Author: NewseDay

  • हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    भोपाल
    गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हमीदिया अस्पताल को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल्स (NABH) के नवीनतम छठवें एडिशन मानकों के अनुरूप पुनः पूर्ण मान्यता प्रदान की गई है। इसके साथ ही हमीदिया अस्पताल देश का पहला ऐसा सबसे बड़ा 1820 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल बन गया है, जिसे एनएबीएच के छठे संस्करण की यह प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है।

    तीन सदस्यीय टीम ने किया सर्विलांस असेसमेंट
    अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता संबंधी प्रक्रियाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए एनएबीएच की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम ने 10 जुलाई 2026 से 12 जुलाई 2026 तक यहां सर्विलांस असेसमेंट किया था। टीम द्वारा सभी पैमानों पर विस्तृत और गहन मूल्यांकन किए जाने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से अस्पताल को अगस्त 2028 तक के लिए यह मान्यता सौंप दी गई।

    2024 में मिला था पांचवें एडिशन का प्रमाण
    उल्लेखनीय है कि हमीदिया अस्पताल को इससे पहले वर्ष 2024 के अगस्त माह में एनएबीएच के पांचवें एडिशन के तहत पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई थी। समय के साथ अस्पताल ने अपनी चिकित्सा प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाते हुए अब नवीनतम छठवें एडिशन के कड़े मानकों को भी पूरा कर लिया है।

    अधीक्षक ने बताई बड़ी उपलब्धि
    अधीक्षक डा. सुनीत टंडन ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दिखाता है। जिससे आम मरीजों को और अधिक बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकेंगी।

  • सितंबर में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल और शेफाली वर्मा को ICC का बड़ा सम्मान

    सितंबर में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल और शेफाली वर्मा को ICC का बड़ा सम्मान

    नई  दिल्ली
    गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में 333 रन बनाए थे. इसमें एक शतक और नाबाद दोहरा शतक शामिल था. दूसरी ओर, शेफाली ने सितंबर में सात टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 360 रन बनाने के साथ छह विकेट भी झटके. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह सम्मान उनके शानदार प्रदर्शन पर ICC की मुहर है.

    गिल ने 223 रनों की पारी से रचा इतिहास
    शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में 108 गेंदों पर 110 रन बनाए. भारत ने 296 रनों का लक्ष्य दो विकेट खोकर हासिल कर लिया.

    इसके तीन दिन बाद गुवाहाटी में गिल ने वनडे क्रिकेट की यादगार पारियों में से एक खेली. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405/7 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय कप्तान ने महज 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 26 चौके और आठ छक्के शामिल थे.

    रोहित शर्मा ने भी 75 गेंदों पर 101 रन बनाए. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी हुई, जो भारत की धरती पर वनडे में उसकी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है. भारत ने 43.3 ओवरों में दो विकेट पर 406 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया.

    गिल ने 62 गेंदों में शतक और 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया. उनका दोहरा शतक वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक और सफल रन चेज में किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बना.

    यह गिल का पांचवां ICC मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड है. इससे पहले वह जनवरी 2023, सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में यह सम्मान जीत चुके हैं. इस तरह उन्होंने पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार यह अवॉर्ड जीतने का अपना रिकॉर्ड और मजबूत किया.

    शेफाली का बल्ले और गेंद से कमाल
    महिला क्रिकेट में शेफाली वर्मा ने सितंबर में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रभावित किया. उन्होंने सात टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 72 की औसत और 184.61 के स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए. ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हुए उन्होंने छह विकेट भी हासिल किए. उनका गेंदबाजी औसत 13 और इकॉनमी रेट 4.33 रहा.

    यह दूसरी बार है, जब शेफाली को ICC विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. इससे पहले नवंबर 2025 में भारत को घरेलू मैदान पर महिला क्रिकेट विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्हें यह सम्मान मिला था.

    एशिया कप में सबसे ज्यादा रन, एशियन गेम्स में शतक
    शेफाली UAE में खेले गए महिला एशिया कप में भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं. उन्होंने पांच पारियों में 236 रन बनाए. बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 64 और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 68 रनों की पारियां खेलीं. भारत ने इस जीत के साथ रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया.

    इसके बाद जापान के नागोया में हुए एशियन गेम्स में भी शेफाली का बल्ला खूब चला. उन्होंने तीन पारियों में 188 रन बनाए. जापान के खिलाफ नाबाद 40 रन बनाने के बाद उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में महज 49 गेंदों पर 100 रनों की नाबाद पारी खेली. यह उनका पहला टी20 इंटरनेशनल शतक था. उनके प्रदर्शन से भारत ने फाइनल में जगह बनाई और बाद में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता.

    स्वर्ण पदक के मुकाबले में शेफाली ने बल्ले से 48 रन बनाए. गेंद से भी उन्होंने दो विकेट लेकर भारत की 147 रनों की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया. एशिया कप में उन्होंने दो और एशियन गेम्स में चार विकेट हासिल किए. इस शानदार प्रदर्शन के बाद वह ICC महिला टी20 इंटरनेशनल बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष चार में पहुंच गईं.

    अवॉर्ड जीतने पर क्या बोले दोनों खिलाड़ी?
    शुभमन गिल ने पांचवीं बार यह सम्मान मिलने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने रन बनाना और सफल रन चेज में टीम का हिस्सा होना बेहद संतोषजनक रहा. उन्होंने यह भी कहा कि वनडे क्रिकेट की रफ्तार तेजी से बढ़ी है और खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना जरूरी है.

    वहीं, शेफाली वर्मा ने दूसरी बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने को शानदार सम्मान बताया. उन्होंने कहा कि एशिया कप और एशियन गेम्स की जीत में योगदान देना उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा और इस अवॉर्ड ने उन उपलब्धियों को और खास बना दिया.

    शेफाली ने आगे जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत की आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज और अगले साल फरवरी में होने वाली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर उत्साह जताया. उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतने की यादें अब भी ताजा हैं और घरेलू मैदान पर एक और ICC टूर्नामेंट में खेलने का इंतजार है.

  • ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    चंडीगढ़
     हरियाणा के विभिन्न विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    इनमें सेक्टर-35 के बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज शामिल हैं। चारों को पंचकूला की सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।

    सीबीआई के अनुसार, गौरव ने सरकारी खातों से निकाली गई रकम को कैश में बदलने और उसे दोबारा बैंक खातों में जमा कराने में अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों के दौरान उसने आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलकर 94 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए।

    एजेंसी का आरोप है कि आरोपितों ने गिरोह की तरह काम किया। अब जांच की जा रही है कि रकम किन लोगों तक पहुंची और उससे कहां संपत्ति खरीदी गई। सीबीआई के मुताबिक, छह दिसंबर 2023 से पांच दिसंबर 2025 के बीच जाली कंपनियों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाते में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपये भेजे गए।

    इसके बदले 66 लेन-देन के माध्यम से 25.18 करोड़ रुपये वापस भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि इस लेन-देन के बदले कैश भी दिया गया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय कई बैंक खातों से घुमाकर कैश में बदला जाता था, ताकि स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो।

    सीबीआई के अनुसार, प्रक्रिया का संचालन रिभव ऋषि के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कार्यालय से होता था। गौरव कैश कन्वर्टर के तौर पर काम करता था। उसके एक चचेरे भाई की भूमिका की भी जांच हो रही है। सीबीआई के मुताबिक, गौरव ने 140 से अधिक लेन-देन के जरिए रिभव ऋषि के लिए सरकारी धन ठिकाने लगाया और कैश कन्वर्टर्स तक करीब 94 करोड़ रुपये पहुंचाए।

    नगर परिषद कालका के 18 करोड़ और आइएएस के बेटे तक हवाला
    सबसे सनसनीखेज खुलासा 20 जनवरी 2026 का है। एमसी कालका के खाते से 18.46 करोड़ रुपये उड़ाए गए। इसमें से 4 करोड़ रुपये एसआरआर प्लानिंग गुरुज के आरबीएल खाते में गए, जिसने उसी दिन 2.50 करोड़ रुपये मेगा स्टोर को भेज दिए।

    21 और 22 जनवरी को स्वास्तिक ने 80 लाख और 1.10 करोड़ रुपये और भेजे। 22 जनवरी 2026 को रिभव ऋषि के कहने पर मोहित गोयल ने अपने स्टोर और अपने जानकारों के जरिए 2 करोड़ रुपये कैश का इंतजाम किया। यही 2 करोड़ रुपये उसी शाम हवाला चैनल से दिल्ली में आरोपित आइएएस आरके सिंह के बेटे तक पहुंच गए। इस तरह कालका नगर परिषद का सरकारी पैसा 48 घंटे के अंदर कैश बनकर एक लोकसेवक तक पहुंच गया।

    सरकारी खजाने के 59.50 करोड़ डकारे
    वहीं गिरफ्तार तीसरा आरोपित सेक्टर-32डी में एससीओ 357 में संचालित चंडीगढ़ मेगा स्टोर का मालिक मोहित गोयल है। आरोपित सेक्टर-37बी का रहने वाला है। सीबीआइ के मुताबिक, मोहित गोयल जानता था कि आरएस ट्रेडर्स और कैपको फिनटेक सर्विसेज, रिभव ऋषि की फर्में हैं।

    आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने ही उसके स्टोर का खाता खुलवाया था। 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच आरोपित फर्मों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक, स्वास्तिक देश और एसआरआर प्लानिंग गुरुज ने मोहित गोयल और उसकी दो फर्मों -चंडीगढ़ मेगा स्टोर और भगवती एजेंसीज को 112 बार में 59 करोड़ 50 लाख 47 हजार 515 रुपये भेजे। बदले में उसने सिर्फ 14 करोड़ 5 लाख 24 हजार रुपये ही बैंक से वापस भेजे।

  • रांची के 32 पुलिस थानों में CCTV नहीं, हाईकोर्ट ने गृह सचिव और DGP से मांगी समय-सीमा

    रांची के 32 पुलिस थानों में CCTV नहीं, हाईकोर्ट ने गृह सचिव और DGP से मांगी समय-सीमा

    रांची
    झारखंड हाई कोर्ट जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रांची जिले के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण रांची में चेन छिनतई जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

    सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी वाहन चालक मौके से बचकर निकल जाते हैं। ऐसे में अपराध पर नियंत्रण और दुर्घटनाओं में शामिल वाहनों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना जरूरी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि रांची के जिन 32 पुलिस थानों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, वहां कब तक कैमरे लगा दिए जाएंगे।

    अदालत ने गृह सचिव, रांची के एसएसपी और डीजीपी को इस संबंध में समय-सीमा के साथ जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। अदालत ने रांची के सभी थानों और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कैमरों को चालू रखने का निर्देश दिया है।

    सरकार ने दाखिल किया शपथ पत्र
    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि रांची शहर के आठ पुलिस थानों और ग्रामीण क्षेत्रों के 24 पुलिस थानों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। अदालत ने इन सभी थानों में कैमरे लगाने की समय-सीमा स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

    सरकार के शपथ पत्र के अनुसार, रांची शहर के 17 पुलिस थानों और ओपी में फिलहाल 123 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। शहर के जिन आठ थानों और इकाइयों में कैमरे नहीं लगे हैं, उनमें हिंदपीढ़ी, पंडरा ओपी, बरियातू, धुर्वा, एयरपोर्ट, विधानसभा, एएचटीयू और साइबर पुलिस स्टेशन शामिल हैं।

    सीसीटीवी लगाने के टेंडर पर भी मांगा जवाब
    हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि पूरे राज्य में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जारी टेंडर की वर्तमान स्थिति क्या है। इसके अलावा अदालत ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) से भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में जानकारी मांगी है।

     

  • हरियाणा के सरकारी विभागों में करोड़ों का फ्रॉड, CBI ने 4 आरोपियों पर कसा शिकंजा

    हरियाणा के सरकारी विभागों में करोड़ों का फ्रॉड, CBI ने 4 आरोपियों पर कसा शिकंजा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के विभिन्न विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनमें सेक्टर-35 के बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज शामिल हैं।

    चारों को पंचकूला की सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।
    सीबीआई के अनुसार, गौरव ने सरकारी खातों से निकाली गई रकम को कैश में बदलने और उसे दोबारा बैंक खातों में जमा कराने में अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों के दौरान उसने आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलकर 94 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए। एजेंसी का आरोप है कि आरोपितों ने गिरोह की तरह काम किया। अब जांच की जा रही है कि रकम किन लोगों तक पहुंची और उससे कहां संपत्ति खरीदी गई।

    सीबीआई के मुताबिक, छह दिसंबर 2023 से पांच दिसंबर 2025 के बीच जाली कंपनियों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाते में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपये भेजे गए। इसके बदले 66 लेन-देन के माध्यम से 25.18 करोड़ रुपये वापस भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि इस लेन-देन के बदले कैश भी दिया गया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय कई बैंक खातों से घुमाकर कैश में बदला जाता था, ताकि स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो। सीबीआई के अनुसार, प्रक्रिया का संचालन रिभव ऋषि के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कार्यालय से होता था। गौरव कैश कन्वर्टर के तौर पर काम करता था। उसके एक चचेरे भाई की भूमिका की भी जांच हो रही है। सीबीआई के मुताबिक, गौरव ने 140 से अधिक लेन-देन के जरिए रिभव ऋषि के लिए सरकारी धन ठिकाने लगाया और कैश कन्वर्टर्स तक करीब 94 करोड़ रुपये पहुंचाए।

    नगर परिषद कालका के 18 करोड़ और आइएएस के बेटे तक हवाला 
    सबसे सनसनीखेज खुलासा 20 जनवरी 2026 का है। एमसी कालका के खाते से 18.46 करोड़ रुपये उड़ाए गए। इसमें से 4 करोड़ रुपये एसआरआर प्लानिंग गुरुज के आरबीएल खाते में गए, जिसने उसी दिन 2.50 करोड़ रुपये मेगा स्टोर को भेज दिए। 21 और 22 जनवरी को स्वास्तिक ने 80 लाख और 1.10 करोड़ रुपये और भेजे। 22 जनवरी 2026 को रिभव ऋषि के कहने पर मोहित गोयल ने अपने स्टोर और अपने जानकारों के जरिए 2 करोड़ रुपये कैश का इंतजाम किया। यही 2 करोड़ रुपये उसी शाम हवाला चैनल से दिल्ली में आरोपित आइएएस आरके सिंह के बेटे तक पहुंच गए। इस तरह कालका नगर परिषद का सरकारी पैसा 48 घंटे के अंदर कैश बनकर एक लोकसेवक तक पहुंच गया।

    सरकारी खजाने के 59.50 करोड़ डकारे
    वहीं गिरफ्तार तीसरा आरोपित सेक्टर-32डी में एससीओ 357 में संचालित चंडीगढ़ मेगा स्टोर का मालिक मोहित गोयल है। आरोपित सेक्टर-37बी का रहने वाला है। सीबीआइ के मुताबिक, मोहित गोयल जानता था कि आरएस ट्रेडर्स और कैपको फिनटेक सर्विसेज, रिभव ऋषि की फर्में हैं। आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने ही उसके स्टोर का खाता खुलवाया था। 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच आरोपित फर्मों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक, स्वास्तिक देश और एसआरआर प्लानिंग गुरुज ने मोहित गोयल और उसकी दो फर्मों -चंडीगढ़ मेगा स्टोर और भगवती एजेंसीज को 112 बार में 59 करोड़ 50 लाख 47 हजार 515 रुपये भेजे। बदले में उसने सिर्फ 14 करोड़ 5 लाख 24 हजार रुपये ही बैंक से वापस भेजे।

  • बिहार के 3021 गांवों के विकास पर खर्च होंगे ₹634 करोड़, बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस

    बिहार के 3021 गांवों के विकास पर खर्च होंगे ₹634 करोड़, बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस

    पटना
    बिहार में पांच एयरपोर्ट और नौ हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इसके तहत किशनगंज, छपरा, उलाव (बेगूसराय), फारबिसगंज (अररिया) व सबैया (गोपालगंज) में एयरपोर्ट का निर्माण होगा। जबकि, राज्य के 9 आकांक्षी जिलों औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी में हेलीपोर्ट का निर्माण होगा।

    राज्य सरकार परियोजना लागत का 25 प्रतिशत और उड़ानों के संचालन के दौरान सालाना 10 लाख रुपये प्रचार पर खर्च करेगी। हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट से नजदीकी शहर तक मुफ्त पिकअप-ड्रॉप की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा करों में छूट, परिचालन खर्च में सहायता और उड़ानों के लिए निर्धारित वित्तीय सहयोग भी दिया जाएगा। इससे राज्य के अधिक क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    अनुसूचित जाति बहुल 3021 गांवों के विकास पर खर्च होंगे 634 करोड़
    बिहार के 3021 अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 634.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत राशि खर्च करने और योजना लागू करने की स्वीकृति दी है। इन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक और कुल आबादी कम से कम 500 या उससे अधिक होनी चाहिए।

    पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आवास, सड़क, बिजली, स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेशन, डिजीटलीकरण, जीवन-यापन, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को मिलाकर काम किया है।

    पटना में बनेगा राज्य का पहला टेक पार्क
    बिहार का पहला टेक पार्क पटना के गर्दनीबाग में बनेगा। इसका निर्माण और विकास एनबीसीसी करेगा। राज्य मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में सूचना प्रावैधिकी विभाग और एनबीसीसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति प्रदान की गई। टेक पार्क परियोजना में 100 से अधिक कंपनियों के निवेश की संभावना है, जिससे पांच हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

    सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में टेक पार्क की स्थापना समेत 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। राज्य सरकार का मानना है कि टेक पार्क बिहार आइटी नीति-2024 और बिहार जीसीसी नीति-2026 के तहत निवेश आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिलने और दूसरे राज्यों में उनका पलायन रोकने में मदद मिलेगी। विभाग का दावा है कि राज्य की राजधानी में एक विश्वस्तरीय संरचना का स्थापित होना युवाओं, उद्यमियों और कार्यशील वर्ग की आकांक्षाओं के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है।

  • मुख्य सचिव विकासशील का अधिकारियों को निर्देश, शिकायतों का गंभीरता से करें निराकरण और तय करें जवाबदेही

    मुख्य सचिव विकासशील का अधिकारियों को निर्देश, शिकायतों का गंभीरता से करें निराकरण और तय करें जवाबदेही

    सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें- मुख्य सचिव विकासशील 

    समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर जवाबदेही के साथ करें कार्रवाई

    धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

    रायपुर
    मुख्य सचिव विकासशील ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 

    सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लें, समस्याओं का कराएं भौतिक सत्यापन

          मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक राज्य में लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने तथा समस्याओं का वास्तविक स्वरूप जानने के लिए आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निराकरण की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा

          बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने तथा जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने तथा कार्ययोजना को व्यवस्थित रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

    डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य विभागीय विषयों पर चर्चा

          बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करने तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट तथा प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। 

    पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं और आधारभूत परियोजनाओं की समीक्षा

          बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को बिना अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ाने तथा जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पेंशन और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई।

    कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेंजे प्रस्ताव

          मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। सभी विभाग अपने-अपने विषयों और प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें। बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

    नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास पर जोर

           बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास एवं बेहतर प्रबंधन के संबंध में चर्चा की गई। बॉटनिकल गार्डन में आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं का अध्ययन कर उपयोगी पहलुओं को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आकर्षक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

           बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ.रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

  • Apple Event 2026: घर को स्मार्ट बनाने आ रहा है नया AI डिवाइस? जानें इवेंट में क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान

    Apple Event 2026: घर को स्मार्ट बनाने आ रहा है नया AI डिवाइस? जानें इवेंट में क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान

     नई दिल्ली

    ऐपल 13 अक्टूबर को 'Welcome Home' नाम से एक खास प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट करने जा रहा है. इसमें कंपनी अपना पहला स्मार्ट होम डिस्प्ले पेश कर सकती है, जो एक स्क्रीन, स्मार्ट स्पीकर और घर के दूसरे स्मार्ट डिवाइस को कंट्रोल करने वाले सिस्टम का काम करेगा। 

    इस डिवाइस को लेकर चर्चा है कि इसका नाम HomeView हो सकता है. इसके साथ नए HomePod mini और Apple TV 4K की झलक भी देखने को मिल सकती है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इन प्रोडक्ट्स के नाम और फीचर्स की पूरी जानकारी नहीं दी है। 

    क्या है Apple का नया स्मार्ट होम डिवाइस?

    अब तक स्मार्ट होम के लिए लोगों को कई अलग-अलग डिवाइस का सहारा लेना पड़ता है. घर की लाइट और कैमरे कंट्रोल करने के लिए अलग ऐप, म्यूजिक के लिए स्मार्ट स्पीकर और वीडियो कॉल के लिए फोन या टैबलेट इस्तेमाल करना पड़ता है. ऐपल का नया स्मार्ट होम डिवाइस इन कामों को एक जगह लाने की कोशिश कर सकता है। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डिवाइस में करीब 6 इंच की चौकोर स्क्रीन मिल सकती है. इसे एक छोटे स्मार्ट स्पीकर और डिस्प्ले के मेल के तौर पर देखा जा रहा है. यानी यह आईपैड की तरह स्क्रीन वाला डिवाइस होगा, लेकिन इसका मकसद सिर्फ वीडियो देखना या ऐप चलाना नहीं होगा. इसे घर में रखकर परिवार के लोग रोजमर्रा के कई काम कर सकेंगे। 

    माना जा रहा है कि Apple इसे दो डिजाइन में पेश कर सकता है. पहला मॉडल टेबल या किचन काउंटर पर रखने के लिए होगा, जिसमें स्क्रीन के नीचे स्पीकर वाला बेस मिल सकता है. दूसरा मॉडल दीवार पर लगाने के लिए बनाया जा सकता है. इससे लोग अपनी जरूरत और घर की जगह के हिसाब से डिवाइस चुन सकेंगे. ये जानकारियां अभी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। 

    Siri AI होगी इस डिवाइस की सबसे बड़ी ताकत
    इस डिवाइस का सबसे अहम हिस्सा Apple की Siri हो सकती है. कंपनी इसे सिर्फ टचस्क्रीन से चलने वाले गैजेट के बजाय आवाज से काम करने वाले स्मार्ट होम कंट्रोल सेंटर के तौर पर पेश कर सकती है. यूजर Siri से घर की लाइट बंद करने, तापमान बदलने, म्यूजिक चलाने या घर में लगे कैमरों की जानकारी दिखाने के लिए कह सकते हैं. असल में यह डिवाइस कितना काम कर पाएगा, यह Siri की कैपेसिटी और दूसरे स्मार्ट डिवाइस के साथ इसके सपोर्ट पर भी निर्भर करेगा। 

    इसकी मदद से कैलेंडर, मौसम, फोटो और दूसरे काम की जानकारी भी स्क्रीन पर देखी जा सकती है. वीडियो कॉल के लिए कैमरा मिलने की भी चर्चा है. इस तरह घर में रखा यह डिवाइस परिवार के सदस्यों के लिए एक साझा स्क्रीन बन सकता है, जहां हर बार फोन उठाने की जरूरत नहीं होगी।

    लेकिन यहां एक अहम बात समझनी होगी. ऐपल के नए AI फीचर्स का फायदा तभी मिलेगा, जब Siri सही तरीके से सवाल समझे और यूजर की जरूरत के हिसाब से काम कर सके. अगर आवाज से दिए गए निर्देशों को समझने में परेशानी होती है, तो महंगा स्मार्ट होम डिवाइस भी लोगों के लिए उतना उपयोगी नहीं होगा. इसलिए इस प्रोडक्ट की असली परीक्षा इसके डिजाइन से ज्यादा Siri के परफॉर्मेंस की होगी। 

    क्या इसका नाम HomeView होगा?
    इस डिवाइस को लेकर पहले HomePad नाम की चर्चा थी, लेकिन हाल की रिपोर्ट्स में इसे HomeView कहा गया है. ब्लूमबर्ग के टेक मार्क गुरमन की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि डिवाइस में A18 चिप मिल सकती है. यही चिप इसके स्मार्ट फीचर्स और Siri से जुड़े कामों को संभाल सकती है। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेबल पर रखे जाने वाले मॉडल में स्पेस ग्रे, सिल्वर, स्टारलाइट और पिंक जैसे रंग मिल सकते हैं. दीवार पर लगाने वाले मॉडल के लिए कम रंगों का विकल्प मिलने की बात कही गई है. इसके स्पीकर की आवाज भी नए HomePod mini से बेहतर होने का दावा रिपोर्ट्स में किया गया है। 

    क्या इसमें आईफोन की तरह ऐप डाउनलोड कर सकेंगे?
    यह इस डिवाइस से जुड़ा एक अहम सवाल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, HomeView में Apple के कुछ ऐप काम करेंगे, लेकिन इसमें अलग से App Store नहीं दिया जा सकता. इसका मतलब है कि यूजर आईफोन या आईपैड की तरह अपनी पसंद के ऐप सीधे डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। 

    ऐसा होने पर डिवाइस का इस्तेमाल तय कामों तक सीमित रह सकता है. हालांकि, स्मार्ट होम कंट्रोल, फोटो, कैलेंडर और Siri जैसे फीचर्स के लिए इसे बनाया जा रहा है, इसलिए हर यूजर के लिए ऐप डाउनलोड करने की सुविधा सबसे जरूरी नहीं होगी. फिर भी, खरीदने से पहले यह देखना अहम होगा कि इसमें कौन-कौन से ऐप और स्मार्ट होम सेवाएं काम करेंगी। 

    नया HomePod mini और Apple TV भी हो सकते हैं लॉन्च
    रिपोर्ट्स में नए HomePod mini और Apple TV 4K का भी जिक्र है. नए HomePod mini में बेहतर प्रोसेसर और Siri AI से जुड़े फीचर्स मिलने की उम्मीद है. मौजूदा मॉडल की तुलना में यह ज्यादा काम कर सकेगा या नहीं, इसका पता कंपनी की घोषणा के बाद ही चलेगा. नए रंगों में आने की भी चर्चा है। 

    वहीं, नए Apple TV 4K में तेज चिप और Siri से जुड़े नए फीचर्स मिल सकते हैं. इससे टीवी पर कंटेंट देखने और स्मार्ट होम डिवाइस को कंट्रोल करने का अनुभव बेहतर हो सकता है. रिपोर्ट्स में A19 चिप का जिक्र है, लेकिन इसकी पुष्टि भी अभी नहीं हुई है। 

    अगर ये तीनों प्रोडक्ट एक साथ पेश होते हैं, तो Apple घर में इस्तेमाल होने वाले अपने डिवाइस के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगा. स्मार्ट डिस्प्ले घर का कंट्रोल सेंटर बन सकता है, HomePod mini म्यूजिक और आवाज के लिए काम आ सकता है, जबकि Apple TV टीवी पर मनोरंजन का अनुभव देगा। 

    Apple घर के लिए दूसरे स्मार्ट डिवाइस भी ला सकता है
    रिपोर्ट्स में LG के साथ मिलकर स्मार्ट होम एक्सेसरीज तैयार करने की बात भी सामने आई है. इनमें स्मार्ट डोरबेल, दरवाजे का स्मार्ट लॉक, थर्मोस्टेट, तापमान सेंसर और घर के अंदर-बाहर लगाने वाले सिक्योरिटी कैमरे शामिल हो सकते हैं। 

    इन डिवाइस का मकसद घर की सुरक्षा और रोजमर्रा के कामों को आसान बनाना होगा. उदाहरण के लिए, स्मार्ट डोरबेल से दरवाजे पर कौन आया है, यह देखा जा सकता है. स्मार्ट लॉक से दरवाजा खोलने और बंद करने का काम किया जा सकता है. कैमरों से घर की निगरानी की जा सकती है। 

  • दिवाली पर पटाखे बेचने के लिए करें आवेदन, फरीदकोट में 23 को लकी ड्रॉ से मिलेगा लाइसेंस

    फरीदकोट.

    फरीदकोट में दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के लिए पटाखा लाइसेंस के आवेदन 13 से 19 अक्टूबर 2026 तकअस्थायी लाइसेंस के लिए 23 अक्टूबर 2026 को ड्रॉदिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के अवसर पर पटाखे बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस लेने के इच्छुक व्यक्ति 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जमा करवा सकते हैं।

    यह जानकारी जिला मजिस्ट्रेट राहुल चाबा ने दी। उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ के आदेशों और पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।आवेदन के साथ आधार कार्ड की कॉपी और निर्धारित फीस के चालान की प्रति जमा करवाना अनिवार्य है। आवेदन मिनी सचिवालय, फरीदकोट स्थित सेवा केंद्र में 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक जमा करवाए जा सकते हैं।जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में से योग्य आवेदकों को अस्थायी लाइसेंस जारी करने के लिए 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे ड्रॉ निकाला जाएगा।

    निर्धारित तारीख और समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण , पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और पंजाब सरकार की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। फरीदकोट में दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के लिए पटाखा लाइसेंस के आवेदन 13 से 19 अक्टूबर 2026 तकअस्थायी लाइसेंस के लिए 23 अक्टूबर 2026 को ड्रॉदिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के अवसर पर पटाखे बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस लेने के इच्छुक व्यक्ति 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जमा करवा सकते हैं। यह जानकारी जिला मजिस्ट्रेट राहुल चाबा ने दी। उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ के आदेशों और पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।

    आवेदन के साथ आधार कार्ड की कॉपी और निर्धारित फीस के चालान की प्रति जमा करवाना अनिवार्य है। आवेदन मिनी सचिवालय, फरीदकोट स्थित सेवा केंद्र में 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक जमा करवाए जा सकते हैं।जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में से योग्य आवेदकों को अस्थायी लाइसेंस जारी करने के लिए 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे ड्रॉ निकाला जाएगा। निर्धारित तारीख और समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण , पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और पंजाब सरकार की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा।

  • 68 हजार ग्राम प्रहरियों को कैशलेस इलाज के साथ अब 3500 रुपये मानदेय

    68 हजार ग्राम प्रहरियों को कैशलेस इलाज के साथ अब 3500 रुपये मानदेय

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने के साथ ही उनके परिवारों को पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस इलाज की सौगात दी। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ उनकी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
     
    बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की करतूतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में यूपी के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है। जो लोग पहले सौ कदम दूर रहते थे, आज यूपी का नाम सुनकर गले मिलने आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल दी है।
     
    शहर में सीसीटीवी, गांव में ग्राम प्रहरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, गांवों में ग्राम प्रहरी वही भूमिका निभाएं। संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और जमीन कब्जाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। थानाध्यक्ष अथवा हलके के दारोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें। इससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और छोटी घटनाओं को बड़ा विवाद बनने से रोका जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी ने गृह विभाग को रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए।
     
    पहले सत्ता में बैठे लोग ही कराते थे लूटपाट
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट कराते थे। पुलिस भी कार्रवाई करने में असहाय रहती थी। अब अपराधियों के मन में कानून का भय है। शहरों में सीसीटीवी और एआई तकनीक से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी हो रही है। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कठोर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माफिया मिट्टी में मिल गए हैं। प्रदेश में अब दंगा और उपद्रव नहीं होता। कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश, व्यापार और रोजगार बढ़े हैं।
     
    शक्तिपीठों पर भीड़ बदली व्यवस्था का प्रमाण
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले नवरात्र और दूसरे पर्वों पर उपद्रव की आशंका रहती थी। अब नवरात्र के प्रथम दिन से ही गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। विंध्यवासिनी धाम में पिछले दिनों सवा दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सीतापुर के ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर की शाकंभरी पीठ पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। यह भयमुक्त वातावरण का परिणाम है।
     
    ग्राम प्रहरी की सूचना टाल सकती है अनहोनी
    मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों की सूचना भी प्रशासन को देने को कहा। मुख्यमंत्री योगी ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बिजनौर का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर मिली सूचना बड़ी अनहोनी रोक सकती है। बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश की 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांवों में ग्राम प्रहरियों की सजगता महत्वपूर्ण है। गांव सुरक्षित होंगे तो आत्मनिर्भर बनेंगे। इससे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।
     
    11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर किया सम्मानित
    मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। इनमें बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। समारोह में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।
     
    सुरेश खन्ना बोले- ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया सम्मान
    वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय बढ़ाकर ग्राम प्रहरियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। ग्रामीण शांति व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा किया।
     
    धर्मपाल सिंह बोले- सपा का पीडीए फेल
    पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गांवों में अब चोरी और गुंडागर्दी का भय नहीं है। सरकार की आलोचना करने वालों को ग्रामीण स्वयं जवाब देते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पीडीए फेल हो चुका है। भाजपा के पीडीए का अर्थ पहली बार 2017, दूसरी बार 2022 और अगली बार 2027 बताया।
     
    डीजीपी बोले- गांव और थाने के बीच महत्वपूर्ण कड़ी
    अपने संबोधन से पहले पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी को मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। वहीं संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव और थाने के बीच सूचना एवं संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अपराध, भूमि विवाद और शांति भंग की आशंका की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साइबर ठगी और सोशल मीडिया की अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें। डिजिटल वालंटियर्स और व्हाट्सऐप समूहों से सूचना तंत्र मजबूत होगा।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    समारोह में मंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय सिंह गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद मौजूद रहे।