Category: मध्य प्रदेश

  • सीएम डॉ. यादव बोले—होली का उत्सव समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है

    सीएम डॉ. यादव बोले—होली का उत्सव समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है

    • हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली
    • मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
    • सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई
    • ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

  • जनगणना 2027 अपडेट: घर बैठे भरें डिटेल, एक गणनाकर्मी करेगा 800 लोगों का सर्वे

    जनगणना 2027 अपडेट: घर बैठे भरें डिटेल, एक गणनाकर्मी करेगा 800 लोगों का सर्वे

    भोपाल
    Census 2027: जिला जनगणना समन्वय समिति की दो दिवसीय ट्रेनिंग और बैठक गुरुवार को खत्म हो गई। बैठक में जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल मोड में करने से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा हुई। स्पष्ट किया गया कि एक कर्मचारी 800 नागरिकों की डिटेल मोबाइल ऐप से जमा कराएगा। लोग खुद भी अपने परिवार की डिटेल भर सकेंगे। 16 अप्रेल से इसके लिए मोबाइल ऐप समेत विभिन्न माध्यमों से डिटेल जमा करने का अवसर मिलेगा। एक मई से हाउसहोल्ड सर्वे शुरू होगा।

    जनगणना का काम फरवरी 2027 में होगा। बैठक में अपर कलेक्टर प्रकाश नायक, पीसी शाक्य, जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुह्रश्वता, एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित समिति के सदस्यगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य निदेशालय संयुक्त निदेशक नामित यादव, सहायक निदेशक ऐन्सी रेजी ने प्रशिक्षण दिया।

    10 लाख घरों की होगी मैपिंग
    01 मई से शुरू हो रही जनगणना के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार नागरिक डिजिटल तरीके से अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा सकेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जानकारी देने नागरिकों को इंडियन सेंसस डाटा कलेक्शन पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा।
     
    यहां नागरिकों से 33 तरह के प्रश्नों का जवाब मांगा जाएगा। यही जवाब मांगने 'डोर टू डोर' सर्वे भी होगा। जनगणना के लिए 8000 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया है। अभियान के तहत 10 लाख घरों की मैपिंग करने का टारगेट तय किया गया है। घरों की जियो टैगिंग से मैपिंग करने के बाद कर्मियों को रवाना किया जाएगा।

     

  • गेहूं खरीद नीति 2026: 2585 रुपये भाव तय, पंजीयन और दस्तावेजों पर सरकार की सख्ती

    गेहूं खरीद नीति 2026: 2585 रुपये भाव तय, पंजीयन और दस्तावेजों पर सरकार की सख्ती

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। पंजीयन का काम 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया ​कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें।

    मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27175, उज्जैन में 73398, ग्वालियर में 3358, चंबल में 1449, जबलपुर में 12342, नर्मदापुरम में 11698, भोपाल में 41268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है।

    गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल
    एमपी में गेहूं खरीदी के लिए इस बार कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले साल से 160 रूपए अधिक है।
     
    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था
    ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंदों पर भी निशुल्क पंजीयन किए जा रहे हैं। इधर एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केंद्रों और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफों पर पंजीयन का शुल्क देना होगा।

  • CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

    CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

    भोपाल
    मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा।

    वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है।

    सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

     मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।

    होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।

    पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है।

    पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा

    सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
    अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए

    मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है।

    आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई।

    3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

  • पं. प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वर धाम में किया होलिका दहन, शहर में जलीं 100 से ज्यादा होलिकाएं

    पं. प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वर धाम में किया होलिका दहन, शहर में जलीं 100 से ज्यादा होलिकाएं

    सीहोर 

    उत्साह, उमंग और आस्था के रंगों से सराबोर सीहोर में होलिका दहन का पर्व भक्ति और परंपरा के संग मनाया गया। कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन कर समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। 

    सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगबिरंगी रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से लेकर रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “होली है” के जयघोष गूंजते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व मानो पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया।

    कुबेरेश्वर धाम में भक्ति की अलौकिक छटा
    सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगीन रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर-हर महादेव और होली है के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया।

    शहर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में होलिका दहन का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक रहा। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन संपन्न कराया। लकड़ियों और कंडों से सजे मंच पर भक्त प्रहलाद की प्रतिमा स्थापित कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। अग्नि की लपटें उठते ही श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पंडित मिश्रा ने महादेव से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद लेकर आए।

    होलिका दहन के अवसर पर कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में, बच्चे रंग-बिरंगी पिचकारियों के साथ और बुजुर्ग श्रद्धा से भरे चेहरों के साथ उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। देर रात तक धाम परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।

    शहर के साथ-साथ पूरे जिले में एक हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। गांव-गांव में परंपरागत रूप से लकड़ियां एकत्र कर शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। लोगों ने बुराई के अंत और अच्छाई की विजय का संदेश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह पर्व सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया गया।

    होलिका दहन से पहले शहर के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। रंग-गुलाल, पिचकारियां, मावा-मिठाइयों और अन्य सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी। शाम तक मुख्य बाजार क्षेत्र में जाम जैसे हालात बन गए। मिठाई दुकानों पर गुजिया, मावा और नमकीन की बिक्री में तेजी रही। 

  • ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    भोपाल 

    पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे।

    कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा।

    दो नए ऑटो हट बनेंगे

    भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा।

    भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर

    भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा।

    यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी।

    भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम

  • भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है।

    मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- 'आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।'

    पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग

    धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई।

    पहले भी मिली थी धमकी

    इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।

    ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी
    पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।

       प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
    लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें।

    दूसरी बार मिली धमकी
    जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

  • नाबालिग छात्रा का VIDEO बनाता पकड़ा गया पटवारी,  ग्रामीणों की पीटाई

    नाबालिग छात्रा का VIDEO बनाता पकड़ा गया पटवारी, ग्रामीणों की पीटाई

    राजगढ़

    मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पटवारी की जमकर पिटाई की गई। बताया जा रहा है कि उसने नाबालिग छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाया था। छात्रा पटवारी के घर पर ही किराये से रहकर पढ़ाई करती थी। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पटवारी की खूब धुनाई की। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर पटवारी को थाने ले गई है।

    यह पूरा मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पटवारी महेश के घर एक नाबालिग छात्रा किराये से रहकर पढाई करती थीं। बताया जा रहा है कि जब छात्रा नहाने के लिए गई तो महेश ने बाथरूम की जाली से मोबाइल में वीडियो बना लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने मिलकर पटवारी की पिटाई कर दी।

    परिजन और ग्रामीणों ने जमकर पीटा और कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद घसीटते हुए घर से बाहर निकाला और फिर धुनाई की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ से जैसे तैसे पटवारी को छुड़ाया और थाने ले गई। बताया जा रहा है कि पटवारी ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया था। जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया है।

    लोगों में आक्रोश
    इस घटना से लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं खिलचीपुर थाना के टीआई उमाशंकर मुकाती ने बताया कि बालिका ने मामले की शिकायत की है। जिसके आधार पर पटवारी महेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल विवेचना की जा रही है।

  • अप्रैल 2028 तक रहेगा कार्यकाल, सुभरंजन सेन बने नए मप्र वन बल प्रमुख

    अप्रैल 2028 तक रहेगा कार्यकाल, सुभरंजन सेन बने नए मप्र वन बल प्रमुख

    भोपाल.

    भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं।

    वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।

    नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान
    वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है।

    समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक
    वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।

  • कृषि मंत्री शिवराज का मानवता का उदाहरण, तड़पते युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकवाया काफिला

    कृषि मंत्री शिवराज का मानवता का उदाहरण, तड़पते युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकवाया काफिला

     भोपाल
    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक फिर मिशाल पेश की है. जिसकी लोग तारीफ कर रहे हैं. हुआ ये कि वह भोपाल से ग्वालियर जा रहे थे, इस दौरान एक युवक सड़क पर घायल पड़ा था, जबकि उसे भीड़ ने घेरकर रखा था. इस दौरान जब शिवराज सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया और खुद अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचवाया. इसको लेकर उन्होंने खुद एक्स पर एक पोस्ट किया है.

    एक्स पर किए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मैं भोपाल से ग्वालियर की ओर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में दिखाई दिया. चारों ओर भीड़ थी, लोग खड़े थे, देख रहे थे. पर कोई आगे नहीं बढ़ रहा था. मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई. घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी में तत्काल अस्पताल पहुंचाया. साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की.

     श्यामला हिल्स के पास रुका काफिला
    जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का काफिला श्यामला हिल्स क्षेत्र से गुजर रहा था. किलोल पार्क के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति घायल अवस्था में दिखाई दिया. यह देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल काफिला रुकवाया और स्वयं वाहन से उतरकर घायल के पास पहुंचे. उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा. इतना ही नहीं, मंत्री ने घायल युवक को खुद सहारा देकर उठाया और अपने ही काफिले की गाड़ी से अस्पताल भिजवाया. जाते समय उन्होंने घायल से कहा कि तुम अस्पताल जाओ, हम फोन करवा रहे हैं.

    एक्स पर लिखा, नर सेवा ही नारायण सेवा
    इस घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''नर सेवा ही नारायण सेवा.'' उन्होंने कहा कि, ''मानवीय संवेदना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है. ग्वालियर के लिए रवाना होते समय रास्ते में घायल युवक को देखकर उन्होंने तत्काल मदद सुनिश्चित की.'' 

     वीडियो वायरल , सोशल मीडिया पर सराहना
    घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. समर्थकों और आम नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की. कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि के कर्तव्य और मानवीय मूल्यों का उदाहरण बताया. बताया जा रहा है कि मंत्री अपने आवास से एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी उनके सामने यह घटना दिखी. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर घायल को मदद पहुंचाई.

    पहले भी दिखा चुके हैं संवेदनशीलता
    यह पहला मौका नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह मानवीय पहल की हो. जुलाई 2025 में भी भोपाल के अवधपुरी इलाके में एक कार्यक्रम में जाते समय चेतक ब्रिज पर हादसे में घायल युवक की उन्होंने मदद की थी. उस समय भी उन्होंने काफिला रुकवाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और उपचार की व्यवस्था कराई थी. 

    शिवराज ने लोगों से की ये अपील

    हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है. एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो लगभग 50% जीवन बचाए जा सकते हैं.

    सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है. कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है. मित्रों, किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है. सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है. जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए. आपकी एक मदद किसी का जीवन बचा सकती है.