Category: छत्तीसगढ़

  • राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी

    राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी

    रायपुर

     राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा। 👇

  • लखपति दीदी बन गढ़ रही आत्मनिर्भरता की राह

    लखपति दीदी बन गढ़ रही आत्मनिर्भरता की राह

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव बन रहा है। विष्णु देव साय की सरकार महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार, तकनीक, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी कर प्रदेश की महिलाओं को रक्षाबंधन के पूर्व राखी का विशेष उपहार दिया गया है। यह पहल महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ उस विश्वास को भी मजबूत करती है कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

    महतारी वंदन योजना: आर्थिक संबल का आधार

        महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की पात्र महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा का एक नया आधार तैयार किया है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आवश्यकताओं में भी योगदान दे पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर 31वीं किस्त का उपहार महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दर्शाता है। आर्थिक सहायता का यह क्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

    लखपति दीदी: कमाई के साथ बढ़ता आत्मविश्वास

    राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में लखपति दीदी की योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, छोटे व्यवसाय और अन्य आयमूलक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार के आर्थिक निर्णयों में उसकी भागीदारी भी मजबूत होती है।

    ड्रोन दीदी: आसमान छूते सपने

        आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रही हैं। ड्रोन दीदी जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में सेवाओं के माध्यम से आय के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो महिलाएं कभी खेतों में परंपरागत तरीके से काम करती थीं, वे अब तकनीक का प्रशिक्षण लेकर ड्रोन संचालन जैसी आधुनिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। यह बदलाव महिला सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर को सामने लाता है। इन महिलाओं के देखकर अन्य महिलाएं भी प्रेरित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। 
    ई-रिक्शा दीदी: रोजगार की नई राह

    महिलाओं को पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़ाकर नए क्षेत्रों में अवसर देने की दिशा में ई-रिक्शा दीदी जैसी पहल भी उल्लेखनीय है। ई-रिक्शा के माध्यम से महिलाएं परिवहन क्षेत्र में रोजगार का नया अवसर प्राप्त कर सकती हैं और अपनी आय का साधन विकसित कर सकती हैं। यह पहल महिला को केवल रोजगार नहीं देती, बल्कि उसे स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी देती है।

    स्व-सहायता समूहों से मजबूत हो रही महिलाओं की भागीदारी

        महिला सशक्तिकरण की इस यात्रा में स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, प्रशिक्षण, ऋण, उत्पादन और बाजार से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं। आज महिला केवल किसी योजना की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार की अर्थव्यवस्था, गांव की अर्थव्यवस्था और प्रदेश के विकास की सक्रिय भागीदार बनने की ओर बढ़ रही है।

    सहायता से आत्मनिर्भरता तक

        विष्णु देव साय सरकार की महिला-केंद्रित पहलों को एक साथ देखें तो इनका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना दिखाई देता है।

    महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल देती है,

    ड्रोन दीदी तकनीक से जोड़ती है,

    लखपति दीदी आय बढ़ाने का अवसर देती है,

    और ई-रिक्शा दीदी रोजगार की नई राह खोलती है।

        इन पहलों से महिला सशक्तिकरण का एक व्यापक स्वरूप सामने आता हैकृजहां महिला सहायता प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास की नेतृत्वकर्ता बन रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त का उपहार इसी विश्वास को और मजबूत करता है कि प्रदेश की आधी आबादी को मजबूत किए बिना छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की कल्पना पूरी नहीं हो सकती।

    महिला मजबूत होगी, परिवार मजबूत होगा।

    परिवार मजबूत होगा, तो छत्तीसगढ़ और मजबूत होगा।

    महतारी सदन: गांवों में महिलाओं के लिए सशक्त मंच

        प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में महतारी सदन एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे एकजुट होकर अपने सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकें। महतारी सदन महिलाओं के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि संगठन, संवाद, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यहां महिलाएं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों, प्रशिक्षण, आजीविका और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित कर सकती हैं। इससे गांव की महिलाओं को अपने मुद्दों पर चर्चा करने, सामूहिक निर्णय लेने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच मिलता है।

        महतारी सदन में हॉल, किचन, स्टोर, कार्यालय कक्ष तथा दुकान संचालन के लिए पृथक स्थान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस सदन में महिलाओं के प्रशिक्षण, बैठकों, उत्पादन, विपणन एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक स्थायी और सुसज्जित स्थल के रूप में उपयोगी साबित होगा। महतारी सदन गांव की माताओं-बहनों के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होगा। इसके माध्यम से महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों तथा विभिन्न आर्थिक कार्यों के संचालन के लिए स्थायी, सुविधाजनक और बेहतर स्थान उपलब्ध हो रहा है। राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 481 महतारी सदनों की स्वीकृति दी गई है।

    यही है विष्णु देव साय की सरकार में महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर-सुरक्षा से सम्मान, सहायता से स्वावलंबन और स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़।

  • बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने उपहार भेंट कर जताया स्नेह

    बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने उपहार भेंट कर जताया स्नेह

    रायपुर

    रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।

    ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।

    पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात

    मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।

    महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

    महतारी वंदन ने बहनों को दिया आर्थिक आत्मविश्वास

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

    उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना सरकार का व्यापक उद्देश्य है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें आज अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

    शासन की सेवाएं अब और आसान, समाधान भी तेज

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरलता और पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक शासकीय सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।

    उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।

    महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को अपने स्वरोजगार और आजीविका संबंधी कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर सृजित होंगे।

    बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना

    कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

    स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख

    मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।

    पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं मुख्यमंत्री : गोमती साय

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय ने उपस्थित माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।

    मती गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव मती गोमती साय, कलेक्टर  रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

  • CG में बिजली कनेक्शन की eKYC अनिवार्य, 1 सितंबर से आधार और बिल में नाम मिलाना होगा जरूरी

    CG में बिजली कनेक्शन की eKYC अनिवार्य, 1 सितंबर से आधार और बिल में नाम मिलाना होगा जरूरी

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी। इसमें केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल सहित बिजली कनेक्शन की सभी श्रेणियां शामिल रहेंगी।

    ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान और बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी का आधार से सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए बिजली कनेक्शन के अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम का शत-प्रतिशत मिलान होना जरूरी होगा। नाम में अंतर होने पर ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को पहले बिजली कंपनी के अभिलेख में नाम का सुधार या आवश्यकतानुसार नाम परिवर्तन कराना होगा। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी शुरू कराने से पहले अपने दस्तावेजों में दर्ज नाम की जांच करने की अपील की है।

    घर बैठे भी करा सकेंगे ई-केवाईसी
    उपभोक्ता मोर बिजली एप के माध्यम से घर बैठे आधार प्रमाणीकरण कर सकेंगे। इसके लिए अलग से बिजली कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आने पर संबंधित वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर भी ई-केवाईसी कराई जा सकेगी। कार्यालयों में अधिकृत कर्मचारी प्रकाश एप के ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से सत्यापन करेंगे। मीटर रीडरों को भी उपभोक्ताओं से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

    नाम अलग है तो पहले कराएं सुधार
    ई-केवाईसी कराने से पहले उपभोक्ताओं को आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम की जांच करनी होगी। दोनों दस्तावेजों में नाम समान होने पर ही प्रमाणीकरण सफल होगा। यदि नाम में वर्तनी, पूरा नाम, उपनाम या अन्य किसी प्रकार का अंतर है तो पहले बिजली कंपनी के कार्यालय में आवेदन देकर अभिलेख में सुधार कराना होगा। इसके बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

  • विगत एक सप्ताह में लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

    विगत एक सप्ताह में लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

    भोपाल 

    पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है । इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स, डोडाचूरा, गांजा, स्मैक एवं चरस जब्त कर लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक कीमत की संपत्ति जप्त की है।

    प्रमुख कार्यवाही
    रतलाम

    पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ करते हुए बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स एवं डोडाचूरा बरामद किया। थाना कालूखेड़ा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए 2.495 किलोग्राम एमडी ड्रग्स एवं तस्करी में प्रयुक्त हुंडई क्रेटा कार सहित लगभग 2 करोड़ 70 लाख रुपए की संपत्ति की है। थाना बिलपांक पुलिस ने 106.47 किलोग्राम डोडाचूरा से भरा कंटेनर जब्त करते हुए लगभग 30 लाख रुपए की संपत्ति जप्त की है। थाना जावरा शहर पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर 28.46 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख 80 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। एक अन्य कार्यवाही में थाना पिपलौदा पुलिस ने 20 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित 2 लाख 40 हजार रूपये की संपत्ति जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार जिले में पुलिस ने लगभग 3 करोड़ 4 लाख रूपये से अधिक के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्त की है।

    छिंदवाड़ा

    पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम ने ग्राम तेंदनीमाल मेन हाईवे रोड पर नाकाबंदी कर एक कंटेनर एवं टाटा सफारी कार से लगभग 320.8 किलोग्राम अवैध गांजा, 01 लोडेड पिस्टल एवं 05 जिंदा कारतूस, 08 मोबाइल फोन तथा 24,090 रुपये नगद सहित लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।पुलिस ने दोनों वाहनों में सवार 07 शातिर तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

    नीमच

    पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करते हुए थाना सिंगोली से 325 किलो 140 ग्राम डोडाचूरा, कीमत 32 लाख 51 हजार रुपए , थाना मनासा के दो प्रकरणों में 117.54 किलोग्राम डोडाचूरा, कीमत 17 लाख 63 हजार रुपए , थाना नीमच सिटी से 40 किलोग्राम डोडाचूरा, कीमत 6 लाख रुपए तथा थाना जावद से 20 ग्राम एमडी एवं 12 किलोग्राम डोडाचूरा, कीमत 2 लाख 36 हजार रूपये का जब्त किया। इस प्रकार इन कार्रवाइयों में लगभग पुलिस ने लगभग 58 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्त करआरोपियों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए।

    उज्जैन

    उज्जैन के थाना चिमनगंज मंडी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 53.372 किलोग्राम अवैध गांजा, बिना नंबर की कार एवं 5,300 नगद सहित लगभग 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    जबलपुर

    जबलपुर क्राइम ब्रांच, खमरिया एवं ग्वारीघाट पुलिस की संयुक्त कार्रवाइयों में 23 किलो 845 ग्राम गांजा जब्त कर लगभग 11 लाख 92 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामलों में आरोपियों के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

    बालाघाट

    बालाघाट के चांगोटोला थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा के दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 22.290 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 11 लाख 14 हजार है, जब्त किया गया।

    नरसिंहपुर

    पुलिस ने थाना कोतवाली एवं करेली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 65.20 ग्राम स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपए है, जब्त की है।

     ग्वालियर

    बेलगढ़ा पुलिस ने पुलिया पर वाहन चेकिंग के दौरान बोलेरो सवार दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 57.600 किलोग्राम अवैध गांजा, कीमत लगभग 6 लाख रुपए तथा तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन जब्त किया गया।

    इंदौर

    इंदौर के तेजाजीनगर पुलिस ने नशे के सौदागर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 502 ग्राम अवैध चरस, तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 6 लाख रुपए की संपत्ति जप्त की है।

    पन्ना

    जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 किलो 135 ग्राम गांजा, परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल सहित लगभग 2 लाख 50 हजार की संपत्ति जब्त की है।

    कटनी

    कटनी पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुड़वारा रेलवे स्टेशन के पास से 18.748 किलोग्राम गांजा, कीमत 1 लाख 85 हजार, के साथ हरियाणा के एक तस्कर को गिरफ्तार किया। बड़वारा पुलिस ने 1 किलो 872 ग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त टीवीएस स्टार सिटी मोटरसाइकिल जब्त की। वहीं पिपरिया कला क्षेत्र में 2 किलो 258 ग्राम गांजा, कीमत लगभग 22 हजार रुपए का जब्त कर आरोपी के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

    मंदसौर

    मंदसौर पुलिस के थाना वायडी नगर द्वारा कार्रवाई करते हुए पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर 67.38 किलोग्राम डोडाचूरा, कीमत लगभग 2 लाख रुपए जब्त किया गया। वहीं थाना नारायणगढ़ पुलिस ने स्विफ्ट कार से 100 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध , कार्यवाही लगातार जारी है। पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क, परिवहन के साधनों एवं कारोबार में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध निरंतर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

     

  • पशु आहार संयंत्र से बढ़ी आजीविका, रोजगार के साथ मिली नियमित आमदनी

    पशु आहार संयंत्र से बढ़ी आजीविका, रोजगार के साथ मिली नियमित आमदनी

    रायपुर

     राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राखी के अवसर पर श्लखपति दीदियोंश् की यह सफलता राज्य में महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी बयां कर रही है। 

    समूह की दीदियां संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का कर रही हैं गुणवत्तापूर्ण निर्माण

     पशु आहार संयंत्र (ब्ंजजसम थ्ममक च्संदज) की स्थापना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। समूह की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर गांव में बिलासा पशु आहार संयंत्र का संचालन शुरू किया है। समूह की दीदियां खुद ही इस संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जा रहा है। संयंत्र संचालन, मशीनरी ऑपरेटर, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और गुणवत्ता जांच (फनंसपजल ब्वदजतवस) के लिए तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।

    संयंत्र की मुख्य विशेषताएं और उपलब्धियां

     छोटे या मध्यम स्तर का पशु आहार प्लांट शुरू करके कम लागत में मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संयंत्र में फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर, फीड पैलेट और फीड क्रम्बल मशीनें जैसे आधुनिक मशीनों को स्थापित की गई हैं। समूह की दीदियां खुद ही संयंत्र संचालन, आहार निर्माण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) का पूरा काम संभाल रही हैं, जिसमें महिलाओं की पूर्ण भागीदारी है। स्थानीय स्तर पर ही पशु व पक्षी आहार उपलब्ध होने से ग्रामीण पशुपालकों और कुक्कुट पालकों के समय तथा परिवहन खर्च में भारी बचत हो रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को नियमित आय प्रदान कर रही है, बल्कि गांव की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।

    विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बिहान योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। अकलतरी गांव का यह सफल प्रयास अन्य महिला समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

  • ‘कांग्रेस बच्चों को उकसाकर करा रही प्रदर्शन’, CG के शिक्षा मंत्री का आरोप

    ‘कांग्रेस बच्चों को उकसाकर करा रही प्रदर्शन’, CG के शिक्षा मंत्री का आरोप

    रायपुर.

    दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट परीक्षा लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसका प्रभाव दिख रहा है. Gen-Z के बाद, अच्छी शिक्षा, टीचरों की कमी जैसे मुद्दे पर पर अब Gen Alpha सड़कों पर उतर आए हैं.

    प्रदेशभर में स्कूली बच्चों के प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को उकसा कर कांग्रेस  प्रदर्शन करवा रही है. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अलग-अलग जिलों से सामने आ रहे स्कूली छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के कारण यह प्रदर्शन हो रहे हैं. बच्चों को आगे कर कांग्रेस पार्टी प्रदर्शन कर रही है. सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है. 

    कांग्रेस जनित प्रदर्शन : मंत्री गजेंद्र यादव
    मंत्री गजेंद्र स्कूली छात्रों के प्रदर्शन को कांग्रेस जनित प्रदर्शन करार दिया और कहा कि सरकार प्रदेशभर में 8 हजार शौचालय का निर्माण करने वाली है. कांग्रेस श्रेय की राजनीति कर रही है. बच्चों को उकसा कर उनसे प्रदर्शन करवाया जा रहा है.

    कांग्रेस में लड़ाई नई बात नहीं
    युवा कांग्रेस चुनाव पर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस मामले में मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस में लड़ाई नई बात नहीं है. भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच लड़ाई शुरू से है. इस बार भी नीचा दिखाने के लिए एक दूसरे खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

    भाजपा में लगातार बैठक होती है : मंत्री गजेंद्र
    भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हो रही मैराथॉन बैठकों को लेकर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा दिया कि बीजेपी में लगातार काम काज को लेकर बैठक होती है. लगातार प्रभार जिलों में भी बैठक करते हैं. समस्याओं को निराकरण करने का प्रयास करते हैं.

  • CG में मांस-मटन विक्रेताओं के लिए जरूरी खबर, सितंबर के 7 दिन बंद रहेंगी दुकानें

    CG में मांस-मटन विक्रेताओं के लिए जरूरी खबर, सितंबर के 7 दिन बंद रहेंगी दुकानें

    रायपुर.

    सितंबर महीने में शहर में सात प्रमुख पर्वों के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री और परोसने पर रोक लगाई गई है. महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को नगारीय प्रशासन विभाग के आदेश अनुरूप इस आशय का निर्देश जारी कर दिया है.

    नगर निगम सीमा क्षेत्र में निर्धारित पों के दौरान पशुवध गृहों के साथ सभी मांस-मटन विक्रय केंद्रों को बंद रखना अनिवार्य होगा. 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व, 7 सितंबर पर्यूषण का प्रथम दिन और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 15 तारीख पर्यूषण का अंतिम दिवस, 22 सितंबर डोल ग्यारस, 25 सितंबर के अनंत चर्तुदशी पर्व के कारण शहर में मांस-मटन का विक्रय और रेस्टोरेंट और होटल में परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

    इसी तरह 26 सितंबर को पर्यूषण पर्व में संवत्सरी और उत्तम क्षमा की तिथि पर पशुवध गृह, मांस-मटन की दुकानें बंद रखी जाएंगी. उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.

  • CG में इंजीनियरिंग प्रवेश का नया मौका, खाली सीटों पर सीधे दाखिला मिलेगा

    CG में इंजीनियरिंग प्रवेश का नया मौका, खाली सीटों पर सीधे दाखिला मिलेगा

    भिलाई नगर.

    इंजीनियरिंग में प्रवेश से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने एक और मौका दिया है। तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के यूटीडी में सत्र 2026-27 के लिए रिक्त सीटों पर यूनिवर्सिटी लेवल स्पॉट राउंड एडमिशन आयोजित किया जाएगा।

    खास बात यह है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह फिजिकल रिपोर्टिंग के आधार पर होगी और चयन जेईई मेन्स 2026 के स्कोर कार्ड के आधार पर किया जाएगा। वहीं बीटेक (ऑनर्स) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों के लिए 31 अगस्त से 12 सितंबर तक स्पॉट राउंड चलेगा। इसमें रविवार और अवकाश के दिनों को शामिल नहीं किया गया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई में उपस्थित होकर पंजीयन कराना होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के एडमिशन सेल, बेसमेंट विश्वेश्वरैया भवन यूटीडी-1 में रिपोर्ट करना होगा। यूटीडी में स्पॉट राउंड के तहत छात्र – छात्राओं को बीटेक (ऑनर्स) कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ( डेटा साइंस), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा सिविल इंजीनियरिंग में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

    स्पॉट राउंड में प्रत्येक कार्य दिवस पर प्रवेश
    प्रक्रिया तय समय-सारिणी के अनुसार होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक एडमिशन फॉर्म भरने एवं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी। इसके बाद दोपहर 1.30 बजे मेरिट सूची प्रदर्शित की जाएगी। मेरिट के आधार पर चयनित छात्रों का दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवेश किया जाएगा।
    जेईई मेंस स्कोर होगा चयन का आधार : बीटेक पाठ्यक्रमों में चयन जेईई मेंस 2026 के आधार पर होगा। अभ्यर्थी के पास वैध जेईई मेन्स 2026 स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है। साथ ही 10 प्लस 2 परीक्षा उत्तीर्ण होना तथा एआईसीटीई एवं विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों के अनुसार मुख्य विषयों में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। सीटों का आवंटन एवं पात्रता संबंधी अन्य नियम विश्वविद्यालय तथा लागू काउंसलिंग नियमों के अनुसार होंगे।

  • बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की

    प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

    रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन

    तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित

    ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

    बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बलरामपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

    मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

    छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

    शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

    सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम

    ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।

    बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

    मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।

    संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

    इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।