Category: छत्तीसगढ़

  • योजना से बदला जीवन: नौनिहाल छात्रवृत्ति बनी बिलाईगढ़ की बेटी की उम्मीद

    योजना से बदला जीवन: नौनिहाल छात्रवृत्ति बनी बिलाईगढ़ की बेटी की उम्मीद

    रायपुर

    जब सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सही समय पर ज़रूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं बनतीं, बल्कि किसी के टूटते सपनों को जोड़ने का आधार बन जाती हैं। ऐसी ही एक उम्मीद भरी कहानी छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम झुमका विकासखंड बिलाईगढ़ से सामने आई है, जहाँ 'नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना' ने एक श्रमिक परिवार की बेटी की शिक्षा को नया संबल दिया है।

    ​सीमित साधन, असीमित सपने

    ग्राम झुमका की निवासी फुलेश्वरी साहू अपने परिवार के सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर जीवन में आगे बढ़ते देखना चाहती हैं। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अक्सर बच्चों की पढ़ाई लिखाई से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतें भी चिंता का कारण बन जाती थीं।

    ​छात्रवृत्ति से मिला सम्बल

      ​मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना इस परिवार के लिए तारणहार बनकर आई।
             ​योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक परिवार की पात्रता के आधार पर फुलेश्वरी साहू की बेटी को 3,000 रुपये की छात्रवृत्ति राशि सीधे प्रदान की गई। यह सहायता राशि बेटी की कॉपियों, किताबों और पढ़ाई की अन्य आवश्यक सामग्रियों को जुटाने में बेहद उपयोगी साबित हुई। 

    ​फुलेश्वरी साहू कहती हैं कि सरकार से मिली 3 हजार रुपये की यह मदद केवल एक राशि नहीं, बल्कि मेरी बेटी के उज्ज्वल भविष्य का सहारा है। इससे हमारा यह हौसला बढ़ा है कि आर्थिक तंगी चाहे जैसी भी हो, हमारी बेटी पढ़ाई जारी रखेगी और अपने सपनों को पूरा करेगी। इस सहयोग के लिए हम राज्य सरकार के हृदय से आभारी हैं।

    ​धरातल पर दिख रहा योजनाओं का असर     

    ​कलेक्टर  के निर्देशन में जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। संबंधित विभागों के माध्यम से पात्र श्रमिक परिवारों को चिन्हांकित कर उन्हें लगातार इन योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि शिक्षा और विकास की दौड़ में कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।        ​

    नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना आज प्रदेश के अनगिनत श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को पंख दे रही है और यह साबित कर रही है कि संवेदनशील सरकार का साथ हो, तो हर चुनौती आसान हो जाती है।

  • ‘सेवा मेरा योगदान’: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने 350 दिव्यांगजनों को वितरित किए सहायक उपकरण

    ‘सेवा मेरा योगदान’: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 350 दिव्यांगजनों को वितरित किए सहायक उपकरण

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को सिन्दूर पार्क में ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नशामुक्त भारत अभियान एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने 350 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप करीब 60 लाख रुपए की लागत के विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के जीवन को आसान बनाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को नशे और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने सिन्दूर पार्क में स्थायी एवं भव्य मंच निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि पार्क में उपयुक्त स्थान का चयन कर ऐसा मंच विकसित किया जाए, जिसका उपयोग विभिन्न आयोजनों में किया जा सके। इससे बार-बार अस्थायी मंच और टेंट लगाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा नागरिकों को कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।

    सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता का माध्यम : वित्त मंत्री  चौधरी

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना केवल सामग्री वितरण नहीं है, बल्कि उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग है। ट्राय सायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और ब्रेल किट जैसे उपकरण आवागमन, शिक्षा और रोजमर्रा के कार्यों में उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी आवश्यकता को समझना और उसे आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।

    नशे से दूर रहें युवा, अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और कौशल में लगाएं

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता को निरंतर समाज के बीच ले जाने की आवश्यकता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए। परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है कि नशे की ओर बढ़ रहे युवाओं को समय रहते सही दिशा प्रदान करें।

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता करते हुए ‘नशा सब कुछ नाश कर देता है। स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन हेतु नशामुक्ति अपनाएं’ का संदेश दिया। वित्त मंत्री  चौधरी सहित उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत की शपथ भी ली। इस अवसर पर नशे से दूर होकर सामान्य जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे प्रदीप पुरी गोस्वामी एवं गुरु चरण मिश्रा को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करें युवा

    वित्त मंत्री  चौधरी ने युवाओं को मोबाइल एवं सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल ज्ञान, जरूरी काम और संवाद का उपयोगी माध्यम है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग आदत में बदल सकता है। युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स पर आवश्यकता से अधिक समय बिताने के बजाय पढ़ाई, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार मोबाइल देखने से एकाग्रता, नींद, आंखों और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    स्वस्थ जीवनशैली के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता पर भी दें ध्यान

    वित्त मंत्री  चौधरी ने युवाओं से फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से बचने, पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने तथा नियमित योग-व्यायाम और व्यवस्थित दिनचर्या अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। कौशल और नई तकनीक की जानकारी के माध्यम से युवा स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं।

    उन्होंने रायगढ़ में युवाओं के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं कौशल विकास सुविधाओं का उल्लेख करते हुए प्रयास विद्यालय, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, नेचुरोपैथी कॉलेज, नव गुरुकुल और नालंदा परिसर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रिपल आईटी के सहयोग से रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    नशे के खिलाफ जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत :  देवेंद्र प्रताप सिंह

    राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूक करना जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य हैं। नशे के विरुद्ध प्रयासों को कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। परिवार, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।

    नगर निगम रायगढ़ के महापौर  जीवर्धन चौहान ने कहा कि नशे का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और परिवारों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

    350 दिव्यांगजनों को मिले करीब 60 लाख रुपए के सहायक उपकरण

    कार्यक्रम में 350 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप मोटराइज्ड ट्रायसायकल, सामान्य ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, डिजिटल श्रवण यंत्र, वॉकिंग स्टिक, एडजस्टेबल स्टिक, स्लेट केन, सुगम्य केन, ब्रेल किट, स्मार्टफोन, स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर, सीपी व्हीलचेयर तथा विभिन्न प्रकार के क्रच सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। हितग्राहियों का चिन्हांकन पूर्व में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में किया गया था। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के सहयोग से ये उपकरण उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में अमृता मालाकार, पुष्पा नायक, ईश्वर चौहान और विशाल नागवंशी को यूडीआईडी प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

    सहायक उपकरण मिलने से बढ़ी सुविधा, हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी

    ग्राम सेमरा निवासी टेकचंद मालाकार ने बताया कि ट्रायसायकल नहीं होने के कारण उन्हें आने-जाने और पढ़ाई के लिए अपने पिता पर निर्भर रहना पड़ता था। अब ट्रायसायकल मिलने से वे स्वयं आसानी से आवागमन कर सकेंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

    पुसौर विकासखंड के छिछोर उमरिया की आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता शंकर ने बताया कि उन्हें पहली बार ट्रायसायकल मिली है। इससे अब काम के सिलसिले में आने-जाने में काफी सुविधा होगी। उन्होंने ट्रायसायकल मिलने पर खुशी जताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में नगर निगम सभापति  डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एलिम्को एवं एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक और दिव्यांग हितग्राही उपस्थित रहे।

  • साइबर अपराधों से मुकाबले में युवा बनें ‘साइबर एम्बेसडर’ : वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

    साइबर अपराधों से मुकाबले में युवा बनें ‘साइबर एम्बेसडर’ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायपुर

    साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

     चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

    सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

    11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

    प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

    प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

    ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

    प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

    श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

    ‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

    समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

    फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

     चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

    सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

    11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

    प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

    प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

    ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

    प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

    श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

    ‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

    समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

    फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री  टंक राम वर्मा

    इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वर्णिम और आत्मनिर्भर भारत के सपने को आकार देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत बलौदाबाजार के वर्धमान स्कूल में शनिवार को जिला स्तरीय चित्रकला, रंगोली और भाषण प्रतियोगिता का रंगारंग आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक कूचियों के रंगों और ओजस्वी वाणी के शब्दों से "विकसित भारत" की एक जीवंत तस्वीर पेश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने प्रतिभागी विद्यार्थियों के हुनर की सराहना करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

     ​समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित यह माहव्यापी अभियान युवाओं और बच्चों में राष्ट्र निर्माण की अलख जगाने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। आज की मेहनत ही आने वाले कल के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को एक खुली पाठशाला बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन दर्शन से सीख लेकर हर वर्ग आगे बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाने की दिशा में हर स्तर पर प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है।

     ​प्रतियोगिता के परिणामों में प्रतिभा की अद्भुत चमक देखने को मिली। रंगोली प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 1ली से 8वीं) में निधि यादव ने पहला, पुष्पांजलि कन्नौजे ने दूसरा तथा गरिमा सोनकर ने तीसरा स्थान हासिल किया, वहीं वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9वीं से 12वीं) में रेखा प्रथम, दीपाक्षी पटेल द्वितीय और नंदिनी तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में सौम्या वर्मा, देविका वर्मा और प्रियांशु साहू ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में लाभा वर्मा ने बाजी मारी, रागिनी वास दूसरे और गीतिका गोस्वामी तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं चित्रकला के कनिष्ठ वर्ग में हिमांशी साहू प्रथम, कुसुम कोशले द्वितीय और विद्या साहू तृतीय स्थान पर रहीं, तथा वरिष्ठ वर्ग में तन्वी मलाकी ने पहला, सृष्टि सोनी ने दूसरा और साक्षी पूरेना ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

     ​इस आयोजन के दौरान राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने दिए निर्देश

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने दिए निर्देश

    रायपुर

    बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता प्रदान करने सहित उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर और दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को शिविरों की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद और विशेष रूप से आईईडी विस्फोटों की वजह से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों के पुनर्वास के लिए यह अभियान एक मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य संकल्प इन शिविरों के माध्यम से आईईडी पीड़ितों को हरसंभव सहायता, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन से हिंसा के दर्द और निशानों को हमेशा के लिए मिटाना है।  

     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि क्षेत्र का कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार की जाए, जिसमें आईईडी विस्फोट से प्रभावित दिव्यांगजनों का अलग से विवरण शामिल हो। उन्होंने शिविर स्थलों पर कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिंब), ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलिपर्स और श्रवण यंत्र जैसी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी हितग्राही के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही प्रमाणीकरण की सुविधा दी जाए, जिससे उपकरण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।  

     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों को "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत भव्य रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया कि प्रेस वार्ता, सोशल मीडिया और स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से इस सकारात्मक पहल का सघन प्रचार-प्रसार करें, जिससे दूर-दराज के जरूरतमंदों तक इसकी सूचना पहुंच सके। शिविरों में पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की सहायता के लिए स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों को तैनात करने के साथ-साथ उनके लिए सुगम परिवहन, भोजन और पेयजल के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उप मुख्यमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना पर बल देते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों में सुरक्षा का पूर्ण सत्यापन कर उन्हें "आईईडी-मुक्त ग्राम" घोषित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा जाए।  

    बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर तथा दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। कमिश्नर  डोमन सिंह ने एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री के समक्ष इन शिविरों की विस्तृत प्रशासनिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), संभाग के समस्त कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और स्वास्थ्य एवं नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

     कमिश्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला तीन दिवसीय शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 5 अक्टूबर को बस्तर, 6 अक्टूबर को नारायणपुर व कोंडागांव तथा 7 अक्टूबर को कांकेर जिले के चयनित हितग्राही शामिल होंगे। जगदलपुर शिविर के लिए कुल 2,953 हितग्राहियों को चिह्नित किया गया है। इसके पश्चात, 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा के पुलिस लाइन परिसर में शिविर आयोजित होगा, जहां दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के 846 हितग्राहियों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स व सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा।  

    इस शिविर की तैयारी पर प्रकाश डालते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शिविर स्थल पर आने वाले प्रत्येक दिव्यांगजन के लिए संबंधित जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क परिवहन एवं भोजन की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। हितग्राहियों को अपनी पहचान सुनिश्चित करने हेतु पहचान प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड की प्रति) और दो पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में जयपुर से आ रही विशेषज्ञ तकनीकी टीम नए उपकरणों के वितरण के साथ-साथ पुराने कृत्रिम अंगों की मरम्मत का कार्य भी करेगी। इसके अतिरिक्त, शिविर स्थल पर छाया, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण (जैसे बीपी व शुगर जांच) और सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए गए हैं। सभी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए जिला पंचायत सीईओ एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी सौंपी गई है।  इस अवसर पर कलेक्टर  आकाश छिकारा ने धरमपुरा में आयोजित किए जाने वाले शिविर के आयोजन के बारे में जानकारी दी, जिसमें बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और कांकेर जिले के लाभार्थी शामिल होंगे।

     इस अवसर पर कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  तन्मय खन्ना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मान, गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मान, गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रायगढ़ के राजापारा सेक्टर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इंदिरानगर-ए में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में वित्त मंत्री  चौधरी ने 3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सहायिकाओं और 3 मितानिनों को शाल, फल एवं सम्मान पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर 5 बच्चों ने बालगीत प्रस्तुत किए, वहीं दो हितग्राहियों ने शासकीय योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में 5 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा कार्यों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जरूरतमंदों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ ही लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी  अरुण पाण्डेय ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में और मजबूत किया जा रहा है। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में 7 अक्टूबर तक ये गतिविधियां जारी रहेंगी।

    इस अवसर पर महापौर  जीवर्धन चौहान,  अरुणधर दीवान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं मितानिनें उपस्थित रहीं।

  • गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर, नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

    गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर, नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

    रायपुर

    वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने शनिवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन, गोवर्धनपुर पुल, बेलादुला मरीन ड्राइव, रपटा-स्टॉप डैम तथा एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निर्माण कार्यों का मौके पर जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण की गति बढ़ाई जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल मौसम का अधिकतम उपयोग करते हुए तेजी से काम आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करें और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

    गोवर्धनपुर पुल की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

    गोवर्धनपुर पुल के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर वित्त मंत्री  चौधरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सेतु विभाग के इंजीनियरों को निर्माण कार्य के लिए मंथली टारगेट तय करने और हर महीने निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल निर्माण के साथ ही सड़क निर्माण और विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा, ताकि सभी संबंधित कार्य समन्वित रूप से पूरे हो सकें।

    मरीन ड्राइव में वॉकवे की संभावनाओं पर बनेगा प्लान

    बेलादुला मरीन ड्राइव में रपटा और स्टॉप डैम के निर्माण को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नदी के बीच वॉकवे विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने तथा मरीन ड्राइव की मुख्य सड़क और हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक कार्यों का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए।

    ऑक्सीजोन सहित अन्य परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

    राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन सहित अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री  चौधरी ने संबंधित विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

    निरीक्षण के दौरान महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त  बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग एवं एसईसीएल के अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, इंजीनियर, स्थानीय पार्षद एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

  • आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से विकसित होगा एआई इकोसिस्टम, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन

    आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से विकसित होगा एआई इकोसिस्टम, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन

    रायपुर

     रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की आधुनिक तकनीक से जोड़ने, इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिले में एआई एक्सीलेंस सेंटर विकसित किया जाएगा। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज संत पूज्य  प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित एक दिवसीय एआई कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर यह घोषणा की। ‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ थीम पर आयोजित कार्यशाला में 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से रायगढ़ में एआई से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित एआई एक्सीलेंस सेंटर में एआई से संबंधित गतिविधियों का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। जिले के चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को आईआईआईटी नया रायपुर के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर को युवाओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां एआई के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीक सीखने, उसका प्रयोग करने और अपने विचारों को नवाचार में बदलने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई और भविष्य की तकनीकों को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। नया रायपुर में सेमीकंडक्टर इकाई और डेटा सेंटर के क्षेत्र में विकसित हो रही संभावनाएं प्रदेश के तकनीकी परिदृश्य को नया विस्तार देंगी। एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के विकास से युवाओं के लिए कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।

    एआई यूनिकॉर्न पर सवाल का छात्र नैतिक ने दिया जवाब

    कार्यशाला के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए एआई में ‘यूनिकॉर्न’ के संबंध में सवाल पूछा। कक्षा 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने जवाब देते हुए बताया कि एआई तकनीक पर काम करने वाले किसी स्टार्टअप का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक हो जाने पर उसे ‘एआई यूनिकॉर्न’ कहा जाता है। वित्त मंत्री  चौधरी ने नैतिक के जवाब की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

    नई तकनीक को सीखें और उसका रचनात्मक उपयोग करें : सांसद  विजय बघेल

    दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एआई तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। युवाओं को इसकी जानकारी हासिल करने के साथ ही इसके सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं युवाओं को भविष्य की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत आईआईआईटी नया रायपुर के एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

    आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) ओ.पी. व्यास के नेतृत्व में एआई विशेषज्ञों की टीम ने प्रतिभागियों को एआई की वर्तमान क्षमताओं तथा शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, व्यवसाय, रोजगार और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से रायगढ़ की स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान में एआई आधारित तकनीकों की संभावनाओं को भी समझाया। यह कार्यशाला रायगढ़ में दीर्घकालिक एआई इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत रही।

    कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और चयनित प्रतिभागी उपस्थित रहे।

  • सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश

    सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश

    ​रायपुर   

     ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा के 25 वर्ष’ के उपलक्ष्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा खेलभांठा मैदान सारंगढ़ में एक विशाल नशा मुक्त भारत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।    

    ​कार्यक्रम की शुरुआत में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। इस प्रस्तुति में नशे के कारण व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का सजीव व संवेदनशील चित्रण किया गया। तत्पश्चात खेलभांठा मैदान से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, स्कूली बच्चों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नशामुक्ति के नारों के साथ जन-जन को जागरूक किया।          

    ​रैली के उपरांत मैदान में एकत्र प्रतिभागियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर विशाल मानव श्रृंखला बनाई और नशामुक्त भारत का संदेश बुलंद किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जनजागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।

  • धमतरी के धुमा में जिले के पहले मॉडल बालिका शौचालय का लोकार्पण

    धमतरी के धुमा में जिले के पहले मॉडल बालिका शौचालय का लोकार्पण

    ​रायपुर    

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ बालिका शिक्षा, स्वच्छता और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखते हुए धमतरी जिले में एक मिसाल कायम की गई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला में जिले के प्रथम सर्वसुविधायुक्त बालिका शौचालय का निर्माण कर इसका लोकार्पण 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंच द्वारा संपन्न इस लोकार्पण ने ग्रामीण अंचल में बेटियों के सम्मान, निजता और गरिमा को संवर्धित करने का एक सशक्त संदेश दिया है।        

    ​नव-निर्मित बालिका शौचालय परिसर को विशेष रूप से आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है, जिसकी मुख्य दीवार पर 'मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान' का संदेश उकेरा गया है। लोकार्पण समारोह के दौरान जब स्कूल की नन्हीं बालिकाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर इस संदेश को एक पंक्ति में प्रदर्शित किया, तो संपूर्ण वातावरण भावुक और प्रेरणादायी बन उठा। 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी-जी रामजी योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 4.30 लाख रुपए की राशि से निर्मित यह परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि बेटियों के लिए एक सुरक्षित और सहज माहौल तैयार करने का ठोस प्रयास है।

    ​लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर के दायरे में विकसित इस आधुनिक शौचालय में बालिकाओं की हर व्यावहारिक और सूक्ष्म आवश्यकता का ध्यान रखा गया है। परिसर में अलग शौचालय कक्ष, पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ रनिंग वॉटर, वॉश एरिया, सेनेटरी नैपकिन डिस्पोजल और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैम्प की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्राथमिक स्तर पर ही ऐसी मूलभूत और स्वच्छ सुविधाओं की उपलब्धता से न केवल बालिकाओं में स्वच्छता की आदतों का विकास होगा, बल्कि स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्रॉप-आउट दर को रोकने में भी यह मील का पत्थर साबित होगा।      

    ​इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि धुमा पंचायत में निर्मित यह बालिका शौचालय जिले के लिए एक मॉडल है।बच्चों का स्वास्थ्य, निजता और स्वच्छता सीधे उनके आत्मसम्मान से जुड़ी होती है, और प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी कि आवश्यकतानुसार जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भी ऐसे मानव-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाए। धुमा पंचायत का यह संवेदनशीलता से भरा प्रयास पूरे राज्य के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।