Category: छत्तीसगढ़

  • उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

    उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

    बिलासपुर. 
    बिलासपुर के तोरवा के डायमंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दमदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। तेज स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और आखिरी अंक तक जीत के लिए संघर्ष ने मुकाबलों को रोमांच से भर दिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ उसे और निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और खेल कौशल देखकर स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की प्रतिभाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।

    श्री साव ने विजेता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर करने की ललक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।

  • कोड़ातराई को मिली बड़ी सौगात, 1.21 करोड़ रुपये से बनेगा पीएम स्कूल भवन; मंत्री ओपी चौधरी ने किया भूमिपूजन

    कोड़ातराई को मिली बड़ी सौगात, 1.21 करोड़ रुपये से बनेगा पीएम स्कूल भवन; मंत्री ओपी चौधरी ने किया भूमिपूजन

    कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन

    शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं के साथ नवाचार और स्टार्टअप की सोच विकसित करने पर दिया जोर

    रायपुर
    शिक्षक
    दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत कोड़ातराई में पीएम स्कूल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। करीब 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्कूल भवन में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के लिए बेहतर अधोसंरचना प्राप्त होगी।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें नई सोच, जिज्ञासा, सवाल पूछने और नवाचार की भावना विकसित करें।

    उन्होंने कहा कि बच्चों में इनोवेशन और स्टार्टअप की सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज में ज्ञान और जागरूकता के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बच्चों में सीखने और कुछ नया करने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

    सकरबोगा में ग्रामीणों से सीधा संवाद, सुनीं समस्याएं

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शनिवार सुबह रायगढ़ जिले के सकरबोगा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और स्थानीय जरूरतें सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं की जानकारी ली और विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात कही।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। गांवों के विकास की योजनाएं स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि विकास का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।

    इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक, जनपद पंचायत सदस्य गोपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार : मुख्यमंत्री

    बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार : मुख्यमंत्री

    देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में विकास और समृद्धि का नया अध्याय : मुख्यमंत्री

    बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार

    सुरक्षा कैंप अब बन रहे ‘सेवा डेरा’, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रहीं अंतिम छोर तक

    सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से छत्तीसगढ़ में खुल रहे औद्योगिक विकास और रोजगार के नए द्वार

    सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और AI के उपयोग से भविष्य के छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हो रही तैयार

    मुख्यमंत्री साय ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम में हुए शामिल

    रायपुर 
     नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अब विकास, सुशासन, निवेश और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। विकसित भारत@2047 की यात्रा में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, युवा शक्ति और विकास की अपार संभावनाओं को जनकल्याण और आर्थिक समृद्धि में बदलने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में समाचार चैनल लाइव टाइम्स द्वारा आयोजित ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम ‘एलटी एक्सचेंज’ में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान से लेकर बस्तर के विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, आवास, निवेश, सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की चर्चा नक्सलवाद की समस्या को लेकर अधिक होती थी, लेकिन आज यह तस्वीर तेजी से बदली है। नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के साथ विकास की नई संभावनाओं ने छत्तीसगढ़ के प्रति धारणा में सकारात्मक बदलाव लाया है। जल संचय के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल करना इसी बदलते छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से नक्सलवाद की समस्या को देखते-सुनते आए हैं। उनका गृह संभाग सरगुजा भी कभी नक्सलवाद से प्रभावित था और वहां नक्सल हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सरगुजा को नक्सलवाद से मुक्त कराने में सफलता मिली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर महत्वपूर्ण बैठक ली थी। उस समय देश में शेष नक्सलवाद का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था, जबकि शेष लगभग एक चौथाई हिस्सा पांच-छह अन्य राज्यों में था।

    उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नई रणनीति और बेहतर समन्वय के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान शुरू किया गया। संयुक्त सुरक्षा प्रयासों को मजबूत किया गया और हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस तथा वीरता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो सफलता मिली है, उसके पीछे हमारे जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान है, जिसे छत्तीसगढ़ हमेशा याद रखेगा।

    नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के साथ विकास को भी बनाया रणनीति का अभिन्न हिस्सा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की रणनीति शुरू से स्पष्ट थी कि नक्सलवाद का समाधान केवल सुरक्षा अभियानों से नहीं, बल्कि विकास और जनविश्वास से भी होगा। बस्तर की जनता लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रही। नक्सली नहीं चाहते थे कि अंदरूनी क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और शासन की योजनाएं पहुंचें।

    इसी सोच के साथ सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की। सुरक्षा कैंप स्थापित होने के साथ ही उनके आसपास के गांवों में सड़क, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं को तेजी से पहुंचाया गया। दूरस्थ अंचलों में पहली बार अनेक लोगों के राशन कार्ड बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई ग्रामीणों को राशन लेने के लिए आने-जाने में पांच दिन तक लग जाते थे। अब शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंच रहा है।

    बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित आदिवासी अंचलों में स्थापित करना है। बस्तर में संचार और कनेक्टिविटी के साधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हो चुके  स्कूलों को फिर से खोला गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की लौ दोबारा जल उठी है।

    उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के माध्यम से अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को शासन की आवश्यक सुविधाओं और योजनाओं से जोड़ रहे हैं। बस्तर के विकास में कृषि, पशुपालन, वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वनोपज के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और  होमस्टे के लिए ऋण एवं सब्सिडी की व्यवस्था की जा रही है।

    ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी, गीदम में मेडिकल कॉलेज

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में विकसित एजुकेशन हब की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का प्रावधान इस वर्ष के बजट में किया गया है। गीदम में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है कि आज बस्तर में  गंभीर बीमारियों का भी इलाज संभव हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को उनकी मातृभाषा में बेहतर ढंग से शिक्षा से जोड़ने के लिए प्राथमिक स्तर पर गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। सरकार बस्तर के विकास का मॉडल बाहर से थोपने के बजाय वहां के लोगों की जरूरत, संस्कृति और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में ‘नियद नेल्लानार 2.0’ का रोडमैप तैयार किया जा चुका है। अब सरकार विकास की इस प्रक्रिया को और व्यापक रूप देने जा रही है। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए इंद्रावती नदी पर देऊरगांव और मटनार परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 80 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, प्रतिदिन बन रहे 1600 घर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पिछले दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हो चुका है और प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान केवल छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है।

    महतारी वंदन से बहनों को मिला आर्थिक संबल

    महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों की राशि प्रदान की जा चुकी है। गांव की महिला के लिए यह राशि उसके छोटे-छोटे आर्थिक निर्णयों में बड़ी भूमिका निभाती है। अनेक महिलाएं इसका उपयोग किराना दुकान, सिलाई मशीन तथा अन्य आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से कहा कि प्रदेश में कार्यक्रमों के दौरान जब बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने जीवन में आए बदलाव के अनुभव साझा करती हैं, तो यह उनके लिए अत्यंत संतोष और गर्व का क्षण होता है।

    किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत किसान छोटे एवं सीमांत श्रेणी के हैं। सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आय बढ़ाने के साथ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है।

    सुशासन और तकनीक से पारदर्शी हो रही शासन व्यवस्था

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अब विकास के नए लक्ष्यों की ओर तेजी से कदम बढ़ाया है। प्रदेश का राजस्व बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी प्रशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ बनाया गया है। ई-फाइल प्रणाली लागू कर शासकीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। विभिन्न प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों के लिए सेवाएं अधिक सरल और सुगम बन रही हैं तथा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।

    सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से बदल रही औद्योगिक तस्वीर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण छत्तीसगढ़ को लगभग सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने जो एमओयू किए हैं, उनका क्रियान्वयन भी अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर जैसी भविष्य की तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट आकार ले रहे हैं। नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ में मेडिसिटी विकसित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रचुर खनिज संपदा, ऊर्जा, भूमि और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। नई औद्योगिक नीति ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। देश के चारों प्रमुख महानगरों में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित करने के साथ जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशकों से संवाद किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और निवेश संभावनाओं को सकारात्मक प्रतिसाद मिला है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि उसके माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार, आधुनिक तकनीक और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा करना है।

    छत्तीसगढ़ में AI मिशन, 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन पर काम किया जा रहा है। प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों और लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। शासन के विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भी AI के उपयोग की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

    धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की गरीबी अथवा अशिक्षा का अनुचित लाभ उठाकर धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

    विकसित भारत@2047 में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति, बस्तर में शांति और विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसान हित, औद्योगिक निवेश, तकनीक और पारदर्शी प्रशासन – इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ एक साथ आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जो समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

  • मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिल, गोविंदाओं की टोलियों का बढ़ाया उत्साह

    मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिल, गोविंदाओं की टोलियों का बढ़ाया उत्साह

    दही हांडी हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है : मुख्यमंत्री साय

    भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य और दायित्व को निभाने की देता है प्रेरणा – मुख्यमंत्री साय 

    मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिल, गोविंदाओं की टोलियों का बढ़ाया उत्साह

    रायपुर,
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में उमड़े जनसमूह के बीच मुख्यमंत्री ने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साहवर्धन किया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश भी देता है। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी हर मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिकता की शक्ति का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचता। उसके नीचे खड़े प्रत्येक साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे ऊपर तक पहुंचाता है। जब सभी एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तभी कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। यही संदेश हमें समाज और प्रदेश के विकास के लिए भी प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हमें जीवन जीने की कला और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की सीख देता है। ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में उन्होंने प्रेम और मित्रता का संदेश दिया, द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में कुशल नेतृत्व का आदर्श प्रस्तुत किया और कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर पूरी मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन की प्रत्येक भूमिका को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनका जीवन हमें परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा पर बिताया। आज जिस अबूझमाड़ क्षेत्र को हम जानते हैं, वह रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है। प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियां और स्थल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्याधाम जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है। राज्य सरकार सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि है। प्रदेश पर भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा रही है। कबीरधाम में भोरमदेव और राजिम में कुलेश्वर महादेव जैसे प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर हमारी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। जशपुर का मधेश्वर पहाड़ अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के कारण विशेष पहचान रखता है और इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मातृशक्ति के अनेक प्रसिद्ध शक्तिपीठ और आस्था केंद्र भी विद्यमान हैं। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया, दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के धाम प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस गौरवशाली धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे जोश के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा आयोजन स्थल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

    इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा एवं ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष श्रीमती मीनल चौबे, श्रीमती वीणा सिंह, श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

  • झीरम घाटी नरसंहार में आया ऐतिहासिक फैसला, NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को माना दोषी

    झीरम घाटी नरसंहार में आया ऐतिहासिक फैसला, NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को माना दोषी

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले और दहला देने वाले अध्यायों में से एक, झीरम घाटी नक्सल हमले के मामले में आखिरकार न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनआईए की विशेष अदालत ने करीब 13 साल पुराने इस मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए सभी 10 बचे हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है। लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों और समर्थकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

    25 मई 2013 को हुआ था नरसंहार
    यह वीभत्स घटना 25 मई 2013 की है, जब कांग्रेस पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर सुनियोजित हमला किया था। इस भीषण नक्सल हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद 27 मई 2013 को केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी।

    छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को शनिवार को दोषी ठहराया. इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी.बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने बताया कि जगदलपुर में एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत की अदालत ने दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया। 

    उन्होंने बताया कि अदालत ने सजा की अवधि पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.चौधरी ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे. हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है. इसके बाद ही अपील के आधार के बारे में बता पाएंगे। 

    कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर घात लगाकर हुआ था हमला
    यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था जब माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा' पर घात लगाकर हमला किया था। 

    इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.मारे गए लोगों में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल तथा वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे। 

    एनआईए ने 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि शेष 10 आरोपी हिरासत में थे। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

    न्यायिक आयोग का भी हुआ था गठन

    यह रैली 2013 के अंत में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी.घटना के बाद राज्य पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन रमन सिंह नीत तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही इसकी जांच एनआईए को सौंप दी थी. राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का भी गठन किया था। 

    अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के नाम
    एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

        प्रमिला मोडियम
        चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना
        सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
        मुक्का मांडवी
        कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
        आयत मरकाम
        मड़कामी देवा
        जोग मड़कामी
        बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा
        महादेव

  • ग्राफ्टेड खेती ने बदली किसान की किस्मत, बंजर जमीन पर टमाटर-बैंगन की फसल से 4.25 लाख की कमाई

    ग्राफ्टेड खेती ने बदली किसान की किस्मत, बंजर जमीन पर टमाटर-बैंगन की फसल से 4.25 लाख की कमाई

    बंजर जमीन पर लहलहाई ग्राफ्टेड फसल 

    रायगढ़ के किसान ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से कमाए 4.25 लाख

    रायपुर
     ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती (जिसमें नीचे जंगली बैंगन यानी रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन यानी सायन होता है) पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक फायदेमंद और रोग-प्रतिरोधी है। यह पौधा अधिक पानी या लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश को आसानी से सहन कर लेता है।

    ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की

                 छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम झारआमा के किसान श्री एतवार साय पैकरा ने आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी अनुपयोगी और बंजर पड़ी रहने वाली जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर उन्होंने न केवल 187 क्विंटल का बंपर उत्पादन हासिल किया, बल्कि कुल 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की।

    तकनीक और सही मार्गदर्शन से मिली सफलता

              किसान की जमीन गांव से दूर जंगल के समीप स्थित होने और सिंचाई साधनों के अभाव के कारण वहां खेती करना आसान नहीं था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने भूमि का समतलीकरण कराया और सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक एवं मल्चिंग पद्धतियों को अपनाया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की बुआई की।

    उत्पादन और आय का गणित

             टमाटर फसल 87 क्विंटल उत्पादन कर 1 लाख 75 हजार रूपए की बिक्री की। इसी प्रकार बैंगन फसल 100 क्विंटल उत्पादन कर 2 लाख 50 हजार रूपए की बिक्री की। कुल उत्पादन व बिक्री 187 क्विंटल 4 लाख 2 5 हजार रूपए की बिक्री की। किसान को कुल लागत 1 लाख 45 हजार रूपए लगा जबकि शुद्ध लाभ 2 लाख 80 हजार रूपए का हुआ।

    अतिरिक्त उत्पादन और आय की उम्मीद

           वर्तमान में ग्राफ्टेड बैंगन की फसल से उत्पादन निरंतर जारी है। आने वाले समय में 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है, जिससे 4 से 5 लाख की अतिरिक्त आय होने का अनुमान जताया जा रहा है। एतवार साय पैकरा की इस सफलता को देखकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक और ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

  • युवाओं के कौशल विकास पर जोर, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा- हुनर से निखरेगी नई पीढ़ी

    युवाओं के कौशल विकास पर जोर, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा- हुनर से निखरेगी नई पीढ़ी

    हुनरमंद युवा ही गढ़ेंगे स्वर्णिम भविष्य, कौशल विकास से निखरेगी नई पीढ़ी -वन मंत्री केदार कश्यप

    ​जिज्ञासा से हुनर तक, युवाओं के कौशल विकास से ही संभव है प्रगति -विश्व विजय सिंह तोमर

    विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन

    ​मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व मलखंभ विजेताओं को खेल एवं शिक्षा सम्मान से नवाजा गया

    ​रायपुर
    छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही।

    युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका

           छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
           ​

    ​हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- तोमर

         ​राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की।

    ​विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र

           ​कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।​ युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला।​ डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया।

    ​प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान

         ​शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ​शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। ​खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।

         ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।

  • अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद 8 ट्रैक्टर जब्त

    अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद 8 ट्रैक्टर जब्त

    सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर जब्त

    शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन की सतत निगरानी

    जब्त वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

    रायपुर,
     मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में की गई है।

    खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं मैदानी निगरानी के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के तहत ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2, चिचगोहना से 1, कोरजा से 1 तथा लालपुर से 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। इसके अलावा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया गया।

    पुलिस थानों और चौकी में सुरक्षित रखे गए जब्त वाहन

    खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें से 4 ट्रैक्टर गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है।

    जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा प्रकरणों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर

    जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मैदानी स्तर पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वाहनों को जब्त किया गया। 

    मैदानी अमले की सतत निगरानी से अवैध परिवहन पर शिकंजा

    कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर, खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे, साहिब गनी एवं सतीश साहू, नगर सैनिक शामिल रहे।

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने खनिज नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही खनिजों के परिवहन की अपील की है।

    शिकायत से कार्रवाई तक—प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता

    सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर जांच कर  नागरिकों द्वारा उठाए गए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मैदानी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन जैसे मामलों में ऐसी कार्रवाई से राजस्व संरक्षण के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

  • लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’

    लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’

    लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’

    6 से 8 सितंबर तक मुक्ताकाशी मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, भरथरी-पंडवानी से लेकर पंथी, करमा, सुआ और ददरिया तक की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियां

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘विभागीय आयोजन 2026’ के अंतर्गत तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 6, 7 एवं 8 सितंबर को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।

    लोकरंग पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध लोक विधाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकगाथाओं, लोकनाट्य, लोकगीत और लोकनृत्य की ऐसी रंगारंग प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी, जो छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और उसकी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करेंगी।

    भरथरी और पंडवानी से लेकर पंथी-करमा तक

    तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक विधाओं भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा और गम्मत की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके साथ सुआ, करमा और पंथी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकजीवन से जोड़ेंगी।

    वहीं बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन जैसी लोक एवं पारंपरिक गायन शैलियों की प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को सामने लाया जाएगा।

    लोक कलाकारों को मिलेगा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी विरासत

    ‘लोकरंग पर्व’ केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। लोकगीतों, लोकगाथाओं और पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैलियों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन, सामाजिक परंपराओं और लोक आस्थाओं की झलक दर्शकों को देखने मिलेगी।

    आयोजन में पारंपरिक लोक विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर साकार करेंगे। लोक वाद्यों की धुन, पारंपरिक गीतों की मिठास और लोकनृत्यों की लय से मुक्ताकाशी मंच तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा।

    मुक्ताकाशी मंच पर तीन शाम संस्कृति के नाम

    संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की लोककलाओं और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। 6 से 8 सितंबर तक शाम 7 बजे से होने वाली प्रस्तुतियों में दर्शकों को छत्तीसगढ़ की अलग-अलग लोक विधाओं का विविधतापूर्ण संगम देखने को मिलेगा।

    ‘लोकरंग पर्व’ के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर उभरेगी, जहां लोकगाथाओं की कथात्मकता, लोकगीतों की मिठास, नृत्यों की थिरकन और पारंपरिक वाद्यों की गूंज मिलकर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करेगी।

  • शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का सम्मान, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव समारोह में केदार कश्यप ने सम्मानित किए शिक्षक

    शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का सम्मान, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव समारोह में केदार कश्यप ने सम्मानित किए शिक्षक

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह- वन मंत्री केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

    रायपुर
     शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे।

    अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलतारू केदार कश्यप

        वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।

    पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान

           समारोह के दौरान लेखक श्री शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों (श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया।

            इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।