Category: मध्य प्रदेश

  • गुटखा, तंबाकू और सिगरेट का जानलेवा असर, MP में माउथ कैंसर के मामले 40% बढ़े; सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

    गुटखा, तंबाकू और सिगरेट का जानलेवा असर, MP में माउथ कैंसर के मामले 40% बढ़े; सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश में जुगाड़ का गुटखा मुंह के कैंसर के मामलों में हर साल बढ़ोत्तरी कर रहा है. मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्यप्रदेश में करीबन 14 साल पहले गुटखा की बिक्री पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके बाद पाउच का स्थान 'जुगाड़ के गुटखे' ने ले लिया. तंबाकू-चूने और जुगाड़ के गुटखे के चलते देश में सबसे ज्यादा मुंह के कैंसर के मरीज मध्य प्रदेश में सामने आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में साल 2025 में 48 हजार 694 कैंसर के मरीज मिले थे, जिनमें से करीबन 40 फीसदी मरीज ओरल कैंसर के थे। 

    भोपाल में सबसे ज्यादा मुंह का कैंसर
    नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम इंवेस्टीगेटर की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुंह के कैंसर के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं. राजधानी भोपाल में 1 लाख लोगों की आबादी में 41 लोग मुंह के कैंसर से पीड़ित मिल रहे हैं. इसके अलावा प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में भी मुंह के कैंसर से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। 

    गुटखे पर पाबंदी तो जुगाड़ वाला गुटखा चला
    कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल के मुताबिक, '' मुंह के कैंसर पर रोक लगाने के लिए ही 1 अप्रेल 2012 को मध्यप्रदेश में तंबाकू पाउच की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन इसके बाद जुगाड़ का पाउच आ गया. अब एक पाउच में सादा गुटखा होता है, और दूसरे में तंबाकू, चूना आदि. इस सबको मिलाकर यह वहीं तंबाकू का गुटखा बन जाता है, जिस पर प्रतिबंध लगाया गया था. यही वजह है कि प्रदेश में मुंह के कैंसर के रोगी कम होने के स्थान पर बढ़ गए हैं। 

    अब युवाओं में आ रहे कैंसर के मामले, एमपी में सबसे तेज
    डॉ. श्याम अग्रवाल कहते हैं, '' अब मुंह के कैंसर के मरीजों के मामले में एक अहम बदलाव आया है. कुछ साल पहले तक मुंह के कैंसर के मरीज की औसत उम्र 50 साल और उससे अधिक ही होती थी, लेकिन अब 20-25 साल की नई उम्र के युवा भी कैंसर मरीज बन रहे हैं. कारण सिर्फ तंबाकू का सेवन है. पूरे विश्व में भारत, पाकिस्तान सहित कुछ देशों में ही मुंह के कैंसर के मरीज सामने आते हैं, इसमें भी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा. मध्यप्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या में हर साल 10.55 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि इसमें मुंह के कैंसर के मरीज 40 फीसदी बढ़ रहे हैं। 

    जानकारी देते कैंसर विशेषज्ञ 
    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के अनुसार मध्यप्रदेश में साल 2021 से 2025 के दौरान कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 

    40 फीसदी मामले माउथ कैंसर के ही
    प्रदेश में मुंह के कैंसर के मामले औसत कैंसर के मामलों से ज्यादा बढ़ रहे हैं. देश में भी मिलने वाले कैंसर के कुल मामलों में 40 फीसदी सिर्फ मुंह के कैंसर के मामले होते हैं. भोपाल स्थिति जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल के आंकड़ों को देखें तो हॉस्पिटल में साल 2012 में मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या 1836 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 2614 तक पहुंच गई हैं. यहां इलाज कराने के लिए प्रदेश के कई जिलों से मरीज पहुंचते हैं. मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़त देखी जा रही है, जो खतरनाह है। 

    साल 2020 में हॉस्पिटल में 2118 ओरल कैंसर के मरीज मिले थे, जो साल 2021 में बढ़कर 2519 हो गए. साल 2022 में यहां 2492 मरीज इलाज कराने पहुंचे. वहीं, साल 2023 में 2566 मरीज, 2024 में 2743 और साल 2025 में 2614 ओरल कैंसर के मरीज सामने आए हैं। 

    मुंह में सफेद, लाल दाग तो सर्तक हो जाएं
    जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल भोपाल के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विजय भार्गव कहते हैं, '' गुटखा, पाउच, तंबाखू खाने और सिगरेट पीने वाले लोग मुंह में होने वाले शुरुआती लक्षणों को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें. यदि धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाए या मुंह में किसी तरह के लाल-सफेद धब्बे बन जाएं तो तुरंत तंबाकू, गुटखा खाना बंद कर दें और चैकअप कराएं. शुरुआती स्तर पर ही जांच और दवा के जरिए गंभीर बीमारी को टाला जा सकता है। 

    तंबाकू और गुटखा मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण
    डॉक्टर आगे कहते हैं, ''लगातार तंबाकू, गुटखा खाने वालों और सिगरेट पीने वालों के मुंह में सफेद या लाल धब्बे बन जाते हैं, यह एक तरह की चेतावनी होती है, जो शरीर आपको देता है. ऐसी स्थिति में तुरंत तंबाकू-पाउच खाना बंद करना चाहिए. कई बार लोग तर्क देते हैं कि सिर्फ तंबाकू और चूना खाने से कुछ नहीं होता, लेकिन जब तंबाकू को चूना के साथ मिलाया जाता है तो यह निकोटीन को खून में तेजी से घोलता है और इससे तंबाकू की लत को और मजबूत करता है, इसके साथ ही और मुंह में छाले बनाता है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन जाता है। 

  • थाना क्षेत्र के निगरानी एवं गुंडा बदमाशो की थाना कोतमा पुलिस द्वारा कराई गई परेड*

    थाना क्षेत्र के निगरानी एवं गुंडा बदमाशो की थाना कोतमा पुलिस द्वारा कराई गई परेड*

     आगामी त्यौहार जैसे गणेश चतुर्थी ,नवरात्रि आदि त्योहारों को मद्देनजर रखते हुए आज थाना कोतमा परिसर में थाना प्रभारी महोदय श्री रत्नांबर शुक्ल एवं थाना कोतमा पुलिस टीम द्वारा थाना थाना के लिस्टेड निगरानी एवं गुंडा बदमाशो को थाना लाकर उनकी परेड करायी गई एवं उनसे उनके जीवन यापन से सम्बन्धित पूछताछ भी की गई।

    थाना प्रभारी  कोतमा द्वारा इन सभी निगरानी एवं गुंडा बदमाशो  को अपराधों से दूर रहने एवं अपना जीवन यापन सही ढंग से करने के बारे में समझाईश दी गई।

  • छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट, शुरू हुई स्कूल बसों की सघन जांच, 8 की फिटनेस निरस्त, 11 वाहन थाने में कराए खड़े

    छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट, शुरू हुई स्कूल बसों की सघन जांच, 8 की फिटनेस निरस्त, 11 वाहन थाने में कराए खड़े

    कटनी

    जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल वाहनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान कुल 38 स्कूल बसों एवं स्कूल वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान कई वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया। 8 स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार पर सीट लगी हुई मिली, वहीं इन वाहनों में VLTD (पेनिक बटन) भी सुचारू रूप से कार्यरत नहीं पाया गया। परिवहन विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित 8 स्कूल बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी।

    बरही थाने में खड़े कराए 11 वाहन

    कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्कूल वाहनों को सुरक्षार्थ बरही थाने में खड़ा कराया गया, ताकि आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना इनका संचालन न किया जा सके।

    जांच के दौरान सुधा स्मृति स्कूल की बस क्रमांक MP21P03029 और MP21P0409, SSS गुरुकुल स्कूल की बसें MP21P0316, MP21P0318, MP21GP0120 और GJ18AX8254 तथा RC स्कूल की बसें MP19P0734, MP19P0735 और MP19P0652 का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा सरस्वती स्कूल के एक टाटा मैजिक सहित एक अन्य स्कूल वाहन MP20BA8286 की भी जांच की गई।

    सुरक्षा मानकों पर विशेष नजर

    परिवहन विभाग की टीम ने स्कूल वाहनों में फिटनेस, आपातकालीन द्वार, VLTD, पेनिक बटन सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। अधिकारियों के अनुसार आपातकालीन द्वार पर सीट लगी होने से दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में बच्चों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। इसी तरह पेनिक बटन और VLTD का सुचारू रूप से काम करना भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने स्पष्ट किया कि स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिले में स्कूल वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से अपने वाहनों की नियमित जांच कराने तथा सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों को पूरा रखने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।

  • मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बदरा में आयोजित हुआ शिविर

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बदरा में आयोजित हुआ शिविर

    अनूपपुर 

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत अनूपपुर की ग्राम पंचायत बदरा स्थित आईटीआई परिसर में जनसमस्याओं के निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया।

    मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रामलाल रौतेल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण करना है। शासन की मंशा समाज के अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। शासन और प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है, जिससे प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

    कलेक्टर  रत्नाकर झा ने कहा कि जिले के विकास में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और आमजन विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर उनका समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धरातल स्तर पर शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन तथा आमजन के बीच योजनाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

    कलेक्टर ने जिले के समग्र विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान विकसित करने, विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने तथा विद्यालयों एवं छात्रावासों में बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित इन्फ्लुएंसर संवाद के दौरान कलेक्टर  रत्नाकर झा ने स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर उनके द्वारा वर्तमान में किए जा रहे कार्यों, तैयार किए जा रहे कंटेंट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स द्वारा किस प्रकार का कंटेंट तैयार किया जा रहा है, इसकी जानकारी लेते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं प्रशासन की जनहितकारी गतिविधियों को सरल एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाने के संबंध में चर्चा की।

    कार्यक्रम में राजस्व, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य, नगरीय प्रशासन, कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों से अवगत कराया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जानकारी एवं सेवा संबंधी स्टॉलों के माध्यम से भी आमजन को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान नागरिकों की जिज्ञासाओं एवं योजनाओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान भी किया गया।

    शिविर में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। योजना के तहत विनय कुमार गुप्ता को 5 लाख रुपए तथा रोहित कुमार पटेल को 1 लाख 50 हजार रुपए की ऋण राशि के प्रतीक स्वरूप चेक प्रदान किए गए। इसी प्रकार मुद्रा लोन योजना के अंतर्गत मती उर्मिला सिंह एवं रोशनी सिंह को 1-1 लाख रुपए, पूजा सिंह को 1 लाख 50 हजार रुपए तथा भानू पनिका एवं कलावती को 2-2 लाख रुपए की ऋण राशि के प्रतीक स्वरूप चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर हितग्राहियों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में कुल 92 आवेदन प्राप्त हुए।

    कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सु प्राशी अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर  रवि ग्वाल, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष  रामदास पुरी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

  • शिकार के लिए खेत के आसपास लगाए गए फंदे में फंस कर हुई थी तेंदुए की मौत, शिकार के लिए बिछाया था फंदा, 24 घंटे में दो शिकारी गिरफ्तार, इस तरह खुला राज…

    शिकार के लिए खेत के आसपास लगाए गए फंदे में फंस कर हुई थी तेंदुए की मौत, शिकार के लिए बिछाया था फंदा, 24 घंटे में दो शिकारी गिरफ्तार, इस तरह खुला राज…

    कटनी

     जिले के रीठी वन परिक्षेत्र में तार के फंदे में फंसकर तेंदुए की मौत के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    दरअसल, देवरी-पटो‍हा तालाब के जंगल में एक किसान के खेत के पास करीब 3 से 4 वर्ष उम्र के नर तेंदुए का शव मिला था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। आशंका जताई गई कि जंगली सूअर और हिरण के शिकार के लिए खेत के आसपास तार का फंदा बिछाया गया था, जिसमें तेंदुआ फंस गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल ने उच्च अधिकारियों के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत और पूछताछ के बाद टीम ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं, इस शिकार की घटना में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी जांच वन विभाग द्वारा अभी जारी है। त्वरित कार्रवाई के लिए वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने रीठी वन अधिकारी और पूरी टीम की सराहना की है।

  • मॉडल जिले के रूप में संवरेगा सिंगरौली, सड़क सुविधाओं के साथ कृषि-वन और जल प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार

    मॉडल जिले के रूप में संवरेगा सिंगरौली, सड़क सुविधाओं के साथ कृषि-वन और जल प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार

    सिंगरौली 

     मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य की खनिज संपदा विकास के लिए एक अहम संपत्ति है और इसका इस्तेमाल पारदर्शिता और पर्यावरण संतुलन के साथ किया जाना चाहिए।'राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026' की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज नीतियों का मकसद राजस्व बढ़ाना और साथ ही रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास के मौकों का विस्तार करना होना चाहिए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है।बैठक में मुख्य सचिव अशोक बरनवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और खनिज संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति को मंजूरी दी
    मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति को मंजूरी दी और अधिकारियों को जनहित में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिला खनिज कोष (DMF) का सही इस्तेमाल करके खनिज-समृद्ध सिंगरौली जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन, पर्यावरण, सड़क सुविधाओं और जल-संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में एक मॉडल जिले के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की खनिज संपदा राज्य के विकास के लिए एक अहम संपत्ति है और इन प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल पारदर्शिता और पर्यावरण संतुलन के साथ किया जाना चाहिए, जिससे राजस्व की प्राप्ति हो, निवेश को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके पैदा हों।
    प्रदेश को देश के खनिज क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का काम होना चाहिए

    उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से होने वाले ज्यादातर फायदे को जन-कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाना चाहिए। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए मध्य प्रदेश को देश के खनिज क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

    बैठक में खनिज संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने बताया कि कई पहलों के जरिए खनिज से होने वाले राजस्व को बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति का मकसद 2026-27 के आखिर तक खनिज संसाधनों से होने वाली आय को 13,720 करोड़ रुपये और 2030-31 तक 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

    सबसे अधिक मिनरल रेवेन्यू दस जिलों से आता है
    मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में,अगस्त 2026 के आखिर तक मिनरल से होने वाली कमाई सालाना लक्ष्य (106 प्रतिशत) से ज्यादा रही। जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक मिनरल रेवेन्यू दस जिलों से आता है। इनमें सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, बालाघाट, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल शामिल हैं।

    मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जुलाई 2026 के आखिर तक इन दस जिलों के पास कुल 3,147.10 करोड़ रुपये का डीएमएफ फंड मौजूद है, जिसमें सिंगरौली जिले का योगदान सबसे अधिक है। बताया गया कि सभी 55 जिलों का कुल डीएमएफ फंड 3,574.53 करोड़ रुपये है।

     

  • देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य
    देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा
    आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद, ग्रीन एंड डिजिटल मोबिलिटी वाली बस सेवा बनेगी प्रदेश की पहचान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 का किया शुभारंभ
    सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच हुआ एमओयू
    भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी सेवा
    महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को दिया जायेगा बढ़ावा
    यात्री परिवहन सेवा में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 का किया शुभारंभ
    स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी की ओर मध्यप्रदेश के कदम : इंदौर समिट में कनेक्टिविटी और नवाचारों पर हुआ मंथन
    सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पीपीपी, आईटीएमएस और आधुनिक अधोसंरचना पर रहेगा फोकस
    प्रदेश में सुरक्षित, सुलभ, किफायती और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई गति
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से मजबूत होगी ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतर्राज्यीय बस कनेक्टिविटी

    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी महीने 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति में हम 25 सितम्बर से नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड़ नेटवर्क है। यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने का स्कोप है। हमारे नागरिकों के अलावा प्रदेश में हर साल करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रृद्धालुओं द्वारा भी आवागमन के लिए बस का उपयोग किया जाता है। यह हमारे लिए चुनौती के साथ ही एक बड़ा अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी बस आपरेटर्स, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय में मप्र में बढ़ते अवसरों को पहचाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सरकार के साथ जुड़ें। प्रदेश में यात्रियों के हित में एक ऐसा फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माडल तैयार करें, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 'यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये राशि के प्रथम पुरस्कार, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय सांत्वना पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये राशि के तृतीय सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

    प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर 'एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026' का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पूर्व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर के जनप्रतिनिधियों और बस ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का आगमन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने गणेश स्थापना के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया था। इसी माह 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उनके नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी दूरदर्शी सोच से पूरा भारत गौरवान्वित है। मोदी सर्वाधिक समय तक शासन करने वाले देश के इकलौते नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर से नक्सलवाद की समस्या खत्म हुई है। मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ रही है। हमारे एयरपोर्ट विश्वस्तरीय हो गए हैं। लोक जीवन में लोक परिवहन का विशेष महत्व है। आज से 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ मालवा से लेकर काशी और सनातन संस्कृति के चारों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रबंध किए थे। इंदौर की धरती से उन्होंने अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत से बाजार में अवसर बढ़ेंगे, जो हमें आगे बढ़ने का मौका देंगे। हमारी सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सुगम परिवहन बस सेवा की योजना तैयार की है। इसमें आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का भी ध्यान रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से प्रदेश में ई-व्हीकल्स का संचालन प्रारंभ हो रहा है। अब हमारी धरती पर बने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन देश-दुनिया में सप्लाई हो रहे हैं। आज एक विशेष एमओयू भी किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्यप्रदेश में 8 लेन होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश भारत के मध्य में है। यहां से करीब 6 घंटे में दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं। आमजन के लिए सार्वजनिक सेवाओं में लोक परिवहन का खास महत्व है। प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क तैयार है। हमारी सुगम परिवहन सेवा सभी की जरूरतों को पूरा करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले उज्जैन में प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे। अब इनकी संख्या 8 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। इस वर्ष उज्जैन में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब प्रदेश में प्रतिवर्ष 20 करोड़ से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे समय में सुगम परिवहन की व्यवस्था हम सभी का दायित्व है। एक राज्य एक बस सेवा से यात्रियों के लिए आवागमन सुगम होगा और प्रदेश के अनेकों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश में दशकों से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को आज एक संजीवनी मिली है। यह 20 साल में 360 डिग्री बदलाव का अवसर है। सुगम परिवहन बस सेवा यात्रियों, ऑपरेटरों, सरकार और नई तकनीक अपनाने वालों को लाभान्वित करेगी। देशभर में हाईस्पीड ट्रेन, लॉजिस्टिक कॉरिडोर, डेडीकेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हाईस्पीड हाईवे का जाल बिछ रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश सरकार भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए तेज गति से आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होने जा रही है। जनसेवा का यह अभियान 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा और इसी माह 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के जरिए 'प्रदेश की अपनी बस सेवा' की अनुपम सौगात मिलेगी।

    प्रदेश में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर बनेगी यह समिट- मंत्री सिंह

    परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-सक्षम यात्रा उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में यह समिट एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने परिवहन के क्रमिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 17वीं सदी की पारंपरिक व्यवस्था और बाद के पेट्रोल-डीजल युग से आगे बढ़कर आज हम ई-बसों के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदूषण-मुक्त परिवहन के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचलों को शहरों से उत्कृष्ट व सुरक्षित सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है।

    परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निजी बस संचालकों के साथ सहभागी बनकर एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित कर रही है। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के माध्यम से आधुनिक बस टर्मिनलों का निर्माण, डिजिटल ट्रैकिंग, चालकों-परिचालकों की प्रभावी निगरानी और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। वर्ष 2004-05 में पुरानी राज्य परिवहन सेवा बंद होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस नवीन सेवा का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

    इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में यात्री परिवहन की समस्या को अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ समाधान करने का कार्य किया है। इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन बस योजना का लाभ मिलेगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से निर्मित होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहर से जोड़ेगा। परिवहन में ई-बस के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। मध्यप्रदेश में पुन: राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

    सचिव परिवहन मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। उन्होंने समिट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की आवश्यकता, पृष्ठभूमि, नवीन व्यवस्था के सृजन, व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ और संस्थागत संरचना का अपने संबोधन में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) की स्थापना कर बस संचालन, ITMS और परिवहन अधोसंरचना को PPP मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे किया जा चुका है तथा डेटा आधारित लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ EV और CNG बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    सचिव सिंह ने कहा कि समिट के माध्यम से बस ऑपरेशन, अधोसंरचना, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और ऑपरेटरों की वित्तीय साध्यता पर विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन कर PPP आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मॉडल और आधुनिक ITMS का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को “सही बस, सही मार्ग और सही समय” के अनुरूप विश्वसनीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।

    समिट में तकनीकी नवाचारों और निवेश को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। यश टेक्नोलॉजी के सीएफओ धर्मेंद्र जैन के कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग, तकनीक और रोजगार को आमजन से जोड़ते हुए विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य एक बड़ा विजन है। बसों की संख्या बढ़ने से आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर यश टेक्नोलॉजी की कर्मभूमि है और कंपनी इस दिशा में राज्य सरकार के साथ सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।

    एका मोबिलिटी, पुणे के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुधीर मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का विजन प्रशंसनीय है और इसी दिशा में यात्री परिवहन विजन समिट का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि एका मोबिलिटी द्वारा मध्यप्रदेश में चौथे प्लांट के रूप में पीथमपुर में इलेक्ट्रिक बस निर्माण का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसका कार्य मात्र 14 माह में पूर्ण किया गया है। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 हजार ई-बसों की होगी, जो प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ सुगम एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    ऑल इंडिया बस एंड कार कम्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि हमारा बस परिवहन सिस्टम प्रतिदिन देशभर में 40 करोड़ लोगों को गंतव्य तक पहुंचाता है। यह अन्य सभी परिवहन सेवाओं से कहीं अधिक है। मध्यप्रदेश बस परिवहन सेवा में पीपीपी मॉडल का नवाचार करने वाला पहला राज्य है। इसे बस यात्रियों को अत्याधुनिक और तकनीक आधारित सुगम सुविधाएं मिलेगी।

    इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक सुऊषा ठाकुर,  श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, राकेश शुक्ला और एलेट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ और संपादक प्रमुख डॉ. रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस  एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियां और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हुए।

    प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श के लिए यात्री परिवहन विजन समिट 2026

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विजन को प्रस्तुत करने और मध्य प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए 11-12 सितंबर 2026, दो दिवसीय राज्य स्तरीय समिट का आयोजन किया गया है। इसमें 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ भाग लें रहे है, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस   एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियाँ और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हैं।

    समिट का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण कर ग्रामीण, अंतरज़िला एवं अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है। साथ ही डिजिटल टिकटिंग व रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है। यह संपूर्ण व्यवस्था 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है। जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से प्रभावी बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) द्वारा सेवाओं की तकनीक-आधारित निगरानी व प्रबंधन और आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो एवं स्टॉप सहित अन्य जरूरी  अधोसंरचना का विकास शामिल है।

    इस पहल से राज्य में एक एकीकृत और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन इकोसिस्टम का निर्माण होगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इससे ग्रामीण, क्षेत्रीय एवं ज़िला स्तरीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा संपूर्ण परिवहन संचालन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। इसके साथ ही, डिजिटल मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार और आधुनिक, यात्री-अनुकूल अवसंरचना के विकास को नई गति मिलेगी। पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ परिवहन तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह व्यवस्था सरकार, उद्योग और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच एक मजबूत एवं प्रभावी साझेदारी भी स्थापित करेगी।

    यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका

    यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका प्रदेश में एक कनेक्टेड, तकनीक-सक्षम, सतत और भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन तंत्र के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान दस्तावेज़ और नीतिगत रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसमें जनप्रतिनिधियों, शासन और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रेरक विचार एवं साक्षात्कार संकलित किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका

    ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका’ इस महत्वाकांक्षी पहल की रूपरेखा और भावी कार्ययोजना को रेखांकित करती है। पुस्तिका में योजना के तीन मुख्य स्तंभों—पीपीपी मॉडल के तहत पेशेवर बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) तथा आधुनिक परिवहन अधोसंरचना के विकास को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और अधोसंरचना लिमिटेड (MPYPIL), सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों और ज़िला स्तरीय समितियों पर आधारित त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे को समझाया गया है। इसके साथ-साथ डेटा-आधारित रूट प्लानिंग, रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और स्वच्छ मोबिलिटी तकनीकों के विस्तृत प्रावधानों को इसमें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।

    MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के निर्धारण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। देशभर के क्रिएटिव डिजाइनर्स, विद्यार्थियों, फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल एजेंसियों से मिली कुल 135 प्रविष्टियों का परीक्षण कर तीन सर्वश्रेष्ठ डिजाइनों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार ने 5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये के तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया।

    सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू

    प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट तथा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से MPYPIL और ‘रैपिडो’ के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफॉर्म से एकीकृत की जाएगी। इस साझेदारी में समावेशी मोबिलिटी को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस एकीकृत व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा, जो राज्य में एक आधुनिक और यात्री-अनुकूल मोबिलिटी इकोसिस्टम स्थापित करने में मददगार साबित होगी।

    एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026 का किया शुभारंभ

    ‘एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026’ का उद्देश्य राज्य की वास्तविक परिवहन चुनौतियों के समाधान के लिए नवीन पद्धतियों व तकनीकों की पहचान करना और धरातल पर लागू करना है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पाँच प्रमुख क्षेत्रों एआई एवं डेटा-आधारित इंटेलिजेंट मोबिलिटी, वित्तीय व परिचालन स्थिरता, समावेशी मोबिलिटी, अवसंरचना एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, तथा ग्रीन मोबिलिटी पर केंद्रित है। यह पहल स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगी, जिससे प्रदेश में एक अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके। 

  • 62 हजार संपत्तियों का दावा, सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ 7,951 मामलों का हिसाब; भोपाल निगम के आंकड़ों पर सवाल

    62 हजार संपत्तियों का दावा, सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ 7,951 मामलों का हिसाब; भोपाल निगम के आंकड़ों पर सवाल

     भोपाल 
    आवासीय क्षेत्रों में कारोबार के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बीच अब उसके ही आंकड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय में पांच अगस्त को हुई सुनवाई के बाद निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि शहर में 62 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जहां आवासीय उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।

    यह आंकड़ा लगातार निगम की कार्रवाई के दायरे के रूप में बताया गया, जिससे शहर के व्यापारी में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई को लेकर डर का माहौल बन गया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले तैयार किए गए शपथपत्र में निगम ने 7,951 मामलों की पहचान कर नियम-11 के नोटिस जारी करने की जानकारी दी है।

    यानी जिस सर्वे को निगम ने शहर में 62 हजार से अधिक संपत्तियों तक पहुंचने वाला बताया था, अदालत के सामने पेश रिकार्ड में उसका एक बड़ा हिस्सा दिखाई ही नहीं देता।

    नोटिस के बाद कार्रवाई का हिसाब भी अलग
    शपथपत्र में निगम ने 190 परिसरों को अनधिकृत उपयोग के कारण बंद और सील करने की जानकारी दी है। जबकि हकीकत यह है कि निगम ने शहर में सिर्फ सात प्रतिष्ठान सील किए थे और 183 प्रतिष्ठनों को स्वेच्छा से बंद करने के पंचनामे बनाए थे। शपथपत्र के एक हिस्से में 170 परिसरों के बंद किए जाने तथा उनमें से 165 को स्वीकृत अधिभोग के अनुरूप पाए जाने पर बहाल करने और पांच को सील रखने की जानकारी दी गई है।

    296 अवैध निर्माण भी रडार पर
    निगम ने आवासीय उपयोग के उल्लंघन के अलावा बिना भवन अनुमति या स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण के 296 मामले भी चिह्नित किए हैं। इनमें 302(1) के तहत 160 और 307(2) के तहत 163 नोटिस जारी किए गए। 124 मामलों में सुनवाई के बाद आदेश हुए और 75 मामलों में अवैध निर्माण या अतिक्रमण हटाया गया।

    लोटस पर तीन साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
    अरेरा कालोनी स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान लोटस इलेक्ट्रानिक्स को नगर निगम ने 2019 में नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने कार्रवाई से पहले 15 दिन का समय दिया था। खास बात यह है कि यह 15 दिन की अवधि करीब तीन साल पहले ही पूरी हो चुकी है, फिर भी इस मामले में नगर निगम ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

    जोनवार नोटिस का आंकड़ा

        एक – 280
        दो – 197
        तीन – 242
        चार – 234
        पांच – 620
        छह – 184
        सात – 348
        आठ – 603
        नौ – 264
        10 – 456
        11 – 336
        12 – 520
        13 – 619
        14 – 209
        15 – 569
        16 – 415
        17 – 440
        18 – 464
        19 – 362
        20 – 377
        21 – 212
        जोड़ 7617

        शपथपत्र में कुल 7951

    दिल्ली हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जर्जर मकानों पर कार्रवाई की जानकारी

        इधर, दिल्ली के सत्य निकेतन में भवन गिरने से सात लोगों की मौत और 12 के घायल होने की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भवनों की सुरक्षा और पूर्व में दिए निर्देशों के पालन को लेकर सख्ती दिखाई है।

        न्यायालय ने संबंधित सभी पक्षों से पूर्व के आदेशों के पालन पर शपथपत्र और रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में अब नगर निगम को जर्जर मकानों की स्थिति और कार्रवाई को लेकर जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर दो बजे होगी।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश का असर, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर; 4.79 हेक्टेयर जमीन मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश का असर, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर; 4.79 हेक्टेयर जमीन मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी

    प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है।

    ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट

    जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी।

    राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया।

    NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर

    सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया।

    संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन

    राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर

    शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

    उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

    उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

    कलेक्टर ने ग्राम खरला का निरीक्षण कर किसान प्रदीप सिंह से की चर्चा

    शहडोल 
     जिले के जनपद पंचायत बुढार के ग्राम खरला के निरीक्षण के दौरान विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने उद्यानिकी खेती कर रहे किसान प्रदीप सिंह से चर्चा की।

    किसान प्रदीप सिंह ने बताया कि वे 4 से 5 एकड़ में जैविक खाद का उपयोग कर खेती करते हैं। वर्तमान में खीरा, टमाटर एवं बैंगन की खेती कर रहे हैं तथा शहडोल और बुढार में इनकी मार्केटिंग कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

    कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करते हुए उन्हें उद्यानिकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसान प्रदीप सिंह द्वारा की जा रही जैविक खेती का सर्टिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए।

    निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।