Category: छत्तीसगढ़

  • ‘बिजली का निजीकरण नहीं…’, CM विष्णु देव साय बोले- कांग्रेस फैला रही भ्रम

    ‘बिजली का निजीकरण नहीं…’, CM विष्णु देव साय बोले- कांग्रेस फैला रही भ्रम

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है, और इस संबंध में जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को बिजली के निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी रूटीन प्रक्रिया का अर्थ यह कतई नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह इस विषय में भी दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रही है। प्रदेशवासियों को ऐसे भ्रामक प्रचार से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।

    दीपक बैज ने जताई थी आपत्ति
    बता दें कि पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ बिजली वितरण में निजी भागीदारी पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि एक निजी कंपनी ने राजधानी में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस मांगी है. इससे यह स्पष्ट हो रहा कि सरकार निजी कम्पनियों को लाइसेंस देकर बिजली में भारी वसूली उपभोक्ताओं से करने वाली है. कांग्रेस इसका हर मोर्चे पर विरोध करेगी.

  • नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम! बस्तर में डंप से 2 टिफिन बम समेत विस्फोटक बरामद

    नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम! बस्तर में डंप से 2 टिफिन बम समेत विस्फोटक बरामद

    सुकमा.

    जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में सर्चिग पर निकले सुरक्षाबलों ने ग्राम बेलपोच्चा से गोमपाड़ जाने वाले मार्ग के समीप जंगल और पहाड़ी इलाके में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप से दो टिफिन बम समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की।

    दोनों टिफिन बम वायर रहित अवस्था में मिले हैं, जिनका कुल वजन करीब 8 किलो है। पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली इंटेलिजेंस के आधार पर बेलपोच्चा-गोमपाड़ मार्ग के आसपास नक्सली डंप होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 30 अगस्त को जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिग अभियान शुरू किया। रविवार की सुबह करीब 11 बजे जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिग के दौरान जवानों को संदिग्ध डंप मिला। जांच करने पर इसमें विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों के उपयोग में आने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई।

    इनमें 5 किलो और 3 किलो वजन के दो टिफिन बम, कुल 8 किलो, शामिल हैं। इसके अलावा 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन, एक बंडल फ्यूज वायर और तीन बंडल बिजली वायर भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि टिफिन बम वायर रहित अवस्था में थे। डंप से दो स्टील टिफिन, दो प्लास्टिक डस्टबिन, एक बैटरी समेत अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री भी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार प्लास्टिक डस्टबिन में बिजली वायर भरा हुआ था। बरामद सामग्री को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की तैयारी, CG में खेतों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

    कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की तैयारी, CG में खेतों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

    जगदलपुर.

    बस्तर संभाग में खेती से जुड़े आंकड़ों को अब तकनीक के जरिए ज्यादा सटीक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खेत की जियो-लोकेशन के साथ बोई गई फसल और उसके रकबे का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

    संभाग के सात जिलों में अब तक धान का कुल रकबा 1,54,488.179 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। इसमें कांकेर 66,571.341 हेक्टेयर के साथ सबसे आगे है। कोंडागांव में 34,489.070 और बस्तर में 30,522.286 हेक्टेयर धान का रकबा दर्ज है। बीजापुर में 9,886.216, सुकमा में 5,846.649 हेक्टेयर धान दर्ज किया गया है। वहीं नारायणपुर में 5,062.022 और दंतेवाड़ा में 2,110.595 हेक्टेयर रकबा दर्ज हुआ है। डिजिटल सर्वे से कागजों में दर्ज आंकड़ों और खेत की वास्तविक स्थिति का अंतर सामने लाने में मदद मिलेगी।

    फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान का आकलन और फसल बीमा का दावा भी अधिक सटीक हो सकेगा। सरकार को खाद, बीज, राहत और कृषि योजनाओं की योजना बनाने में वास्तविक आंकड़े मिल सकेंगे। तकनीक आधारित यह व्यवस्था कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ किसानों तक योजनाओं की पहुंच बेहतर करने में मदद कर सकती है।

    डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू
    छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि और फसलों से जुड़ा रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) अभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति और कृषि भूमि से संबंधित सटीक जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। सर्वे के दौरान मोबाइल ऐप और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्वेयर खेतों में पहुंचकर फसल की फोटो मोबाइल ऐप पर अपलोड कर रहे हैं, जिससे फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इस अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भी की गई है। यहां पारंपरिक मैन्युअल गिरदावरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। जिले में 17 अगस्त 2026 से शुरू हुए अभियान के तहत 176 ग्रामों के कुल 55 हजार 638 खसरों/प्लॉटों का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में सर्वे का काम पूरा कर कृषि और राजस्व रिकॉर्ड को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है।

  • बिजली बिल बकाया रखने पर सख्ती, CG के सरकारी विभागों में प्रीपेड सिस्टम अनिवार्य

    बिजली बिल बकाया रखने पर सख्ती, CG के सरकारी विभागों में प्रीपेड सिस्टम अनिवार्य

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में 1 अगस्त 2026 से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने के बाद पावर वितरण कंपनी ने पुराने बकाया की वसूली तेज कर दी है। सरकारी विभागों पर जून 2026 तक 3035.37 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।

    इसमें करीब 85% यानी 2582.74 करोड़ रुपए केवल नगरीय प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर हैं। वसूली के लिए कंपनी ने नगरीय निकाय से जुड़े स्ट्रीट लाइट, पानी की टंकियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। बिलासपुर नगर निगम में दो दिन पहले कुछ कनेक्शन काटे गए। हाउसिंग बोर्ड पर भी बकाया चुकाने का दबाव बनाया गया है। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड ने कॉलोनियों के रहवासियों को पानी और सफाई शुल्क जमा करने के नोटिस जारी किए हैं।
    नगरीय निकायों पर 1525 करोड़ बकाया
    पावर कंपनी ने प्रदेश के 65 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए हैं। हालांकि, प्रीपेड व्यवस्था अभी ब्लॉक और उससे ऊपर के स्तर के सरकारी दफ्तरों में ही लागू की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इसे लागू करने का निर्णय फिलहाल नहीं हुआ है।
    सरकारी विभागों के कुल 1,57,341 कनेक्शनों पर 3035.37 करोड़ रुपए बकाया हैं। इनमें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 19,060 कनेक्शनों पर सबसे ज्यादा 1525.18 करोड़ रुपए बाकी हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 57,075 कनेक्शनों पर 1057.56 करोड़ रुपए का बकाया है।
    क्या कहता है नियम
    सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय भी आम लोगों की तरह बिजली कंपनी के उपभोक्ता हैं। बिल नहीं भरने पर इन पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56 और छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड के अध्याय- 10 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नियत तारीख तक पूरा बिल जमा नहीं होने पर 15 दिन का नोटिस देकर कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा जा सकता है। इसके लिए अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है।
    पुराने बकाये का चार किस्तों में भुगतान
    नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने सभी निकायों को बकाया 4 समान किस्तों में चुकाने के निर्देश दिए हैं। प्रीपेड मीटर का नियमित रिचार्ज करने को कहा है। निकायों को हर महीने 5 तारीख तक सूडा को रिचार्ज, बकाया भुगतान, निर्देशों के पालन का ब्यौरा देना होगा।
    विभाग    कनेक्शन    बकाया (करोड़ ₹)
    नगरीय प्रशासन एवं विकास    19,060    1,525.18
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास    57.075    1,057.56
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी    482    111.42
    स्कूल शिक्षा    36,304    83.39
    वन एवं जलवायु परिवर्तन    3,399    40.70
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण    5.264    32.56
    एसटी, एससी एवं पिछड़ा वर्ग    2,802    30.95
    महिला एवं बाल विकास    21,978    28.57
    जल संसाधन    1,595    28.47
    आवास एवं पर्यावरण    608    23.30
    शेष 32 विभाग    8.774    72.41
    कुल    1,57,341    3,035.37

  • सूरज की रोशनी बनी बचत का जरिया, बुद्धिमंत पटारी का बिजली बिल शून्य

    सूरज की रोशनी बनी बचत का जरिया, बुद्धिमंत पटारी का बिजली बिल शून्य

    रायपुर

    स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सुकमा जिले के कुम्हाररास निवासी बुद्धिमंत पटारी के परिवार ने एक मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगने के बाद परिवार का हर महीने आने वाला 3,000 से 4,000 रुपये तक का बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो गया है। सौर ऊर्जा ने न केवल घर को रोशन किया, बल्कि परिवार को बड़ी आर्थिक राहत भी दी है।

    बुद्धिमंत पटारी के परिवार के लिए यह बदलाव किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। पहले हर माह बिजली बिल में खर्च होने वाली हजारों रुपये की राशि अब बचत के रूप में परिवार के काम आ रही है। इस बचत से घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने का अवसर भी मिल रहा है।

    सौर ऊर्जा को अपनाना परिवार के लिए इसलिए भी आसान हुआ क्योंकि केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। सरकारी सहायता ने सोलर रूफटॉप सिस्टम की लागत का बोझ कम किया और परिवार को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    बुद्धिमंत पटारी का अनुभव यह संदेश देता है कि सौर ऊर्जा केवल बिजली बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी रास्ता भी है। सुकमा में यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते उपयोग की प्रेरक तस्वीर पेश कर रही हैकृसूर्य की रोशनी से घर रोशन हो रहा है, बिजली खर्च घट रहा है और बचत का उजाला भविष्य को संवार रहा है।

  • करोड़ों की रॉयल्टी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई तिरपाल के नीचे; SDM ने किया निरीक्षण

    करोड़ों की रॉयल्टी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई तिरपाल के नीचे; SDM ने किया निरीक्षण

    दुर्गूकोंदल

     करोड़ों रुपये की रायल्टी देने वाले ग्राम चाहचाड़ में आज भी स्कूली बच्चे जर्जर भवन और तिरपाल के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा स्कूल में तालाबंदी एवं चक्काजाम की चेतावनी दिए जाने और मामला समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। भानुप्रतापपुर एसडीएम जीडी वाहिले, तहसीलदार दुर्गूकोंदल सुरेंद्र उर्वशा एवं नायब तहसीलदार सुमीत देवांगन ग्राम चाहचाड़ पहुंचे और ग्रामीणों की मौजूदगी में स्कूल भवन का निरीक्षण किया।

    बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित

    निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को स्कूल की जर्जर स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्ष नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बारिश के मौसम में तिरपाल के नीचे बच्चों को पढ़ाने की स्थिति निर्मित हो रही है। ग्रामीणों ने खनिज संस्थान न्यास निधि से पक्का एवं पर्याप्त स्कूल भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग एसडीएम के समक्ष रखी।

     

  • AC कोच भी नहीं सुरक्षित! रायपुर आ रही छात्रा की सोने की चेन चोरी, 29 दिनों में 14 केस

    AC कोच भी नहीं सुरक्षित! रायपुर आ रही छात्रा की सोने की चेन चोरी, 29 दिनों में 14 केस

     रायपुर

     राजधानी से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा दांव पर है। चोर सामान्य बोगियों के साथ एसी कोचों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस का है, जहां एसी सेकंड कोच में सफर कर रही एक छात्रा के बैग पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। बैग में 15 ग्राम सोने की चेन के अलावा आधार कार्ड, पेन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस थे।

    नई दिल्ली में रहकर पढ़ाई करने वाली प्रीति चौहान शुक्रवार को ए-1 कोच की सीट नंबर-1 से रायपुर आ रही थीं। सफर के दौरान उन्होंने सोने की चेन बैग में रख ली थी। रात में गहरी नींद में होने का फायदा उठाकर चोर उनका बैग ले गया। भाटापारा स्टेशन पर जब उनकी आंख खुली, तब उन्हें चोरी का पता चला। पीड़िता की शिकायत पर रायपुर जीआरपी ने अज्ञात चोर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

  • नोनी सुरक्षा योजना दे रही बेटियों के भविष्य को नई उम्मीद

    नोनी सुरक्षा योजना दे रही बेटियों के भविष्य को नई उम्मीद

    रायपुर

     गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सारबहरा की मती आकांक्षा अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहती थीं। उनकी इच्छा थी कि बेटी को अच्छी शिक्षा मिले और आगे चलकर उसका जीवन सुरक्षित, आत्मनिर्भर और खुशहाल हो। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बेटी के भविष्य के लिए बेहतर प्रबंध करना उनके लिए चुनौती थी।

    इसी चिंता को कम करने और बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में आकांक्षा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से अपनी बेटी का ‘नोनी सुरक्षा योजना’ के तहत पंजीयन कराया। योजना से मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा के भरोसे ने उनके मन में बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगाई है।

    बेटी की पढ़ाई और भविष्य के सपनों को मिलेगा संबल

    आकांक्षा को उम्मीद है कि योजना के माध्यम से मिलने वाला लाभ उनकी बेटी के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वह चाहती हैं कि उनकी बेटी बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी करे और जीवन में अपने सपनों को साकार करे। उन्हें विश्वास है कि योजना से मिलने वाली सहायता बेटी की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर परिवार के लिए उपयोगी साबित होगी।

    उनके लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि बेटी के भविष्य को लेकर एक सुरक्षा और भरोसे का आधार भी है। बेटी के नाम से भविष्य के लिए आर्थिक प्रावधान होने की जानकारी ने आकांक्षा को मानसिक रूप से भी राहत दी है।

    सरकारी योजनाएं बन रही हैं परिवारों का संबल

    आकांक्षा का कहना है कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं। ऐसी योजनाओं से अभिभावकों में अपनी बेटियों की शिक्षा और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ता है तथा उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं।

    उन्होंने कहा कि बेटी का भविष्य सुरक्षित होना पूरे परिवार के लिए खुशी और संतोष की बात है। सरकार की योजनाओं से मिलने वाला सहयोग परिवारों को बेटियों की बेहतर परवरिश और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करता है।

    मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    आकांक्षा ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए चलाई जा रही इस जनकल्याणकारी पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास परिवारों के लिए उम्मीद और संबल का माध्यम बन रहे हैं।

    आकांक्षा के लिए नोनी सुरक्षा योजना उनकी बेटी के सुरक्षित, आत्मनिर्भर और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद बन गई है। उन्हें भरोसा है कि सरकार की इस पहल का लाभ उनकी बेटी के जीवन में बेहतर अवसरों का रास्ता खोलेगा और उसके सपनों को नई उड़ान मिलेगी।

  • पति की हत्या की खौफनाक साजिश, प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने रची पूरी कहानी

    पति की हत्या की खौफनाक साजिश, प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने रची पूरी कहानी

     रामानुजंगज 

     छत्तीसगढ़ के रामानुजंगज से झारखंड के गढ़वा को जोड़ने वाले मार्ग पर बरवाहा मोड़ के पास पांच जून को पिकअप की टक्कर से रामानुजंगज निवासी कार्यालय सहायक श्रीकांत रवि की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। झारखंड की रंका पुलिस ने इस हत्याकांड का राजफाश करते हुए बताया कि श्रीकांत की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी।

    पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मारे गए युवक श्रीकांत रवि की पत्नी, उसके प्रेमी और पिकअप चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। झारखंड के रंका के एसडीओपी रोहित रंजन सिंह ने बताया कि श्रीकांत रवि की हत्या उसके ही घर में किराएदार रहे प्रेमी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर पत्नी मनीषा ने करवाई थी।

    दरअसल, झारखंड मुक्ति मोर्चा के गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम की पुत्री मनीषा की शादी करीब 13 वर्ष पूर्व रामानुजगंज में शासकीय उच्च विद्यालय में कार्यालय सहायक के पद पर पदस्थ श्रीकांत रवि से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। रामानुजगंज में मोबाइल की दुकान चलाने वाले विजयनगर निवासी मोहम्मद हसन कुछ समय पूर्व श्रीकांत के घर में किराएदार के रूप में रहने लगा। इस दौरान मनीषा और मोहम्मद हसन के बीच अवैध संबंध हो गए। श्रीकांत को जब इसकी भनक लगी तो पति-पत्नी में कहासुनी होने लगी।

    मनीषा अपने पति से तलाक लेकर प्रेमी के साथ रहने पर अड़ी हुई थी और पिछले कुछ महीनों से अपने मायके गढ़वा के चिनियां में रह रही थी। इसी बीच स्वतंत्र रूप से एक-दूसरे के साथ रहने के लिए मनीषा और मोहम्मद हसन ने श्रीकांत को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। साजिश के तहत रंका थाना क्षेत्र के बांदू गांव निवासी पिकअप चालक परवेज अंसारी को हत्या के लिए आनलाइन माध्यम से एक लाख रुपये का भुगतान किया गया।

    घटना के दिन मनीषा ने फोन कर श्रीकांत को मिलने के लिए चिनियां बुलाया। जब श्रीकांत अपनी मोटरसाइकिल से चिनियां जा रहा था, तब रास्ते में पहले से घात लगाए अर्टिगा कार में सवार मोहम्मद हसन, उसके साथी इमरान अंसारी और असराज अंसारी तथा पिकअप चालक परवेज अंसारी ने उसका पीछा किया।

    बरवाहा मोड़ के पास पिकअप चालक ने श्रीकांत की अपाचे मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। घटना के बाद श्रीकांत की मां शांति देवी द्वारा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को दिए गए आवेदन के आधार पर गठित टीम ने जांच शुरू की।

    तकनीकी साक्ष्य और टावर लोकेशन के आधार पर आरोपितों की उपस्थिति घटनास्थल के पास पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मनीषा, उसके प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल दो अन्य आरोपित इमरान अंसारी और असराज अंसारी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

     

  • राज्यपाल  रमेन डेका से एम्स के कार्यपालक निदेशक ने की सौजन्य मुलाक़ात

    राज्यपाल रमेन डेका से एम्स के कार्यपालक निदेशक ने की सौजन्य मुलाक़ात

    रायपुर

    राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल  अशोक जिंदल ने सौजन्य भेंट कर राज्यपाल को एम्स के तृतीय दीक्षांत समारोह 02 सितंबर 2026 के लिए आमंत्रित किया। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन होंगे।