Author: NewseDay

  • इंदौर में टीम इंडिया का जलवा, सीरीज में आगे भारत

    इंदौर में टीम इंडिया का जलवा, सीरीज में आगे भारत

    इंदौर  
    अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी और अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने तीसरे टी20 में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।
     
    भारत ने 14 रन से जीता तीसरा टी20
    अभिषेक शर्मा की तूफानी अर्धशतकीय पारी और अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने तीसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया। रविवार को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रन की पारी खेली। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।

    अर्शदीप ने शेरफेन रदरफोर्ड को बोल्ड किया। वह 32 रन बनाकर लौटे। अब क्रीज पर शमार स्प्रिंगर और रोस्टन चेज मौजूद हैं। 18 ओवर के बाद स्कोर सात विकेट पर 176 रन है। भारत को छठी सफलता अर्शदीप सिंह ने दिलाई। उन्होंने कीमो पॉल को तिलक के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ 10 रन बना सके। अब रोस्टन चेज आए हैं। भारत को पांचवीं सफलता नीतीश रेड्डी ने दिलाई। उन्होंने क्वेंटिन सैम्पसन को तिलक के हाथों कैच कराया। वह 21 रन बनाकर आउट हो गए। अब रदरफोर्ड का साथ देने कीमो पॉल आए हैं।
    भारत को चौथी सफलता नमन धीर ने दिलाई। उन्होंने कामिल पूरन को अर्शदीप सिंह के हाथों कैच कराया। वह 42 रन बनाकर लौटे। अब रदरफोर्ड का साथ देने क्वेंटिन सैम्पसन आए हैं। वेस्टइंडीज को तीसरा झटका अक्षर पटेल ने दिया। उन्होंने पॉवेल को ईशान के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ पांच रन बना सके। अब बल्लेबाजी के लिए कामिल पूरन और शेरफेन रदरफोर्ड आए हैं।

  • पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    गोरखपुर
     शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन (प्रतिपदा), रविवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की समृद्ध परंपरा के अनुसार हुआ। रविवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगत जननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ।

    कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में देवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

  • ट्रेन हादसे के दर्द पर ‘सेवा संकल्प’ का मरहम, धमतरी के तेजराम को दो घंटे में मिला कृत्रिम हाथ, लौटी जिंदगी की रंगत

    ट्रेन हादसे के दर्द पर ‘सेवा संकल्प’ का मरहम, धमतरी के तेजराम को दो घंटे में मिला कृत्रिम हाथ, लौटी जिंदगी की रंगत

    रायपुर. 
    यह सिर्फ कृत्रिम हाथ नहीं, मेरी संपूर्णता और स्वाभिमान का अहसास है!"—यह शब्द हैं धमतरी जिले के ग्राम गोजी निवासी तेजराम साहू के, जिनके जीवन में वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार आत्मविश्वास और मुस्कान वापस लौट आई है। छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित ‘निदान-03’ शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में किस तरह बदलाव की नई इबारत लिख रहा है, इसकी एक जीती-जागती मिसाल तेजराम की यह कहानी है।

    ​जीवन की राह में कभी-कभी एक पल का हादसा इंसान के सामने अनगिनत चुनौतियां खड़ी कर देता है। तेजराम साहू की जिंदगी में भी ऐसा ही मोड़ तब आया जब महज 18 वर्ष की उम्र में एक भीषण ट्रेन दुर्घटना में उनका दायां हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गंभीर चोटों के चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अपना हाथ गंवाना पड़ा। इतनी कम उम्र में आए इस संकट ने उनके सामने न केवल रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्यों को करने का गंभीर संकट खड़ा किया, बल्कि आजीविका के लिए संघर्ष को भी और कठिन बना दिया। हाथ का अभाव केवल एक शारीरिक कमी नहीं था, बल्कि हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की विवशता भी थी। हालांकि, इन विकट परिस्थितियों के बावजूद तेजराम ने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार संघर्ष करते हुए अपनी जिंदगी की गाड़ी को आगे बढ़ाते रहे।

    ​उनके इसी संघर्ष को आसान बनाने और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाने का काम किया जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘निदान-03’ शिविर ने। सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि जनकल्याणकारी सेवाओं और उपकरणों का लाभ बिना किसी देरी के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। जब तेजराम इस शिविर में पहुंचे, तो वहां मौजूद भगवान महावीर सेवा संस्थान के इंजीनियरों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत उनके हाथ का माप लिया और आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। हैरान करने वाली बात यह रही कि महज डेढ़ से दो घंटे की रिकॉर्ड समयसीमा के भीतर उन्हें कृत्रिम हाथ तैयार कर सौंप दिया गया।

    ​इतनी जल्दी और सहजता से मिली इस सहायता ने तेजराम के लिए वर्षों की कठिनाइयों के बीच संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए। कृत्रिम हाथ मिलते ही उनकी आंखें नम हो गईं और चेहरे पर एक गहरी संतुष्टि व खुशी साफ झलकने लगी। उन्होंने भावुक होकर जिला प्रशासन और समिति के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उनके जीवन की राह बहुत आसान हो जाएगी और वे अपने दैनिक काम खुद कर पाएंगे। ​तेजराम साहू की यह कहानी महज एक उपकरण मिलने की नहीं, बल्कि सेवा संकल्प अभियान के उस मानवीय पक्ष की है जो किसी जरूरतमंद को सिर्फ सुविधा नहीं देता, बल्कि उसे सहायता से आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाता है। शिविर में तेजराम के चेहरे पर खिली यह मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित सेवा का समन्वय होता है, तो वह किसी के भी जीवन में नई ऊर्जा और रंगत भरने की ताकत रखता है।

  • योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर) को गोरखपुर की धरा से प्रदेश के किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित प्रदेश भर के 9 लाख से अधिक कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 493 करोड़ रुपए की कृषि निवेश अनुदान राशि का अंतरण करेंगे। यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होगा। इसके बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी सहायता राशि
    हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों के नुकसान की भरपाई करने और उनके खेतों-खलिहानों में खुशहाली लौटाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खुद डीबीटी प्रणाली के जरिए एक क्लिक से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेंगे।

    कई जनप्रतिनिधि रहेंगे उपस्थित
    इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशासक जिला पंचायत साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, सी.पी. चन्द, देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, बिपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, इंजीनियर सरवन कुमार निषाद आदि उपस्थित रहेंगे।

    शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) में सीएम होंगे शामिल
    गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे, यहां सीएम योगी शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) को संबोधित करेंगे। शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में यह आयोजन रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होगा।

  • 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    अयोध्या
    भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शनिवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला। इस बार पहली बार बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। तीन से 17 वर्ष तक के बच्चों ने अपने अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक स्वरूप दिया।

    पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन
    रामलीला के इस संस्करण में पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर मिला। तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।मंचन में श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुर आगमन, सीता स्वयंवर एवं विवाह, राम वनवास, भरत मिलाप, चित्रकूट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, किष्किंधा कांड, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण, रावण वध, अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंग शामिल रहे।रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिन मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में पहली बार बच्चों को अभिनय का अवसर दिया गया। उनके मुताबिक, हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच देने का प्रयास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई इस रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए आयोजन को देश-विदेश के दर्शकों से जोड़ने की तैयारी है।आयोजकों के अनुसार, पिछले सात संस्करणों को मिली सफलता के बाद आठवें संस्करण को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस बार आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे मूल्यों का प्रसार करना भी है।

    63 फिल्मी कलाकारों से सजेगी दिल्ली की रामलीला, 10 से 20 अक्टूबर तक होगा आयोजन
    विश्व की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में चर्चित अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में किया जाएगा। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो समेत 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक होगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा।

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका
    रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां प्रमुख पात्रों के रूप में नजर आएंगी। आयोजकों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे। दोनों कलाकारों की सहभागिता कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। संवाद, अभिनय और मंचीय प्रभावों के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक भारतीय परंपराओं से जुड़ सकें।

    40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा रामकथा का संदेश
    आयोजकों के मुताबिक, रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामभक्ति का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। इस बहुभाषी प्रसारण से विदेशों में रहने वाले भारतीयों सहित विभिन्न देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक विरासत और रामायण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
    रामलीला के आठवें संस्करण में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पारंपरिक कथा शैली के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आयोजन को खास बना रहा है। बाल कलाकारों की भागीदारी, लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों की भूमिकाएं और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं। आयोजन के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • दिव्यांगजनों के जीवन में खुशियां ला रहा सेवा संकल्प अभियान, ‘निदान-03’ शिविर से मिल रही राहत

    दिव्यांगजनों के जीवन में खुशियां ला रहा सेवा संकल्प अभियान, ‘निदान-03’ शिविर से मिल रही राहत

    रायपुर
    सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी जिले में आयोजित तीन दिवसीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी दैनिक गतिविधियों को सुगम करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नगरी और धमतरी में आयोजित इन शिविरों के शुरुआती दो दिनों में कुल 632 दिव्यांगजनों ने हिस्सा लिया, जिन्हें एक ही छत के नीचे कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और शासकीय योजनाओं का पूरा संबल प्रदान किया गया।

    एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम शासकीय सुविधाएं
    शिविर के पहले दिन 8 अक्टूबर को नगरी विकासखंड के श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में 172 दिव्यांगजन शामिल हुए। यहाँ पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक और वॉकर वितरित किए गए। साथ ही, नौ दिव्यांगजनों के कृत्रिम हाथ-पैर तैयार करने के लिए आवश्यक माप और प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र और 44 यूडीआईडी कार्ड भी प्रदान किए गए।

    श्रृखला के दूसरे दिन 10 अक्टूबर को धमतरी के इंडोर स्टेडियम में भव्य शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ 460 दिव्यांगजन पहुँचे और इनमें से 359 हितग्राहियों को विभिन्न उपकरणों व सुविधाओं से लाभान्वित किया गया।

    छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडि़या और महापौर रामू रोहरा की उपस्थिति में संपन्न इस कार्यक्रम में कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, स्मार्ट केन और वॉकर जैसी आधुनिक सामग्रियां बड़े पैमाने पर बांटी गईं। इसके अलावा, शिविर में दिव्यांगजनों के बस पास, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और एम. आधार कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी तुरंत उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े।

    जनसंपर्क प्रदर्शनी और जनमन पत्रिका का आकर्षण
    इस आयोजन की एक और खास बात यह रही कि यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जनसंपर्क विभाग की ओर से विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई और मासिक पत्रिका 'छत्तीसगढ़ जनमन' का निःशुल्क वितरण किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद सराहा। धमतरी कलेक्टर ने इस दौरान सभी स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण व शासकीय योजनाओं का लाभ देकर उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
           इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के अंतिम दिन आज भी पंजीयन, परीक्षण और कृत्रिम अंगों के मापन की सुविधा जारी रहेगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस कल्याणकारी पहल से वंचित न रह जाए।

  • 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ले सकेंगे हिस्सा

    10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ले सकेंगे हिस्सा

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे रोजगार मिशन को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में आगामी 16 अक्टूबर 2026 को वृहद रोजगार मेले (कैंपस प्लेसमेंट) का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 10 बजे से आयोजित होने वाले इस रोजगार मेले में प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों द्वारा कुल 800 रिक्त पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा।

    रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को उनके तकनीकी कौशल और शैक्षिक योग्यता के अनुरूप सीधे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    हीरो मोटोकॉर्प में 300 पदों पर चयन
    हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड द्वारा अप्रेंटिसशिप योजना एवं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत कुल 300 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें 150 पद पुरुष और 150 पद महिला अभ्यर्थियों के लिए हैं।आईटीआई अप्रेंटिस के 150 पदों पर फिटर, टर्नर, एमएमवी, मशीनिस्ट, वेल्डर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन होगा। चयनित अभ्यर्थियों को ₹17,060 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप के बाद एक वर्ष टीटीएस के तहत ₹18,060 प्रतिमाह वेतन देय होगा।

    वहीं पीएमआईएस-स्टूडेंट ट्रेनी के 150 पदों पर 10वीं/12वीं उत्तीर्ण गैर-आईटीआई अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को कुल ₹23,321 प्रतिमाह का लाभ मिलेगा, जिसमें ₹15,221 कंपनी तथा ₹8,100 केंद्र सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे।

    बैक्स एनर्जी में 500 पदों पर रोजगार
    नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 500 पुरुष अभ्यर्थियों का कंपनी रोल्स पर चयन किया जाएगा। इसके लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी पात्र होंगे।

    द्वारका (गुजरात) सोलर प्रोजेक्ट तथा तमिलनाडु-कर्नाटक विंड पावर प्लांट के लिए आईटीआई तकनीकी एवं बीएससी ग्रेजुएट अभ्यर्थियों का टेक्नीशियन/हेल्पर पद पर ₹17,000 मासिक सीटीसी तथा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा धारकों का ट्रेनी/टेक्नीशियन पद पर ₹18,000 मासिक सीटीसी पर चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पीएफ, ईएसआईसी सहित अन्य लागू सुविधाएं भी मिलेंगी।

    युवाओं के लिए रोजगार के साथ सुविधाएं भी
    हीरो मोटोकॉर्प में चयनित अभ्यर्थियों को रेवाड़ी, हरियाणा स्थित प्लांट के लिए तीन दिन का होटल स्टे, यूनिफॉर्म, सुरक्षा जूते, कैंटीन सुविधा, ₹1 लाख का मेडिक्लेम, सवेतन अवकाश और अनुभव प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। चयन में निर्धारित शारीरिक मानकों के साथ ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को वरीयता दी जाएगी।

    16 अक्टूबर को आईटीआई अलीगंज में पहुंचें अभ्यर्थी
    प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खां ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 16 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10 बजे राजकीय आईटीआई, अलीगंज, लखनऊ परिसर में पहुंचकर साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, आईटीआई अथवा डिप्लोमा की अंकतालिका व प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति तथा चार पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। हीरो मोटोकॉर्प से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9118561562 जारी किया गया है।

  • मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    कानपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच ‘उत्तर प्रदेश 2.0: कृषि से समृद्धि’ यूपी संवाद आयोजित किया गया। इसमें खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने बताया कि तकनीक, फसल विविधीकरण, बाजार तक पहुंच और खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाकर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाए खेती के अनुभव
    प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘किसान भाई-बंपर कमाई’ सत्र में अपने खेती-किसानी के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजनी आलू पैदा हुए थे। उन्होंने लहसुन की फसल में मेड़ों पर शलगम उगाने और पांच-पांच किलो तक के शलगम उपजने का भी जिक्र किया। मटर की पैदावार के बारे में उन्होंने बताया कि मंडी में उनकी उपज देखकर कारोबारियों को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन खेत देखने के बाद वे हैरान रह गए। उन्होंने मनहर धान का उल्लेख करते हुए इसे करीब 60 दिनों में तैयार होने वाली फसल बताया। अपने राजनीतिक सफर के बारे में राजभर ने कहा कि कांशीराम के विचारों और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में बढ़े।

    कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की प्रगति पर रखी बात
    प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ‘पशु नहीं, प्रॉफिट पालन’ सत्र में निषाद समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा, सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की भूमिका पर जोर दिया। मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने और मछली पालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं। सत्र में समाज के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा।

    किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर
    ‘सरकार और बाजार मेरे द्वार’ सत्र में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने किसानों की उपज के उचित मूल्य और बाजार तक उनकी पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज की बिक्री की बेहतर व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि उत्पादों की खरीद और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा
    ‘खेती हाईटेक, लाइफ सेट’ सत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान राम शरण वर्मा ने आधुनिक खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें सेंसर आधारित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से मिट्टी की स्थिति समझने तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों का आकलन करने पर जोर रहा। चर्चा के मुताबिक, सेंसर आधारित तकनीक से मिट्टी की जांच लगभग एक मिनट में की जा सकती है। इससे जरूरत के अनुसार खाद और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। ऐसी तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत घटाने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में किसानों की मदद करना है।

    सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों के अनुभवों पर चर्चा
    ‘लाभार्थी लाइव’ सत्र में विधायक महेश त्रिवेदी और कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने किसानों तथा लाभार्थियों से बातचीत की। चर्चा में किसान सम्मान निधि, किसान दुर्घटना बीमा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभ का उल्लेख हुआ। नीलिमा कटियार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। महिला किसान नीतू देवी ने बताया कि मछली पालन, कृषि मशीनों और दूसरी सुविधाओं से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। किसान सुनील कुमार ने बीज, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा प्राकृतिक खेती के बारे में बताया। उन्होंने किसानों के समूहों के माध्यम से खेती की तकनीकी जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया।

    नए प्रयोगों से खेती में आय के अवसर बढ़ा रहे किसान
    ‘यूपी का स्मार्ट अन्नदाता’ सत्र में कानपुर में कश्मीर के सेब उगाने वाले किसान मंजीत, उन्नाव में नीदरलैंड के फूल उगाने वाले किसान शांतनु शुक्ला और बेंगलुरु में आईटी नौकरी छोड़कर कानपुर में जैविक खेती करने वाले किसान दंपती रश्मि और अंकुर सचान ने अपने अनुभव साझा किए। विधान परिषद सदस्य सलिल बिश्नोई भी चर्चा में शामिल हुए। इन किसानों के प्रयोगों से यह सामने आया कि पारंपरिक फसलों के अलावा सेब, फूलों और जैविक उत्पादों की खेती भी आय के नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, ऐसी खेती में स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्मों का चयन, उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुभवों के जरिए खेती में नवाचार और वैकल्पिक आजीविका की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

  • 74 अभ्यर्थियों का यूपीपीएससी में हुआ चयन,  युवाओं को मिली नई उड़ान

    74 अभ्यर्थियों का यूपीपीएससी में हुआ चयन, युवाओं को मिली नई उड़ान

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समाज कल्याण विभाग की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में रविवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। इस वर्ष समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से यूपीपीएससी में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि विभाग की तैयारी संबंधी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के परिश्रम को दर्शाती है।

    सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
    मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ की भावना के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयनित अधिकारी वर्तमान विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दें और अपनी तैयारी के अनुभव साझा करें, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

    मेंटरशिप और डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगी तैयारी
    कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र आयोजित करने, मॉक इंटरव्यू कराने तथा अध्ययन सामग्री और परीक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से निरंतर ‘चेन रिएक्शन’ व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत सफल अभ्यर्थियों से मिले मार्गदर्शन का लाभ आगे अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है।

    पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के सहयोग का संकल्प
    एल्यूमिनाई मीट में चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को निरंतर मेंटरशिप देने और अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति तथा साक्षात्कार के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया। मंत्री ने प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों से वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने तथा निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दायित्व निभाने की अपेक्षा की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

  • भोपाल में अंडरब्रिज बंद, 63 दिन बढ़ेगी परेशानी

    भोपाल में अंडरब्रिज बंद, 63 दिन बढ़ेगी परेशानी

    भोपाल
    शहर में एक के बाद एक रास्ते बंद होने से पुराने भोपाल के कई इलाकों के रहवासियों की परेशानी बढ़ गई है। बरखेड़ी रेलवे फाटक बंद होने के बाद वाहन चालकों के लिए बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज ही प्रमुख वैकल्पिक रास्ता था, लेकिन अब रेलवे ने इस रास्ते पर भी आवाजाही बंद कर दी है। इससे बाग उमरावदूल्हा, सोनिया कॉलोनी, महामाई का बाग, पुष्पा नगर, बरखेड़ी, ऐशबाग और जहांगीराबाद सहित आसपास के इलाकों के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

    कई वाहन चालकों का सफर करीब पांच किलोमीटर तक बढ़ गया है। परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि बोगदा पुल से बरखेड़ी फाटक की ओर जाने वाली सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा मेट्रो निर्माण के चलते पहले से बंद है। वहीं, 90 डिग्री का ब्रिज बनकर तैयार होने के बावजूद उस पर यातायात शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों के पास वैकल्पिक रास्तों के सीमित विकल्प बचे हैं।

    बैरल लंबाई और सुधार के लिए 6 दिसंबर तक बंद रहेगा रास्ता
    रेलवे ने पुल नंबर 835/1 की बैरल लंबाई बढ़ाने और संरचनात्मक सुधार के लिए आठ अक्टूबर से छह दिसंबर तक 63 दिन का ट्रैफिक ब्लाक लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर अंडरब्रिज पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। अब वाहन चालकों को सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज से होकर निकलना पड़ रहा है। इसका असर रोजाना काम पर जाने वालों से लेकर विद्यार्थियों और मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले परिजनों तक पर पड़ रहा है।

    सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज ही अब एकमात्र विकल्प
    अंडरब्रिज बंद होने के बाद आसपास के वाहन चालकों को सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज की ओर भेजा जा रहा है। यातायात पुलिस ने भी लोगों से निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। खासकर अंडरब्रिज के आसपास के दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों को भी सुभाष अंडरब्रिज का उपयोग करना होगा।