Category: मध्य प्रदेश

  • लाड़ली बहनों की 25 हजार की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें कारण

    लाड़ली बहनों की 25 हजार की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें कारण

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में प्रदेश में 1.31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, जो जनवरी 2026 तक घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई हैं। यानी बीते 27 महीनों में 6.28 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं।

    सरकार के मुताबिक योजना से बाहर हुई अधिकतर महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाता है। इसी बीच एक और बड़ी वजह सामने आई है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि उनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही समग्र आईडी रिकवर होगी, इन महिलाओं की रुकी हुई किस्त फिर से जारी कर दी जाएगी।

    विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए रजिस्ट्रेशन बंद थे, तो आंकड़ों में बढ़ोतरी कैसे हुई? इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया। 

    27 महीने कम गईं 6 लाख से अधिक महिलाएं

    जब लाड़ली बहना योजना की शुरूआत हुई तो 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड थीं। जिनकी संख्या पिछले 27 महीने में घटकर केवल 1.25 से अधिक रह गई हैं। यानी करीब 6 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। सरकार के द्वारा जानकारी दी गई कि इसमें अधिकतम वह महिलाएं हैं। जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है।
    25 हजार से अधिक महिलाएं का भुगतान बंद

    प्रदेश में 25 हजार से अधिक लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया है क्योंकि इनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई है। जैसे ही दोबारा समग्र आईडी रिकवर हो जाएंगी। भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
    कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल पेश किया कि जब नए रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो संख्या में बढ़ोत्तरी कैसे हो गई। इसका मंत्री ने लिखित में देने से मना कर दिया।

    क्या तकनीकी गड़बड़ी और उम्र सीमा की वजह से हजारों जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर हो रही हैं? और क्या सरकार इस डेटा गड़बड़ी पर ठोस कदम उठाएगी?

  • होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव, चल समारोह हेतु हुआ निर्णय

    ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी संपन्न

     भोपाल
     इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में  पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी । 

    अतः होलिका  दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन  पश्चात धुलेंडी  उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण  4 तारीख को ही किया जाना चाहिए। 

     लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की  रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।

  • भोपाल में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन, 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी जुटे, हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

    भोपाल में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन, 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी जुटे, हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जेपी परिसर में पहुंच गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। दोपहर एक बजे न्याय यात्रा शुरू होगी, जो मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। जहां 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

    संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल आगे भी जारी रखेंगे। बुधवार से शुरू हुई हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। संघ के अनुसार मंगलवार रात को ही कई कर्मचारी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भोपाल के लिए बस, ट्रेन व किराए के वाहन से निकल गए थे, जो दोपहर तक यहां पहुंचेंगे।

    पुलिस ने की अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग

    कर्मचारियों की न्याय यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर के गेट पर बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी कर ली है। पुलिस उन्हें परिसर से बाहर नहीं निकलने देगी। उधर, कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है।

    समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि 2 फरवरी से संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। विभाग के अधिकारी हमारी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। यही कारण है कि बीते दो दिन से हम काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जाता रहे थे। आज संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं से न्याय यात्रा निकाल कर राजधानी में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जिससे हमारी मांगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच सकें।

    उन्होंने बताया कि यह यात्रा मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर से कर्मचारी आए हैं, सभी एक तरह का सामूहिक अवकाश लेकर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। यदि आज भी हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो सभी संविदा कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।

    30 हजार कर्मचारी, पूरे प्रदेश में असर

    संघ के अनुसार प्रदेश के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों सहित विभिन्न इकाइयों में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं।

    ये कर्मचारी रिपोर्टिंग कार्य, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, कुपोषित बच्चों की देखरेख और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। संघ का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो अस्पतालों की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    रिक्त पदों पर समायोजन या नियमितीकरण की मांग

    कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए।

    इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर ठोस नीति बनाकर स्थायी समाधान करने तथा न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।

    9 सूत्रीय मांगों में क्या शामिल

    संघ द्वारा प्रस्तुत 9 सूत्रीय मांगों में श्रम विभाग की 1 अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर सीधे खातों में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश की सुविधा, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल हैं।

    संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जबकि वे 12 से 14 घंटे तक कार्य कर अस्पतालों की रीढ़ बने हुए हैं।

    सामूहिक हड़ताल रहेगी जारी

    संघ ने बताया कि आंदोलन के चौथे चरण में 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल में शामिल रहेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो यह हड़ताल जारी रहेगी। कोमल सिंह ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।

    कई बार पत्र, ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कर्मचारियों में आक्रोश है।

    अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। कर्मचारियों का दावा है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके भविष्य की सुरक्षा के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।

  • एमपी में मौसम का नया मोड़, 5 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल में मौसम शांत

    एमपी में मौसम का नया मोड़, 5 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल में मौसम शांत

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना इस बार पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र और दो सक्रिय द्रोणिकाओं के कारण कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बालाघाट, डिंडौरी समेत पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल और इंदौर में धूप खिलने के आसार हैं। 

    इन जिलों में असर ज्यादा
    मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव बना हुआ है। इसके चलते अनूपपुर, मंडला और सिवनी सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है।

    दिन में धूप, शाम को बदल गया मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदली। जबलपुर, रीवा, सीधी में बारिश हुई। वहीं, रात में भी मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिली।

    दिन में धूप, शाम को बदला रंग
    सोमवार को कई शहरों में सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम पलट गया। जबलपुर में धूल भरी आंधी चली और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं रीवा और सीधी में भी बारिश हुई। रात के समय ग्वालियर, मुरैना, सागर, दमोह और खरगोन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का असर दिखाई दिया।

    फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, लेकिन रात में पारा बढ़ा हुआ है। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया गया।

    फरवरी बना बरसाती महीना
    आम तौर पर फरवरी को सर्दी के विदा होने का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरा दौर चला, जो तीन दिन तक सक्रिय रहा। अब 23 फरवरी से चौथी बार बादलों ने दस्तक दी है और इसका असर अभी बना हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव
    बारिश से दिन का तापमान नीचे आया है, जबकि रात में ठंड कुछ कम हुई है। रविवार-सोमवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी रात का पारा 12 डिग्री से ऊपर रहा। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना हुआ है। कहीं धूप तो कहीं बादल और बारिश फरवरी के आखिरी दिनों में भी मौसम राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा। 

  • भोपाल में किसान महासम्मेलन के चलते ट्रैफिक डायवर्जन, राहुल गांधी और खड़गे करेंगे शिरकत

    भोपाल में किसान महासम्मेलन के चलते ट्रैफिक डायवर्जन, राहुल गांधी और खड़गे करेंगे शिरकत

    भोपाल

    भोपाल में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का महत्वपूर्ण दौरा है. राजधानी में आयोजित किसान महा चौपाल कार्यक्रम में दोनों नेता शामिल होंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे इस दौरे को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे और लगभग 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर संक्षिप्त स्वागत के बाद वे दोपहर 1:30 बजे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और करीब 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे.

    किसान महा चौपाल कार्यक्रम
    दोपहर 2 बजे से किसान महा चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा. दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक राहुल गांधी किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और अलग-अलग कृषि मुद्दों, समर्थन मूल्य, फसल नुकसान, कर्ज, और अन्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान वे किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी की नीतियों को साझा करेंगे.

    कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी दोपहर 3:35 बजे जवाहर चौक से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. वे शाम 4 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 4:15 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीति और किसानों से बातचीत के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करने का प्रयास करेगा.

    राहुल-खड़गे के साथ मंच पर 250 नेता बैठेंगे

    मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 250 नेता बैठेंगे। इनमें एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमैन पवन खेड़ा भी रहेंगे।

    साथ ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एमपी के सभी कांग्रेस विधायक, तीनों राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के मेंबर और सभी 71 जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैठेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सीईसी मेंबर भी शामिल होंगे।

    तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग जुटेंगे: पटवारी

    मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- देश के हर किसान को चाहे वह भाजपा की विचारधारा को एक्सेप्ट करता हो, लेकिन जो किसान खेती से जुड़ा है। उसे ये एहसास हो गया है कि नरेंद्र मोदी ने दबाव में आकर ट्रेड डील की है। उसी का असर है कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग भोपाल आ रहे हैं।

    21 फरवरी को यह तय हुआ कि 24 को भोपाल में चौपाल होगी। उसमें लाखों की तादाद में लोग आएंगे। भोपाल की सड़कें पट जाएंगी। ये अपने आप में मैसेज है कि ये ट्रेड डील देश विरोधी, किसान विरोधी है। नरेंद्र मोदी दबे हुए हैं। उन्होंने कंप्रोमाइज किया है।

    दुनिया भर में चल रही सेक्स फाइल का भी इस डील पर असर पड़ा है। यह कोई इल्जाम नहीं है। ट्रम्प ने एक बार कहा था कि मैं नरेंद्र मोदी का पॉलिटिकल करियर खत्म नहीं करना चाहता। यह हमारे देश की बेइज्जती है।

    PM का अपमान होगा तो हर भारतवासी को गुस्सा आएगा

    जीतू पटवारी ने कहा- आखिर नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस तरह की बात करता है तो भारत के हर नागरिक को गुस्सा आएगा, लेकिन सवाल यह है कि इस पर नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। इस ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रम्प की तलवार पर रख दी गई है।

    ट्रेड डील से एमपी के 70 फीसदी किसान प्रभावित

    जीतू पटवारी ने कहा- राहुल जी और खड़गे जी को धन्यवाद। इस ट्रेड डील से सबसे ज्यादा किसान अगर कहीं प्रभावित हुए हैं तो मप्र में हुए हैं। सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा हमारे यहां के हैं। हम सोया स्टेट थे।

    कपास, मक्का सबसे ज्यादा यहां पैदा होते हैं। 70% किसान इससे प्रभावित हैं तो उन्होंने मप्र को सबसे पहले चुना। मेरी और उनकी आपस में बात हुई। पार्टी ने निर्णय लिया और अब हम किसान की लड़ाई लड़ेंगे।

    शहरभर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

    कार्यक्रम के दौरान जवाहर चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। डिपो चौराहा से पीएनटी या पॉलिटेक्निक चौराहा होकर आवागमन किया जा सकेगा। प्लेटिनम चौराहा से आने वाले वाहन माता मंदिर या टीटी नगर मार्ग का उपयोग करेंगे। रंगमहल से आने वाले वाहन बाणगंगा या माता मंदिर मार्ग से गुजरेंगे।

    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को कंट्रोल रूम तिराहा, पीएचक्यू, लिली टॉकीज, तलेया, भारत टॉकीज, हमीदिया रोड और लालघाटी होकर जाने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की देरी से बचा जा सके।

    दिक्कत होने पर करें संपर्क

    पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और अनावश्यक रूप से कार्यक्रम स्थल के आसपास न जाएं। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। 

    शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से करेंगे लड़ाई की शुरुआत

    जीतू पटवारी ने कहा- यहां के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के कृषि मंत्री हैं। जब अमेरिका के कृषि मंत्री का बयान आया तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी को बहुत साधुवाद वो विश्व के ऐसे नेता हैं कि जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

    उन्होंने भारत के किसानों को बचा लिया। क्या भारत के किसानों की कोई गर्दन पकड़कर हत्या कर रहा था? अगर बचा लिया तो जीरो प्रतिशत टैरिफ के एग्रीकल्चर प्रोडक्शन आएगा। 18% टैरिफ पर यहां से अमेरिका जाएंगे।

    हम विदिशा, बुधनी से यह किसान संवाद यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश का हर नेता कार्यकर्ता इसे आगे लेकर जाएंगे। जैसे नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेना पड़ेगी।

  • एमपी में चौथी बार बारिश का अलर्ट, नए सिस्टम के असर से 8 जिलों में आंधी और गरज-चमक

    एमपी में चौथी बार बारिश का अलर्ट, नए सिस्टम के असर से 8 जिलों में आंधी और गरज-चमक

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना जाते-जाते भी अपनी रंगत बदल रहा है। प्रदेश के किसानों और आम जनता के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह इस महीने में चौथी बार है जब बेमौसम बारिश प्रदेश को भिगोने वाली है।

    बंगाल की खाड़ी में बना 'लो प्रेशर' बढ़ाएगा मुसीबत

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही एक 'ट्रफ लाइन' भी गुजर रही है, जो नमी खींच रही है। इस सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 8 जिलों, जिसमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं, में आज जोरदार बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

    सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई

    मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और टर्फ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है।

    फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम

    बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है।

    रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का

    बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया।

    फरवरी में बारिश से फसलों पर संकट

    इस साल फरवरी का मिजाज काफी अलग रहा है। महीने की शुरुआत में दो बार ओलावृष्टि और बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सर्वे अब भी जारी है। 18 से 21 फरवरी के बीच तीसरी बार हुई बारिश के बाद, अब यह चौथी बार है जब मौसम बिगड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में उज्जैन और श्योपुर जैसे इलाकों में हुई भारी बारिश और 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने खेतों में खड़ी फसलों के लिए नई चिंता पैदा कर दी है।

    दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर

    मध्य प्रदेश के तापमान में इन दिनों 'विरोधाभास' देखा जा रहा है। एक तरफ जहां खरगोन में पारा 34.3 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं पचमढ़ी और राजगढ़ जैसे इलाकों में रातें अभी भी सर्द हैं। राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहाँ दिन का पारा 30 डिग्री के पार होने से हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन रात होते ही हल्की ठंडक वापस आ जाती है। 23 फरवरी के बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है।

    अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी

    मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी जैसे दक्षिणी जिलों में भी बादलों के डेरा डालने की चेतावनी दी है। वहीं उत्तर मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का जो सिस्टम पहले बहुत शक्तिशाली लग रहा था, वह अब थोड़ा आगे बढ़ गया है, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी तबाही की आशंका कम हुई है।

  • मध्य प्रदेश के 10 जिलों में पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आज से

    मध्य प्रदेश के 10 जिलों में पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आज से

     भोपाल
     मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) 23 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा 10 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना में होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पुलिस आरक्षक (जीडी) के कुल 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया करवा रहा है।

    इसके लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी, 2026 को जारी किया जा चुका है। भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा लाल परेड ग्राउंड पर होगी। तैयारी के दौरान सेंसर वाली जैकेट, टाइमिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सटीकता परखी गई, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे।

    7,500 पदों के लिए प्रदेश भर में दौड़ेंगे 59 हजार अभ्यर्थी

    आरक्षक के 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर से लगभग 59 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होंगे। सभी चयनित प्रतियोगियों को निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना होगा, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
    मुख्य रूप से तीन स्पर्धाएं होंगी

    800 मीटर दौड़, लंबी कूद,गोला फेंक होगा। परीक्षा के दौरान आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नंबर 'लाक' न हो। इसके साथ ही, दस्तावेज परीक्षण के लिए सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटोकापी का सेट साथ लाना अनिवार्य है।

    आधार सत्यापन के बाद जैकेट के क्यूआर से लिंक होगा रोल नंबर, हर चरण में होगा स्कैन

    इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनाई जा रही है। परीक्षा स्थल पर सबसे पहले आधार कार्ड का सत्यापन फिंगरप्रिंट, रेटिना और फोटो के मिलान से होगा। सत्यापन सफल होने के बाद ही क्यूआर कोड वाली अभ्यर्थी को दी जाएगी। इस जैकेट में क्यूआर कोड होगा, जिसे रोल नंबर से लिंक किया जाएगा। हर चरण में इसी क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, तभी प्रवेश मिलेगा।

    5500 अभ्यर्थी आजमाएंगे अपनी किस्मत, पुलिस की कड़ी निगरानी

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में सोमवार को नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीपीटी) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में तकरीबन 5500 युवा अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचेंगे। 14वीं बटालियन के मैदान पर यह परीक्षा प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी, इसमें हर दिन करीब 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी।

    दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा

    नवआरक्षकों भर्ती प्रक्रिया के लिए एसएएफ के करीब 300 पुलिस जवान और अधिकारियों तैनात रहेंगे। यह पुलिस के जवान और अधिकारी इस परीक्षा में पहुंचने वाले युवाओं की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का परीक्षण करवाएंगे। इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बटालियन के ग्राउंड पर दो दर्जन CCTV कैमरे भी लगवाए गए हैं।

    यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में नवआरक्षकों के करीब 7500 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी हैं। उनकी निगरानी में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    800 मीटर की पूरी करनी होगी दौड़

    14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा के लिए रविवार को टैंट, लाइट, CCTV कैमरे और मैदान की साफ-सफाई सहित अन्य सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं के लिए चाय-पानी की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षा की तैयारी का जायजा बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने किया था और प्रक्रिया के लिए तैनात जवानों व अधिकारियों से चर्चा की।

    रविवार को एसएएफ मैदान पर पीपीटी परीक्षा से एक दिन पहले रिहर्सल की गई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी, कमांडेंट संजीव सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैदान पर एसएएफ जवानों को उम्मीदवार बनाकर रिहर्सल कराई गई ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी कमी को पूरी तरीके से पूर्ण किया जा सके।

    14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा में उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा, गोला फेंक और लंबी कूद भी शामिल होगी। गोला फेंक और लंबी कूद में प्रत्येक उम्मीदवार को तीन-तीन मौके दिए जाएंगे।

    300 जवान और अधिकारी किए तैनात

    ग्वालियर DIG अमित सांघी ने बताया कि एसएएफ मैदान पर 23 मार्च से पीपीटी परीक्षा शुरू होने जा रही है जिसके लिए पुलिस के 300 जवान और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा के दौरान इमरजेंसी के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया है। जिसमें अनुभवी डॉक्टर भी तैनात रहेंगे और भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।

    इन केंद्रों पर होगी परीक्षा

        भोपाल : लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद
        इंदौर : माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट परिसर, आरएपीटीसी
        जबलपुर : परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी विसबल, रांझी
        ग्वालियर : परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी विसबल, कंपू
        उज्जैन : महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड
        सागर : शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज, बहेरिया
        रीवा : परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी विसबल
        बालाघाट : फुटबाल/हाकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी विसबल
        रतलाम : भगत सिंह शासकीय कालेज बस स्टैंड के पास जावरा रतलाम
        मुरैना : परेड ग्राउंड, 05वीं वाहिनी विसबल

     

  • पार्टी ने 15 नेताओं के नाम भेजे, भाजपा की राष्ट्रीय टीम में दिखेंगे मध्य प्रदेश के कई चेहरे

    पार्टी ने 15 नेताओं के नाम भेजे, भाजपा की राष्ट्रीय टीम में दिखेंगे मध्य प्रदेश के कई चेहरे

    भोपाल.

    भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई चेहरे दिखाई दे सकते हैं। प्रदेश संगठन ने राज्य के ऐसे 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो अलग-अलग अंचलों से हैं और अभी सत्ता या संगठन के किसी पद पर नहीं हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का गठन होना है और अन्य मोर्चे भी गठित किए जाने हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से सुझाव मांगे थे।

    युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता
    वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया (संसदीय बोर्ड सदस्य), ओम प्रकाश धुर्वे (राष्ट्रीय सचिव) और लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा) जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता देना चाहती है।

    नड्डा की टीम मेंचार नेताओं को स्थान मिला था
    पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव थे। बाद में वर्ष 2023 में वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नितिन नवीन की टीम में भी मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है।

    इस बार भी चार से पांच नेताओं को स्थान मिलने की संभावना
    इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नवीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है। बाकी अन्य को मोर्चा- प्रकोष्ठ में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। जिनकी वजह से राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है।

  • एयरोसिटी समेत 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम, भोपाल में घर खरीदना होगा महंगा

    एयरोसिटी समेत 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम, भोपाल में घर खरीदना होगा महंगा

    भोपाल.

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसको लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें पंजीयन अधिकारियों ने नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव रखा, जिस पर अधिकारियों व समिति के सदस्यों ने चर्चा करते हुए अपने सुझाव रखे।

    11 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार
    इस बार अधिकारियों ने शहर के एयरोसिटी, कोहेफिजा, करोंद, लांबाखेड़ा, नवीबाग, मेट्रो रेल लाइन, नए औद्योगिक क्षेत्र, नए राजमार्ग के आसपास सहित करीब 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। बैठक में जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिला पंजीयक स्वप्नेश शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुईं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि एक हजार 307 लोकेशन पर अत्यधिक दरों पर दस्तावेज रजिस्टर्ड किए गए हैं।

    समीक्षा के दौरान पता चला कि एक ही वार्ड की आसपास की कालोनियों में दरों के अत्यधिक अंतर को देखते हुए 203 लोकेशन और पंजीयन अधिकारियों के सर्वे के आधार पर 91 लोकेशन व नए विकास के कारण 37 लोकेशन में दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसी तरह टीएंडसीपी से अभिन्यास स्वीकृति व आमजन सुविधा के कारण 38 लोकेशन, नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास, रिंग रोड के प्रभाव से 18 लोकेशन और नए औद्योगिक व विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना के कारण तीन लोकेशन प्रभावित पाई गई हैं। इस तरह जिले में कुल 621 लोकेशन में दर वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    शहरी क्षेत्र में डेढ़ से 11 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित
    जिले में कुल दो हजार 882 लोकेशन हैं, जहां पर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। इनमें से शहरी क्षेत्र की कुल 551 लोकेशन पर डेढ़ से 11 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इनमें लांबाखेड़ा, नवीबाग, एयरोसिटी राजाभोज परियोजना, सीटीओ कालोनी, कैलाश नगर, पूजाश्री नगर, लाउखेड़ी बीडीए, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा, ग्राम पलासी एवं पलासी की अन्य कालोनी, पंचवटी एलआईजी, करोंद, जनता नगर व उसके आसपास की अन्य कालोनियां, बड़बई, नरेला बाजयाफ्त, हिरनखेड़ी, घाटखेड़ी, इनायतपुर, फंदा कलां, बैरागढ़ खुमान, बेहटा, मिनाल शॉपिंग, अरेड़ी, सूखसेवनियां, ओंकारा सेवनियां, नर्मदापुरम रोड, अरेरा कालोनी, भोपाल रेलवे स्टेशन सहित अन्य शामिल हैं।
    जबकि नगर पालिका परिषद बैरसिया की करीब 70 लोकेशन पर भी प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव है। इनको मिलाकर कुल 621 लोकेशन प्रस्ताव में परिलक्षित की गई हैं।

    मेट्रो रेल लाइन के आसपास प्रॉपर्टी होगी महंगी
    कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव में उन लोकेशन को भी शामिल किया गया है, जहां पर मेट्रो रेल लाइन का काम किया जा रहा है। इनमें सुभाष नगर से एम्स तक के मेट्रो रूट में आने वाले सभी इलाकों में प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित है। जबकि सुभाष नगर से करोंद तक के मेट्रो रूट के बीच आने वाले इलाकों में भी प्रॉपर्टी महंगी की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में शासन को प्रोजेक्ट लगाने या शासकीय प्रयोजन के लिए जमीन चाहिए, उन लोकेशन पर प्रॉपर्टी की दरें यथावत रखी गई हैं।

    औद्योगिक क्षेत्र में प्रॉपर्टी की दरों में बदलाव का सुझाव
    जिला मूल्यांकन समिति के सदस्य व विधायक ने सुझाव रखते हुए बताया कि गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में प्रॉपर्टी दरों में बदलाव किया जाना चाहिए। यहां पर अधिकांश जगह पर एक समान प्रॉपर्टी की दरें हैं, जिनमें बदलाव किया जाना चाहिए। जबकि हाउसिंग बोर्ड ने अपना सुझाव रखते हुए बताया कि रविशंकर शुक्ल मार्केट में बनी इमारतों में सभी में प्रॉपर्टी की दरें एक तरह की हैं, लेकिन एक इमारत में प्रॉपर्टी की दरें अलग हैं, जिन्हें एक समान किया जाना चाहिए।

    नई कलेक्टर गाइडलाइन 2026-27 में प्रमुख 17 लोकेशन पर प्रस्तावित दरें
    लोकेशन     वर्तमान दरें (प्रति वर्ग मीटर)     प्रस्तावित दरें (प्रति वर्ग मीटर)
    एयरोसिटी राजाभोज परियोजना     20,000     22,000
    सीटीओ कालोनी/कैलाश नगर, पूजाश्री नगर     15,000     18,000
    लाउखेड़ी     12,000     15,000
    बीडीए, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा     45,000     50,000
    ग्राम पलासी एवं पलासी की अन्य कालोनी     15,000     17,000
    पंचवटी एलआईजी     10,000     12,000
    लांबाखेड़ा, नवीबाग व अन्य कालोनी     10,000     12,000
    पुरुषोत्तम नगर     13,000     15,000
    घाटखेड़ी     3,000     4,000
    झागरिया खुर्द     5,600     7,000
    दामखेड़ा खुर्द की कालोनियां     16,000     20,000
    सुरम्य परिसर     26,000     30,000
    नर्मदा एवन्यू     16,000     20,000
    सागर एवन्यू     18,000     20,000
    एकतापुरी, कौशल्या कालोनी     15,800     17,000
    पंत नगर     13,800     15,000
    राजेंद्र नगर     12,800     16,000

    इनका कहना है
    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिस पर जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा करने के बाद अब आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं, जिसे संपदा टू पोर्टल पर दे सकते हैं। इन सुझावों पर चर्चा के बाद प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया जाएगा।
    – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर व अध्यक्ष, जिला मूल्यांकन समिति

  • भोपाल और जबलपुर में हल्की बारिश के साथ मध्य प्रदेश में 4 दिन का मौसम अलर्ट, 5 अन्य जिलों पर भी असर

    भोपाल और जबलपुर में हल्की बारिश के साथ मध्य प्रदेश में 4 दिन का मौसम अलर्ट, 5 अन्य जिलों पर भी असर

    भोपाल 

     मध्यप्रदेश में मौसम इस समय 'दोहरी रंगत' दिखा रहा है। एक तरफ जहां गुलाबी ठंड की विदाई का समय है, वहीं दूसरी ओर आसमान से बरसती आफत ने प्रदेशवासियों को चिंता में डाल दिया है। नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से शनिवार, 21 फरवरी 2026 को प्रदेश के 28 जिलों में बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने उज्जैन और भोपाल संभाग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, जिससे रबी की फसलों को बड़ा नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है।

    प्रदेश के आधे हिस्से में पानी-पानी

    मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल और उज्जैन समेत प्रदेश के 17 जिलों में बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में सर्वाधिक 1 इंच के आसपास बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंड के आखिरी दौर में हर हफ्ते बदलता यह मौसम का मिजाज विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहा है। शुक्रवार को बारिश का दौर जारी रहा और शनिवार को भी इसके थमने के आसार नहीं हैं।

    17 जिलों में जमकर बारिश

    बता दें कि उज्जैन सहित शाजापुर, देवास, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई है। प्रदेश में कहीं से ओले की सूचना सामने नहीं आई है। वहीं बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, कई जिलों में ठंड बढ़ गई है।

    बारिश-आंधी और बिजली का अलर्ट

    मप्र मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज हवाओं के साथ बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। जिन शहरों में सावधानी बरतने को कहा गया है, उनमें राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर और नर्मदापुरम संभाग के जिले शामिल हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में 'गाज' (आकाशीय बिजली) गिरने की भी संभावना है, इसलिए लोग पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में जाने से बचें।

    फसलों को नुकसान की आशंका

    तेज हवाओं का असर खासतौर पर रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में ज्यादा देखा गया। यहां गेहूं की खड़ी फसलें झुक गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फसलें लंबे समय तक जमीन पर पड़ी रहीं तो दानों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। पिछले तीन दिनों में करीब 25 जिलों में आंधी के कारण फसल नुकसान की संभावना जताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में सर्वे शुरू करा दिया है। राजस्व विभाग की टीमें खेतों में पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन कर रही हैं।
    अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम

    22 फरवरी को बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी को दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से बारिश होने की संभावना जताई गई है।
    24 फरवरी को दक्षिण-पूर्वी जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
    इंदौर में तापमान में खासी गिरावट

    इंदौर में शुक्रवार को मौसम अचानक बदल गया। दिन का अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के तापमान में भी एक डिग्री की कमी आई और पारा 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। देर रात शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। शनिवार सुबह हल्की ठंड महसूस की गई, हालांकि दिन में धूप निकलने से मौसम सुहावना बना रहा।

    फरवरी में लगातार बदल रहा मौसम

    इस महीने की शुरुआत से ही मौसम अस्थिर बना हुआ है। फरवरी के पहले पखवाड़े में दो बार आंधी, बारिश और ओले गिर चुके हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर 19 और 20 फरवरी को भी रहा। अब 23 और 24 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह फरवरी में चौथी बार मौसम परिवर्तन होगा।
    कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर

    22 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा। इसका प्रभाव अगले दिन से मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। 23 फरवरी को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में वर्षा की संभावना है। 24 फरवरी को सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

    तापमान का हाल

    बारिश के बावजूद रात के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है, लेकिन हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी है। कल्याणपुर 10.4°C के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा, वहीं शहडोल और उमरिया में पारा 10 से 12°C के बीच बना हुआ है।

    किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

    इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। कई जिलों से खबरें आ रही हैं कि खेतों में खड़ी गेंहू और चने की फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव और नमी के कारण दानों की गुणवत्ता खराब हो सकती है और पैदावार में गिरावट आने की पूरी आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल बड़े स्तर पर ओलावृष्टि की सूचना कहीं से नहीं मिली है।