Category: छत्तीसगढ़

  • मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं एनएसएस स्वयंसेवक : स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समाज को करें प्रेरित

    युवाओं के लिए शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, स्टार्टअप, एआई और खेल के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर

    मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान

    वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री साय

    नई औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता, डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    प्रदेश में तैयार हो रहे नालंदा परिसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

    रायपुर 
    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना – ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं।

    उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना – ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं।

    सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है – सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।

    युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है और वर्षाकाल के बाद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।

    नई औद्योगिक नीति से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।

    उन्होंने कहा कि उद्योग नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिल रहा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।

    नौकरी मांगने वाले ही नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार को लेकर हमारी सोच भी व्यापक होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें। राज्य सरकार इसके लिए स्टार्टअप और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने विचारों को उद्यम में बदलें और छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।

    एआई सहित भविष्य की तकनीकों में आगे बढ़ेंगे छत्तीसगढ़ के युवा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ के साथ भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

    खिलाड़ियों की प्रतिभा को भी मिल रहा सम्मान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। सरकार चाहती है कि मैदान में कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

    विकसित भारत की यात्रा में युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिका

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का यह लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का साझा संकल्प है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है। आज एनएसएस के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जो संस्कार युवा अपने भीतर विकसित कर रहे हैं, वही आने वाले समय में उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्षम नेतृत्व प्रदान करेगा।

    एनएसएस युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त मंच : उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा

    उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है और शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसके युवाओं की चेतना, ऊर्जा और समाज के प्रति संवेदनशीलता में निहित होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर प्रदान करती है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित होता है तथा वे राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ते हैं।

    समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की।

    इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चम्पावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।

  • खर्राघाट में विकास कार्यों का भूमिपूजन, ओपी चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    खर्राघाट में विकास कार्यों का भूमिपूजन, ओपी चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    सेवा संकल्प अभियान : खर्राघाट में 29.99 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    केलो तट के स्थायी विकास की बड़ी पहल, 8.50 एकड़ में बनेगा ऑक्सीजोन

    शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी विकसित

    रायपुर, 
     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अधोसंरचना विकास को एक साथ जोड़ते हुए केलो नदी तट के स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने गुरुवार को खर्राघाट में 29.99 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में स्वयं श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया। परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का विकास करने के साथ खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा।

    सेवा मेरा योगदान के तहत खर्राघाट और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वित्त मंत्री चौधरी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से केलो नदी, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।

    इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन किया। उन्होंने कहा कि केलो नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसी भावना के साथ नदी और इसके तटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    खर्राघाट बनेगा हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन का नया केंद्र

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति के बीच बेहतर वातावरण के साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकें। यहां ऑक्सीजोन, सुव्यवस्थित घाट, पैदल पथ, व्यायाम की सुविधाएं तथा मॉर्निंग और नाइट वॉक के लिए बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। परिवारों के साथ समय बिताने के लिए भी सुविधाजनक सार्वजनिक क्षेत्र तैयार होगा।

    उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में आगे मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में केलो नदी तट का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध विकास हो सकेगा।

    शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प

    परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पचरी घाट का नवीनीकरण एवं सुधार होगा तथा घाट को पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित किया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।

    खर्राघाट में करीब 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित होगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पार्किंग, पाथवे, घाट तथा व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट भी बनाया जाएगा।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गार्डन और ऑक्सीजोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में रायगढ़ में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खर्राघाट का ऑक्सीजोन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

    29.99 करोड़ की स्वीकृति, दो वर्ष में पूरा होगा कार्य

    परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। इसका कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया है और कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रयास होगा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर नागरिकों को समर्पित किया जाए।

    लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और विकास को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है। खर्राघाट में श्रमदान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत इसका उदाहरण है। केलो नदी और इसके घाट रायगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विकास से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ़ में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजोन और अन्य हरित क्षेत्रों के विकास से नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

    नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खर्राघाट रायगढ़ के प्रमुख नदी तटों में शामिल है। यहां स्वच्छता अभियान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने पर नागरिकों को बेहतर घाट, हरित क्षेत्र, पैदल भ्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी।

    ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    स्वच्छता क्रांति की मिसाल बना सारंगढ़ का कोतरी गाँव

    ​रायपुर

            स्वच्छ और स्वस्थ गाँव का सपना अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कोतरी ने पूरे राज्य के सामने ग्रामीण स्वच्छता प्रबंधन का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। यहाँ कचरे को समस्या नहीं, बल्कि उचित निपटान और कम्पोस्टिंग के ज़रिए संसाधन में बदला जा रहा है।

    ​नुक्कड़ नाटक से जगाई स्वच्छता की अलख

          ग्राम पंचायत कोतरी के व्यावसायिक परिसर में आयोजित ‘सेवा, मेरा योगदान’ कार्यक्रम का सबसे आकर्षण केंद्र बिहान समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। अपनी सहज कला से दीदियों ने ग्रामीणों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने, रीसाइक्लिंग और कचरे से खाद (कम्पोस्ट) बनाने की कला सिखाई। दीदियों का संदेश सीधा था—स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का संस्कार है।

    ​वैज्ञानिक उपचार से पर्यावरण का जतन: एफएसटीपी प्लांट

           कोतरी गाँव की इस सफलता की रीढ़ यहाँ संचालित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) है। जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे सेप्टिक टैंकों के अपशिष्ट को विशेष वाहनों से एकत्र कर इस प्लांट में लाया जाता है, जहाँ वैज्ञानिक तकनीक से इसका सुरक्षित और हानिरहित उपचार होता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

    ​सामूहिक संकल्प और सम्मान

           कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता वॉलिंटियर बसंत भारती को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वच्छता किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने अपने गाँव को हमेशा स्वच्छ रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कोतरी गाँव में कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक उपचार और बिहान की दीदियों का जन-जागरूकता मॉडल यह साबित करता है कि जब समाज का हर वर्ग ‘सेवा मेरा योगदान’ के भाव से जुड़ता है, तो गाँव न सिर्फ स्वच्छ बनता है, बल्कि विकास की नई ऊँचाइयों को छूता है।

  • सेवा संकल्प अभियान में बाल अधिकारों पर जागरूकता, युवाओं को बताई 1098 हेल्पलाइन

    सेवा संकल्प अभियान में बाल अधिकारों पर जागरूकता, युवाओं को बताई 1098 हेल्पलाइन

    धमतरी में 'सेवा संकल्प अभियान'

     नगरी महाविद्यालय के युवाओं को दी गई बाल अधिकारों, साइबर सुरक्षा व '1098' हेल्पलाइन की जानकारी

    ​रायपुर

           ​सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जिला प्रशासन के निर्देश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
           ​कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और उनसे संबंधित कानूनों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को साइबर अपराध, बाल शोषण, लैंगिक हिंसा, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। डिजिटल सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने सलाह दी कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी या दस्तावेज किसी के साथ साझा न करें।
            ​इसके साथ ही विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए बने प्रमुख कानूनों, जैसे पॉक्सो (POCSO) एक्ट 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में 24 घंटे संचालित निःशुल्क आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या हिंसा को देखकर चुप न रहें, बल्कि तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
            ​इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों और शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर, जिला महिला संरक्षण अधिकारी,मिशन शक्ति समन्वयक,महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • अजय जामवाल और पवन साय हटाए गए, कर्मवीर बने CG के नए संगठन महामंत्री

    अजय जामवाल और पवन साय हटाए गए, कर्मवीर बने CG के नए संगठन महामंत्री

    रायपुर.

    भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को राष्ट्रीय सह महामंत्री और प्रदेश महामंत्री की नियुक्ति की है. शिवप्रकाश को आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के साथ छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) और कर्मवारी को छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है.

    इसके साथ ही पार्टी ने छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रहे राष्ट्रीय सह महामंत्री अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश महामंत्री (संगठन) और छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी है. इनके अलावा मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, पवन राणा को दिल्ली एवं हरियाणा तथा चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है. सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.

    कर्मवीर का अब तक का सफर
    बात करें प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर्मवीर मूलतः उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला के रहने वाले ने 1993 से संघ के प्रचारक जीवन का प्रारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म स्थली से किया था. तहसील प्रचारक, नगर प्रचारक रहे. इसके साथ उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सिकरी (आगरा) व अलीगढ़ महानगर प्रचारक एवं मथुरा जिला के जिला प्रचारक रहे. इसके बाद उत्तर प्रदेश के एटा, अलीगढ़ व बरेली विभाग के विभाग प्रचारक रहे. 2015 में मेरठ प्रांत (पश्चिम उत्तर प्रदेश) के सह प्रांत प्रचारक बने. 2019 में ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक के रूप में कार्य किया. 2020 से भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य किया. अगस्त 2022 से झारखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य कर रहे थे.

  • विकसित छत्तीसगढ़ की नींव बनेगी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन: लक्ष्मी राजवाड़े

    विकसित छत्तीसगढ़ की नींव बनेगी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन: लक्ष्मी राजवाड़े

    सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ -लक्ष्मी राजवाड़े 

    मंत्री, महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ शासन

        रायपुर
     विकास का अर्थ केवल नई सुविधाओं और अधोसंरचना का विस्तार नहीं है। विकास तब सार्थक होता है, जब एक महिला अपने भविष्य के निर्णय आत्मविश्वास से ले सके, एक मां को अपने बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता में सहयोग मिले और हर बच्चे को पोषण, शिक्षा तथा सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी मानवीय सोच को जनभागीदारी के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का अवसर है।

        प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उन परिवारों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

    महिलाओं का आत्मविश्वास ही समाज की शक्ति

        छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती रही हैं। आज वे अपनी मेहनत और प्रतिभा से उद्यमिता तथा सामाजिक नेतृत्व में भी नई पहचान बना रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने अनेक महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और परिवार के खर्च से जुड़े निर्णय लेने में संबल दिया है। किसी ने इस राशि से बचत शुरू की है, तो किसी ने इसे छोटे आजीविका प्रयासों का आधार बनाया है।

        स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी महिलाएं बचत, कौशल और उद्यम से जुड़ रही हैं। हमारा प्रयास है कि उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिलें। जब महिला आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेती है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार के जीवन पर पड़ता है।

    आँगनवाड़ी से जुड़ें परिवार और समुदाय

        एक स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती है। आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों के साथ परिवार और समुदाय का सहयोग भी जरूरी है। ‘हमारी आँगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ इसी साझा दायित्व की भावना को व्यक्त करता है।

        25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला ‘आँगन मिलन’’ इस भागीदारी को और मजबूत करेगा। इस दौरान अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आँगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जुड़ने, बच्चों के भोजन और स्वच्छता की व्यवस्था को समझने तथा पोषण पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। घर में बच्चों को क्या खिलाया जाए, भोजन में विविधता कैसे लाई जाए और स्वच्छता की अच्छी आदतें कैसे विकसित हों-इन विषयों पर संवाद पोषण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाएगा।
        
        पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बच्चे को उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविध आहार मिले, उसकी वृद्धि पर ध्यान दिया जाए और परिवार उसकी देखभाल में सक्रिय रहे-यह हम सबकी जिम्मेदारी है। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ का संदेश इसी सोच को हर घर तक ले जाने का आह्वान है।

    सुरक्षित बचपन के लिए साझा संकल्प

        हर बच्चे को भय और शोषण से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना केवल कानून के भरोसे नहीं किया जा सकता। परिवार, विद्यालय, पंचायत, आँगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा। बच्चों की बात सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आवश्यकता पड़ने पर समय से सहायता पहुंचाना सुरक्षित बचपन की दिशा में आवश्यक कदम हैं।

        सेवा संकल्प अभियान हमें याद दिलाता है कि सेवा का वास्तविक अर्थ लोगों तक पहुंचना और उनकी जरूरतों को समझना है। किसी मां को पोषण संबंधी सही जानकारी मिलना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना-यही इस अभियान की सार्थक उपलब्धियां होंगी।

        आइए, ‘आँगन मिलन’ से शुरू होने वाले संवाद और सहभागिता को निरंतर बनाए रखें। जब परिवार, समुदाय और शासन साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित, सुरक्षित बचपन के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ का आधार मजबूत होगा।

  • मत्स्य पालन से संवरी गांधीराम की ज़िंदगी

    मत्स्य पालन से संवरी गांधीराम की ज़िंदगी

    सेवा_ संकल्प_ अभियान

    मत्स्य पालन से संवरी गांधीराम की ज़िंदगी

     0.20 हेक्टेयर के तालाब से सालाना 100 क्विंटल उत्पादन, 8 लाख तक मुनाफा

    ​रायपुर,

            कहते हैं कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग हो, तो परिस्थितियां बदलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है जिले के ग्राम बरदूला निवासी श्री गांधीराम अजगल्ले ने। कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन-यापन करने वाले गांधीराम के लिए आज मछली पालन केवल आजीविका का जरिया नहीं, बल्कि परिवार की किस्मत बदलने वाला एक मजबूत जरिया बन चुका है।
       
    प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना ने दिखाया नया रास्ता

           गांधीराम की जिंदगी में यह सकारात्मक मोड़ 'प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना' के तहत आया। उन्होंने अपनी खुद की जमीन पर 0.20 हेक्टेयर जलक्षेत्र में 'तालाब लाइनर' का निर्माण कराया। 16.80 लाख रुपए की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें सरकार की ओर से 4 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिली इस शुरुआती मदद ने उन्हें स्वावलंबन का नया मार्ग दिखाया।

    ​उत्पादन और आय का नया कीर्तिमान

            तालाब तैयार होने के बाद गांधीराम ने पूरे लगन और नियमित प्रबंधन के साथ मत्स्य पालन की शुरुआत की। आज परिणाम यह है कि मात्र 0.20 हेक्टेयर के इस छोटे से जलक्षेत्र से वे प्रतिवर्ष औसतन 100 क्विंटल मछली का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में बिक्री के बाद तमाम खर्चे निकालकर उन्हें सालाना 5 से 8 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।

    ​आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

             योजना का लाभ मिलने से पहले गांधीराम का जीवन काफी संघर्षमय था। परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती थी। दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने मत्स्य पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाया। आज इस व्यवसाय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित हो चुका है।श्री गांधीराम अजगल्ले ने कहा कि योजना से मिले सरकारी सहयोग ने मेरे लिए कमाई का नया रास्ता खोल दिया। अब परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और आर्थिक रूप से एक बेहतर आधार तैयार हुआ है।

    ​सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई 'बदलाव की कहानी'

          राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ऐसी ही वास्तविक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जा रहा है, जो यह दर्शाती हैं कि शासकीय योजनाएं किस प्रकार आम नागरिक के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। गांधीराम अजगल्ले की यह सफलता की कहानी प्रदेश के उन तमाम युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से अपनी तकदीर बदलना चाहते हैं।

  • रजिस्ट्री हुई और नामांतरण भी, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े दफ्तर के चक्कर

    रजिस्ट्री हुई और नामांतरण भी, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े दफ्तर के चक्कर

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    रजिस्ट्री हुई और नामांतरण भी, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े दफ्तर के चक्कर

    ऑटोम्यूटेशन से संपत्ति पंजीयन के साथ आगे बढ़ी नामांतरण प्रक्रिया, समय और दौड़भाग से मिली राहत

    तकनीक से आसान हो रही पंजीयन सेवाएं, ऑनलाइन भुगतान से आधार प्रमाणीकरण तक बढ़ी सुविधा और पारदर्शिता

    रायपुर
    संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद यदि नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, तो नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया कितनी सहज हो सकती है, इसका अनुभव किसान श्री चंद्रशेखर निषाद ने किया। संपत्ति का पंजीयन कराने के साथ ही ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। इससे न केवल उनका समय बचा, बल्कि अलग से कार्यालय जाने की जरूरत भी नहीं पड़ी। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने इस बदलाव का अपना अनुभव साझा किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया में नागरिकों का समय बचाने के साथ अनावश्यक प्रक्रियाओं को कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों के जमीनी प्रभाव और उनके अनुभवों को भी जान रहा है।

    रजिस्ट्री के साथ नामांतरण ने बचाया समय

    श्री चंद्रशेखर निषाद ने बताया कि पहले संपत्ति के पंजीयन के बाद नामांतरण के लिए अलग प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी और इसमें समय भी लगता था। इस बार ऑटोम्यूटेशन की सुविधा से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। श्री निषाद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरा नामांतरण तुरंत हो गया। इससे मेरे समय की बहुत बचत हुई और मुझे अलग से कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।” ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था में संपत्ति के पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ने से नागरिकों को अलग से आवेदन और कार्यालयों में जाकर प्रक्रिया पूरी कराने की आवश्यकता कम हुई है। किसानों और आम नागरिकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है।

    आधार प्रमाणीकरण से पहचान सत्यापन हुआ मजबूत

    पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। पक्षकारों की पहचान के सत्यापन को अधिक मजबूत बनाने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा भी अपनाई गई है। इसके माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान सत्यापित करने में मदद मिलती है, जिससे गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका को कम करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में सहायता मिल रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन भुगतान, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाओं ने पंजीयन प्रक्रिया को और सहज बनाया है। नागरिक पंजीयन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग और यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों से कर सकते हैं।

    तकनीक ने घटाई प्रक्रिया, नागरिकों को मिली सहूलियत

    श्री चंद्रशेखर निषाद की कहानी बताती है कि पंजीयन व्यवस्था में तकनीक आधारित सुधारों का लाभ केवल रजिस्ट्री तक नहीं, बल्कि उससे जुड़ी आगे की प्रक्रियाओं में भी नागरिकों को मिल रहा है। ऑटोम्यूटेशन से नामांतरण की प्रक्रिया सहज होने से समय और अनावश्यक दौड़भाग दोनों कम हुए हैं।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान सामने आया उनका अनुभव नागरिक सेवाओं में तकनीक के उपयोग से आ रहे बदलाव की एक तस्वीर पेश करता है। रजिस्ट्री से लेकर नामांतरण तक प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने की पहल से संपत्ति पंजीयन का अनुभव अधिक सरल और सुविधाजनक बन रहा है।

  • स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी

    स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी

    स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी

    राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने 42 आकांक्षी शौचालयों सहित स्वच्छता व अपशिष्ट प्रबंधन की परियोजनाओं को दी स्वीकृति

    जीरो वेस्ट मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष जोर

    रायपुर
     शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49 करोड़ 66 लाख रुपए के 50 कार्यों को मंजूरी दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में हुई स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) की 13वीं बैठक में इन कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रालय में हुई बैठक में 42 आकांक्षी शौचालयों सहित सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों को मंजूरी दी गई। इन कार्यों से शहरों में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

    राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्वीकृत परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन की निगरानी के लिए परियोजना पर्यवेक्षण सलाहकार (PMC) की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। साथ ही अनुपचारित जल प्रबंधन के अंतर्गत 5 नगरीय निकायों से प्राप्त निविदा दरों से संबंधित प्रस्तावों पर भी आवश्यक स्वीकृतियां जारी की गईं। इससे इन निकायों में जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।

    स्रोत पर पृथक्करण से लेकर वैज्ञानिक प्रसंस्करण तक की कार्ययोजना

    बैठक में नगरीय क्षेत्रों में शून्य अपशिष्ट मॉडल को बढ़ावा देने और स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने विभिन्न नवाचारों पर चर्चा की गई। कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार आधारित मॉडल विकसित करने तथा उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

    समिति ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने और शहरों में सतत स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि इन परियोजनाओं का लाभ शीघ्र आम नागरिकों तक पहुंच सके। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि, भारत सरकार के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी ऑनलाइन एवं भौतिक रूप से बैठक में शामिल हुए।

  • दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल

    दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल

    दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल
     
    पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री ने नाचा के पुरोधा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य ‘नाचा’ को नई पहचान और विशिष्ट स्वरूप प्रदान करने वाले महान लोक कलाकार दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दाऊ मंदराजी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और नाचा की परंपरा को समृद्ध करने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दाऊ दुलार सिंह मंदराजी ने नाचा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उसे छत्तीसगढ़ के जनजीवन, लोकभाषा, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाले सशक्त लोकमंच के रूप में विकसित किया। उनका पूरा जीवन लोककला और कलाकारों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कलाकारों को संगठित कर ‘रैली रिगनी साज’ नाचा दल बनाया, जो छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी है।

    श्री अग्रवाल ने कहा कि दाऊ मंदराजी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की सहजता, हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों को नाचा के माध्यम से प्रभावी अभिव्यक्ति दी। उनके प्रयासों से नाचा को गांवों की सीमाओं से आगे व्यापक पहचान मिली और अनेक प्रतिभाशाली लोक कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का मंच प्राप्त हुआ।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक परंपराओं, लोककलाओं और लोक कलाकारों से है। दाऊ मंदराजी जैसे महान कलाकारों ने अपनी साधना से इन परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनके योगदान से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी की स्मृति में राज्य सरकार द्वारा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में ‘दाऊ मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाना भी उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को नमन करते हुए छत्तीसगढ़ की लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक उसके विस्तार का संकल्प लेते हैं।

    उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का जीवन यह संदेश देता है कि अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी लोक परंपराओं से जुड़कर भी कला को व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। छत्तीसगढ़ी नाचा के इस महान साधक की कला-साधना और योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।