Category: मध्य प्रदेश

  • विकसित भारत की ओर केंद्रीय बजट 2026-27: क्या हैं सरकार की नई रणनीतियां?

    विकसित भारत की ओर केंद्रीय बजट 2026-27: क्या हैं सरकार की नई रणनीतियां?

    केंद्रीय बजट 2026–27: ‘विकसित भारत’ की ओर एक रणनीतिक कदम

    केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि Ease of Doing Business और Tax Simplification की दिशा में एक संरचनात्मक सुधार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट “कर्तव्य” की भावना से प्रेरित है, जिसमें राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए मध्यम वर्ग और उद्योग जगत को संतुलित राहत देने का प्रयास किया गया है।

    प्रत्यक्ष कर: अनुपालन में सुगमता की दिशा में बड़ा कदम

    सीए आयुष गर्ग ने कहा कि बजट का सबसे बड़ा आकर्षण नया आयकर अधिनियम, 2025 है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उनके अनुसार, इस नए कानून का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल, संक्षिप्त और करदाता-अनुकूल बनाना है।

    उन्होंने बताया कि नई कर व्यवस्था के तहत ₹4 लाख तक की आय को कर-मुक्त रखा गया है, जबकि स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित ₹12.75 लाख तक की आय पर कर देयता शून्य होगी, जिससे मध्यम वर्ग की डिस्पोजेबल आय में वृद्धि होगी।

    सीए गर्ग ने यह भी कहा कि संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च किया जाना करदाताओं और प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दोनों के लिए एक व्यावहारिक राहत है, हालांकि विलंब शुल्क की व्यवस्था जारी रहेगी।

    उन्होंने विदेश यात्रा (LRS), शिक्षा एवं चिकित्सा खर्च पर टीसीएस की दर को 5%/20% से घटाकर 2% किए जाने को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे करदाताओं के नकदी प्रवाह पर दबाव कम होगा। इसके अलावा, शेयर बायबैक से प्राप्त आय को अब शेयरधारकों के हाथों कैपिटल गेन के रूप में करयोग्य बनाना कर ढांचे को अधिक तार्किक बनाता है।

    एमएसएमई और कॉर्पोरेट सेक्टर: विकास को नई गति

    एमएसएमई सेक्टर पर बोलते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि सरकार ने छोटे उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा की है।

    उन्होंने यह भी कहा कि ‘कॉर्पोरेट मित्र’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमएसएमई को मार्गदर्शन देने हेतु पैरा-प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे, जिनके प्रशिक्षण में आईसीएआई की प्रमुख भूमिका होगी।

    सीए गर्ग के अनुसार, आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा को ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2000 करोड़ करना बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुपालन को सरल बनाएगा। उन्होंने बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय आवंटन को स्टील, सीमेंट और कोर सेक्टर के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी बताया।

    राजकोषीय अनुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता

    राजकोषीय स्थिति पर टिप्पणी करते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.3% रखना सरकार की वित्तीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

    शेयर बाजार और निवेशक

    शेयर बाजार पर बजट के प्रभाव को लेकर सीए गर्ग ने कहा कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में वृद्धि से अल्पकालिक और अत्यधिक सट्टा गतिविधियों पर कुछ नियंत्रण आएगा। उन्होंने बताया कि फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% तथा ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया है।

    निष्कर्ष

    अंत में सीए आयुष गर्ग ने कहा कि बजट 2026–27 Simplification और Standardization की स्पष्ट दिशा तय करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कर कानूनों की जटिलताओं को कम कर डिजिटल और ऑटोमेटेड प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना सरकार की Trust-based Compliance नीति को दर्शाता है।

    उनके अनुसार, यह बजट चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक अवसर है, जिसमें उनकी भूमिका केवल कर अनुपालन तक सीमित न रहकर रणनीतिक सलाहकार के रूप में विकसित हो सकती है।

    विशेषज्ञ राय

    सीए आयुष गर्ग (FCA, CS, CMA, M.Com)

  • राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

    राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

    भोपाल
    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

    राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है।

    इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • भोपाल में मतदाताओं को देने होंगे दस्तावेज, SIR में 2.96 लाख पत्रकों में मिली तार्किक विसंगतियां

    भोपाल में मतदाताओं को देने होंगे दस्तावेज, SIR में 2.96 लाख पत्रकों में मिली तार्किक विसंगतियां

    भोपाल.

    जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण में दो लाख 96 हजार पत्रकों में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। ऐसे में अब इन मतदाताओं को नाम, पता व उम्र से संबंधित एक दस्तावेज पेश करना होगा। हालांकि इनमें से 79 हजार पत्रकों की विसंगतियां बीएलओ ने अपने स्तर पर ही दूर कर ली हैं, जबकि दो लाख 17 हजार को अब नोटिस जारी किए जाएंगे। इनकी सुनवाई नो मैपिंग मतदाताओं के साथ-साथ 85 हेल्प डेस्क पर की जाएंगी, जिसके लिए 91 अतिरिक्त एईआरओ पदस्थ कर दिए गए हैं।

    सात विधानसभा का SIR के दौरान सत्यापन किया गया था
    बता दें कि डिजिटाइज किए गए पत्रकों की तकनीकी रूप से जांच की जा रही है। इस दौरान तर्किक विसंगतियां मिलने के बाद सुनवाई वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ गई हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाताओं का एसआइआर के दौरान सत्यापन किया गया था।

    स्वजनों का 2003 की सूची में रिकॉर्ड नहीं मिला था
    जिनमें से कुल 16 लाख 87 हजार 33 मतदाताओं के पत्रक डिजिटाइज किए गए थे, जबकि चार लाख 38 हजार 317 मतदाताओं को एएसडीआर (अनुपस्थित, शिफ्टिंग, मृत्यु और दोहरी प्रवृष्टि) श्रेणी में रखते हुए विलोपित किया गया है। जिन मतदाताओं और उनके स्वजनों का 2003 की सूची में रिकॉर्ड नहीं मिला था, ऐसे एक लाख 16 हजार 925 मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में रखे गए हैं। इनकी सुनवाई 85 हेल्प डेस्क पर 90 एईआरओ द्वारा की जा रही है। इनमें से अब तक 49 हजार 965 की सुनवाई हो चुकी है।

    दो लाख 17 हजार 317 को नोटिस जारी किए गए
    इसी बीच तकनीकी परीक्षण के दौरान दो लाख 96 हजार 317 पत्रकों में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। यानी किसी के नाम, उपनाम, पिता के नाम, माता के नाम आदि में अंतर होना शामिल हैं। इनमें से 79 हजार मतदाताओं के पत्रकों का बीएलओ ने अपने स्तर पर सुधार कर लिया है, जबकि दो लाख 17 हजार 317 को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी मतदाताओं को सुनवाई के दौरान विसंगतियों को दूर करने संबंधी दस्तावेज पेश करना होगा।

    181 एईआरओ 14 फरवरी तक पूरी करेंगे सुनवाई
    एक लाख 16 हजार 925 नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए 85 हेल्पडेस्क बनाई गई हैं, जिन पर 90 एईआरओ सुनवाई के लिए नियुक्त किए गए थे। अब दो लाख 17 हजार तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई भी की जानी है, जिसके लिए अतिरिक्त 91 एईआरओ नियुक्त कर दिए गए हैं। इस तरह कुल 181 एईआरओ नो मैपिंग और विसंगति वाले मतदाताओं की 14 फरवरी तक सुनवाई पूरी करेंगे, जिससे कि अंतिम मतदाता सूची में किसका नाम रखना है और किसका विलोपित करना है, यह तय किया जा सके।

    ऐसे समझें तार्किक विसंगति
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि तकनीकी परीक्षण के दौरान तार्किक विसंगति वाले कुल दो लाख 96 हजार 317 मतदाताओं के पत्रक चिह्नित किए गए थे। तार्किक विसंगति का मतलब यह है कि किसी मतदाता का नाम मोहनलाल एक साथ लिखा था मतदाता सूची में, लेकिन पत्रक में उसका नाम मोहन और लाल अलग-अलग लिखा गया है। इसलिए अब इस अशुद्धि को दूर करने के लिए मतदाता को एक दस्तावेज सुनवाई के दौरान पेश करना होगा।

  • कलियासोत–भोज वेटलैंड मामला: एनजीटी ने प्रशासन को किया फटकार, अवैध कब्जे पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश

    कलियासोत–भोज वेटलैंड मामला: एनजीटी ने प्रशासन को किया फटकार, अवैध कब्जे पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश

     भोपाल
     कलियासोत जलाशय क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, जो चिंताजनक है।

    एनजीटी के समक्ष यह मामला कलियासोत जलाशय, केरवा जलाशय और आसपास के ग्रीन बेल्ट, बाटनिकल गार्डन व रीजनल गार्डन की जमीन पर हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने माना कि इन अवैध गतिविधियों से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं जैसे जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी खतरे में है।

    97 अतिक्रमण चिह्नित किए

    बीते कुछ वर्षों में इन जीवों का रिहायशी इलाकों में दिखना मानव जीवन के लिए भी जोखिम बनता जा रहा है। एनजीटी ने अपने आदेश में खुलासा किया कि कलियासोत जलाशय क्षेत्र में कुल 97 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी भूमि पर हैं।

    इसके अलावा लगभग 150 हेक्टेयर भूमि, जो बाटनिकल गार्डन के लिए आरक्षित है, उसकी न तो समुचित सीमांकन हुआ और न ही सुरक्षा। वहीं, बिना उपचारित सीवेज जलाशयों प्रवाह अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई एसटीपी वर्षों से अधूरे या ट्रायल रन की स्थिति में हैं।
    दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश

    ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर भोपाल और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत निगरानी में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश दिया गया है कि दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की जाए। एनजीटी ने यह भी कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
    समय सीमा बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुए एसपीटी

    एनजीटी ने यह भी चिंता जताई कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण बिना उपचारित गंदा पानी जलाशयों में छोड़ा जा रहा है । अधिकरण ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है और अधिकारियों की निष्क्रियता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
    मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को

    याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडेय और राशिद नूर खान की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर सुनवाई के बाद एनजीटी ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिए कि यह आदेश मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचाया जाए, ताकि तत्काल और ठोस कार्रवाई हो सके।

    अधिकरण ने स्पष्ट किया कि वह स्वामित्व विवाद तय नहीं करेगा, बल्कि उसका उद्देश्य केवल जलाशयों से अतिक्रमण हटाकर भोज वेटलैंड की रक्षा करना है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को होगी।

  • मौसम अपडेट: ग्वालियर-दतिया, रीवा में कोहरा, 8 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह हल्की बूंदाबांदी जारी

    मौसम अपडेट: ग्वालियर-दतिया, रीवा में कोहरा, 8 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह हल्की बूंदाबांदी जारी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखी जा रही हैं। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में सबसे अधिक कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी 50-200 मीटर तक रह गई। सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में मध्यम कोहरा बना रहा।

    इधर रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं दिन में सर्दी का असर बढ़ा है। बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया।

    पचमढ़ी-दतिया में 7.8 डिग्री, उमरिया में 7.9 डिग्री, रायसेन में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और सीधी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान गुना, शाजापुर समेत 8 जिलों में आंधी, बारिश और गरज चमक होने का अलर्ट जारी किया है। शाजापुर में तो हल्की बारिश का दौर शुरू भी हो गया है। इंदौर में भी बूंदाबांदी हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर में बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलने और दोपहर में गुना, राजगढ़, सागर, रायसेन के सांची में हल्की बारिश होने की संभावना है।

    अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

        1 फरवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है।
        2 फरवरी- नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है।
        3 फरवरी- ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी का दौर भी बना रहेगा।

    किसानों के लिए सलाह

        खेतों में पानी का निकास सुनिश्चित करें ताकि अल्पकालिक वर्षा से नुकसान न हो।
        गेहूं, चना और सरसों की फसल पर तेज हवा और नमी से होने वाले रोगों की निगरानी करें।
        बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाने के लिए पौधों को सहारा दें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
        मौसम साफ होने तक सिंचाई स्थगित करें और कटाई हुई फसल को खुले में न छोड़ें।

    सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

    उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जेट स्ट्रीम हवाओं की गति बढ़ी। इसका असर मध्य प्रदेश के दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के रूप में देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि, जब यह सिस्टम लौटेगा तो ठंड का एक और दौर प्रदेश में आएगा।