Category: मध्य प्रदेश

  • भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल

     शहर में 1 अक्टूबर से उन घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ताओं की रसोई पर संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। ऑयल कंपनियों ने उनका कनेक्शन ब्लॉक कर दिया है, जिससे बुकिंग सहित अन्य सभी सेवाएं ठप हो गई हैं।

    ऐसे में परेशान उपभोक्ता सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने सहित सभी तरह की मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन एजेंसी कर्मचारियों का एक ही जवाब है कि उन्हें पहले e-KYC करवाना होगी तब ही बुकिंग शुरू हो सकेगी।
    शहर में करीब 8 लाख घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ता

    जानकारी के अनुसार शहर में करीब 8 लाख घरेलू एलीपीजी सिलिंडर उपभोक्ता हैं, इनमें से करीब एक लाख उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। इस वजह से ऑयल कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, उनको इसका पता तब चला जब वह अपने कनेक्शन पर सिलिंडर की बुकिंग कर रहे थे।

    ऐसे में जब बुकिंग नहीं हो सकी तो उन्होंने एजेंसी पर पहुंचकर जानकारी ली तो कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने e-KYC नहीं करवाई है जिससे अभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। अशोका गार्डन स्थित एक गैस एजेंसी पर शनिवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलिंडर लेने पहुंचे थे, जहां देर शाम तक यह स्थिति बनी रही।

    हर एजेंसी पर करीब 8 हजार उपभोक्ता

    सूत्रों के अनुसार शहर में करीब 40 से अधिक इंडेन, भारत, एचपी कंपनियों की गैस एजेंसियां हैं, जिनके द्वारा घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस शर्मा के अनुसार शहर में हर एजेंसी पर करीब आठ हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके कनेक्शन की e-KYC नहीं हुई है। ऐसे में अचानक से सरकार के आदेश पर कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, जो कि एक तरह से अन्याय है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को समय देना चाहिए।

    शहर के सभी घरेलू एलपीजी सिलिंडर उपभोक्ताओं को e-KYC करवाना अनिवार्य है। जिन्होंने अब तक नहीं करवाई है वह करवा लें, जिससे उनका कनेक्शन और बुकिंग दोनों शुरू हो जाएगी।- चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक

     

  • निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    भोपाल 

    सूक्ष्म, लघु,मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर उद्यमी और विकासक को मध्यप्रदेश सरकार 800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से अनुदान देगी।मंत्री काश्यप इंदौर में शनिवार को लघु उद्योग भारती के उद्यम समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री काश्यप ने कहा कि नवीन लघु उद्योग लगाने के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सब्सिडी वितरण में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ दो माह में सब्सिडी ऑनलाइन दी जा रही है।उन्होंने लघु उद्योग भारती के कार्यो की सराहना भी की। काश्यप ने कहा कि समागम चिंतन के लिए होते हैं ।लघु उद्योगों के विस्तार के लिए जाग्रति आवश्यक है जो लघु उद्योग भारती पूरी शिद्दत से कर रही हैं।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि 27 राज्यों में हमारे 70 हज़ार सदस्य हैं, छोटे उद्योगों की बात करने के लिए एवं उनके हित में सरकार की नीतियों को बनवाने और उनको क्रियान्वयन करवाने में लघु उद्योग भारती योगदान दे रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी लघु उद्योग भारती का कार्य उल्लेखनीय है देश में 65 महिला इकाई स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहीं है।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र,प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती की उद्यम समागम स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर मुंदडा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अतीत अग्रवाल, आरएसएस के मध्य क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष सी पी दुबे, डीआरडीओ एवं डिफेंस क्षेत्र के चीफ एडवाइजर जितेंद्र सिंह सहित लघु उद्योग भारती के देश, प्रदेश और प्रांतों की समस्त जिला इकाइयों के पदाधिकारी एवं उद्यमी शामिल हुए।

     

  • केन्द्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर मार्गदर्शन और सहयोग देना एक सकारात्मक पहल

    केन्द्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर मार्गदर्शन और सहयोग देना एक सकारात्मक पहल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नशा मुक्त भारत के निर्माण के संकल्पों के अनुरूप प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की गई है। राज्य सरकार और पुलिस अब मादक पदार्थों, सायबर अपराध, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराध के नेटवर्क पर सतत प्रहार कर रही है। मध्यप्रदेश को 'नशा मुक्त' बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के आहवान पर मध्यप्रदेश को वर्ष 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिये हर स्तर पर सघन प्रयास किये जायेंगे।     

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय, के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अपनी कानून व सुरक्षा व्यवस्था के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सांप्रदायिक सौहार्दृ बनाए रखना चाहिए और समाज को भी इसके लिए निरंतर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्रो नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन करना, मार्गदर्शन देना, सहयोग करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना एक अत्यंत सराहनीय व सकारात्मक पहल है। इस व्यवस्था से सही और दूरगामी निर्णय लेने में मदद मिलती है तथा प्रशासनिक व पुलिस तंत्र की त्वरित गति से कार्य करने की दक्षता बढ़ती है। मध्यप्रदेश में देश का एक आदर्श राज्य बनने की पूरी क्षमता है और राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के सतत मार्गदर्शन व समन्वय से प्रदेश को हर दृष्टि से एक ‘मॉडल राज्य’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक और नए-नए प्रयोगों के सफल परीक्षण के बाद राज्यों को उन्हें लागू करने के अवसर उपलब्ध करा रही है और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी असंभव मानी जाने वाली नक्सल समस्या को प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में और गृह मंत्री  शाह के अटल इरादों के कारण निर्धारित समय-सीमा में खत्म करने में मदद मिली। प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ा प्रहार कर नियंत्रण पाया गया है। अब सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिये विस्तृत कार्य-योजना के तहत कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं में विश्वास जगाने के लिए वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जायेगा। सांदीपनि विद्यालयों के जरिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा रही है। भवन विहीन शालाओं के लिए भवन स्वीकृत किए गए है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। नक्सल मुक्त हुए क्षेत्र के विकास के लिए 400 करोड़ रूपये की योजना बनाई गई है। जनजातीय समुदाय में भरोसा बढ़ाने के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। वनाधिकार पत्र जारी करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के नागरिकों के सुलभ और त्वरित आवागमन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। सिंहस्थ 2028 के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। कर्मचारियों में विश्वास जगाने के लिए 68 हजार कर्मियों को पदोन्नति दी गई है। अग्निवीरो के लिए यूनिफॉर्म सर्विसेज में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्षों में 16,895 पदों पर भर्ती की गई है। अब पद रिक्त होने पर तत्काल भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बैंड में विगत कई वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया को पुन: प्रारंभ कर पुलिस बैंड को नया स्वरूप दिया गया है। पुलिस बैंड में 648 कर्मी भर्ती किए गए हैं। अब प्रत्येक जिले में राष्ट्रीय पर्वों पर पुलिस बैंड द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने लगभग 10 वर्षों से लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया को प्रारंभ किया। विभिन्न संवर्गों में 27 हजार से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। ई-एचआरएमएस में 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मी जोड़े गए है।

    केंद्रीय गृह सचिव  गोविंद मोहन ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री  अमित शाह के विजन से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से लगी सीमाओं को देखते हुए अपराधियों की अंतर्राज्यीय आवाजाही, हथियारों की तस्करी तथा ड्रग्स कॉरिडोर पर पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त आसूचना और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने नेटग्रिड के अधिक प्रभावी उपयोग, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘ड्रग-मुक्त कैंपस’ फ्रेमवर्क लागू करने, एनडीपीएस विशेष न्यायालयों की शीघ्र स्थापना तथा राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन पर जोर दिया।

    मुख्य सचिव म.प्र. शासन  अशोक बर्णवाल ने केंद्रीय टीम को राज्य में कानून व्यवस्था और सभी वर्गों के सरकार के प्रति विश्वास जगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए गए है। सरकार द्वारा जन विश्वास अभियान चलाया जा रहा है।

    पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में निरंतर नवाचार किये जा रहे हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में भी निर्णय लिये जा रहे हैं।

    बैठक में बताया गया कि सरकार किसानों में विश्वास बढ़ाने के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों को एक लाख करोड़ रूपये की योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया है। महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को लाडली बहना योजना के तहत राशि हस्तांतरित की गई है। 18 लाख से अधिक बहनों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर लखपति दीदी बनाया जा चुका है। वन स्टॉप सेंटर से एक लाख महिलाओं से सम्पर्क किया गया है।

    बैठक में बताया गया कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये सरकार निरंतर कड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस महकमे ने ड्रग्स बनाने वाली 17 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है। आदतन ड्रग अपराधियों के विरुद्ध पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज की गई है तथा राज्य सायबर अपराध समन्वय केन्द्र ( एस4सी) अधिसूचित किया गया है। ई-साक्ष्य का कवरेज पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है तथा सभी जिलों में 57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध हैं।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0'' अभियान में इस वर्ष 58 करोड़ सोशल मीडिया व्यूज तथा 2 करोड़ 47 लाख नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी रही। इसी प्रकार सेफ क्लिक अभियान 2 में डिजिटल अरेस्ट को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। पुलिसकर्मियों में तनाव को दूर करने के लिए हार्टफुलनेस के साथ एमओयू किया गया। एक हज़ार से अधिक प्रशिक्षक तैयार किए गए तथा 50 हजार पुलिसकर्मियों ने हार्टफुलनेस में भागीदारी की।

    बैठक में बताया गया कि तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में 90 दिनों के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने की दर 69 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत (59 प्रतिशत) से अधिक है, तथा ई-समन की सीधी डिलीवरी में राज्य देश में सबसे आगे है।

    बैठक में कानून-व्यवस्था, तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, मादक पदार्थ नियंत्रण, सायबर अपराध, आतंकवाद प्रतिरोध, विदेशियों से संबंधित विषयों, भगोड़ों के विरुद्ध कार्रवाई, पुलिस आधुनिकीकरण, पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय, आपदा प्रबंधन तथा शत्रु संपत्ति के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

    बैठक में निदेशक आईबी, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा)  आनंद स्वरूप, अपर सचिव (आपदा प्रबंधन)  अनुज्ञ शर्मा, महानिदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  अनुराग गर्ग और राज्य की ओर से अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य  अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक  वरुण कपूर, महानिदेशक होमगार्ड मती प्रज्ञा ऋचा वास्तव, विशेष पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान  पंकज कुमार वास्तव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स  डी. निवास वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

  • प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    भोपाल

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री  संपतिया उईके ने सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी की सेवा संकल्प यात्रा पर निकले सेवा यात्रियों के सिंगरौली जिले के निगरी पहुंचने पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सेवायात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए सेवा, समर्पण, स्वच्छता और जनभागीदारी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

    प्रभारी मंत्री  उईके ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की यात्रा के रूप में महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने, स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया है। सेवा संकल्प अभियान इसी सेवा भावना और सामाजिक दायित्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवायात्रियों से उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा नागरिकों को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करें।

    प्रभारी मंत्री   उईके ने स्वच्छताकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सेवा और स्वच्छता के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    निगरी में सेवा यात्रियों के स्वागत के लिए सांसद सीधी-सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सेवा यात्रियों का स्वागत किया और सेवा, स्वच्छता तथा जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 

  • “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    भोपाल

    वन्य-जीव सप्ताह-2026

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 की थीम "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास" के अनुरूप 3 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव संरक्षण, जैव-विविधता एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

    इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रातः 8 से 9:30 बजे तक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में "वन विहार की आवाजें" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 81 दिव्यांग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विषय विशेषज्ञ के रूप में श्री सुनील सिन्हा, सेवानिवृत उप वन संरक्षक, डॉ. संगीता राजगीर, मो. खालिक एवं श्री संकल्प किसनानी द्वारा विद्यार्थियों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के प्राकृतिक परिवेश एवं वन्य-जीवों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रकृति भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पक्षियों तथा वन्य-जीवों के प्राकृतिक आवास के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रकृति को नजदीक से देखने, वन्य-जीवों की गतिविधियों को समझने तथा प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    कार्यक्रम की विशेषता अनुभवात्मक एवं समावेशी सहभागिता रही। विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में दिखाई देने वाले पक्षियों की आवाजों, प्राकृतिक ध्वनियों एवं आसपास के जैव-विविधतापूर्ण वातावरण से परिचित कराया गया तथा भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन्य-जीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, प्रकृति के संरक्षण तथा वन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डॉ. रूही हक द्वारा किया गया।

    अन्य प्रतियोगिता के रूप में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए प्रातः 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास' विषय पर "युवा संसद" का आयोजन किया गया। इसमें 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनके 6 ग्रुप बनाये गये। युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्य-जीव संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों तथा जैव-विविधता के संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    इस अवसर पर प्रातः 9:30 से 11:30 बजे तक 'स्टैण्ड फॉर वाइल्ड लाइफ' (खुला वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन विश्व प्रकृति निधि भारत के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों एवं वन्य-जीव प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में 150 से अधिक वन्य-जीव प्रेमियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा, संचालक वन विहार श्री विजय कुमार, संचालक विश्व प्रकृति निधि भारत डॉ. स्वाती मोघे, सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं वन विहार के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

    प्रतियोगिता का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं एवं वन्य-जीव प्रेमियों में वन्य-जीवों, प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई तथा वन्य-जीव संरक्षण के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम के माध्यम से वन्य-जीवों के महत्व और उनके संरक्षण में जन-भागीदारी की आवश्यकता का संदेश भी प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 के 'तृतीय दिन इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जब कुल 243 आगंतुकों ने वन्य-जीव पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीकरण' कराया। इनमें से 16 'वन्य-जीव संरक्षण राजदूत' बने, जबकि 17 को 'वन्य-जीव चैंपियन' के रूप में मान्यता दी गई।

    4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम

    वन्य-जीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत दिनांक 04 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक "फैमिली वाइल्डलाइफ डे" का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से वनकर्मियों एवं उनके परिवारों को वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहभागी बनाया जाएगा। इसी क्रम में "मध्यप्रदेश के वन्य-जीव' विषय पर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए "मेहंदी प्रतियोगिता" एवं "पाम पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक वन विहार स्थित विहार वीथिका में किया जाएगा।

    इन प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध वन्य-जीव संपदा एवं जैव-विविधता के महत्व को समझने तथा वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनने का अवसर प्राप्त होगा।

     

  • अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सजीव प्रस्तुत किया गया प्रदर्शनी में

    अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सजीव प्रस्तुत किया गया प्रदर्शनी में

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का भेल दशहरा मैदान पर शुभारंभ कर प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी, नवीन न्याय संहिताओं के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को प्रदेश में नवीन न्‍याय संहिताओं के क्रियान्‍वयन की दिशा में संचालित गतिविधियों, सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्‍यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और नवाचारों से अवगत कराया। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्‍यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना उपस्थित थे।

    आपातकालीन नंबर डायल-112 की कार्यप्रणाली का किया गया सजीव प्रदर्शन

    प्रदर्शनी का जोन एक नवीन न्याय संहिताओं के परिचय पर केंद्रित है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई है। आपातकालीन सेवाओं एवं कंट्रोल रूम पर केंद्रित जोन दो में ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ की अवधारणा के अंतर्गत डायल-112 प्रणाली के एकीकरण तथा आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन किया गया है। क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच से संबंधित ज़ोन-3 में अपराध स्थल के वास्तविक 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा साक्ष्यों की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया प्रदर्शित है। जोन-4 थाना प्रणाली एवं प्रारंभिक जाँच पर केंद्रित है। इसमें पुलिस थाने के मॉडल के माध्यम से विवेचना के प्रारंभिक चरण, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर एवं CCTNS से संबंधित सेवाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी इस जोन में दी गई है। चिकित्सा सेवाओं एवं मेडिकल साक्ष्य को समर्पित जोन-5 में पीड़ितों के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम तथा समयबद्ध मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को दर्शाया गया है।

    चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक की दी गई है जानकारी

    न्याय प्रक्रिया में फॉरेंसिक साइंस लैब के महत्व को जोन 6 में प्रदर्शित किया गया है। इस जोन में DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक एवं डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जाँच तकनीकों के माध्यम से अपराध के वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने की प्रक्रिया दिखाई गई है। जोन-7 में अभियोजन की भूमिका पर केंद्रित है।विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक अभियोजन की भूमिका और कार्यप्रणाली को यहां प्रदर्शित किया गया है। जोन-8 में जिला न्यायालय पर केंद्रित है। इस जोन में जिला न्यायालय का मॉडल एवं न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया है। ज़ोन-9 जेल सुधार एवं ई-प्रिजन व्यवस्था को समर्पित है।यहां जेल सुधार, जेल मैनुअल में हुए बदलाव, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रम तथा ई-प्रिजन प्रणाली की कार्यप्रणाली का लाइव डिस्प्ले किया है। ज़ोन-10 उच्च न्यायालय की गरिमापूर्ण पीठ को दर्शाता है।यहां मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य कोर्ट रूम का स्वरूप प्रदर्शित किया गया है। यह ज़ोन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से लेकर उच्चतर न्यायपालिका के स्तर पर न्याय की प्रक्रिया तक की संपूर्ण यात्रा प्रदर्शित है।

    ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई

    इसी क्रम में ज़ोन-11 में नक्सल उन्मूलन में उपलब्धियाँ प्रदर्शित हैं। यहां प्रदेश में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा पुलिस की उपलब्धियों को फोटोग्राफिक एवं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। ज़ोन-12 साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित है। यह जोनसाइबर अपराधों से बचाव के लिए संचालित ‘सेफ क्लिक अभियान’ तथा ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। नवीन संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की उपलब्धियाँ जोन तेरह में प्रदर्शित है।यहां नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आवश्यक ढांचागत सुधारों तथा राज्य में अब तक हुई प्रगति को डिजिटल चार्ट और डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज़ोन-14 में सामाजिक पहल के प्रदर्शन के साथ ही लाइव क्विज़ रखा गया है। इस ज़ोन में ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क एवं ‘Say No to Drugs’ जैसे सामाजिक अभियानों की जानकारी के साथ नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ काउंटर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

    त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और कानून के प्रति रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। यहां लोगों को नवीन न्याय संहिताओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों से परिचित कराना तथा यह बताना है कि नवीन न्याय संहिताओं के माध्यम से त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन में सचिव गृह मती शिल्पा गुप्ता, केंद्र सरकार के अधिकारी तथा प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्रीगौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्रीगौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • केंद्रीय मंत्री  शाह ने राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

    केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

    भोपाल 

    राज्यस्तरीय गौ-पालक सम्मेलन

    केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि पशुधन (लाईव स्टॉक) और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों और गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है। पशुधन जितना होगा, उतनी ही होगी समृद्धि। देश के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है। पशुधन से दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से ही गौपालकों के घर समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों और पशुपालकों की आय का बड़ा जरिया है। केंद्र सरकार देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रही है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि भोपाल में हुआ यह विशाल गौपालक सम्मेलन मध्यप्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का एक शुभ संकेत है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक गौपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पूरे देश में दुग्धोत्पादन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने प्रदेश के सभी गौपालकों से मप्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चलने की अपील करते हुए कहा कि सब मिल-जुलकर एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी यह लक्ष्य हासिल होगा। मंत्री  शाह शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्य स्तरीय गौ-पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    प्रदेश को दीं कई सौगातें

    'सहकार से समृद्धि' की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री  शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के फर्मेटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये से नव निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला तथा शिवपुरी जिले में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि तथा प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण एवं आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने मंच से 5 गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 2 पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए।

    एमओयू भी हुआ

    भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने कृभको एवं म.प्र. बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर परस्पर आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है। नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा तथा शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में मप्र में वर्तमान में मनाये जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 (बलराम कृषि महोत्सव) पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात' विषयक एक आकर्षक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    देश को नक्सलवाद से मिली निजात

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। अब बारी पूरे देश को नशामुक्त बनाने की है। भारत को वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। मंत्री  शाह ने नागरिकों से मध्यप्रदेश को 31 दिसम्बर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार का काम प्रारंभ करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कारगर उपायों से ही मप्र अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।

    न्याय संहिता प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा है कि आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है। हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता के मूल में न्याय दिलाना है, दंड नहीं। दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए ही है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी। इस नवीन न्याय संहिता से भारतीय न्यायपालिका शीघ्र ही दुनिया का सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था की गई है।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश में सहकारिता से जुड़े लोग 75 साल से सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन विपक्षी दल की सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री  मोदी ने पहली बार देश में प्रथक से सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की। इसका सबसे अधिक लाभ देश के गौपालकों भाई-बहनों को हुआ है। उन्होंने बताया कि बिचौलियों को दूध बेचने से दुग्ध उत्पादकों को केवल 35 रुपए लीटर दाम मिलता है, लेकिन सहकारी समितियों को दूध बेचने पर पहले दिन से 55 रुपए लीटर दाम मिलेगा। हमारी सरकार मिल्क प्रोसेसिंग कर दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद करने के लिए इको सिस्टम तैयार कर रही है। आज उज्जैन में 255 करोड़ लागत के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि-पूजन हुआ है। भोपाल में 17 करोड़ की लागत से सांची दुग्ध संघ का संयंत्र बनकर तैयार हो गया है। भोपाल में 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में साढ़े 6 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी यूनिट को भी बनाया जाएगा। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए बोनस की सौगात दी गई है। गौपालक दीदियों का सम्मान भी हुआ है। प्रदेश में 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंस की नस्ल सुधार का कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है इससे गौमाता बीमार नहीं होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा। नई प्रजनन तकनीक से गाय केवल बछिया ही जनेगी। अगले तीन साल में मध्यप्रदेश सरकार दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने के लिए काम कर रही है। यह एक बड़ा लक्ष्य है। गुजरात ने इसे कर दिखाया है।

    भारत कर रहा है दुनिया में सर्वाधिक दूग्ध उत्पादन

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश की आजादी के बाद वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था। प्रधानमंत्री  मोदी के सत्ता संभालने के बाद 10 साल में ही यह 25 करोड़ टन से अधिक हो गया है। केंद्र और हमारी राज्य सरकारों की गौपालकों के लिए प्रतिबद्धता से यह लक्ष्य हासिल होता है। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गया है। भारत अब दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहा है। देश के दूग्ध उत्पादक अग्रणी 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

    नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान होगा म.प्र. का

    केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने का संकल्प लिया है। हमारा निर्यात आज बढ़कर 5000 करोड़ तक पहुंच गया है। यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में भारत निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि हमने अब श्वेत क्रांति 2.0 का शुभारंभ किया है। केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार डेयरियों को और भी मजबूत किया जाएगा। नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। केंद्र सरकार ने नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने को गति दी है। पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार तैयार करने, गोबर से बायोगैस, गोबर से उत्पाद तैयार करने, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भधान के लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की है। गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगारी के लिए 5 मॉडल बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव तक गोबर के उत्पाद तैयार करने का मॉडल भी तैयार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक विकास का मॉडल भी जुड़ता है। देश में कुपोषण से लड़ाई में भी डेयरी अहम भूमिका निभा रही है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने सम्मेलन में आए सभी गौपालकों को देश में नई श्वेत क्रांति 2.0 से जुड़ने की बधाई देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आश्वस्त किया कि दूध उत्पादन के लिए 50 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार हर कदम पर प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।

    दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है कि देश का अधिकतम दुग्ध उत्पादन म.प्र. की धरती पर हो। उन्होंने कहा कि आज स्वयं केंद्रीय सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में यहां अद्भुत राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। किसान कल्याण वर्ष में हमने 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं। किसान भाइयों की आय गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव-कस्बे की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और भी सशक्त करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश में कई नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं।

    गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्प, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तीन घोषणायें

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए अगले माह गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने इस संकल्पों की पूर्णता के लिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक्स में स्थित वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेन्स चल रही हैं। इसमें वृद्धि करते हुए अब प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेन्स चलाईं जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्नत दुधारू नस्ल के पशु अधिक दूध उत्पादन करते हैं, इसीलिए उन्नत नस्ल पशुपालन के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में जगह-जगह पशुपालकों के वृहद् मेले लगाये जायेंगे।

    म.प्र. देश में सबसे पहले हुआ नक्सल मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह के अटल इरादों से ही देश नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। मप्र देश में सबसे पहले दशकों पुरानी इस समस्या से मुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक केन्द्रीय योजना में शत्-प्रतिशत परिणाम देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री  शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हो गया है। केंद्रीय मंत्री  शाह के करकमलों से आज मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है। आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दुग्ध समितियां की संख्या बढ़कर दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। जिन गांवों में समितियाँ नहीं बनी है, वहाँ भी समितियाँ गठित की जाएगी। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। इनके श्रेष्ठ प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को बढ़ाते हुए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन हैं। राज्य में गिर, साहीवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। प्रदेश में 3500 गौशाला है, इनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    गौपालकों को बनायेंगे समृद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौपालकों को समृद्ध और गौपालन को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन को व्यक्तिगत स्तर और गौशालाओं के जरिए भी बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को भी अनुदान 20 रू. प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रू. प्रति गाय कर दिया गया है। राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 40 लाख रुपए ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपए की सब्सिडी दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद मप्र सुगम परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों की पक्की रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें नि:शुल्क रजिस्ट्रियाँ प्रदान की जा रही हैं।

    वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष  हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह ने देश में सहकारिता को एक नई दिशा दे दी है। मध्यप्रदेश में नई दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन पर पहुंच गया है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का 8.50 रूपए प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से पशुपालकों की आय बढ़ी है। गोबर से बायोगैस एवं खाद और सहकार से समृद्धि आए, केन्द्रीय मंत्री  शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश में भी दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था बनाएंगे। इससे युवाओं को बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलेगा।

    खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता हमारा धर्म है और हमारी सरकार इसी धर्म के पालन में केन्द्र सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।

    सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, कृषि कल्याण किसान एवं विकास मंत्री  एदल सिंह कंषना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, भोपाल सांसद  आलोक शर्मा, विधायकगण  रामेश्वर शर्मा,  भगवान दास सबनानी,  विष्णु खत्री, महापौर मती मालती राय, एमडी कृभको  एसएस यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    केन्द्रीय मंत्री  अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सहभागिता करने से पहले मौके पर ही राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री को वर्तमान में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। 

  • स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। श्रीमती गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति

    मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति

    मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति
    मुरैना

         सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मुरैना द्वारा शासकीय कला पथक दल मुरैना के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मध्य निषेध सप्ताह अंतर्गत सेवा संकल्प अभियान आज दिनांक 3,10 ,2026 को माधौपुरा की पुलिया मुरैना मैं कार्यक्रम आयोजित किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम में गीत एवं नाटकों की प्रस्तुति की गई जिसमें दर्शकों को नशे से दूर रहने एवं नशे के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय बताए गए एवं अपने भविष्य को स्वर्णिम बनाने जीवन में आगे बढ़ने चरित्रवान बनने के लिए नशे से दूर रहना क्यों जरूरी है यह समझाया और जानकारी  प्रदान की गई कार्यक्रम में दर्शक काफी संख्या में उपस्थित रहे प्रमुख कलाकार श्री जाकिर हुसैन एवं शासकीय कला पथक दल के सदस्य उपस्थित रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया तथा नेमीचंद की कला मंडली द्वारा नाटक प्रस्तुत भी किया गया एवं नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। और लोगों को सेवा के लिए दृढ़ संकल्पित किया गया।