 करोड़ के कामों का प्रस्ताव, स्वास्थ्य के साथ सड़क और पानी पर भी सरकार का फोकस

    बालाघाट 
     केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन बालाघाट में विकास कार्यों का लेखा जोखा पेश करेगी. इसके लिए राज्य सरकार ने बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 400 करोड़ से अधिक की योजना तैयार की है. इस विकास योजना का खाका आज केन्द्रीय गृहमंत्री के सामने रखा जाएगा। 

    बालाघाट क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ही पेयजल, सड़क बिजली आदि की व्यवस्था बेहतर करने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार अगले एक साल में करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी.हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट पहुंचे थे और उन्होंने आदिवासी जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर सवाल खड़े किए थे। 

    बालाघाट के 5 ब्लॉक में होंगे 1500 काम
    आदिवासी जिले बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए राज्य शासन ने करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि से कई काम कराने का निर्णय किया है. इसके लिए मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने तमाम कामों को स्वीकृति दे दी है. इस पूरे प्लान को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन द्वारा रखा जाएगा। 

    इसके तहत राज्य शासन बालाघाट जिले के परसवाड़ा, बैहर, लांजी, बिरसा और किरनापुर में करीबन 1500 कामों को किया जाएगा. वहीं, विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले इन कामों के लिए जनजतीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सभी विभागों के बीच समन्वय का काम करेंगे। 

    सड़कों के निर्माण पर खर्च होंगे 269 करोड़ रुपये
    योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से सबसे अधिक राशि खर्च की जाएगी। पांचों विकासखंडों में 151 सड़क और सीसी रोड के निर्माण पर 268.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 69 पुलिया और कल्वर्ट के निर्माण के लिए 34.02 करोड़ रुपये तथा 60 स्टॉप डैम के लिए 35.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों का होगा निर्माण
    आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 20 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवन भी तैयार किए जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सोलर पैनल लगाने की भी योजना है।

    बच्चों की मौत वाले गांवों पर विशेष ध्यान
    जिले के डोंगरगांव, बोंदारी, कोंडेकसा, मछरदा, मातला और कोरका जैसे बैगा-गोंड बहुल गांवों में कुपोषण और बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। अब इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    पेयजल व्यवस्था भी होगी मजबूत
    पांचों विकासखंडों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को दी गई है। किरनापुर और लांजी में नल-जल योजना का काम पूरा हो चुका है। वहीं, जिन गांवों में नल-जल योजना के निर्धारित मापदंड पूरे नहीं होते, वहां पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

    बालाघाट में क्या-क्या काम होंगे?
    राज्य शासन बालाघाट में 400 करोड़ के विकास कार्यों को 13 विभागों के साथ मिलकर पूरा करेगी. इसके तहत 151 सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके. इस पर 268 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी. जिले के सभी ब्लॉक में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए 20 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य केन्द्र खोले जाएंगे. इसके अलावा सामुदायिक और स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाए जाएंगे. इनके निर्माण पर 3.11 करोड़ की राशि खर्च होगी। 

    देर रात 12 बजे भोपाल पहुंचे अमित शाह, मध्य प्रदेश गौपालक सम्मेलन में होंगे शामिल
    इसके अलावा अनाज वितरण की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए राशन दुकान और गोदाम का निर्माण किया जाएगा. इस पर 6.87 करोड की राशि खर्च होगी. बालाघाट में पेयजल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच ब्लॉक में नल जल योजना के कामों को तेजी से पूरा कराया जाएगा. जिन स्थालों पर पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां दूसरे विकल्पों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। 

     

  • MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच तेज, STF के हत्थे चढ़ा संदिग्ध; 76 पासपोर्ट की जानकारी सामने आई

    MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच तेज, STF के हत्थे चढ़ा संदिग्ध; 76 पासपोर्ट की जानकारी सामने आई

    भोपाल 

    बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की पड़ताल में लगी स्पेशल टास्क फोर्स की टीम को अहम सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने के आधार पर रायसेन जिले से पचास वर्षीय संदिग्ध राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को पकड़ा है। एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क के संबंधों का पता लगा रही है।

    फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट
    पकड़ा गया संदिग्ध राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले का रहने वाला है। पहले वह बहुजन संघर्ष दल (बसद) का प्रदेश महासचिव भी रह चुका है। लगभग तीन साल पहले राहुल ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी और नृत्या भंते के नाम से मठों में रहना शुरू कर दिया था। पहचान छिपाने के बाद उसने भोपाल के अशोक बुद्ध विहार के पते का उपयोग किया और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इन फर्जी दस्तावेज का सहारा लेकर उसने वर्ष 2025 में पासपोर्ट बनवा लिया। इसी पासपोर्ट के माध्यम से उसने थाईलैंड और म्यांमार की यात्राएं भी की थीं। 

    लगातार बदल रहा था ठिकाने
    एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि संदेही राहुल प्रकाश कई दिनों से अपना ठिकाना बदल-बदलकर रायसेन क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने उसे पकड़ा। जांच एजेंसी अब उसके सभी दस्तावेज, बैंक खातों और पासपोर्ट में दर्ज विदेश यात्राओं के विवरण की जानकारी जुटाने का काम कर रही है। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि वह किन-किन लोगों के लगातार संपर्क में बना हुआ था और उसने भंते का रूप धारण क्यों किया था। हालांकि एसटीएफ की ओर से अभी उसकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    सात जिलों में फैला नेटवर्क
    बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारती
    य पासपोर्ट तैयार कराने के इस नेटवर्क की पड़ताल में एसटीएफ के सामने अब तक प्रदेश के सात जिलों में 76 फर्जी पासपोर्ट बनने की जानकारी आ चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि राज्य में सबसे अधिक 40 फर्जी पासपोर्ट भोपाल के पते पर बनाए गए हैं। इसके अलावा डबरा क्षेत्र से 17 और बैतूल जिले से 11 फर्जी पासपोर्ट बनाए गए हैं। एसटीएफ की टीम फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की जांच में लगी हुई है।