Category: धर्म अध्यात्म

  • 14 सितंबर राशिफल: धन, करियर और प्रेम में इन राशियों को मिलेंगे शुभ संकेत

    14 सितंबर राशिफल: धन, करियर और प्रेम में इन राशियों को मिलेंगे शुभ संकेत

    मेष
    आज अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें। घर के सदस्यों और अपने पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। करियर में फोकस बनाए रखने की जरूरत है। यात्रा के दौरान कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।

    वृषभ
    जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के आसार हैं। किसी करीबी से गिफ्ट मिलने की संभावना है। आपका स्वास्थ्य भी आपका साथ देगा। आर्थिक स्थिति सही रहेगी लेकिन फालतू के खर्चों से बचें।

    मिथुन
    आज व्यवसायिक मुद्दों पर संयम बरतने की जरूरत है। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ वक्त बिताएं और ट्रिप पर जाएं। दिन रोमांचक भरा रहने वाला है।

    कर्क
    आज के दिन प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने से बचें। यात्रा पर जाने के प्लान बन सकते हैं। आपको पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल सकते हैं। करियर में सफलता मिलेगी। घर के सदस्यों के साथ संबंध मजबूत होंगे।

    सिंह
    आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर दिन रहने वाला है। रोमांटिक लाइफ में उथल- पुथल हो सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ मधुरता बनाए रखें। अपने स्वास्थ्य को अनदेखा न करें।

    कन्या
    आज के दिन आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों दमदार रहने वाली है। लव लाइफ में चल रही उथल पुथल को सुलझाना बेहतर रहेगा। आज कार्यक्षेत्र में आप अपनी प्रतिभा चमकाएंगे।

    तुला
    परिवार के कुछ सदस्यों से मतभेद होने की भी संभावना है। अपनी आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आप प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर सकते हैं। कुछ लोग ट्रिप पर भी जा सकते हैं। अच्छी खबर मिल सकती है।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि के लोगों को रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बात-चीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए चुनौतियों का बखूबी सामना करें।

    धनु
    आज कुछ लोगों के लिए घूमने जाने के योग बनते भी दिख रहे हैं। थोड़ी बहुत चुनौतियां आ सकती हैं, जिन्हें आप आसानी से पार कर लेंगे। आपके लिए रोमांस से भरपूर रहने वाला है। आपको आपके पार्टनर का पूरा साथ मिलेगा।

    मकर
    आज आर्थिक मामलों में किस्मत साथ देगी। खासकर शेयर बाजार में निवेश करना लाभदायक हो सकता है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे साथ ही पार्टनर से स्पेशल मैसेज भी सप्ताह के अंत तक मिल सकता है।

    कुंभ
    आज के दिन छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं। इन दिक्कतों का आप आसानी से हल निकाल लेंगे। वहीं, आज सेहत दुरुस्त रहने वाली है। आप आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से भरपूर रहेंगे।

    मीन
    जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लव लाइफ में आ रही दिक्कतों को सुलझाएं। जहां, रोमांस में कुछ लोग डूबे रहेंगे। व्यावसायिक सफलता का आभास भी करेंगे। आपके जीवन में छोटी-मोटी आर्थिक परेशानियां भी रहेंगी।

  • नीम करोली बाबा के 5 चमत्कार, भक्त आज भी मानते हैं दिव्य शक्तियों का प्रमाण

    नीम करोली बाबा के 5 चमत्कार, भक्त आज भी मानते हैं दिव्य शक्तियों का प्रमाण

     उत्तराखंड की पावन वादियों में स्थित कैंची धाम के गुरु, परम सिद्ध संत नीम करोली बाबा का जीवन अलौकिक सिद्धियों और असीम करुणा का सजीव उदाहरण है. करोड़ों श्रद्धालु उन्हें कलयुग में भगवान हनुमान जी का साक्षात अवतार मानते हैं. बाबा जी का जीवन किसी आडंबर से दूर, अत्यंत सरल और सहज था कि वे बस एक कंबल ओढ़कर बैठते थे, लेकिन उनके दर पर आने वाला कोई भी भक्त कभी खाली हाथ वापस नहीं गया.

    उनके जीवनकाल में ऐसे अनगिनत प्रसंग घटे, जहां प्रकृति के नियम भी उनके तपोबल के आगे नतमस्तक हो गए. आइए जानते हैं नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़े 5 ऐसे अलौकिक चमत्कार, जो आज भी श्रद्धालुओं के मन में उनके प्रति अगाध श्रद्धा और विश्वास जगाते हैं.

    नदी के पानी का शुद्ध देसी घी में बदलना
    कैंची धाम आश्रम के निर्माण के शुरुआती दिनों में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण अचानक पूरियाँ तलने के लिए देसी घी खत्म हो गया. सेवक घबरा गए और उन्होंने तुरंत बाबा जी को जाकर यह बात बताई. बाबा जी ने शांत भाव से कहा, "घबराओ मत, पास बहती नदी से दो बाल्टी पानी भरकर ले आओ."

    सेवक दौड़े-दौड़े गए और नदी से पानी भरकर ले आए. जब बाबा जी के आदेश पर उस पानी को पूरियां तलने वाली गर्म कड़ाही में डाला गया, तो कड़ाही में गिरते ही वह पानी दिव्य सुगंध वाले शुद्ध देसी घी में परिवर्तित हो गया. उस घी से पूरे भंडारे की पूरियाँ तली गईं और अगले दिन बाबा जी के कहने पर बाजार से उतना ही देसी घी खरीदकर वापस नदी में प्रवाहित कर दिया गया.

    खारे पानी को गंगाजल की तरह मीठा बनाना
    एक बार बाबा जी के आश्रम के समीप स्थित पानी का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत पूरी तरह खारा हो गया. उसका पानी इतना कसैला था कि पीने या भोजन बनाने योग्य नहीं बचा था. स्थानीय लोग और आश्रम के भक्त इस समस्या से काफी चिंतित थे.

    जब यह बात बाबा जी के संज्ञान में आई, तो वे स्वयं उस जल स्रोत के पास गए. उन्होंने अत्यंत भाव से उसमें थोड़ा सा चरणामृत मिलाया और भगवान का ध्यान करते हुए मंत्रोच्चार किया. इसके बाद जैसे ही लोगों ने उस पानी को पिया, तो वे आश्चर्यचकित रह गए—वह खारा पानी न केवल पूरी तरह मीठा और सुपाच्य हो चुका था, बल्कि उसमें गंगाजल जैसी दिव्यता और ताजगी आ गई थी.

    भक्त की जानलेवा बीमारी को अपने शरीर पर लेना
    नीम करोली बाबा अपने भक्तों से मां की तरह प्रेम करते थे. जब भी उनका कोई प्रिय भक्त किसी असाध्य, जानलेवा बीमारी या असहनीय पीड़ा से ग्रस्त होता था, तो बाबा जी की करुणा उमड़ पड़ती थी. वे अपने तपोबल से भक्त के प्रारब्ध और बीमारी के कष्ट को स्वयं अपने शरीर पर धारण कर लेते थे.

    ऐसे कई अवसर आए जब भक्त तो रातों-रात पूरी तरह स्वस्थ होकर उठ खड़ा होता था, लेकिन दूसरी ओर बाबा जी स्वयं अपने कंबल के भीतर दर्द से कराहते नजर आते थे. वे भक्त के कष्टों को मुस्कुराते हुए अपने शरीर पर झेल लेते थे ताकि उनके बच्चों को कोई आंच न आए.

    कड़ाके की बर्फीली ठंड में नदी में समाधि
    उत्तराखंड की हाड़-कांपने वाली सर्दियों में, जहां आम इंसान कई परतों वाले गर्म कपड़ों में भी ठिठुरने लगता है, बाबा जी केवल एक सूती धोती और कंबल में रहते थे. कई बार भीषण बर्फ़ीली रात में बाबा जी ठंडे बर्फीले पानी की नदी में उतर जाते थे और घंटों जल-समाधि में लीन रहते थे.

    जब वे जल-समाधि पूरी करके बाहर निकलते, तो उनके शरीर पर ठंड का नामोनिशान तक नहीं होता था. उनका शरीर ऐसे दमकता था मानो वे किसी सामान्य तापमान में बैठकर आए हों. उनकी यह योग-साधना उनके उच्चकोटि के सिद्ध योगी होने का प्रत्यक्ष प्रमाण थी.

    भक्त को नया जीवनदान देना
    बाबा जी के दरबार में भक्ति की कोई सीमा नहीं थी और न ही उनके आशीर्वाद की. उनके कई भक्तों के जीवन में ऐसे क्षण आए जब गंभीर बीमारियों या दुर्घटनाओं के कारण डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे और डॉक्टरों के अनुसार मृत्यु निश्चित थी.

    ऐसे समय में भक्तों के परिजनों ने केवल बाबा जी का ध्यान किया या उनका छुआ हुआ 'आरोग्य प्रसाद' (या चरणामृत) मरीज को दिया. बाबा जी के एक अभयदान और संकल्प से काल को भी पीछे हटना पड़ा. यमराज के द्वार तक पहुंच चुके मरीज चमत्कारिक रूप से पूरी तरह ठीक हो गए और डॉक्टरों के लिए यह बात हमेशा एक अनसुलझा रहस्य बनी रही.

  • हरतालिका तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना अधूरा रह सकता है व्रत

    हरतालिका तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना अधूरा रह सकता है व्रत

    हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे कठिन और महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था, तभी से इस व्रत की परंपरा चली आ रही है. इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने और किसी भी तरह के दोष से बचने के लिए शास्त्र सम्मत नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. इस बार हरतालिका तीज 14 सितंबर को मनाई जाएगी.  आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज के दिन कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए:

    1. अन्न और जल का सेवन न करें (निर्जला नियम)
    हरतालिका तीज का व्रत मुख्य रूप से निर्जला (बिना पानी के) रखा जाता है. एक बार व्रत का संकल्प लेने के बाद दिनभर जल या अन्न ग्रहण करना वर्जित माना जाता है. हालांकि, यदि स्वास्थ्य अधिक खराब हो या गर्भवती महिलाएं हों, तो वे डॉक्टर या किसी योग्य आचार्य की सलाह से फलाहार का विकल्प चुन सकती हैं, लेकिन सामान्य स्थिति में अन्न-जल का त्याग ही नियम है.  

    2. दिन में सोना वर्जित
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन दिन में सोने से बचना चाहिए.  इस पूरे दिन और रात के समय भगवान शिव और माता पार्वती के भजन-कीर्तन व जागरण का विधान है. मान्यता है कि इस दिन व्रत के दौरान सोने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है.  

    3. काले या सफेद वस्त्र पहनने से बचें
    पूजा के दौरान और पूरे दिन वस्त्रों के चयन में सावधानी रखनी चाहिए.  इस दिन काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना शुभ माना जाता है. तीज के पावन पर्व पर हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनना सबसे उत्तम और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. इसके साथ ही सुहाग की सभी वस्तुएं पूरी निष्ठा के साथ मां पार्वती को अर्पित करें.  

    4. क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी
    व्रत के दिन मन, वाणी और कर्म से पवित्रता बनाए रखना अनिवार्य है.  किसी पर भी गुस्सा न करें, अपशब्द न बोलें. घर में वाद-विवाद की स्थिति से दूर रहें.  इस दिन पूरी तरह से सात्विक आचरण करते हुए भगवान का ध्यान करना चाहिए.  

    5. कथा सुनना न भूलें
    हरतालिका तीज की पूजा बिना कथा सुने अधूरी मानी जाती है.  इसलिए पूजा के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ अवश्य करें या सुनें, जिससे व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त हो सके. 

  • 26 सितंबर को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    26 सितंबर को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

     सितंबर के आखिरी सप्ताह में ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 26 सितंबर 2026 को बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. यहां शुक्र पहले से मौजूद होंगे. ऐसे में तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र धन, सुख-सुविधा, प्रेम और भौतिक समृद्धि से जुड़े हैं.  इसलिए इन दोनों ग्रहों का संयोग आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.

    क्या है लक्ष्मी नारायण राजयोग?
    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कुंडली में बुध और शुक्र की शुभ स्थिति से लक्ष्मी नारायण योग बनता है. इसे धन, वैभव, बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता और सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है. गोचर के दौरान जब दोनों ग्रह एक राशि में आते हैं, तो उसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर उनके भाव और ग्रह स्थिति के अनुसार पड़ सकता है.

    इस बार यह योग तुला राशि में बनने जा रहा है. कुछ ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इसका प्रभाव कई राशियों के लिए करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी रह सकता है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है. कारोबार में भी लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं. आय के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना है.

    तुला राशि
    यह योग तुला राशि में ही बनने जा रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए इसका महत्व बढ़ जाता है. आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में निखार आ सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है. व्यापार करने वालों को नए अवसर और लाभ मिल सकते हैं. पार्टनरशिप से जुड़े कामों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है.

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आय के लिहाज से अच्छा रह सकता है. कमाई के नए साधन बनने की संभावना है. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ सकता है, जिसका फायदा भविष्य में मिल सकता है. लंबे समय से अटकी आर्थिक योजनाओं को गति मिल सकती है.

    मकर राशि
    मकर राशि वालों के करियर के लिए यह समय महत्वपूर्ण हो सकता है.  नौकरी में प्रमोशन, वेतन वृद्धि या नई नौकरी का प्रस्ताव मिलने के योग बन सकते हैं.  कारोबारियों को रुकी हुई योजनाओं में गति मिल सकती है.

  • 9 अक्टूबर को बदलेगी शनि की चाल, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    9 अक्टूबर को बदलेगी शनि की चाल, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफलदाता शनि देव को सबसे महत्वपूर्ण और धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है. जब भी शनि अपनी चाल या नक्षत्र में बदलाव करते हैं, तो इसका सीधा असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है. पंचांग गणना के अनुसार, कर्मफलदाता शनि देव 9 अक्टूबर 2026 को शाम 7:28 बजे अपनी चाल बदलते हुए अपने ही नक्षत्र उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं.

    ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद खास गोचर माना जा रहा है, क्योंकि जब ग्रह अपने ही नक्षत्र में संचरण करता है, तो उसके शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाते हैं. इस समय शनि वक्री अवस्था में रहेंगे.  यह स्थिति 8 फरवरी 2027 तक बनी रहेगी. शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ चुनिंदा राशियों के भाग्य के द्वार खुलने वाले हैं. इन्हें करियर-कारोबार में बंपर लाभ मिलने के योग हैं. आइए जानते हैं वे कौन सी भाग्यशाली राशियां हैं जिन्हें इस गोचर से जबरदस्त फायदा होगा.

    1. वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा.

    नक्षत्र प्रभाव और तिथि: 9 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस गोचर के प्रभाव से आपके लंबे समय से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे.

    आर्थिक लाभ: अटके हुए धन की वापसी होगी. आय के नए स्रोत खुलेंगे.

    व्यापार और नौकरी: बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिलने के मजबूत योग हैं.

    मान-सम्मान: समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनेंगे.

    2. तुला राशि (Libra)
    तुला राशि में शनि देव को बहुत मजबूत स्थिति (उच्च) का माना गया है, ऐसे में यह गोचर इस राशि के लिए बेहद मंगलकारी रहेगा.

    नक्षत्र प्रभाव और तिथि: 9 अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच का यह कालखंड तुला राशि वालों के लिए आर्थिक मोर्चे पर राहत लेकर आएगा.

    प्रॉपर्टी और वाहन सुख: भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है. पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने के योग हैं.

    करियर में प्रगति: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी. सीनियर्स आपके काम की सराहना करेंगे. पुराने कर्जों से मुक्ति मिलने के रास्ते खुलेंगे.

    पारिवारिक जीवन: जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे.  घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है.

    3. मकर राशि (Capricorn)
    मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर इस गोचर का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा.

    नक्षत्र प्रभाव और तिथि: 9 अक्टूबर से उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में शनि का संचरण मकर राशि वालों के जीवन में स्थायित्व और सफलता लेकर आएगा.

    करियर में स्थिरता: नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में स्थिरता मिलेगी.  पदोन्नति या वेतन वृद्धि के प्रबल अवसर बनेंगे.

    आर्थिक उन्नति: व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे. वित्तीय स्थिति सुधरेगी. मेहनत के दम पर आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहेंगे.

    4. कुंभ राशि (Aquarius)
    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी शनि का यह नक्षत्र गोचर बेहद महत्वपूर्ण और लाभकारी साबित होने वाला है.

    नक्षत्र प्रभाव और तिथि: 9 अक्टूबर को होने वाले इस गोचर से लेकर फरवरी 2027 तक कुंभ राशि वालों के अटके हुए कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे.

    धन संचय और बचत: आप अपने धन की बचत करने में सफल रहेंगे. बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी.

    करियर में उछाल: नौकरी में चल रही अनबन समाप्त होगी. ऑफिस में आपकी निर्णय क्षमता और कार्यशैली की प्रशंसा होगी, जिससे बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.

    आर्थिक निवेश: यदि आप शेयर मार्केट, प्रॉपर्टी या किसी नए वेंचर में निवेश करना चाहते हैं, तो यह अवधि बेहद लाभदायक साबित हो सकती है.

  • Sunday Horoscope: 13 सितंबर को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के बनेंगे मजबूत योग

    Sunday Horoscope: 13 सितंबर को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के बनेंगे मजबूत योग

    मेष
    आज किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। परिवार में अपनों का साथ मिलेगा। आज आपको अपना पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि घर का कोई बुजुर्ग आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है।

    वृषभ
    आज आपका पराक्रम रंग लाएगा और आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी के लिए परीक्षा, इंटरव्यू आदि कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। शासन- सत्ता का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।

    मिथुन
    आज आपको अपनी सेहत पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। माता-पिता की सेहत के प्रति सचेत रहें। नौकरी में विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा।

    कर्क
    आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, लेकिन धैर्य से काम लेना आपके लिए अच्छा रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी। परिवार के साथ यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा।

    सिंह
    आज आपका दिन तनाव से भरा हो सकता है। किसी दोस्त की सलाह आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। रुपए-पैसे को उधार देने से बचना चाहिए। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। जीवनसाथी की सेहत पर नजर रखना आपके लिए जरूरी है। व्यापार में उन्नति मिल सकती है। संतान का पूरा साथ मिलेगा।

    कन्या
    आज बड़े-बुजुर्गों को अपनी सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। आज आपको निवेश करने से बचना चाहिए। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। लव लाइफ अच्छी रहेगी। अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। आज आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन बन सकता है।

    तुला
    आज आपको पार्टनर का नजरिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएं सुलझानी चाहिए। दिन शुरू से अंत तक काम को लेकर एनर्जेटिक महसूस करेंगे। दिन खुशियों से भरा रहेगा। आज सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। कोई भी नया प्रोजेक्ट लेने से पहले दो बार सोचें।

    वृश्चिक
    आज आपको प्यार का साथ मिलेगा। कुछ जातकों को आज जमीन से जुड़े किसी मामले पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। प्रेम संबंधों में जबरदस्ती करने से बचें। आज आप कार्यस्थल पर खास महसूस करेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है।

    धनु
    आज आप
    का दिन आनंददायक रहने वाला है। शादीशुदा लोगों को अपने बच्चे का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सेहत पर नजर रखें। व्यक्तिगत परेशानियां सुलझाने के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। व्यापारिक स्थिति पहले से अच्छी होगी।

    मकर
    आपका जीवनसाथी आज आपको खुश करने की भरपूर कोशिश करेगा।आपका व्यवहार लोगों का ध्यान आकर्षित करेगा। वर्कप्लेस पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। यात्रा लाभकारी रहने वाली है। कारोबार में वृद्धि के संकेत हैं।

    कुंभ
    आज आपको अपनी सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। वर्कप्लेस पर ऑफिस की पॉलिटिक्स पर नजर रखें।। सभी कमिटमेंट और वित्तीय लेनदेन को सावधानी से संभालने की आवश्यकता है। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है। आपको अचानक किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जिससे परिवार के साथ समय बिताने का आपका प्लान खराब हो सकता है।

    मीन
    आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। अपनों का साथ मिलेगा। कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। सेहत से जुड़ी परेशानियां चिंता का कारण बन सकती है। सिंगल जातकों की लाइफ में प्यार की एंट्री हो सकती है। विवाहित जातक पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे।

  • Vastu Tips: घर में इन जगहों पर रखें नमक, दूर रहेगी नकारात्मकता और बनेगा सकारात्मक माहौल

    Vastu Tips: घर में इन जगहों पर रखें नमक, दूर रहेगी नकारात्मकता और बनेगा सकारात्मक माहौल

     नमक हर घर की रसोई का जरूरी हिस्सा है. खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं में भी नमक को खास महत्व दिया गया है. माना जाता है कि नमक वातावरण में मौजूद नकारात्मकता को कम करने में मदद करता है. इसी वजह से घर में नमक रखने और इस्तेमाल करने को लेकर कई वास्तु उपाय बताए जाते हैं. हालांकि, इन उपायों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए.

    मुख्य दरवाजे के पास रख सकते हैं नमक
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे के पास कांच की कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखा जा सकता है. माना जाता है कि नमक घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है. कटोरी को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वह आसानी से गिरे या किसी के पैर से न टकराए.

    बाथरूम में रखने की मान्यता
    बाथरूम को नमी और पानी से जुड़ी जगह माना जाता है. वास्तु के कुछ उपायों में यहां कांच की कटोरी में थोड़ा नमक रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने में मदद कर सकता है. अगर ऐसा करते हैं तो नमक को नियमित रूप से बदलना चाहिए.

    लिविंग रूम में रख सकते हैं
    लिविंग रूम में परिवार के लोग सबसे ज्यादा समय बिताते हैं. वास्तु के अनुसार यहां नमक की छोटी कटोरी रखना सकारात्मक माहौल बनाए रखने से जोड़ा जाता है. इसे किसी साफ जगह पर रखा जा सकता है,  समय-समय पर नमक बदल देना चाहिए.

    उत्तर-पूर्व दिशा में नमक
    वास्तु में उत्तर-पूर्व दिशा को महत्वपूर्ण माना गया है. कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में नमक रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का माहौल बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इसके लिए साफ कांच के बर्तन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

    बेडरूम में नमक रखने का उपाय
    कुछ वास्तु मान्यताओं में बेडरूम में नमक रखने का भी जिक्र मिलता है. माना जाता है कि इससे कमरे की नकारात्मक ऊर्जा कम करने में मदद मिल सकती है. अगर आप यह उपाय करते हैं तो नमक को खुले में रखने के बजाय किसी छोटे साफ बर्तन में रखना बेहतर है.

    किचन में नमक कहां रखें?
    नमक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किचन में होता है. इसे हमेशा सूखी और साफ जगह पर बंद डिब्बे में रखना चाहिए. नमी वाली जगह पर रखने से नमक गीला हो सकता है. वास्तु की मान्यताओं में भी रसोई में नमक को व्यवस्थित और साफ तरीके से रखने की सलाह दी जाती है.

    खिड़की के पास रखने की मान्यता
    कुछ वास्तु उपायों में खिड़की के पास नमक रखने का भी उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि नमक बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि, खिड़की पर नमक रखते समय यह ध्यान रखें कि नमी या बारिश के कारण नमक खराब न हो.

    पोछे के पानी में नमक
    घर की साफ-सफाई के दौरान पोछे के पानी में थोड़ा नमक मिलाने का उपाय भी वास्तु में बताया जाता है. इसे घर की नकारात्मकता कम करने से जोड़ा जाता है. हालांकि, फर्श की सामग्री के अनुसार सफाई का तरीका चुनना जरूरी है, क्योंकि कुछ सतहों पर नमक या दूसरे पदार्थ नुकसान पहुंचा सकते हैं.

    ऑफिस डेस्क पर भी रख सकते हैं
    काम करने वाली जगह पर भी नमक रखने का वास्तु उपाय बताया जाता है. मान्यता है कि डेस्क पर छोटा सा नमक का बर्तन रखने से नकारात्मक माहौल कम करने में मदद मिल सकती है. इसे साफ-सुथरी जगह पर रखना चाहिए, नियमित रूप से बदलना चाहिए.

    नमक को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
    नमक को गीली या बहुत गंदी जगह पर नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा साफ और सूखे कंटेनर में रखना बेहतर होता है. अगर कटोरी में नमक रखा है तो उसे लंबे समय तक इस्तेमाल न करें, समय-समय पर बदलते रहें.

  • वास्तु के अनुसार छत पर पौधे लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है वास्तु दोष

    वास्तु के अनुसार छत पर पौधे लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है वास्तु दोष

    घर में पेड़-पौधे लगाने से न सिर्फ आसपास का वातावरण हरा-भरा रहता है, बल्कि घर का माहौल भी खुशनुमा और सकारात्मक बना रहता है. यही वजह है कि आज के समय में लोग बालकनी के साथ-साथ छत पर भी गमले सजाकर अपनी छत को एक खूबसूरत मिनी-गार्डन में बदल रहे हैं.

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में घर की छत पर पौधे रखने को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं? पौधों की सही दिशा, उनकी उचित संख्या और सही रखरखाव का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. वास्तु के अनुसार, सही जगह और दिशा में लगाए गए पौधे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जबकि छोटी-सी भूल या गलत दिशा वास्तु दोष का कारण बन सकती है. आइए जानते हैं छत पर gardening करते समय किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:

    दिशा का रखें विशेष ध्यान: वास्तु नियमों के अनुसार, छत पर पौधे हमेशा सही दिशा में ही रखने चाहिए. ऐसा करने से घर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है. गमले जमाने से पहले यह जरूर परख लें कि वे किस दिशा में रखे जा रहे हैं और वहां धूप व जगह की स्थिति कैसी है.

    पूर्व, उत्तर और ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): छत पर छोटे, हल्के और फूल वाले पौधे हमेशा पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाने चाहिए. यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाती है. तुलसी, गेंदा, पुदीना या अन्य औषधीय पौधों को इसी दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है.

    दक्षिण और पश्चिम दिशा: अगर आप छत पर बड़े, ऊंचे या भारी गमले वाले पौधे लगा रहे हैं, तो उनके लिए दक्षिण या पश्चिम दिशा सबसे उत्तम होती है. वास्तु के अनुसार, भारी चीजों को दक्षिण या पश्चिम में रखने से घर में स्थिरता आती है,  यह नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है.

    बीच का हिस्सा (ब्रह्मस्थान): छत के बिल्कुल बीचों-बीच (ब्रह्मस्थान) कोई भी भारी गमला या बड़ा पौधा रखने से बचना चाहिए. इस जगह को हमेशा साफ और खुला रखना वास्तु में अच्छा माना जाता है.

    कांटेदार पौधों से बचें: छत पर कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे (गुलाब को छोड़कर) लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि वास्तु में इन्हें तनाव और नकारात्मकता का कारण माना जाता है.

    बहुत ज्यादा या भारी गमले लगाने से बचें: अपनी पूरी छत को गमलों से बिल्कुल न भरें. वास्तु के लिहाज से छत पर अत्यधिक भीड़ या बहुत ज्यादा भारी गमलों की संख्या अधिक होना अच्छा नहीं माना जाता. पौधों के बीच पर्याप्त खुली जगह छोड़ना हमेशा बेहतर होता है.

    सूखे और मुरझाए पौधों को तुरंत हटाएं: घर या छत पर कभी भी सूखे, टूटे या मुरझाए पौधे लंबे समय तक न रखें. वास्तु शास्त्र में इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसलिए पौधों की नियमित देखभाल करें और कोई भी पौधा सूखने पर उसे तुरंत हटा दें.

    सही पौधों का चुनाव और मेंटेनेंस: छत पर हमेशा ऐसे पौधों का चयन करें जिन्हें पर्याप्त धूप मिल सके,  जिनकी देखभाल आसानी से हो सके. बहुत ज्यादा फैलने वाले या अत्यधिक भारी पौधों को लगाने से पहले उनकी ग्रोथ और छत के भार का उचित ध्यान रखें.

  • Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

    Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

     हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से पूरे दिन व्रत रखती हैं. करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ पूरा होता है.

    साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा. यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. कई जगह इसे करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है.

    2026 में कब है करवा चौथ?
    इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर की रात करीब 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रहेगी.

    करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती है. इसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं. शाम को करवा चौथ की पूजा और कथा होती है. रात में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है.

    करवा चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
    दिल्ली के अनुसार 2026 में करवा चौथ की पूजा के लिए शुभ समय:
    पूजा मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
    व्रत अवधि: सूर्योदय से चंद्रोदय तक
    चंद्रोदय: रात करीब 8:17 बजे

    ध्यान रखें कि चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग हो सकता है. इसलिए व्रत खोलने के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए चंद्रोदय समय को देखना बेहतर रहेगा.

    अलग-अलग शहरों में कब निकलेगा चांद?
    करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का समय शहर के अनुसार बदलता है. 29 अक्टूबर 2026 के लिए प्रमुख शहरों में चंद्रोदय लगभग इस समय बताया गया है:

    दिल्ली: रात 8:17 बजे
    चंडीगढ़: रात 8:12 बजे
    लखनऊ: रात 8:06 बजे
    जयपुर: रात 8:28 बजे
    मुंबई: रात 9:00 बजे
    पुणे: रात 8:58 बजे
    अहमदाबाद: रात 8:52 बजे
    हैदराबाद: रात 8:41 बजे
    बेंगलुरु: रात 8:55 बजे
    चेन्नई: रात 8:44 बजे
    कोलकाता: रात 7:47 बजे

    ये समय स्थानीय शहर के अनुसार हैं, अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.

    करवा चौथ पर क्यों रखा जाता है व्रत?
    करवा चौथ को पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना से जुड़ा पर्व माना जाता है. परंपरा के अनुसार महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं.

    इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में है. शाम को महिलाएं एक साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुनती हैं और पूजा करती हैं.

    करवा चौथ की पूजा में किन चीजों की जरूरत होती है?
    पूजा की तैयारी पहले से कर लेना अच्छा माना जाता है. करवा चौथ की पूजा की थाली में आमतौर पर ये चीजें रखी जाती हैं:

    मिट्टी का करवा
    पानी
    दीपक और रूई की बत्ती
    रोली और अक्षत
    सिंदूर
    फूल
    मिठाई
    फल
    धूप और अगरबत्ती
    छलनी
    पूजा की थाली
    चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए जल

    करवा यानी मिट्टी के पात्र का इस व्रत में विशेष महत्व माना जाता है. इसी वजह से इस दिन को करक चतुर्थी भी कहा जाता है.

    सरगी क्या होती है और इसे कब खाया जाता है?
    करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले खाए जाने वाले भोजन को सरगी कहा जाता है. परंपरागत रूप से सास अपनी बहू को सरगी देती हैं. इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे, सेवईं और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं.

    सरगी का उद्देश्य सूर्योदय से पहले शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और तरल पदार्थ उपलब्ध कराना होता है, क्योंकि इसके बाद पूरे दिन व्रत रखा जाता है.

    करवा चौथ की पूजा कैसे करें?
    शाम को स्नान करके साफ कपड़े पहनें, पूजा स्थल तैयार करें. वहां करवा चौथ की पूजा सामग्री रखें. भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करें. इसके बाद करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें.

    कथा के बाद करवा और पूजा की अन्य सामग्री का विधि-विधान से पूजन किया जाता है. रात में चंद्रमा निकलने का इंतजार किया जाता है.

    चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखती हैं. इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित यानी अर्घ्य दिया जाता है. पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाते हैं. इसके बाद महिलाएं भोजन ग्रहण करती हैं.

    करवा चौथ की कथा में वीरावती का प्रसंग
    करवा चौथ से जुड़ी प्रमुख कथाओं में वीरावती की कथा भी सुनाई जाती है. मान्यता के अनुसार वीरावती अपने भाइयों की लाड़ली बहन थीं. विवाह के बाद उन्होंने करवा चौथ का कठिन व्रत रखा, लेकिन भूख-प्यास से उनकी हालत खराब होने लगी. भाइयों ने उन्हें व्रत खुलवाने के लिए चंद्रमा निकलने का भ्रम पैदा किया.

    वीरावती ने उसे चंद्रमा समझकर व्रत खोल दिया. इसके बाद उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. अंत में उन्होंने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ व्रत पूरा किया, उनके पति के जीवन से जुड़ा संकट दूर हुआ. इस कथा के जरिए व्रत में नियम और श्रद्धा के महत्व को बताया जाता है.

    करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान
    करवा चौथ का व्रत कई महिलाएं निर्जला रखती हैं, यानी सूर्योदय से चंद्रोदय तक भोजन और पानी ग्रहण नहीं करतीं. हालांकि हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है. यदि किसी को बीमारी, कमजोरी, गर्भावस्था या डॉक्टर द्वारा बताई गई कोई विशेष स्वास्थ्य स्थिति है, तो कठोर उपवास रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है.

    चंद्रोदय का समय भी हर शहर में अलग होता है. इसलिए इंटरनेट पर किसी दूसरे शहर का समय देखकर व्रत खोलने के बजाय अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखना चाहिए.

    करवा चौथ का महत्व केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं है. यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, साथ और एक-दूसरे की लंबी एवं सुखी जिंदगी की कामना का पर्व भी माना जाता है.

  • मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, मेष समेत इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत

    मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, मेष समेत इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत

     ग्रहों की चाल का ज्योतिष में विशेष महत्व माना जाता है. जब कोई ग्रह राशि के साथ-साथ नक्षत्र परिवर्तन करता है, तो उसके प्रभाव में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. सितंबर के आखिरी सप्ताह में मंगल नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 24 सितंबर 2026 को मंगल पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं इसके अधिष्ठाता देवता बृहस्पति माने जाते हैं. मंगल का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से शुभ साबित हो सकता है.

    मंगल 24 सितंबर को सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. 17 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. इस दौरान मंगल कर्क राशि में स्थित होंगे. कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है, लेकिन इसी राशि में गुरु की मौजूदगी होने के कारण मंगल के नकारात्मक प्रभाव में कमी और शुभ प्रभाव में वृद्धि की संभावना ज्योतिष में बताई गई है.

    मेष राशि
    मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए राहत और प्रगति लेकर आ सकता है. लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है. संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है. व्यापार करने वालों के लिए समय अनुकूल रह सकता ह. मुनाफे में बढ़ोतरी के संकेत हैं. परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा. इस दौरान कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है. जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे.  मानसिक तनाव से राहत मिलने की संभावना है.

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है. नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को कोई अच्छा मौका मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. आपकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है. विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा रहने के संकेत हैं. परिवार में आपसी तालमेल बेहतर होगा. किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है.

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मान-सम्मान और करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है. नौकरी या व्यापार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. अटके हुए कामों को गति मिल सकती है. रोजी-रोजगार के क्षेत्र में तरक्की के अवसर बनेंगे. नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को बेहतर विकल्प मिल सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा. जीवनसाथी के साथ भी अच्छा समय बीतेगा.

    धनु राशि
    धनु राशि के लोगों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है. आमदनी में सुधार और व्यापार में मुनाफे के योग बन सकते हैं. लंबे समय से रुके किसी काम में तेजी आ सकती है. नौकरी से जुड़ी परेशानियां कम होने की संभावना है. परिवार के सदस्यों और माता-पिता का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं.