Category: बिज़नेस

  • Gold-Silver Rates Crash: चांदी ₹1.63 लाख सस्ती, सोना भी 5500 रुपये तक गिरा

    Gold-Silver Rates Crash: चांदी ₹1.63 लाख सस्ती, सोना भी 5500 रुपये तक गिरा

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतें लगातार क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद बीते कुछ दिनों में रफ्तार पकड़ती हुई नजर आ रही थीं, लेकिन सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को ये फिर से बिखरी हुई नजर आ रही हैं. जी हां, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमत ओपनिंग के साथ ही करीब 5500 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो गई (Silver Price Fall), तो वहीं सोने की कीमत ने भी 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम का गोता लगा दिया. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं अब तक काफी सस्ती हो चुकी हैं. चांदी का वायदा भाव को 1.63 लाख रुपये तक कम हुआ है. 

    चांदी में तेजी पर अचानक ब्रेक 
    सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमतों में बीते कुछ समय में आए क्रैश, तेजी और फिर गिरावट के बारे में, तो बीते 29 जनवरी को Silver Price रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए पहले बार ऐतिहासिक 4 लाख रुपये के स्तर के पार निकला था और 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई लेवल छू लिया था. इस स्तर को छूने के बाद ये कीमती धातु सिल्वर अगले ही दिन से क्रैश होनी शुरू हो गई, लेकिन बीते कुछ दिनों में ये ग्रीन जोन में भी नजर आई थी. 

    बात कमोडिटी मार्केट में कारोबार की करें, तो ओपन होने के साथ ही Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले बुरी तरह टूट गया. सोमवार को ये एमसीएक्स पर 2,62,620 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही सस्ती होकर 2,56,864 रुपये तक फिसल गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 5,756 रुपये कम हो गया. वहीं हाई से ये 1,63,184 रुपये कम हो चुका है. 

    Gold रेट भी हो गया इतना कम 
    चांदी के बाद अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट (Gold Rate Fall) के बारे में, तो ये येलो मेटल सोमवार को एमसीएक्स पर तेजी के साथ कारोबार करते हुए 1,58,066 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और मंगलवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,56,001 रुपये पर आ गया. ऐसे में 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate 2,065 रुपये कम हो गया. 

    हाई से अब इतना सस्ता Gold
    सिल्वर प्राइस की तरह ही सोने ने भी
    बीते 29 जनवरी को ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था. इस लेवल पर पहुंचने के बाद Gold Rate Crash होना शुरू हो गया, लेकिन बीते हफ्ते इसमें फिर उछाल देखने को मिला था, तो सोमवार तक जारी रहा. अगर हाई  से गिरावट की बात करें, तो सोना 37,095 रुपये तक सस्ता हो चुका है. 

    विदेशी बाजार में भी हुआ सस्ता
    मंगलवार को सोने की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद अतंरराष्ट्रीय बाजार में ये 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बना हुआ है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुाबिक, स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.7% गिरकर 5,029.49 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) हो गई.

    इससे पहले सोमवार को डॉलर के एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर कमजोर होने के कारण सोना 2% उछला था, जबकि 29 जनवरी को कॉमेक्स पर इसने 5,594.82 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई टच किया था. गिरावट के पीछे की वजह देखें, तो निवेशक इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों से पहले सतर्क मोड में है.

  • Gold-Silver Rate में बदलाव: चांदी के दाम में छलांग, सोने की कीमत में भी हुआ इज़ाफा, जानिए ताजा रेट

    Gold-Silver Rate में बदलाव: चांदी के दाम में छलांग, सोने की कीमत में भी हुआ इज़ाफा, जानिए ताजा रेट

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों में हालिया भारी गिरावट के बाद अब एक बार फिर बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी करीब ₹15,000 प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोने के दामों में एक झटके में ₹3,000 की तेजी आ गई। हालांकि, तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से अब भी काफी सस्ती बनी हुई हैं।

    चांदी ने खुलते ही मचाया गदर

    MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले बंद ₹2,49,892 प्रति किलो से उछलकर ₹2,64,885 प्रति किलो पहुंच गया। इस तरह 1 किलो चांदी की कीमत में ₹14,993 का उछाल देखने को मिला। हालांकि, अगर इसके लाइफ टाइम हाई से तुलना करें तो चांदी अब भी काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार ₹4 लाख के पार गई थी और ₹4,20,048 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद तेज गिरावट के चलते भाव ₹2.25 लाख तक लुढ़क गए थे। मौजूदा तेजी के बावजूद चांदी अब भी अपने हाई से ₹1,55,163 सस्ती चल रही है।

    सोने ने भी पकड़ी रफ्तार

    चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को मजबूती देखने को मिली। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार के बंद ₹1,55,451 से उछलकर ₹1,58,500 पहुंच गया। यानी सोना ₹3,049 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसके बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से अभी भी ₹34,596 सस्ता मिल रहा है।

    देश ही नहीं, विदेशों में भी टूटी थी चांदी

    चांदी में गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर में बड़ी टूट देखने को मिली। पिछले सप्ताह एक दिन में ही करीब 20% की गिरावट आई थी और अपने हाई से चांदी लगभग 40% तक फिसल चुकी थी। स्पॉट सिल्वर बीते महीने $120 प्रति औंस के स्तर से गिरकर $64 प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) तक आ गई थी।

    अब वैश्विक संकेतों के बीच इसमें फिर से मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।

    क्रैश के बाद सोना-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन कीमतें अभी भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड और डॉलर मूवमेंट पर निर्भर करेगी।

  • ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

    ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

    मुंबई 
    भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है. 

    सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत 
    शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया. 

    ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे 
    भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे. 

    मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. 

    विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल 
    Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया. 

    ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ
    बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था. 

    अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

  • भुगतान और कारोबार में तेजी, फोनपे ने IPO से पहले नए मंच की योजना बनाई

    भुगतान और कारोबार में तेजी, फोनपे ने IPO से पहले नए मंच की योजना बनाई

    नई दिल्ली
    वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है।

    कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है।

    उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

    सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।

     

  • करदाताओं की राय आमंत्रित, आयकर विभाग ने नए प्रपत्रों और नियमों पर मांगा फीडबैक

    करदाताओं की राय आमंत्रित, आयकर विभाग ने नए प्रपत्रों और नियमों पर मांगा फीडबैक

    नई दिल्ली
    आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। विभाग ने एक बयान में जानकारी दी कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रस्तावित आयकर नियम, 2026’ और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परामर्श प्रक्रिया के तहत हितधारकों से चार श्रेणियों में सुझाव मांगे हैं। इनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमों में कमी, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रासंगिक या पुराने हो चुके नियमों व प्रपत्रों की पहचान करना शामिल है।

    विभाग ने कहा, ‘हितधारकों को इन मसौदों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम अधिसूचना से पूर्व इन सभी सुझावों को संकलित कर उन पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।’ सुझाव देने की सुविधा के लिए ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल पर एक लिंक जारी किया गया है, जो चार फरवरी, 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव साझा कर सकते हैं।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर अब नया आयकर अधिनियम, 2025 आगामी एक अप्रैल से लागू होगा।

    वर्तमान आयकर नियम, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म हैं, जबकि प्रस्तावित नए नियमों में इनकी संख्या घटाकर क्रमशः 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है।

     

  • रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

    रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

     नई दिल्‍ली ,
      
    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है. 

    डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है. 

    आरबीआई का बड़ा फैसला
    रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी. 

    वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा. 

    मंगलवार को आई थी उछाल
    मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी. 

    4 अरब डॉलर के शेयर बेचे
    गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला. 

    बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

  • 15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां, महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में

    15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां, महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में

    मुंबई 

    महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

    महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा.

    1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट

    नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी.

    इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे.
    महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी

    महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है.

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, "महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा."

    महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, "यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

  • भारत में 3 मार्च को लॉन्च होगी नई Mercedes-Benz V-Class, जानें इसमें क्या हैं नए फीचर्स

    भारत में 3 मार्च को लॉन्च होगी नई Mercedes-Benz V-Class, जानें इसमें क्या हैं नए फीचर्स

    मुंबई 

    लगभग तीन साल पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपनी Mercedes-Benz V-Class की बिक्री भारतीय बाजार में बंद कर दी थी, जिसके बाद अब कंपनी आगामी 3 मार्च, 2026 को एक बार फिर से लॉन्च करने वाली है. कंपनी की इस बड़ी पैसेंजर कार का लेटेस्ट मॉडल 2024 में ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उतारा गया था और यह असल में V-Class का फेसलिफ्ट वर्जन है जो पहले भारत में बिकता था.

    Mercedes-Benz V-Class का डिजाइन
    फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इस कार के डिज़ाइन में कुछ अपडेट किए गए, जिसमें एक बड़ी, ज़्यादा आकर्षक ग्रिल, नए हेडलैंप, बदले हुए बंपर और पीछे की तरफ़ नई टेल लाइट्स शामिल हैं, हालांकि केबिन में काफ़ी सुधार किया गया था.

    वहीं पुराने मॉडल के पुराने केबिन डिज़ाइन की जगह ज़्यादा मॉडर्न लुक दिया गया है, जो GLE जैसे मॉडलों में देखने को मिलता था, जिसमें डैशबोर्ड के ऊपर फ्री-स्टैंडिंग बेज़ल-लेस ट्विन स्क्रीन लगी थीं – यह पिछले V-क्लास के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और COMAND इंफोटेनमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था.

    भारत के लिए आने वाली यह वैन अपने स्ट्रेच्ड एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस ट्रिम में पेश की जाएगी, जिसे पीछे के दरवाज़े और पिछले पहिये के बीच ज़्यादा जगह से पहचाना जा सकता है. पूरी दुनिया में, खरीदार Mercedes-Benz V-Class को लॉन्ग व्हीलबेस और एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस वर्ज़न में खरीद सकते हैं.

    Mercedes-Benz V-Class का इंटीरियर
    सीटिंग की बात करें तो, Mercedes-Benz V-Class तीन-रो कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इस कार का टीज़र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हमें V-Class स्टैंडर्ड कम्फर्ट सीटों के साथ मिलती है, जो दूसरी रो में 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि कंपनी इसके साथ एक ज़्यादा अपमार्केट वेरिएंट भी पेश कर सकती है.

    इस बीच, इस टॉप मॉडल में ज़्यादा शानदार फ़ीचर्स हो सकते हैं, जैसे कि दूसरी रो में ऑप्शनल (ग्लोबल मार्केट में) लग्ज़री सीटें जिनमें पावर एडजस्टमेंट, सीट वेंटिलेशन, मसाज फ़ंक्शन और भी बहुत कुछ शामिल है.

    Mercedes-Benz V-Class का इंजन
    इंजन की बात करें तो, दुनिया भर में Mercedes-Benz V-Class स्टैंडर्ड तौर पर 2.0-लीटर डीजल इंजन के साथ आती है, जो 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होता है. संभावित खरीदार 250d और ज़्यादा पावरफुल 300d स्पेसिफिकेशन में से चुन सकते हैं, हालांकि यह देखना बाकी है कि भारत में कौन सा मॉडल लाया जाएगा. कीमत की बात करें तो इसे 1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा की कीमत पर उतारा जा सकता है.

  • Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट, 40% की गिरावट, भारत में मचा तूफान

    Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट, 40% की गिरावट, भारत में मचा तूफान

      नई दिल्ली

    सोना-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बीते कुछ समय में भागी थीं, अब उससे तेज रफ्तार से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. खासतौर पर चांदी की कीमतों में तो ग्लोबल कोहराम मचा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Silver Price हाई से 40 फीसदी तक टूट चुका है, तो भारत में भी ये लगातार क्रैश होती जा रही है. सिर्फ गुरुवार को ही कॉमेक्स में सिल्वर प्राइस में 20% की बड़ी गिरावट आ गई और ये सस्ती होकर 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. 

    चांदी में निवेश करने वालों का बुरा हाल
    चांदी जिस तेज रफ्तार से भाग रही थी, उसे देखकर इसे खरीदने में पीछे रह गए लोग चिंता में थे, लेकिन अब इसमें निवेश करने वाले दाम और बढ़ने की आस में बेहाल है, क्योंकि ये हाई पर पहुंचने के बाद हर रोज क्रैश (Silver Price Crash) हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को स्पॉट सिल्वर एक झटके में करीब 20 फीसदी के आसपास डाउन हो गई और इस तरह से ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से करीब 40 फीसदी की गिरावट के साथ 64 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गई. इसका भाव बीते महीने 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था. 

    भारत में चांदी का क्या होगा? 
    Silver Price  में मचे इस ग्लोबल कोहराम का असर भारत में इस कीमती धातु के दाम में और तेज गिरावट के रूप में दिखने की आशंका जताई जा रही है, जबकि पहले से ही ये दनादन क्रैश हो रही है. बता दें कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते 29 जनवरी को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 4,30,048 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंच गया था और अब तक इस स्तर से ये 1,76,233 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है. 

    कल इतना टूटी थी भारत में चांदी 
    एमसीएक्स पर सिल्वर प्राइस में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को आई गिरावट पर गौर करें, तो शुरुआती कारोबार में ही 1 Kg Silver Price गिरकर 2,30,499 रुपये पर आ गया था. हालांकि, कारोबार के अंत में इसकी कीमत में कुछ सुधार भी देखने को मिला, लेकिन फिर भी ये अपने हाई से काफी नीचे 2,43,815 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई.  इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी एक ही दिन में 25,035 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  इसके बीते 4 फरवरी का बंद भाव 2,68,850 रुपये था. 

    सोना भी संभल नहीं पा रहा
    चांदी के अलावा अगर Gold Rate Crash पर नजर डालें, तो बीते कुछ दिनों में ही ये भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है. बीते 29 जनवरी को चांदी की तरह ही तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold का रेट भी 1,93,096 रुपये पर पहुंच गया था और इस हाई लेवल से एमसीएक्स पर सोना अब तक 41,025 रुपये सस्ता है, बीते कारोबारी दिन गुरुवार को ये 1,52,071 रुपये पर क्लोज हुआ था. 

  • जनवरी 2026 में टीवीएस की शानदार बिक्री, EV की मांग में 50% से अधिक बढ़ोतरी, ग्राहक अब बिना हिचकिचाए चुन रहे इलेक्ट्रिक विकल्प

    जनवरी 2026 में टीवीएस की शानदार बिक्री, EV की मांग में 50% से अधिक बढ़ोतरी, ग्राहक अब बिना हिचकिचाए चुन रहे इलेक्ट्रिक विकल्प

    मुंबई 

    टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़
    जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है।

    घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़
    जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है।

    मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान
    टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली।
    इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल
    जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है।

    निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ

    घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई।

    तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया
    जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है।
    भविष्य के लिए मजबूत संकेत
    कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है।